राजनीति
निगम-मंडल की नियुक्तियों पर नेताओं की नाराजगी आई सामने, स्वास्थ्य मंत्री बोले- अंतिम निर्णय पार्टी लेती है…
रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने निगम-मंडल की नियुक्तियों को लेकर नेताओं की नाराजगी पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात हमारे ध्यान में नहीं आई है. अगर कोई विषय आएगा तो पार्टी इसे बैठकर सुलझाएगी. हमारी पार्टी बहुत बड़ी है और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का काम कर रही है.
गौरीशंकर श्रीवास के फेसबुक पोस्ट पर मंत्री की प्रतिक्रिया
गौरीशंकर श्रीवास के फेसबुक पोस्ट पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत अभिमत है, लेकिन पार्टी इस पर अंतिम निर्णय लेती है.
बेरोजगारी भत्ते पर कांग्रेस के बयान पर मंत्री का पलटवार
बेरोजगारी भत्ता को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस का बयान हास्यास्पद है. उन्होंने अपने पांच साल के कार्यकाल में युवाओं को कुछ नहीं दिया, बल्कि आखिरी समय में ऊंट के मुंह में जीरा देने जैसा दिखावा किया.
मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार 2% बेरोजगारों को भी भत्ता नहीं दे पाई. उन्होंने सिर्फ कुछ लोगों को लॉलीपॉप की तरह छलावा दिया. कांग्रेस को इस मुद्दे पर बोलने का कोई हक नहीं है.
‘महतारी वंदन योजना’ से महिलाओं को आर्थिक संबल
मंत्री जायसवाल ने ‘महतारी वंदन योजना’ को लेकर कहा कि हमारी सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में महिलाओं को 500 रुपए तक भी नहीं दिए, जबकि भाजपा सरकार वास्तविक रूप से महिलाओं के हित में काम कर रही है.
बस्तर पंडुम को लेकर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बयान
बस्तर पंडुम महोत्सव को लेकर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और वहां की संस्कृति, कला, खानपान और आभूषणों को संजोने और बढ़ावा देने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है. इस महोत्सव के जरिए बस्तर के लोगों को एक बड़ा मंच दिया जा रहा है. समापन कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे.
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले CBI की रेड, गृहमंत्री के दौरे से पहले FIR आई बाहर: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले- मेरी राजनीतिक हत्या कराना चाहती हैं सेंट्रल एजेंसियां
रायपुर। छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा ऐप मामले में सियासत तेज हो गई है. CBI ने मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल को आरोपी बनाया है और उनके निवास पर रेड कार्रवाई की है. इसे लेकर भूपेश बघेल ने आज प्रेस कांफ्रेस आयोजित कर केंद्रीय जांच एजेंसियों और भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि सेंट्रल एजेंसियां मेरी राजनैतिक हत्या करना चाहती हैं, शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना चाहते हैं.
18 दिसंबर को हुई थी FIR
पूर्व सीएम बघेल ने कहा कि FIR 18 दिसंबर 2024 को हुई लेकिन कल (1 अप्रैल 2025 को) सार्वजनिक हुआ है. FIR ED से लेकर CBI तक इधर उधर हो रही है. भारत सरकार के पास गैम्बलिंग का कोई कानून नहीं है. ऑनलाइन गैम्बलिंग का भी कानून नहीं है. अब सवाल है कि ये लीगल मानती है या इलीगल. अगर लीगल है तो प्रोटेक्शन मनी की कोई बात नहीं है और अगर इलीगल है, तो ऐप अब तक चल क्यों रहा है?
सट्टा ऐप के मालिक शुभम सोनी का नाम FIR में नहीं
उन्होंने कहा कि FIR में सबसे ऊपर नाम रवि उप्पल का नाम है. 6वें नंबर पर भूपेश बघेल, 8वें पर सौरभ चंद्राकर. जिनके नाम से सब संचालन हो रहा शुभम सोनी, उसका नाम ही नहीं है जो खुद को मलिक बताता है , लेकिन मुझे लेकर जो बयान दिया, उसके आधार पर मुझे आरोपी बनाया गया है.
कथावाचक प्रदीप मिश्रा को लेकर उठाए सवाल
महादेव ऐप में धड़ल्ले से सट्टा चल रहा है, लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. विष्णुदेव साय प्रदीप मिश्रा के जजमान बने हैं, उनसे मिल कर आए हैं, लेकिन उनसे (प्रदीप मिश्रा) कोई पूछताछ नहीं हुई. उन्होंने आगे कहा कि हम छत्तीसगढ़ और राष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार बात कर रहे हैं, इसलिए ये कार्रवाई कर रहे हैं. जनता का ध्यान भटकाने के लिए ये काम किया जाता है.
मोगेम्बो खुश हुआ की तर्ज पर कर रहे काम : पूर्व सीएम बघेल
उन्होंने कहा कि जब-जब मोदी जी शाह जी आए, तब-तब CBI-ED का पहले ही एक दौरा हो जाता है. पीएम के आने से पहले ed की रेड पड़ी. अब अमित शाह आ रहे हैं, इतना पुराना FIR पब्लिक डोमेन में कल लाने का क्या औचित्य.? मोगेम्बो खुश हुआ कि तर्ज पर ये काम कर रहे. गिरफ्तार करना है तो कर ले, गिरफ्तार होने का मुझे डर नहीं है. न पहले भागे थे, न अब भाग रहे हैं.
भारत सरकार से पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पूछा सवाल-
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भारत सरकार से महादेव सट्टा ऐप से संबंधित कुछ सवाल किए हैं. उन्होंने पूछा है कि ऑनलाइन बेटिंग लीगल है या नहीं ? लीगल है तो, प्रोटेक्शन मनी का कोई मामला ही नहीं बनता, इललीगल है तो अब तक बंद क्यों नहीं हुआ ? बंद नहीं करने का सीधा मतलब है कि मोदी-शाह-विष्णुदेव का महादेव सट्टा को संरक्षण है.
उन्होंने कहा कि असीम दास के पास गाड़ी और पैसे कहां से आए ? बीजेपी नेताओं के साथ इन सभी के फोटो हैं, लेकिन उस ओर जांच क्यों नहीं किया जा रहा है ?
भूपेश बघेल ने कहा कि मुझे पंजाब का प्रभारी बनाया है और CD कांड में CBI की 7 साल के जांच के बाद भी कोर्ट ने चार्जशीट दायर करने के लायक नहीं समझा और मुझे डिस्चार्ज कर दिया. इसलिए बौखला कर ये कार्रवाई की जा रही.
CBI के एक्शन पर राजनीति गरमायी, दीपक बैज बोले, विपक्ष को डराने व असल अपराधी को बचाने की हो रही कोशिश, भाजपा बोली, कानून से बड़ा कोई नहीं…
रायपुर। महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ प्रदेश की सियासत गरमा गई है. सीबीआई की रेड कार्रवाई को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, तो भाजपा भी कांग्रेस पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है. वहीं स्वास्थ मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने पीसीसी चीफ दीपक बैज के बयान का पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि वहीं इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि कितना भी ताकतवर व्यक्ति हो, कानून से बड़ा कोई नहीं है.
मंत्री जायसवाल ने आगे कहा कि सरकार सभी प्रकार के घोटाले की मॉनिटरिंग कर रही है. पावर का दुरुपयोग करके ऐसा काम करेगा, तो कार्रवाई सुनिश्चित है. कांग्रेस को खुश होना चाहिए कि जो भी गलत काम हुए है उन पर अब कार्रवाई हो रही है और उन्हें जांच में सहयोग करना चाहिए.
क्या कहा पीसीसी चीफ ने ?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर CBI के FIR को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा था कि CBI रेड के बाद 21 से अधिक लोगों पर FIR किया गया. केंद्रीय एजेंसियों के जरिए ये हमें डराना चाहते हैं. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर का नाम 8वे नंबर पर लेकिन भूपेश बघेल का 6वें नंबर पर है. सरकार ने ऐसा करके मुख्य अभियुक्तियों को बचाने के लिए कार्य करने की मंशा स्पष्ट कर चुकी है.
महादेव सट्टा ऐप बंद न होने पर उठाया सवाल
पीसीसी चीफ बैज ने सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार क्यों महादेव सट्टा बंद नहीं कर रही है? मंत्री से लेकर नेता के जेब महादेव सट्टा से भर रहा है. इसलिए कार्रवाई नहीं कर रहे.
बता दें, CBI ने महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम बघेल को आरोपी बनाया है. इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें भूपेश बघेल छठवें आरोपी के रूप में नामित हैं. कुल 21 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल भी शामिल हैं.
क्या है महादेव सट्टा ऐप मामला?
महादेव सट्टा ऐप सट्टे के लिए बनाया गया है. इस पर यूजर पोकर, कार्ड गेम, चांस गेम नाम के लाइव गेम खेलते हैं. ऐप के जरिए क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल और चुनाव जैसे खेलों में भी अवैध सट्टा लगाया जाता है. अवैध सट्टे के नेटवर्क के जरिए ऐप का जाल तेजी से फैला. सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खोले गए.
इस मामले की शुरुआत में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी. बाद में राज्य सरकार ने इस केस को CBI को सौंप दिया, ताकि जांच को व्यापक स्तर पर किया जा सके और इसमें शामिल वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके. CBI ने इस मामले में कुल 21 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर पूर्व सीएम के निवास समेत विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें बड़ी मात्रा में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं. जब्त किए गए दस्तावेजों में वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम रिकॉर्ड शामिल हैं. CBI की जांच अभी जारी है, और आने वाले दिनों में नए खुलासे होने की संभावना है.
छत्तीसगढ़ में पॉवर प्लांट के शिलान्यास पर सियासत: पूर्व CM बघेल ने कहा- कांग्रेस कार्यकाल में हो चुका था शिलान्यास, BJP प्रवक्ता चिमनानी ने किया पलटवार…
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को छत्तीसगढ़ में करोड़ों की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए. इस दौरान उन्होंने पावर प्लांट का शिलान्यास भी किया. इसे लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है. कांग्रेस ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जिस पावर प्लांट का शिलान्यास पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल में किया था, पीएम मोदी ने उसी प्लांट का ही फिर से शिलान्यास कर दिया है. इसे लेकर पूर्व सीएम बघेल ने सोशल मीडिया में भाजपा पर निशाना साधा, तो भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने पलटवार किया है.
पूर्व CM भूपेश बघेल ने X पर लिखा कि “कमाल करते हैं प्रधानमंत्री जी! अगर मेरे द्वारा शिलान्यास किए हुए थर्मल पॉवर स्टेशन का ही पुनः शिलान्यास करना था तो सूचना दे देते. मैं और 10-20 प्रोजेक्ट ऐसे बता देता जिनका फीता अब दोबारा काट सकते थे. प्रधानमंत्री आवास की चाबी भी आप उन हितग्राहियों को ही दे पाए जिनको पहली किस्त हमारी सरकार ने जारी की थी. इस प्रकार कह सकते हैं कि प्रधानमंत्री जी को छत्तीसगढ़ में सिर्फ़ “मेमू ट्रेन” को झंडी दिखाने के लिए बुलाया गया था. कथित “सुशासन” इतना फुस्स निकला कि अपना एक काम न दिखा सका.”

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने किया पलटवार
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिम्नानी ने भूपेश बघेल के पोस्ट पर पलटवार करते हुए लिखा कि “आपकी झूठ बोलने और भ्रमित करने की आदत गई नहीं ,प्रदेश को शर्मसार मत करिए ,सच्चाई ये है…
– 26 मार्च को पर्यावरण क्लीयरेंस मिली
– 27 मार्च को बोर्ड ने BHEL से इसके निर्माण के लिए कार्यादेश दिया.
– आज 30 मार्च को प्रधानमंत्री जी ने इसका कार्य प्रारम्भ किया.”

अपने एक और ट्वीट में भाजपा प्रवक्ता चिमनानी ने लिखा कि “हम काम में विश्वास रखते हैं, जनता को धोखा देने में नहीं. हमने मोदी जी की दी हुई हर गारंटी को पूरा किया है, छत्तीसगढ़ की जनता यह जानती है. हमने गरीबों को पक्के मकान की चाबी देकर उनका गृह प्रवेश कराया है ये शिलान्यास नहीं कार्य प्रारम्भ है, आप ठीक से देखते भी नहीं है.

NTPC का ट्वीट
NTPC ने अपने ट्वीट में लिखा है कि “माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में NTPC की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना चरण-III (1×800 मेगावाट) की आधारशिला रखी. इस परियोजना का निर्माण 9791 करोड़ रुपये के निवेश से किया जा रहा है, ताकि गृह राज्य छत्तीसगढ़ और अन्य लाभार्थी राज्यों जैसे गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा को सस्ती और विश्वसनीय बिजली की आपूर्ति की जा सके.”

‘भूपेश मतलब भ्रष्टाचार’, महादेव सट्टा एप घोटाले पर भाजपा ने पोस्टर के जरिए साधा निशाना…
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी का लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के खिलाफ शुरू हुआ पोस्टर वार थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा हमला महादेव सट्टा एप को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर किया है, जिनके निवास पर हाल ही के दिनों में सीबीआई ने छापा मारा था.
छत्तीसगढ़ भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए पोस्टर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को महादेव सट्टा एप घोटाला की गठरी लिए दिखाया गया है, जिसमें से गिरते नोट से तमाम पंजा छाप अधिकारी एकत्रित करते नजर आ रहे हैं. इसमें भूपेश के साथ भिलाई विधायक देवेंद्र यादव को भी दिखाया गया है. वहीं दूसरी ओर जिन अधिकारियों को दिखाया गया है, उनमें हाल ही सीबीआई ने जिन अधिकारियों के घरों पर छापेमारी की थी, उनकी छवि नजर आ रही है.

बता दें कि महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में सीबीआई ने 26 मार्च को रायपुर-भिलाई के अलावा भोपाल, कोलकाता और दिल्ली में 60 जगहों पर छापेमारी की. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर के अलावा भिलाई स्थित निवास के अलावा कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, भूपेश बघेल के पूर्व ओएसडी मनीष बंछोर और आशीष वर्मा, 4 आईपीएस अफसरों के ठिकानों पर दबिश दी थी.
सीबीआई की कार्रवाई का न केवल भूपेश बघेल के घर पर मौजूद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया था, बल्कि बाद के दिनों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद मोर्चा संभालते हुए मामले में कार्रवाई करने के बाद भी अब सीबीआई के उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर सवाल उठाया था. ऐसे मौके पर भूपेश बघेल के साथ पूरी कांग्रेस पार्टी साथ खड़ी नजर आई थी.
BJP महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा – नीयत साफ थी तो भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल में महादेव सट्टा मामला CBI को क्यों नहीं सौंपा
रायपुर। महादेव सट्टा एप मामले में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि सीबीआई के छापों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चाहे जितना मिथ्या प्रलाप कर लें, प्रदेश की जनता अब उनके झूठे प्रपंचों के झांसे में नहीं आने वाली है। अपने मुख्यमंत्रित्व काल में तो बघेल ने सीबीआई को प्रतिबंधित कर रखा था। यदि उनकी नीयत साफ थी तो मुख्यमंत्री रहते हुए ही बघेल यह मामला सीबीआई को सौंप देते। जब सत्ता हाथ से चली गई तब वह इस मामले की सीबीआई से जांच की मांग करने लगे। श्रीवास्तव ने कटाक्ष किया कि अब सीबीआई जांच कर रही है तो दबाव बनाने के लिए सारे हथकंडे अपना रहे हैं। महादेव सट्टा एप मामले में जिस तरह भूपेश बघेल ने भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार पर ठीकरा फोड़ने की नाकाम कोशिश की है, वह नितांत हास्यास्पद और उनके मानसिक असंतुलन का परिचायक है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की भूपेश सरकार एक ऐसी सरकार के तौर पर जानी जाती रही है, जो अपने ही राजस्व पर डाका डालने का काम करती रही और सरकारी खजाने की लूट को संरक्षण देती रही। बघेल यह याद रखें कि महादेव सट्टा ऐप ही सिर्फ एक मामला नहीं है। ऐसे अनेक घोटाले हैं, जिनमें बघेल की जवाबदेही बनती है। शराब, कोयला, रेत, जमीन घोटालों के साथ ही डीएमएफ घोटाला भी जांच के दायरे में है। श्रीवास्तव ने हैरत जताई कि डीएमएफ घोटाले को लेकर भूपेश सरकार के ही मंत्री रहे जयसिंह अग्रवाल ने बकायदा पत्र लिखा था, लेकिन बघेल ने बजाय अग्रवाल के पत्र को गंभीरता से लेने के संबंधित कलेक्टर को उपकृत किया और आज वह अधिकारी जेल की सलाखों के पीछे जमानत के लिए मोहताज है। डीएमएफ घोटाले पर तो विधानसभा में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भी खुलासे किए थे, लेकिन नतीजा यह हुआ कि मरकाम को अध्यक्ष पद से हाथ धोना पड़ा।
भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि घपलों-घोटालों में बघेल सरकार के सहयोगी अधिकारियों को भूपेश बघेल ने न केवल संरक्षण दिया, अपितु उनके गिरफ्तार होने पर वे सरेआम उनके वकील बने रहे। प्रदेश में सीबीआई को प्रतिबंधित करके पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने अपने भ्रष्ट कारनामों के इरादों की पटकथा की जो भूमिका लिखी थी, अब उसका जवाब देने का समय आया है तो बघेल समेत तमाम कांग्रेसी रोना-धोना मचा रहे हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि बघेल यह कतई न भूलें कि प्रदेशभर में उन्होंने जो अपने कार्यकाल में घोटालों की श्रृंखला चलाई थी, अभी तो उसकी जांच की यह शुरुआत है। अभी तो बघेल को तमाम घोटालों की जवाबदेही से जूझना है और प्रदेश को अपने शासनकाल में मचाई गई लूट की पाई-पाई का हिसाब देना है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा आरोप, कहा- महादेव सट्टा खिलाने वालों को मोदी-शाह का संरक्षण, जाएंगे कोर्ट…
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महादेव सट्टा एप मामले में सीबीआई छापे पर कहा कि इससे यह स्पष्ट हो गया कि जो महादेव सट्टा खिलाने के खिलाफ कार्रवाई करेगा, उसके घर सीबीआई का छापा पड़ेगा. महादेव सट्टा खिलाने वाले सभी को मोदी और शाह का संरक्षण प्राप्त है. मामले में वकीलों से बात कर कोर्ट जाएंगे.
महादेव सट्टा एप मामले में सीबीआई की छापेमारी के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है. एक तरफ जहां पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन किया गया, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीसीसी चीफ दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, महामंत्री मल्कित सिंह गैदू, पूर्व मंत्री शिव डहरिया, पूर्व विधायक सत्य नारायण शर्मा, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के साथ प्रेस वार्ता के जरिए अपना पक्ष रखा.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कल पूरे देश में सीबीआई का छापा पड़ा. इसे उल्टा चोर कोतवाल को डांटे के रूप में देखा जा सकता है. पहली बार 2018 में एसपी-कलेक्टर कांफ्रेंस में मैंने निर्देश दिया कि कार्रवाई होनी चाहिए. कारवाई में 200 से अधिक गिरफ्तारियों हुई, 2000 से अधिक खाते सील हुए, गैजेट्स जब्त हुए. 2020 में बने कानून को मार्च 2022 में कड़ा किया गया. बड़े बदलाव किए गए, ऑनलाइन बेटिंग को भी कानून के दायरे में लाया गया. जुआ-सट्टा को रोकने का उद्देश्य था.
उन्होंने कहा कि महादेव एप मामले में कार्रवाई कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ में जब्ती और गिरफ़्तारियां की. छह महीने बाद ईडी ने इंटरफेयर किया, कुछ गिरफ्तारियां हुई. इसे रवि उपल और सौरभ चंद्राकर दुबई से संचालित कर रहे थे, लेकिन आज तक इनकी गिरफ़्तारी नहीं हुई. हमने भारत सरकार को इनकी गिरफ़्तारी के लिए पत्र लिखा. ऑनलाइन बेटिंग के लिए गूगल को राज्य सरकार ने पत्र लिखा, गूगल ने एप हटाया भी.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के बीच शुभम सोनी प्रकट हुआ, उसका वीडियो जारी हुआ. लेकिन पुलिस ने नहीं, बीजेपी ने उसका वीडियो जारी किया. वीडियो में शुभम सोनी ने कहा मैं इसका मालिक हूं. असीम दास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक ड्राइवर के घर से, जो राशन कार्ड से अनाज लेता है, करोड़ों रुपए मिले. इसे क्या कहा जाए पूर्व मंत्री बीजेपी के बड़े नेता की गाड़ी. कुछ दिन पहले बीजेपी के नेता ने सीबीआई के डायरेक्टर को चिट्ठी लिखी, जिसकी लिखावट सीबीआई की लगती है.
भूपेश बघेल ने कहा कि जब से सरकार बदली है, तब से सट्टे के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं हुई. सीबीआई को सौंपने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई है. गृह मंत्री को हमने कहा कि दुबई से लोगों को गिरफ्तार करके लाया जाए, लेकिन इन्हें राजनीति करनी है. बीते हफ्ते में दुबई से गिरफ़्तार कर छत्तीसगढ़ लाने का दावा किया गया था, लेकिन आरटीआई से पता चला कि ऐसी कोई गिरफ़्तारी की जानकारी नहीं है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से नई सरकार बनी है, कोई कार्रवाई नहीं हुई है. सीबीआई को सौंपने के बाद से अब तक किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है. इसका मतलब सरकार प्रोटेक्शन मनी ले रही है. प्रदीप मिश्रा अभी छत्तीसगढ़ में हैं, उनसे मामले में पूछताछ क्यों नहीं होती. इतने सेलिब्रिटी उनके कार्यक्रम में गये थे, उनसे पूछताछ क्यों नहीं हो रही है. हमने कानून बनाया, कार्रवाई की, अब ये कार्रवाई करने वालों पर कार्रवाई कर रहे हैं.
भूपेश बघेल ने कहा कि हमने ईडी-सीबीआई को पूरी तरह सहयोग किया. कल एक भी महिला अफसर घर पर नहीं थीं. 9.15 बजे रात को अधिकारी निकले. मेरे घर में पत्नी, बहू, बेटियाँ हैं, एक भी महिला अफसर मौजूद नहीं थे. बिना महिला पुलिस अधिकारी के बहू-बेटे के घर में जाँच की गई. हम पत्र लिखेंगे.
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विष्णुदेव साय को सत्ता की कितनी लत है. हसदेव कट गया, केडिया फैक्ट्री से बैन हैट गया. पॉवर प्लांट यहां लगेंगे. सत्ता का लत, सरकार आने से पहले ही उन्हें लग गई है. इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि सरकार बताए कि महादेव सट्टा कब बंद कर रहे है. वकीलों से बात कर कोर्ट जाएंगे.
भूपेश बघेल के घर CBI दबिश के साथ शुरू हुई सियासी बयानबाजी
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर सीबीआई की छापेमारी ने प्रदेश में एक बार फिर सियासी उबाल ला दिया है. पक्ष-विपक्ष ने नेता कड़ी टिप्पणी दे रहे हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि न कांग्रेस झुकेगी, न रुकेगी. वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने छापेमारी को लोकतंत्र के लिए बेहद ही खतरनाक कदम करार दिया. इन सबके बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस के नेताओं को CBI की जाँच में सहयोग करने की सलाह दी.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि तमाम असफल छापों और नाकाम साजिशों के बाद, अब भाजपा ने CBI को भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के पीछे लगा दिया. आज सुबह से ही CBI हमारे दोनों नेताओं के घर पर जमी हुई है, लेकिन ये सत्ता की हताशा के सिवाय कुछ नहीं. लेकिन याद रखो – न कांग्रेस झुकेगी, न कांग्रेस रुकेगी. ये लड़ाई सिर्फ नेताओं की नहीं, हर उस सच्चाई की है, जिसे सत्ता के दम पर कुचलने की कोशिश हो रही है. भाजपा याद रखे – सत्य झुकता नहीं, और अन्याय का अंत निश्चित है.
निश्चिंत रहे, सत्य की जीत होगी
डॉ. चरण दास महंत ने एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि ED, CBI, IT केंद्रीय एजेंसियों का भाजपा सरकार लगातार विपक्ष के खिलाफ उपयोग कर रही है. यह लोकतंत्र के लिए बेहद ही खतरनाक कदम है. हर नाकाम कोशिश के बाद, आज CBI पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव के घर पर दबिश दी है. सुबह से ही CBI हमारे दोनों नेताओं के घर पर जमी हुई है, लेकिन ये सत्ता के अन्याय के सिवाय कुछ नहीं. आप सत्य एवं न्याय के पथ पर है, तो ईश्वर आपके साथ है, फिर अंतर नहीं पड़ता कौन आपके विरुद्ध है, निश्चिंत रहे, सत्य की जीत होगी, अन्याय की हार.
वही होता है जो मंजूरे खुदा…
भूपेश सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस नेता अमरजीत भगत ने इस प्रकरण में “ऐसी वाणी बोलिए मन का आपा खोए, औरों को शीतल करे आपहू शीतल होए” दोहा कहते हुए भाजपा को हिदायत दी कि काम ऐसा कीजिए, जिससे जनमानस में अच्छा संदेश जाए. क्योंकि मुद्दई लाख बुरा चाहे तो क्या होता है, वही होता है जो मंजूरे ख़ुदा होता है. उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल को जब-जब बड़ी जिम्मेदारी मिली, तब-तब केंद्रीय एजेंसियों को उनके पीछे छोड़ दिया गया. इससे कांग्रेस पार्टी डरने वाली नहीं है.
अभी तो नहीं है कोई चुनाव
वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि CBI की जाँच होती है तो सहयोग करना चाहिए. दुर्भाव से कार्य करने वाली बात नहीं करनी चाहिए. केंद्रीय एजेंसियां है, भ्रष्टाचार को संज्ञान में लेकर जाँच करती हैं. इसके पहले चुनाव से पहले कार्रवाई की बात बोलते थे, अभी तो कोई चुनाव नहीं है. ये सब राजनीति से प्रेरित बातें है. सबको सहयोग करना चाहिए.
राहुल गांधी की जिलाध्यक्षों से मुलाकात पर डिप्टी CM विजय शर्मा ने कसा तंज, कहा- जिलाध्यक्ष शायद उनसे ज्यादा समझदार होंगे
रायपुर। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जल्द ही देशभर के जिलाध्यक्षों से संवाद करने वाले हैं। इस बैठक में संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के मुताबिक, राहुल गांधी 3 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के जिलाध्यक्षों से भी मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, इस बैठक को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी को पहले खुद अपने विषयों की समझ होनी चाहिए। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शायद उनसे ज्यादा समझदार होंगे। उनसे चर्चा कर राहुल गांधी उनका भी स्तर गिरा देंगे।” यही नहीं, विजय शर्मा ने राहुल गांधी के संसद में दिए गए महाभारत संबंधी बयान पर भी कटाक्ष किया और कहा, “पहले वे यह समझ लें कि जयद्रथ का वध कैसे हुआ, अभिमन्यु की मृत्यु कैसे हुई, फिर किसी और विषय पर चर्चा करें।”
बिहार दिवस पर राजनीति : पूर्व सीएम के आरोप पर गृहमंत्री शर्मा का पलटवार, कहा- उन्होंने क्यों दी थी छठ पूजा की छुट्टी …
कवर्धा। छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मनाने को लेकर सियासी घमासान मच गया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताया. बघेल के आरोप पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि बिहार के राज्यपाल भी 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ दिवस मनाते हैं. एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत ये सब कार्यक्रम किया जा रहा है.
डिप्टी सीएम शर्मा ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में जैसे बिहार तिहार मनाया गया वैसे बिहार में भी होगा. क्या काशी तमिल संगम हुआ तो अच्छा हुआ ना? अच्छा होने पर ऐसे कहते हैं! और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बिहार दिवस पर सवाल उठाने वाले खुद छठ पूजा पर प्रदेश भर में छुट्टी दी थी. जो छठ पूजा पर छुट्टी देते हैं, वे आज बिहार तिहार मनाने पर सवाल उठाते हैं. उन्होंने उस समय क्यों दिया था? हम पूरे देश को एक मानते हैं, लेकिन हमारे लिए हमारा प्रदेश बड़ा है. “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के साथ काम करने वाले हैं.
बीजेपी को केवल चुनाव से मतलब होता है – भूपेश बघेल
छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मनाए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बिहार के बहुत सारे लोग रहते हैं. बिहार में चुनाव है, इसलिए उन्हें खुश करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम कर रहे हैं. इसका उद्देश्य राजनीति है. उन्होंने कहा कि पिछले साल क्यों नहीं मनाया ? सरकार तो बन गई थी. बीजेपी को केवल चुनाव से मतलब होता है.
छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मनाए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कसा तंज, कहा- इसका उद्देश्य राजनीतिक, भाजपा को केवल चुनाव से मतलब होता है…
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मनाए जाने पर तीखा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिहार के बहुत सारे लोग रहते हैं. बिहार में चुनाव है, इसलिए उन्हें खुश करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम कर रहे हैं. इसका उद्देश्य राजनीति है. पिछले साल क्यों नहीं मनाया, सरकार तो बन गई थी. बीजेपी को केवल चुनाव से मतलब होता है.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में धान खरीदी मे गड़बड़ी को लेकर कहा कि खरीदी में गड़बड़ी हुई है. एक तरफ 110 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ है, वहीं सरकार 149 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की बात कह रही है. दोनों आंकड़ों में से कौन सा सही है. दोनों सरकारी आंकड़े हैं.
वहीं भू-जल स्तर में गिरावट पर विधान सभाअध्यक्ष की ओर सरकार को निर्देश दिए जाने पर कहा कि आसंदी से इस प्रकार के निर्देश आए तो त्रासदी से कम नहीं है. गर्मी शुरू हुआ नहीं है, और पेयजल का संकट शुरू हो गया है. सरकार नल जल योजना शुरू नहीं कर पाई है. पाइपलाइन बिछ गया, टंकी बन गई, लेकिन पानी नहीं है. पानी की खपत बढ़ने वाला है.
उन्होंने कहा कि भाजपा हमारी नरवा योजना का मजाक उड़ाती थी. पानी की समस्या से ग्रामीण क्षेत्र में जल स्तर लगातार नीचे गिर रहा है. शहरी क्षेत्र में तो पानी मिलता ही नहीं. औद्योगिक क्षेत्र की अलग समस्या, वहां पानी पीने लायक नहीं है. भूमिगत जल भी दूषित हो गया. सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए.
बिहार दिवस को लेकर सियासत : प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन ने पूर्व सीएम बघेल पर कसा तंज, कहा- भूपेश की बेचैनी पर तरस आता है, उन्हें कहीं छत्तीसगढ़ न छोड़ना पड़े…
रायपुर। भाजपा प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन आज संगठन की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए रायपुर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश में बिहार दिवस को लेकर हो रही सियासत पर बड़ा बयान दिया है. नितिन नबीन ने पूर्व सीएम बघेल पर तंज कस्ते हुए कहा कि भूपेश बघेल की बेचैनी पर तरस आता है, हम (भाजपा) कुछ भी करते हैं तो वह बेचैन हो जाते हैं. इतनी बेचैनी है तो मैं तो अभी और गतिविधि करूंगा.
उन्होंने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि इस बेचैनी में उनको छत्तीसगढ़ छोड़ना पड़े. कांग्रेस ने तो किनारा कर ही दिया है. भूपेश बघेल बहुत वरिष्ठ नेता हैं. इतना ध्यान रखिएगा कि छत्तीसगढ़ बिहार दोनों भारत के मूल भाग है.
पंच से लेकर पार्लियामेंट तक लहराया BJP का भगवा : बीजेपी प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन
प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन ने चुनाव में जीत दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई दी. उन्होंने कहा कि जो सपना हम लोगों ने देखा था, पंच से लेकर पार्लियामेंट तक भाजपा का भगवा लहराए. मुझे खुशी है कि छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं ने पूरा मेहनत किया. जनता ने हम पर विश्वास किया. 80 प्रतिशत और कहीं कहीं 90 प्रतिशत सीटों पर भगवा लहराया है. इसके लिए छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई देता हूं. हम पर जो विश्वास किया है, उस पर भाजपा की सरकार खरा उतरेगी.
नक्सलियों के साथ लखमा का कनेक्शन निकालने पर भड़के बैज, कहा – बदले की भावना से आदिवासी नेताओं को टारगेट कर रही भाजपा, कुंभ वाले बयान पर गृहमंत्री को अपना विभाग संभालने की दी हिदायत
रायपुर। ईओडब्ल्यू ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा का नक्सलियों के साथ कनेक्शन निकाला है. इस पर पीसीसी चीफ दीपक बैज भड़क उठे. उन्होंने बदले की भावना से आदिवासी नेताओं को टारगेट करने का आरोप बीजेपी पर लगाया है. बैज ने कहा, शराब से पेट नहीं भरा तो भाजपा नक्सलियों से कनेक्शन खोज रही. ईडी के बाद Eow की एंट्री हुई है, ताकि उन्हें बेल न मिले.
कुंभ नहीं जाने को लेकर कांग्रेस की बैठक में चर्चा पर सियासत शुरू हो गई है. गृह मंत्री विजय शर्मा के बयानों का पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पलटवार करते हुए गृहमंत्री को दूसरों को आईना दिखाने के बजाय अपना विभाग संभालने की हिदायत दी. बैज ने बिहार में बेची गई बच्चियों के लिए प्रदेश की महिलाओं से माफी मांगने की बात कही. उन्होंने कहा, बीजेपी मुद्दों से भटका रही. गृह मंत्री यदि खुद को ओपी चौधरी से ज्यादा ज्ञानी समझते हैं तो पहले अपना विभाग संभालें.
मुख्यमंत्री को दीपक बैज ने बताया मिट्ठू
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मिट्ठू बताते हुए पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, सीएम तोते की तरह अधिकारियों की स्क्रिप्ट रटकर बोलते हैं. बस्तर पंडुम मनाने को लेकर बैज ने कहा, सीएम बस्तर में पंडुम मना रहे. क्या सीएम को पता नहीं पंडुम क्या है? सिर्फ़ अधिकारियों की दी गई स्क्रिप्ट तोते की तरह पढ़ देते हैं.
कांग्रेस PAC की बैठक में भूपेश बघेल ने जाहिर की कड़ी नाराजगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस पॉलिटकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में भूपेश बघेल ने कड़ी नाराजगी जाहिर की. बैठक के दौरान बघेल ने यहां तक कह दिया कि मेरे खिलाफ दुष्प्रचार, अभद्र टिपण्णी करने से भी कुछ लोग नहीं चूक रहे हैं. संगठन को मजबूत करने की जगह उसे कमजोर करने की कोशिश कुछ लोग कर रहे हैं. हद तो यह हो गई है कि जिला स्तर का पदाधिकारी, प्रदेश स्तर के पदाधिकारी पर कार्रवाई करता है.
बैठक के दौरान ही एक नेता बैज को लेकर टिप्पणी की तो उस पर प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट नाराज हुए. उन्होंने कहा कि दीपक बैज पीसीसी के अध्यक्ष हैं. उनके लिए किसी नेता को गलत शब्द का इस्तेमाल करना उचित नहीं है. बैठक में पायलट ने खुले तौर पर बैज का समर्थन किया. साथ ही उन्होंने आगामी कार्ययोजना को लेकर सुझाव भी दिए. उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होकर काम करने और मुद्दों पर लड़ने की जरूरत है. साथ ही मीडिया में बयानबाजी को लेकर भी बैठक में पायलट ने नाराजगी जताई.
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कमेटी के सदस्य कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत एवं प्रभारी सचिव एस.ए. संपत कुमार, जरिता लेतफलांग, विजय जांगिड़, पूर्व मंत्री धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, एआईसीसी सचिव राजेश तिवारी, एआईसीसी सचिव एवं विधायक देवेन्द्र यादव, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, सांसद पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे, पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर, पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया, पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, पूर्व मंत्री गुरू रूद्र कुमार, पूर्व मंत्री प्रेमसाय सिंह, अमरजीत भगत, उमेश पटेल, अमितेश शुक्ल, पूर्व सांसद छाया वर्मा, पूर्व विधायक गुरूमुख सिंह होरा, पूर्व विधायक अरूण वोरा, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेन्द्र तिवारी, शैलेश नितिन त्रिवेदी, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय, कांग्रेस सेवादल प्रमुख अरूण ताम्रकार उपस्थित थे.
सचिन पायलट के आरोप को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया मिथ्या, कहा- अन्याय हो रहा है तो खुले है न्यायालय के दरवाजे
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने सरकार पर जबरन कार्रवाई के आरोप लगाने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि पायलट के आरोप मिथ्या है. केंद्रीय जांच एजेंसियां सोच-समझकर किसी पर हाथ डालती है. अगर अन्याय हो रहा है तो कोर्ट का दरवाजा खुला है.
बता दें कि आज प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट सेंट्रल जेल पहुंचे, जहां उन्होंने जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि जो लोग भाजपा की विचारधारा का विरोध करते हैं, सरकार उनके साथ ऐसा ही व्यवहार करती है. हम न्यायालय में लड़ाई लड़ते रहेंगे. लोगों का चरित्र हनन करने की कोशिश की जाती है. सरकारी द्वारा एजेंसी के माध्यम से मनोबल तोड़ने की कोशिश की जाती है. हमें पूरा विश्वास है कि हमें न्यायालय के माध्यम से विजय मिलेगी. हमारा पोलिटिकल संघर्ष जारी रहेगा. सरकारी एजेंसी का धड़ल्ले से दुरुपयोग हो रहा है. ये व्यक्ति विशेष की लड़ाई नहीं, हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे, पूरे देश में जहां-जहां बीजेपी सरकारी एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है. वहां वहां विरोध करेंगे.
सेंट्रल जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मिलने पहुंचे प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट आज सेंट्रल जेल पहुंचे, जहां उन्होंने जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की. इस दौरान उनके साथ नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, विधायक देवेंद्र यादव समेत कई अन्य कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे.
जेल में कवासी लखमा से मुलाकात के बाद सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत में भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए. उन्होंने कहा कि जो लोग भाजपा की विचारधारा का विरोध करते हैं, सरकार उनके साथ ऐसा ही व्यवहार करती है. हम न्यायालय में लड़ाई लड़ते रहेंगे. लोगों का चरित्र हनन करने की कोशिश की जाती है. सरकारी द्वारा एजेंसी के माध्यम से मनोबल तोड़ने की कोशिश की जाती है. हमें पूरा विश्वास है कि हमें न्यायालय के माध्यम से विजय मिलेगी. हमारा पोलिटिकल संघर्ष जारी रहेगा. सरकारी एजेंसी का धड़ल्ले से दुरुपयोग हो रहा है. ये व्यक्ति विशेष की लड़ाई नहीं, हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे, पूरे देश में जहां-जहां बीजेपी सरकारी एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है. वहां वहां विरोध करेंगे.
चरणदास महंत का बयान
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शासन की ओर से जो भी कष्ट मिल रहा है. उसे बड़े दिलेरी के साथ कवासी लखमा झेल रहे हैं. उनमें झेलने की ताकत है. जो वह सह रहे हैं वो सरकार की प्रताड़ना है. केंद्रीय और राज्य सरकार की प्रताड़ना को झेलने में कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं. चरणदास महंत ने कहा कि हमारे प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट और अन्य पदाधिकारी भी उनसे मिलने आए थे.