शिक्षा मंत्री का कड़ा रुख, गड़बड़ी की पुलिस जांच कराने के दिये निर्देश
रायपुर। समग्र शिक्षा विभाग में व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में हुई गड़बड़ी को लेकर अब बड़ा कदम उठाया गया है। गुरुवार को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने पूरे मामले की पुलिस जांच कराने के आदेश दिए। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि भर्ती प्रक्रिया में यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
17 जुलाई को सूचना भेजी गई, 18 जुलाई को परीक्षा और इंटरव्यू आयोजित कर लिए गए और मात्र दो दिन बाद 20 जुलाई को 1,300 लोगों का रिजल्ट भी घोषित कर दिया गया। इतनी जल्दबाजी से हुई भर्ती प्रक्रिया ने पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए। खबर सामने आने के बाद से ही विभाग में हड़कंप मचा हुआ था।
मंत्री यादव ने बैठक में कहा कि समग्र शिक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, इसलिए भ्रष्टाचार, लापरवाही और लेन-देन को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को बढ़ाने और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
घटिया सामग्री सप्लाई करने वाले होंगे ब्लैकलिस्टेड
मंत्री यादव ने चेतावनी दी कि शिक्षा विभाग में जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जाएगी। विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की सामग्री दी जानी चाहिए। यदि कहीं से घटिया या खराब सामग्री सप्लाई की जाती है तो संबंधित सप्लायर को ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट का इस्तेमाल सही तरीके से हो और समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को भेजा जाए, ताकि अनुदान की अगली किस्त समय पर राज्य को मिल सके।
छात्रावासों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में मंत्री ने छात्रावासों, कन्या छात्रावासों और पोटा केबिनों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया। हाल ही में छिंदगढ़ विकासखंड के पाकेला पोटा केबिन में भोजन में ज़हरीला पदार्थ मिलाने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं शासन की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। अतः सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।