अवैध गतिविधियों पर दोहरी कार्रवाई: निगम ने केबल काटे, खनिज विभाग ने जब्त किए हाइवा वाहन
बिलासपुर। शहर में अवैध केबल और खनिज परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन और नगर निगम ने मिलकर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार और गुरुवार को हुई दो अलग-अलग कार्रवाइयों में अवैध केबलों को काटकर जब्त किया गया, जबकि खनिज विभाग की टीम ने दो हाइवा वाहन ज़ब्त किए। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि ऐसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
नगर निगम की सख्ती: अवैध केबलों पर कार्रवाई
नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश पर लगातार दूसरे दिन अवैध केबलों को काटने की कार्रवाई की गई। बुधवार को लिंक रोड और गुरुवार को तारबहार रोड पर निगम की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान जियो, एयरटेल, आइडिया, बीएसएनएल और स्थानीय डिश ऑपरेटरों के अवैध रूप से लगे केबल काटकर जब्त किए गए। निगम अधिकारियों का कहना है कि कंपनियों को कई बार चेतावनी दी गई थी कि वे अपने अवैध तार हटा लें, लेकिन बार-बार की चेतावनी के बावजूद उन्होंने कार्रवाई नहीं की। मजबूरी में निगम को खुद यह कदम उठाना पड़ा। निगम ने स्पष्ट कहा है कि शहर की सुरक्षा और सौंदर्य को देखते हुए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। निगम की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि कंपनियां स्वयं अपने अवैध केबल नहीं हटातीं तो उन्हें काटकर जब्त कर लिया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
अवैध खनिज परिवहन पर प्रहार
इधर, खनिज विभाग ने भी अवैध गतिविधियों के खिलाफ मोर्चा खोला। कलेक्टर संजय अग्रवाल और खनिज विभाग के उप संचालक के मार्गदर्शन में माइनिंग टीम ने टेकऱ क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो हाइवा वाहन जब्त किए। इन वाहनों में बिना वैध अभिवहन पास के मुरूम का परिवहन किया जा रहा था। खनिज विभाग की टीम ने जिले के 10 स्थानों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण की गहन जांच की गई। जब्त किए गए वाहनों को सीपत थाना पुलिस की अभिरक्षा में रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह केवल शुरुआत है और आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
लगातार जारी रहेगा अभियान
नगर निगम और खनिज विभाग दोनों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई एक बार की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि लगातार अभियान का हिस्सा है। आने वाले दिनों में भी शहर और जिले के अलग-अलग इलाकों में इसी तरह की कार्रवाइयां होंगी। शहर में अवैध केबल न केवल सौंदर्य को प्रभावित करते हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक साबित हो सकते हैं। कई जगहों पर लटकते तार दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। इसी तरह, अवैध खनिज परिवहन से न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर खतरा पैदा होता है।
अधिकारियों का सख्त संदेश
नगर निगम और जिला प्रशासन ने मिलकर यह संदेश दिया है कि अवैध कार्यों को अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खनिज विभाग ने कहा है कि जिले में माइनिंग और ट्रांसपोर्ट से जुड़े हर वाहन की गहन जांच होगी। वहीं निगम ने साफ कहा है कि शहर की सुंदरता और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली कंपनियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे ऐसे मामलों की जानकारी अधिकारियों तक पहुँचाएँ। अगर कहीं अवैध खनन, परिवहन या अवैध केबल कनेक्शन दिखे तो तुरंत सूचना दें। इससे शहर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी।