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रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का खाका तैयार, कमेटी की पहली बैठक में अलग-अलग राज्यों की कमिश्नरी प्रणाली की हुई समीक्षा

रायपुर। राजधानी रायपुर में लंबे समय से मांग की जा रही पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रविवार को इस विषय पर गठित उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एडीजी प्रदीप गुप्ता ने की। बैठक में रायपुर में नवंबर 2025 से कमिश्नरी सिस्टम लागू करने की संभावना पर चर्चा हुई।

अन्य राज्यों के मॉडल का अध्ययन

बैठक में महाराष्ट्र, दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद, ओडिशा, राजस्थान और मध्यप्रदेश में लागू कमिश्नरी प्रणाली का अध्ययन किया गया। समिति ने इन राज्यों के पुलिस एक्ट, कमिश्नर को दिए गए अधिकार, प्रशासनिक ढांचे और लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति की समीक्षा की। उद्देश्य यह है कि रायपुर में ऐसा मॉडल तैयार किया जाए, जो स्थानीय जरूरतों के हिसाब से कारगर और प्रभावी हो।

पुलिस कमिश्नरेट का खाका तैयार

एडीजी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि समिति जल्द ही रायपुर के लिए पुलिस कमिश्नरेट का विस्तृत खाका तैयार करेगी। इसमें कमिश्नर ऑफ पुलिस, जोनल डीसीपी, एसीपी और स्पेशल ब्रांच जैसी नई इकाइयों की संरचना, अधिकार क्षेत्र और जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। इसके बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

बैठक में रहे वरिष्ठ अफसर मौजूद

बैठक में आईजी अजय यादव, ध्रुव गुप्ता, डीआईजी अभिषेक मीणा, संतोष सिंह और एसपी प्रभात समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि नई प्रणाली लागू होने के बाद ट्रैफिक प्रबंधन, महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम और अन्य गंभीर अपराधों की जांच तेजी से हो सकेगी।

डिप्टी सीएम का बयान

बैठक को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा –
“नई कमिश्नर प्रणाली को लेकर पहली बैठक हुई है। रायपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए यह जरूरी है। आने वाले वक्त में पुलिस को पर्याप्त निर्णय लेने की ताकत मिलेगी, जिससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।”

क्यों जरूरी है कमिश्नरी सिस्टम

रायपुर जैसे बड़े शहरों में बढ़ती आबादी और जटिल होती कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कमिश्नरी सिस्टम को कारगर माना जाता है। इस प्रणाली के तहत पुलिस को अधिक प्रशासनिक और कार्यकारी अधिकार मिलते हैं, जिससे अपराध पर तुरंत कार्रवाई और बेहतर समन्वय संभव हो पाता है।समिति अब विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और शासन को सौंपेगी। उम्मीद है कि नवंबर तक सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी और रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली लागू कर दी जाएगी। इससे शहर में पुलिसिंग को आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने में मदद मिलेगी।