12वीं हिंदी पेपर लीक मामला: कार्रवाई में देरी से नाराज़ एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी प्रश्नपत्र के कथित लीक मामले ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हलचल पैदा कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडल ने सिटी कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए जांच साइबर सेल को सौंप दी है, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई के अभाव में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी को लेकर नाराज़ एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
NSUI के प्रभारी महामंत्री हेमंत पॉल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पेपर लीक मामले में शामिल दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।
हेमंत पॉल ने आरोप लगाया कि संगठन द्वारा पेपर लीक से जुड़े सभी आवश्यक सबूत प्रशासन और पुलिस को सौंप दिए गए हैं, इसके बावजूद अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि केवल जांच का हवाला देकर मामले से पल्ला झाड़ा जा रहा है, जो सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो एनएसयूआई शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव करेगी और आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले को उजागर करने वालों को एफआईआर की धमकी दी जा रही है, लेकिन संगठन इससे पीछे हटने वाला नहीं है।
वहीं, मंडल और पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साइबर सेल वायरल हो रहे प्रश्नों की सत्यता की पड़ताल में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, इस घटनाक्रम ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल बना दिया है।