प्रदेश
पूर्व सीएम के “मुगल शासन में भी हिंदू खतरे में नहीं थे” वाले बयान पर MLA अजय चंद्राकर का हमला, कहा—इतिहास पढ़कर दें बयान
रायपुर। दुर्ग में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उस बयान पर सियासत तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुगल शासनकाल में भी हिंदू कभी खतरे में नहीं थे और भाजपा–आरएसएस डर फैलाकर चुनाव जीतते हैं। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कड़ा पलटवार किया है।
अजय चंद्राकर ने कहा कि भूपेश बघेल को बयान देने से पहले इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद अली जिन्ना और लियाकत अली खान की कितनी पीढ़ियों का धर्मांतरण हुआ और किन परिस्थितियों में हुआ, इस पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कश्मीर की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) क्या थी और उसमें बदलाव क्यों आया, इसका अध्ययन किए बिना बयान देना उचित नहीं है। तथ्यों और संदर्भों के बिना बयान देना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है।
छत्तीसगढ़ बंद पर अजय चंद्राकर का बयान
सर्व आदिवासी समाज द्वारा 24 दिसंबर को छत्तीसगढ़ बंद के आह्वान को लेकर अजय चंद्राकर ने कहा कि धर्मांतरण के माध्यम से भारतीय संस्कृति और बस्तर पर सुनियोजित हमला किया जा रहा है। इसके पीछे विदेशी ताकतों और अंतरराष्ट्रीय साजिशों की भूमिका है। उन्होंने कहा कि ऐसे में स्थानीय स्तर पर विरोध होना स्वाभाविक है। प्रदेश के लोग अपनी परंपरा और संस्कृति की रक्षा को लेकर सजग हैं। समाज को समय रहते ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। अशिक्षा और पिछड़ेपन के कारण धर्मांतरण की घटनाएं सामने आ रही हैं।
ड्राफ्ट मतदाता सूची आज होगी जारी
छत्तीसगढ़ की ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर विधायक चंद्राकर ने बताया कि एसआईआर की ड्राफ्ट सूची आज जारी की जाएगी। इसमें जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है या जो लोग पलायन कर गए हैं, उनके नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया शत-प्रतिशत छत्तीसगढ़ में ही संपन्न हुई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा कोई ठोस आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है।
कल छत्तीसगढ़ बंद का ऐलान, बाजार बंद रहेंगे, चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने किया समर्थन
रायपुर। कांकेर जिले के क्षेत्र अंतर्गत बड़े तेवड़ा गांव में धर्मांतरित व्यक्ति के शव दफन को लेकर हुए विवाद के बाद सर्व समाज छत्तीसगढ़ ने 24 दिसंबर को प्रदेश बंद की घोषणा की. इस घोषणा (बंद) को छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने भी समर्थन दिया है.
दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी की अध्यक्षता में सोमवार को प्रदेश कार्यालय में व्यापारिक संगठनों और चैंबर पदाधिकारियों की एक अहम बैठक हुई. इस बैठक में कांकेर जिले के आमाबेड़ा में मिशनरियों द्वारा स्थानीय जनजाति समाज पर किए गए योजनाबद्ध हमले और स्थानीय प्रशासन के भेदभावपूर्ण रवैये पर पदाधिकारियों ने गहरा रोष व्यक्त किया. बैठक में चैंबर ने अपनी पूरी शक्ति झोंकने का निर्णय लिया है. बैठक की शुरुआत में चैंबर प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने उपस्थित पदाधिकारियों को आमाबेड़ा घटना की जानकारी दी.
पूर्व विधायक एवं चैंबर संरक्षक श्रीचंद सुंदरानी ने इस घटना को दर्दनाक बताया और कहा कि धर्मांतरण की बढ़ती घटनाएं प्रदेश की शांति के लिए खतरा हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि बंद को इतना सुनियोजित रखा जाए कि ट्रांसपोर्टेशन और कच्चे माल के व्यापारियों को कम से कम आर्थिक नुकसान हो, लेकिन विरोध का संदेश स्पष्ट और कहा जाना चाहिए. पूर्व विधायक लाभचंद बाफना ने कहा कि यह बंद लेवल रायपुर तक सीमित नहीं रहना चाहिए. प्रदेश की प्रत्येक इकाई छोटे से छोटे व्यापारियों तक पहुंचे, ताकि कश्मीर से कन्याकुमारी तक इस एकता का संदेश जाए.
व्यापारी सड़कों पर उतरकर करेंगे विरोध
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि इस घटना के विरोध में सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे. समाज विरोधी घटनाओं के खिलाफ व्यापारी मुख्य चौराहों पर आकर कड़े शब्दों में अपना आक्रोश व्यक्त करेंगे. भाटागांव व्यापारी संघ के अध्यक्ष ने बंद का पूर्ण समर्थन करते हुए इस विषय पर कलेक्टर को ज्ञापन पत्र सौंपने की घोषणा की है.
SIR: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में आज जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग मंगलवार को छत्तीसगढ़ की ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित करने जा रहा है. इसके साथ ही 2026 में इन प्रदेश में प्रस्तावित चुनावी प्रक्रिया की तैयारियों में एक और अहम कदम पूरा हो जाएगा. चुनाव आयोग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में तैयार किए गए ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल्स को मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) के माध्यम से सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाएगा, ताकि वे तय समय में आपत्तियां, सुझाव दर्ज करा सकें.
आयोग ने यह निर्देश दिया है कि राजनीतिक दलों को मतदाता सूची की हार्ड कॉपी उपलब्ध कराई जाए. इसके साथ ही पारदर्शिता और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रारूप मतदाता सूची को सीईओ और डीईओ की आधिकारिक वेबसाइटों पर भी अपलोड किया जाएगा. मतदाता सूचियों के साथ- साथ अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूचियां भी संबंधित सीईओ डीईओ की वेबसाइट पर अपलोड की जाएंगी. ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद निर्धारित समय में दावा-आपत्ति प्रक्रिया चलेगी और फिर अंतिम मतदाता सूची इसके बाद जारी की जाएगी.
नोटिस फेज में दावों और आपत्तियों का होगा निपटारा
ड्राफ्ट वोटर सूची के प्रकाशन होने के बाद नोटिस फेज शुरू हो जाएगा, जिसमें चुनावी पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) की ओर से एक साथ गणना प्रपत्र पर नोटिस जारी करना, सुनवाई, प्रमाणित और फैसला लेना और दावों और आपत्तियों का निपटारा करना शामिल है. मतदाता 23 दिसंबर से 22 जनवरी तक दावा/आपत्ति दर्ज करा सकते हैं.
SIR को लेकर चुनाव आयोग ने किया ये दावा
आयोग ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक और योग्य मतदाताओं को दावे-आपत्तियों की अवधि के दौरान जोड़ा जा सकता है, जिन मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए जाएंगे, उनका नाम केवल एक ही स्थान पर रखा जाएगा. यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए, बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर कई बार संपर्क किया. साथ ही ईआरओ ने राजनीतिक दलों के साथ बैठकें कर असंग्रहणीय फॉर्म की अस्थायी सूची साझा की, ताकि बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) फील्ड में सत्यापन कर सकें.
ऑनलाइन कैसे देख सकेंगे अपना नाम?
सबसे पहले नेशनल वोटर्स सर्विस पोर्टल (NVSP) पर: वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाएं.
‘Search Your Name in Electoral Roll’ विकल्प चुनें.
तीन तरीके उपलब्ध हैं:
EPIC नंबर से: अपना वोटर आईडी नंबर डालें, राज्य चुनें, कैप्चा भरकर सर्च करें.
पर्सनल डिटेल्स से: राज्य, भाषा चुनें, फिर नाम, जन्मतिथि, उम्र, रिश्तेदार का नाम, लिंग, जिला और विधानसभा क्षेत्र की जानकारी भरें. कैप्चा डालकर सबमिट करें.
मोबाइल नंबर से: राज्य और भाषा चुनें, मोबाइल नंबर डालें, कैप्चा भरकर सर्च करें.
वोटर हेल्पलाइन ऐप : Google Play Store या Apple App Store से ‘Voter Helpline’ ऐप डाउनलोड करें.
EPIC नंबर या अन्य डिटेल्स से नाम सर्च करें.
राज्य सीईओ वेबसाइट से पीडीएफ
संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की वेबसाइट पर जाएं और पूरी सूची या बूथ-वार पीडीएफ देख सकते हैं.
पुलिस महकमे में सरकार की बड़ी सर्जरी, राज्य पुलिस सेवा के 95 अफसरों का तबादला, देखिए सूची –
रायपुर। राज्य सरकार ने पुलिस मकहमे में बड़ी सर्जरी करते हुए राज्य पुलिस सेवा के 95 अधिकारियों का तबादला किया है। गृह (पुलिस) विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 35 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और 60 डीएसपी स्तर के अफसरों को इधर से उधर किया गया है।
देखें आदेश –









राज्य सरकार ने आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ किया घोषित
रायपुर। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का पहला वर्ष ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में समर्पित किया गया था, जिसमें शासन और जनता के बीच विश्वास की पुनर्स्थापना का लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त हुआ। लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हुए सरकार ने पारदर्शिता, संवेदनशीलता और संवाद के माध्यम से जनता का भरोसा फिर से अर्जित किया।
उन्होंने कहा कि सेवा का दूसरा वर्ष भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाया गया। इस दौरान प्रदेश के आधारभूत ढांचे, सामाजिक विकास और जनकल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरे हुए। इन उपलब्धियों का विस्तृत ‘रिपोर्ट कार्ड’ आज जनता के समक्ष सीधे प्रस्तुत किया गया, जो सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का परिचायक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश को सबसे अधिक आशीर्वाद मातृशक्ति से मिलता है। माताओं और बहनों के स्नेह, विश्वास और समर्थन से ही सरकार को जनसेवा की ऊर्जा प्राप्त होती है। इसी भाव से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में घोषित किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘महतारी गौरव वर्ष’ के दौरान राज्य की सभी प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों का केंद्रबिंदु माताएँ और बहनें होंगी। यह वर्ष न केवल मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक होगा, बल्कि उनके सशक्तिकरण, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक गरिमा को नई ऊँचाई देने का संकल्प भी सिद्ध होगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महतारी गौरव वर्ष के माध्यम से छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के नेतृत्व, सहभागिता और सम्मान का एक नया अध्याय लिखा जाएगा, जो विकसित और समरस छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के जांजगीर में ‘जनादेश परब’ के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक जनसभा में उमड़े जनसमर्थन के लिए प्रदेशवासियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने जनसभा में उपस्थित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रेरणास्पद उद्बोधन ने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मार्गदर्शक विचार छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के संकल्प को और अधिक दृढ़ बनाते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह विशाल सहभागिता लोकतंत्र में जनता के अटूट विश्वास और सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की स्वीकृति का सशक्त प्रमाण है।
BSP प्रबंधन के फैसलों के खिलाफ जारी रहेगा विधायक का सत्याग्रह : देवेंद्र यादव ने कहा –
दुर्ग। भिलाई में बीएसपी प्रंबधन की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। पहले ही सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने बीएसपी कर्मचारियों की समस्याओं को ठीक करने रिटेंशन के फैसले को बदलने के लिए 10 दिनों का समय दिया है। वहीं इस तुगलकी फैसलों के खिलाफ कर्मचारियों और अधिकारियों के हक के लिए विधायक देवेंद्र यादव सत्याग्रह पर बैठ हुए हैं। देवेंद्र यादव ने अपना उपवास तीसरे दिन भी खत्म नहीं किया। बीएसपी प्रबंधन की ओर से आज आए प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद विधायक यादव ने कहा कि जब तक डायरेक्टर इंचार्ज से चर्चा नहीं होगी वे अपना उपवास नहीं तोड़ेंगे। भिलाई को बिकने से बचाने के लिए बैठे रहेंगे।
विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि शहर की बसाहट को जिंदा रखने और शहर को बचाने के लिए वे सत्याग्रह पर बैठे हैं। उनका झगड़ा बीएसपी प्रबंधन से नहीं बल्कि उनकी बनाई पॉलिसी से है। उन्होंने बताया कि बीएसपी के डॉयरेक्टर इंचार्ज का ऑपरेशन हुआ है, इसलिए वे तीन दिनों तक नहीं मिल पाएंगे। बीएसपी के अधिकारियों ने उन्हें अनशन खत्म करने को कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया है। वे तब तक उपवास में रहेंगे जब तक उनकी डीआईसी से चर्चा नहीं होती।

भिलाई को बिकने से बचाएंगे, राहुल गांधी को देंगे जानकारी : देवेंद्र यादव
बता दें कि आज सुबह 11 बजे बीएसपी के अधिकारी, एसडीएम हितेश पिस्दा और सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी चर्चा करने सत्याग्रह स्थल पहुंचे थे, लेकिन चर्चा का समय शाम 4 बजे रखा गया। इसके बाद शाम को बीएसपी की ओर इस्पात भवन से जीएम अतुल नऊटीयाल, आईआर से जीएम जेएन ठाकुर चर्चा करने पहुंचे थे, लेकिन देवेंद्र यादव ने उन्हें वापस लौटा दिया। इधर विधायक देवेन्द्र यादव का समर्थन करने युवा कांग्रेस सहित कई सेक्टर से महिलाएं भी पहुंची थीं। विधायक ने कहा कि हम भिलाई को बिकने से बचाने के लिए बैठे हैं। इस बात की सूचना सांसद राहुल गांधी को भी देंगे।
जिला पंचायत रायपुर की सामान्य सभा की बैठक संपन्न
रायपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आज जिला पंचायत रायपुर की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने की। बैठक में उन्होंने विभागवार समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत योजना एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों से प्राप्त की तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने कहा कि सभी ज़िला पंचायत सदस्यों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुँच सके। उन्होंने जिले के समस्त अस्पतालों में निर्धारित शुल्कों की सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने तथा अस्पताल परिसर में ही आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश जिला स्वास्थ्य अधिकारी को दिए।
उन्होंने सभी शासकीय भवनों एवं विद्यालयों में वर्षा जल संरक्षण (वॉटर हार्वेस्टिंग) की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा ग्राम पंचायतों में किए गए बोरिंग कार्यों को रिचार्ज करने के निर्देश दिए, जिससे भविष्य में जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ सही एवं पात्र व्यक्तियों तक समय पर पहुँचना चाहिए। उन्होंने निर्माण एवं विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने, जनता की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने तथा अधिकारियों को नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्वच्छता, पेयजल, सड़क, आवास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से संबंधित कार्यों को गंभीरता से लेने पर जोर दिया।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन एवं प्रशासन की योजनाओं को हितग्राहियों तक समयबद्ध रूप से पहुँचाया जाए। शिक्षा, स्वास्थ्य एवं निर्माण से जुड़े लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराते हुए जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन अथवा लंबित कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप यदु, जिला पंचायत सदस्यगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य कर्मचारियों को बड़ी सौगात : SBI से हुआ एमओयू, बिना प्रीमियम मिलेगा 1.60 करोड़ तक का बीमा कवर
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नियमित शासकीय कर्मचारियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य शासन और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस एमओयू के तहत एसबीआई में वेतन खाता रखने वाले कर्मचारियों को करोड़ों रुपये का बीमा कवर पूरी तरह निःशुल्क मिलेगा।
एमओयू के अनुसार कर्मचारियों को एक करोड़ रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, एक करोड़ 60 लाख रुपए का हवाई दुर्घटना बीमा, एक करोड़ रुपए का स्थायी पूर्ण दिव्यांगता बीमा, 80 लाख रुपए का आंशिक दिव्यांगता बीमा और 10 लाख रुपए का समूह जीवन बीमा दिया जाएगा। खास बात यह है कि इन सभी बीमा सुविधाओं के लिए कर्मचारियों को कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं देना होगा। इसके अलावा एसबीआई रुपे कार्ड पर 1 करोड़ रुपए के बीमा कवर में अतिरिक्त 10 लाख रुपए का लाभ भी मिलेगा। स्वास्थ्य बीमा टॉप-अप जैसी सुविधाएँ रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए लगातार ठोस फैसले ले रही है। एसबीआई के साथ यह एमओयू कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यह समझौता कर्मचारियों को आर्थिक जोखिम से बचाने की दिशा में अहम पहल है। बिना किसी अतिरिक्त खर्च के इतनी व्यापक बीमा सुविधाएँ मिलना राज्य सरकार की कर्मचारी-हितैषी नीति को दर्शाता है।
यह एमओयू 22 दिसंबर 2025 को वित्त सचिव, छत्तीसगढ़ शासन की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस समझौते से राज्य के नियमित कर्मचारियों को न सिर्फ बेहतर बैंकिंग सुविधाएँ मिलेंगी, बल्कि दुर्घटना या आकस्मिक स्थिति में उन्हें और उनके परिवार को बड़ी आर्थिक राहत भी सुनिश्चित होगी।
गरियाबंद और कांकेर एसपी का तबादला, इन्हें मिली नई जिम्मेदारी, देखें आदेश…
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। गृह (पुलिस) विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक गरियाबंद और कांकेर एसपी का तबादला किया गया है। कहा जा रहा है कि कांकेर के आमबेड़ा में हुई हिंसा के बाद राज्य सरकार ने एसएसपी को हटाया है।
कांकेर एसपी IPS इंदिरा कल्याण एलेसेला को पुलिस उप महानिरीक्षक छग सशस्त्र बल उत्तरी रेंज सरगुजा की जिम्मेदारी दी गई है। गरियाबंद एसपी IPS निखिल अशोक कुमार रखेचा को कांकेर एसपी के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं आईपीएस वेदव्रत सिरमौर महाप्रबंधक छग पर्यटन मण्डल रायपुर (पर्यटन विभाग में प्रतिनियुक्ति से सेवाएं वापस लेते हुए) को गरियाबंद एसपी बनाए गए हैं।
देखें आदेश –

खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 23-25 दिसम्बर तक राज्य युवा महोत्सव का आयोजन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे शुभारंभ
रायपुर। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 23 दिसम्बर से 25 दिसम्बर तक बिलासपुर के राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में राज्य युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 23 दिसम्बर को इसका शुभारंभ करेंगे। महोत्सव में 14 सांस्कृतिक और साहित्यिक विधाओं में प्रदेश के 3000 युवा अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। शुभारंभ समारोह में छत्तीसगढ़ की मेजबानी में होने वाले पहले 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' की लॉन्चिंग भी की जाएगी। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे। राज्यपाल रमेन डेका 25 दिसम्बर को समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़ के युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को निखारने तथा राष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच प्रदान करने राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2026 के तारतम्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 14 विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें आठ दलीय विधाएं औ छह 6 एकल विधाएं शामिल हैं। दलीय विधाओं में लोकनृत्य, पंथी नृत्य, राउत नाचा, सुआ नृत्य, करमा नृत्य, लोकगीत, रॉक बैंड और एकांकी की प्रतियोगिताएं होंगी। वहीं एकल विधाओं में वाद-विवाद, कहानी लेखन, चित्रकला, कविता लेखन, नवाचार (साइंस मेला) और पारंपरिक वेशभूषा शामिल हैं। सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं की पांच विधाओं लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला और कविता लेखन के विजेता प्रतिभागी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा उत्सव-2026 में छत्तीसगढ़ की ओर से भागीदारी करेंगे।
राज्य युवा महोत्सव में दलीय विधाओं में प्रथम स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागियों को 20 हजार रुपए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को 15 हजार रुपए एवं तृतीय स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को 10 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। एकल विधाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 5 हजार रुपए, 3 हजार रुपए एवं 2 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। महोत्सव में भाग लेने वाले हर प्रतिभागी को एक-एक हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
राज्य युवा महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कलाकारों के गायन, बैण्ड परफॉर्मेंस, कवि सम्मेलन जैसे विविध आयोजन भी होंगे। 23 दिसम्बर को उद्घाटन समारोह के दिन राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक आरूग बैण्ड (अनुज शर्मा) की प्रस्तुति तथा नारायणपुर के प्रसिद्ध मल्लखंब का प्रदर्शन किया जाएगा। 23 दिसम्बर को ही बिलासपुर पुलिस ग्राउंण्ड में रात साढ़े 8 बजे से कवि सम्मेलन होगा, जिसमें प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास एवं अन्य कवि कविता पाठ करेंगे। राज्य युवा महोत्सव के दूसरे दिन 24 दिसम्बर को राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में शाम 6 बजे से काफिला बैण्ड एवं स्वप्निल लाइव बैण्ड की प्रस्तुति होगी। अंतिम दिन 25 दिसम्बर को शाम 6 बजे से आरू साहू तथा दायरा (बस्तर) बैण्ड की प्रस्तुति होगी। समापन समारोह में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे।
रायपुर में खेलों का महाकुंभ: सांसद खेल महोत्सव 2025 का भव्य समापन 25 दिसंबर को, पीएम मोदी करेंगे वर्चुअल संबोधन
रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में आयोजित सांसद खेल महोत्सव 2025 अब अपने अंतिम एवं निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। इस महोत्सव का मेगा फाइनल एवं समापन समारोह 23 दिसंबर (मंगलवार) से 25 दिसंबर 2025 तक विभिन्न खेल स्थलों पर आयोजित किया जाएगा।
सोमवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि यह महोत्सव यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिट इंडिया – खेलो इंडिया की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बन चुका है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र की 9 विधानसभाओं—रायपुर दक्षिण, रायपुर पश्चिम, रायपुर उत्तर, रायपुर ग्रामीण, आरंग, अभनपुर, धरसीवा, भाटापारा एवं बलौदा बाजार से 85 हजार से अधिक खिलाड़ियों की सहभागिता ने इस आयोजन को अभूतपूर्व जनसमर्थन प्रदान किया और देशभर में पहचान दिलाई है। मेगा फाइनल में लगभग 5000 खिलाड़ी भाग लेंगे।
उन्होंने बताया कि, 21 सितंबर 2025 से संकुल, जोन एवं ब्लॉक स्तर पर प्रारंभ हुई प्रतियोगिताओं के पश्चात अब 23 एवं 24 दिसंबर को मेगा फाइनल आयोजित किया जा रहा है। मेगा फाइनल एवं अंतिम चरण की प्रतियोगिताएं नेताजी सुभाष स्टेडियम, मोतीबाग रायपुर, सप्रे शाला वॉलीबॉल मैदान, जे.एन. पाण्डेय स्कूल तथा तैराकी प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल में आयोजित की जाएंगी।
23 दिसंबर 2025 को नेताजी सुभाष स्टेडियम में माननीय विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मेगा फाइनल प्रतियोगिता का उद्घाटन होगा।
24 दिसंबर 2025 को नेताजी सुभाष स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली के सांसद एवं लोकप्रिय गायक मनोज तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जिससे युवाओं एवं आमजन में विशेष उत्साह का संचार होगा।
25 दिसंबर 2025, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस "सुशासन दिवस" के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन प्रस्तावित है तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएगी। समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि प्रतियोगिता के तीनों दिन विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान राज्य का नाम देश-विदेश में रोशन करने वाले खिलाड़ियों एवं खेल अधिकारियों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही प्रतिदिन छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने हेतु रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
इस भव्य आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए खेल संघों, नगर निगम, जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग, खेल विभाग, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के लगभग 1500 कर्मचारी, अधिकारी, व्यायाम शिक्षक एवं खेल अधिकारी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने जनता से ज्यादा से ज्यादा संख्या में आयोजन में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है साथ अभी तक हुए आयोजन के सफल प्रचार प्रसार के लिए मीडिया का आभार जताया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सामाजिक एकता का जन आंदोलन है।
उन्होंने बताया कि सांसद खेल महोत्सव में पारंपरिक एवं आधुनिक खेलों का अद्भुत संगम देखने को मिला है। कुश्ती, खो-खो, गेड़ी-दौड़, भारोत्तोलन, फुगड़ी, रस्सी कूद, कबड्डी, बास्केटबॉल, शतरंज, वॉलीबॉल, रस्सा-कसी, शरीर शौष्ठव एवं तैराकी सहित 13 खेल विधाओं में 19 वर्ष से कम एवं अधिक आयु वर्ग, महिला एवं पुरुष वर्ग के हजारों खिलाड़ियों ने अनुशासन, समर्पण और खेल भावना के साथ भाग लेकर इस महोत्सव को ऐतिहासिक बनाया है।
धर्मांतरण के खिलाफ चैंबर ऑफ कॉमर्स आया सामने, छत्तीसगढ़ बंद को दिया समर्थन
रायपुर। कांकेर में सामने आए धर्मांतरण से जुड़े मामले के बाद प्रदेश में बढ़ते तनाव को देखते हुए सर्व समाज ने 24 दिसंबर को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है. इस बंद को छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भी समर्थन देने की घोषणा की है. चैंबर के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने कहा कि प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी हाल में सफल नहीं होने दिया जाएगा.
उन्होंने बताया कि कांकेर की घटना के बाद व्यापारी समाज को लेकर भी वातावरण खराब करने का प्रयास किया गया, जिसे देखते हुए चैंबर ने बैठक कर बंद के समर्थन का निर्णय लिया.
अजय भसीन ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक शांत प्रदेश है और यहां किसी भी तरह की अशांति फैलाने वालों के मंसूबों को नाकाम किया जाएगा. 24 दिसंबर को प्रदेशभर में दुकानों और सब्जी मंडियों को बंद रखने की अपील की गई है. ट्रांसपोर्ट चैंबर ने भी बंद का समर्थन किया है, जिससे वाहनों का संचालन प्रभावित रहेगा.
चैंबर ऑफ कॉमर्स ने सभी व्यापारियों से स्वेच्छा से बंद का समर्थन करने का आग्रह किया है. वहीं व्यापारी संगठनों ने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई और कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है. सर्व समाज और व्यापारी संगठनों ने आमजन से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है.
“जो कहा, वह किया, और जो नहीं कहा, वह भी करके दिखाया”: केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जांजगीर-चांपा जिले के खोखराभाठा पुलिस लाइन मैदान में आयोजित जनादेश परब में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंच से प्रदेश की उपलब्धियों, जनकल्याण और भविष्य की दिशा पर स्पष्ट संदेश दिया। वंदे मातरम और राज्यगीत के साथ आरंभ हुए कार्यक्रम में जनविश्वास, गौरव और निर्माण के संकल्प को दोहराया गया।

केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने कहा कि “जो कहा था, वह किया - और जो नहीं कहा था, वह भी करके दिखाया।” उन्होंने दो वर्षों के रिपोर्ट-कार्ड को रेखांकित करते हुए बताया कि सरकार ने किसानों, महिलाओं, युवाओं और श्रमिकों के हित में संवेदनशील और परिणामकारी निर्णय लिए हैं, जिनका असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के पहले महीने में किसानों को 3700 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान और बीते दो वर्षों में 1.25 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष अंतरण अन्नदाताओं के सम्मान का प्रमाण है। भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए 5 लाख से अधिक हितग्राहियों को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी गई, जिससे उनकी सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा मजबूत हुई।
केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने कहा कि युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती तंत्र, 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया, लोक सेवा आयोग में पारदर्शिता, नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना और आईटीआई के आधुनिकीकरण जैसे कदमों को उन्होंने “भविष्य-निर्माण की नींव” बताया। महिलाओं के स्वावलंबन हेतु महतारी वंदन योजना और महतारी सदन, पीएम जनमन के तहत 70 लाख परिवारों को लाभ तथा धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से आदिवासी समाज के सशक्तिकरण को उन्होंने सरकार की संवेदनशीलता का उदाहरण बताया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट 22 गुना बढ़ा है, 32 अमृत स्टेशन वर्ल्ड-क्लास मानकों पर विकसित हो रहे हैं और आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, जल जीवन मिशन, पीएम-किसान जैसी योजनाओं का व्यापक लाभ आमजन तक पहुंचा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि सरकार आम जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन, भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, चरण पादुका सहित अनेक योजनाओं से विकास को गति मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद की कमर तोड़ने और नक्सल-मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में ठोस प्रगति हुई है। सुरक्षा, पुनर्वास और विकास - तीनों मोर्चों पर समन्वित रणनीति से शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट 2047 के माध्यम से संसाधन-समृद्ध छत्तीसगढ़ को सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने का रोडमैप तय किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को अवसरों का राज्य मिल सके।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जांजगीर-चांपा में जनादेश परब का आयोजन जिले के लिए ऐतिहासिक क्षण है। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को एक-एक कर पूरा किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार बनने के बाद 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं और विकास के सभी कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे आमजन को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।
वित्त मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि सरकार ने लोकतंत्र, जनविश्वास और सुशासन को सुदृढ़ किया है। विजन डॉक्यूमेंट के माध्यम से छत्तीसगढ़ विकास के नए मानक गढ़ रहा है। जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर जनता को बधाई देते हुए कहा कि इस अवधि में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 2 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों के रिपोर्ट-कार्ड और “सेवा के 2 साल” पुस्तक का विमोचन किया, जिसमें सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम के दौरान जांजगीर-चांपा की विशिष्ट पहचान को रेखांकित करते हुए कोसा और कांसा भेंटकर अतिथियों का पारंपरिक स्वागत-अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में बीते दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित वीडियो का प्रदर्शन हुआ।
केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न विभागों की विकासमूलक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, शिक्षा, महिला-बाल विकास, जल संसाधन, ऊर्जा, सहकारिता सहित कई स्टॉलों पर योजनाओं की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं से जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को सुना। कार्यक्रम में पीएम आवास योजनांतर्गत लाभार्थियों को चाबियां सौंपी गईं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।
इस दौरान कृषि मंत्री राम विचार नेताम, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े ने जनादेश परब को संबोधित करते हुए विगत 02 वर्ष में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य निरंतर विकास होने की बात कही।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्रीगण दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखन लाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, गजेन्द्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल अन्य सांसद-विधायकगण जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
एनआईटी रायपुर प्रकरण: हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार को पद से हटाने का आदेश रद्द किया, प्रक्रिया को बताया अवैधानिक
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) रायपुर के रजिस्ट्रार पद से डॉ. आरिफ खान को हटाने संबंधी आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि संस्थान द्वारा लिया गया यह निर्णय न तो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप था और न ही वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए पारित किया गया था। हालांकि, यह देखते हुए कि डॉ. आरिफ खान वर्तमान में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर में वित्त अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, कोर्ट ने उनकी एनआईटी रायपुर में पुनर्बहाली का आदेश नहीं दिया। इसके साथ ही अदालत ने उन्हें यह स्वतंत्रता प्रदान की कि वे अपनी सेवा के लिए उपयुक्त संस्थान का विकल्प स्वयं चुन सकते हैं।
यह मामला 23 फरवरी 2023 को एनआईटी रायपुर के निदेशक द्वारा जारी उस आदेश से जुड़ा है, जिसके माध्यम से डॉ. आरिफ खान को रजिस्ट्रार पद पर बनाए नहीं रखने का निर्णय लिया गया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए डॉ. खान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में उन्होंने कहा कि यह आदेश मनमाना है और बिना उन्हें कोई सुनवाई का अवसर दिए पारित किया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन है।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि रजिस्ट्रार पद के लिए 24 जनवरी 2020 को विज्ञापन जारी किया गया था। कोविड-19 महामारी के कारण चयन प्रक्रिया में विलंब जरूर हुआ, लेकिन भर्ती नियम 2019 के तहत विधिवत चयन समिति गठित कर पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। इन नियमों के अनुसार रजिस्ट्रार का पद पांच वर्ष की निश्चित अवधि के लिए होता है। इसी वैधानिक प्रक्रिया के तहत 22 फरवरी 2021 को डॉ. आरिफ खान की नियुक्ति की गई और उन्होंने 24 फरवरी 2021 को अपना कार्यभार संभाला।
मामले में आगे बताया गया कि 25 फरवरी 2022 को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की 52वीं बैठक में डॉ. खान के कार्य निष्पादन की समीक्षा की गई थी। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद बोर्ड ने उनके कार्य को संतोषजनक मानते हुए उनकी नियुक्ति को पांच वर्ष की अवधि के लिए पुष्टि करने का निर्णय लिया। इसकी जानकारी 10 मार्च 2022 को उन्हें दे दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया। इस स्थिति से आहत होकर डॉ. खान ने संबंधित प्राधिकरण के समक्ष अभ्यावेदन भी प्रस्तुत किया था।
याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि देश के अन्य एनआईटी संस्थानों, जैसे एनआईटी श्रीनगर और एनआईटी सूरत में रजिस्ट्रारों की नियुक्तियां नियमों के अनुसार पांच वर्ष की अवधि के लिए की गई हैं, जबकि एनआईटी रायपुर में उनके साथ अलग और असमान व्यवहार किया गया। इसे समानता के अधिकार का उल्लंघन बताया गया।
मामले की सुनवाई जस्टिस ए. के. प्रसाद की सिंगल बेंच में हुई। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में डॉ. खान की पुनर्बहाली का आदेश देना व्यावहारिक नहीं होगा, लेकिन यह स्पष्ट है कि 23 फरवरी 2023 का आदेश प्रक्रियात्मक अनियमितताओं से ग्रस्त था और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करता था। इसी आधार पर कोर्ट ने उक्त आदेश को रद्द करते हुए याचिका का निराकरण कर दिया।
मनरेगा का नाम बदलने का विरोध तेज, कांग्रेस का धरना प्रदर्शन, दीपक बैज का आरोप—सरकार योजना को समाप्त करना चाहती है
जगदलपुर। मनरेगा योजना का नाम बदले जाने के बाद कांग्रेस लगातार अपना आक्रोश जाहिर कर रही है। जगदलपुर में सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा योजना का नाम बदले जाने के खिलाफ एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा।
दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, पहले 11 सालों में मोदी सरकार ने मनरेगा योजना के बजट में लगातार कटौती की, जिसके चलते यह योजना कमजोर हुई। अब योजना का नाम बदलकर केंद्र सरकार इस योजना को समाप्त करना चाहती है।
बैज ने मोदी सरकार को बताया गांधी विचारधारा विरोधी
बैज ने कहा, सरकार नहीं चाहती है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार उपलब्ध हो पाए। दीपक बैज ने केंद्र की मोदी सरकार को गांधी विचारधारा विरोधी और गोडसेवादी विचारधारा का समर्थक बताया।
शराब घोटाला मामला : चैतन्य के खिलाफ 3200 पन्नों का चालान पेश, ED का दावा बघेल को मिले 200 से 250 करोड़…
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को 3200 पन्नों का 8वां पूरक चालान पेश किया है. इसके बाद चैतन्य की मुश्किलें बढ़ते नजर आ रही है. 8वें पूरक चालान में चैतन्य बघेल को 200 से 250 करोड़ रुपए मिलने का बड़ा खुलासा हुआ है. इस कथित लेन-देन का आधार सौम्या, अरुणपति, टुटेजा और अनवर ढेबर की व्हाट्सऐप चैट बताया गया है.
1000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का संचालन
चैतन्य बघेल पर शराब घोटाले से उत्पन्न 1000 करोड़ रुपये से अधिक के पीओसी (POC) को संभालने का भी आरोप है. वह छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को पीओसी हस्तांतरित करने के लिए अनवर ढेबर और अन्य के साथ समन्वय करते थे. ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि इस शराब घोटाले से प्राप्त धनराशि को आगे निवेश के लिए बघेल परिवार के प्रमुख सहयोगियों को भी सौंप दिया गया था. इस धनराशि के अंतिम उपयोग की आगे जांच की जा रही है.
कांकेर घटना पर सर्व समाज ने रखी पूरी बात, प्रशासनिक पक्षपात के लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
रायपुर। सर्व समाज, बस्तर एवं जनजाति सुरक्षा मंच ने राजधानी रायपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में 15 से 18 दिसंबर 2025 के बीच हुई घटनाओं को अत्यंत गंभीर बताते हुए इसे संविधान, कानून-व्यवस्था और जनजातीय अधिकारों से जुड़ा मामला करार दिया। संगठन का कहना है कि यह घटनाक्रम केवल स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि जनजातीय आस्था, परंपरा, ग्राम सभा की सर्वोच्चता और प्रशासनिक निष्पक्षता की भी कठोर परीक्षा है।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
संगठन के अनुसार विवाद की शुरुआत 15 दिसंबर 2025 को बड़ेतेवड़ा गांव निवासी चमरा राम सलाम की मृत्यु से हुई। उसी रात मृतक का पुत्र एवं वर्तमान सरपंच राजमन सलाम लगभग रात 10 बजे शव को गांव लेकर पहुंचा। 16 दिसंबर की सुबह परंपरागत पदाधिकारियों और वरिष्ठ ग्रामीणों की बैठक हुई, जिसमें अंतिम संस्कार को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान ग्राम सभा की अनुमति के बिना बाहरी लोगों, भीम आर्मी से जुड़े पदाधिकारियों और पास्टर-पादरी की मौजूदगी सामने आई।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि गांव का श्मशान स्थल जनजातीय आस्था, पेन-पुरखा परंपरा और सामाजिक नियमों के अनुरूप संचालित होता है तथा अंतिम संस्कार उसी विधि से होना चाहिए। इसके बावजूद सरपंच राजमन सलाम और उसके परिजनों द्वारा कथित रूप से धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए निजी भूमि में ईसाई रीति-रिवाज से शव दफनाने की घोषणा की गई, जिससे गांव में तनाव और भय का माहौल बन गया।
सुबह करीब 9 बजे पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन समझाइश के बावजूद निजी भूमि में कब्र खोदने का कार्य शुरू कर दिया गया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की घटनाएं भी हुईं। अंततः शव को निजी भूमि में ईसाई रीति से दफन कर दिया गया, जिसे संगठन ने पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में ग्राम सभा और विधि-नियमों का खुला उल्लंघन बताया।
घटना के बाद तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार उनके आवेदन लेने से इनकार कर दिया गया। प्रशासनिक उदासीनता से आक्रोशित होकर सर्व समाज ने शांतिपूर्ण धरना शुरू किया, बावजूद इसके न तो समय पर संवाद हुआ और न ही स्थिति को नियंत्रित करने के ठोस प्रयास किए गए।
17 दिसंबर की सुबह प्रशासनिक आश्वासन के विपरीत कब्र स्थल पर पक्का चबूतरा बनाए जाने की बात सामने आई। इसी दौरान बड़ी संख्या में बाहरी लोगों द्वारा कथित रूप से संगठित हमला किया गया, जिसमें लगभग 25 ग्रामीण घायल हुए और 11 को गंभीर चोटें आईं। संगठन का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
18 दिसंबर को हालात और बिगड़ गए। भीम आर्मी से जुड़े व्हाट्सएप संदेशों और वीडियो के माध्यम से भीड़ जुटाने के सबूत सामने आए, लेकिन इसके बावजूद कोई निवारक कार्रवाई नहीं की गई। हजारों ग्रामीण शव हटाने की मांग को लेकर एकत्र हुए। दबाव के बाद शव को निकाला गया, लेकिन आरोप है कि पुलिस द्वारा बल प्रयोग मुख्य रूप से सर्व समाज के ग्रामीणों पर किया गया, जिससे कई लोग घायल हो गए।
संगठन ने सवाल उठाया कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में ग्राम सभा की अनुमति के बिना शव दफन कैसे किया गया, कथित चर्च किस आधार पर संचालित हो रहे थे, स्थानीय विरोध के बावजूद प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की और संगठित हिंसा के बावजूद आरोपियों पर कठोर धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं। साथ ही गंभीर घायलों की चोटों को सामान्य बताकर चिकित्सकीय दस्तावेज कमजोर किए जाने के आरोप भी लगाए गए।
स्वतंत्र जांच की मांग
सर्व समाज, बस्तर ने पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने जनजातीय आस्था और परंपरा पर हमला करने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक, अंतागढ़ एसडीएम और तहसीलदार की भूमिका की भी जांच कराने की बात कही। सर्व समाज ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन जनजातीय अधिकारों और संस्कृति की रक्षा करने में विफल रहता है, तो समाज सड़क से लेकर अदालत तक संघर्ष करने के लिए मजबूर होगा।