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छत्तीसगढ़ की धरती सदा से रही है साहित्य और संस्कृति की धरा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। छत्तीसगढ़ की साहित्यिक, सांस्कृतिक और कलात्मक परंपराओं को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से विगत रात्रि आयोजित राज्य स्तरीय युवा कवि सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की पावन भूमि को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती सदा से साहित्य और संस्कृति की धरा रही है।




मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाकवि कालिदास ने इसी धरती पर मेघदूत जैसे अमर काव्य की रचना की, वहीं गजानन माधव मुक्तिबोध और पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी जैसे यशस्वी साहित्यकारों ने इसी मिट्टी से अपनी पहचान बनाई। उन्होंने अपने पूर्व संसदीय क्षेत्र रायगढ़ के सुप्रसिद्ध संगीत सम्राट राजा चक्रधर सिंह को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग का यह अभिनव प्रयास प्रदेश की कला, साहित्य और रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहन देने का उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवा साहित्यकारों, रचनाकारों और कलाकारों को निरंतर आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं से चयनित तीनों विजेताओं को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि इस मंच के माध्यम से युवा कवियों को देश के ख्यातिलब्ध कवियों से मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जिससे उनके रचनात्मक विकास को नई दिशा मिलेगी।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति गीत, नृत्य और भावनाओं का जीवंत संगम है : उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि यह सम्मेलन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवा कवियों के लिए सीखने और सृजन की प्रेरणा का अवसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति आरंभ से ही समृद्ध रही है — यहाँ मनुष्य के जीवन से लेकर मृत्यु तक हर अवसर पर गीत गाए जाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब खेतों में बुआई का समय आता है, तो पूरे वातावरण में ददरिया की मधुर ध्वनि गूंजती है। यहाँ विविध वाद्य, गीत, नृत्य और लोककलाओं की अनूठी परंपरा रही है। श्री साव ने कहा कि यह प्रदेश संतों, महात्माओं और कवियों की कर्मभूमि रहा है, जहाँ से समाज को सदैव नई दिशा मिली है। उन्होंने प्रदेशभर से आए युवा कवियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।
प्रख्यात कवियों का मनमोहक काव्यपाठ
सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कवि शशिकांत यादव, दिनेश बावरा, नीलोत्पल मृणाल, कविता तिवारी और मनु वैशाली ने अपनी ओजपूर्ण एवं भावनात्मक कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
प्रदेश की प्रतिभाओं को मिला सम्मान
राज्य स्तरीय युवा कवि प्रतियोगिता में बिलासपुर जिले की निधि तिवारी ने प्रथम स्थान, मीरा मृदु ने द्वितीय स्थान तथा कोरिया जिले की अलीशा शेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित विभिन्न आयोग एवं मण्डल के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, कवि एवं बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दी बीरगांव नगर निगम को विकास कार्यों की सौग़ात
रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा बीरगांव नगर निगम में नागरिक सुविधाओं के विस्तार हेतु नगर उत्थान योजना अंतर्गन 27 करोड़ रूपए एवं अधो संरचना मद में 6 करोड़ रूपए की राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू की पहल पर बीरगांव नगर निगम क्षेत्र के सभी 40 वार्ड में बुनियादी नागरिक सुविधाओं के उन्नयन हेतु यह स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्थानीय सुविधाओं के उन्नयन की दिशा में विभाग द्वारा मिली इस स्वीकृति को हर वार्ड में सड़क,नाली,जल निकासी और बुनियादी ढांचे के उन्नयन की दिशा में इसे ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। बीरगांव नगर निगम द्वारा निर्माण कार्यों के लिए प्रक्रिया तत्काल शुरू की जा रही है।
बीरगांव नगर निगम आयुक्त युगल किशोर उर्वशा के अनुसार बीरगांव नगरीय क्षेत्र के सभी वार्डों में आवश्यकतानुसार विभिन्न विकास कार्यों हेतु प्रस्ताव तैयार कर नगरीय प्रशासन संचालनालय को प्रेषित किया गया था। स्थानीय विधायक मोतीलाल साहू ने सभी 40 वार्ड में कांक्रीटीकरण, सी सी रोड, नाली निर्माण, पेवर, उद्यान रखरखाव आदि कार्यों हेतु प्रस्ताव अग्रेषित किया था । इस पर त्वरित निर्णय लेते हुए उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने तत्काल अपनी स्वीकृति देते हुए अधो संरचना मद अन्तर्गन राशि 6 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की है.
आयुक्त श्री उर्वशा ने आगे बताया कि उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर बीरगांव नगर उत्थान योजना के तहत लगभग 27 करोड़ रूपए की स्वीकृति भी नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा दी गयी है, जिसके माध्यम से बंधवा तालाब नाला तक सड़क चौड़ीकरण, नाला निर्माण, शनिमंदिर के फ़िल्टर प्लांट होते हुए कन्हेरा मोड़ तक बायपास सड़क निर्माण जैसे कार्य किये जाएंगे। इन कार्यों के पूरा होने से आवागमन सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियां तेज़ी से बढ़ेंगी । उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जा रही है एवं 6 माह के भीतर में सभी कार्य पूरे किए जाने की योजना है।
मुरिया दरबार में शामिल हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मांझी-चालकी से किया सीधा संवाद
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर दशहरा पर्व के अवसर पर जगदलपुर के सिरहासार भवन में आयोजित मुरिया दरबार में शामिल हुए। बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के चित्र पर दीप प्रज्वलित करने के पश्चात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मांझी-चालकी से सीधा संवाद करते हुए बस्तर से माओवाद को समाप्त करने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि माओवाद से जुड़कर हथियार उठा चुके बच्चों को समझाएं कि वे मुख्यधारा में लौटें और शासन की योजनाओं का लाभ लें।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बस्तर के विकास और नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए दृढ़संकल्पित हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मांझी-चालकी से संवाद करते हुए कहा कि मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि बस्तर के युवा डॉक्टर, इंजीनियर, डिप्टी कलेक्टर और कलेक्टर बनकर पूरे छत्तीसगढ़ की सेवा करें। यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि युवा नक्सलवाद से न जुड़ें और जो जुड़ चुके हैं, वे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटें। जहां-जहां नक्सलवाद समाप्त हुआ है, वहां छत्तीसगढ़ सरकार तेजी से विकास कार्य कर रही है और लोगों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुरिया दरबार में मांझी-चालकी को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बस्तर दशहरा पर्व को और भव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बस्तर दशहरा के लिए दी जाने वाली राशि 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की जा रही है। साथ ही बस्तर दशहरा पर्व के परंपरागत स्थलों जिया डेरा, माडिया सराय इत्यादि के विकास और निर्माण कार्य भी सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और अन्य अतिथियों का बस्तर दशहरा समिति के परंपरागत सदस्य मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरिन और नाईक-पाईक ने पारंपरिक पगड़ी एवं माला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।
मुरिया दरबार को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद कांकेर भोजराज नाग, विधायक जगदलपुर किरण देव, विधायक कोण्डागांव लता उसेण्डी, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी, विधायक केशकाल नीलकंठ टेकाम, विधायक कांकेर आशाराम नेताम, बस्तर राजपरिवार के सदस्य कमलचंद्र भंजदेव, बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष बलराम मांझी सहित बस्तर दशहरा समिति के पारंपरिक सदस्य मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरिन और नाईक-पाईक उपस्थित थे।
सिंहदेव के आश्वासन के बाद गृहमंत्री कंवर वापस कोरबा लौटे, प्रदेश अध्यक्ष ने जल्द कार्रवाई का दिलाया भरोसा
रायपुर। राजधानी रायपुर में हाउस अरेस्ट किये जाने के बाद पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को मना लिया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव से कंवर की मुलाकात। इस मुलाकात में सिंहदेव ने नाराज ननकीराम की मांगों पर जल्द ही सरकार द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जिसके बाद देर शाम ननकीराम कंवर अपने समर्थकों के साथ कोरबा वापस लौट गये।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर और कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत के बीच विवाद जग जाहिर है। कलेक्टर की कार्रवाईयों का विरोध करते हुए ननकीराम कंवर ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। 15 बिंदुओं में लिखे इस शिकायत पत्र में कंवर ने कलेक्टर को जिले से हटाने की मांग की थी। वहीं उन्होने मांग पूरी नही होने पर सीएम हाउस के सामने 4 अक्टूबर से धरने पर बैठने की धमकी भी दे डाली थी।
इस पत्राचार के बाद भी कोई कार्रवाई नही होनें से क्षुब्ध होकर ननकीराम कंवर शुक्रवार को ही रायपुर पहुंच गये थे। यहां जब वे धरना देने जाने के लिए समर्थकों के साथ जाने लगे, तभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने उनका रास्ता रोक लिया। रायपुर पुलिस ने कंवर को गहोई भवन में बाहर से ताला लगाकर अंदर ही बंद कर दिया। जिसके बाद ननकीराम कंवर का गुस्सा फूट पड़ा। उधर गहोई भवन पहुंचे मीडिया कर्मियों से बातचीत में कंवर ने खुद को हाउस अरेस्ट करने की बात कहते हुए प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाये।
कंवर ने कहा….यहीं रवैय्या रहा तो अगले चुनाव में 10 सीट भी मुश्किल
रायपुर में हाउस अरेस्ट होने से नाराज कंवर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि….अगर यही रवैया रहा तो अगली बार प्रदेश में भाजपा सरकार नहीं बनाएगी। जनता कह रही है कि अगली बार भाजपा को 10 से ज़्यादा सीटें नहीं मिलेंगी। उन्होने आरोप लगाया कि निजी फायदे के लिए बाल्को कंपनी से मिलीभगत करके मुआवजे के नाम पर डीएमएफ में करोड़ों का बंदरबांट किया जा रहा है। कंवर ने प्रदेश में ब्यूरोकेसी के हावी होने की बात को लेकर भी गहरी नाराजगी जतायी।
पूर्व CM बघेल ने इस मुद्दे पर कह दी ये बड़ी बात…!
ननकीराम कंवर के इस विरोध प्रदर्शन और उन्हे हाउस अरेस्ट किये जाने को लेकर कांग्रेस भी सरकार पर हमलावर रही। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि….“वाह! अमित शाह जी! वाह जिस वक्त देश के गृहमंत्री बस्तर में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुँचे हैं, ठीक उसी वक्त वरिष्ठ आदिवासी भाजपा नेता, पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर जी को रायपुर में “हाउस अरेस्ट” कर लिया गया है. यह दिखाता है कि भाजपा आदिवासियों की आवाज़ को दबाना चाहती है, चाहे वह फिर भाजपा के अंदर से ही क्यों न उठे. “प्रशासनिक दलाली” के ख़िलाफ़ अपनी आवाज बुलंद करने पर आदिवासी भाजपा नेताओं के साथ भाजपा सरकार का यह कृत्य निंदनीय है.“
प्रदेश की प्रगति की रीढ़ है सड़क अधोसंरचना, 2.79 किमी लंबी सुरंग बनेगी विकास की नई राह – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। छत्तीसगढ़ ने आज बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने सिर्फ 12 महीनों में राज्य की पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग (लेफ्ट हैंड साइड) का निर्माण कर लिया है। यह ब्रेकथ्रू इंजीनियरिंग की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ आमजन के जीवन और राज्य के आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाला है।
2.79 किलोमीटर लंबी यह टनल रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे (NH-130CD) का हिस्सा है, जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अभनपुर परियोजना कार्यान्वयन इकाई द्वारा निर्मित किया जा रहा है। यह ट्विन ट्यूब टनल जब पूरी तरह तैयार होगी, तो रायपुर से विशाखापट्टनम तक यात्रा का समय काफी कम होगा, व्यापार एवं उद्योग को गति मिलेगी और छत्तीसगढ़, ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह टनल समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क एवं परिवहन अधोसंरचना का विकास प्रदेश की प्रगति की रीढ़ है। इस टनल से छत्तीसगढ़ में पर्यटन और सामाजिक–आर्थिक जुड़ाव के नए अवसर भी खुलेंगे।



उन्होंने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन के अनुरूप यह परियोजना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।
AICC ने भूपेश बघेल को बिहार चुनाव में सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, बनाए गए सीनियर ऑब्जर्वर
रायपुर। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अखिल भातरीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बड़ी जिम्मेदारी दी है. उन्हें सीनियर ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है.

बस्तर दशहरा महोत्सव में शामिल हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
रायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित बस्तर दशहरा महोत्सव को संबोधित किया। इससे पहले अमित शाह ने प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजन किया। बस्तर दशहरा महोत्सव के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री डॉ. विजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि 75 दिनों तक चलने वाला विश्व का सबसे बड़ा और अनूठा बस्तर दशहरा मेला न केवल आदिवासी समाज, बस्तर, छत्तीसगढ़ या भारत बल्कि पूरे विश्व में सबसे बाद सांस्कृतिक महोत्सव है। श्री शाह ने कहा कि आज माँ दंतेश्वरी के दर्शन-पूजन के दौरान उन्होंने प्रार्थना की कि वे हमारे सुरक्षा बलों को शक्ति दें ताकि वे 31 मार्च 2026 तक बस्तर क्षेत्र को लाल आतंक से मुक्त कर सकें। श्री शाह ने कहा कि दिल्ली में कुछ लोग वर्षों तक यह भ्रांति फैलाते रहे कि नक्सलवाद का जन्म विकास की लड़ाई है, जबकि सच यह है कि बस्तर के विकास से वंचित रहने का मूल कारण नक्सलवाद ही है। उन्होंने कहा कि आज देश के हर गाँव में बिजली, पेयजल, सड़क, हर घर में शौचालय, पाँच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा और पाँच किलो मुफ्त अनाज के साथ-साथ चावल को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की व्यवस्था पहुँच चुकी है, लेकिन बस्तर प्रगति की इस दौड़ में पीछे रह गया है।
गृह मंत्री ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से यह आश्वासन देना चाहते हैं कि 31 मार्च, 2026 के बाद नक्सलवादी न तो बस्तर के विकास और न ही बस्तर के लोगों के अधिकारों को रोक पाएंगे। श्री शाह ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के जो बच्चे भटक कर नक्सलवाद से जुड़ गए हैं, वे स्थानीय गांवों के ही हैं। श्री शाह ने बस्तर के लोगों से अपील की कि वे भटके हुए इन बच्चों को हथियार छोड़ कर मुख्यधारा में शामिल होने की बात समझाएं, ताकि वे बस्तर के विकास में सहभागी बनें।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने देश की सबसे बेहतर सरेंडर नीति बनाई है। पिछले एक महीने में ही 500 से अधिक लोग सरेंडर कर चुके हैं। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे सरेंडर कर दें। श्री शाह ने कहा कि जिस गाँव में नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा, वहाँ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गाँव के विकास के लिए 1 करोड़ रुपए दिए जाएँगे। श्री शाह ने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं हुआ है और यह समस्या अब काफी हद तक कम हो चुकी है।
अमित शाह ने कहा कि कि केन्द्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर सहित सभी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए पूर्णतः समर्पित हैं और इसके लिए आकर्षक नीतियाँ बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पिछले 10 वर्षों में लगभग 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपए की धनराशि प्रदान की है। छत्तीसगढ़ का विकास दिन-दूनी,रात-चौगुनी गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित हो रहे हैं, शिक्षा के संस्थान बन रहे हैं, और स्वास्थ्य संस्थानों का विकास हो रहा है। साथ ही हमारे लघु उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमने बहुत मोहक आत्मसमर्पण नीति बनाई है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार डाल दें। श्री शाह ने साथ ही चेताया भी कि यदि हथियारों के जरिए बस्तर की शांति को भंग करने का प्रयास किया गया, तो हमारे सशस्त्र बल, सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस मिलकर इसका करारा जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 की तिथि तय है, जब नक्सलवाद को इस देश से पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि इस बार बस्तर ओलंपिक में देशभर के आदिवासी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर का पंडुम उत्सव, खान-पान, वेश-भूषा, कला, और वाद्य यंत्र न केवल बस्तर में, बल्कि पूरे विश्व में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी का यही संकल्प है कि हमारी संस्कृति, भाषा, खान-पान, वेश-भूषा और वाद्य यंत्र सदियों तक न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के लिए संरक्षित रहें। इस संकल्प को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और भारत सरकार कटिबद्ध हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर में 1874 से आज तक मुरिया दरबार में सक्रिय भागीदारी, न्यायिक व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने का चिंतन और जनसंवाद की ऐतिहासिक परंपरा किसी वैश्विक धरोहर से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि मुरिया दरबार पूरे देश के लिए प्रेरणा और जानकारी का विषय है।
अमित शाह ने स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेला का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लंबे समय से स्वदेशी पर जोर दिया है। स्वदेशी जागरण मंच कई वर्षों से स्वदेशी को जन-आंदोलन के रूप मेंचला रहा है। अब मोदी ने सभी से आह्वान किया है कि प्रत्येक घर को यह संकल्प लेना है कि हम केवल अपने देश में बनी वस्तुओं का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यापारी को यह संकल्प लेना है कि उनकी दुकान या शॉपिंग मॉल में विदेशी वस्तुएँ उपलब्ध नहीं होंगी। श्री शाह ने कहा कि यदि 140 करोड़ की आबादी स्वदेशी के इस संकल्प को आत्मसात कर ले, तो भारत को विश्व की सर्वोच्च आर्थिक शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी जी ने हाल ही में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की माताओं-बहनों को 395 वस्तुओं पर जीएसटी में भारी छूट देकर बड़ी राहत प्रदान की है। खाने-पीने की लगभग सभी चीजों को कर-मुक्त कर दिया गया है, और रोजमर्रा की उपयोग की वस्तुओं पर केवल पाँच प्रतिशत कर रखा गया है। उन्होंने कहा कि देश में इतनी बड़ी कर कटौती पहले कभी नहीं हुई, जितनी मोदी जी ने की है। इसके साथ ही, यदि हम स्वदेशी के संस्कारों को अपनाते हैं, तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व गति मिलेगी। श्री शाह ने कहा कि बस्तर दशहरा महोत्सव में 300 से अधिक स्वदेशी कंपनियाँ हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वॉकथॉन स्वदेशी भावना को नई पहचान देने का एक प्रभावी माध्यम बन गया है। आज देशभर में आयोजित हो रहे स्वदेशी मेलों के माध्यम से स्वदेशी अभियान को और गति मिल रही है।
अमित शाह ने कहा कि श्रावण अमावस्या से अश्विन शुक्ल त्रयोदशी तक चलने वाला बस्तर का 75 दिनों का दशहरा हम सभी के लिए गौरव, पहचान और अभिमान का विषय है। उन्होंने कहा कि 14वीं शताब्दी से शुरू हुई रथ यात्रा ने इस पूरे क्षेत्र में सांस्कृतिक जागृति की शुरुआत की। श्री शाह ने कहा कि माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा में 66 आदिवासी और कई गैर-आदिवासी समूह भाग लेते हैं। श्री शाह ने कहा कि बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार आदिवासियों को जोड़ने का कार्य करते हैं और पूरे बस्तर को एक सूत्र में पिरोते हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने आदिवासियों के सम्मान में अनेक योजनाएँ शुरू की हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार देश के सर्वोच्च पद पर आदिवासी समुदाय की बेटी द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर गौरवपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जब महामहिम द्रौपदी मुर्मू विश्व के राष्ट्राध्यक्षों से मिलती हैं, तो न केवल आदिवासी समाज, बल्कि हम सभी का हृदय गर्व से भर जाता है। लोकतंत्र के सर्वोच्च पद पर ओडिशा के एक गरीब परिवार की बेटी का महामहिम के रूप में आसीन होना हम सभी के लिए गौरव का विषय है। श्री शाह ने कहा कि मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया। उनकी जयंती को आदिवासी गौरव दिवस के रूप में स्थापित किया गया। बस्तर संभाग के सातों जिलों में नक्सलवाद छोड़कर सरेंडर करने वाले व्यक्तियों और नक्सली हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 15,000 से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का कार्य भी प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया है।
अमित शाह ने कहा कि नारायणपुर जिले के पंडी राम मंडावी और हेमचंद मांझी, तथा कांकेर के अजय कुमार मंडावी को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा महोत्सव के अवसर पर आज ‘महतारी वंदन योजना’ की 20वीं किस्त के रूप में 70 लाख छत्तीसगढ़ी माताओं को 607 करोड़ रुपए वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ किया गया है। यह योजना बस्तर और सरगुजा संभागों में लागू की गई है और इसके तहत 250 गाँव समाहित किए गए हैं।
केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह मांझी-चालकी के साथ अभिनन्दन भोज में हुए शामिल
रायपुर। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जगदलपुर के लालबाग मैदान में बस्तर दशहरा पर्व से जुड़े मांझी-चालकी, मेम्बर एवं मेम्बरीन के सम्मान में आयोजित अभिनंदन भोज में शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अभिनंदन भोज में परोसे गए आदिवासी समाज के पारम्परिक व्यंजनों की सराहना करते हुए कहा कि ये पारम्परिक व्यंजन बस्तर की संस्कृति, परंपरा और आदिवासी जीवन मूल्यों का अनूठा स्वाद प्रस्तुत करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर की आदिवासी परंपरा में मांझी-चालकी, मेंबर और मेंबरीन के साथ अभिनंदन भोज केवल एक सत्कार नहीं है, बल्कि यह भाईचारे, सामुदायिक मेल-जोल और सांस्कृतिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। यह अवसर न केवल बस्तर की समृद्ध और जीवंत आदिवासी संस्कृति का उत्सव है, बल्कि हमारी सामाजिक एकता और स्थानीय परंपराओं के प्रति सम्मान की भी अभिव्यक्ति है।
अभिनंदन भोज में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद महेश कश्यप एवं भोजराज नाग, विधायक किरण सिंह देव, विनायक गोयल, चैतराम अटामी, नीलकंठ टेकाम, आशाराम नेताम तथा लता उसेंडी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का किया शुभारंभ, कहा- विकास से विश्वास तक की यात्रा में अब सहभागी बनेंगे बस्तर और सरगुजा के सुदूर अंचलवासी
रायपुर। बस्तर से नक्सलवाद का अंत शीघ्र होगा और क्षेत्र में शांति स्थापित कर हम विकास के नए आयाम गढ़ेंगे। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलवासी अब विकास से विश्वास तक की यात्रा में सहभागी बनकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जगदलपुर से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यात्री बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और क्षेत्रवासियों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए डबल इंजन की सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। लाल आतंक की समाप्ति प्रदेश के सुदूर इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगी। आज प्रारंभ हुई यात्री बस सेवा हमारे नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करेगी। उन्होंने कहा कि अब 250 गांवों के लोग अपने निकटवर्ती शासकीय कार्यालयों, स्कूलों और अस्पतालों तक आसानी से पहुंच पाएंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि हमारी सरकार जनसुविधाओं को बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य यात्री बस सुविधा से वंचित गांवों में बसों का परिचालन सुनिश्चित करना है। इससे लोग कम लागत में अपने गंतव्य तक समय पर पहुंच सकेंगे। रोज़मर्रा के कामकाज, शासकीय कार्यों और अन्य गतिविधियों में भी सहूलियत बढ़ेगी।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना शुरू की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य उन गांवों तक बस सेवा पहुँचाना है, जहाँ अब तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इस पहल से ग्रामीणों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिलेगा, जो उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा पर फोकस
योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग को प्राथमिकता दी गई है। इन क्षेत्रों में कुल 34 मार्गों पर 34 बसों का संचालन प्रारंभ होगा। इस पहल से 11 जिलों के 250 नए गांव बस सेवा से जुड़ेंगे। यह प्रयास विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगा, जहां सड़क संपर्क सीमित है और लोग जिला मुख्यालय या अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करते हैं।
ग्राम पंचायत से जिला मुख्यालय तक कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक निर्बाध बस कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है। इससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बाजार जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। योजना के तहत संचालित बसें समयबद्ध और सुरक्षित यात्रा का भरोसा देंगी, जिससे ग्रामीणों का समय और संसाधन दोनों की बचत होगी। योजना की दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बस संचालकों को वायबिलिटी गैप फंडिंग प्रदान करने का प्रावधान किया है। यह वित्तीय सहयोग संचालकों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाएगा, ताकि वे इन दूरस्थ क्षेत्रों में निरंतर सेवा दे सकें। यह कदम न केवल परिवहन सुविधाओं को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी योगदान देगा।
250 गांवों को पहली बार बस सेवा से जोड़ने की उपलब्धि
इस योजना के तहत लगभग 250 गांव पहली बार बस सेवा से जुड़ रहे हैं। यह ग्रामीण छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जो सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देगा। ग्रामीणों को अब अपनी आवश्यकताओं के लिए लंबी दूरी पैदल तय करने या निजी वाहनों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी।
समावेशी विकास की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस योजना की शुरुआत पर कहा कि हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से न छूटे। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाने और उन्हें शहरों से जोड़ने का प्रयास है। यह योजना न केवल परिवहन की सुविधा देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। यह योजना न केवल परिवहन की दृष्टि से, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समानता की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जारी की महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त : 65 लाख महिलाओं के बैंक खातों में पहुँचे 606.94 करोड़ रुपये
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मोदी की गारंटी’ के तहत शुरू की गई महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में नई रोशनी लाई है। यह योजना केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कदम है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज जगदलपुर में बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार के अवसर पर माई दंतेश्वरी की धरती से राज्य की 64 लाख 94 हजार 768 हितग्राही महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त के रूप में 606 करोड़ 94 लाख रुपये की राशि अंतरित करते हुए यह बात कही।
केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का सपना है कि हर महिला सशक्त और आत्मनिर्भर बने तथा देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में बराबरी की भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जिस पारदर्शिता और प्रतिबद्धता से इस योजना को लागू किया है, वह पूरे देश के लिए एक आदर्श है। यह योजना आने वाले वर्षों में प्रदेश के सतत विकास और महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव साबित होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में आत्मविश्वास और सम्मान की नई ऊर्जा का संचार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में मिली यह सौगात हमारे प्रदेश की महिलाओं को न केवल आर्थिक सहयोग दे रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज और परिवार में एक नई पहचान भी दिला रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि छत्तीसगढ़ की हर महिला सशक्त बने और विकास की यात्रा में बराबरी की भागीदार बने। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की महिलाओं को न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने का साधन दिया है, बल्कि उन्हें समाज में आत्मसम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया है।
उल्लेखनीय है कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी पहल कही जाने वाली महतारी वंदन योजना की शुरुआत 1 मार्च 2024 को हुई थी। इस योजना का उद्देश्य 21 वर्ष से अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। अब तक योजना की 19 किस्तों में लाभार्थी महिलाओं को कुल 12376 करोड़ 19 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी थी। आज 20वीं किस्त जारी होने के साथ यह आंकड़ा बढ़कर 12983 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक हो गया है।
उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: कंपनी को देनी होगी नई कार या लौटानी होगी 1.11 करोड़ की राशि
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने रायपुर स्थित शिवालिक इंजीनियरिंग लिमिटेड के सी.एम.डी. के लिए खरीदी गई हायब्रिड कार लेक्सस RX350H में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट पाए जाने पर बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने लेक्सस इंडिया और टोयोटा किर्लोस्कर मोटर को आदेश दिया है कि उत्तरवादी कंपनी 45 दिनों के भीतर परिवादी को समान मॉडल की नई कार प्रदान करे या 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ कार की पूरी कीमत सहित पंजीयन शुल्क लौटाए।
छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने इसके अलावा परिवादी को मानसिक पीड़ा और प्रताड़ना के लिए ₹50,000 और वाद व्यय के रूप में ₹15,000 भी भुगतान करना होगा।
जानिए क्या है पूरा मामला
कंपनी ने 13 अक्टूबर 2023 को यह कार खरीदी थी, जो छत्तीसगढ़ में पहली ऐसी हाइब्रिड कार थी। लेकिन खरीदने के तुरंत बाद ही स्टार्टिंग प्रॉब्लम, चलते-चलते अचानक बंद हो जाना और बैटरी से करंट लीकज जैसी गंभीर खराबियां सामने आने लगीं। पंजीयन में भी छह महीने की देरी हुई, क्योंकि निर्माता ने आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराए। सर्विस के दौरान कार को भुवनेश्वर भेजा गया, लेकिन चार महीने बाद लौटी कार में डेंट्स, स्क्रैच थे और समस्याएं जस की तस बनी रहीं। आयोग ने इन खराबियों को मालिक की सुरक्षा के लिए खतरा माना, क्योंकि चलते समय गाड़ी अचानक रुक जाना हादसे का कारण बन सकता था।
आयोग ने जांच में पाया कि कार में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट था, जिसे कंपनियां ठीक करने में असफल रहीं। शीवालिक इंजीनियरिंग ने स्वतंत्र सर्विस सेंटर का सर्टिफिकेट भी पेश किया, जिसका कंपनियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। टोयोटा किर्लोस्कर ने दावा किया कि कंपनी उपभोक्ता नहीं है और बैटरी वारंटी के तहत समस्या ठीक हो गई थी, लेकिन आयोग ने इन दावों को खारिज कर दिया।
आयोग के आदेश के अनुसार, कंपनियों को 45 दिनों के अंदर या तो उसी मॉडल की नई कार उपलब्ध करानी होगी (पंजीयन शुल्क सहित) या कार की कीमत 1,01,31,174 रुपये और पंजीयन पर खर्च 9,95,000 रुपये लौटाने होंगे। यह राशि 26 सितंबर 2024 से 6% ब्याज के साथ होगी। यदि 45 दिनों में पालन नहीं किया गया, तो ब्याज दर 9% हो जाएगी। इसके अलावा, मानसिक परेशानी के लिए 50,000 रुपये और मुकदमे के खर्च के लिए 15,000 रुपये का मुआवजा भी देना होगा।
आयोग ने स्पष्ट किया कि मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट, सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के मामलों में कंपनियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
अपने ही लगाए IED विस्फोट में महिला नक्सली घायल, साथी हथियार लेकर भागे
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के कोर नक्सल क्षेत्र बीजापुर में आज एक बार फिर से नक्सलियों का असली और कायर चेहरा देखने को मिला. मद्देड़ थाना क्षेत्र के बंदेपारा जंगल में माओवादियों के द्वारा ही लगाए गए IED विस्फोट में एक महिला माओवादी गंभीर रूप से घायल हो गई. विस्फोट के बाद महिला के अन्य नक्सली साथी उसका हथियार लेकर मौके से भाग निकले और घायल महिला को जंगल में ही तड़पता छोड़ दिया.
जानकारी के अनुसार, घटना की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को दी. सूचना मिलते ही मद्देड़ पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घायल महिला माओवादी को जंगल से बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बीजापुर पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है.
पुलिस के अनुसार, घायल माओवादी की पहचान गुज्जा सोढ़ी के रूप में हुई है, जो पिछले 6–7 वर्षों से मद्देड़ एरिया कमेटी में सक्रिय थी. वह एसीएम कन्ना बुच्चना के साथ पार्टी सदस्य के रूप में काम कर रही थी और उसके पास 12 बोर का हथियार था.
सुरक्षा बलों ने बताया कि यह घटना माओवादियों की निर्मम सोच और आतंरिक विफलता का प्रमाण है, जहां अपने ही साथियों को हादसे में मरने के लिए छोड़ दिया गया. फिलहाल पुलिस पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही है.
आदिम जाति विकास विभाग को अन्य विभागों के कार्यों में क्रियान्वयन एजेंसी बनाने पर लगा प्रतिबंध, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने सभी कलेक्टरों को जारी किया आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब आदिम जाति विकास विभाग के अधिकारियों को अन्य विभागों या अतिरिक्त मदों के कार्यों के लिए क्रियान्वयन एजेंसी बनाने पर आगामी आदेश तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने सभी कलेक्टरों और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को आदेश जारी किया है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि विभागीय कार्यों में विलंब, अनियमितता और प्रक्रियागत त्रुटियों से बचा जा सके और विभाग की छवि को बनाए रखा जा सके।
जानिए क्या लिखा है आदेश में
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने आदेश में कहा है कि यह देखने को मिला है कि डीएमएफ, सीएसआर, सांसद एवं विधायक निधि अथवा जिला प्रशासन के पास उपलब्ध अन्य मदों से विभागीय कार्यों के अतिरिक्त अन्य विभागों के कार्य भी कराए जाते रहे हैं। इसके लिए विभाग के सहायक आयुक्त आदिवासी विकास और मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत को क्रियान्वयन एजेंसी बनाकर जिम्मेदारी दी जाती है।
उन्होंने कहा कि आदिम जाति विकास विभाग के अधिकारियों को विभागीय कार्य संचालन नियमावली और निर्देशों की जानकारी होती है, लेकिन अन्य विभागों के नियमों और मानकों की जानकारी न होने से प्रक्रियागत त्रुटियों की संभावना बनी रहती है। इससे विभागीय कार्य प्रभावित हुए हैं। साथ ही अन्य मदों के तहत कराए गए कार्यों में कई जिलों में अनियमितता, विलंब, विसंगतियां और प्रतिकूल परिणाम सामने आए हैं। कुछ मामलों में तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ ईडी, ईओडब्ल्यू और पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई है।
उन्होंने कहा कि विभाग पहले से ही केंद्र और राज्य की कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रहा है। इन कार्यों को विभाग के पास उपलब्ध सीमित अमले के माध्यम से समय-सीमा में पूरा करना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में राज्य स्तर पर यह निर्णय लिया गया है कि अन्य विभाग के कार्यों के लिए विभागीय अधिकारियों को क्रियान्वयन एजेंसी बनाये जाने पर आगामी आदेश तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
आदेश में प्रमुख सचिव ने यह भी कहा है कि यदि अन्य मदों से आदिम जाति विकास विभाग से संबंधित कार्य कराना हो तो कार्य की प्रशासकीय, तकनीकी स्वीकृति और सामग्री कय के संबंध में जेम पोर्टल में सामग्री की उपलब्धता और भंडार क्रय नियमों के तहत परीक्षण कर, निविदा समिति की देख-रेख और निर्देशन में संबंधित कार्यालयों में तकनीकी एवं अन्य विशेषज्ञ अमले की पर्याप्त उपलब्धता के आधार पर ही कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित करें। यदि तकनीकी एवं अन्य विशेषज्ञ अमले उस स्वीकृत कार्य के संपादन के लिए उपलब्ध न हो तो जिला प्रशासन इस के लिए आवश्यक व्यवस्था स्वयं करें। ऐसे कार्य भी नहीं किया जाए जिन कार्यों के लिए शासन से पूर्व से एजेंसी या संस्थाओं की उपलब्धता हो (जैसे क्रेडा आदि)।
अधिकारियों को ट्रेनिंग के निर्देश
प्रमुख सचिव ने सभी जिलों के विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय-समय पर वित्तीय निर्देश, भंडार क्रय नियम, निर्माण कार्य नियमावली और जेम पोर्टल की जानकारी से अद्यतन (अपडेट) रहें। इसके लिए वाणिज्य एवं उद्योग, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित संस्थाओं के सहयोग से प्रशिक्षण के भी निर्देश दिए हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किए मां दंतेश्वरी के दर्शन
रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर के मुरिया दरबार में आयोजित सभा में उपस्थित जनों के बीच पहुंचे और आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, बस्तर सांसद व बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौके पर उपस्थित थे। सांसद महेश कश्यप ने अमित शाह का साफा और सिंहाड़ी माला पहनाकर स्वागत किया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बोलते हुए कहा कि बस्तर को पहले की तरह खुशहाल बनाना ही हमारा संकल्प है और इस दिशा में सभी मिलकर प्रयास करेंगे।
दरबार के मंच पर आम लोगों और माझी समुदाय के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएँ गृहमंत्री के समक्ष रखीं। सुकमा जिले के अमीरगढ़ नक्सल प्रभावित क्षेत्र के एक युवक से अमित शाह ने सीधे बातचीत कर नक्सल समस्या के निदान की अपील की। पारंपरिक नेतृत्व (माझी, चालकी, मुखिया) के साथ संवाद में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर — बिजली, सड़क, शिक्षा तथा नौकरी के अवसरों की माँग दोहराई। अर्जुन कर्मा ने युवाओं के लिए रोजगार के सुझाव दिए और NMDC के बैलाडीला व अन्य परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव रखा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि बस्तर व छत्तीसगढ़ के लिए यह सौभाग्य की बात है कि केंद्रीय गृहमंत्री सीधे आकर समस्याएँ सुनने आएं। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री और मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद से नक्सलवाद समाप्ति की दिशा में ठोस काम हो रहा है और लक्ष्य रखा गया है कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का बीड़ा उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास के कई आंकड़े भी साझा किए — माडिया सराय के लिए पिछले साल 5 लाख दिए गए थे, जिया डेरा के लिए 75 लाख की स्वीकृति मिली है और महोत्सव का बजट 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख किया गया है।
अमित शाह ने बस्तर के लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि 2026 तक कोई भी गांव बिना बिजली के नहीं रहेगा, और 2031 तक हर गांव में स्कूल, बैंकिंग सुविधाएँ और पीएचसी/सीएचसी जैसी संस्थाएँ खुलाने का केंद्र सरकार लक्ष्य रखती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क, टेलीफोन और अन्य बुनियादी सुविधाएँ नक्सलवाद के कारण बाधित हुई हैं, इसलिए पहले सुरक्षा-समस्या का समाधान आवश्यक है। गृहमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के हर नक्सलमुक्त किए गए गांव को ₹1 करोड़ का अनुदान दिया जाएगा और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बस्तर के आदिवासी परिवारों को 15,000 आवास देने का लक्ष्य बताया गया।
शाह ने समुदाय से समन्वय और समझौते का आह्वान करते हुए कहा कि हिंसा से किसी का भला नहीं है और सरकार अकेले सब कुछ नहीं कर सकती — इसलिए स्थानीय नेतृत्व, माझी और चालकी को समाज में नक्सलवाद से युवाओं को हटाने व विकास योजनाओं का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने सभी से नक्सलवाद उखाड़ फेंकने के अभियान में सहयोग की अपील की और मंच पर उपस्थित जनों ने भी बस्तर की खुशहाली व लाल आतंक के समाप्त होने की कामना व्यक्त की।
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं ने आशा जताई कि केंद्र और राज्य के सामंजस्यपूर्ण प्रयासों से नक्सलवाद का प्रभाव कम होगा और विकास की रोशनी बस्तर के हर गांव तक पहुंचेगी।
अपनी ही सरकार में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर हुए नजर बंद, रायपुर में CM हाउस के सामने धरना देने से पहले एम्स के पास रोका
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज सियासी तापमान गरमाया हुआ है, वो भी तब जब देश के गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे हुए है। सूबे के पूर्व गृहमंत्री और सीनियर आदिवासी नेता ननकीराम कंवर को रायपुर में पुलिस ने नजर बंद कर दिया है। कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत को हटाने की मांग को लेकर ननकीराम कंवर आज सीएम हाउस के सामने धरना देने जाने वाले थे। लेकिन उससे पहले ही पुलिस के अधिकारियों ने उन्हे एम्स के पास रोक लिया।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के बीच राजनीतिक उबाल देखी जा रही है। एक तरफ आज जहां देश के गृहमंत्री अमित शाह रायपुर से बस्तर दौरे पर पहुंचे हुए है। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना देने रायपुर पहुंचे हुए है। आपको बता दे ननकीराम कंवर ने कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत के खिलाफ 14 बिंदुओं पर गंभीर शिकायत करते हुए जिले से हटाने की मांग की थी। साथ ही कलेक्टर को नही हटाये जाने पर आज 4 अक्टूबर से सीएम हाउस के बाहर धरने पर बैठने की धमकी भी दी थी।
संभागायुक्त ने कहा….जांच के लिखित आदेश नही मिले
ननकीराम कंवर के इस धरने से ठीक पहले राज्य शासन ने शिकायत पत्र पर बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन से जांच कराकर प्रतिवेदन मांगने की बात कही थी। लेकिन मीडिया से चर्चा में सुनील जैन ने कहा कि शासन की ओर से उन्हें अभी तक कोई लिखित आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलते ही वे जांच कर रिपोर्ट सौंप देंगे। वहीं दूसरी तरफ यह भी बताया जा रहा है कि इस मामले में शासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा कलेक्टर नहीं हटे, धरना प्रदर्शन करने रायपुर पहुंचे पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर
रायपुर। पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने कोरबा जिले के कलेक्टर अजीत वसंत को जिले से हटाने की मांग को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व गृहमंत्री कंवर लगातार कलेक्टर को हटाने की मांग कर रहे हैं और इसी मांग को लेकर सीएम हाउस के सामने धरने पर बैठने की बात भी उन्होंने कही थी। वहीं ननकीराम कंवर सीएम हाउस के सामने धरने पर बैठने के लिए रायपुर भी पहुंच चुके हैं, लेकिन उनके रायपुर पहुँचते ही हलचल शुरू हो गई।
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर जैसे ही रायपुर पहुंचे पुलिस ने उन्हें रोककर घेराबंदी कर ली। इस दौरान पुलिस के बड़े अधिकारी, SDM और कई जवान मौजूद है। पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर को एम्स अस्पताल के पास एक भवन में घेराबंदी कर के रखा गया है।
भाजपा के कई दिग्गज नेता और कार्यकर्ता ननकीराम कंवर को मनाने के लिए पहुंचे हुए हैं। इतना ही पूर्व गृहमंत्री के बेटे संदीप कंवर भी अपने पिता को मानाने के लिए पहुंचे हैं और उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रदेश में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना
रायपुर। प्रदेश की राजधानी रायपुर समेत अन्य कई जिलों में शुक्रवार को जमकर बारिश हुई है। शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश के चलते कई नदी नाले उफान पर आ गए।
इतना ही नहीं लगातर हो रही बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश में अब-अब धीरे धीरे ठंड ने भी दस्तक देना शुरू कर दिया है। इसी बीच मौसम विभाग ने बारिश को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है। मौसम विभाग ने एक बार फिर प्रदेश में जमकर बारिश होने की बात कही है।
मौसम विभाग ने प्रदेश में एक बार फिर से बारिश के आसार बनने की बात कही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के की जिलों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने रायपुर, महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद में भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। इतना ही नहीं मौसम विभाग ने बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, बालोद, बेमेतरा, दुर्ग, कबीरधाम, खैरागढ़-छुई खदान-गंडई, मोहला-मानपुर चौकी और राजनांदगांव जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सरंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली और बिलासपुर में भी बारिश के आसार है।





