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फास्टैग से हो रही धोखाधड़ी से बचें: केवाईसी अपडेट के नाम पर हो रही ठगी

हाईवे पर टोल टैक्स चुकाने का सबसे सुविधाजनक तरीका बन चुके फास्टैग से आजकल धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी नकली एसएमएस, फर्जी कॉल और फिशिंग लिंक भेजकर लोगों के फास्टैग वॉलेट से पैसे निकाल रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने हाल ही में फास्टैग का वार्षिक पास भी शुरू किया है, लेकिन इसके साथ ही धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ गए हैं।

अगर आप भी फास्टैग का इस्तेमाल करते हैं, तो सावधान हो जाएं, क्योंकि केवाईसी अपडेट या फास्टैग बंद होने के नाम पर ठगी की जा रही है। ऐसे में, अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए ये 5 उपाय अपनाएं:

  1. अनाधिकारिक लिंक पर क्लिक न करें: अगर आपको कोई ऐसा मैसेज मिलता है जिसमें फास्टैग केवाईसी अपडेट के लिए लिंक दिया गया हो, तो उस पर क्लिक न करें। बैंक या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) कभी भी एसएमएस या ईमेल के जरिए केवाईसी अपडेट का लिंक नहीं भेजते। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करें।
  2. व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति या कॉल करने वाले को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे फास्टैग नंबर, बैंक खाता संख्या, ओटीपी (OTP), या यूपीआई पिन न बताएं। बैंक या NHAI कभी भी आपसे इस तरह की जानकारी नहीं मांगते।
  3. स्पेलिंग और डोमेन की जांच करें: अगर आपको कोई ईमेल या मैसेज मिलता है, तो उसमें स्पेलिंग की गलतियों और डोमेन नाम की जांच करें। फर्जी संदेशों में अक्सर स्पेलिंग की गलतियां होती हैं और वे दिखने में भी अनाधिकारिक लगते हैं।
  4. फर्जी QR कोड से सावधान रहें: धोखेबाज क्यूआर कोड (QR code) के जरिए भी पैसे मांगते हैं। अगर कोई आपको क्यूआर कोड भेजकर पैसे मांगता है तो उस पर भरोसा न करें। क्यूआर कोड का इस्तेमाल सिर्फ पैसे भेजने के लिए होता है, प्राप्त करने के लिए नहीं।
  5. शिकायत दर्ज करें: अगर आपको किसी भी तरह की धोखाधड़ी का शक होता है, तो तुरंत अपने बैंक या संबंधित टोल प्लाजा के अधिकारियों से संपर्क करें। आप साइबर अपराध पुलिस में भी इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इन सावधानियों को अपनाकर आप फास्टैग से जुड़ी धोखाधड़ी से बच सकते हैं और अपने पैसे को सुरक्षित रख सकते हैं।