वाटर कैनन और आंसू गैस के बीच बढ़ा सियासी संग्राम, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
रायपुर। दिल्ली में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास घेराव के विरोध में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज भाजपाई कांग्रेस भवन का घेराव करने निकले। इस दौरान भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही इस मामले को लेकर कांग्रेस कल सभी ब्लॉकों में प्रदर्शन करेगी।
कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा का प्रदर्शन नहीं, बल्कि कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन पर हमला करने की साजिश थी। ट्रैक्टर भरकर पत्थर, चप्पल और पानी के पाउच लेकर भाजपा कार्यकर्ता आए थे। हम गांधीवादी तरीके से विरोध कर रहे थे, लेकिन पहले भाजपा की ओर से हमला हुआ। भाजपा की ओर से पहले पानी के पाउच, फिर पत्थर फेंके गए। मंत्रियों के इशारे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया।
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
सुशील आनंद शुक्ला ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने आंसू गैस के गोले कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दागे। शहर और ग्रामीण जिला अध्यक्ष समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए। पुलिस के संरक्षण और मंत्रियों के उकसावे में भाजपा कार्यकर्ता आगे बढ़े। राजीव भवन में भय का माहौल बनाने की कोशिश की गई। यह भाजपा का नहीं, पूरी सरकार का प्रदर्शन था।
मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग
उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह के दबाव में सरकार ने कांग्रेस पर हमला कराया। पुलिस मूकदर्शक बनकर बैठी रही। हम मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मांग करते हैं कि जो भी मंत्री प्रदर्शन करने आए थे, उन्हें बर्खास्त किया जाए। सुशील शुक्ला ने कहा कि मैं चैलेंज करता हूं, 2028 के बाद सबका हिसाब होगा। 2028 में कांग्रेस की सरकार बन रही है।