क्या खत्म होगा Android-iOS का दबदबा, ChatGPT को ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने में जुटी OpenAI
OpenAI New Operating System : OpenAI अब सिर्फ एक AI टूल बनाने वाली कंपनी नहीं रहना चाहती। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ChatGPT को एक फुल-फ्लेज्ड ऑपरेटिंग सिस्टम (AI OS) के तौर पर डेवलप करने की दिशा में काम कर रही है। अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो आने वाले समय में Android और iOS के दबदबे को कड़ी चुनौती मिल सकती है। इस बड़े कदम के तहत OpenAI ने ग्लेन कोट्स (Glen Coates) को Head of App Platform नियुक्त किया है। यह नियुक्ति इस बात का संकेत है कि कंपनी अपने AI इकोसिस्टम को ऐप्स और ऑपरेटिंग सिस्टम के लेवल तक ले जाने की तैयारी में है.
ChatGPT OS क्या होगा? क्यों है यह खास
ChatGPT को अब तक लोग एक AI चैटबॉट के रूप में जानते हैं, लेकिन OpenAI का विज़न इससे कहीं बड़ा है। संभावित ChatGPT OS एक ऐसा प्लेटफॉर्म हो सकता है, जहां:
यूज़र इंटरफेस पूरी तरह AI-ड्रिवन होगा
ऐप्स और फीचर्स यूज़र की जरूरतों के अनुसार खुद को एडजस्ट करेंगे.
वॉयस, टेक्स्ट और विज़ुअल कमांड एक साथ काम करेंगे
पारंपरिक ऐप्स की जगह AI एजेंट्स टास्क पूरा करेंगे
यह OS स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप और यहां तक कि AI डिवाइसेज़ पर भी काम कर सकता है।
Android और iOS के लिए क्यों है खतरे की घंटी?
फिलहाल मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम की दुनिया में Google का Android और Apple का iOS का दबदबा है। लेकिन AI-फर्स्ट OS आने से यूज़र एक्सपीरियंस पूरी तरह बदल सकता है।
संभावित बदलाव:
ऐप डाउनलोड करने की जरूरत कम हो सकती है
AI खुद ई-मेल लिखेगा, मीटिंग शेड्यूल करेगा और काम पूरे करेगा
यूज़र को अलग-अलग ऐप्स के बीच स्विच नहीं करना पड़ेगा
अगर OpenAI इसमें सफल होती है, तो यह मोबाइल OS इंडस्ट्री का सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
ग्लेन कोट्स की नियुक्ति क्यों है अहम?
ग्लेन कोट्स को Head of App Platform बनाना इस बात का संकेत है कि OpenAI:
डेवलपर्स के लिए नया AI-आधारित ऐप प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है
एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना चाहती है, जहां थर्ड-पार्टी ऐप्स AI के साथ गहराई से जुड़ सकें
यह कदम Android Play Store और Apple App Store के विकल्प की ओर इशारा करता है।
यूज़र्स को क्या मिलेगा फायदा?
अगर ChatGPT ऑपरेटिंग सिस्टम आता है, तो यूज़र्स को मिल सकते हैं ये फायदे:
ज्यादा पर्सनलाइज्ड अनुभव
तेज और स्मार्ट परफॉर्मेंस
कम ऐप्स, ज्यादा ऑटोमेशन
प्रोडक्टिविटी में बड़ा इजाफा