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मुंगेली में 11 लाख क्विंटल धान घोटाले का पर्दाफाश: 200% से 1116% तक ओवरलोडिंग, 8.14 करोड़ की क्षति, राइस मिल सील, 4 गिरफ्तार
मुंगेली। जिले में धान के अवैध ओवरलोडिंग और रिसाइक्लिंग की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। आईसीसीसी मार्कफेड रायपुर से प्राप्त अलर्ट के आधार पर जांच में सामने आया कि धान उठाव करने वाले वाहनों द्वारा वास्तविक क्षमता से 200 प्रतिशत से लेकर 1116 प्रतिशत तक अधिक ओवरलोडिंग कर धान का अवैध परिवहन किया गया है। कलेक्टर कुंदन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशानुसार खाद्य विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धान खरीदी एवं परिवहन में व्यापक फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। जांच में राइस मिलरों, समिति प्रबंधकों एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों द्वारा मिलकर शासन को 8 करोड़ 14 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाने का मामला सामने आया है। इस गंभीर मामले में विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कर 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं कुछ आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
जांच में सामने आया कि राइस मिलरों एवं समिति प्रबंधकों द्वारा जानबूझकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर, पीडीएस चावल का वितरण नहीं करना, फर्जी वाहनों के नंबरों से धान का परिवहन दिखाना तथा वास्तविक धान की मात्रा से अधिक उठाव दर्शाकर शासन को भारी नुकसान पहुँचाया गया। कुल मिलाकर लगभग 11 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद एवं परिवहन में घोटाला किए जाने के प्रमाण मिले हैं। नवागांव घुठेरा समिति द्वारा उपलेटा राइस मिल से मिलीभगत कर 74 जीपीएस युक्त एवं 40 से अधिक बिना जीपीएस वाहनों में धान का परिवहन, सिंघनुपरी केंद्र द्वारा एसएस फूड के साथ मिलकर 4 हजार 542 क्विंटल धान का बिना जीपीएस वाहनों में परिवहन, छटन उपार्जन केंद्र द्वारा दीपक राइस मिल व नवकार मिल से मिलकर 3 हजार 589 क्विंटल का अवैध परिवहन तथा झगरहट्टा उपार्जन केंद्र द्वारा वर्धमान राइस मिलर्स से मिलकर गड़बड़ी करने पर कार्रवाई की गई है। इन मामलों में उपलेटा एवं वर्धमान राइस मिल के संचालक, समिति प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित कई व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें अब्दुल सत्तार, विकास पांडेय, महावीर जैन, संतोष साहू, श्रीधर परिहार, मोहम्मद यूसुफ, गेंदलाल साहू शामिल हैं। वहीं कुछ आरोपी जैसे अब्दुल समद, ललित जैन, नावेद मेनन, अनिल जांगड़े फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।
अन्य थानों में भी दर्ज हुए मामले
फास्टरपुर थाना में अपराध क्रमांक 12/2026 तथा थाना लालपुर में अपराध क्रमांक 09/2026 के तहत भी धान उपार्जन केंद्रों में फर्जी परिवहन, धोखाधड़ी एवं अनियमितता के मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में भी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा फरार आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
गणेश मिनरल्स राइस मिल सरगांव-पेंड्री को किया गया सील
कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर राज्य स्तर से प्राप्त सूचना के आधार पर सरगांव-पेंड्री स्थित गणेश मिनरल्स राइस मिल में राजस्व विभाग, खाद्य विभाग एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त दल द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्वाइंटर के माध्यम से मिल में भंडारित धान की मात्रा का भौतिक सत्यापन कराया गया। पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से संबंधित कोई भी दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया तथा कैमरे पुनः चालू नहीं किए गए। साथ ही जांच दल के राइस मिल पहुंचते ही मिल के कर्मचारियों द्वारा सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए। इस गंभीर लापरवाही और संदेहास्पद स्थिति को देखते हुए मौके पर ही सीसीटीवी डीवीआर जब्त कर लिया गया।
मिल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार गणेश मिनरल्स राइस मिल में कुल 02 लाख 41 हजार 896 कट्टी धान का भंडारण दर्ज था, जबकि संयुक्त दल द्वारा कराए गए भौतिक सत्यापन में मिल के गोदामों में मात्र 01 लाख 97 हजार 458 कट्टी धान ही पाया गया। इस प्रकार ऑनलाइन रिपोर्ट की तुलना में 44 हजार 438 कट्टी धान, लगभग 17 हजार 775.2 क्विंटल कम पाया गया। जांच के दौरान मिल के मैनेजर एवं कर्मचारियों से इस बड़े अंतर के संबंध में पूछताछ की गई, लेकिन कोई भी संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। किसी भी स्तर पर कमी का स्पष्ट कारण न बता पाने से मिल परिसर में भारी मात्रा में धान की हेराफेरी किए जाने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार कम पाए गए धान की अनुमानित कीमत लगभग 5.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर गणेश मिनरल्स राइस मिल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। साथ ही आगे की विस्तृत जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि धान उपार्जन एवं भंडारण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
SIR में गड़बड़ी का आरोप: रायपुर तहसील कार्यालय में कांग्रेस का हंगामा, कार्यकर्ता हिरासत में, दीपक बैज सेंट्रल जेल में धरने पर
रायपुर। राजधानी रायपुर के तहसील कार्यालय में SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देर रात जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बीजेपी के इशारे पर मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं ने नारेबाजी की और तहसीलदार से फॉर्म दिखाने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस सेंट्रल जेल पहुंची, जिसके बाद मामला और गरमा गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज पदाधिकारियों के साथ जेल परिसर पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। बाद में सभी कांग्रेसियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर निशर्त रिहा कर दिया गया।

दावा-आपत्ति फॉर्म नियमों के विपरीत स्वीकार किए गए – कांग्रेस
कांग्रेस का आरोप है कि रायपुर तहसील कार्यालय में जमा 400 दावा-आपत्ति फॉर्म नियमों के विपरीत स्वीकार किए गए हैं, जबकि नियम 30-50 तक ही फॉर्म स्वीकार करने का प्रावधान है। लेकिन बीजेपी के इशारे पर अधिक फॉर्म स्वीकार किए गए और कुछ नाम काटे जा रहे हैं। इसको लेकर कांग्रेस ने तहसील ऑफिस में जमा हुए 400 फॉर्म दिखाए जाने की मांग की। जिसपर तहसीलदार ने कहा कि जिस बाबू ने फॉर्म स्वीकार किए हैं, वह फोन नहीं उठा रहे हैं।
पुलिस और कांग्रेसियों के बीच झूमाझटकी
इसके बाद कांग्रेसियों ने तहसील ऑफिस में प्रदर्शन शुरू किया और केबिन में बैठकर भी जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और कांग्रेसियों को सेंट्रल जेल लेकर पहुंची। इस बीच पुलिस प्रशासन और कांग्रेसियों के बीच जमकर झूमाझटकी भी हुई। मामले की सूचना मिलते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी सेंट्रल जेल परिसर पहुंचे। इसके बाद SIR में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाकर धरने पर बैठकर जमकर नारेबाजी करने लगे। मामला बढ़ता देख मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और सभी कांग्रेसियों को तुरंत रिहा कर दिया गया।

कार्यकर्ताओं को शांति भंग करने के झूठे आरोप में डाला गया जेल – PCC चीफ
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि हम लोग जेल परिसर में हैं। हमारे कांग्रेस के साथी SIR की गड़बड़ी को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच पुलिस अधिकारियों ने हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को शांति भंग करने के झूठे आरोप में जेल में डाल दिया। भाजपा के कार्यकर्ता तहसील ऑफिस में बाबुओं के माध्यम से बल्क में फॉर्म जमा कर रहे हैं। बीजेपी के इशारे पर एसआईआर के नाम पर पूरे देश में नाम काटने का खेल किया जा रहा है। इसे लेकर हम लगातार सतर्कता बरत रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे नेता नाम काटने का विरोध कर रहे थे। हमारे कांग्रेस के विशेष रूप से समर्थन करने वाले मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, लेकिन जब फॉर्म दिखाने की मांग की गई तो अफसर फॉर्म दिखाने को तैयार नहीं हैं। इस देश में कैसा लोकतंत्र है? क्या विपक्ष सवाल नहीं उठा सकता? क्या चुनाव आयोग अपने मन से काम करता रहेगा? चुनाव आयोग और सरकार दोनों मिलकर विशेष राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं के नाम काटने की साजिश कर रहे हैं।
सरकार और चुनाव आयोग क्या चाहती है – दीपक बैज
दीपक बैज ने कहा कि SIR को पारदर्शिता के साथ किया जाए, यही हमारी बस मांग है। आखिर सरकार और चुनाव आयोग क्या चाहती है? उन्होंने बताया कि हमें जेल लाया गया, मजिस्ट्रेट के सामने हमारे पक्ष को रखा गया है। अभी हमें निशर्त रिहा करने की घोषणा की गई है।
हसदेव अरण्य में नेताओं का विरोध: आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व एसटी आयोग अध्यक्ष को ग्रामीणों ने रोका
अंबिकापुर। हसदेव अरण्य क्षेत्र में आज उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई, जब आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया और पूर्व छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह को स्थानीय ग्रामीणों ने क्षेत्र में प्रवेश करने से रोक दिया।
जानकारी के अनुसार दोनों नेता उदयपुर के हसदेव अरण्य इलाके में पहुंचे थे, लेकिन पहले से मौजूद ग्रामीणों ने उनका विरोध करते हुए साफ कहा कि क्षेत्र में किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों ने नेताओं से कहा कि यहां राजनीति करने मत आइए, हमारे मुद्दों का राजनीतिक इस्तेमाल बंद कीजिए।
ग्रामीणों का कहना था कि हसदेव अरण्य संवेदनशील वन क्षेत्र है और यहां के आदिवासी लंबे समय से अपने जल, जंगल और जमीन को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के नेताओं का आना केवल माहौल बिगाड़ने का काम करता है।विरोध के दौरान मौके पर नारेबाजी भी की गई, जिसके बाद दोनों नेताओं को बिना क्षेत्र में प्रवेश किए ही वापस लौटना पड़ा।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस सतर्क रही, लेकिन स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। इस पूरे घटनाक्रम ने हसदेव अरण्य में चल रहे जनआंदोलन और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है।
धान के अवैध परिवहन, भंडारण व मिलिंग पर प्रशासन सख़्त, कई जिलों में बड़ी कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान-केंद्रित बनाए रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अवैध धान परिवहन, भंडारण, विक्रय एवं मिलिंग अनियमितताओं के विरुद्ध राज्यभर में व्यापक और सघन अभियान चलाया जा रहा है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप राजस्व, खाद्य, मंडी एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा अंतर्राज्यीय सीमाओं, धान खरीदी केंद्रों, राइस मिलों एवं संदिग्ध स्थलों पर सतत निगरानी रखते हुए कठोर कार्रवाई की जा रही है, ताकि धान उपार्जन का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक ही सुनिश्चित हो सके।
खाद्य सचिव रीना कंगाले ने कहा कि राज्य सरकार धान उपार्जन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान-हितैषी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध परिवहन, भंडारण, बिक्री अथवा मिलिंग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि धान उपार्जन का लाभ केवल वास्तविक किसानों को ही मिले। बिचौलियों, फर्जी टोकन, मिलावट, अंतर्राज्यीय अवैध परिवहन और कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध प्रारंभिक स्तर पर ही सख़्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में राजस्व, खाद्य, मंडी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सतत निगरानी एवं भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहाँ संबंधित व्यक्ति, संस्था अथवा मिल संचालक के विरुद्ध छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। खाद्य सचिव ने दोहराया कि किसानों के हितों की रक्षा और धान खरीदी व्यवस्था की शुचिता बनाए रखना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसी क्रम में महासमुंद जिले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध धान परिवहन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सरायपाली विकासखंड अंतर्गत रेहटीखोल क्षेत्र में बीती रात संयुक्त टीम द्वारा एक ट्रक से 694 बोरा धान जब्त किया गया। जब्त धान का कुल वजन लगभग 319 क्विंटल पाया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि उक्त ट्रक में उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर बिना किसी वैध दस्तावेज के धान का परिवहन किया जा रहा था। परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर धान से भरे ट्रक को मौके पर ही जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई हेतु थाना सिंघोड़ा के सुपुर्द किया गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतर्राज्यीय सीमाओं पर अवैध धान परिवहन रोकने के लिए सतत निगरानी रखी जा रही है तथा संदिग्ध वाहनों की गहन जांच की जा रही है, ताकि धान खरीदी प्रणाली की शुचिता बनी रहे।
धान उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के तहत धमतरी जिले में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति मर्यादित मोहदी के समिति प्रबंधक एवं ऑपरेटर को सेवा से पृथक कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान मिलावटयुक्त धान, टोकन का दुरुपयोग एवं अवैध बिक्री के प्रकरण सामने आए थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धान उपार्जन व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध प्रारंभिक स्तर पर ही कठोर कार्रवाई की जा रही है, ताकि उपार्जन का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक ही सीमित रहे और बिचौलियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
इसी प्रकार 13 जनवरी 2026 को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम बिलारी (सोनाखान) में अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे 75 कट्टा धान सहित एक पिकअप वाहन जब्त कर पुलिस थाना सलीहा-बिलाईगढ़ के सुपुर्द किया।
सरगुजा जिले में कलेक्टर के निर्देशन में राइस मिलों का सघन भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में राजेश राइस मिल खोडरी एवं सिद्धिविनायक राइस मिल दरिमा में धान की भारी कमी पाई गई। कस्टम मिलिंग आदेश 2016 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत संबंधित मिलों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
महासमुंद जिले में अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई के दौरान संयुक्त टीम द्वारा कुल 217 कट्टा धान एवं एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। अवैध परिवहन एवं भंडारण के मामलों में मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में महासमुंद जिले में अब तक की गई कार्रवाई में बीते दो दिनों में कुल 2986 कट्टा अवैध धान जब्त किया गया है। कलेक्टर द्वारा अंतर्राज्यीय जांच चौकी टेमरी, नर्रा एवं खट्टी सहित धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सख़्त निर्देश दिए गए हैं। पिथौरा, बसना एवं सरायपाली क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकरणों में बड़ी मात्रा में अवैध एवं संदिग्ध धान जब्त कर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कई मामलों में धान को पुलिस थाना के सुपुर्द किया गया है।
बिलासपुर जिले में धान उठाव में गंभीर गड़बड़ी सामने आने पर अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मिल को सील किया गया तथा संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। मौके से 54 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये है। भौतिक सत्यापन में कस्टम मिलिंग के लिए जारी धान की तुलना में हजारों क्विंटल धान की कमी पाई गई। दो दिनों तक चली गहन जांच के बाद अनियमितता की पुष्टि होते ही तत्काल कार्रवाई की गई। खाद्य विभाग के अनुसार बिलासपुर जिले में अब तक 56 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का धान जब्त किया जा चुका है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 के उल्लंघन के अंतर्गत की गई है। जिला प्रशासन ने दो टूक कहा है कि धान खरीदी, परिवहन, भंडारण एवं मिलिंग में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों, संस्थाओं एवं मिल संचालकों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
DMF फंड गड़बड़ी पर केंद्र सख्त: ननकीराम कंवर की शिकायत पर छत्तीसगढ़ सरकार से मांगा जवाब, सियासत तेज
रायपुर। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ननकीराम कंवर ने DMF फंड में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। केंद्र सरकार ने पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन विकासशील को पत्र लिखा है और पत्र में लिखे गए तथ्यों के संबंध में जवाब मांगा है। साथ ही आवेदक को भी अवगत कराने की बात कही है।
अमरजीत भगत बोले – ननकीराम को महत्व नहीं देती बीजेपी
इस मामले में सियासत भी शुरू हो गई है। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता अमरजीत भगत ने कहा है कि बीजेपी ननकी राम कंवर को महत्व नहीं देती। BJP बुजुर्गों को म्यूजियम में रख देती है। ननकी राम दादा को समझ लेना चाहिए भाजपा उनकी नहीं रही। यह बीजेपी की पुरानी रणनीति है, अचंभित होने की बात नहीं है।
पुरंदर मिश्रा ने कहा – हर घोटाले की होगी जांच
वहीं इस मामले में BJP विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा, ननकीराम कंवर वरिष्ठ नेता हैं। भ्रष्टाचार उजागर कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार में हुए DMF घोटाले की शिकायत किए हैं। जीरो टालरेंस की सरकार है। हर घोटाले की जांच होगी। कांग्रेसी बेचैन हैं, क्योंकि उनके जमाने के कारनामे हैं।
जानिए पूरा मामला
दरसअल, ननकी राम कंवर ने शिकायत की थी कि दर्री ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक परसाभाटा बालको तक की सड़क के लिए तत्कालीन कलेक्टर अजीत बसंत ने बालको को निजी फायदे के लिए डीएमएफ फंड से लगभग 26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। उनके अनुसार, यह सड़क बालको की है और इसका निर्माण-मरम्मत बालको के सीएसआर फंड से होना चाहिए था। इस मामले में केंद्र सरकार ने पहले भी मुख्य सचिव विकास शील को पत्र जारी किया था। पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन कलेक्टर को भारत सरकार में शिकायत होने की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपने ट्रांसफर से पहले ही लोक निर्माण विभाग को आनन-फानन में टेंडर प्रक्रिया जारी कर दी थी।

वाणिज्यिक कर विभाग में तबादला: बड़े पैमाने पर राज्य कर अधिकारी हुए इधर से उधर, आदेश जारी…
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला किया है। राज्य कर निरीक्षक पद से पदोन्नत अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कुल 12 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है।
देखिये आदेश की कॉपी-

जल जीवन मिशन में गंभीर लापरवाही उजागर, करोड़ों खर्च के बावजूद ग्राम पंचायत देवरी प्यासा, बूंद-बूंद पानी को तरसते ग्रामीण
आरंग। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ योजना आरंग के ग्राम पंचायत देवरी में भ्रष्टाचार और तकनीकी खामियों की शिकार होती नजर आ रही है. ग्रामीणों को घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 1 करोड़ 04 लाख 28 हजार रुपए की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है.
घटिया निर्माण और देखरेख के अभाव में यह योजना दम तोड़ रही है. निर्माण कार्य पूरा होने का दावा तो किया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि नवनिर्मित पानी टंकी से लगातार पानी का रिसाव (लीकेज) हो रहा है. पाइप लाइन विस्तार में भी भारी गड़बड़ी सामने आई है. पाइप जगह-जगह से फूट चुके हैं, जिससे लाखों लीटर कीमती पानी बर्बाद होकर गलियों पर बह रहा है. इसी खराबी के कारण पिछले 10 से 15 दिनों से गांव की जलापूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं.
योजना में सुरक्षा मानकों की भी जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं.पंप हाउस का निर्माण अब तक नहीं किया गया है, जिसके चलते बिजली के कनेक्शन खुले में पड़े हैं.टंकी परिसर की घेराबंदी (बाउंड्री वॉल) नहीं होने से वहां हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है. विशेषकर बच्चों और मवेशियों के लिए यह क्षेत्र जानलेवा साबित हो सकता है.
प्रशासन का दावा ‘हर घर जल’ का है, लेकिन ग्राम देवरी के कई वार्डों और घरों तक पाइप लाइन पहुंची ही नहीं है. ग्राम पंचायत देवरी के सरपंच प्रतिनिधि टेकचंद साहू ने बताया कि शिकायत के बाद भी विभाग या ठेकेदार सुध लेने को तैयार नहीं हैं. करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी हमें दूर से पानी ढोना पड़ रहा है. अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो हम ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे.
हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य में इतनी खामियां हैं कि ठेकेदार और संबंधित विभाग ने अभी तक इसे ग्राम पंचायत देवरी को हैंडओवर नहीं किया है. तकनीकी रूप से कार्य अधूरा होने के बावजूद कागजों पर इसे कैसे दर्शाया जा रहा है, यह जांच का विषय है.
बार-बार की शिकायतों के बावजूद मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है. करोड़ों रुपए की सार्वजनिक संपत्ति की बर्बादी और प्यास से जूझते लोगों ने अब उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
वहीं इस मामले पर जब हमारे संवाददाता ने ठेकेदार संजय कुमार अग्रवाल से बात की तो उन्होंने कर्मचारी भेजकर टंकी और पाइप की मरम्मत करने की बात कही है. वहीं पीएचई विभाग की उप अभियंता रानू दिनकर ने कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण हैंडओवर नहीं होने की बात कही है. उन्होंने इस विषय पर ज्यादा जानकारी देने से इंकार कर दिया.
ऑटो एक्सपो–2026: वाहन खरीदी पर आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन द्वारा 20 जनवरी 2026 से 05 फरवरी 2026 तक श्री राम बिजनेस पार्क, एमजीएम हॉस्पिटल के सामने, विधानसभा रोड, सड्डू रायपुर में ऑटो एक्सपो–2026 का आयोजन किया जा रहा है।
उक्त ऑटो एक्सपो में विक्रय होने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग द्वारा एकमुश्त 50 प्रतिशत जीवनकाल कर (आरटीओ टैक्स) में छूट प्रदान की जा रही है, जिससे प्रदेश के आम नागरिकों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।
ऑटो एक्सपो–2026 का आयोजन 20 जनवरी 2026 से 05 फरवरी 2026 तक श्री राम बिजनेस पार्क, रायपुर में किया जा रहा है। इस अवधि में वाहन क्रय करने वाले ग्राहकों को आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
यह प्रदेश का पहला ऑटो एक्सपो है, जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों को लाभ मिलेगा। वाहन खरीदने के लिए आमजन को रायपुर आने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे अपने शहर अथवा गांव के निकटतम प्रतिभागी/पंजीकृत डीलरों के माध्यम से इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
ऑटो एक्सपो–2026 के अंतर्गत सभी नागरिकों को अपने गृह जिले में ही वाहन पंजीयन कराने की सुविधा उपलब्ध होगी। अर्थात, क्रय किए गए वाहन पर अपने गृह जिले के परिवहन कार्यालय का पंजीयन चिन्ह (आरटीओ कोड) प्राप्त किया जा सकेगा। दूरस्थ क्षेत्रों के डीलर्स भी इस ऑटो एक्सपो में भाग ले रहे हैं, जिससे छोटे व्यावसायिक विक्रेताओं को रोजगार के उपयुक्त अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
रायपुर ऑटो एक्सपो में छत्तीसगढ़ की जनता को एक ही स्थान पर सभी प्रकार के वाहन मॉडल एवं नवीनतम तकनीक से युक्त नए मॉडलों को देखने, परखने और चुनने का अवसर मिलेगा। इससे आमजन नवीनतम ऑटोमोबाइल तकनीकों से भी अवगत हो सकेंगे।
रायपुर ऑटो एक्सपो–2026 में देश के विभिन्न फाइनेंसर एवं बैंक न्यूनतम दरों पर वाहन ऋण उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं इंश्योरेंस कंपनियां न्यूनतम दरों पर वाहन बीमा की सुविधा प्रदान कर रही हैं। इससे वाहन क्रय करने वाले नागरिकों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
ऑटो एक्सपो–2026 में आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत छूट के साथ-साथ फाइनेंस कंपनियों, बैंकों, इंश्योरेंस कंपनियों एवं विभिन्न डीलरों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण न्यूनतम दरों पर वाहन उपलब्ध होंगे, जिससे आमजन को व्यापक आर्थिक राहत मिलेगी।
रायपुर के इस ऑटो एक्सपो में रायपुर जिले के 95 डीलर्स तथा अन्य जिलों के 171 डीलर्स, कुल 266 डीलर्स भाग ले रहे हैं, जिससे प्रदेशभर के नागरिकों को विविध विकल्प उपलब्ध होंगे।
उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष 2025 के ऑटो एक्सपो में कुल 29,348 वाहनों की बिक्री हुई थी, जिसके माध्यम से आम जनता को लगभग 120 करोड़ रुपये की आरटीओ टैक्स में छूट प्रदान की गई थी, जिससे नागरिकों को उल्लेखनीय आर्थिक सहायता प्राप्त हुई थी।
इस प्रकार, ऑटो एक्सपो–2026 प्रदेश के नागरिकों के लिए किफायती दरों पर वाहन क्रय करने, स्थानीय स्तर पर पंजीयन सुविधा प्राप्त करने तथा व्यापक आर्थिक लाभ उठाने का एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध हो रहा है।
झारखंड बस हादसा: बलरामपुर के 10 मृतकों को नम आंखों से अंतिम विदाई, गांवों में पसरा मातम
बलरामपुर। झारखंड के महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ओरसा घाटी में रविवार को भीषण सड़क हादसा हुआ था. हादसे में जान गंवाने वाले बलरामपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के 10 लोगों को आज शोकाकुल माहौल के बीच ग्रामीणों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी.
बता दें कि झारखंड में घटित इस दर्दनाक हादसे में बस में सवार 100 से अधिक लोग घायल हुए थे, जिनमें से 10 लोगों की मौत हो गई. दुर्घटना में घायल यात्रियों का इलाज झारखंड के रांची व गुमला तथा छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर और बलरामपुर के विभिन्न अस्पतालों में जारी है.
दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले प्रेमा देवी पति स्व. चरह चेरवा, सीतापती देवी पति बिगा राम, रेसंती चेरवा पति बिनोद राम, सुखना भुइयां सपता, विजय नगेसिया पिता कुंता नगेसिया, सोनामती पति बाबूलाल, लीलावती सोनवानी, रमेश पनिका पिता करीमन पनिका, नाचू राम पिता दशरथ, परशुराम सोनवानी पिता टुना राम का आज अंतिम संस्कार किया गया.
अधिकांश मृतक ग्राम पिपरसोत के निवासी थे, जबकि कुछ अन्य आसपास के गांवों से थे. अंतिम संस्कार के दौरान पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त रहा. ग्रामीण शिवम सिंह ने कहा कि आज हमारे गांव को बहुत बड़ी क्षति हुई है. हमने कभी सोचा नहीं था कि ऐसा दुखद घटना होगी. इस घटना को पूरा गांव कभी नहीं भूल सकेगा.
आत्मसमर्पित इनामी महिला नक्सली की निशानदेही पर बड़ी सफलता: धमतरी के जंगल से माओवादियों का हथियार डम्प बरामद
धमतरी। जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान निरंतर प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस द्वारा सतत सर्चिंग एवं खुफियातंत्र को मजबूत कर सर्चिंग कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में माह जनवरी 2026 में आत्मसमर्पित 5 लाख की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता उर्फ लता उर्फ सोमारी, जो कि छ.ग.शासन एवं धमतरी पुलिस द्वारा द्वारा की गई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर माओवाद की हिंसक विचारधारा को त्यागते हुए मुख्यधारा में लौटी, द्वारा दी गई महत्वपूर्ण सूचना एवं निशानदेही के आधार पर माओवादियों द्वारा छुपाकर रखे गए हथियारों के डम्प को आज बरामद किया गया।
आत्मसमर्पित महिला नक्सली की निशानदेही पर डीआरजी धमतरी द्वारा विशेष नक्सल सर्च अभियान चलाया गया, जिसके दौरान दौड़पंडरीपानी के जंगल क्षेत्र से माओवादियों द्वारा गड्ढा खोदकर छुपाए गए हथियारों का डम्प बरामद किया गया। माओवादियों ने हथियारों को जमीन में गहरा गड्ढा बनाकर, ऊपर से पत्तियों एवं प्राकृतिक सामग्री से ढककर छुपाया था, ताकि सुरक्षा बलों की नजर से बचा रह सके।
उक्त बरामदगी नक्सल उन्मूलन अभियान के अंतर्गत धमतरी पुलिस एवं डीआरजी की एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। यह कार्यवाही न केवल माओवादियों की हिंसक गतिविधियों को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है।
माओवादियों के हथियार डम्प से बरामद सामग्री का विवरण
1. एसएलआर 7.62 एमएम ऑटोमेटिक राइफल – 01 नग, सिलिंग सहित
2. एसएलआर की दो खाली मैग्जीन
3. 12 बोर बंदूक – 01 नग, सिलिंग 4. भरमार बंदूक – 01 नग,सिलिंग
धान उपार्जन केंद्र में 50 लाख से ज्यादा की गड़बड़ी: महासमुंद के केना केंद्र प्रभारी पर एफआईआर दर्ज
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से आए दिन धान खरीदी में गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं, जिन पर लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र अंतर्गत धान उपार्जन केंद्र केना में बड़ी अनियमितता उजागर हुई है, जहां 50 लाख रुपये से अधिक के धान और बारदाने की कमी सामने आई है। मामले में संयुक्त जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
जानकारी के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली के आदेश पर गठित संयुक्त जांच टीम ने 18 जनवरी 2026 को केना उपार्जन केंद्र का भौतिक सत्यापन किया। जांच में सामने आया कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में जहां 29,628 नग बारदाना (11,851.20 क्विंटल धान) दर्ज था, वहीं मौके पर केवल 25,615 नग बारदाना (10,246 क्विंटल धान) ही मौजूद पाया गया। इस तरह 4,013 नग बारदाना यानी 1,605.20 क्विंटल धान की कमी उजागर हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 49,76,120 रुपये आंकी गई है।
जांच प्रतिवेदन में यह भी पाया गया कि नए और पुराने बारदाने के उपयोग में भी अनियमितता की गई। रिपोर्ट के अनुसार 2007 नग नया बारदाना (कीमत 15,654.60 रुपये) और 2006 नग पुराना बारदाना (कीमत 50,150 रुपये) का इस्तेमाल नियमों के विरुद्ध किया गया। इस प्रकार कुल मिलाकर शासन को 50,41,924.60 रुपये की क्षति होना जांच में सामने आया है। इसके अलावा मौके पर रखे धान के स्टेकों का रेंडम तौल करने पर बोरी का वजन मानक से कम पाया गया।
जांच रिपोर्ट से सहमत होते हुए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की। इसके बाद कार्यालय उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला महासमुंद के आदेश पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर, शाखा तोरेसिंहा के शाखा प्रबंधक द्वारा थाना प्रभारी सरायपाली को लिखित आवेदन सौंपा गया। इसके आधार पर धान उपार्जन केंद्र केना के प्रभारी अधिकारी गोपाल नायक, निवासी ग्राम इच्छापुर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 से दूरस्थ गाँवों को सुलभ आवागमन की सौगात
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह योजना उन ग्रामों तक सार्वजनिक परिवहन पहुँचाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जहाँ अब तक यात्री बस सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
योजना के प्रथम चरण में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिलों को सम्मिलित किया गया है।
अब तक मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत कुल 57 चयनित मार्गों पर 57 बसों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है। इन बसों के माध्यम से कुल 330 नए गाँवों तक पहली बार यात्री बस सुविधा पहुँची है, जिससे ग्रामीण जनजीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
योजना का प्रमुख उद्देश्य ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों को जनपद मुख्यालय, नगरीय क्षेत्र, तहसील मुख्यालय तथा जिला मुख्यालयों से जोड़ना है, जहाँ पूर्व में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं थी। इससे ग्रामीण नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं तक सुगम पहुँच सुनिश्चित हो रही है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत बस संचालकों को राज्य शासन द्वारा प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। प्रथम वर्ष ₹26 प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष ₹24 प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष ₹22 प्रति किलोमीटर की दर से सहायता दी जा रही है।
इसके अतिरिक्त योजना के तहत गासिक कर में पूर्णतः छूट अधिकतम तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाया जा सके।
मार्ग चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। इस योजना के अंतर्गत मार्गों का चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है, ताकि वास्तविक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता मिल सके।
चयनित मार्गों पर बस संचालन हेतु निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती है। निविदा के माध्यम से न्यूनतम वित्तीय दर प्रस्तावित करने वाले पात्र आवेदक का चयन किया जाता है, जिससे शासन पर न्यूनतम वित्तीय भार पड़े और सेवा सतत बनी रहे।
निविदा में चयनित आवेदक से विधिवत परमिट आवेदन प्राप्त कर सुनवाई की प्रक्रिया के उपरांत बस संचालन हेतु परमिट जारी किया जाता है। इससे नियामकीय प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाता है।
वर्तमान में 12 नवीन ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इसके अतिरिक्त 15 नए ग्रामीण मार्गों का चयन कर लिया गया है, जिन पर बस संचालन हेतु निविदाएँ आमंत्रित की गई हैं।
जिलावार स्थिति की बात करें तो सुकमा में 8, नारायणपुर में 4, जगदलपुर में 2, कोण्डागांव में 4, कांकेर में 6, दंतेवाड़ा में 7, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2, सूरजपुर में 6, कोरिया में 5, जशपुर में 7, बलरामपुर में 4 तथा अंबिकापुर में 2 बसों का संचालन किया जा रहा है। इस प्रकार कुल 57 मार्गों पर 57 बसें संचालित हैं।
आगामी कार्ययोजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 200 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाकर समावेशी विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर नितिन नबीन से मुलाकात कर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं
रायपुर/नई दिल्ली। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी नेता बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर सौजन्य भेंट की।
सांसद श्री अग्रवाल ने नितिन नबीन को पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया और लड्डू खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया तथा इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान संगठन से जुड़े विभिन्न समसामयिक एवं रणनीतिक विषयों पर सार्थक, सकारात्मक एवं दूरगामी चर्चा हुई।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में रायपुर आगमन हेतु स्नेहपूर्वक आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। उल्लेखनीय है कि नितिन नबीन छत्तीसगढ़ के प्रभारी भी हैं।
श्री अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि नितिन नबीन के सशक्त, दूरदर्शी एवं संगठनात्मक अनुभव से परिपूर्ण नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का संगठन और अधिक मजबूत होगा तथा राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
एसआईआर प्रक्रिया पर कांग्रेस का विरोध: दावा-आपत्ति की तारीख बढ़ाने और विस्थापितों-प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष व्यवस्था की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के संबंध में निर्वाचन आयोग पहुंची. जहां उन्होंने निर्वाचन पदाधिकारी IAS भोस्कर विलास संदीपन से मुलाकात कर बताया कि दस्तावेजों की उपलब्धता, तकनीकी कठिनाइयों की समस्या होनी बताई, जिसके कारण कई योग्य मतदाता प्रक्रिया में वंचित रह गए हैं. कांग्रेस ने एसआईआर की दावा आपत्ति की तारीख बढ़ाने की मांग की है. साथ ही सलवा जुडुम में गांव से विस्थापितों और अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिकों के लिए विशेष प्रकिया की मांग की है।
कांग्रेस ने बताया कि वर्तमान में निर्धारित दावा-आपत्ति की समय-सीमा अत्यंत अल्प होने से बड़ी संख्या में पात्र मतदाता नाम जोड़ने, संशोधित करवाने और त्रुटियां सुधारने से वंचित रहने की आशंका है. दुर्गम इलाकों में लोगों को एसआईआर की जानकारी समय पर नहीं मिल पाई है. अनेक स्थानों पर दस्तावेजों की उपलब्धता, तकनीकी कठिनाइयों और जटिलताओं के कारण भी पात्र मतदाता दावा-आपत्ति नहीं कर पाए हैं.
भाजपा पर एसआईआरप प्रक्रिया में कांग्रेस ने गड़बड़ी का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि आदिवासी, मजदूर, अल्पसंख्यक समेत अन्य वर्गों से आने वालों को सत्ताधारी दल निशाना बना रही है और सुनियोजित साजिश करने शिकायतें मिली है. उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने इसे लेकर पहले भी शिकायत की थी. वहीं छत्तीसगढ़ से कमाने के लिए दूसरे राज्य गए लोगों के लिए विशेष प्रक्रिया की मांग की गई है.
भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नियुक्ति पर प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर खुशी का इज़हार किया और जश्न मनाया
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पदभार ग्रहण करने के साथ ही रायपुर स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया. बैंड-बाजे की धुन के बीच कार्यकर्ताओं ने पार्टी ध्वज लगाकर अपनी खुशियों का इजहार किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी नितिन नबीन को नई जिम्मेदारियों की लिए बधाई दी.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नितिन नबीन को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी के रूप में आपकी सटीक रणनीति और सुदृढ़ संगठनात्मक दक्षता के चलते भाजपा ने प्रदेश में संगठन को नई धार दी. आपके नेतृत्व में पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस के कुशासन को निर्णायक रूप से उखाड़ फेंकते हुए ऐतिहासिक प्रचंड बहुमत प्राप्त किया. यही संगठनात्मक मजबूती आगे चलकर लोकसभा चुनाव 2024 और स्थानीय निकाय चुनावों में भी अभूतपूर्व विजय का आधार बनी.
बूथ स्तर से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक कार्यकर्ताओं में विश्वास, अनुशासन और कर्तव्यबोध स्थापित करना आपकी कार्यशैली की पहचान रही है, जिसने प्रदेश में भाजपा को एक सशक्त और संगठित शक्ति के रूप में नए आयाम तक पहुंचाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आपका अनुभव, ऊर्जा और संगठन कौशल भाजपा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा तथा जनसेवा, विकास और राष्ट्रनिर्माण की हमारी विचारधारा को और अधिक प्रभावी बनाएगा.
कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक ली - जनदर्शन, कॉल सेंटर, लंबित राजस्व प्रकरणों और डीईएएफपीपी एवं निष्क्रिय खातों की विस्तृत समीक्षा’
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठक लेते हुए विभिन्न विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से बायोमेट्रिक अटेंडेंस, आधार कार्ड, डीईएएफपीपी (DEAF) एवं निष्क्रिय (Inoperative) खातों, जनदर्शन कॉल सेंटर से प्राप्त आवेदनों पर चर्चा की गई।
कलेक्टर ने निर्देशित करते हुए कहा कि 1 जनवरी से सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। फील्ड पर जाने से पहले तथा फील्ड कार्य से लौटने के बाद भी सभी उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करें। उन्होंने कहा कि सीआर को पूर्णतः कंप्यूटरीकृत एवं डिजिटल स्वरूप में तैयार किया जाएगा, जिसमें विभागवार लक्ष्य निर्धारण एवं प्रगति के आधार पर मूल्यांकन किया जा रहा है।
कलेक्टर ने विभिन्न विभागों से प्राप्त पत्रों पर तत्काल कार्यवाही कर शीघ्र जवाब भेजने के निर्देश दिए। साथ ही 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाने हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
जनदर्शन के संबंध में उन्होंने निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री तथा कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त सभी शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही कॉल सेंटर एवं अन्य लंबित शिकायतों का भी समय-सीमा के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे DEAF एवं Inoperative बैंक खातों के निराकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन और डीएफओ लोकनाथ पटेल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
DEO कार्यालय आगजनी पर दीपक बैज का बड़ा आरोप: षड्यंत्र के तहत जलाए गए दस्तावेज, भ्रष्टाचार छुपाने के लिए तोड़ी गई बिल्डिंग
रायपुर। रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आग लगी, जिसके बाद बिल्डिंग को तोड़ा गया है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने आगजनी की इस घटना को षड्यंत्र करार दिया है. उन्होंने कहा कि कार्यालय में आग जानबूझकर लगायी गई है. जो दस्तावेज़ जले हैं, उसमें से कई वित्तीय फाइलें, नियुक्ति की फाइलें थी. घटना की जांच से पहले अब बिल्डिंग को तोड़ दिया गया है. यह भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश है.
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मीडिया से चर्चा में दिल्ली में सांसद बृजमोहन अग्रवाल के घर डिनर डिप्लोमेसी को लेकर कहा कि बृजमोहन अग्रवाल भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं. लेकिन हमेशा सरकार की गलत नीतियों, भ्रष्टाचार और हाल ही में जम्बूरी में घोटाला का मामला उठाए थे. कहीं न कहीं सरकार बैकफुट पर आई है. इन सबसे बीच दिल्ली में उनके निवास पर लोगों का भोजन करना नई रणनीति और नई चाल चलने की प्लानिंग है. मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला भी मौजूद थे.
