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शस्त्र पूजा के साथ ही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दे दी खुली चेतावनी, कहा-

भुज। विजयादशमी के दिन भुज मिलिट्री बेस पर शस्त्र पूजा कर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी। ऑपरेशन सिंदूर में भारत के एल-70 एयर डिफेंस गन का जोरदार तरीके से इस्तेमाल किया गया था। आज राजनाथ ने इस हथियार का भी तिलक किया। गुजरात के कच्छ इलाके में खड़े होकर रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने सर क्रीक इलाके में किसी तरह की हिमाकत की तो ऐसा जवाब दिया जाएगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएगा।

रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सशस्त्र सेनाओं ने दिखा दिया कि भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वाली ताकतें जहां कहीं भी छिपी हों, हम उन्हें ढूंढकर उनका खात्मा करने की शक्ति रखते हैं। आज का भारत कहता है कि आतंकवाद हो या कोई दूसरी चुनौती। हम सबसे निपटने की पूरी क्षमता रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने लेह से लेकर सर क्रीक के इलाके तक भारत के डिफेंस सिस्टम को भेदने की नाकाम कोशिश की थी, जबकि भारत की सेना ने अपनी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त कर दिया।

और दुनिया को यह संदेश भी दे दिया कि भारत की सेना जब चाहें, जहां चाहें, जैसे भी चाहें पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि अपने सामर्थ्य के बावजूद हमने संयम का परिचय दिया क्योंकि हमारी सैन्य कार्रवाई आतंकवाद के विरोध में थी। जंग छेड़ना ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य कभी नहीं था। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद सर क्रीक इलाके में सीमा को लेकर एक विवाद खड़ा किया जाता है। भारत ने कई बार बातचीत के रास्ते इसका समाधान करने का प्रयास किया मगर पाकिस्तान की नीयत में खोट है। उसकी नीयत साफ नहीं है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह से हाल में पाकिस्तान की फौज ने सर क्रीक के इलाके में अपना मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया है, वह उसकी नीयत बताता है। भारत की सीमाओं की रक्षा सेना और बीएसएफ मिलकर रही है। अगर सर क्रीक के इलाके में पाकिस्तान की तरफ से कोई भी हिमाकत की गई, तो उसे ऐसा करारा जवाब मिलेगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएंगे। राजनाथ ने आगे 1965 की जंग का जिक्र किया, बोले कि 1965 की जंग में भारत की सेना ने लाहौर तक पहुंचने का सामर्थ्य दिखाया था। आज 2025 में पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि कराची का एक रास्ता सर क्रीक से भी होकर गुजरता है।