राजनीति
रायगढ़ में कांग्रेस की “वोट चोर गद्दी छोड़” पदयात्रा 16 सितंबर को, पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर साधा निशाना
रायगढ़। कांग्रेस पार्टी 16 सितंबर को रायगढ़ में “वोट चोर गद्दी छोड़” पदयात्रा करने जा रही है। इस पदयात्रा में पार्टी के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट भी शामिल होंगे। पदयात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज शनिवार को रायगढ़ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा की और प्रदेश की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला।
दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है। छत्तीसगढ़ में लूट, डकैती, चाकूबाजी, गैंगवार जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है। इसके अलावा सूखा नशा (ड्रग्स) का कारोबार भी लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तो राज्य में “न्यूड पार्टी” जैसी घटनाएं भी हो रही हैं, जो छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर धब्बा है।
बैज ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि भाजपा सरकार के समय ऐसी पार्टियां आयोजित की जा रही हैं, जिनमें निर्वस्त्र होकर शराब परोसी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी आयोजकों ने मोबाइल नंबर तक सार्वजनिक कर दिए हैं, जो बिना सत्ता के संरक्षण के संभव नहीं हो सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से मांग की कि वे प्रदेश की जनता से माफी मांगें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) कर्मचारियों की हड़ताल पर भी बैज ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी “मोदी गारंटी” पूरी करने का दावा करते हैं, वहीं गारंटी पूरी करने की मांग को लेकर कर्मचारी सड़क पर हैं और स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए.
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के बयान पर भी दीपक बैज ने प्रतिक्रिया दी। जायसवाल ने कहा था कि राहुल गांधी जहां भी पदयात्रा में गए वहां कांग्रेस की सरकार चली गई और राजस्थान में “पायलट का जहाज डूब गया”। इस पर बैज ने पलटवार करते हुए कहा कि श्याम बिहारी जी को कांग्रेस की चिंता करने के बजाय अपने विभाग की चिंता करनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की हालत इतनी खराब है कि वह वेंटीलेटर पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं बची है और यहां “जंगलराज” चल रहा है।
कांग्रेस की पदयात्रा से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है। पार्टी का दावा है कि यह यात्रा सरकार के खिलाफ जनसमर्थन जुटाने का बड़ा अभियान साबित होगी।
प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर पीसीसी चीफ दीपक बैज का बड़ा बयान, कहा-
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में रोज-रोज हो रही हत्यायें अब डराने लगी है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद राज्य में अपराध और अपराधी दोनों बेलगाम हो गये है। रायगढ़ में एक ही परिवार के 4 लोगों की हत्या हो गई, राजनांदगांव में एक वार्ड में तीन लोगों की हत्या हो गई। प्रदेश का कोई ऐसा शहर नहीं है जहां प्रतिदिन एक-दो हत्यायें नहीं हो रही है। धमतरी में पिछले माह सरेआम राजधानी के तीन लोगों को मार डाला गया था। बीती रात राजधानी में खुले आम गेंगवार हो रहा सड़कों पर दर्जनों गुंडे तलवार ले कर एक दूसरे को दौड़ा रहे राहगीरों को पीटा गया, कहा है कानून व्यवस्था? प्रदेश का आम आदमी बेहद डरा हुआ है। सरकार नागरिकों को जीवन जीने का भयमुक्त वातावरण देने में नाकामयाब साबित हो गई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि केंद्रीय उर्वरक मंत्री नड्डा से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि सितंबर महीने में 50 हजार मीट्रिक टन यूरिया केन्द्र के द्वारा भेजा जाएगा, जिसमें से सरकार ने कहा था सितंबर के पहले और दूसरे सप्ताह तक 30 हजार मीट्रिक टन यूरिया सोसायटियों में पहुंच जायेगा। 12 सितंबर हो गया है अभी तक यह यूरिया न सोसायटियों में पहुंचा है और न ही किसानों तक पहुंचा है। सरकार का दावा यहां भी झूठा साबित हुआ। आज भी किसान यूरिया के लिए परेशान है, ब्लेक में यूरिया खरीद रहे है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने करोड़ों रू. खर्च करके बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट का आयोजन किया। सरकार का दावा है कि 967 करोड़ रू. का निवेश आया है। सरकार बताये कि इस प्रस्ताव में कितनी कंपनियों के साथ एम.ओ.यू. किया गया? इन कंपनियों के द्वारा कितने दिनों में निवेश प्रक्रिया पूरा कर लिया जायेगा? निवेश के लिए एम.ओ.यू. करने वाली कंपनियों का प्रोफाईल भी सरकार सार्वजनिक करे। सरकार के द्वारा एक दर्जन से अधिक शेल कंपनियों से एम.ओ.यू. करने की तैयारी है। यह उवन शासकीय जमीन हड़पने का षड़यंत्र भी हो सकता है।
इन्वेस्टर कनेक्ट में एनएमडीसी और भारत सरकार की रेल तथा सड़क परियोजनाओं को छोड़ दिया जाए तो कोई भी ठोस प्रस्ताव नहीं है। एनएमडीसी और भारत सरकार के रेल और सड़क परियोजनाएं तो पहले से प्रस्तावित है। इनमें इन्वेस्टर कनेक्ट की क्या उपलब्धि है?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय सरकार में भ्रष्टाचार अमानवीयता और क्रूरता को पार कर गया है। अभनपुर में मृतक के परिजनों को पोस्टमार्टम के बाद लाश देने के लिए 2500 रु. की मांग की गई। नहीं देने पर धमकी दी गई कि लाश की सिलाई खोल देंगे। भ्रष्टाचारी इतना दुस्साहसी है कि वह पुलिस के सामने पैसा मांग रहा था। पूरे प्रदेश भ्रष्टाचार चरम पर है। बिलासपुर में बीमार कर्मचारी से मेडिकल बिल पास करने के एवज में 10 प्रतिशत कमीशन मांगा जाता है। यही है विष्णु के सुशासन की हकीकत।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जगदलपुर में कान्टीनेंटल छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल खुला है। इसमें 200 करोड़ एनएमडीसी के सीएसआर के फंड का पैसा लगा है। जमीन राज्य सरकार ने दिया है। हैदराबाद के ग्रुप कान्टीनेन्टल हॉस्पिटल प्रा. लि. को चलाने दे दिया। इस अस्पताल के बोर्ड में न राज्य सरकार का उल्लेख है, न एनएमडीसी का उल्लेख है। कही नहीं लिखा है यह राज्य सरकार का संयुक्त उपक्रम है। एम.ओ.यू. सार्वजनिक नहीं हुआ है, सरकार बताये कि यहां गरीबों का किस दर पर ईलाज होगा, गरीबों को क्या सुविधा मिलेगी? गरीबों को रियायत क्या मिलेगी? इस अस्पताल में कर्मचारियों की नियुक्तियों के लिए विज्ञापन निकाला गया है, यदि राज्य का संयुक्त उपक्रम है तो इस विज्ञापन में आरक्षण रोस्टर का पालन क्यों नहीं किया गया है? ऐसा तो नहीं जमीन सरकारी, पैसा सरकारी कंपनी का और ईलाज के नाम पर कमाई प्राइवेट अस्पताल करे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय सरकार के ट्रायबल डिपार्टमेंट ने भ्रष्टाचार का एक नया कारनामा किया है, 55 - 60 हजार कीमत की रोटी मेकर मशीन को 7,95,000 रू. में खरीदा है। इसके पहले 200 रू. का जग 32000 में खरीदे थे, 1 लाख की टीवी 10 लाख में खरीदे थे। लेकिन विष्णु के भोग के कारण 50 हजार की मशीन 7,95,00 में खरीदा गया.
प्रदेश बिगड़ती कानून व्यवस्था पर पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर साधा निशाना, कहा –
रायपुर। राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन गया है. कानून व्यवस्था की स्थिति तार-तार हो चुकी है. सभी शहर हत्या, बलात्कार, लूट, डकैती, नशे का शिकार हो चुके हैं. विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत करना पड़ रहा है. नशे के मामले में सरकार ने एक टीआई को सस्पेंड भी किया है. यही सरकार की स्वीकारोक्ति है.
बघेल ने कहा, राजनांदगांव में तीन हत्या, गैंगवार के बाद कार्रवाई देखने मिली. गृहमंत्री के संरक्षण में सूखे नशे का व्यापार तेजी से फल-फूल रहा है. गृहमंत्री कुछ नहीं कर पा रहे हैं. गृहमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ में SIR की मांग की है. इस पर भूपेश बघेल ने कहा, SIR करवाना निर्वाचन आयोग का काम है. प्रमाणित करने का काम जनता का नहीं होना चाहिए. विजय शर्मा से बार-बार पूछता हूं कि पाकिस्तानी नागरिक कितने हैं.
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने संपत्ति कर के नोटिस पर कहा, अजीब बात की केवल मुझे नोटिस भेजा गया है. शासकीय आवास में नेता, अधिकारी भी रहते हैं, उनमें किसी को नोटिस नहीं आया, मुझे आया है, ऐसा क्यों? वहीं नक्सल मुठभेड़ को लेकर बघेल ने कहा, अच्छी बात है कि नक्सलवाद खत्म हो, मगर गरीब आदिवासी ना मारे जाए, इसका ध्यान रखें. कई घटनाओं में आदिवासियों को नक्सली बताया गया है.
राहुल गांधी को विरोधाभासी बातें नहीं करनी चाहिए : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर। बिहार और अन्य राज्यों के बाद छत्तीसगढ़ में भी वोट चोरी के आरोपों को लेकर सियासत गर्म है. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रदेश में एसआईआर होने जरूरत बताई है. साथ ही राहुल गांधी पर भी हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को दो तरह की विरोधाभासी बातें नहीं करनी चाहिए. वह एकबार कहते हैं वोटर लिस्ट में गड़बड़ी है, दूसरी ओर एसआईआर पर सवाल उठातें हैं. छत्तीसगढ़ में भी एसआईआर होना चाहिए.
गरियाबंद में नक्सली मुठभेड़ को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि हमारे जवानों ने बड़ी सफलता हासिल की है. गरियाबंद के जंगलों में 10 नक्सलियों को न्यूट्रिलाइज किया गया. इनमें 1 करोड़ का इनामी सक्रिय सीसी मेंबर बालकृष्णन उर्फ मनोज मारा गया. साथ ही 25 लाख का इनामी नक्सली प्रमोद उर्फ पांडा भी ढेर हुआ. जवानों की कार्रवाई से छत्तीसगढ़ में सीसी मेंबर की संख्या कम हो रही.
केंद्र सरकार अपना विरोध क्यों सुनना नहीं चाहती है : सुरेंद्र राजपूत
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर हैं। कांग्रेस ने उनके इस दौरे को लेकर सवाल उठाए और इसे राजनीतिक दबाव बताया। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि सवाल यह उठता है कि इससे जनता को क्या मिलेगा? कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "प्रधानमंत्री वाराणसी दौरे पर आ रहे हैं, यह एक अच्छी बात है। लेकिन, सवाल यह उठता है कि बनारस को क्या मिलेगा?"
उन्होंने कहा कि बनारस की जनता के मन में भी 'वोट चोरी' को लेकर सवाल हैं। जनता पूछ रही है कि जब लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना के दौरान छह राउंड तक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय आगे थे, तो अचानक से ऐसा क्या हुआ कि लाइट गायब हो गई और डेटा भी गायब हो गया। सब गायब हो गया और उसके बाद नतीजे घोषित कर दिए गए।
उन्होंने आगे कहा, "अजय राय अगर सवाल पूछना चाहते हैं तो उन्हें नजरबंद कर दिया जाता है। मैं पूछता हूं कि सरकार अपना विरोध क्यों सुनना नहीं चाहती है। लोकतंत्र में विरोध सत्ता का एक आवश्यक अंग है। उसे सरकार क्यों नहीं जानना चाहती है। ये सारे सवाल पूछे जाएंगे।"
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "बुधवार को रायबरेली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का जिस तरह विरोध किया गया, उसी तरह आज काशी में विरोध करने की योजना थी। आज कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इसका ऐलान किया था, लेकिन विरोध करने वालों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। हम तो खुद से कहते हैं कि भाजपा राहुल गांधी का विरोध करे, क्योंकि वे लोकतंत्र के लिए विरोध सहते हैं। मैं उन्हें यह भी बताना चाहता हूं कि अगर केंद्र सरकार का विरोध होना होगा तो इसे नहीं रोका जा सकता है।"
बिलासपुर में सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और PM पर बोला हमला, कहा…वोट चोरों को माफ नहीं करेगी जनता
बिलासपुर। कांग्रेस के शीर्ष नेता देशभर में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को घेर रहे है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कांग्रेस की वोट चोर-गद्दी छोड़ सभा का आयोजन किया गया। इस आयोजन में सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वोट चोरों को जनता माफ नहीं करेगी। वोट चोरी में दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है। भाजपा की डबल इंजन सरकार केवल धुआं फेक रही है। वहीं पूर्व सीएम बघेल ने कहा कि…आने वाले दिनों में हाइड्रोजन बम फूटेगा।
गौरतलब है कि बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस एक्शन मोड पर है। वोट चोरी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेता देशभर में रैलिया कर केंद्र सरकार को घेरने में जुटी हुई है। छत्तीसगढ़ में भी विपक्ष में बैठी कांग्रेस अब अपनी हार का कारण वोट चोरी बताने में जुट गयी है। बिलासपुर में आयोजित कांग्रेस की रैली में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर हमला बोला। उन्होने मंच से कहा कि लोकतंत्र की इमारत पर बहुत से लोग नेता बने, लेकिन लोकतंत्र की व्यवस्था को आज जानबूझकर बिगाड़ा जा रहा है।
पहले निर्वाचन आयोग का अध्यक्ष चीफ जस्टिस, पीएम और नेता प्रतिपक्ष तय करते थे। लेकिन आज पीएम, गृहमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो एक के बहुमत पर आज निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष का चयन हो रहा है। भाजपा चाहती है एक ही विचारधारा देश में रहे। पायलट ने आरोप लगाया कि हम सवाल निर्वाचन विभाग से पूछते हैं, लेकिन जवाब बीजेपी के नेता देते हैं। उन्होने कहा कि बीजेपी को चुनाव जीतना है, तो लड़ के जीते। वोट चोरी कर राज करने वालों को अब जनता बर्दाश्त करने वाली नहीं है। जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
पूर्व CM बघेल ने कहा….वोट चोरी के खिलाफ फूटेगा हाइड्रोजन बम
कांग्रेस की इस रैली में मौजूद पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि हमारे नेताओं से निवेदन है कि अब ये न कहें कि हमारी सरकार ने काम नहीं किया और हम हार गए। ये कहें कि बीजेपी ने वोट चोरी की, जिसकी वजह से हार गए। भूपेश बघेल ने अपने भाषण में कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली का बिल अब झटका मार रहा है। हमारी सरकार ने किसानों को कोरोना काल में भी खाद उपलब्ध कराया, लेकिन आज सभी किसान परेशान हैं। न बोनस का पता, ना 15 लाख का पता, ना नौकरी का पता। उन्होने कहा कि सविधान के रक्षक राहुल गांधी हैं। आने वाले दिनों वोट चोरी के खिलाफ में हाइड्रोजन बम फूटेगा।
सर्किट हाउस की घटना पर कांग्रेस ने मनगढ़ंत कहानी गढ़ी : मंत्री केदार कश्यप
जगदलपुर। शनिवार देर शाम सर्किट हाउस से निकले विवाद ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है. वन मंत्री केदार कश्यप पर कर्मचारी से अभद्र भाषा में बात करने के साथ मारपीट के लगे आरोप को कांग्रेस भुनाने में लगी है. इस पर वन मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा है कि मुद्दा विहीन हो चुकी कांग्रेस तरह-तरह के भ्रामक प्रचार कर रही है.
दरअसल, सर्किट हाउस के कर्मचारी से अभद्र व्यवहार और मारपीट का मामला थाने तक पहुंच गया, जिसके बाद कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है. हालात ऐसे बने कि पूरे प्रदेश में पुतला दहन जैसी स्थिति बन गई.
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सर्किट हाउस की घटना को लेकर कांग्रेस ने मनगढ़ंत कहानी गढ़ी और सोशल मीडिया के जरिए गलत जानकारी फैलाने का काम किया. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कोई घटना घटी ही नहीं है. कांग्रेस केवल अनर्गल आरोप लगाकर राजनीतिक लाभ लेना चाह रही है.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में ‘चमचा राजनीति’ पर सियासी घमासान तेज, नेताओं के तंज से गरमाया माहौल
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर हाल ही में सामने आए “चरणदास महंत के चमचे वाला बयान” अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस बयान पर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) चीफ दीपक बैज और पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने महंत के बयान पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देकर यह साफ कर दिया है कि पार्टी में अंदरूनी मतभेद को भाजपा भुनाने की कोशिश कर रही है। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर भी तंज कसे हैं।चरणदास महंत के ‘चमचे’ वाले बयान पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सियासी हलचल बढ़ गई है। PCC चीफ दीपक बैज ने इसे “पार्टी के अंदरूनी मामले” बताते हुए बंद कमरे तक सीमित रखने की बात कही, वहीं पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने शायराना अंदाज में जवाब देते हुए भाजपा पर पलटवार किया।
PCC चीफ दीपक बैज का बयान
रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान पीसीसी चीफ दीपक बैज ने साफ किया कि कांग्रेस की बैठकें पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए होती हैं। उन्होंने कहा –
“कांग्रेस की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी। हमारा मकसद संगठन सृजन अभियान को आगे बढ़ाना और कांग्रेस को मजबूत करना है। बैठक में जो बातें हुईं, वह पार्टी के अंदर की बातें हैं और इन्हें बाहर लाने की बजाय बंद कमरों तक ही सीमित रहना चाहिए।”
बैज ने यह भी बताया कि उनकी पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे से मुलाकात हुई और इस दौरान कलेक्टिव लीडरशिप (सामूहिक नेतृत्व) में आगे चुनावी लड़ाई लड़ने का निर्णय हुआ है। साथ ही भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा –
“BJP को अपने भवन का नाम ‘नमक हराम भवन’ कर लेना चाहिए।”
अमरजीत भगत का शायराना जवाब
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने महंत के बयान पर सीधी प्रतिक्रिया देने की बजाय शायराना अंदाज में अपनी बात कही। उन्होंने संत कबीर की वाणी का हवाला देते हुए कहा –
“शब्द संभाले बोलिए, शब्द के हाथ ना पाओ, एक शब्द औषधि करे, एक करे घाव।”
उन्होंने कहा कि सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि शब्दों का चयन सोच-समझकर किया जाए, क्योंकि अच्छे शब्द कहने और सुनने दोनों में अच्छे लगते हैं।
भाजपा पर भी साधा निशाना
अमरजीत भगत ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस के भीतर मतभेद की खाई चौड़ी करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा –
“भाजपा कांग्रेस को लड़ाने का काम कर रही है। जबकि खुद भाजपा में भी ‘चमचागिरी’ की परंपरा गहरी है। भाजपा में जिसने ज्यादा चमचागिरी की, उसे ही अच्छा स्थान मिला।”
इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं पर तंज कसते हुए कहा –
“भाजपा के कई सीनियर नेता आज खुद परेशान हैं। बृजमोहन अग्रवाल समेत अन्य नेताओं से कहूंगा कि अच्छे से चमचागिरी करें, वरना शीर्ष नेता रिझेंगे ही नहीं।”
बढ़ सकता है विवाद
महंत के बयान से उपजा यह विवाद अब लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस के भीतर जहां कुछ नेता इसे पार्टी का आंतरिक मामला बता रहे हैं, वहीं भाजपा इस विवाद को मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर हमलावर है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस बयानबाजी से कैसे निपटती है और क्या पार्टी नेतृत्व अपने नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर ऐसी टिप्पणियों से रोक पाता है।
अनुशासनहीनता प्रस्ताव के बाद रविंद्र चौबे ने राजीव भवन पहुंचकर दीपक बैज से की मुलाकात
रायपुर। “छत्तीसगढ़ की जनता आज भी भूपेश बघेल का नेतृत्व चाहती है’ वाले बयान पर मचे बवाल के बीच पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से मुलाकात की. बैठक के बाद दोनों नेताओं ने तमाम असहमतियों को दरकिनार करते हुए कहा कि कांग्रेस को मजबूत करना हमारा मकसद है. आगामी चुनाव कलेक्टिव लीडरशिप में लड़ी जाएगी.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से मुलाकात के बाद पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि दीपक बैज कांग्रेस के अध्यक्ष है, हमारा समर्थन उनके साथ है. दीपक बैज के नेतृत्व में मजबूती से कांग्रेस लड़ाई लड़ रही है. भूपेश बघेल के जन्मदिन पर भ्रमपूर्वक बातें कही गई. अगर कुछ बातें कही गई तो वह बात नहीं थी, जो प्रेस में आई. दीपक बैज बहुत ही मैच्योर अध्यक्ष हैं.
वहीं दीपक बैज ने महंत के चमचे वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस की बैठक में बहुत सारे मुद्दे थे. बैठक में संगठन सृजन अभियान पर चर्चा की गई. कांग्रेस को मजबूत करना हमारा मकसद है. बैठक में जो बातें हुई, वह घर की बात है, पार्टी की बात है. पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे से मुलाकात का जिक्र पर कहा कि कलेक्टिव लीडरशिप में लड़ने का निर्णय हुआ है. आगे भी कलेक्टिव लीडरशिप से कांग्रेस लड़ाई लड़ेगी.
वहीं प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन को चमचा भवन बताते हुए भाजपा के पोस्टर जारी किए जाने पर दीपक बैज ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को अपने भवन का नाम नमक हराम भवन रखना चाहिए.
कांग्रेस कार्यसमिति में रविंद्र चौबे पर कार्रवाई का प्रस्ताव पारित, डिप्टी सीएम अरुण साव बोले– “कांग्रेस आपस में लड़कर खुद को खत्म कर रही है”
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में कांग्रेस का अंदरूनी घमासान और तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों ने दोनों हाथ उठाकर इसका समर्थन किया। साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों ने प्रवीण चौबे पर भी कार्रवाई की मांग की।
डिप्टी सीएम अरुण साव का तंज
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा – “कांग्रेस का यह अंदरूनी मामला है। 5 साल तक इन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता को तरसाया और अब आपस में लड़कर खुद को खत्म कर रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं पर अनुशासन का डंडा चलाकर कांग्रेस यह साफ कर रही है कि उसकी संस्कृति में वरिष्ठों का सम्मान नहीं है।”
बैठक में उठे सवाल
बैठक में कई कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि कार्रवाई केवल छोटे कार्यकर्ताओं पर होती है, जबकि बड़े नेताओं की अनुशासनहीनता पर चुप्पी साध ली जाती है। इस पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने जिलाध्यक्षों और नेताओं को समझाते हुए कहा कि वे अपने-अपने “चमचों” को संभालकर रखें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन को कमजोर करने वाले बयानों के लिए शीर्ष नेतृत्व जिम्मेदार नहीं, बल्कि ऐसे बयान फैलाने वाले कार्यकर्ता जिम्मेदार हैं।
चौबे का विवादित बयान
गौरतलब है कि हाल ही में पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने बयान दिया था कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए पूर्व सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व की आवश्यकता है। उनके इस बयान से पार्टी के भीतर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बाद में चौबे ने सफाई देते हुए यू-टर्न ले लिया, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था।
आगे बढ़ सकती है कार्रवाई
कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के बाद यह साफ हो गया है कि कांग्रेस संगठन इस मुद्दे को हल्के में नहीं लेना चाहता। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि आने वाले दिनों में रविंद्र चौबे पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
जनता भाजपा को बिहार से भगाने का काम करेगी : तेजस्वी यादव
पटना। इंडिया गठबंधन की 'वोटर अधिकार यात्रा' का समापन पटना में एक विशाल पैदल मार्च के साथ होने जा रहा है। इसमें गठबंधन के बड़े नेता शामिल हो रहे हैं। इस मार्च में शामिल होने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पटना पहुंच गए हैं। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी इस समापन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आवास से गांधी मैदान रवाना हो गए।
इस क्रम में उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा का असली चेहरा बिहार और देशभर में उजागर हो चुका है। जिस प्रकार से इन लोगों ने वोट की चोरी कराई है, उसे लोग जान गए हैं। इस बार बिहार की जनता खूंटा ठोंककर इन्हें बिहार से भगाने का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार से पूरे देश में यह संदेश जाएगा। लोकतंत्र और संविधान को जो समाप्त करना चाहते हैं, उन्हें देशभर में करारा जवाब मिलेगा। उन्होंने 'वोटर अधिकार यात्रा' को पूरी तरह सफल बताते हुए कहा कि जिस भी जिले में यह यात्रा गई, वहां जनसैलाब देखने को मिला। लोगों का पूरा समर्थन मिला, बिहार के लोगों का आशीर्वाद मिला। उन्होंने इस समर्थन के लिए लोगों का आभार जताया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकाली गई 'वोटर अधिकार यात्रा' ने करीब 1,300 किलोमीटर का सफर तय किया। इस दौरान 25 जिलों और 110 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया गया। इस यात्रा के दौरान विपक्ष के नेता भी शामिल होते रहे।
इस यात्रा का समापन पटना में होना है, जिसमें शामिल होने के लिए इंडिया गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता पटना पहुंच गए हैं। उल्लेखनीय है कि 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई यह यात्रा एसआईआर के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने के कथित प्रयासों के खिलाफ थी। दूसरी तरफ, भाजपा इस यात्रा को 'घुसपैठिया बचाओ यात्रा' बता रही है।
संस्कृति को शर्मसार करने का काम कर रही कांग्रेस : किरण सिंहदेव
रायपुर। मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कहे गए अपशब्द मामले को लेकर देश की सियासत गरमाई हुई है. भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन के नेता कांग्रेस पर हमलावर है. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी बिलो द बेल्ट है. उन्हें समझना चाहिए कि राजनीति की एक मर्यादा है.
छत्तीसगढ़ भाजपा किरण सिंह देव ने शुक्रवार को एकात्म परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया. इसकी जितनी निंदा की जाए उतना कम है. भारतीय राजनीति में विरोधी दल के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. 15 साल से सत्ता में नहीं आने के कारण कांग्रेस ही ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर सकती है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि बिलो द बेल्ट जाकर पहले भी जातिगत टिप्पणी की गई, पीएम मोदी के लिए तू तड़ाक शब्द का इस्तेमाल भी किया गया. राहुल गांधी को समझना चाहिए कि राजनीति की एक मर्यादा है. संस्कृति को शर्मशार करने का काम कांग्रेस कर रही है, इसका जवाब जनता देगी. समय समय कांग्रेस बिलो द बेल्ट जाकर आने वाले पीढ़ी को क्या संदेश दे रही है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि प्रधानमंत्री को वोट चोर भी कहा गया. कांग्रेस ने ये परंपरा बना रखी है. बिना साक्ष्य के गलत नरेटिव सेट किया जा रहा है. चुनाव जीतने के लिए कुछ भी झूठ बोल रहे हैं.
ओबीसी समाज से आते हैं नरेंद्र मोदी, इसलिए अपमान करती है कांग्रेस : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। सीएम विष्णुदेव साय ने कहा, कांग्रेस हमेशा से समाज के पिछड़े और आदिवासियों का अपमान करती रही है। नरेंद्र मोदी को भी बार-बार इसलिए ही गालियाँ देते रहते हैं ये क्योंकि वे ओबीसी समाज से आते हैं।
दिन-रात बिना थके, बिना रुके कार्य करने वाले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कांग्रेस/राजद के राजनीतिक मंच से नरेंद्र मोदी को गाली देने की जितनी भर्त्सना की जाय वह कम है। बिहार की जनता निश्चित ही कांग्रेस-राजद को इस हरकत पर मुंहतोड़ जवाब देगी।
देर रात जेपी नड्डा जारी ने जारी किया था वीडियो
कांग्रेस की तथाकथित वोट अधिकार यात्रा में जिस तरह से कांग्रेस-आरजेडी के मंच से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत माता को गाली दी गई, वह घोर निंदनीय और भर्त्सनीय है। यह अभद्रता की सारी सीमा लांघ चुके दो शहजादों का बिहार की धरती पर बिहार की संस्कृति का तिरस्कार भी है। राहुल गांधीऔर तेजस्वी यादव को अविलंब इस कुकृत्य के लिए अविलंब माफी मांगनी चाहिए।
अमरजीत भगत ने किया मंत्रिमंडल विस्तार पर कटाक्ष, कहा- कांग्रेस देगी “ग़म मिटाओ पार्टी”, भाजपा नेताओं को मिलेगा आमंत्रण
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक अमरजीत भगत ने वरिष्ठ नेताओं को नज़रअंदाज किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दिग्गज विधायकों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि ऐसे नेताओं के लिए “ग़म मिटाओ पार्टी” आयोजित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्मदिन पर सभी को आमंत्रित करने की घोषणा भी की।
अमरजीत भगत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। विधायक कॉलोनी स्थित निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में कई वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर दिया गया, जिससे स्वाभाविक रूप से उनके बीच नाराजगी है।
अमरजीत भगत ने कहा, “जहां चार यार मिलते हैं, वहां चर्चा तो होती ही है। हमारे कई पुराने मित्रों को अवसर नहीं दिया गया है, जिससे वे दुखी हैं। हम सब उनके साथ खड़े हैं और उनकी नाराजगी को समझते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे सभी दिग्गज नेताओं के लिए कांग्रेस एक “ग़म मिटाओ पार्टी” आयोजित करेगी।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अजय चंद्राकर जैसे नेताओं की उपेक्षा करना सही नहीं है। “जो सीनियर है, वह चुप कैसे रह सकता है? अजय चंद्राकर के साथ गलत हुआ है। हमारी सहानुभूति उनके साथ है। अगर वे आगे बढ़ते हैं, तो हम सब भी उनके साथ हैं।”
भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सुनामी आई हुई है। कई वरिष्ठ नेताओं को महत्व नहीं दिया गया है और यह आने वाले समय में भाजपा के लिए नुकसानदायक साबित होगा। उन्होंने सरगुजा और बस्तर क्षेत्र के संतुलन पर भी सवाल उठाए और कहा कि जो भी इन दोनों क्षेत्रों की उपेक्षा करेगा, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्मदिन पर सभी को आमंत्रित करने की घोषणा की और कहा कि उस अवसर पर चर्चा कर सभी लोग अपना ग़म बांटेंगे।
बिहार चुनाव को लेकर भी अमरजीत भगत ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इस बार बिहार में कांग्रेस की सरकार बनेगी क्योंकि राज्य में परिवर्तन का माहौल है। भगत ने आरोप लगाया कि बिहार में 65 लाख लोगों का नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है और वहां के लोगों के साथ गंभीर भेदभाव हुआ है। उन्होंने कहा “इस भेदभाव का परिणाम सत्तारूढ़ दल को भुगतना पड़ेगा।”
अमरजीत भगत के इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। जहां भाजपा के भीतर असंतोष की चर्चा तेज है, वहीं कांग्रेस अब इसे अपने लिए सियासी अवसर मान रही है।
दीपक बैज के बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने किया पलटवार, कहा-
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद प्रदेश में सियासी पारा हाई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने साय सरकार पर बस्तर की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने दीपक बैज को अपने संगठन की चिंता करने की बात कही है.
दीपक बैज ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर बस्तर के नेताओं को ही जिम्मेदारी दी गई. दो-दो मंत्री बस्तर से हुआ करते थे, लेकिन भाजपा में अब वरिष्ठ नेताओं की राजनीतिक हत्या करने का प्रयास सरकार कर रही है.
पीसीसी चीफ दीपक बैज के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा, दीपक बैज अनुचित टिप्पणी कर रहे हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को अपने संगठन पर ध्यान देना चाहिए. किरण देव ने कहा, मुख्यमंत्री का विशेष अधिकार है कि वह किसे मंत्री बनाना चाहते हैं. पहले से ही केदार कश्यप बस्तर से मंत्री हैं. इसके अलावा कोंडागांव विधायक लता उसेंडी बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और मैं स्वयं प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका में हूं.
मंत्रिमंडल विस्तार पर गरमाई सियासत: कांग्रेस का तंज, कहा-सीनियर विधायकों की घोर उपेक्षा, दिखेगी नाराजगी व गुटबाजी, भाजपा ने किया पलटवार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने जहां इस विस्तार को भाजपा के भीतर अंतर्कलह की शुरुआत बताया, वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर ही निशाना साधा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किए गए मंत्रीमंडल विस्तार के बाद भाजपा में असंतोष बढ़ना तय है। उन्होंने कहा कि तीन नए मंत्रियों को शपथ तो दिला दी गई, लेकिन ये मुख्यमंत्री की पसंद के मंत्री नहीं हैं। इनमें से एक तो विधानसभा चुनाव के समय हुई राजनीतिक सौदेबाजी का नतीजा हैं।
“परंपरा तोड़कर किया गया विस्तार”
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि अब तक छत्तीसगढ़ में 13 मंत्रियों की परंपरा रही है, लेकिन इस बार 14वां मंत्री बनाकर परंपरा को तोड़ा गया। उन्होंने कहा कि अभी भी आधा दर्जन से अधिक विधायक मंत्री पद की दौड़ में पीछे छूट गए। वरिष्ठता, अनुभव और सक्रियता जैसे मापदंडों की अनदेखी कर नए चेहरों को शामिल किया गया। बैज ने कहा कि इससे साफ है कि भाजपा अपने ही वरिष्ठ विधायकों की घोर उपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने सालों तक भाजपा को खड़ा करने में योगदान दिया, उन्हें किनारे कर दिया गया है। इससे पार्टी के भीतर नाराजगी और गुटबाजी बढ़ेगी।
कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने इस विस्तार को भाजपा की “राजनीतिक मजबूरी” करार दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव के समय जो वादे किए गए थे, उसी सौदेबाजी के तहत आज मंत्रिमंडल विस्तार किया गया। कांग्रेस का तंज है कि भाजपा अपने ही नेताओं को संतुलित नहीं कर पा रही, ऐसे में जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना मुश्किल होगा।
बीजेपी का पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने भी कड़ा पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया उसकी हार की कुंठा है। उन्होंने कहा— “कांग्रेस का जिस तरह से पांच साल में सपना टूटा, शायद वही गूंज अब भी उनके कानों में सुनाई दे रही है।” केदार कश्यप ने कहा कि भाजपा का मंत्रिमंडल पूरी तरह से संतुलित है और इसमें सभी वर्गों और क्षेत्रों का ध्यान रखा गया है। कांग्रेस सिर्फ भ्रम फैलाकर लोगों को गुमराह करना चाहती है।
राजनीतिक हलचल तेज
मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर जहां भाजपा इसे जनता के हित में संतुलित कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे अंतर्कलह का बीज मान रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भाजपा के भीतर असंतोष की आवाजें तेज हो सकती हैं।
फिलहाल, छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंत्रीमंडल विस्तार ने नया मोड़ ला दिया है। एक ओर नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण से सरकार को मजबूती मिलने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे भाजपा की कमजोरी साबित करने में जुटा है।
भाजपा के सीनियर विधायकों का वीडियो जारी कर कांग्रेस ने साधा निशाना, कहा-भाजपा को मिला नया मार्गदर्शक मंडल…बधाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चिर प्रतिक्षित मंत्रिमंडल विस्तार हो गया। दुर्ग संभाग से गजेंद्र यादव, रायपुर संभाग से गुरु खुशवंत साहब और सरगुजा संभाग से राजेश अग्रवाल ने मंत्री पद की शपथ ली है। कुछ देर में सभी को विभागों का भी बंटवारा कर दियाजायेगा। इधर विष्णुदेव साय कैबिनेट के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कांग्रेस ने वीडियो जारी किया है।
भाजपा के सीनियर विधायकों को मंत्री पद नहीं दिये जाने पर तंज कसते हुए कांग्रेस ने “ छन से टूटे कोई सपना” गाने के साथ एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। इस वीडियो में अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, राजेश मूणत, अजय चंद्राकर जैसे नेता नजर आ रहे हैं।
बाकी के सभी मंत्रियों में अधिकांश पहली बार या दूसरी बार चुनाव जीतकर मंत्री बने हैं। लिहाजा अब मंत्री पद से अजय चंद्राकर, धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, राजेश मूणत जैसे नेता को दूर रखने को लेकर कांग्रेस तंज कस रही है।