शराब घोटाला : चैतन्य बघेल केस में ED ने हाईकोर्ट में जवाब किया पेश
बिलासपुर। बहुचर्चित चैतन्य बघेल मनी लॉन्ड्रिंग केस में शुक्रवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से अदालत में जवाब दायर कर दिया गया है। हाईकोर्ट में जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में इस मामले की सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब दोनों पक्षों की ओर से लिखित आर्ग्युमेंट पेश किए जाएंगे, जिसके बाद मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
चैतन्य बघेल को हाल ही में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हिरासत में लिया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से अवैध लेन-देन और आर्थिक गड़बड़ियों में अहम भूमिका निभाई। ईडी का दावा है कि चैतन्य बघेल के खिलाफ ठोस सबूत मौजूद हैं, जिनके आधार पर उन्हें हिरासत में लिया गया है। हालांकि, चैतन्य बघेल की ओर से उनकी गिरफ्तारी और हिरासत को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ता पक्ष का तर्क है कि ED द्वारा की गई कार्रवाई गैरकानूनी है और सभी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि चैतन्य बघेल के खिलाफ जिस आधार पर कार्रवाई की गई है, वह पर्याप्त नहीं है और यह उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। वहीं, ईडी की ओर से पेश किए गए जवाब में कहा गया है कि चैतन्य बघेल के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में उनका सहयोग आवश्यक है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया कि वे अपनी-अपनी दलीलों को लिखित रूप में प्रस्तुत करें। इसके बाद मामले पर अगली सुनवाई में विस्तृत बहस होगी। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ तो अगली सुनवाई में इस पर अंतरिम आदेश भी पारित किया जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला प्रदेश में आर्थिक अपराधों की जांच को लेकर महत्वपूर्ण है। अगर हाईकोर्ट चैतन्य बघेल की हिरासत को रद्द करता है, तो यह ईडी की जांच प्रक्रिया पर बड़ा असर डाल सकता है। वहीं, अगर अदालत ईडी की कार्रवाई को सही ठहराती है, तो चैतन्य बघेल को लंबे समय तक हिरासत में रहना पड़ सकता है।फिलहाल, अगली सुनवाई का इंतजार है। 23 सितंबर को होने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकता है कि चैतन्य बघेल की हिरासत जारी रहेगी या उन्हें राहत मिलेगी।