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गणेश प्रतिमाओं के आधुनिक स्वरूप पर बवाल, सर्व हिन्दू समाज ने जताया विरोध

रायपुर।    राजधानी रायपुर में भगवान गणेश की प्रतिमाओं को आधुनिक और कार्टूननुमा रूप देकर तैयार किए जाने के खिलाफ धार्मिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। सोमवार को बड़ी संख्या में सर्व हिन्दू समाज के प्रतिनिधि रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मुलाकात की और इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि गणपति जी का स्वरूप सदियों से पारंपरिक रूप में पूजा जाता रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में कुछ मूर्तिकार और कारोबारी गणेश प्रतिमाओं को “क्यूट”, “कार्टून” और आधुनिक अंदाज में बनाकर बाजार में बेच रहे हैं। इससे धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुँच रही है।

विकृत स्वरूप पर आपत्ति

सर्व हिन्दू समाज के नेताओं ने आरोप लगाया कि इन मूर्तियों में भगवान गणेश के पारंपरिक स्वरूप को विकृत कर व्यंग्यात्मक और हास्यजनक ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की मूर्तियाँ त्योहार की गंभीरता और धार्मिक भावना को आहत करती हैं।

प्रतिमाओं के विसर्जन की मांग

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि ऐसी सभी प्रतिमाओं का तुरंत विसर्जन करवाया जाए और भविष्य में इस तरह की मूर्तियों का निर्माण और बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है, तो समाज के लोग स्वयं सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

सर्व हिन्दू समाज ने चेतावनी दी है कि अगर मांगों पर त्वरित निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल रायपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेशभर में फैल सकता है।इस दौरान एसएसपी रायपुर को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि मूर्तिकारों और दुकानदारों पर धार्मिक भावनाएँ आहत करने का मामला दर्ज किया जाए। साथ ही, बाजारों और कार्यशालाओं में जाकर इस तरह की प्रतिमाओं की जांच की जाए।

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान गणेश को “क्यूट” या “कार्टून” स्वरूप में दिखाना धार्मिक मान्यताओं के साथ खिलवाड़ है। उनका मानना है कि कलाकारों को अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल करते समय परंपराओं और भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।