यूथ कांग्रेस और NSUI नेताओं पर FIR, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने SSP से की मुलाकात
रायपुर। राजधानी रायपुर में यूथ कांग्रेस और NSUI के नेताओं पर दर्ज हुई एफआईआर को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। रायपुर पुलिस ने हाल ही में हुए अलग-अलग प्रदर्शनों को लेकर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इसमें यूथ कांग्रेस नेता भावेश शुक्ला, NSUI नेता प्रशांत गोस्वामी और अन्य कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन प्रदर्शनों के दौरान सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और धारा-144 का उल्लंघन करने जैसी घटनाएं हुई थीं।
यूथ कांग्रेस ने कुछ दिनों पहले खेल संचालनालय (Sports Directorate) में कथित घोटालों के आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्होंने खेल विभाग के कामकाज में अनियमितताओं की जांच की मांग की थी। पुलिस ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती मानते हुए मामला दर्ज कर लिया।
इसी मुद्दे को लेकर आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल SSP कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने FIR को वापस लेने और पुलिस कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विपक्ष की भूमिका निभाना लोकतांत्रिक अधिकार है और इस तरह की पुलिस कार्रवाई आंदोलन की आवाज दबाने की कोशिश है।
प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शामिल रहे। उन्होंने SSP से मुलाकात के दौरान कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया था, ऐसे में नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करना उचित नहीं है। कांग्रेस ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर FIR वापस नहीं ली गई, तो पार्टी राज्यभर में आंदोलन को तेज करेगी।
यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “खेल संचालनालय में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करना हमारा कर्तव्य था। सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने पर FIR दर्ज करना लोकतंत्र के खिलाफ है। हम इस लड़ाई को सड़कों से विधानसभा तक ले जाएंगे।”