जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों का नहीं होगा ट्रांसफर, सरकार ने जारी किए आदेश
रायपुर। जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच राज्य शासन ने एक अहम निर्णय लेते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि इस महत्वपूर्ण कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों का स्थानांतरण फिलहाल नहीं किया जाएगा। यह फैसला जनगणना कार्य को व्यवस्थित और निर्बाध तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से लिया गया है।
GAD द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, 25 जून 2025 के बाद से स्थानांतरण पर पहले ही पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जा चुका है। केवल अत्यंत आवश्यक और विशेष परिस्थितियों में ही स्थानांतरण की अनुमति दी जाएगी, वह भी संबंधित विभागों के समन्वय और मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद ही संभव होगा।
जनगणना 2027 को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच मकान-सूचीकरण और मकानों की गणना का होगा। इस दौरान घर-घर जाकर विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। वहीं, दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा, जिसमें जनसंख्या से संबंधित आंकड़े जुटाए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इतने बड़े और संवेदनशील कार्य के सफल संचालन के लिए यह जरूरी है कि इसमें लगे अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर कार्य करते रहें। यदि बीच में उनका स्थानांतरण किया जाता है, तो इससे कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
इस संबंध में केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से भी निर्देश जारी किए गए हैं। सचिव द्वारा 11 मार्च 2026 को जारी अर्द्धशासकीय पत्र में भी यही सुझाव दिया गया है कि जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को कार्य पूर्ण होने तक यथासंभव स्थानांतरित न किया जाए।
राज्य शासन ने सभी विभागों से अनुरोध किया है कि वे अपने जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर के मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना कार्य पूरा होने तक उसी स्थान पर बनाए रखें। केवल अपरिहार्य स्थिति में ही स्थानांतरण पर विचार किया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में निरंतरता और स्थिरता बेहद जरूरी होती है। ऐसे में यह निर्णय न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे डेटा संग्रह की गुणवत्ता और सटीकता भी सुनिश्चित होगी।
