राजनीति

दतिया में टिकट विवाद पर सियासी संग्राम, नरोत्तम ने समर्थकों से संयम बरतने को कहा

भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में पूर्व गृहमंत्री का टिकट कटने के बाद उपजे विवाद और समर्थकों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए खुद नरोत्तम मिश्रा को सामने आकर शांति की अपील करनी पड़ी है। वहीं कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा और नरोत्तम मिश्रा पर चौतरफा हमला बोल दिया है। दतिया के तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए राजधानी भोपाल में बीजेपी प्रदेश कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

पार्टी का निर्णय सर्वोपरि

टिकट कटने के बाद मचे भारी बवाल और सोशल मीडिया पर आ रहे आत्मदाह के प्रयासों के वीडियो पर पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने डबरा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की भावुक अपील करते हुए कहा- यह पार्टी का फैसला है, मैं विस्तार से कह रहा हूं कि यह पार्टी का निर्णय है और हमें इसका सम्मान करना है। सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं द्वारा पेट्रोल या मिट्टी का तेल डालने के जो विजुअल फुटेज आ रहे हैं, वे विचलित करने वाले हैं।

कोई भी आत्मघाती कदम न उठाएं

कार्यकर्ताओं से निवेदन है कि ऐसा कोई भी आत्मघाती कदम न उठाएं। जैसा मैंने कल भी कहा था, न तो मार्ग अवरुद्ध करना है और न ही चक्काजाम। अपनी बात कहने का एक तरीका होता है। पार्टी के फोरम पर अपनी बात सही तरीके से कही जाती है, इस तरह सड़कों पर उग्र होकर व्यक्त नहीं की जाती। इस बयान के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा अपनी पत्नी के साथ डबरा से पंजाब मेल ट्रेन द्वारा भोपाल के लिए रवाना हो गए हैं।

विधायक खरीदने वाले को पार्टी ने दिखाई औकात

नरोत्तम मिश्रा के टिकट कटने और दतिया में हुई तोड़फोड़ पर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा-नरोत्तम मिश्रा सीनियर नेता हैं और कांग्रेस की चुनी हुई सरकार को गिराने तथा विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) में उनकी मुख्य भूमिका थी। आज उनकी ही पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। टिकट कटना और मिलना राजनीति का हिस्सा है, लेकिन इनके समर्थकों ने जिस तरह का बवाल मचाया, चक्काजाम किया। 

कांग्रेस दतिया उपचुनाव भारी बहुमत से जीतेगी

तोड़फोड़ की और पुलिस पर पथराव किया-यही बीजेपी का असली चरित्र है। ये लोग संविधान और कानून पर विश्वास नहीं रखते। दुकानें बंद कराई जा रही हैं, मारपीट हो रही है। नरोत्तम मिश्रा ने सीधे दिल्ली और प्रदेश नेतृत्व को चुनौती दी है। अपने इन्हीं कर्मों की वजह से वह पहले भी चुनाव हारे थे और अब कांग्रेस दतिया उपचुनाव और भी भारी बहुमत से जीतेगी।

डबरा में बैठकर भोपाल को चुनौती

कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा कि जब ऊपर से आलाकमान का डंडा चला, तब जाकर नरोत्तम मिश्रा डबरा में पहली बार सामने आए और बयानबाजी कर रहे हैं। वे केवल राजनीति कर रहे हैं। अपनी प्रवृत्ति के हिसाब से उन्होंने दतिया में गुंडागर्दी करवाई और वहां की आम जनता को परेशान किया। बीजेपी ने उनका टिकट इसलिए काटा क्योंकि दतिया में अब न तो उनके पास जनसमर्थन बचा है और न ही कोई बल। उनका असली चेहरा एक बार फिर जनता के सामने आ गया है। टिकट वितरण में बीजेपी की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सतह पर आ गई है। अब कांग्रेस दतिया में बेहद मजबूती से चुनाव जीतेगी।

निर्णय का स्वागत किया जाना चाहिए

बीजेपी वरिष्ठ नेता डॉ हितेश वाजपेई ने कहा- आशुतोष तिवारी मजबूत दावेदार रहे हैं। हम सब जानते हैं पार्टी का जो निर्णय गौरव देने वाला है,वह भी बहुत वरिष्ठ नेता है हमेशा टिकट एक ही को मिलता है। केंद्रीय चुनाव समिति केंद्रीय नेतृत्व होता है। तमाम पहलुओं के आधार पर निर्णय होता है। इस निर्णय का स्वागत किया जाना चाहिए। बहुत मजबूती से जीतेंगे। 

बीजेपी में नेताओं के कोख से नेता का जन्म नहीं होता

नरोत्तम मिश्रा वह नेता है जिन्होंने नेताओं को बनाया। कुछ समय बाद कदमताल दोनों साथ में करेंगे। यह कुछ समय की बात है जो सामने आ रहा है। बीजेपी लोकतांत्रिक दल है। गुण दोष के आधार पर देशकाल स्थिति के आधार पर निर्णय लिया जाता है। बीजेपी में नेताओं के कोख से नेता का जन्म नहीं होता। कांग्रेस इस बात को समझ नहीं पाएगी।