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गर्ल्स स्कूल को किया गया ब्वाइज स्कूल में मर्ज, आक्रोशित छात्राओं ने 2 घंटे तक कर दिया सड़क जाम

रायपुर। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया जब से हुई है, तब से शिक्षा विभाग में शिकायतों की लंबी फेहरिस्त बन गयी है। कई जगहों पर अफसरों की मनमर्जी पर कार्रवाई हुई है, तो कई जगहों पर छात्र-छात्राओं का आक्रोश भी भड़क रहा है। ऐसा ही मामला राजिम में सामने आया है। युक्तियुक्तकरण के तहत राजिम के फिंगेश्वर कन्या शाला को बॉयज स्कूल में मर्ज कर दिया गया।

अब इस आदेश के खिलाफ छात्राओं ने शनिवार को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्राओं ने राजिम–महासमुंद मार्ग को दो घंटे तक जाम रखा और मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।फिंगेश्वर कन्या शाला को बॉयज शाला में मर्ज किए जाने के आदेश ने क्षेत्र की छात्राओं और अभिभावकों में नाराजगी पैदा कर दी है।

शनिवार को छात्राओं ने विरोध स्वरूप सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और राजिम–महासमुंद मुख्य मार्ग को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया। इस दौरान छात्राओं ने जमकर नारेबाजी की और जिला प्रशासन से आदेश वापस लेने की मांग की।

पूर्व में भी सौंपा था ज्ञापन

प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि वे पहले ही कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को ज्ञापन सौंप चुकी हैं। छात्राओं ने आरोप लगाया कि कई बार निवेदन करने के बावजूद प्रशासन ने अब तक मर्ज आदेश रद्द करने पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

छात्रा संध्या बंजारे ने कहा, “हमारे स्कूल को बॉयज स्कूल में मर्ज कर दिया गया है। इससे हमारी पढ़ाई पर असर पड़ेगा। हम चाहते हैं कि हमारा स्कूल जैसा पहले था, वैसा ही रहे।”

पालकों और शिक्षकों का भी समर्थन

इस आंदोलन में केवल छात्राएं ही नहीं, बल्कि उनके पालक और कन्या शाला के शिक्षक भी शामिल हुए। पालकों का कहना है कि कन्या शाला बंद होने से बेटियों की शिक्षा प्रभावित होगी। कई छात्राओं को दूर-दराज के स्कूल में पढ़ने के लिए जाना पड़ेगा, जिससे उनकी पढ़ाई छूटने का खतरा है।

अधिकारियों ने दिया आश्वासन

प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को समझाने की कोशिश की। अधिकारियों ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि उनकी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कलेक्टर को ज्ञापन सौंप दिया जाएगा और एक सप्ताह में निर्णय लेने की कोशिश की जाएगी।

आंदोलन फिलहाल खत्म, चेतावनी बरकरार

अधिकारियों के आश्वासन के बाद छात्राओं ने फिलहाल अपना आंदोलन खत्म कर दिया और एसडीएम को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। हालांकि छात्राओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों में आदेश वापस नहीं लिया गया तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करेंगी।स्थानीय लोगों का कहना है कि कन्या शाला को बॉयज स्कूल में मर्ज करने से लड़कियों की पढ़ाई में बाधा आ सकती है।