प्रदेश
जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष (DEA Fund)” विषय पर जिला स्तरीय शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न
रायपुर। वित्तीय सेवा विभाग, भारत सरकार के निर्देशानुसार “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” जन-जागरण अभियान के अंतर्गत जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष (DEA Fund) विषय पर जिला स्तरीय शिविर का सफल आयोजन आज रेडक्रॉस सभाकक्ष, कलेक्टरेट परिसर रायपुर में किया गया।
शिविर का शुभारंभ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के उप महाप्रबंधक राकेश कुमार सिन्हा के मुख्य आतिथ्य में किया गया इस अवसर प़र निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति से सहायक महाप्रबंधक मनोज कुमार सिंह, भारतीय रिज़र्व बैंक से नवीन कुमार तिवारी एवं अग्रणी जिला प्रबंधक रायपुर मो. मोफीज एवं विभिन्न बैंकों, बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
शिविर में नागरिकों को अनक्लेम्ड जमा राशि, बीमा दावे, डिविडेंड, शेयर एवं म्यूचुअल फंड तथा पेंशन संबंधी राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
शिविर में आम नागरिकों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों ने जिनके खाते DEAF में अंतरित हो गए हैं, उन्होंने भाग लिया तथा लाभार्थियों के दावे निस्तारित/प्रक्रिया में लिए गए। उपस्थित नागरिकों/विभागों ने इस पहल की सराहना की और इसे जनहित में अत्यंत उपयोगी बताया।
जिले के नागरिकों से अपील की जाती है कि आगामी शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” अभियान को सफल बनाएं।
पीएम नरेन्द्र मोदी के वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन विजन के तहत दिया प्रस्तुतिकरण
रायपुर। लेकसिटी उदयपुर में पिछले दिनों आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सम्मिलित होकर राज्य केे पर्यटन संभावनाओं और योजनाओं पर केंद्र और अन्य राज्यों के मंत्रियों-अधिकारियों संग विचार-विमर्श किया। श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों को वन स्टेट वन डेस्टिनेशन में शामिल करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट वॉटरफाल को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इस संबंध में उन्होंने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सम्मेलन में राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्री विभागीय सचिवों सहित सम्मिलित हुए। इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘वन स्टेट-वन ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन‘ था, जिसके अंतर्गत प्रत्येक राज्य ने अपने प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने हेतु प्रस्तुतिकरण दिया।
इस अवसर पर केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र शेखावत ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र का योगदान अब भारत की जीडीपी में लगभग 6 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जो अगले कुछ वर्षों में 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य आने वाले वर्षों में विश्व के शीर्ष दस पर्यटन देशों में शामिल होना है। वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल इंडेक्स में भारत की रैंकिग 2014 में जहां 60 के आसपास थी, वहीं अब यह 39वें स्थान पर पहुंच गई है। यदि केन्द्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो अगले पांच वर्षों में भारत इस रैंकिंग को 20वें स्थान तक ला सकता है, और 10 वर्षों में शीर्ष दस देशों में अपना स्थान बना सकता है। इसके लिए केन्द्र सरकार ने 50 ग्लोबल डेस्टिनेशन विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होेंने कहा कि दो दिन के सम्मेलन में बहुमूल्य सुझाव मिले हैं, जो पीएम नरेन्द्र मोदी के वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन के विजन को साकार करने में मील का पत्थर साबित होंगे।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि वन स्टेट वन डेस्टिनेशन के लिए छत्तीसगढ़ के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट वॉटरफाल व ऐतिहासिक, पुरातात्विक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के सिरपुर को भी वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हमारी सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और जनजातीय संस्कृति कीे भव्यता को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में हम कार्यरत हैं। पर्यटन के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी वहीं पर्यटकों को स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को जानने समझने का बेहतर माध्यम बनेगा। सम्मेलन के दौरान चित्रकोट वाटरफॉल एवं इसके आसपास के प्रमुख स्थलों को भी विकसित करने के लिए कार्ययोजना में जोड़ने की सहमति बनी। वर्ल्डक्लास टूरिस्ट डेस्टिनेशन के लिए जो पैरामीटर होनी चाहिए विकसित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश संबंधितों को दिए गए।
छत्तीसगढ़ के पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पीएम नरेन्द्र मोदी के वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन के विजन के तहत छत्तीसगढ़ के धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों के विकास के लिए अपनाई जा रही बेहतरीन योजनाएं साझा की। उन्होंने राज्य की आदिवासी संस्कृति, जैव-विविधता, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों दंतेश्वरी मंदिर, बस्तर, रामगढ़ की गुफाएं, बारनवापारा अभ्यारण्य, मधेश्वर पर्वत आदि को केंद्र में रखते हुए प्रस्तुतिकरण दिया तथा पर्यटक सर्किट, ग्रामीण पर्यटन एवं स्थानीय हस्तशिल्प की वैश्विक ब्रांडिंग पर जोर देते हुए अपनी योजनाएं साझा की। अन्य राज्यों से आए हुए प्रतिनिधि मंडलों से पर्यटन उन्नयन, होमस्टे योजना, इको-टूरिज्म पर भी चर्चा हुई।
सम्मेलन का उद्देश्य सतत, उत्तरदायी एवं नवाचार-प्रधान पर्यटन मॉडल को बढ़ावा देना, केंद्र व राज्यों के मध्य नीति निर्माण में समन्वय स्थापित करना, देश में 50 प्रमुख पर्यटन ग्लोबल डेस्टिनेशन्स का विकास व रोजगार सृजन, नए पर्यटन सर्किट का निर्माण एवं ग्लोबल डेस्टिनेशन की ओर उन्मुखता है। छत्तीसगढ़ सहित राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, तमिलनाडु, तेलंगाना, पूर्वी व दक्षिणी राज्यों ने अपनी क्षेत्रीय विशेषताओं, पर्यटन सर्किट एवं नवाचार योजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया। सम्मेलन में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, विभिन्न राज्यों के पर्यटन मंत्री और अधिकारी उपस्थित थे।
बस्तर में 130 माओवादियों के साथ नक्सल प्रवक्ता रूपेश ने पुलिस के सामने किया सरेंडर, इनमें CCM और DVCM सदस्य भी शामिल
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित बस्तर में नक्सली लगातार हथियार छोड़ मुख्य धारा से जुड़ रहे है। इसी कड़ी में एक बार फिर नक्सली प्रवक्ता और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर रूपेश ने आत्मसमर्पण कर दिया है। माड़ डिवीजन और इंद्रावती एरिया कमेटी इलाके में एक्टिव रूपेश ने अपने 130 साथियों के साथ बीजापुर पुलिस के समक्ष हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया हैं।
आपको बता दे इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों ने सरेंडर से पहले सभी इंद्रावती नदी के दूसरी तरफ घाट पहुंचे। यहां से उन्हें बोट के जरिए बीजापुर पुलिस के पास लाया गया। इस पूरे इलाके में पुलिस बल को तैनात किया गया है। आपको बता दे पुलिस के सामने सरेंडर करने वाला रूपेश नक्सलियों का प्रवक्ता और हार्डकोर नक्सली है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में पुरूष नक्सलियों के साथ ही महिला नक्सली भी शामिल है, जिन्होने पुलिस के सामने अपना हथियार डाला है।
बताया जा रहा है कि रूपेश के साथ आए लोगों में 1 सेंट्रल कमेटी मेंबर, 2 दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर, 15 डिविजनल कमेटी मेंबर कैडर के माओवादी शामिल हो सकते हैं। इस सरेंडर के बाद पूरा माड़ डिवीजन खाली हो जाएगा। बता दें कि एक दिन पहले ही 15 अक्टूबर को कांकेर जिले में करीब 50 से ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया था। इनमें टॉप लीडर राजू सलाम, कमांडर प्रसाद और मीना शामिल है। जंगलों से बाहर आकर इन नक्सलियों ने कामतेड़ा बीएसएफ कैंप में हथियार डाले हैं।
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित आबकारी नीति पर लायसेंसियों से आमंत्रित किए गए सुझाव
रायपुर। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी विभाग की प्रस्तावित नीति को लेकर सचिव सह आबकारी आयुक्त आर. शंगीता द्वारा विभाग से संबद्ध समस्त लायसेंसियों की बैठकें आयोजित की गईं। ये बैठकें 13, 14 और 15 अक्टूबर 2025 को संपन्न हुईं।

बैठकों का उद्देश्य आगामी नीति निर्माण से पूर्व उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों से व्यवहारिक सुझाव प्राप्त कर नीति को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और व्यावहारिक बनाना था।
पहली बैठक दिनांक 13 अक्टूबर को प्रदेश में स्थापित आसवनी एवं बॉटलिंग इकाई के संचालकों/प्रतिनिधियों के साथ हुई, जिसमें आयात-निर्यात शुल्क, बॉटलिंग फीस, लाइसेंस फीस, काउंटरवेलिंग ड्यूटी, देयकों के ऑनलाइन भुगतान, नवीन बोतलों के उपयोग तथा भंडारण भंडारगार के अवकाश दिवसों में संचालन जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
दूसरी बैठक 14 अक्टूबर को प्रदेश के बाहर स्थित विदेशी मदिरा निर्माताओं और प्रदायकर्ताओं के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित की गई। इसमें काउंटरवेलिंग ड्यूटी, हैंडलिंग चार्ज, आयात-निर्यात शुल्क, बॉटलिंग फीस, लाइसेंस फीस और विदेशी मदिरा गोदामों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
तीसरी बैठक 15 अक्टूबर को बार और क्लब संचालकों एवं एसोसिएशन प्रतिनिधियों के साथ हुई। इस दौरान बार/क्लब हेतु निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा (एमजी), लाइसेंस फीस, विभिन्न रेंज की मदिरा बिक्री, संचालन समय तथा अवैध गतिविधियों की रोकथाम जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
आबकारी सचिव शंगीता ने बताया कि तीनों बैठकों में उपस्थित लायसेंसियों से प्राप्त सभी सुझावों का अध्ययन कर आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बार नीति, अहाता नीति तथा मदिरा दुकानों के व्यवस्थापन से संबंधित निर्देशों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता — दण्डकारण्य क्षेत्र के 200 से अधिक माओवादी कैडर करेंगे आत्मसमर्पण
रायपुर। राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति और निरंतर सशक्त रणनीतिक प्रयासों के परिणामस्वरूप दण्डकारण्य क्षेत्र के लगभग 200 माओवादी कैडर, जिनमें वरिष्ठतम हार्डकोर कैडर भी शामिल हैं, ने हिंसा का मार्ग त्यागकर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
इन आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों के औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह का आयोजन शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 को प्रातः 11:00 बजे, रिज़र्व पुलिस लाइन, जगदलपुर (जिला बस्तर) में किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा उपमुख्यमंत्री (गृहमंत्री) विजय शर्मा उपस्थित रहेंगे।
यह निर्णायक और ऐतिहासिक घटनाक्रम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन की उस नीति का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसमें शांति, संवाद और विकास को केंद्र में रखकर विश्वास और पुनर्वास का वातावरण निर्मित किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर की वास्तविक शक्ति उसके लोगों की आत्मनिर्भरता, शिक्षा, आजीविका और सामाजिक सम्मान में निहित है। इन्हीं मूल्यों पर आधारित शासन की नीति ने अब दण्डकारण्य के भीतरी इलाकों तक नई उम्मीद और परिवर्तन का संदेश पहुँचाया है।यह अवसर बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक मोड़ का प्रतीक बनेगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन ने न केवल सुरक्षा मोर्चे पर ठोस पहल की है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों, संचार और आजीविका से जुड़े विकास कार्यों के माध्यम से स्थायी शांति की आधारभूमि भी तैयार की है। यह सफलता पुलिस और सुरक्षा बलों की रणनीतिक मुहिम, स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों, तथा जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की रचनात्मक भागीदारी का भी परिणाम है।
राज्य सरकार ने इन निगम-मंडल अध्यक्षों को दिया कैबिनेट मंत्री की दर्जा
रायपुर। राज्य सरकार ने दिवाली पूर्व निगम मंडल के अध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री व राज्य मंत्री का दर्जा दिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। हाऊसिंग बोर्ड के चेयरमैन अनुराग सिंहदेव, क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, सरकारी बैंक मर्यादित के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडेय, CSIDC के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडेय , भवन सन्निमार्ण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा और नान के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।

हाजीपुर, बिहार में भाजपा का किला रहेगा मजबूत, बृजमोहन अग्रवाल ने ली महत्वपूर्ण बैठक, कार्यकर्ताओं में भरा जोश
रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने बिहार चुनाव की कमान संभालते हुए गुरुवार को हाजीपुर में जिला पदाधिकारियों, मंडल पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक ली।


बैठक में हाजीपुर विधानसभा सीट की सियासी चुनौती, मतदाता समीकरण और चुनावी रणनीतियों पर गंभीर चर्चा हुई। साथ ही चुनाव प्रबंधन के लिए विचार-विमर्श और अनुभव सांझा किए गए।
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन ने सभी को आगामी विधानसभा चुनाव 2025 में पूर्ण समर्पण, ईमानदारी, और मेहनत से कार्य करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हाजीपुर में भाजपा का मजबूत किला 25 वर्षों से बना हुआ है और इस बार भी पार्टी इस क्षेत्र में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए तैयार है।
सांसद बृजमोहन ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इलाके में जनता के मुद्दों को गहराई से समझें और विकास के एजेंडा को मजबूती से लोगों के सामने रखें। उन्होंने संगठन को चुनावी रणनीति के अनुसार काम करने और एकजुट होकर चुनाव में भाग लेने का संदेश दिया।उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार भाजपा हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र में अपने किले को बचाने के लिए और जनता के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए जी-जान से प्रयासरत रहेगी। सभी कार्यकर्ताओं को समय-समय पर सूचनाएं और अनुभव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया है ताकि चुनावी प्रबंधन प्रभावी ढंग से हो सके।
उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ हुए नक्सलमुक्त — बस्तर में शांति और विकास का नया युग : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ का नक्सलमुक्त होना यह प्रमाण है कि अब बस्तर भय नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की नई पहचान बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत आज नक्सलवाद के अंत की दहलीज़ पर खड़ा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते दो दिनों में 258 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का प्रतीक है कि बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की शक्ति जीत रही है। उन्होंने कहा कि बीते 22 महीनों में छत्तीसगढ़ में 477 नक्सली मारे गए, 2110 ने आत्मसमर्पण किया और 1785 गिरफ्तार हुए — यह आँकड़े हमारे राज्य को नक्सलमुक्त बनाने के अडिग संकल्प के साक्षी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य अब बहुत निकट है। यह परिवर्तन राज्य सरकार की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “नियद नेल्ला नार योजना” की सफलता का प्रत्यक्ष परिणाम है। डबल इंजन सरकार की संवेदनशील नीतियों, बस्तर में लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविरों और वनांचलों में शासन के प्रति बढ़ते विश्वास ने इस सकारात्मक परिवर्तन को संभव बनाया है। उन्होंने कहा कि अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 64 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे न केवल सुरक्षा सुदृढ़ हुई है, बल्कि विकास और विश्वास की किरण भी हर गांव तक पहुँची है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने हमारे वीर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनके समर्पण से ही आज बस्तर भयमुक्त हुआ है और शांति की राह पर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर नक्सल आतंक से पूर्णतः मुक्त हो चुके हैं, जबकि दक्षिण बस्तर में यह लड़ाई अपने निर्णायक चरण में है। “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं ने बस्तर में संवाद, विकास और संवेदना की नई धरती तैयार की है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की नीति दो टूक है — हिंसा का कोई स्थान नहीं। जो नक्सली शांति और विकास का मार्ग चुनना चाहते हैं, उनका स्वागत है। लेकिन जो बंदूक उठाकर समाज में आतंक फैलाने की कोशिश करेंगे, उन्हें सुरक्षा बलों की सख़्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने सभी नक्सलियों से अपील की — “हिंसा की राह अंतहीन पीड़ा देती है, जबकि आत्मसमर्पण जीवन को एक नई दिशा देते हुए एक नई शुरुआत का रास्ता खोलता है। अपनी मातृभूमि के भविष्य और अपने परिवारों के उज्जवल कल के लिए हथियार त्यागें और विकास की रोशनी में कदम रखें।”
उल्लेखनीय है कि देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही निर्णायक लड़ाई ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर जानकारी कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर जैसे क्षेत्र, जो कभी नक्सल आतंक के गढ़ हुआ करते थे, अब पूरी तरह नक्सलमुक्त घोषित किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि यह न केवल भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी सफलता है, बल्कि विकास, विश्वास और संवेदना की नई कहानी भी है। बीते दो दिनों में देश में कुल 258 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि बंदूक नहीं, बल्कि संविधान पर विश्वास की शक्ति जीत रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों से नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम उनके बेहतर भविष्य और देश की एकता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सभी नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और देश की प्रगति में सहभागी बनें।
दीपावली से पहले शासकीय कर्मचारियों को अग्रिम वेतन भुगतान — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर शासन का संवेदनशील निर्णय
रायपुर। दीपावली के शुभ अवसर पर राज्य शासन ने अपने शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए माह अक्टूबर 2025 का वेतन 17 एवं 18 अक्टूबर को अग्रिम रूप से भुगतान करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सभी विभागों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेरे लिए शासन केवल तंत्र नहीं, बल्कि उन कर्मठ साथियों का परिवार है जो पूरे मन से जनता की सेवा में लगे हैं। दीपावली पूर्व अग्रिम वेतन भुगतान का यह निर्णय उसी आत्मीयता का प्रतीक है — कि सरकार अपने हर साथी की खुशियों में सहभागी बने और हर घर में उजियारा तथा प्रसन्नता फैले।
उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व प्रसन्नता, एकता और उत्साह का प्रतीक है। शासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी इस पर्व को परिवार सहित उल्लासपूर्वक मना सके और किसी प्रकार की आर्थिक असुविधा का सामना न करना पड़े।
वेतन भुगतान की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न करने हेतु राज्य के सभी कोषालय एवं उपकोषालय 18 अक्टूबर (शनिवार, अवकाश दिवस) को भी खुले रहेंगे, ताकि किसी कर्मचारी को भुगतान प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो।
राज्य शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मजदूरी, मानदेय एवं पारिश्रमिक जैसे अन्य मदों में भी नियमानुसार अग्रिम भुगतान किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दीपावली पूर्व अग्रिम वेतन भुगतान से न केवल शासकीय कर्मचारियों को आर्थिक सुविधा और राहत प्राप्त होगी, बल्कि इससे जीएसटी बचत उत्सव के दौरान राज्य के बाजारों में रौनक, व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि और आर्थिक प्रवाह में तीव्रता आएगी। इससे स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को भी प्रत्यक्ष लाभ होगा तथा राज्य की अर्थव्यवस्था में उत्सव और विश्वास का वातावरण बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन का हर निर्णय अपने कर्मठ साथियों की खुशियों और सम्मान से जुड़ा है। दीपावली से पहले अग्रिम वेतन भुगतान उसी आत्मीय भावना का प्रतीक है कि हर घर में उजियारा फैले और हर हृदय में प्रसन्नता एवं विश्वास का दीप जले।
30000 रुपये रिश्वत लेते दो बाबू रंगे हाथों पकड़ाये
रायपुर। ACB ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ में घूसखोरों के खिलाफ शिकंजा कसा है। दो बाबू को एसीबी ने घूस लेते गिरफ्तार किया है। स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ दो बाबू (सहायक ग्रेड-2) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। दोनों कर्मचारियों ने विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के एवज में ₹50,000 की रिश्वत की मांग की थी, जिसमें से ₹30,000 रुपये लेते समय एसीबी की टीम ने उन्हें पकड़ लिया।
शिकायत के बाद एसीबी ने बिछाया जाल
एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता मुकेश कुमार यादव, जो कि कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बालोद में वाहन चालक (Driver) के पद पर कार्यरत हैं, ने एसीबी रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उनका डिमोशन (Demotion) कर चौकीदार के पद पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गुरूर में पदस्थ किया गया था। इस कार्रवाई के खिलाफ उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की, जिसके बाद उन्हें स्टे ऑर्डर प्राप्त हुआ। न्यायालय के आदेश के बाद वे दोबारा वाहन चालक के पद पर पदस्थापित हुए।
एरियर निकालने के नाम पर रिश्वत की मांग
अपनी सर्विस बुक के सत्यापन और एरियर निकालने के लिए जब मुकेश यादव कार्यालय पहुंचे, तो वहां सहायक ग्रेड-2 युगल किशोर साहू और सुरेन्द्र कुमार सोनकर ने उनसे ₹50,000 की रिश्वत की मांग की। दोनों ने कहा कि बिना पैसा दिए उनका कार्य आगे नहीं बढ़ेगा। शिकायतकर्ता के अनुसार, दोनों ने पहले ही ₹20,000 एडवांस के रूप में ले लिया था और बाकी ₹30,000 बाद में देने को कहा गया।
शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहते थे बल्कि दोनों भ्रष्ट कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़वाना चाहते थे। एसीबी ने शिकायत की सत्यता जांचने के बाद ट्रैप की योजना बनाई। आज, 16 अक्टूबर 2025 को, एसीबी रायपुर की टीम ने बालोद में ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान दोनों आरोपी — युगल किशोर साहू और सुरेन्द्र कुमार सोनकर — शिकायतकर्ता से दूसरी किश्त के रूप में ₹15,000-₹15,000, कुल ₹30,000 रुपये लेते हुए पकड़े गए।
बिरबिरा गांव में जल जीवन मिशन से लौटी जीवनधारा, अब महिलाएं घर के बाहर लाइन में नहीं, घर के नल से भरती हैं शुद्ध जल
रायपुर। रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड का ग्राम बिरबिरा, जो कभी प्यास और पानी की समस्या से जूझता था, आज “हर घर नल से जल” की मिसाल बन चुका है। पथरीली भूमि और सीमित जलस्रोतों के कारण यहां वर्षों तक ग्रामीणों को रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता था। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। जल जीवन मिशन की बदौलत बिरबिरा गांव के घरों में शुद्ध पेयजल की धारा बह रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में यह परिवर्तन संभव हुआ है। नल से बहते जल ने न केवल ग्रामीणों की प्यास बुझाई है, बल्कि उनके चेहरों पर उम्मीद और खुशी की मुस्कान भी लौटाई है।
मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशन तथा कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जल जीवन मिशन के अंतर्गत रायपुर जिला ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। जिले में 1,89,755 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,81,301 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जो 95.54 प्रतिशत उपलब्धि है। वहीं हर घर जल ग्राम प्रमाणीकृत कार्य में 477 ग्रामों में से 248 ग्रामों में योजनाएं हस्तांतरित की जा चुकी हैं। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते रायपुर जिला प्रदेश में द्वितीय स्थान पर रहा है।
आरंग विकासखण्ड में 158 ग्रामों में योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनसे 2,67,344 परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें से 59,162 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन मिल चुका है। अब तक 138 ग्रामों में कार्य पूर्ण और 83 ग्रामों में योजनाएं हस्तांतरित की जा चुकी हैं।

गांव के 62 वर्षीय किसान रामआसरा साहू कहते हैं कि “पहले हमें दूसरे गांवों से पानी लाना पड़ता था। पानी की कमी से घरों में तनाव का माहौल रहता था। अब हमारे घर में नल से शुद्ध पानी आ रहा है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार प्रकट करता हूं जिन्होंने हमारे जैसे गांवों तक यह योजना पहुंचाई।”
वहीं 43 वर्षीय किसान देवेंद्र साहू बताते हैं कि “कभी हमारे गांव में पानी की कमी इतनी थी कि लोग यहां बेटी की शादी करने से भी हिचकिचाते थे। अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं। घर में नल से स्वच्छ पानी आ रहा है, बच्चे और महिलाएं खुश हैं। जल जीवन मिशन ने हमारे गांव का जीवन बदल दिया है।”

ग्राम सरपंच छम्मन साहू ने कहा कि “पथरीली जमीन में जलस्रोत ढूंढना बहुत कठिन था, लेकिन प्रशासन ने हार नहीं मानी। निरंतर प्रयासों से गांव में जलापूर्ति संभव हुई। आज 90 प्रतिशत घरों में नल से जल उपलब्ध है। पहले महिलाएं रातभर बोरिंग के पास लाइन में खड़ी रहती थीं, अब घर पर ही नल से पानी भर रही हैं। यह हमारे गांव के लिए ऐतिहासिक बदलाव है।”
लोक सेवा यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता अनिल कुमार बच्चन ने बताया कि योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को उनके घर में शुद्ध पेय जल प्रदान किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य को जल्द से जल्द प्राप्त कर लिया जाए। इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
बिरबिरा गांव की यह कहानी सिर्फ एक योजना की सफलता नहीं, बल्कि उस बदलाव की गवाही है जिसने ग्रामीण जीवन में सहजता, स्वच्छता और मुस्कान वापस लौटा दी है। अब हर घर में नल से नहीं, उम्मीदों से भी बह रहा है पानी।
छत्तीसगढ़ व्यापम ने जारी किया 2026 का परीक्षा कैलेंडर
रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) ने वर्ष 2026 के लिए प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया है. अप्रैल से दिसंबर तक 25 से अधिक परीक्षाओं का आयोजन होगा, जिसमें पहली परीक्षा 12 अप्रैल को फार्मासिस्ट ग्रेड-2 भर्ती के लिए होगी.
कैलेंडर के अनुसार, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में परिवहन आरक्षक की भर्ती परीक्षा 19 अप्रैल और मंडी बोर्ड में उप निरीक्षक भर्ती के लिए 26 अप्रैल को होगी. प्रवेश परीक्षाओं में पीपीटी और प्री-एमसीए 7 मई, पीईटी और एमएससी नर्सिंग 14 मई, पीपीएचटी और पोस्ट बेसिक नर्सिंग 21 मई, प्री-डीएलएड 4 जून, प्री-बीएड और बीएससी नर्सिंग 11 जून, पीएटी और पीव्हीपीटी 21 जून को आयोजित होंगी. हाईकोर्ट में डाटा एंट्री ऑपरेटर की भर्ती परीक्षा 28 जून को होगी.
इसके अलावा, राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) 4 अक्टूबर को होगी. विभिन्न विभागों की भर्ती परीक्षाओं में सहकारिता विभाग में उपअंकेक्षक के लिए 5 जुलाई, गृह विभाग में सहायक उप निरीक्षक के लिए 12 जुलाई, नगर सेना में फायरमैन के लिए 19 जुलाई, पर्यावरण विभाग में प्रयोगशाला परिचारक के लिए 26 जुलाई, जल संसाधन में अनुरेखक सिविल के लिए 2 अगस्त, स्वास्थ्य सेवाओं में ओटी टेक्निशियन के लिए 30 अगस्त की तारीख तय की गई है.
इसके साथ विधि विधायी एवं विधिक सेवा प्राधिकरण में सहायक ग्रेड-3 के लिए 9 सितंबर, स्वास्थ्य विभाग में लैब असिस्टेंट और नमूना सहायक के लिए 20 सितंबर, पर्यावरण संरक्षण मंडल में सहायक ग्रेड-3 के लिए 27 सितंबर, प्रधान मुख्य वन संरक्षण कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 के लिए 6 दिसंबर, स्टेनोग्राफर के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा 13 दिसंबर और सहायक ग्रेड-3 भर्ती परीक्षा 20 दिसंबर को आयोजित की जाएगी.
व्यापम द्वारा जारी यह कैलेंडर उम्मीदवारों को समय पर तैयारी करने में मदद करेगा. अधिक जानकारी छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की आधिकारिक वेबसाइट CG Vyapam पर अपलोड किया गया है.
हाई कोर्ट ने आइईडी ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार पूर्व सरपंच रामस्वरूप मरकाम की जमानत याचिका की खारिज
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने गरियाबंद जिले में हुए आइईडी ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार पूर्व सरपंच रामस्वरूप मरकाम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला 17 नवंबर 2023 को हुए माओवादी हमले से जुड़ा है, जिसमें आइटीबीपी के जवान जोगेंद्र कुमार की मौत हो गई थी। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु की खंडपीठ ने कहा कि यूएपीए की धारा 43 (डी) (5) के तहत गंभीर आतंकी मामलों में जमानत तभी दी जा सकती है जब आरोप प्रारंभिक रूप से असत्य प्रतीत हों। अदालत ने माना कि इस मामले में जांच के दौरान मिले साक्ष्य और गवाहों के बयान स्पष्ट रूप से आरोपी की भूमिका दर्शाते हैं।17 नवंबर 2023 को विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद जब सुरक्षाबल और पोलिंग दल लौट रहे थे, तभी बड़ेगोबरा क्षेत्र में आइईडी ब्लास्ट हुआ। धमाके में जवान जोगेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई। जांच में सामने आया कि यह हमला प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) द्वारा किया गया था।
एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि रामस्वरूप मरकाम, जो उस समय छोटेगोबरा गांव के सरपंच थे, ने माओवादियों को लॉजिस्टिक और आर्थिक सहायता दी थी और उनकी कई बैठकों में भाग लिया था। आठ गवाहों ने धारा 164 सीआरपीसी के तहत दिए गए बयानों में उनकी माओवादियों से संलिप्तता की पुष्टि की। बचाव पक्ष ने दलील दी कि रामस्वरूप निर्दोष हैं और केवल संदेह के आधार पर फंसाए गए हैं। उनके घर से कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है तथा वे परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद साक्ष्य आरोपित की साजिश में भागीदारी को प्राथमिक दृष्टि से सिद्ध करते हैं। ऐसे मामलों में जमानत के मानक सामान्य अपराधों की तुलना में अधिक कठोर होते हैं।
एनआईए के वकील बी. गोपा कुमार ने अदालत में कहा कि आरोपी की माओवादी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आई है और इसी आधार पर पहले एनआईए विशेष न्यायालय ने भी जमानत अर्जी खारिज की थी। हाई कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी और निर्देश दिया कि ट्रायल कोर्ट छह माह के भीतर मामले की सुनवाई पूरी करने का प्रयास करे, यदि कोई कानूनी बाधा न हो।
सेंट्रिंग प्लेट्स से मिला सपनों को सहारा : रश्मि अब 20 हजार महीने की कमाई से बनी आत्मनिर्भर महिला उद्यमी
रायपुर। जांजगीर चांपा जिले के जनपद पंचायत बम्हनीडीह के बिर्रा गांव की महिला रश्मि कहरा ने यह साबित कर दिखाया है कि अगर हौसला बुलंद हो और अवसर मिले, तो गांव की मिट्टी से भी सफलता की कहानी लिखी जा सकती है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सहित गांव के अन्य निर्माण कार्यों में सेंटरिंग प्लेट की आपूर्ति कर आज वह हर महीने 20 हजार रुपये की आमदनी अर्जित कर रही हैं। यह सफलता उन्हें बिहान योजना और स्व-सहायता समूह के माध्यम से मिली जिसने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी।

रश्मि कहरा ने बताया कि पहले परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च दोनों ही मुश्किल में थे। तब उन्होंने हिम्मत जुटाकर रानी लक्ष्मीबाई स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह के सहयोग और बिहान के मार्गदर्शन से उन्हें आत्मनिर्भरता की राह मिली। उन्होंने ग्राम संगठन की सहायता से समुदायिक निवेश कोष से 25 हजार रुपये का ऋण लिया। इस राशि से उन्होंने 1000 वर्गफीट का सेटरिंग प्लेट तैयार कराया, जिसे प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य निर्माण कार्यों में किराये पर दिया जा रहा है। इसी से आज उनकी नियमित आय 20,000 रुपये मासिक हो गई है। वे कहती हैं पहले जीवन बहुत कठिन था, लेकिन बिहान समूह से जुड़ने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा। अब मैं खुद कमा रही हूँ, बच्चों की पढ़ाई कराती हूँ और दूसरों को भी प्रेरित कर रही हूँ। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया।
गांव की साथी महिलाओं के अनुसार, रश्मि की सफलता से अब कई अन्य महिलाएं भी समूहों से जुड़कर प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य आजीविका गतिविधियों में सक्रिय हो रही हैं। बिहान के जिला अधिकारी का कहना है कि रश्मि की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि अगर महिला को अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो वह न केवल अपने परिवार, बल्कि समाज की भी आर्थिक रीढ़ बन सकती है। आज बिर्रा गांव में रश्मि का नाम गर्व से लिया जाता है कभी जो परिवार आर्थिक तंगी में था, वही अब दूसरों की प्रेरणा बन चुका है। सच में, यह है बिहान से निकली उड़ान की मिसाल है जिसने गांव की एक साधारण महिला को आत्मनिर्भरता की पहचान दिलाई।
मुख्यमंत्री के निर्देश का हुआ त्वरित अमल, मुसाफिर पंजी में दर्ज होने लगा रिकॉर्ड
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा हाल ही में आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के साथ ही ‘मुसाफिर पंजी’ के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए गए थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया था कि गांवों में बाहरी राज्यों एवं शहरों से आने वाले व्यक्तियों का पूरा ब्यौरा संधारित किया जाए वे किस उद्देश्य से आए हैं, कहां से आए हैं, कितने समय के लिए रुके हैं, तथा उनका नाम, पता, आधार और मोबाइल नंबर इत्यादि जानकारी कोटवार के पंजी में दर्ज की जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के त्वरित अनुपालन में कोरिया जिले के तहसील सोनहत में सभी 79 कोटवारों द्वारा मुसाफिर पंजी संधारित किया गया है। पंजी का निरीक्षण संबंधित पटवारी एवं कानूनगो द्वारा किया गया है, जिससे दर्ज जानकारी का सत्यापन सुनिश्चित हुआ है।
इन पंजियों में बाहरी शहरों एवं राज्यों से आने वाले फेरीवाले, बर्तन बेचने वाले, श्रृंगार सामग्री विक्रेता सहित अन्य मुसाफिरों का विवरण नियमित रूप से दर्ज किया जा रहा है। इस पहल से ग्राम स्तर पर आने-जाने वालों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।
स्टेनोग्राफर एवं टाईपिंग परीक्षा के लिए 30 अक्टूबर तक लिए जायेंगे आवेदन
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शीघ्रलेखन (स्टेनोग्राफर) एवं मुद्रलेखन (टाईपिंग) कम्प्यूटर कौशल परीक्षा के लिए 30 अक्टूबर तक ऑनलाईन आवेदन किए जा सकते हैं। हिन्दी एवं अंग्रेजी स्टेनोग्राफी में 100 शब्द प्रति मिनट की गति एवं हिन्दी तथा अंग्रेजी कम्प्यूटर मुद्रलेखन में 5 हजार, 8 हजार, 10 हजार की-डिप्रेशन प्रति घंटा की गति के लिए यह परीक्षाएँ आयोजित की जा रही हैं। इस संबंध में जरूरी जानकारी और आवेदन शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कौशल परीक्षा परिषद् की वेबसाईट https://ctsp.cg.nic.in पर उपलब्ध हैं। इस परीक्षा में 10वीं कक्षा पास और 16 वर्ष की आयु पूरी कर चुके अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है।
कौशल परीक्षा परिषद् से प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑनलाईन आवेदन भरते समय अभ्यर्थियों को अपनी सभी प्रविष्टियां भली भांति जांच समझकर एवं स्वयं संतुष्ट होने के बाद ही सम्मिट करना चाहिए। एक बार आवेदन सबमिट कर देने के पश्चात् संशोधन इत्यादि के लिए पृथक से कोई समय नहीं दिया जायेगा। परिषद द्वारा यथा संभव परीक्षा केन्द्रों में उपलब्ध कम्प्यूटर सिस्टम के अनुपात में निकटतम परीक्षा केन्द्र आवंटित करने का प्रयास किया जाएगा। परीक्षार्थी को उसी आवंटित परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा देनी होगी। आवेदन पत्र भरते समय अभ्यर्थी को अपना नवीनतम रंगीन पासपोर्ट आकार, स्पष्ट फोटो का प्रयोग करना होगा। साईड पोज फोटो मान्य नहीं होगा। अभ्यर्थी को नमूना हस्ताक्षर के लिए काली स्याही का ही प्रयोग करना होगा। इसके बाद दोनों स्कैन कर आवेदन पत्र में निर्धारित स्थान पर अपलोड करना होगा।
हिन्दी अंग्रजी शीघ्रलेखन परीक्षा के लिए अनारक्षित एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को चार सौ रूपए एवं अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों को दो सौ रूपए परीक्षा शुल्क जमा करना होगा। इसी तरह सभी हिन्दी एवं अंग्रेजी कम्प्यूटर टाईपिंग परीक्षाओं के लिए अनारक्षित एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को तीन सौ रूपए एवं अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों को एक सौ पचास रूपए परीक्षा शुल्क जमा करना होगा।
परिषद द्वारा परीक्षण के बाद आवेदन पत्र अपूर्ण, त्रुटिपूर्ण या भ्रामक जानकारी युक्त पाये जाने पर बिना किसी पूर्व सूचना के आवेदन निरस्त किया जा सकता है साथ ही परीक्षा शुल्क वापसी योग्य नहीं होगा। इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व परीक्षार्थी का होगा। आवेदक किसी एक विषय हिन्दी, अंग्रेजी (गति 5000, 8000 एवं 10000 की डिप्रेशन प्रतिघंटा के मान से) की परीक्षा हेतु पृथक-पृथक गति के लिए आवेदन तो कर सकते हैं किन्तु एक ही गति की परीक्षा के लिए अलग-अलग परीक्षा केन्द्रों के लिए आवेदन नहीं कर सकते। इस प्रकार के आवेदन करने पर आवेदन निरस्त कर दिया जायेगा। आवेदक को ऑनलाईन आवेदन पत्र, व परीक्षा शुल्क की सम्पूर्ण प्रक्रिया उपरान्त लिये गये प्रिंट की एक प्रति अपने पास सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है। आवश्यकता पड़ने पर परिषद द्वारा मांगे जाने पर ऑनलाईन आवेदन पत्र इत्यादि अनिवार्यतः दिखाया जाना होगा। परिषद द्वारा आवेदनों के परीक्षण उपरान्त प्रवेश पत्र जारी किये जाएंगे जिसे ऑनलाईन ही डाऊनलोड किये जा सकेंगें। प्रवेश पत्र में अंकित परीक्षा केन्द्र पर ही अभ्यर्थी को परीक्षा दी जानी होगी। परीक्षा केन्द्र में परिवर्तन नहीं किया जावेगा।
परीक्षार्थियों को परीक्षा हॉल में प्रवेश करने के लिए अपना प्रवेश पत्र एवं शासन द्वारा जारी पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड,पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता परिचय पत्र आदि में से एक मूल दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य होगा अन्यथा प्रवेश नहीं दिया जावेगा। हिन्दी एवं अंग्रेजी शीघ्रलेखन परीक्षा हेतु परिषद् द्वारा छोटी शीघ्रलेखन पुस्तिका जिस पर बोर्ड की पहचान होगी, प्रदाय की जायेगी। परीक्षार्थी द्वारा शीघ्रलेखन पुस्तिका में लिखे गये आलेख को कम्प्यूटर पर टाईप करने के पश्चात् लिये गये प्रिंट पर नीचे की ओर अपने हस्ताक्षर करने होंगे साथ ही शीघ्रलेखन पुस्तिका के अंत में भी हस्ताक्षर करने होंगे। कम्प्यूटर पर मुद्रित करने हेतु प्रदाय किये गये पेपर के दाहिने सिरे पर अपना नाम एवं रोल नंबर अंकित करना होगा।
परीक्षार्थियों को परीक्षा हॉल में परिचय पत्र, प्रवेश पत्र, काला बॉल पाईंट पेन एवं पेंसिल-इरेजर के अतिरिक्त कोई भी सामग्री लाने की अनुमति नहीं होगी। सभी प्रकार के मोबाईल,स्मार्ट वाच, ब्लूटूथ उपकरण, इयरफोन, माइकोफोन इत्यादि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अन्य कोई सामग्री परीक्षा हॉल में ले जाना मना होगा।
मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परीक्षा हेतु परीक्षा केन्द्र पर कम्प्यूटर पर परीक्षा प्रारंभ होने के 5 मिनट पूर्व अभ्यर्थी अपनी आई.डी. से लॉग-इन करने के पश्चात् प्रश्न-पत्र अवलोकन करने के लिए वितरित किए जाऐंगे तथा पर्यवेक्षकों का निर्देश मिलने के बाद अभ्यर्थी स्टार्ट बटन से परीक्षा प्रारंभ करेंगे और 15 मिनट के बाद परीक्षा स्वतः ही समाप्त हो जावेगी।
140 नक्सली सीएम साय के सामने डालेंगे हथियार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने छत्तीसगढ़ के 140 से ज्यादा नक्सली सरेंडर करेंगे. 17 अक्टूबर शुक्रवार को जगदलपुर में नक्सली नेता रूपेश के नेतृत्व में नक्सली 100 से अधिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटेंगे.
