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शराब घोटाला मामले में ईडी की कार्रवाई, कांग्रेस भवन पहुंची टीम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चल रहे शराब घोटाले मामले की जांच तेज हो गई है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम रायपुर स्थित कांग्रेस भवन (राजीव भवन) पहुंची और नोटिस जारी किया। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी पर लोकतंत्र खत्म करने का आरोप लगाया, वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया।

ईडी की कार्रवाई से सियासी हलचल

रायपुर स्थित कांग्रेस भवन (राजीव भवन) में प्रवर्तन निदेशालय की टीम पहुंची। वहां मौजूद नेताओं को नोटिस सौंपा गया। इसके बाद ईडी की टीम कांग्रेस प्रदेश प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू के दफ्तर भी पहुंची और उन्हें समन दिया। हालांकि, नोटिस में क्या लिखा है, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है।

इससे पहले भी शराब घोटाले मामले में कांग्रेस नेताओं को ईडी की ओर से समन भेजे जा चुके हैं। अब ईडी ने कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय और उससे जुड़े मामलों पर अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।

भूपेश बघेल का बीजेपी पर हमला

ईडी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, बीजेपी बौखलाई हुई है। उनके हजारों कार्यालय हैं, लेकिन वहां कब कार्रवाई होगी? लोकतंत्र को खत्म करने वाला काम किया जा रहा है। कांग्रेस के किसी भी कार्यक्रम से पहले ईडी की एंट्री हो जाती है। ईडी अब सभी सीमाओं को पार कर चुकी है।”

बघेल ने आगे कहा कि ईडी का इस्तेमाल सिर्फ राजनीतिक विरोधियों को दबाने और कांग्रेस पार्टी को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है।

सुकमा कार्यालय पर उठे सवाल

ईडी की टीम ने कांग्रेस के सुकमा स्थित कार्यालय के मामले में जांच की थी। प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने शराब घोटाले से जुड़े पैसों से सुकमा में कांग्रेस कार्यालय का निर्माण कराया था। लखमा की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने यह दावा किया था।