रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (छग व्यावसायिक परीक्षा मंडल) द्वारा रविवार को आयोजित वार्ड बॉय और वार्ड आया के पदों की भर्ती परीक्षा में कई परीक्षार्थी एग्जाम सेंटर में प्रवेश न मिलने के कारण नाराज दिखे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि एग्जाम मैनेजमेंट ने गेट तय समय से पहले बंद कर दिया, जिससे कई उम्मीदवार परीक्षा नहीं दे पाए।
गेट समय से पहले बंद, उम्मीदवार हुए परेशान
परीक्षार्थियों ने बताया कि परीक्षा का गेट एडमिट कार्ड में स्पष्ट रूप से 10:30 बजे बंद होने का समय लिखा गया था। हालांकि, कुछ कैंडिडेट्स ने आरोप लगाया कि गेट 10:25 के लगभग ही बंद कर दिया गया। इस कारण समय पर पहुंचे कई उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों के बाहर ही खड़े नजर आए। परीक्षा का समय सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक निर्धारित था।
उम्मीदवारों का कहना है कि उन्हें निर्देश दिए गए थे कि वे फ्रिस्किंग और अन्य प्रक्रिया के लिए कम से कम दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। इसके बावजूद गेट जल्दी बंद कर देने से ग्रामीण क्षेत्र से आए कई अभ्यर्थियों का प्रवेश रोका गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र प्रबंधन ने नियमों का कड़ाई से पालन करने के नाम पर कई समय से पहले पहुंचे उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया।
प्रदेशभर में परीक्षा और केंद्र व्यवस्था
इस भर्ती परीक्षा के लिए प्रदेश भर में कुल 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा मंडल ने अभ्यर्थियों के भारी संख्या में आने की संभावना को देखते हुए प्रवेश और समय के नियम बनाए थे। बावजूद इसके, कड़ाई से गेट बंद करने की वजह से दर्जनों उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों के बाहर ही खड़े रह गए।
परीक्षार्थियों ने यह भी कहा कि विशेषकर ग्रामीण इलाकों से आने वाले उम्मीदवारों के लिए यह अत्यधिक कठिनाई पैदा कर रहा है। उन्हें लंबी दूरी तय करके परीक्षा केंद्र तक पहुंचना पड़ा, और समय से पहले गेट बंद होने के कारण उन्हें परीक्षा देने का मौका नहीं मिला।
उम्मीदवारों का गुस्सा और मांगें
परीक्षार्थियों ने व्यापमं से मांग की है कि इस प्रकार की व्यवस्थागत त्रुटियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी परीक्षा व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें समय की सही जानकारी और प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता हो, ताकि ग्रामीण और दूरदराज से आने वाले उम्मीदवारों को परेशानी न हो।व्यापमं की इस परीक्षा में लाखों अभ्यर्थियों की भागीदारी रही और वार्ड बॉय व वार्ड आया पदों की भर्ती के लिए यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या व्यापमं इस गलती की गंभीरता को समझते हुए, प्रभावित उम्मीदवारों के लिए कोई विशेष व्यवस्था करेगा।
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन एवं निर्देश पर रायपुर जिले में अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एसडीएम नंदकुमार चौबे के नेतृत्व में राजस्व टीम ने ग्राम माना, डोमा और दतरेंगा में अवैध प्लाटिंग पर सख्त कार्रवाई की।
ग्राम माना में लगभग 4 एकड़ भूमि पर की गई अवैध प्लाटिंग को प्रशासनिक टीम ने ध्वस्त किया। मौके पर बने प्लिंथ को तोड़ा गया तथा रोड एवं रास्तों को काटकर प्लॉटिंग को समाप्त किया गया। इस कार्रवाई के दौरान तहसीलदार राकेश कुमार देवांगन, हल्का पटवारी राजाराम जोशी एवं ग्राम कोटवार उपस्थित रहे।
इसी तरह ग्राम डोमा में 3 एकड़ भूमि पर की गई अवैध प्लाटिंग पर भी प्रशासन ने कार्यवाही की। इस दौरान तहसीलदार राममूर्ति दीवान, हल्का पटवारी श्री बंजारे एवं ग्राम कोटवार उपस्थित थे।
ग्राम दतरेंगा में भी 4 एकड़ भूमि पर किए गए अवैध प्लाटिंग कार्य को राजस्व विभाग की टीम ने ध्वस्त किया। इस कार्रवाई में भी तहसीलदार राममूर्ति दीवान, हल्का पटवारी श्री बंजारे और ग्राम कोटवार शामिल रहे।
उल्लेखनीय है कि रायपुर जिले में अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी है। हाल ही में ग्राम सेजबहार, डूमरतराई तथा अटल नगर स्थित NRDA क्षेत्र में भी अवैध प्लाटिंग पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की थी।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड (पूर्व में मॉनेट इस्पात एंड एनर्जी लिमिटेड) को राहत दी है। न्यायमूर्ति संजय के अग्रवाल और न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि जब तक किसी खनन लीज धारक को पर्यावरणीय मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957 की धारा 4ए(4) के तहत लीज के स्वतः समाप्त होने की दो वर्ष की अवधि शुरू नहीं मानी जाएगी।
इस फैसले के साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा 20 सितंबर 2022 को जारी वह नोटिस रद्द कर दिया है, जिसमें कंपनी की खनन लीज को समाप्त घोषित किया गया था। जेएसडब्ल्यू स्टील को 3 नवंबर 2009 को चूना पत्थर खनन के लिए लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया था और 9 जनवरी 2017 को लीज डीड की प्रक्रिया पूरी हुई थी। लीज की शर्तों में स्पष्ट लिखा गया था कि पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त किए बिना खनन कार्य शुरू नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद राज्य सरकार ने सितंबर 2022 में नोटिस जारी कर कहा कि लीज लागू होने के दो साल के भीतर यानी 8 जनवरी 2019 तक खनन शुरू नहीं किया गया, इसलिए एमएमडीआर एक्ट की धारा 4ए(4) और रूल 20(3) के तहत लीज स्वतः समाप्त हो गई है।
कंपनी ने इस नोटिस को हाई कोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि जब तक कानूनी या प्रशासनिक बाधा बनी हुई है, तब तक लीजधारक को खनन न करने के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि एमएमडीआर एक्ट की धारा 4(1) के अनुसार खनन केवल कानून और लीज की शर्तों के अनुरूप ही किया जा सकता है। इसलिए जब तक पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त नहीं होती, तब तक दो वर्ष की अवधि शुरू नहीं होगी। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार का नोटिस अवैध और अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए रद्द कर दिया।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशा-निर्देशों में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में राज्य के स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा पर जोर दिया गया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और “स्वस्थ छत्तीसगढ़” से ही “सशक्त और समृद्ध छत्तीसगढ़” का सपना साकार हो सकता है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि शत-प्रतिशत अस्पतालों में प्रसव सुनिश्चित किया जाए ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके। इसके साथ ही गर्भवती माताओं और बच्चों के टीकाकरण सत्र निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से आयोजित हों और फील्ड वेरिफिकेशन के माध्यम से निगरानी तथा पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण में मैटरनल डेथ ऑडिट अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस रणनीति तैयार की जा सके।
एनआरसी और पोषण पर ध्यान
एनआरसी सेंटरों का संचालन प्रभावी और सतत रूप से किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इससे न केवल स्वास्थ्य मानकों में सुधार होगा, बल्कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
वेलनेस और गैर-संचारी रोग जागरूकता अभियान
कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में यह भी निर्णय लिया गया कि वेलनेस सेंटरों के माध्यम से गैर-संचारी रोगों (NCDs) के प्रति लोगों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इससे जनता में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी बढ़ेगी और समय पर उपचार एवं रोकथाम को बढ़ावा मिलेगा।
मलेरिया नियंत्रण पर विशेष अभियान
बस्तर संभाग के जिलों में मलेरिया के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम प्रदेश को मलेरिया-मुक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित करेगा।
प्रधानमंत्री वय वंदना योजना
कलेक्टरों को प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत सभी पात्र वृद्धजनों का पंजीयन और कार्ड निर्माण प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। इससे वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के लाभ समय पर मिल सकेंगे।
निगरानी और जवाबदेही पर जोर
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं और कार्यक्रमों की नियमित निगरानी कलेक्टर द्वारा की जाएगी। लंबित मामलों और कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजी जाएगी।
रायपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजधानी रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में निखिल चंद्राकर के बयान और वकील द्वारा कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के मामले में गंभीर आरोप लगाए। बघेल ने वसीम बरेलवी के शेर से अपनी बात की शुरुआत करते हुए कहा, “फैसला लिखा हुआ रखा है पहले से खिलाफ, आप क्या खाक अदालत को सफाई देंगे।”
कलमबंद बयान और मीडिया में लीक
भूपेश बघेल ने बताया कि आम तौर पर आरोपी के बयान की व्यवस्था कलमबंद होती है और इसे सिर्फ कोर्ट में ही प्रस्तुत किया जाता है। लेकिन इस मामले में आरोपी का बयान लिखकर हस्ताक्षर लिया गया और फिर मीडिया हाउस के पास पहुंच गया। उन्होंने कहा, “कलमबंद बयान को सुप्रीम कोर्ट में सरकारी वकील ने पेश किया, जो कि 164 के बयान की प्रक्रिया के अनुसार उचित नहीं है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पेन ड्राइव का इस्तेमाल कर 30 सितंबर को 11 आरोपियों के बयान पढ़वाए जा रहे थे।
चार वकीलों ने इस अनियमित प्रक्रिया की शिकायत डी.जे. से की, जिसके बाद यह प्रक्रिया रोक दी गई। बघेल ने कहा कि इससे एसीबी/ईओडब्ल्यू की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और उनका षड्यंत्र उजागर हो रहा है।
न्यायालय ने एसीबी/ईओडब्ल्यू के अधिकारियों को नोटिस जारी किया
भूपेश बघेल ने कहा कि न्यायालय ने इस मामले में एसीबी/ईओडब्ल्यू के तीन अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। उनका आरोप है कि एजेंसियां और आयोग विपक्ष के नेताओं को प्रताड़ित करने के लिए सांठगांठ कर रहे हैं। बघेल ने कहा, “अदालत को प्रभावित करने और उसके साथ सांठगांठ करने का षड्यंत्र इस प्रकरण के साथ स्पष्ट रूप से उजागर हो रहा है। यदि ऐसे संस्थान विश्वसनीय नहीं रहेंगे, तो लोग न्याय के लिए कहां जाएंगे।”
भूपेश बघेल की मांगें
भूपेश बघेल ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि इस मामले का संज्ञान लिया जाए और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि सम्बंधित अधिकारी को तत्काल हटाया जाए और ऐसा फैसला आए कि भविष्य में कोई भी अधिकारी या संस्था इस तरह के दुस्साहस को दोहराने का प्रयास न करे।भूपेश बघेल ने जोर देकर कहा कि यह मामला सिर्फ राजनीतिक विवाद नहीं है, बल्कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की मूल भावना से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जनता को यह भरोसा होना चाहिए कि न्याय प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष है।
रायपुर। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं, किसानों की कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि हर पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शिता के साथ पहुंचे।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के टीकाकरण सत्र निर्धारित तिथियों में अनिवार्य रूप से आयोजित हों। उन्होंने निर्देश दिया कि फील्ड वेरिफिकेशन के माध्यम से टीकाकरण की नियमित निगरानी की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मैटरनल डेथ ऑडिट (Maternal Death Audit) प्रत्येक जिले में अनिवार्य रूप से किया जाए ताकि मातृ मृत्यु के कारणों की सटीक पहचान हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने एनआरसी केंद्रों (Nutrition Rehabilitation Centre) के सुचारू संचालन पर भी जोर देते हुए कहा कि माताओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रोगों के प्रति जागरूकता और बस्तर में विशेष अभियान
सीएम ने कहा कि वेलनेस और नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज जैसे डायबिटीज, हाइपरटेंशन और कैंसर के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाए। उन्होंने बस्तर संभाग के जिलों में मलेरिया हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों को लाभ मिले और प्रत्येक वृद्ध का कार्ड बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह प्रशासन की जवाबदेही है कि कोई भी पात्र वरिष्ठ नागरिक योजना से वंचित न रहे।
कृषि और ऊर्जा योजनाओं पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) और पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के सुचारू क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र किसान योजना से वंचित न रहे। सभी कलेक्टरों को निर्देश दिया गया कि लंबित मामलों का निराकरण समयसीमा के भीतर करें और किसान शिविरों व ग्राम सभाओं के माध्यम से जागरूकता बढ़ाएं।
उन्होंने कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण परिवारों की आर्थिक मजबूती और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है। बैंक समन्वय को मजबूत बनाते हुए पात्र हितग्राहियों का पंजीयन शीघ्र और पारदर्शी तरीके से किया जाए।
मुख्यमंत्री ने दी सख्त चेतावनी
सीएम ने कहा कि योजनाओं की मॉनिटरिंग में ढिलाई नहीं चलेगी। प्रत्येक कलेक्टर साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर लंबित प्रकरणों की जानकारी सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजें। उन्होंने दोहराया कि शासन की नीति स्पष्ट है— “हर पात्र तक लाभ, समय पर, पारदर्शी तरीके से।”
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने विशेष निजी सहायक (PA) राजेंद्र दास के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “भारत में संविधान और नियम सबके लिए समान हैं। चाहे कोई मंत्री का पीए हो या कोई आम नागरिक — अगर कोई गड़बड़ी करेगा तो कानून अपना काम करेगा। किसी को भी अनुशासनहीनता की छूट नहीं है।”
यह बयान उस घटना के बाद आया है, जिसमें चिरमिरी में बीच सड़क पर केक काटने और आतिशबाजी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में स्वास्थ्य मंत्री के विशेष सहायक राजेंद्र दास को अपनी पत्नी का जन्मदिन सड़क पर मनाते हुए देखा गया था।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, नगर निगम चिरमिरी के डोमनहिल स्थित सोनावनी नाका (दादू लाहिड़ी चौक) में बीते गुरुवार रात भाजपा नेता और मंत्री के पीए राजेंद्र दास ने अपनी पत्नी का जन्मदिन सड़क पर केक काटकर मनाया। इस दौरान सड़क को अस्थायी रूप से बंद कर आतिशबाजी भी की गई। बताया जा रहा है कि जन्मदिन कार्यक्रम में कई लोग शामिल थे और ट्रैफिक कुछ समय के लिए बाधित रहा।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कांग्रेस की आधिकारिक हैंडल से पोस्ट किया गया। कांग्रेस ने वीडियो के साथ लिखा — “स्वास्थ्य मंत्री के विशेष सहायक बीच सड़क पर केक काटकर जन्मदिन मना रहे हैं। पटाखे फोड़कर सड़क को निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। क्या कानून सिर्फ आम जनता के लिए है?”
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने पोस्ट में यह भी लिखा कि “हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर जश्न या आतिशबाजी की अनुमति नहीं है, लेकिन भाजपा नेताओं और उनके सहयोगियों पर शायद यह नियम लागू नहीं होता।” कांग्रेस ने वीडियो के पीछे दिख रहे नगर निगम बोर्ड ‘अपना प्यारा चिरमिरी’ का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि यह पूरा मामला चिरमिरी क्षेत्र का है और यह “प्रशासनिक शिथिलता” का उदाहरण है।
एफआईआर दर्ज, जांच शुरू
वीडियो वायरल होने के बाद चिरमिरी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजेंद्र दास के खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर अव्यवस्था फैलाने और सड़क अवरोध करने की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि जांच जारी है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
मंत्री जायसवाल की प्रतिक्रिया
इस पूरे विवाद पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा —
“भारत एक संवैधानिक देश है, जहां कानून सब पर समान रूप से लागू होता है। कोई भी व्यक्ति चाहे वह मेरा पीए ही क्यों न हो, यदि उसने कोई गलती की है तो कानून के तहत कार्रवाई होगी। जो गड़बड़ करेगा, उसे उसका परिणाम भुगतना होगा। कानून सबके लिए है — किसी को भी छूट नहीं।”
मंत्री ने आगे कहा कि विभाग या प्रशासनिक स्तर पर यदि कोई अनुशासनहीनता हुई है, तो उसका संज्ञान लिया जाएगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई की उलटी गिनती शुरू हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में रायपुर समेत उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ से मानसून की वापसी शुरू हो जाएगी। इस बार मानसून ने राज्य में करीब चार महीने तक सक्रिय रहकर सामान्य से अधिक वर्षा दी है। अब मौसम में धीरे-धीरे बदलाव महसूस किया जा रहा है और उत्तर-पूर्वी ठंडी हवाएं राज्य की ओर रुख करने लगी हैं।
रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा में शुष्क मौसम की संभावना
मौसम विभाग ने बताया कि रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभागों में आने वाले दिनों में मौसम शुष्क होने की संभावना है। इन इलाकों में अब बारिश की गतिविधियां लगभग थमने लगी हैं। हालांकि, दक्षिण छत्तीसगढ़—विशेषकर बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार अभी बने हुए हैं।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में अब भी सक्रिय बादल
पिछले 24 घंटे में दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। अंतागढ़ में 100 मिमी, मैनपुर में 70 मिमी और लोहंडीगुडा में 60 मिमी वर्षा हुई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कमजोर होने के बाद धीरे-धीरे मानसून पीछे हटने लगा है। अब यह प्रणाली पूर्वी मध्य भारत से निकलकर पूरी तरह समाप्त होने की दिशा में है।
विदाई के बाद बदलेगा मौसम का मिजाज
मानसून की विदाई के साथ ही उत्तर-पूर्वी हवा का आगमन शुरू हो जाएगा। इससे हवा में नमी घटेगी और सुबह-शाम के तापमान में गिरावट दर्ज होगी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले एक सप्ताह में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की कमी आने की संभावना है। यह बदलाव धीरे-धीरे पूरे राज्य में महसूस किया जाएगा और अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक हल्की ठंडक का असर बढ़ेगा।
आज का मौसम: हल्के बादल और बौछारों की संभावना
रायपुर में आज सुबह से ही आसमान में हल्के बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि दिन में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। वहीं हवा की दिशा दक्षिण-पश्चिम से बदलकर उत्तर-पूर्व की ओर हो रही है, जो मानसून की विदाई का संकेत है।
सामान्य से अधिक बारिश का रहा सीजन
मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष छत्तीसगढ़ में औसत से लगभग 6% अधिक वर्षा दर्ज की गई। बस्तर और सरगुजा संभाग में सामान्य से अधिक बारिश हुई, जबकि राजनांदगांव, रायपुर और बलौदाबाजार जिलों में औसत के आसपास वर्षा दर्ज की गई। कुल मिलाकर, राज्य में इस बार फसलों के लिए अनुकूल मानसून रहा।
रायपुर। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस 2025 में आगामी धान खरीदी, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जिलों की प्रशासनिक तैयारियों पर गहन समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ होगी और किसानों के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिला कलेक्टर सीधे जिम्मेदार होंगे।
धान खरीदी की तैयारी पर मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जिलों में धान खरीदी की तैयारियों को समय पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि “किसानों का एक-एक दाना धान सरकार खरीदेगी”, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि खरीदी प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, सुगमता और जवाबदेही के साथ होनी चाहिए। संवेदनशील खरीदी केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए, साथ ही यह भी कहा गया कि प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों में जाकर निगरानी सुनिश्चित करें।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कलेक्टर कॉन्फ्रेंस शुरू हो गयाहै। इस बैठक में प्रदेश के सभी 33 जिलों के कलेक्टर मौजूद हैं। वहीं मुख्य सचिव सहित सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ कांफ्रेंस के दौरान उपस्थित हैं।
कांफ्रेंस के दौरान हर विभागों की बारी-बारी से मुख्यमंत्री फीडबैक लेंगे। मुख्यमंत्री ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि ये कांफ्रेंस सुशासन, पारदर्शिता और जनहित योजनाओं पर केंद्रित होगा।
मुख्यमंत्री शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा कर रहे हैं। खाद्य विभाग की समीक्षा के साथ कांफ्रेंस की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री ने आगामी धान खरीदी को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसानों का एक-एक दाना धान सरकार खरीदेगी।
मुख्यमंत्री ने किसान पोर्टल में किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन समय पर पूरा करने के निर्देश दिये। इस दौरान उन्होंने किसान पंजीयन में धीमी प्रगति वाले जिलों से आगे की कार्ययोजना की जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिया कि दूरस्थ अंचलों में नेटवर्क की समस्या होने पर विशेष शिविर लगाकर पंजीयन करें।
रायपुर। त्योहारी सीजन के नज़दीक आते ही राजधानी रायपुर में पुलिस विभाग ने सुरक्षा, ट्रैफिक और अपराध नियंत्रण को लेकर विशेष तैयारी शुरू कर दी है। आगामी धनतेरस और दीपावली के मद्देनजर पुलिस ने शहर में भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त चौकसी रखने, अपराधों पर नजर रखने और ट्रैफिक व्यवस्थित करने के लिए मासिक क्राइम मीटिंग आयोजित की। इस बैठक में आईजी अमरेश मिश्रा, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि त्योहारी सीजन में राजधानी के Law & Order को बनाए रखा जाए। पुलिस बल की उपस्थिति भीड़भाड़ वाले इलाकों में बढ़ाई जाएगी और अपराधियों पर सख्त नजर रखी जाएगी।
त्योहारी सीजन में बढ़ाई जाएगी पेट्रोलिंग और निगरानी
एसएसपी रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बैठक में बताया कि दीपावली और धनतेरस के दौरान शहर में नाइट पेट्रोलिंग को दोगुना किया जाएगा। चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी सिंह ने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि राजधानी में त्योहारी सीजन में आम जनता सुरक्षित रहे और अपराधियों को किसी भी हाल में अपनी गतिविधियों को अंजाम देने न दिया जाए। प्रत्येक थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि वे बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में शाम के समय अधिकतम पुलिस बल की उपस्थिति सुनिश्चित करें।"
जुआ-सट्टा पर जीरो टॉलरेंस नीति
बैठक के दौरान एसएसपी ने यह भी चेतावनी दी कि त्योहारी सीजन में जुआ-सट्टा, सट्टेबाजी और अवैध खेल गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को जुआ-सट्टा या अवैध गतिविधियों की जानकारी हो, तो वह तुरंत कंट्रोल रूम को कॉल या मैसेज के माध्यम से सूचना दे। एसएसपी ने आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष योजना
त्योहारी भीड़ और शॉपिंग सत्र को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने शहर को चार जोन में बांट दिया है। एडिशनल एसपी (ट्रैफिक) प्रशांत शुक्ला ने बताया कि मुख्य जोन में मालवीय रोड, गोलबाजार, सदर बाजार, तेलीबांधा, पंडरी कपड़ा मार्केट और पुरानी बस्ती बाजार शामिल हैं। इन इलाकों में विशेष पार्किंग व्यवस्था और यातायात मार्ग तय किए गए हैं। प्रशांत शुक्ला ने बताया कि 17 से 20 अक्टूबर के दौरान इन भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। दोपहिया और चारपहिया वाहनों का प्रवेश न केवल रोकने का निर्णय लिया गया है बल्कि पुलिस बल इन क्षेत्रों में पैदल और मोबाइल पेट्रोलिंग के माध्यम से भी निगरानी रखेगा। एसएसपी सिंह ने निर्देश दिए कि त्योहारी मौसम में शराब की दुकानों और रात के समय सक्रिय होने वाले असामाजिक तत्वों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
आम नागरिकों के लिए पुलिस की अपील
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि इस सीजन में जाम और अव्यवस्था को रोकने के लिए यातायात पुलिस शहर के मुख्य बाजार क्षेत्रों में वाहनों को मार्गदर्शित करेगी। पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाजारों में पुलिस चौकसी बढ़ाई जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और बाजारों में भीड़ को नियंत्रित करने में सहयोग दें। यदि किसी को किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि नागरिकों के सहयोग से दीपावली और धनतेरस शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से मनाई जा सकेगी।
जगदलपुर। रेलवे कॉलोनी में स्थित करीब 32 घरों पर रेलवे प्रशासन ने बुलडोजर चलाया है। रेलवे का कहना है कि ये जमीन रेलवे की है। यहां अवैध कब्जा कर मकान बना लिए थे। पहले नोटिस थमाकर खाली करने कहा था। नहीं किए तो दीवाली त्योहार से पहले कार्रवाई की। इधर, उस इलाके के रहवासियों का कहना है कि हमें कोई नोटिस नहीं मिला। हम घर में भी नहीं थे और रेलवे प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर घर तोड़ दिया है। वहीं इस मामले में अब सियासत भी शुरू हो गई है। कांग्रेस और भाजपा के नेता एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
दरअसल, यह मामला संजय गांधी वार्ड का है। शनिवार को यहां रेलवे के अफसर और पुलिस जवान पहुंच गए। फिर एक-एक कर अवैध तरीके से बने सारे मकानों पर बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य, पार्षद कोमल सेना और पार्टी कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे।
प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष का कहना है कि रेलवे प्रशासन ने यहां के रहवासियों को बिना सूचना दिए इस तरह की कार्रवाई की, जिससे 50 से ज्यादा परिवार बेघर हो गए हैं। दिवाली त्योहार से पहले रेलवे प्रशासन ने उनके घरों पर बुलडोजर चला दिया है। ये लोग अब कहां रहेंगे?
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 12 अक्टूबर को प्रातः 10.30 बजे नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर शामिल होंगे। कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, सुशासन की स्थिति और जनसेवा की गुणवत्ता पर समीक्षा की जाएगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम झगरपुर में कोलता समाज द्वारा आयोजित श्री श्री रणेश्वर रामचंडी मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन स्वामी आत्मानंद शासकीय हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झगरपुर परिसर में किया गया, जहाँ समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का पारंपरिक गजमाला पहनाकर और तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री श्री रणेश्वर रामचंडी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर माता रामचंडी के चरणों में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि झगरपुर की इस पावन भूमि पर आकर उन्हें आत्मिक शांति का अनुभव हुआ है। यह मंदिर न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि समाज की सांस्कृतिक चेतना और एकता का भी सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति और परंपराओं में बसती है। जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं ईश्वर का वास होता है। उन्होंने माता-पिता को सच्चा ईश्वर बताते हुए कहा कि यदि माता-पिता प्रसन्न हैं तो सभी देवी-देवता प्रसन्न रहते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी से अपने घर के बड़ों के प्रति सम्मान और सेवा-भाव बनाए रखने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए ई-गवर्नेंस की शुरुआत हो चुकी है तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ सतत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के 18 से 19 माह के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस दिया गया, धान खरीदी की सीमा 15 क्विंटल से बढ़ाकर 21 क्विंटल प्रति एकड़ की गई, और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की सहायता दी जा रही है। 18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत किए गए हैं। भूमिहीन मजदूर सहायता योजना, तेंदूपत्ता खरीदी 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा, रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी योजनाएं जनहित में संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संसाधनों से समृद्ध राज्य है, और जनसहयोग तथा संसाधनों के सही उपयोग से हम विकास के नए अध्याय लिख रहे हैं। ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ यह केवल नारा नहीं, बल्कि हमारी कार्यसंस्कृति है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 35,440 करोड़ रुपए के परिव्यय वाली दो प्रमुख योजनाओं – प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मिशन – का शुभारंभ किया है। यह योजनाएं देश के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, कृषि उत्पादन वृद्धि और ग्रामीण समृद्धि के लिए सतत प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि भूमि रजिस्ट्री व्यवस्था में सुधार कर शासन प्रणाली में नई पारदर्शिता और जवाबदेही लाई गई है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने झगरपुर में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपए, विकासखंड मुख्यालय लैलूंगा में कोलता समाज हेतु सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख रुपए, कुंजारा–तोलगे–मिलूपारा मार्ग निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपए, वार्ड क्रमांक 5 पटेलपारा के बीच नदी में स्टॉप डैम कम कॉजवे निर्माण हेतु 2.5 करोड़ रुपए, लैलूंगा–कुंजारा से गमेकेला में खारुन नदी पुलिया निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए और वार्ड क्रमांक 11 में शासकीय कन्या हाईस्कूल के नवीन भवन निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित है। कोलता समाज का आशीर्वाद और सहयोग सदैव प्रेरणास्रोत रहा है।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि प्रदेश का सौभाग्य है कि उसे ऐसे जनसेवक का नेतृत्व प्राप्त है जो प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पदभार ग्रहण करने के मात्र 12 दिन बाद ही 13 लाख किसानों को 3,716 करोड़ रुपए बोनस का भुगतान कर दिया। धान खरीदी की सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ और मूल्य 3,100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। प्रदेश में 18 लाख से अधिक गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभ दिया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि है और प्रभु श्रीराम इस धरती के भांजा हैं। यही हमारी सांस्कृतिक पहचान और गर्व है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय का ध्यान प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। लैलूंगा और आसपास के क्षेत्रों की आवश्यकताओं से मुख्यमंत्री पूर्णतः अवगत हैं, और क्षेत्र के विकास से जुड़े सभी कार्य चरणबद्ध रूप से पूरे किए जाएंगे।
कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन जिला पंचायत सदस्य बृजेश गुप्ता ने किया, जिन्होंने कोलता समाज की ऐतिहासिक परंपराओं और 120 उपजातियों की एकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन पर रत्थूलाल गुप्ता ने मुख्यमंत्री एवं सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, पूर्व विधायक सत्यानंद राठिया, सुनीति राठिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, ज्योति भगत, समाजसेवी अमर अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, गुरुपाल भल्ला, श्रीकांत सोमावर, अरुण कातोरे, जतिन साव, विनय साव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और श्रद्धालु उपस्थित थे।
रायपुर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर समाज कल्याण विभाग, जिला रायपुर द्वारा संचालित एकीकृत महिला सहायता केंद्र 'अपराजिता' में दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और मानसिक रूप से पीड़ित व्यक्तियों के जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास लाना था।
कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें 80 से अधिक हितग्राहियों ने भाग लिया। संस्था में हितग्राहियों को नि:शुल्क आवास, भोजन, वस्त्र एवं उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है।
प्कार्यक्रम में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में हितग्राहियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
चम्मच दौड़ में सुगंधनी ने पहला, विजयलक्ष्मी ने दूसरा, और सावित्री ध्रुव ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। बिस्किट दौड़ में सुमित्रा, अन्नु और सावित्री ध्रुव क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहीं। स्टाफ हेतु व्यंजन प्रतियोगिता में सपना मंडल (प्रथम), बिंदु वर्मा (द्वितीय), निरूपा मंडल व यशोदा निषाद (संयुक्त द्वितीय), और रिंकु साहा (तृतीय) विजेता रहीं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में दिखा उत्साह हितग्राहियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम में समूह नृत्य, गीत और नाटक की सुंदर झलक देखने को मिली।
समूह नृत्य में पूजा, माधुरी, वेदी, सुनीता और सावित्री ने भाग लिया।
नाटक में पद्मा, कमला, सागर और पूजा की भूमिका सराहनीय रही। संगीत में विजयलक्ष्मी, पूजा, दीपा, ईश्वरी और रेश्मी ने प्रस्तुति दी। स्टाफ नृत्य में वंदना, धनेश्वरी, त्रिवेणी और मनीषा वर्मा ने भाग लिया।
कार्यक्रम के समापन पर विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे सभी प्रतिभागियों में उत्साह और आत्मबल का संचार हुआ।
इस कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब राजेश्वरी वर्मा, जो पिछले एक वर्ष से 'अपराजिता' में रह रही थीं, अब अपने पति केदारनाथ वर्मा और बच्चों के साथ अपने गांव जरौदा (धरसीवा) वापस लौटने के लिए तैयार थीं। उनके चेहरे पर परिवार से मिलने की उत्सुकता और संतोष साफ झलक रहा था।
कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि:
प्रकृति के साथ समय बिताना, अच्छी नींद लेना, और मोबाइल का कम उपयोग करना मानसिक शांति के लिए आवश्यक है।
कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की संचालक रोक्तिमा यादव, जिला रायपुर के संयुक्त संचालक अरविंद गेडाम, डॉ. अनिल नायक, संस्था की प्र. अधीक्षक शिखा वर्मा, एवं स्टाफ सदस्य ममता यादव, श्रद्धा, निरूपा, गायत्री आदि उपस्थित रहे।
रायपुर। राजधानी रायपुर के अंतर्राज्यीय बस स्टैंड भाठागांव से प्रतिदिन लगभग 900 से अधिक बसों का संचालन होता है। बस चालकों द्वारा निर्धारित स्टापेज पर बस को न रोककर कहीं भी यात्री बिठाने/उतारने का कार्य किया जाता है जिससे नागरिकों को काफी असुविधा होती है। नागरिकों से मिल रही लगातार शिकायत पर डॉ. लाल उमेद सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर के निर्देश पर डॉ प्रशांत शुक्ला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात , गुरजीत सिंह व सतीश ठाकुर उप पुलिस अधीक्षक द्वारा पूर्व में 46 बस संचालकों का बैठक लेकर समझाईश दिया गया था परंतु बस स्टैंड के भीतर अव्यवस्था एवं बाहर सड़कों पर बसों को रोककर सवारी बिठाने का काम बंद नही हुआ। अव्यवस्था को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यातायात थाना प्रभारी भाठागांव बस स्टैंड प्रमोद कुमार सिंह द्वारा लगातार 03 दिनों तक टीम के साथ अभियान चलाकर भाठागांव बस स्टैंड से भाठागांव चौक तक एवं रिंग रोड 01 के किनारे अवैध पार्किंग करने वाले 676 बसों पर मोटरयान अधिनियम के धारा 122/177 के प्रावधान अंतर्गत ई-चालान की कार्यवाही किया गया।
इसी तरह रिंग रोड 01 में भाठागांव चौक के दोनों तरफ अवैध पार्किंग कर यातायात बाधित करने वाले 42 ई-रिक्शा, 22 कार एवं 27 मोटरसायकल पर कार्यवाही कर ई-चालान बनाया गया है। बता दें कि टूरिज्म परमिट वाले वाहनों को अंतर्राज्यीय बस स्टैंड से संचालन करने की अनुमति नही है इसके बावजूद भी बस स्टैंड से संचालित किये जाने की शिकायतें प्राप्त हुई है। बस स्टैंड में टूरिज्म परमिट वाले वाहनें अनावश्यक खड़े रहकर बस स्टैंड की व्यवस्था बिगाड़ते है। हमसफर ट्रेव्हल्स की टूरिज्म परमिट वाले बस क्रमांक एम.पी.-41-जेड.जी.-7786 पर बस स्टैंड के भीतर खड़े पाये जाने के कारण परमिट शर्तों का उल्लंघन के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए 5000 रूपये का फाइन किया गया । आगे टूरिज्म परमिट वाले बसों के अंतर्राज्यीय बस स्टैंड से संचालित करते हुए पाये जाने पर अभियान चलाकर कार्यवाही की जावेगी।
अपीलः- बस संचालकों से अपील है कि बस स्टैंड में बसों को व्यवस्थित रूप से खड़ा करें ताकि यात्रियों को असुविधा न हो साथ ही बस स्टैंड के बाहर कहीं भी बस रोककर सवारी बिठाने व उतारने का काम न किया जाए इससे यातायात बाधित होता है साथ ही दुर्घटना भी बना रहता है। टूरिज्म परमिट वाले बसों को परमिट शर्त के अनुसार संचालित करें बस स्टैंड में अनावश्यक पार्किंग न कराये।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित मुख्य समारोह से देश के किसानों को 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की कृषि परियोजनाओं का उपहार दिया। उन्होंने इस मौके पर दो नई योजनाएं- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया। इनमें प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए 30 हजार करोड़ रूपए और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 11 हजार करोड़ रूपए शामिल है। इसके अलावा श्री मोदी कृषि और संरचना कोष, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की 1100 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषक सभागार से हजारों किसानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा ऑनलाईन जुड़कर इस अभियान के शुभारंभ के साक्षी बने। इस मौके पर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं डेयरी विकास मंत्री राजीव रंजन सिंह, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, सांसद और विधायक भी वर्चुअली रूप से जुड़े थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती के दिन आज देश कृषि आत्मनिर्भरता का नया इतिहास रच रहा है। आज से प्रारंभ हुई दोनों योजनाएं देश के अन्नदाताओं को सशक्त बनाने और कृषि आत्मनिर्भरता के नए युग की शुरुआत है। खेती को लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर सिद्ध होंगी। उन्होंने बताया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत का कृषि निर्यात बढ़ा है, शहद उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन सहित सहायक कृषि गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हुई है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि विकास के पैरामीटर में पिछड़ रहे जिलों के लिए केंद्रित आकांक्षी जिला योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से सुधार का काम हुआ है। ठीक उसी तरह प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत खेती किसानी में पिछड़े देश के 100 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 36 नई योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा किसानों की भागीदारी से खेती की तस्वीर बदलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों और आने वाली पीढ़ी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दलहन आत्मनिर्भरता मिशन शुरू किया गया है। यह मिशन न केवल कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम है, बल्कि देश में पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी प्रयास है। शारीरिक और मानसिक विकास के लिए प्रोटीन अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए हमें मिलकर दलहन उत्पादन की सशक्त व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत अपनी दलहन आवश्यकताओं को पूर्ण रूप से पूरा नहीं कर पा रहा है। दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से दाल उत्पादन में वृद्धि होगी और लगभग दो करोड़ दाल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बड़ी ख़ुशी की बात है कि किसान हित में दो नई योजनाओं में छत्तीसगढ़ के तीन जिलों जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा को भी शामिल किया गया है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने इन दो नई योजनाओं के लिए प्रदेश के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन योजनाओं से खेती-किसानी की तस्वीर बदलेगी और आर्थिक सम्पन्नता भी आएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने योजनाओं के शुभारंभ के अवसर पर कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और कृषि अभियांत्रिकी सब मिशन योजना के तहत किसानों को ट्रैक्टरों, कृषि उपकरणों की चाबी भी सौपी और अनुदान राशि का चेक प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का बोलबाला है। जीएसटी में बड़ा रिफॉर्म हुआ है। जीएसटी रिफॉर्म के बाद एक दिन मैं एक ट्रैक्टर शो रूम में गया, यहां आकर मुझे पता चला कि एक ट्रैक्टर के पीछे 40,000 से 60,000 तक की राशि बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टॉल देखने के दौरान यहां मुझे एक किसान भाई मिले जिन्होंने हार्वेस्टर खरीदा, उन्हें एक लाख रुपए से भी अधिक की भी बचत का फ़ायदा मिला। यह देखकर बड़ी ख़ुशी होती है कि हमारे किसान भाइयों को इतना फायदा मिल रहा है।
श्री साय ने बताया कि सरकार छत्तीसगढ़ में किसानों के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। किसानों से किया हर वादा हमने पूरा कर दिया है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, दो साल का बकाया बोनस भुगतान किया। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता में लेते हुए राज्य में 1500 से अधिक सिंचाई योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए एकमुश्त 2800 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि योजनाओं के मजबूतीकरण के लिए कई अहम कार्य हुए। किसान क्रेडिट कार्ड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ज्यादातर सीमांत किसान हैं, उन्हें सरकार की कृषि हितैषी योजनाओं का बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए सतत प्रयासरत है और यह योजना उसी दिशा में एक ठोस पहल है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चन्द्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा और गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, सदस्य सौरभ साहेब, कृषि उत्पादन आयुक्त शाहला निगार, रायपुर कलेक्टर सौरभ सिंह, कृषि संचालक राहुल देव, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम एमडी अजय अग्रवाल, उद्यानिकी विभाग के संचालक एस.जगदीशन राव, मत्स्य विभाग के संचालक श्री नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निज सचिव की पत्नी का बर्थडे सेलिब्रेशन ने राजनीति गरमा दी है। सड़क पर सेलीब्रेट हुए इस जन्मदिन में लग्जरी कार की बोनट पर केक काटा गया और फिर सड़क पर ही जमकर आतिशबाजी भी की गई। जिसे लेकर अब कांग्रेस हमलावर हो गयी है। सड़क पर बर्थडे सेलिब्रेशन को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि…..”क्या हाईकोर्ट के नियम सिर्फ आम जनता के लिए है ? भाजपा नेताओं और उनके सहायकों पर नियम लागू नहीं होता क्या ?”
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निज सचिव राजेंद्र दास ने अपनी पत्नी का बर्थडे सड़क पर सेलीब्रेट किया। सोशल मीडिया में वायरल वीडियों में देखा जा सकता है कि राजेंद्र दास की पत्नी सड़क पर लग्जरी कार के पास ही हाथ में केक रखकर खड़ी है। इस दौरान सड़क पर जमकर आतिशबाजी भी की गई। भाजपा नेता राजेंद्र दास की पत्नी के बर्थडे सेलिब्रेशन का यह वीडियो गुरुवार रात का बताया जा रहा है।
जिसे लेकर अब सूबे की राजनीति गरमा गयी है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने आफिसियल सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियों पर जारी कर सरकार से सवाल पूछे। कांग्रेस ने सड़क पर बर्थडे मनाने को लेकर हाईकोर्ट के नियम पर जोर दिया। कांग्रेस ने इस वीडियों को टैग करते हुए एक्स पर लिखा कि…….”स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निज सचिव राजेंद्र दास, जो खुद भाजपा नेता भी हैं। सड़क पर खुलेआम पत्नी का जन्मदिन मना रहे हैं। पटाखे फोड़कर आतिशबाजी के बीच सड़क को निजी जागीर बना दिया गया। क्या हाईकोर्ट का नियम सिर्फ आम जनता के लिए है ? भाजपा नेताओं और उनके सहायकों पर कानून लागू नहीं होता क्या ?”
राजेंद्र दास ने कहा….कांग्रेस का आरोप बेबुनियाद
वहीं इस मामले में राजेंद्र दास ने कांग्रेस के आरोप को बेबुनियाद बताया। उन्होने कहा कि……पहली बात तो चिरमिरी में कोई नेशनल हाईवे की सड़क नहीं है। दूसरी बात की पटाखे सड़क पर नहीं घर के सामने गली में फूटे हैं। वह भी पटाखे मैं नहीं फोड़ा हूं, यह पटाखे मेरे करीबी फोड़े हैं। केक भी सड़क पर नहीं काटा गया है। खैर राजेंद्र दास भले ही कितनी भी सफाई दे, लेकिन कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और स्वास्थ्य मंत्री को घेरना शुरू कर दिया है।