रायपुर। व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत देशभर में 4 लाख से अधिक विद्यार्थी स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। हमारे प्रदेश में भी एक लाख से अधिक विद्यार्थी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। आज जिन स्वयंसेवकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, उन्हें हम हार्दिक बधाई देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के समय यह माना जाता था कि स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग देना ही राष्ट्रसेवा है। आज जब देश स्वतंत्र हो चुका है, तो राष्ट्रसेवा का अर्थ है सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अपना समग्र योगदान देना। एनएसएस के स्वयंसेवक इस दिशा में बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा का स्वरूप समझाते हुए कहा कि जब हम एक पेड़ लगाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। जब हम किसी को अस्पताल तक पहुँचाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। किसी की आर्थिक मदद करना, किसी को पढ़ने-लिखने में सहयोग करना भी राष्ट्रसेवा ही है। हर कार्य जो हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर करते हैं, वही सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक पूरे मनोयोग से सेवा करते रहें और शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान दें ताकि कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों में रोजगार देने वाले उद्यमियों को सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा केवल दूसरों की मदद करना ही नहीं है, बल्कि यह चरित्र, सोच और जिम्मेदारी की भावना को आकार देने का माध्यम भी है। युवाओं की ऊर्जा और उत्साह ही समाज और राष्ट्र की असली पूंजी है। एनएसएस स्वयंसेवक जिस लगन और समर्पण से सेवा कार्य कर रहे हैं, वह हमारी युवा शक्ति का परिचायक है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता में एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की पत्रिका ‘समर्पण’ और विकसित भारत क्विज कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं, अधिकारियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा संतोष कुमार देवांगन, एनएसएस उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, सभी जिलों के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आए स्वयंसेवक उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत को हटाने की मांग की थी। कंवर ने पत्र में कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी कार्यप्रणाली को “हिटलर प्रशासक” की तरह बताया। उन्होंने यह भी कहा कि कलेक्टर के खिलाफ सैकड़ों भ्रष्टाचार के मामले हैं और वे संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
सीएम ने दी जांच का आश्वासन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पूर्व गृहमंत्री की शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच के बाद ही इस मामले में निर्णय लिया जाएगा। सीएम ने कहा कि ननकीराम कंवर भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और उनके पत्र पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ननकीराम कंवर के आरोप
पूर्व गृहमंत्री ने पत्र में कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत के खिलाफ 14 अलग-अलग मामलों की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर अपनी संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं और उनके समर्थकों के खिलाफ दुर्भाग्यपूर्ण कार्रवाई कर रहे हैं। कंवर ने यह भी कहा कि कलेक्टर ने डीएमएफ (District Mineral Foundation) में गड़बड़ी की है और कई मामलों में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की है। उनके अनुसार, कलेक्टर के इस प्रकार के कामकाज से शासन और प्रशासन की छवि प्रभावित हो रही है।
रायपुर। ‘स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत आज पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस का राज्यस्तरीय आयोजन बड़े उत्साह और व्यापक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और मातृत्व संबंधी समग्र सेवाएं प्रदान करते हुए उन्हें जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना था।
राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक फैले इस व्यापक अभियान में हजारों महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य जांच शिविरों, टीकाकरण सत्रों, पोषण संवादों और जनजागरूकता गतिविधियों में महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम के तहत आयोजित VHSND (Village Health Sanitation and Nutrition Day) सत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा महिलाओं की हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और शर्करा स्तर की जांच की गई। । इस दौरान 1,889 गर्भवती महिलाओं को आवश्यक टीकाकरण, पोषण संबंधी परामर्श तथा आयरन और कैल्शियम की खुराक प्रदान की गई। किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, सेनेटरी नैपकिन के प्रयोग और संक्रमण से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि संतुलित आहार, स्वच्छ जल, नियमित जांच और व्यायाम से कैसे अनेक रोगों की रोकथाम संभव है। पोषण शिक्षा, स्वच्छता व्यवहार और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उपायों पर विशेष बल दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार:
6447 शिशुओं की स्वास्थ्य जांच
23,000 से अधिक टीकाकरण
बड़ी संख्या में किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, आगामी सप्ताह तक सभी जिलों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विशेष रूप से हाई-रिस्क प्रेगनेंसी, कुपोषण और अन्य जटिल स्वास्थ्य स्थितियों से ग्रस्त महिलाओं की गहन जांच की जाएगी।
यह कार्यक्रम न केवल चिकित्सकीय सेवाओं का विस्तार करता है, बल्कि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य अधिकारों, जरूरतों और आत्मनिर्भरता के प्रति भी सजग करता है। स्वास्थ्य के साथ सामाजिक सशक्तिकरण को जोड़ते हुए यह पहल प्रदेश की महिलाओं के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है।
दंतेवाड़ा/रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक और बड़ी सफलता मिली है। जिले में पुलिस और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान के तहत बुधवार को 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का ऐलान किया। आत्मसमर्पण करने वालों में 30 नक्सली इनामी हैं, जिन पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
मुख्यमंत्री साय ने दिया बयान
71 नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण पर उन्होंने कहा, "लगातार नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, सरकार उनके साथ न्याय कर रही है। उनको आवास और रोज़गार उपलब्ध कराया जा रहा है।"
एसपी कार्यालय में आत्मसमर्पण
सभी नक्सलियों ने दंतेवाड़ा एसपी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इस मौके पर एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह दंतेवाड़ा पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में महिलाएं भी शामिल हैं, जो लंबे समय से जंगल में सक्रिय थीं।
लोन वर्राटू अभियान का असर
दंतेवाड़ा में पुलिस ने 2020 से लोन वर्राटू अभियान (घर लौटो अभियान) शुरू किया था। इसका उद्देश्य नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस अभियान का असर लगातार देखने को मिल रहा है। अब तक हजारों नक्सली इस अभियान के तहत आत्मसमर्पण कर चुके हैं। बुधवार को एक साथ 71 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
इनामी नक्सलियों की सूची
आत्मसमर्पण करने वालों में 30 नक्सली ऐसे हैं, जिन पर पुलिस और सरकार ने इनाम घोषित किया था। इन पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम था। ये सभी नक्सली विभिन्न घटनाओं में शामिल रहे हैं और पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बने हुए थे। आत्मसमर्पण के बाद अब ये सभी पुनर्वास योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस का बयान
एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की ओर कदम बढ़ाया है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यक्रमों से प्रभावित होकर नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। पुलिस ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों को शासन की नीति के अनुसार पुनर्वास पैकेज दिया जाएगा और उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
आत्मसमर्पण के कारण
नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करने के पीछे कई कारण बताए हैं। इनमें जंगल में लगातार सुरक्षा बलों की दबावपूर्ण कार्रवाई, संगठन में घटती पकड़, नेताओं द्वारा आम कार्यकर्ताओं के शोषण और शासन की योजनाओं से प्रभावित होना प्रमुख हैं। नक्सलियों ने यह भी स्वीकार किया कि अब संगठन की ताकत कम हो रही है और हिंसा से किसी का भला नहीं हो सकता।
स्थानीय लोगों की भूमिका
स्थानीय ग्रामीणों और आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों की भी इस अभियान में बड़ी भूमिका रही है। वे लगातार सक्रिय नक्सलियों को समझा-बुझाकर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी नक्सली आत्मसमर्पण कर सकते हैं।
नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम
71 नक्सलियों का एक साथ आत्मसमर्पण न केवल पुलिस के लिए बड़ी सफलता है, बल्कि दंतेवाड़ा जिले के लिए भी राहत की खबर है। इससे यह संदेश गया है कि हिंसा और आतंक की राह छोड़कर लोग विकास और शांति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि आने वाले समय में नक्सलवाद का दायरा और सिमटेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे।
मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
पर्यटन को उद्योग का दर्जा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं।
निवेश प्रक्रिया की सरलता
मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो 'वन क्लिक' सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया।
नई तकनीक और एआई सेक्टर
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
पावर हब की ओर कदम
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा।
कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा।
सेवा क्षेत्र की नई पहचान
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई आधारित इंडस्ट्री आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नए आयाम देंगे।
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि हेल्थ, पर्यटन के साथ सभी प्रकार के निवेश में सरकार सहूलियतें उपलब्ध कराएगी। नई उद्योग नीति से उद्योगपतियों का आकर्षण प्रदेश की ओर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रदेशों के साथ ही विदेश जापान और दक्षिण कोरिया जैसे स्थानों पर भी इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लिया है। प्रदेश में 5 से अधिक बार निवेशकों के साथ बैठक हुई है, इससे नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके है। हमने होटल एवं पर्यटन क्षेत्र को भी प्रोत्साहित करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में अच्छे से अच्छा काम हो सके हम यह प्रयास कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर के ओमाया गार्डन में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हेल्थकेयर और होटल क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने निवेश के बड़े प्रस्ताव पेश किए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 11 बड़े अस्पताल समूहों ने कुल 2,466.77 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए, जिनसे लगभग 6000 लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई ऊँचाइयाँ स्थापित होंगी।
कार्यक्रम में मुंबई स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट ने 300 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए 680.37 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 500 रोजगार उपलब्ध होंगे। माँ पद्मावती इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रायपुर 750 बेड क्षमता वाला मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 340 करोड़ निवेश और 1,500 रोजगार अवसर प्राप्त होंगे। आरोग्यमृत वेलनेस एलएलपी रायपुर द्वारा इंटरनल वेलनेस ग्रोथ, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना हेतु 300 करोड़ के निवेश और 1,000 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। फोर सीज़न हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर 600 बेड क्षमता और 302 करोड़ के निवेश से 1,400 रोजगार सृजित करेगा। गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल रायपुर में 500 बेड का 307 करोड़ का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रस्तावित है, जिसमें 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर (वंदना ग्रुप) द्वारा 450 बेड का मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 205.23 करोड़ के निवेश और 302 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। मेमन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड रायपुर 150 बेड क्षमता वाले संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 101 करोड़ निवेश और 400 रोजगार अवसर लेकर आया है। मॉडर्न मेडिकल इंस्टिट्यूट रायपुर 150 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रूप में 91.8 करोड़ के निवेश से 555 रोजगार उत्पन्न करेगा। श्रीराम संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल बिलासपुर 100 बेड 70 करोड़ निवेश और 200 लोगों को रोजगार के साथ प्रस्तावित है।
आरएस अरमानी हेल्थकेयर एलएलपी 50 बेड अस्पताल के लिए 59.37 करोड़ का निवेश और 76 रोजगार अवसर लेकर आया है। वृंदा चेस्ट एंड मेडिकल साइंस रायपुर 50 बेड की सुविधा 10 करोड़ के निवेश के साथ प्रस्तावित है।
होटल वेस्टिन रायपुर (सारदा ग्रुप नागपुर) ने 212.7 करोड़ का निवेश और 400 रोजगार का प्रस्ताव रखा है। पंचामृत एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड रायपुर (अम्यूज़ोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल) 80.91 करोड़ निवेश से 300 रोजगार सृजित करेगा। चौहान हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट रायपुर 80 करोड़ निवेश के साथ प्रस्तावित है।
होटल जिंजर रायपुर (डीएसएस ग्रुप) 78 करोड़ निवेश और 135 रोजगार अवसर लेकर आया है।
एमएम होटल इन एंड रिसॉर्ट्स रायपुर 63 करोड़ निवेश से 110 रोजगार अवसर सृजित करेगा।
प्रयास मॉल एंड मल्टीप्लेक्स धमतरी 41.82 करोड़ निवेश और 30 रोजगार अवसर लेकर आया है। इन्फेरियन लेक रिसॉर्ट बालोद और होटल राजनांदगांव के लिए 25-25 करोड़ निवेश और कुल 175 रोजगार अवसर प्रस्तावित हैं। गोदरीवाला और एमएम ग्रुप रायपुर द्वारा प्रस्तावित अम्यूज़मेंट पार्क 24.9 करोड़ निवेश और 70 रोजगार अवसर प्रदान करेगा। बाफना लॉन एंड होटल धमतरी (सरोवर पोर्टिको ग्रुप) द्वारा 20.97 करोड़ निवेश और 22 रोजगार अवसर प्रस्तावित किया गया है।
इस प्रकार कार्यक्रम में घोषित कुल निवेश प्रस्ताव 3,119.07 करोड़ रुपये के हैं। इनमें स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र से 2,466.77 करोड़ और होटल-पर्यटन क्षेत्र से 652.3 करोड़ रुपये शामिल हैं। प्रस्तावित परियोजनाओं से मिलकर 7 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे और प्रदेश को 2,800 से अधिक नए हॉस्पिटल बेड्स की सुविधा प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निवेश छत्तीसगढ़ को हेल्थकेयर, वेलनेस और पर्यटन का नया केंद्र बनाएगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पित विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के असीमित अवसर उपलब्ध हैं। हमारी सरकार नई औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को हर संभव सुविधा और सहयोग प्रदान करेगी। मुझे विश्वास है कि राज्य के उद्योगों और निवेशकों के साथ मिलकर हम छत्तीसगढ़ में विकास का नया अध्याय लिखेंगे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, संचालक संस्कृति विवेक आचार्य, संचालक उद्योग प्रभात मालिक, सीआईआई के चेयरमेन संजय जैन भी उपस्थित रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित आबकारी घोटाले (Liquor Scam) में एक बार फिर से नई हलचल तेज हो गई है। ईडी (ED) की कार्रवाई के बाद अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भी मामले में सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में बुधवार की दोपहर रायपुर सेंट्रल जेल में बंद आरोपी चैतन्य बघेल को ईओडब्लू की ओर से जारी प्रोडक्शन वारंट पर विशेष अदालत (ACB/EOW स्पेशल कोर्ट) में पेश किया गया।
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार देर शाम ईओडब्लू ने कोर्ट में आवेदन पेश किया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद बुधवार 24 सितंबर को भोजनावकाश के बाद चैतन्य बघेल को जेल से निकालकर अदालत लाया गया। कोर्ट में पेश होते ही ईओडब्लू ने आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया और उसके पुलिस रिमांड की मांग की। अब यह देखना बाकी है कि अदालत ईओडब्लू को कितने दिनों का रिमांड देती है।
सारंगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ में बारिश का कहर देखने को मिला। यहां उफनते नाले को पार करने के दौरान कार बह गयी। घटना के वक्त कार में तीन लोग सवार थे। पानी के तेज बहाव में कार के बहने के दौरान ही किसी तरह तीनों लोगों ने तैरकर अपनी जान बचायी। बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने कार सवार लोगों को पुल पार करने से मना किया था। लेकिन उन्होने स्थानीय लोगों की बात नही मानी और मुसीबत में फंस गये।
गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में बने बारिश के सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ में दिख रहा है। रायपुर, बलौदाबाजार सहित कोरबा जिले में सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। रायगढ़ में लगातार बारिश के बाद केलो डैम के 3 गेट खोल दिए गए हैं। जिससे केलो नदी का जलस्तर बढ़ गया है। उधर सारंगढ़ में बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर है। बताया जा रहा है कि यहां उफनते नाले को पार कर रही कार बह गई। कार में तीन लोग सवार थे, जो कि बरमकेला से ओडिशा जा रहे थे। नाले के 2-3 फीट ऊपर पानी बह रहा है, बावजूद इसके लोग जान जोखिम में डालकर नाला पार कर रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने कार सवार लोगों को नाला पार नहीं करने की सलाह दी थी। लेकिन उन्होंने नहीं मानी। लिहाजा उफनते नाले के बीच कार के पहुंचते ही तेज बहाव में कार बह गयी। घटना को देख स्थानीय लोगों ने कार सवार लोगों को जल्दी कार से निकलकर जान बचाने की हिदायत दी गयी। जिसके बाद किसी तरह तीनों कार सवार लोगों ने तैरकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। बताया जा रहा है कि ओडिशा को जोड़ने वाला बरमकेला का विक्रम नाला वर्षों से अधूरे पुल के कारण लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। इस समस्या को लेकर विधायक ने विधानसभा में मुद्दा भी उठाया था। लेकिन समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।
रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने बारिश के सिस्टम का असर प्रदेश में दिखने लगा है। रायपुर में देर रात से बूंदाबांदी जारी है। बलौदा बाजार में भी तेज पानी बरस रहा है। बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है। अन्य जिलों में भी भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, सरगुजा, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और रायपुर सहित 19 जिलों में मध्यम से भारी बारिश के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
इधर, रायपुर के नवापारा क्षेत्र से लगे पारागांव में आकाशीय बिजली गिरने से 27 बकरे-बकरियों की मौत हो गई। सभी मवेशी महानदी किनारे चर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना में 7 बकरियां घायल भी हुई हैं। वहीं पिछले 24 घंटे की बात करें तो सबसे अधिक 60 मिमी बारिश मैनपुर में दर्ज की गई है।
प्रदेश में अब तक 1078.8 मिमी बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 495.1 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 51% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़ में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है। जबकि बलरामपुर में 1473.7 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 53% ज्यादा है।
बादलों में मौजूद पानी की बूंदें और बर्फ के कण हवा से रगड़ खाते हैं, जिससे उनमें बिजली जैसा चार्ज पैदा होता है। कुछ बादलों में पॉजिटिव और कुछ में नेगेटिव चार्ज जमा हो जाता है। जब ये विपरीत चार्ज वाले बादल आपस में टकराते हैं तो बिजली बनती है।
आमतौर पर यह बिजली बादलों के भीतर ही रहती है, लेकिन कभी-कभी यह इतनी तेज होती है कि धरती तक पहुंच जाती है। बिजली को धरती तक पहुंचने के लिए कंडक्टर की जरूरत होती है। पेड़, पानी, बिजली के खंभे और धातु के सामान ऐसे कंडक्टर बनते हैं। अगर कोई व्यक्ति इनके पास या संपर्क में होता है तो वह बिजली की चपेट में आ सकता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली युवाओं को न्याय और समान अवसर देने के लिए राज्य में SET परीक्षा को नियमित रूप से आयोजित किया जाना चाहिए यह कहना है सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने राज्य में उच्च शिक्षा में होने वाली 700 शिक्षकों की भर्ती से पहले उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा को पत्र लिखकर, भर्ती से पहले SET परीक्षा आयोजित करने की मांग की है।
अपने पत्र में सांसद श्री बृजमोहन ने लिखा है कि, छत्तीसगढ़ के युवाओं और अभ्यर्थियों को लंबे समय से SET (State Eligibility Test) परीक्षा के अनियमित आयोजन की वजह से नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदेश निर्माण के 25 वर्षों में अब तक मात्र 06 बार ही SET परीक्षा आयोजित की गई है (वर्ष 2006, 2013, 2017, 2018, 2019 एवं 2023)। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर NET परीक्षा हर छह माह में नियमित रूप से आयोजित होती है।
इस असमानता के कारण छत्तीसगढ़ के SET पात्रता प्राप्त युवाओं को NET पात्रता प्राप्त अभ्यर्थियों की तुलना में कम अवसर मिलते हैं। यही वजह है कि राज्य के रिक्त पदों पर स्थानीय अभ्यर्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा अवसर नहीं मिल पाता।
वर्तमान में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रस्तावित है। ऐसे में इन पदों पर छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्राथमिकता और अवसर देने के लिए SET परीक्षा का नियमित आयोजन अत्यंत आवश्यक है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस विषय पर माननीय उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि,“छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली युवाओं को न्याय और समान अवसर देने के लिए राज्य में SET परीक्षा को नियमित रूप से आयोजित किया जाना चाहिए। इससे न केवल राज्य के युवाओं को अवसर मिलेगा बल्कि उच्च शिक्षा विभाग को भी योग्य और प्रतिभावान अभ्यर्थी मिल सकेंगे।”
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उच्च शिक्षा मंत्री से निवेदन किया है कि आगामी भर्ती प्रक्रिया से पहले ही SET परीक्षा आयोजित कर राज्य के युवाओं को लाभान्वित किया जाए।
बिलासपुर। प्रदेश भर की खस्ताहाल सड़कों के मामले में नाराज हाईकोर्ट ने शासन के अधिकारियों से कहा है कि इसमें सुधार जल्द होने चाहिए। अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि सड़क बनाने से टैक्निकल जांच, टेंडर और वर्क आर्डर में काफी समय बरबाद किया जाता है। यह सही नहीं है। ध्यान रहे कि प्रदेश की खराब सड़कों के मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बैंच में चल रही है। शासन ने कोर्ट में अपना जवाब पेश किया। इसमें कहा गया कि रतनपुर-सेंदरी रोड का काम लगभग पूरा हो गया है तो रायपुर रोड की सड़क 70 प्रतिशत बना ली गई है। इसे अगले 15 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। एनएचएआई की तरफ से भी सड़कों के जल्द पूरे होने की बात कही गई।
हाईकोर्ट में बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे एनएच 90 की बदहाली को लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने पूछा कि बिलासपुर- रायपुर नेशनल हाईवे की सड़क कब तक सुधारकर देंगे। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाना और एनएचएआई का मौन रहना चिंताजनक है। हाईकोर्ट ने कहा कि बार-बार दिए जा रहे शपथ पत्रों से उद्देश्य पूरे नहीं हो रहे हैं। सिर्फ कागजों में रिपोर्ट देकर एनएचएआई जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। शासन की ओर से कहा गया कि पेण्ड्रीडीह से नेहरू चौक की सड़क स्टेट पीडब्ल्यूडी की है। इसकी जांच करके इसे फिर से बनाया जाएगा। रतनपुर केंदा मार्ग की बदहाली के मामले में हाईकोर्ट ने पीडब्ल्यूडी सेेकेट्ररी का शपथ पत्र पेश करने कहा है। इसी तरह रायपुर बिलासपुर की मुख्य सड़क पर फैल रहे पावर प्लांटों की राख पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और इस बारे में मुख्य सचिव से जवाब मांगा है।
सुनवाई के दौरान नेशनल हाईवे की ओर से कहा गया कि तुर्काडीह, सेंदरी, रानीगांव, मलनाडीह और बेलतरा में पैदल नात्रियों की सुरक्षा के लिए फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। पहले की अनुमानित लागत 17.95 करोड़ थी, जो अब घटकर 11.38 करोड़ हो गई है। निर्माण स्थल की संयुक्त जांच हो चुकी है। टेंडर जारी हो चुका। टेंडर मंजूर होते ही निर्माण कार्य गुरू होगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि बिलासपुर की पेंड्रीडीह बाईपास से नेहरू चौक तक की सड़क का निर्माण कार्य अप्रैल में स्वीकृत हो चुका है, लेकिन आज तक कोई प्रगति नहीं हुई। इसी तरह रायपुर के धनेली एयरपोर्ट रोड का काम भी अधूरा है।
रायपुर। नवरात्रि पर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के एम.जी. रोड एवं आसपास के प्रमुख बाजारों का भ्रमण कर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से आत्मीय संवाद किया। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने कर प्रणाली को नई सरलता और पारदर्शिता प्रदान की है। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे बाजार का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर गया। जगह-जगह व्यापारियों और नागरिकों ने उनका स्वागत किया और “मोदी जी को धन्यवाद” के नारे गूंजते रहे। मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से प्रत्यक्ष संवाद करते हुए जाना कि नई कर व्यवस्था से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को कितना बड़ा लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शाम को राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक से महात्मा गांधी मार्ग होते हुए गुरुनानक चौक तक पैदल बाजार भ्रमण किया और जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने विभिन्न प्रतिष्ठानों में पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने दुकानों में बचत उत्सव के स्टीकर भी लगाए और स्थानीय दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीय चर्चा की।
बाजार भ्रमण के दौरान व्यापारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न व्यापारी संगठनों एवं संचालकों ने मुख्यमंत्री श्री साय का गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीएसटी सुधार से देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा हाल में किए गए व्यापक जीएसटी सुधारों से टैक्स में कमी आई है और ग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने शारदा चौक स्थित शंकर हनुमान मंदिर में दर्शन कर बाजार भ्रमण की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री से बातचीत में लीला श्रीराम इलेक्ट्रॉनिक्स में खरीददारी करने आई समता कॉलोनी निवासी ऋचा ठाकुर ने कहा कि जीएसटी में कटौती से उनकी बड़ी चिंता दूर हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने हॉस्टल के लिए 5 एसी खरीदने थे। पहले 35,000 रुपये प्रति एसी की कीमत वाले उत्पाद अब कटौती और डिस्काउंट के बाद 30,000 रुपये में मिले, जिससे एक बार में ही 25,000 रुपये की बचत हुई। ऋचा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस निर्णय के लिए धन्यवाद दिया।
इसी प्रकार एम.एस. ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर मोहन नेभानी ने बताया कि बचत उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं उनकी दुकान पर आए और ग्राहकों के लाभ की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि जीएसटी में कटौती से ग्राहकों की खरीददारी बढ़ी है और हर सामान पर 1,000 से 2,000 रुपये तक की बचत हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी मार्ग स्थित विभिन्न दुकानों में भ्रमण कर दुकानदारों और ग्राहकों से आत्मीय बातचीत की। बाजार में पैदल भ्रमण के दौरान आमजन ने मुख्यमंत्री पर पुष्पवर्षा कर स्वागत और अभिनंदन किया।
जयस्तंभ चौक पर मुख्यमंत्री का स्वागत चैम्बर ऑफ कॉमर्स और पार्टी पदाधिकारियों ने किया। इसके बाद वे शारदा चौक पहुंचे और वहाँ देवी प्रतिमा के दर्शन कर भक्तों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री पूनम होटल से लेकर मंजू ममता होटल तक पैदल भ्रमण करते हुए आगे बढ़े। सड़क किनारे खड़े छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक, सभी ने मुख्यमंत्री से संवाद करने की उत्सुकता दिखाई। मुख्यमंत्री ने भी आत्मीयता के साथ सभी की बातें सुनीं और जीएसटी 2.0 के लाभों पर उनकी प्रतिक्रियाएँ जानीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने टिनी टीज़र और किड्स ऑन व्हील साइकिल स्टोर जैसे प्रतिष्ठानों पर जाकर बच्चों से जुड़ी वस्तुओं और घरेलू सामग्री पर घटे कर दरों की जानकारी ली। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में जाकर उन्होंने जाना कि उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कितनी सस्ती दरों पर सामान मिल रहा है। दुकानदारों ने बताया कि नए प्रावधानों से व्यापार करना आसान हुआ है और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व और जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती का यह संयोग व्यापार और उपभोक्ताओं दोनों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कर प्रणाली और अधिक पारदर्शी एवं सरल बनी है। इससे न केवल व्यापारियों को सुविधा होगी बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब में भी प्रत्यक्ष बचत होगी।
मुख्यमंत्री ने विस्तार से कहा कि अब केवल दो स्लैब रह गए हैं। आवश्यक वस्तुएँ जैसे साबुन, टूथपेस्ट, साइकिल और रसोई सामग्री अब मात्र 5 प्रतिशत कर पर उपलब्ध होंगी, जिससे हर परिवार को सालाना 3,000 से 5,000 रुपये की बचत होगी। इसी प्रकार ब्रेड, दूध, पैक्ड नमकीन और चना जैसी खाद्य वस्तुएँ पूरी तरह करमुक्त हो गई हैं, जिससे सालाना ढाई से साढ़े तीन हजार रुपये तक की बचत होगी। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर भी कर हटने से लोगों को 25,000 रुपये की पॉलिसी पर लगभग 4,500 रुपये और वरिष्ठ नागरिक बीमा पर 8 से 10 हजार रुपये सालाना की बचत होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में कहा कि जीएसटी 2.0 से व्यापार जगत को भी बड़ा लाभ होगा। यह सुधार उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार सभी क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और व्यापारियों से आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दें और उपभोक्ताओं से भी आह्वान किया कि वे गर्व से कहें – “मैं स्वदेशी खरीदता हूँ और स्वदेशी बेचता हूँ।” उन्होंने इसे भारत के आर्थिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला मंत्र बताया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोती लाल साहू, नान के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अमित चिमनानी, रमेश ठाकुर, नंदन जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न व्यापारी संगठन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के करेली बड़ी गांव में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम में मनरेगा दर्पण नागरिक सूचना पटल का विधिवत शुभारंभ‘ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मनरेगा दर्पण से आम जनता को मनरेगा कार्यों की पूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। यह पहल पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मनरेगा दर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की अभिनव पहल है, जो न केवल पारदर्शिता की नई मिसाल है बल्कि हर ग्रामीण को योजनाओं से सीधे जोड़ने का माध्यम भी है। क्यूआर कोड और जीआईएस तकनीक आधारित यह कदम गांवों में डिजिटल सशक्तिकरण और सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
तीन साल में हुए मनरेगा कार्यो की रिपोर्ट देख सकेंगे ग्रामीण
छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल क्रांति की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में नागरिक सूचना पटल लगाए गए हैं। इन पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन करके कोई भी ग्रामीण पिछले तीन वर्षों में किए गए कार्यों का विवरण, व्यय की जानकारी और प्रगति रिपोर्ट देख सकता है।
इस प्रणाली से अब गांव का हर व्यक्ति यह जान सकेगा कि मनरेगा के तहत उसके इलाके में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत हुए हैं, कितनी राशि खर्च हुई है और काम की वर्तमान स्थिति क्या है। फाईल और दस्तावेज हटकर अब हर सूचना मोबाइल पर उपलब्ध हो सकेगी। ग्रामीणों को जानकारी के लिए किसी कार्यालय या अधिकारी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मनरेगा दर्पण पोर्टल और सूचना पटल के माध्यम से सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर संधारित जानकारी को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। इससे योजनाओं पर अनावश्यक भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और जनता खुद निगरानी कर पाएगी। इस पहल से ग्रामीणों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। पारदर्शी व्यवस्था से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा बल्कि ग्रामीणों की सीधी भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद रूप कुमारी चौधरी, विधायक अजय चन्द्राकर, सचिव निहारिका बारिक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। नवरात्रि, दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व के अवसर पर श्रद्धालु यात्रियों की सुविधा हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा पूजा स्पेशल मेमू ट्रेन (06883/06884) का परिचालन किया जा रहा है ।
गाड़ी संख्या 06884 पूजा स्पेशल मेमू ट्रेन कोरबा से प्रतिदिन 25 सितम्बर से 3 अक्टूबर 2025 तक प्रातः 05.30 बजे प्रस्थान कर दोपहर 14.21 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी । इसी प्रकार गाड़ी संख्या 06883 पूजा स्पेशल मेमू ट्रेन नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी से प्रतिदिन 25 सितम्बर से 03 अक्टूबर 2025 तक प्रातः 05.00 बजे प्रस्थान कर 09.50 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी ।
इस स्पेशल मेमू ट्रेन के परिचालन का उद्देश्य दुर्गा पूजा एवं नवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालु यात्रियों के लिए डोंगरगढ़ पहुँचना और भी आसान, सुरक्षित, किफायती एवं सुविधाजनक बनाना है । इस ट्रेन का ठहराव मार्ग के सभी छोटे-बड़े स्टेशनों में दिया गया है, ताकि गाँव–कस्बों के यात्री भी आसानी से माँ बमलेश्वरी देवी के दर्शन हेतु डोंगरगढ़ पहुँच सकें ।
नवरात्रि मेले में श्रद्धालु यात्रियों की सुविधा हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा कई प्रकार की व्यवस्थाएँ की गई हैं । रायपुर से डोंगरगढ़ के मध्य मेमू स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है । अनेक ट्रेनों का विस्तार डोंगरगढ़ से रायपुर एवं डोंगरगढ़ से गोंडिया तक किया गया है । साथ ही अनेक मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव डोंगरगढ़ स्टेशन पर दिया गया है, ताकि श्रद्धालु यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे आसानी से माँ बमलेश्वरी देवी के दर्शन कर सकें ।
यह पूजा स्पेशल मेमू ट्रेन विशेष रूप से छोटे स्टेशनों से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत प्रदान करेगी। कोरबा व नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी स्टेशनों से डोंगरगढ़ तथा डोंगरगढ़ से माँ बमलेश्वरी देवी के दर्शन पश्चात पुनः कोरबा व नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी लौटना इस ट्रेन के माध्यम से और भी सहज हो जाएगा ।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे श्रद्धालु यात्रियों से अपील करता है कि वे इस संरक्षित, किफायती और सुविधाजनक स्पेशल ट्रेन सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ और दुर्गा पूजा, नवरात्रि में माँ बमलेश्वरी देवी के दर्शन कर अपनी यात्रा को सुखद बनाएँ ।
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य में ध्वनि प्रदूषण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। 22 सितंबर को हुई जनहित याचिका की सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की खंडपीठ ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए। कोर्ट ने कहा कि कोलाहल अधिनियम, 1985 और ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के अंतर्गत प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को त्योहारों और जुलूसों के दौरान संरक्षित रखा जाए।
अदालत ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि इस संबंध में कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें और सभी आवश्यक कार्रवाई करें। यह आदेश रायपुर के डॉ. राकेश गुप्ता द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। याचिकाकर्ता ने अदालत को अवगत कराया कि गणेश विसर्जन के दौरान रायपुर में लगभग 50 से 60 डीजे बजाए गए थे, जिससे ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन हुआ। डॉ. गुप्ता ने यह भी अनुरोध किया कि रायपुर की सड़कों पर लगे ट्रैफिक विभाग के कैमरों की रिकॉर्डिंग संरक्षित की जाए ताकि नियम उल्लंघन करने वालों की पहचान हो सके और ध्वनि प्रदूषण की मॉनिटरिंग की जा सके।
याचिका की सुनवाई के दौरान यह भी चर्चा हुई कि ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सख्ती से पालन भी जरूरी है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि इस जनहित याचिका के दौरान गठित समिति को राज्य शासन के विधि विभाग ने यह स्पष्ट सुझाव दिया है कि यदि मोटर यान अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं का परिवहन विभाग द्वारा कड़ाई से पालन कराया जाए, तो वाहनों में डीजे सिस्टम लगाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।
अदालत ने इस सुझाव पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार और परिवहन विभाग को ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि हाईकोर्ट का यह आदेश ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। त्योहारों और जुलूसों के दौरान अक्सर ध्वनि प्रदूषण की शिकायतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का सुरक्षित रखना पुलिस और प्रशासन को कार्रवाई में मदद करेगा।
यह आदेश न केवल नियमों के पालन को सुनिश्चित करेगा, बल्कि आम जनता में जागरूकता भी बढ़ाएगा कि ध्वनि प्रदूषण एक गंभीर समस्या है और इसके लिए सख्त कानूनी प्रावधान लागू हैं।
मुंबई। रायपुर के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्ययन दौरे पर मुंबई में आयोजित बैठक में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रभावी क्रियान्वयन और शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए कई अहम सुझाव दिए।
सांसद श्री अग्रवाल ने विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव को दूर करने के लिए विद्यालय स्तर पर योग क्लास, एथिक्स और मोरल साइंस को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एकल परिवार की संस्कृति के कारण बच्चों में अकेलेपन की समस्या बढ़ रही है, वो तनावग्रस्त हो रहे और आत्महत्या तक रहे हैं, जिसे केवल नैतिक शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से ही दूर किया जा सकता है।
उन्होंने मल्टी डिसिप्लिनरी शिक्षा में हाजिरी सिस्टम पर सवाल उठाया और सभी सरकारी स्कूलों में आर्ट्स एंड ह्यूमैनिटी, साइंस, मैथमेटिक्स और कॉमर्स को अनिवार्य रूप से लागू करने का सुझाव दिया। साथ ही उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने और भारतीय ज्ञान पद्धति पर आधारित पाठ्यक्रम तैयार करने पर बल दिया, जिसे आगे चलकर देशभर में लागू किया जा सके।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग एवं उच्चतर शिक्षा विभाग, भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार के शिक्षा विभागों सहित टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (टीआईएसएस) और गोखले राजनीति एवं अर्थशास्त्र संस्थान के अधिकारी उपस्थित रहे।
महिला सशक्तिकरण विषय पर चर्चा करते हुए श्री अग्रवाल ने महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के प्रभावी कार्यान्वयन पर विशेष जोर दिया। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार के विभागों सहित विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
खेलों को बढ़ावा देने पर विचार करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि SAI केंद्रों को अंतर्राज्यीय स्वरूप दिया जाना चाहिए ताकि विभिन्न राज्यों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी अवसर मिल सके। उन्होंने छत्तीसगढ़ की उत्कृष्ट खिलाड़ी नीति की तर्ज पर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को उनके स्तर के अनुसार नौकरी प्रदान करने की नीति बनाने का सुझाव दिया। इससे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा और गांव-गांव से नई खेल प्रतिभाएं सामने आएंगी।
बैठक में खेलो इंडिया पर स्थायी समिति की 369वीं रिपोर्ट, राष्ट्रीय खेल नीति 2025 और उससे संबंधित योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में आज रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले के विकास कार्यों, प्रशासनिक योजनाओं और लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने “मेरा गांव, मेरी पहचान” नवाचार परियोजना के तहत अधिकारियों को आवंटित ग्रामों की नियमित निगरानी और दौरा सुनिश्चित करने तथा ग्रामीणों की योजनाओं का लाभ लेने प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए डॉ. सिंह ने सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को लंबित राजस्व प्रकरणों का त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा माताओं को लाभान्वित करने पर जोर दिया। उन्होंने मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने और आंगनबाड़ी केन्द्रों में आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान डॉ. सिंह ने बीएमओ, बीपीएम एवं जिला सलाहकारों से स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और आमजन को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं शत प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, अपर कलेक्टर नम्रता जैन (आईएएस), सीईओ जिला पंचायत कुमार बिश्वरंजन सहित जिले के सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समाज के लोगों को नवरात्र पर्व पर आयोजित होने वाले गरबा से दूरी बनाने की अपील की है। इस संबंध में बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने समाज को पत्र लिखा है।
अध्यक्ष डॉ. राज ने कहा कि गरबा कोई साधारण नृत्य कार्यक्रम नहीं है। यह देवी दुर्गा की आराधना के लिए किया जाने वाला भक्तिपूर्ण लोकनृत्य है, जो जीवन के चक्र और देवी की असीम शक्ति का प्रतीक है। यदि मुस्लिम समाज मूर्ति पूजा में आस्था नहीं रखता है तो उन्हें गरबा जैसे धार्मिक आयोजनों से दूर रहना चाहिए।
सलीम राज ने कहा की यदि कोई मुस्लिम भाई-बहन वेशभूषा व परंपरा का सम्मान करते हुए समिति से अनुमति लेकर भाग लेना चाहते हैं, तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होगी। किंतु गलत नीयत से गरबा स्थलों में प्रवेश कर उपद्रव करने का प्रयास हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करता है, जिससे सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंच सकती है। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने सभी से शांति की अपील भी की है।
रायपुर। कोल लेवी घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी EOW ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने मामले के आरोपी सौम्या चौरसिया की 16 अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। इनकी कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई गई है। EOW के विशेष न्यायाधीश के आदेश के बाद ये कार्रवाई की गई है। इसके पूर्व प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने भी 39 करोड़ की 29 अचल संपत्तियों को कुर्क कर चुकी है।
बता दें कि रविवार को सौम्या के करीबी और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में सीएम सचिवालय में पदस्थ रहे लिपिक जयचंद कोशले के रायपुर व जांजगीर-चांपा स्थित ठिकानों पर छापेमारी में कोल घोटाले से जुड़े कई अहम दस्तावेज के साथ ही 50 करोड़ खपाने के सबूत मिले हैं।
ईओडब्ल्यू ने कोयला घोटाले में सौम्या चौरसिया के निज सचिव जयचंद कोसले को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए 26 सितंबर तक रिमांड पर लिया है। पेश किए गए रिमांड आवेदन में बताया गया है कि जयचंद कोयला घोटाले में आरोपी बनाई गई।