प्रदेश
काला कपड़ा पहनकर विरोध करने जा रहे अमित जोगी को रोका, अब प्रार्थना व उपवास के साथ पुलिसकर्मियों को मिठाई बांटकर कर रहे गांधीगिरी
रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी को आज छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने और मिनी माता के नाम की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने से रोक दिया गया। सुबह जैसे ही श्री जोगी अपने निवास से निकलने लगे, रायपुर पुलिस के एक दल ने, जिसका नेतृत्व सिटी एसपी रमाकंत साहू और टीआई दीपक कुमार पासवान कर रहे थे, उन्हें रोक दिया और उनके निवास पर ही नजरबंद कर दिया।
श्री जोगी द्वारा यह पूछे जाने पर कि उन्हें घर में क्यों रोका जा रहा है, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे “सरकार के निर्देशों का पालन कर रहे हैं और किसी भी व्यक्ति को काले कपड़े पहनने की अनुमति नहीं है।” यह घटना उस अंतिम्ता की अवधि समाप्त होने के बाद हुई जो विधानसभा अध्यक्ष, राज्य सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय को नए विधानसभा भवन के लिए ‘मिनी माता भवन’ नाम सुनिश्चित करने के लिए दी गई थी।
श्री जोगी ने बताया, “चूंकि हम किसी भी अप्रिय घटना से बचना चाहते थे, इसलिए हमने आज घर पर प्रार्थना और उपवास करने का निर्णय लिया है। हम ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि वह सत्ता में बैठे लोगों को विपरीत आवाजों को गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें सुनने का साहस दें।”
छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूरे होने के उत्सव की भावना को ध्यान में रखते हुए, अमित जोगी ने व्यक्तिगत रूप से उन्हें रोकने के लिए भेजे गए लगभग 30 पुलिसकर्मियों को मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया। यह कदम सरकार के कार्यों और विपक्ष की प्रतिक्रिया के बीच के अंतर को रेखांकित करता है।
“यह कोई राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि एक नैतिक विरोध है। यह छत्तीसगढ़ की आत्मा के लिए एक संघर्ष है,” श्री जोगी ने कहा। “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोकतंत्र में काले कपड़े पहनना भी अपराध बन गया है। हमारा विरोध पूरी तरह से शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक था।”
बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान द्वारा प्रदत्त शांतिपूर्वक एकत्र होने और विरोध करने के मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए श्री जोगी ने जोर देकर कहा कि “यह अधिकार पवित्र है। हम सत्ता में बैठे लोगों से आह्वान करते हैं कि वे जनता की आवाज सुनें, उन्हें कुचलें नहीं।”
यह घटना राज्य में लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है और सरकार द्वारा असहमति के दमन की प्रवृत्ति को उजागर करती है। गिरफ्तारी की इस कार्रवाई ने आंदोलन की भावना को दबाया नहीं है, बल्कि लोगों में अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की रक्षा करने का संकल्प और मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सर्वांगीण विकास की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक संस्कृति के अनुरूप पूजा-अर्चना कर राज्य की धरोहर, संस्कृति, मातृशक्ति और स्वाभिमान की प्रतीक छत्तीसगढ़ महतारी को नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी हमारी अस्मिता, आस्था और गर्व का प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भूमि मातृशक्ति की आराधना वाली भूमि है और छत्तीसगढ़ महतारी के आशीर्वाद से ही प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार आम जनता के जीवनस्तर में सुधार, महिला सशक्तिकरण, कृषि विकास, युवाओं को रोजगार, आदिवासी समाज की उन्नति और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रजत जयंती वर्ष प्रदेश के लिए नई ऊर्जा और संकल्प का प्रतीक है। आज का दिन विशेष रूप से गौरव का क्षण है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज छत्तीसगढ़ आगमन है और राज्य स्थापना दिवस पर अनेक ऐतिहासिक कार्यक्रम होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी के आशीर्वाद से आने वाले समय में प्रदेश निश्चित ही देश के अग्रणी और समृद्ध राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित गणमान्य नागरिक और प्रबुद्धजन उपस्थित थे।
अमित जोगी ने कांग्रेस हाईकमान को लिखा पत्र, मिनीमाता के नाम को बचाने और पीएम के कार्यक्रम का बहिष्कार करने की मांग की
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन के नामकरण को लेकर राजनीति गरमाने लगी है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी ने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि नए विधानसभा भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में ‘मिनीमाता’ के नाम को हटाए जाने के विरोध में पार्टी को औपचारिक रूप से बहिष्कार का आह्वान करना चाहिए।
जोगी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, एआईसीसी प्रभारी सचिन पायलट और पूर्व सीएम भूपेश बघेल को भेजे पत्र में कहा है कि यह मुद्दा सिर्फ एक भवन के नाम का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता, दलित सम्मान और कांग्रेस की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने अपने पत्र में इस बात पर प्रकाश डाला कि 2 दिसंबर 2002 को स्व. अजीत जोगी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने ही विधानसभा भवन का नाम मिनीमाता के नाम पर रखने का ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया था। बाद में 11 अगस्त 2020 को भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने ही ‘मिनीमाता भवन’ की आधारशिला राहुल गांधी की उपस्थिति में रखी थी। 24 मार्च 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी अपने संबोधन में इस भवन को ‘मिनीमाता भवन’ के नाम से ही संबोधित किया था।
अमित जोगी ने कहा, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह द्वारा जारी निमंत्रण में ‘मिनीमाता’ नाम का जानबूझकर हटाया जाना एक सुनियोजित षड्यंत्र है, जो दलित नेतृत्व और नारी सशक्तिकरण के प्रतीकों को मिटाने की मानसिकता को दर्शाता है। ऐसे में किसी भी कांग्रेस नेता द्वारा इस कार्यक्रम में शामिल होना न केवल पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता की भावनाओं का सीधा अपमान होगा।
जोगी ने कांग्रेस हाईकमान से की ये मांगें
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मुख्य प्रवक्ता भगवानू नायक ने बताया कि अमित जोगी ने कांग्रेस हाईकमान से तीन सूत्रीय मांग करते हुए कहा है कि इस ऐतिहासिक अन्याय का कड़ा विरोध करें। सभी कांग्रेस विधायकों और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम के बहिष्कार का स्पष्ट निर्देश दें। मिनीमाता के नाम की संवैधानिक मान्यता सुनिश्चित करवाने के लिए हर संभव प्रयास करें। उन्होंने यह भी कहा कि यह कांग्रेस पार्टी के लिए एक नैतिक परीक्षा का क्षण है। जोगी ने उम्मीद जताई है कि पार्टी का नेतृत्व छत्तीसगढ़ की जनता के पक्ष में खड़ा होगा।


मुख्यमंत्री साय से अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधियों ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मंत्रालय महानदी भवन स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने सक्ती जिले के ग्राम नंदेली में 29 दिसंबर को आयोजित होने वाले रामनामी मेला एवं संत समागम में मुख्यमंत्री श्री साय को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए महासभा के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर अखिल भारतीय रामनामी महासभा की अध्यक्ष सेत बाई रामनामी, महासचिव गुला राम रामनामी सहित रामनामी संप्रदाय से जुड़े अनेक सदस्य उपस्थित थे।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने किया ‘मुंगेली व्यापार मेला-2025’ के ब्राउशर का विमोचन
मुंगेली। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज “मुंगेली व्यापार मेला-2025” के ब्राउशर का विमोचन किया। “मुंगेली के त्यौहार” के नाम से प्रसिद्ध यह भव्य आयोजन 25 से 30 नवंबर तक छह दिवसीय उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। स्टार्स ऑफ टुमारो वेलफेयर सोसायटी मुंगेली के प्रतिनिधि मंडल ने उप मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट कर उप मुख्यमंत्री को आमंत्रण पत्र सौंपा और मेले के उद्घाटन समारोह में शामिल होने का निवेदन किया। इस पर उपमुख्यमंत्री ने उद्घाटन में उपस्थित होने का आश्वासन देते हुए आयोजन समिति को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
विमोचन के इस अवसर पर आयोजन समिति के संयोजक रामपाल सिंह, सह-संयोजक रामशरण यादव, अध्यक्ष महावीर सिंह, सचिव विनोद यादव, कोषाध्यक्ष धनराज परिहार, गौरव जैन उपस्थित रहे। बता दें कि पिछले नौ वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा “मुंगेली व्यापार मेला” अब दशवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह मेला जिले के औद्योगिक, व्यापारिक और सामाजिक विकास को नई दिशा प्रदान करने वाला प्रमुख आयोजन बन चुका है।
इस वर्ष भी मेले में देशभर के प्रमुख उत्पादों, हस्तशिल्प, टेराकोटा, खादी ग्रामोद्योग, बस्तर आर्ट, महिला गृह उद्योग, हर्बल प्रोडक्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ऑटोमोबाइल एवं लघु-कुटीर उद्योगों के साथ शासन की विभिन्न योजनाओं के स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही हर शाम परिवारों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, मनोरंजन से भरपूर झूला घर और स्थानीय कला-संस्कृति का रंगारंग प्रदर्शन मेले के विशेष आकर्षण रहेंगे।
राज्योत्सव के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान : नियमों का पालन नहीं करना पड़ सकता है भारी, देखें रूट चार्ट…
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नवंबर को नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव, नए विधानसभा भवन का लोकार्पण समेत विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान नागरिकों और व्हीआईपी अतिथियों के सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए यातायात पुलिस रायपुर ने विशेष यातायात व्यवस्था की है। वाहनों की पार्किंग के लिए मार्ग व पार्किंग स्थल निर्धारित किया गया है। राज्योत्सव स्थल पहुंचने वालों की सुविधानुसार पहुंच मार्गों को 06 रूट में विभाजित किया गया है। प्रत्येक रूट में पार्किंग स्थल निर्धारित किया गया है।

राज्योत्सव स्थल पहुंचने ये हैं 6 निर्धारित रूट
रूट-01 –रायपुर शहर, धरसींवा, तिल्दा, खरोरा, बलौदाबाजार, बिलासपुर, बेमेतरा, मुंगेली से आने वाले नागरिकों के वाहनों के लिए राज्योत्सव पहुंच मार्ग:- रिंग रोड 03 टर्निंग -राजू ढाबा के सामने -सेरीखेड़ी ब्रिज -एयरपोर्ट टर्निंग -स्टेडियम टर्निंग-रेलवे स्टेशन रोड -कयाबांधा अंडरब्रिज के पास -सीबीडी स्टेशन रोड -रैक बैंक मोड़ -सेक्टर 22 टर्निंग -सेक्टर 22 पार्किंग स्थल पी-15 में अपना वाहन पार्क कर राज्योत्सव स्थल पैदल जा सकेंगे।
रूट 02- आरंग, खरोरा, महासमुंद, बलौदाबाजार की ओर से आने वाले वाहनों के लिए राज्योत्सव पहुंच मार्ग:- आरंग -लखौली-नवागांव रेल्वे क्रासिंग-क्रिकेट स्टेडियम -सेंध तालाब-सत्यसांई अस्पताल के सामने चौक -मंदिर हसौद मार्ग तिराहा-स्टेडियम टर्निंग -चंदूलाल चंद्राकर चौक-सेक्टर 22 टर्निंग -सेक्टर 22 पार्किंग स्थल पी-15 में अपना वाहन पार्क कर राज्योत्सव स्थल पैदल जा सकेंगे।
रूट 03- अभनपुर, धमतरी, बालोद, दुर्ग की ओर से आने वाले वाहनो के लिए राज्योत्सव पहुंच मार्ग ( केवल बस से आने वालों के लिए):- मोनफोर्ड स्कूल से दांया मोड़ -हिदायतुल्ला लॉ यूनिवर्सिटी के सामने -ट्रिपल आईटी चौक-उपरवारा चौक -मुक्तांगन तिराहा होकर मुक्तांगन पार्किंग स्थल पी-12, मुक्तांगन रेलवे स्टेशन पार्किंग स्थल पी-13 एवं गोल्फ मैदान पार्किंग स्थल पी-14 में अपना वाहन पार्क कर राज्योत्सव स्थल पैदल जा सकेंगे।
रूट 04-अभनपुर, धमतरी, बालोद, दुर्ग की ओर से आने वाले वाहनो के लिए राज्योत्सव पहुंच मार्ग ( कार/ चारपहिया वाहन से आने वालों के लिए):- अभनपुऱ -ग्राम बकतरा-ग्राम केन्द्री-बेन्द्री मोड़-मिंटू पब्लिक स्कूल-निमोरा प्रशासनिक अकादमी के सामने से ग्राम निमोरा के पास पार्किंग स्थल पी-11 में अपना वाहन पार्क कर राज्योत्सव स्थल पैदल जा सकेंगे।
रूट 05-रायपुर शहर, धरसींवा, दुर्ग, बालोद, खैरागढ़, राजनांदगांव की ओर आने वाले वाहनों के लिए राज्योत्सव स्थल तक पहुंच मार्गः- पचपेड़ी नाका-बोरियाकला-माना बस्ती-तूता होकर तूता मैदान पार्किंग स्थल पी-08, तूता इंडियन तड़का ढाबा के पास पार्किंग स्थल पी-09 एवं निमोरा बस्ती मार्ग दालमिल के पीछे पार्किंग स्थल पी-10 में अपना वाहन पार्क कर राज्योत्सव स्थल पैदल जा सकेंगे।
रूट 06-गोबरा नवापारा, राजिम, गरियाबंद की ओर से आने वाले वाहनों के लिए राज्योत्सव पहुंच मार्ग (बस एवं कार दोनों के लिए):- राजिम-गोबरा नवापारा-नवागांव-खण्डवा-जंगल सफारी-ट्रिपल आईटी (भामाशाह चौक)- मुक्तांगन तिराहा होकर पार्किंग स्थल पी-12, मुक्तांगन रेलवे स्टेशन पार्किंग स्थल पी-13 एवं गोल्फ मैदान पार्किंग स्थल पी-14 में अपना वाहन पार्क कर कर राज्योत्सव स्थल पैदल जा सकेंगे।

दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग स्थल
दोपहिया वाहनों की पार्किंंग राज्योत्सव स्थल के सामने धरना स्थल के दोनों तरफ स्थित पार्किंग स्थल पी-05, पी-06 एवं पी-07 में होगी।
इन मार्गों पर आवाजाही प्रतिबंधित
एक नवंबर को नवा रायपुर क्षेत्र के समस्त मार्गों में मध्यम एवं भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश एवं आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। नवा रायपुर क्षेत्र में भवन निर्माण एवं अन्य कार्य में लगे सभी मालवाहक वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। व्हीव्हीआईपी रूट में कारकेड के आवागमन के समय सुरक्षा की दृष्टिकोण से 30 मिनट पूर्व सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया जाएगा।
राज्योत्सव स्थल पर नहीं ले जा सकेंगे ये वस्तुएं
नवा रायपुर राज्योत्सव स्थल एवं अन्य सभी कार्यक्रम आयोजन स्थल में प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा जांच से गुजरना होगा। नागरिक अपने साथ शराब, सूखा नशीला पदार्थ, लाईटर, माचिस, फटाका, आदि ज्वलनशील पदार्थ, अन्य विस्फोटक पदार्थ, लाठी-डंडे, चाकू,-तलवार एवं आग्नेय हथियार, वैनर-पोस्टर, ध्वनी विस्तारक यंत्र, लैपटॉप, इलेक्ट्रानिक गैजेट इत्यादि सामाग्री नहीं ले जा सकेंगे।
हवाई यात्रियों के लिए निर्धारित मार्ग
एक नवंबर को व्हीव्हीआईपी का माना विमानतल में न्यू टर्मिनल से आवागमन होगा इसलिए हवाई यात्रियों को न्यू टर्मिनल पर आवागमन में असुविधा हो सकती है। समय व सुरक्षा का ध्यान रखते हुए पुराने टर्मिनल से आवागमन कर सकते हैं, पुराना टर्मिनल का मार्ग खुला रहेगा।
निर्धारित स्थल पर ही वाहनों की पार्किंग करने की अपील
एक नवंबर को व्हीव्हीआईपी कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले एवं राज्योत्सव मेला जाने वाले नागरिकों से अपील है कि निर्धारित मार्ग से आवागमन करें। नियत पार्किंग स्थलों पर ही वाहनाें की पार्किंग कर पैदल राज्योत्सव स्थल प्रवेश करें। सभी पार्किंग स्थल राज्योत्सव स्थल के नजदीक में ही पैदल चलने योग्य दूरी पर बनाए गए हैं। निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहनों की पार्किंग करें अन्यत्र कहीं पर भी पार्किंग करने पर वाहनों को हटाये जाने से आपको असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। व्हीव्हीआईपी प्रवास पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से कड़ी सुरक्षा जांच से नागरिकों को गुजरना पड़ेगा। अतः अवांछित वस्तुएं लेकर न जाएं। यातायात नियमों का पालन कर वाहन चलाएं, व्हीव्हीआईपी प्रवास के दौरान सुरक्षित व व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाने में यातायात पुलिस का सहयोग करें।
CGDF प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल से की मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन (CGDF) के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल से भेंट कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक हित से जुड़ी दो प्रमुख मांगें रखी गईं, जिस पर मंत्री ने त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया।
राज्य स्थापना दिवस पर भी खुले रहेगा प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल मेकाहारा, आदेश जारी
रायपुर। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जहां एक ओर प्रदेशभर के सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थाओं में अवकाश घोषित किया गया है, वहीं राजधानी रायपुर स्थित राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ.भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में छुट्टी नहीं रहेगी। मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल 1 नवंबर को भी पूर्व की भांति संचालित रहेगा।
इस संबंध में संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डॉ. भीमराव अंबेडकर ने निर्देश जारी किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सामान्य दिनों की तरह खुला रहेगा।

लालगंज, बिहार की ऐतिहासिक जनसभा में बृजमोहन अग्रवाल और योगी आदित्यनाथ ने भरी हुंकार, भाजपा को जिताने की अपील
रायपुर। बिहार चुनाव प्रचार में लगे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को लालगंज स्थित कॉमर्स कॉलेज मैदान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ आयोजित भव्य जनसभा में भाग लेकर जनता का अभिवादन किया।



सभा में उपस्थित विशाल जनसमूह के उत्साह और ऊर्जा ने बिहार में भारतीय जनता पार्टी के प्रति अपार समर्थन व विश्वास को और अधिक सशक्त किया।
इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित, सशक्त और समृद्ध बिहार के संकल्प को दोहराया तथा जनता से भाजपा प्रत्याशियों को विजयश्री दिलाने की अपील की. उन्होंने कहा कि युवा शक्ति और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि बिहार का जनमानस बिहार के उज्जवल भविष्य के लिए भाजपा के साथ दृढ़तापूर्वक खड़ा है।
इस अवसर पर राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा अपने वादों को पूरा करने के लिए मांगे गए 20 महीनों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा, “तेजस्वी यादव को अगर 20 महीने नहीं बल्कि 20 साल भी दे दिए जाएं, तब भी वे कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे। उनकी पार्टी (राजद) के 15 साल के शासन में बिहार को ‘जंगलराज’ में बदल दिया गया था। यदि वह शासन फिर लौटता है तो राज्य दोबारा भ्रष्टाचार, अराजकता और असुरक्षा के दौर में चला जाएगा।
उन्होंने कहा कि “जो लोग पशुचारा तक खा गए थे, वे बाकी चीजों का क्या हाल करेंगे, यह जनता भली-भांति जानती है। इसलिए बिहार की जनता अब कभी जंगलराज की वापसी नहीं होने देगी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार पुनः बनेगी। सभा में शामिल अपार जनसमूह ने भाजपा के विजय संकल्प के प्रति अपना उत्साह और समर्थन प्रकट किया।
कांग्रेस का बड़ा आरोप, विधायक मंडावी ने कहा – विस्थापित परिवारों की 127 एकड़ पैतृक भूमि पर उद्योगपति महेंद्र गोयनका ने किया कब्जा
बीजापुर। सलवा जुडुम के दौरान विस्थापितों की पैतृक जमीनें अब उद्योगपतियों की लालच का शिकार बन रहे हैं। बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने जिला मुख्यालय बीजापुर में आयोजित प्रेसवार्ता में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भैरमगढ़ राहत शिविरों में रह रहे पांच ग्रामीणों की कुल 127 एकड़ पैतृक भूमि को रायपुर के उद्योगपति महेन्द्र गोयनका ने भूस्वामियों को बहला-फुसलाकर खरीद लिया, जबकि भूस्वामियों को इसकी कोई जानकारी तक नहीं थी। विधायक ने इसे सुनियोजित धोखाधड़ी करार देते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच करने और जमीनों की तत्काल वापसी की मांग डबल इंजन की सरकार से की है।
विधायक मंडावी ने प्रेसवार्ता में कहा कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार बने दो वर्ष होने को है, तब से लगातार हम इस बात को कहते रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार बनने के बाद भाजपा के संरक्षण में बस्तर के जल, जंगल और जमीनों को लूटने का काम हो रहा है। भाजपा के संरक्षण में उद्योगपतियों की नजर बस्तर के बहुमूल्य खनिज संसाधनों और बस्तर के जल, जंगल और जमीनों पर है। वर्तमान में इन सभी बातों को लेकर बस्तर की जनता और हम सब चिंतित हैं।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र से सटे बीजापुर जिले के ग्राम धर्मा, बैल, छोटेपल्ली और मरकापाल के निवासी सलवा जुडुम के दौरान अपने घर-गांव छोड़कर भैरमगढ़ राहत शिविरों में आकर रह रहे थे। इंद्रावती नदी के उस पार बसे इन गांवों की पैतृक जमीनें ही इनकी आजीविका का एकमात्र आधार थी, लेकिन शिविरों में रहते हुए इन ग्रामीणों को यह भी पता नहीं चला कि उनकी बेशकीमती उपजाऊ भूमि को चोरी-छिपे बेच दिया गया।
विक्रम मंडावी ने आगे कहा, जब भूस्वामियों को इसकी जानकारी मिली तो वे पूछताछ करने लगे तो पता चला कि रायपुर के उद्योगपति महेन्द्र गोयनका ने भूस्वामियों को बहला-फुसलाकर अपनी बातों में फंसाया और सारी जमीन खरीद ली। इनसे न कोई सहमति ली गई और ना ही किसी ने कोई जानकारी दी। इन्हें धोखे में रखकर ग्रामीणों की जमीनों की खरीदी बिक्री की गई।
इन ग्रामीणों के साथ की गई धोखाधड़ी
विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेसवार्ता में प्रभावित भूस्वामियों के नाम और उनकी जमीन का पूरा ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया, चेतन नाग पिता संपत नाग ग्राम- धर्मा कुल भूमि- 12 एकड़, घस्सू राम पिता लक्षिन्दर ग्राम- बैल कुल भूमि- 29 एकड़, पीला राम, पिता गेटू- ग्राम- बैल कुल भूमि- 18 एकड़, लेदरी सेठिया ग्राम- छोटेपली कुल भूमि- 40 एकड़ और बीरबल पिता बेदे ग्राम-मरकापाल, कुल भूमि-10 एकड़ इस तरह कुल 127 एकड़ भूमि को उद्योगपति ने बहला-फुसलाकार खरीद लिया है।
ग्रामीणों को न कानून की जानकारी, न दस्तावेजों की समझ
मंडावी ने आरोप लगाते हुए आगे कहा, ये सभी ग्रामीण अशिक्षित हैं। इन्हें न कानून की जानकारी है, न दस्तावेजों की समझ। कोई भी व्यक्ति अपनी जीवनभर की पूंजी को एक झटके में नहीं बेचता। पारिवारिक जरूरतों के लिए थोड़ी जमीन बेची जा सकती है, लेकिन पूरी पैतृक संपत्ति का सौदा असंभव है, यह स्पष्ट धोखाधड़ी है। उन्होंने कहा, इंद्रावती नदी पर पुल बनने से अबूझमाड़ क्षेत्र से लगे इन गांवों का जन-जीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। ये ग्रामीण अपने मूल गांवों में लौटना चाहते हैं, लेकिन जब वे लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन्हें पता चला कि उनकी जमीनें किसी और की हो चुकी हैं।
पुल बनने से रास्ता खुला, लेकिन घर लौटने का सपना टूटा
विक्रम मंडावी ने कहा, पुल बनने से रास्ता खुला, लेकिन घर लौटने का सपना टूट गया। यह सिर्फ जमीन का सौदा नहीं, जिले के मूल निवासियों के अस्मिता पर हमला है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजापुर जिले में ऐसे कई और मामले सामने आ सकते हैं। यह सिर्फ पांच परिवारों की बात नहीं पूरे क्षेत्र में चोरी-छिपे जमीनों की खरीद-फरोख्त हो रही है। मंडावी ने आगे कहा, कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर जनआंदोलन करेगी। साथ ही उन्होंने इन मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग सरकार से की है।
सरकार के सामने रखी ये मांगें
प्रेसवार्ता के माध्यम से उन्होंने सरकार के समक्ष चार मांगे रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से जमीनों की खरीद और बिक्री की उच्च स्तरीय जांच के लिए समिति का गठन करने, प्रभावित परिवारों को जमीनों की तत्काल वापसी करने, धोखाधड़ी में शामिल लोगों पर कार्रवाई करने और आदिवासी क्षेत्रों में भूमि हस्तांतरण पर सख्त निगरानी रखने की मांग प्रमुख रूप से शामिल हैं।
रावतपुरा मेडिकल कॉलेज रिश्वतकांड मामला : हाईकोर्ट से पांच आरोपियों को मिली जमानत
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च से जुड़े कथित रिश्वतखोरी प्रकरण में पांच आरोपियों को जमानत दी है। यह मामला एक कथित टेलीफोनिक बातचीत के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसमें इस बात के संकेत मिले थे कि अवैध लाभ (रिश्वत) के बदले निरीक्षण प्रक्रिया में हेराफेरी की गई थी।
आरोप है कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) द्वारा नियुक्त निरीक्षकों की गोपनीय जानकारी लीक की गई और बाद में उन्हें अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने के लिए रिश्वत दी गई। मामले की सुनवाई 29 अक्टूबर 2025 को हुई।
सुनवाई के दौरान सिद्धार्थ दवे, वरिष्ठ अधिवक्ता, सह हर्षवर्धन परगनिहा, अधिवक्ता द्वारा मयूर रावल, रजिस्ट्रार, गीतांजलि यूनिवर्सिटी, उदयपुर की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने यह तर्क दिया कि रावल के खिलाफ किसी प्रकार का प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध नहीं है और सीबीआई की जांच उनके संबंध में पूरी हो चुकी है, क्योंकि इस संबंध में चार्जशीट पहले ही विशेष न्यायालय (सीबीआई), रायपुर में पेश कर दी गई है।
यह भी न्यायालय के संज्ञान में लाया गया कि चार्जशीट लगभग 18,000 से अधिक पृष्ठों में है और 129 से अधिक गवाहों पर आधारित है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मुकदमे के शीघ्र समाप्त होने की संभावना नहीं है। आरोपी द्वारा पहले से बिताई गई न्यायिक हिरासत की अवधि को ध्यान में रखते हुए यह तर्क दिया गया कि उन्हें जमानत पर रिहा किया जाना उचित होगा।उच्च न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों के तर्कों पर विचार करते हुए, जमानत का लाभप्रदान किया गया। प्रकरण में अन्य अभियक्तों की ओर से मनोज परांजपे, वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा पैरवी की गई।
प्रधानमंत्री कल आयेंगे छत्तीसगढ़: सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य देखभाल और ऊर्जा जैसे प्रमुख सेक्टरों में 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10 बजे, 'दिल की बात' कार्यक्रम के तहत, नवा रायपुर अटल नगर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में 'जीवन का उपहार' समारोह में जन्मजात हृदय रोगों का सफलतापूर्वक उपचार करा चुके 2500 बच्चों से परस्पर बातचीत करेंगे।
प्रधानमंत्री इसके बाद लगभग 10:45 बजे ब्रह्माकुमारी के "शांति शिखर" का उद्घाटन करेंगे, जो आध्यात्मिक शिक्षा, शांति और ध्यान का एक आधुनिक केंद्र है।
प्रधानमंत्री इसके बाद लगभग 11:45 बजे, नवा रायपुर अटल नगर स्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद, वह छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन करेंगे। यह भवन ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा पर बनाया गया है, जिसे पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित और वर्षा जल संचयन प्रणाली से सुसज्जित करने की योजना है। इस अवसर पर वह उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 1:30 बजे शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे और उसका अवलोकन करेंगे। यह संग्रहालय राज्य के जनजातीय समुदायों के साहस, बलिदान और देशभक्ति की विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित करेगा। प्रधानमंत्री स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में संग्रहालय पोर्टल और ई-बुक "आदि शौर्य" का शुभारंभ करेंगे और स्मारक स्थल पर शहीद वीर नारायण सिंह की घुड़सवार प्रतिमा का अनावरण करेंगे।
प्रधानमंत्री इसके बाद, दोपहर लगभग 2:30 बजे छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे प्रमुख सेक्टरों से जुड़ी 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकासात्मक और रूपांतरकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए छत्तीसगढ़ के नौ जिलों में 12 नए स्टार्ट-अप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम (एसवीईपी) ब्लॉकों का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री 3.51 लाख पूर्ण हो चुके घरों के गृह प्रवेश में शामिल होंगे और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 3 लाख लाभार्थियों को 1200 करोड़ रुपये की किश्तें जारी करेंगे, जिससे राज्य भर के ग्रामीण परिवारों के लिए सम्मानजनक आवास और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
प्रधानमंत्री कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा तक चार लेन वाले ग्रीनफील्ड हाईवे की आधारशिला रखेंगे। इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा भारतमाला परियोजना के तहत लगभग 3,150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। यह रणनीतिक गलियारा कोरबा, रायगढ़, जशपुर, रांची और जमशेदपुर में प्रमुख कोयला खदानों, औद्योगिक क्षेत्रों और इस्पात संयंत्रों को जोड़ेगा। यह एक प्रमुख आर्थिक मार्ग के रूप में कार्य करेगा और क्षेत्रीय व्यापार संबंधों को सुदृढ़ करेगा तथा मध्य भारत को पूर्वी क्षेत्र के साथ समेकित करेगा।
प्रधानमंत्री इसके अतिरिक्त, बस्तर और नारायणपुर जिलों में कई खंडों में फैले राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी (नारायणपुर-कस्तूरमेटा-कुतुल-नीलांगुर-महाराष्ट्र सीमा) के निर्माण और उन्नयन की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-130सी (मदंगमुडा-देवभोग-ओडिशा सीमा) को पक्के शोल्डर वाले दो-लेन राजमार्ग में उन्नत करने का भी उद्घाटन करेंगे। इससे जनजातीय और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बाजारों तक पहुंच में सुधार होगा और दूरदराज के क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री विद्युत क्षेत्र में अंतर-क्षेत्रीय ईआर-डब्ल्यूआर इंटरकनेक्शन परियोजना का उद्घाटन करेंगे, जिससे पूर्वी और पश्चिमी ग्रिडों के बीच अंतर-क्षेत्रीय विद्युत अंतरण क्षमता में 1,600 मेगावाट की वृद्धि होगी, ग्रिड विश्वसनीयता में सुधार होगा और पूरे क्षेत्र में स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
प्रधानमंत्री इसके साथ ही 3,750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई ऊर्जा क्षेत्र परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की बिजली अवसंरचना को सुदृढ़ करना, आपूर्ति विश्वसनीयता में सुधार करना और ट्रांसमिशन क्षमता को बढ़ाना है।
प्रधानमंत्री पुनरोद्धार वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत लगभग 1,860 करोड़ रुपये के कार्यों को समर्पित करेंगे। इनमें नई बिजली लाइनों का निर्माण, फीडर का विभाजन, ट्रांसफार्मरों की स्थापना, कंडक्टरों का रूपांतरण और ग्रामीण एवं कृषि बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए निम्न-दाब नेटवर्क को सुदृढ़ करना शामिल है। प्रधानमंत्री रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बेमेतरा, गरियाबंद और बस्तर जैसे जिलों में लगभग 480 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नौ नए बिजली सबस्टेशनों का भी उद्घाटन करेंगे। इनसे स्थिर वोल्टेज सुनिश्चित होने, कटौती कम होने और सुदूरवर्ती तथा जनजातीय क्षेत्रों में भी विश्वसनीय बिजली उपलब्ध होने से 15 लाख से अधिक लोगों को लाभ होगा। इसके अतिरिक्त, राज्य में बिजली की पहुंच और गुणवत्ता को और बढ़ाने के लिए कई जिलों में नए आरडीएसएस कार्यों के साथ-साथ कांकेर और बलौदाबाजार-भाटापारा में प्रमुख सुविधाओं सहित 1,415 करोड़ रुपये से अधिक के नए सबस्टेशनों और ट्रांसमिशन परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी।
प्रधानमंत्री पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में रायपुर में एचपीसीएल के अत्याधुनिक पेट्रोलियम तेल डिपो का उद्घाटन करेंगे। यह डिपो 460 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित है और इसकी भंडारण क्षमता 54,000 किलोलीटर पेट्रोल, डीजल और इथेनॉल की है। यह सुविधा केंद्र एक प्रमुख ईंधन केंद्र के रूप में काम करेगा और छत्तीसगढ़ तथा पड़ोसी राज्यों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। 10,000 किलोलीटर इथेनॉल भंडारण क्षमता के साथ, यह डिपो इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का भी समर्थन करता है, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होती है और स्वच्छ ऊर्जा विकास को बढ़ावा मिलता है।
प्रधानमंत्री लगभग 1,950 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 489 किलोमीटर लंबी नागपुर-झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का भी लोकार्पण करेंगे। यह परियोजना भारत के ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने और "एक राष्ट्र, एक गैस ग्रिड" का लक्ष्य अर्जित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह पाइपलाइन छत्तीसगढ़ के 11 जिलों को राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जोड़ेगी, जिससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र को स्वच्छ एवं किफायती ईंधन उपलब्ध होगा।
प्रधानमंत्री औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए दो स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्रों—एक जांजगीर-चांपा जिले के सिलादेही-गतवा-बिर्रा में और दूसरा राजनांदगांव जिले के बिजलेटला - की आधारशिला रखेंगे। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में एक फार्मास्युटिकल पार्क की आधारशिला रखेंगे। यह पार्क औषधि और स्वास्थ्य सेवा विनिर्माण के लिए एक समर्पित क्षेत्र के रूप में कार्य करेगा।
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों — मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और गीदम (दंतेवाड़ा) में और बिलासपुर में सरकारी आयुर्वेद कॉलेज तथा अस्पताल — की आधारशिला रखेंगे। ये परियोजनाएं छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करेंगी, स्वास्थ्य सेवा की पहुंच बढ़ाएंगी और पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देंगी।
प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने दिया बयान, कहा-
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने बयान दिया है. मंत्री ने कहा कि यह हम सबके लिए सौभाग्य का विषय है. छत्तीसगढ़ शिक्षा, समानता को लेकर आंदोलित रहता था. हम पिछड़े होने पर जाने जाते थे. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का आभार है, जिन्होंने इस राज्य का निर्माण किया. उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण को पच्चीस वर्ष पूरे हो रहे है. रजत जयंती के खास मौके पर देश के सबसे ताकतवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन हो रहा है. इस दौरान वे प्रदेशवासियों को सौगात भी देंगे.
पीएम मोदी से कांग्रेस के सवाल पूछे जाने पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मोदी की गारंटी पर आमजनता नहीं सिर्फ कांग्रेसी प्रश्न उठा रहे है. लेकिन कांग्रेसियों पर जनता ने पहले ही प्रश्न खड़ा किया है. उन्हें हर चुनाव में उन्हें धूल चटाया है. आगे भी कांग्रेस की स्थिति ऐसे ही रहेगी.
छत्तीसगढ़ महतारी को लेकर प्रदेश में जारी राजनीति गतिविधि को लेकर केदार कश्यप ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को उखाड़ने वाला मानसिक रूप से विक्षिप्त है. मामला में सरकार ने तत्परता से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की. वहीं मूर्ति दोबारा स्थापित की गई. उन्होंने कहा कि कुछ लोग शांति व्यवस्था को भंग करने की कोशिश कर रहे है. आने वाले समय में ऐसे लोगों को जनता देखेगी.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 1 नवम्बर को करेंगे लोकार्पण: रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिलेगा अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के इतिहास में 1 नवम्बर का दिन एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्य की जनता को विधानसभा का नया भवन समर्पित करेंगे। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में अपना भव्य, आधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी भवन मिलने जा रहा है। यह भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है।
‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान को इस भवन की वास्तुकला में बखूबी पिरोया गया है। विधानसभा के सदन की सीलिंग पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है, जो प्रदेश की कृषि-प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। भवन के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं। इस तरह नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का एक जीवंत संगम बन गया है।
भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक भवन
नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और सुसज्जित भवन है, जिसके सदन को 200 सदस्यों तक के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। पेपरलेस विधानसभा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का समावेश भी किया गया है, जिससे यह भवन ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा।
324 करोड़ की लागत से बना 51 एकड़ में फैला परिसर
कुल 51 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण 324 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन को तीन मुख्य हिस्सों—विंग-ए, विंग-बी और विंग-सी—में विभाजित किया गया है। विंग-ए में विधानसभा का सचिवालय, विंग-बी में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, तथा विंग-सी में मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं।
हरित तकनीक से निर्मित पर्यावरण अनुकूल भवन
यह भवन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और हरित निर्माण तकनीक से बनाया गया है। परिसर में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ वर्षा जल संचयन हेतु दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भवन में पर्यावरण-संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया गया है।
500 सीटर ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल
विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। भवन की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का उत्कृष्ट मेल है।
तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक
छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प से सजे-संवरे इस नए विधानसभा भवन में राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और आत्मगौरव साकार होता दिखेगा। यह भवन न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था का, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, प्रगति और परंपरा का प्रतीक भी बनेगा।
मुख्यमंत्री साय से केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने जुएल ओराम का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह व शॉल भेंट किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम से छत्तीसगढ़ में जनजातियों के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने श्री ओराम को राज्य में आदिवासी समुदाय के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सहित समग्र विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने श्री ओराम को बताया कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति बहुत समृद्ध है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में सरकार द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री ओराम ने राज्य में आदिवासी उत्थान की दिशा में किये जा रहे कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण देव और पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।
राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का किया सम्मान
रायपुर। देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल अपनी कर्मठता और दृढ़ इच्छाशक्ति से लौहपुरुष बने। आज़ादी के बाद के कठिन हालातों में उन्होंने अपनी सूझबूझ और फौलादी इरादों से 562 रियासतों का भारत में विलय कर अखंड भारत का निर्माण किया। किसानों के संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान अमूल्य रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में यह बात कही। यह कार्यक्रम खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा विधायक राजेश मूणत उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर उनके महान योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि “सरदार पटेल ने अपनी विराट सोच और अटूट इच्छाशक्ति से टुकड़ों में बंटी रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया।” सरदार पटेल का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और समर्पण का प्रतीक है। उनकी 150वीं जयंती पर आज पूरे देश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात के केवड़िया में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य को भी आमंत्रित किया गया है, जहाँ राज्य का विशेष स्टॉल भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ केवल देश की एकता और अखंडता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह फिटनेस और सामूहिक ऊर्जा का भी संदेश देता है।


इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की आज़ादी और किसानों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध कठोर संघर्ष किया।” उनके योगदान को रेखांकित करने के लिए ही उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को साकार किया।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने घोषणा की कि राज्य के सभी संभागीय मुख्यालयों में सरदार पटेल की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संबंधित नगरीय निकायों को 50-50 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा बनाए गए रंगोली और चित्रों का अवलोकन किया तथा उपस्थित जनों को स्वदेशी अपनाने और भारत में निर्मित वस्तुओं के उपयोग की शपथ दिलाई।
राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रन फॉर यूनिटी के साथ ही महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए रंगोली, चित्रकला, भाषण एवं काव्य पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने रंगोली, चित्रकला, भाषण और काव्य पाठ प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया तथा रन फॉर यूनिटी के प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ‘बस्तर ओलंपिक’ के प्रचार रथ को भी हरी झंडी दिखाई। यह प्रचार रथ बस्तर संभाग के सभी जिलों में पहुंचकर बस्तर ओलंपिक का प्रचार-प्रसार करेगा।
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘सरदार@150 यूनिटी मार्च’ के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये कार्यक्रम आगामी डेढ़ महीनों तक निरंतर जारी रहेंगे।
इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनूजा सलाम, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन, विभागीय अधिकारी, खिलाड़ी तथा महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
सुप्रीम कोर्ट में पूर्व मंत्री कवासी लखमा और चैतन्य बघेल की याचिकाओं पर सुनवाई, EOW और ED को नोटिस जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दो चर्चित मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को अहम सुनवाई हुई। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की जमानत याचिका और कारोबारी चैतन्य बघेल की PMLA (Prevention of Money Laundering Act) से जुड़ी याचिकाओं पर देश की सर्वोच्च अदालत ने सुनवाई करते हुए संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी किया है।
जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने दोनों मामलों की सुनवाई की। कोर्ट ने लखमा की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) को नोटिस जारी किया है। साथ ही एजेंसी को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व मंत्री कवासी लखमा, जो वर्तमान में भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितता के एक मामले में जेल में बंद हैं, ने अपनी गिरफ्तारी को अनुचित बताते हुए जमानत की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट में उनकी ओर से देश के वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने पैरवी की। उन्होंने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि लखमा के खिलाफ दर्ज FIR और आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है तथा राजनीतिक दुर्भावना के तहत कार्रवाई की गई है।
कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद EOW को नोटिस जारी करते हुए कहा कि मामले के तथ्यों और जांच की स्थिति पर स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इस बीच कोर्ट ने अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है।इसी के साथ जस्टिस सूर्यकांत की ही कोर्ट में कारोबारी चैतन्य बघेल की दो याचिकाओं पर भी सुनवाई हुई। इनमें पहली याचिका में उन्होंने ED द्वारा की गई उनकी गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने की मांग की है, जबकि दूसरी याचिका में उन्होंने PMLA कानून की वैधता को चुनौती दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों याचिकाओं पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी किया है और 10 दिनों के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इन दोनों याचिकाओं पर अगले हफ्ते पुनः सुनवाई की जाएगी। चैतन्य बघेल का मामला छत्तीसगढ़ के कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और सरकारी ठेकों में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा बताया जाता है। वहीं, कवासी लखमा का मामला आबकारी विभाग में गड़बड़ियों और पद के दुरुपयोग से संबंधित है।
इन दोनों प्रकरणों को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” बता रहा है, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी होने के बाद अब दोनों मामलों में एजेंसियों की रिपोर्ट और आगामी सुनवाई का इंतजार रहेगा, जो आने वाले दिनों में इन हाई-प्रोफाइल मामलों की दिशा तय करेगी।