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नन की गिरफ्तारी पर सियासी तूफान: संसद में विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल गांधी ने साधा निशाना

नई दिल्ली।   छत्तीसगढ़ के दुर्ग में दो कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ सियासत गरमा गई है। मामला अब संसद तक पहुंच गया है, जहां विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्ष के सांसदों ने संसद के बाहर हाथों में तख्तियां लेकर विरोध जताया, तो वहीं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर तीखा हमला बोला।

राहुल गांधी का हमला

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा—

“छत्तीसगढ़ में दो कैथोलिक ननों को उनकी आस्था के कारण निशाना बनाकर जेल भेज दिया गया – यह न्याय नहीं, बल्कि भाजपा-आरएसएस का गुंडा राज है। यह एक खतरनाक पैटर्न को दर्शाता है: इस शासन में अल्पसंख्यकों का व्यवस्थित उत्पीड़न।”

उन्होंने आगे कहा—

“यूडीएफ सांसदों ने आज संसद में विरोध प्रदर्शन किया। हम चुप नहीं बैठेंगे। धार्मिक स्वतंत्रता एक संवैधानिक अधिकार है। हम उनकी तत्काल रिहाई और इस अन्याय के लिए जवाबदेही की मांग करते हैं।”

दीपक बैज का भी तीखा बयान

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपक बैज ने भी इस कार्रवाई को गलत करार दिया। उन्होंने कहा—

“सरकार धर्मांतरण के नाम पर केवल राजनीति कर रही है। यह पूरी तरह से एकतरफा और अनुचित कार्रवाई है।”
“सरकार को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और इस पूरे घटनाक्रम को सार्वजनिक करना चाहिए। इसे राजनीतिक एजेंडा बनाकर नहीं देखना चाहिए।”

क्या है मामला?

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हाल ही में दो कैथोलिक ननों को धर्मांतरण से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का दावा है कि शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जबकि विपक्ष इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बता रहा है।

राजनीतिक मोड़ लेता मामला

यह घटना अब राजनीतिक रंग ले चुकी है। एक ओर जहां भाजपा सरकार इसे कानून के तहत की गई कार्रवाई बता रही है, वहीं विपक्ष इसे अल्पसंख्यकों के दमन का प्रतीक बता रहा है। संसद में जारी प्रदर्शन और नेताओं के तीखे बयान से यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।