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विदेश दौरे से लौटे मुख्यमंत्री, कहा – छत्तीसगढ़ बनेगा निवेश का बड़ा केंद्र

रायपुर।   मुख्यमंत्री विदेश दौरे से लौटने के बाद आज राजधानी रायपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि 22 से 29 अगस्त तक वे जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा पर थे। इस दौरान उन्होंने आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा और लॉजिस्टिक जैसी कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरे से छत्तीसगढ़ को आने वाले समय में बड़ा फायदा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर अगले 10 वर्षों में करीब 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश भारत में आने वाला है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ को भी मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति और राज्य की बौद्ध धरोहर को विदेशों में बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इस दौरान कई कंपनियों ने राज्य में निवेश की इच्छा जताई और कुछ कंपनियों ने तो औपचारिक रूप से निवेश के लिए MoU पर हस्ताक्षर भी किए हैं।

रोजगार सृजन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार होंगे। आईटी और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टरों में निवेश से राज्य के तकनीकी शिक्षित युवाओं को नई दिशा मिलेगी। वहीं फार्मा और लॉजिस्टिक क्षेत्र में आने वाले उद्योग प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में तेजी लाएंगे।

नई औद्योगिक नीति को मिली सराहना

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है। नीति में निवेशकों को बेहतर सुविधाएं और अनुकूल माहौल देने की गारंटी है। इसके साथ ही राज्य की समृद्ध बौद्ध धरोहर को लेकर जापान और दक्षिण कोरिया में व्यापक रुचि दिखाई गई। पर्यटन के क्षेत्र में भी सहयोग की संभावनाएं बढ़ी हैं।

जनता का भरोसा ही ताकत

मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान स्पष्ट कहा –“छत्तीसगढ़ अब नई पहचान बना रहा है। यहां उद्योग और रोजगार के लिए बड़े मौके आने वाले हैं। जनता का भरोसा ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है और हम इसी विश्वास को आगे बढ़ाएंगे।”राजनीतिक और आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस दौरे के परिणामस्वरूप निवेश की योजनाएँ धरातल पर उतरती हैं, तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।