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पुतला दहन के दौरान हंगामा, पुलिस ने 9 नेताओं समेत अन्य प्रदर्शनकारियों पर दर्ज की एफआईआर

रायपुर। राजधानी रायपुर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतला दहन के दौरान हुए युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 नामजद नेताओं व कार्यकर्ताओं सहित अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, अभद्र व्यवहार, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाने और सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने जैसी घटनाएं हुईं।

सिविल लाइन थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 391/2026 के अनुसार महिला आरक्षक सविता यादव की शिकायत पर नीरज पांडेय, अमित शर्मा, संस्कार पांडेय, तारिक अनवर, कुणाल दुबे, प्रशांत गोस्वामी, रामायण सिंह, विकास कुमार, श्रद्धा नाथ एवं अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 121(1), 126(2), 132, 191(2) और 221 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुतला दहन के दौरान बिगड़े हालात

एफआईआर के मुताबिक 21 जुलाई को अंबेडकर चौक पर दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ने के विरोध में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था।

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को कई बार शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने और सड़क बाधित नहीं करने की समझाइश दी गई, लेकिन इसके बावजूद कुछ कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन का प्रयास किया। पुलिस ने सुरक्षा घेरे के माध्यम से आग बुझा दी, जिसके बाद प्रदर्शनकारी उग्र हो गए।

महिला आरक्षक का हाथ मरोड़ने का आरोप

शिकायत के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर चक्का जाम कर दिया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। पुलिस द्वारा रास्ता खाली कराने का प्रयास करने पर प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। महिला आरक्षक सविता यादव ने आरोप लगाया है कि धक्का-मुक्की के दौरान उनका बायां हाथ पकड़कर जोर से मरोड़ा गया, जिससे उन्हें चोट आई। इस दौरान उनके कंधे पर लगा छत्तीसगढ़ पुलिस का बैज भी घटनास्थल पर गिर गया। शिकायत में कहा गया है कि इस घटना से उनके शासकीय कार्य के निर्वहन में बाधा उत्पन्न हुई। 

9 नामजद, अन्य की भी होगी पहचान

पुलिस ने एफआईआर में 9 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि अन्य अज्ञात प्रदर्शनकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। विवेचना के दौरान वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अन्य प्रदर्शनकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था भंग करने, सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले के बाद राजधानी में राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।