पाकिस्तानी भाई-बहन का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, आधार-पैन और वोटर आईडी बनवाने पर सवाल
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में मंगलवार को उस सनसनीखेज मामले की सुनवाई हुई, जिसमें पाकिस्तानी मूल के भाई-बहन को भारतीय दस्तावेज बनवाने के आरोप में रायगढ़ से पकड़ा गया था। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस मामले पर गंभीर रुख अपनाया।
दरअसल, पकड़े गए दोनों ने न सिर्फ गलत बयान और झूठे एफिडेविट दिए, बल्कि आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड तक बनवा लिए थे। जानकारी के मुताबिक, पहलगाम आतंकी हमले के बाद 25 अप्रैल 2025 को सभी पाकिस्तानियों के वीजा सस्पेंड कर दिए गए थे। उन्हें 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने के निर्देश दिए गए थे, जबकि मेडिकल वीजा की अवधि 29 अप्रैल तक बढ़ाई गई थी।
इसी दौरान भाई-बहन ने भारत में अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की और वोटर आईडी फॉर्म में खुद को भारतीय नागरिक बताया।
हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से स्पष्ट किया है कि क्या पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा फिर से रिज्यूम होगा या नहीं। अदालत ने कहा कि आगे की कार्रवाई सरकार की स्थिति स्पष्ट करने के बाद ही तय की जाएगी। मामले पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।