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गुजरात दौरे से लौटे शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव के दिए संकेत

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तैयारी है। छत्तीसगढ़ में गुजरात के शिक्षा मॉडल को अपनाने की तैयारी है। गुजरात के शैक्षिक संस्थानों का दौरा कर लौटे छत्तीसगढ़ के मंत्री गजेंद्र यादव ने इस बात के संकेत दिये हैं। उन्होंने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलावों का संकेत दिया है। यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विज़न है कि शिक्षा को अंतरिक्ष ज्ञान से जोड़ा जाए, और गुजरात इसका जीवंत उदाहरण है।

मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि गुजरात दौरे के दौरान उन्होंने कई शैक्षिक परिसरों का निरीक्षण किया। विशेष रूप से गांधीनगर स्थित विद्या समीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया गया, जहां स्कूलों के प्रदर्शन, बच्चों की उपस्थिति और सीखने की गुणवत्ता को डिजिटल तरीके से मॉनिटर किया जाता है। यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी ऐसी प्रणाली लागू करने की योजना है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार हो सके।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 11 जगहों पर नालंदा परिसर बनाने की योजना है। इन परिसरों का उद्देश्य शिक्षकों के प्रशिक्षण, नई तकनीकों के प्रयोग और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात के पुंद्राशन प्राथमिक शाला का दौरा किया गया, जहां स्मार्ट क्लास और डिजिटल टूल्स का प्रयोग कर बच्चों को पढ़ाया जा रहा था।

मॉडल स्कूल और स्मार्ट क्लास की योजना

मॉडल स्कूल बनाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल मॉडल स्कूल बनाने का नहीं है बल्कि सभी स्कूलों को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि पहले सत्र में ही 1000 से ज्यादा स्कूलों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा चुका है। इनमें ई-लर्निंग, कंप्यूटर आधारित शिक्षा और डिजिटल सिस्टम को जोड़ा जा रहा है।गुजरात में सैटेलाइट सिस्टम के जरिए कक्षाओं में चैनल चलाए जा रहे हैं, जिससे बच्चे सीधे राज्य स्तरीय शिक्षकों और विशेषज्ञों से सीख सकते हैं। गजेंद्र यादव ने कहा कि इस मॉडल को छत्तीसगढ़ में भी लागू करने की योजना है।

भविष्य की दिशा

मंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्रालय में जल्द ही शिक्षकों और छात्रों के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा। इससे शिक्षा की गुणवत्ता की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी। गुजरात दौरे के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वहां की व्यवस्था ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक के जरिए बच्चों को बेहतर शिक्षा दी जा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था और अधिक आधुनिक और सुलभ होगी।