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अगस्त की हड़ताल को सहायक शिक्षक फेडरेशन का पूरजोर समर्थन
रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने राज्य सरकार की उदासीनता के खिलाफ आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। आंदोलन के दूसरे चरण के तहत 22 अगस्त को फेडरेशन ने राज्यभर में एक दिवसीय सामूहिक हड़ताल का ऐलान किया है। फेडरेशन का कहना है कि संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीकों से कई बार अपनी मांगें रखने के बावजूद सरकार ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया। अब संगठन पूरी ताकत और एकजुटता से हड़ताल के लिए तैयार है।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर आक्रामक रुख
फेडरेशन ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में एलबी संवर्ग के कर्मचारियों के लिए प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना कर क्रमोन्नति वेतनमान देना, महंगाई भत्ते का एरियर्स भुगतान करना, सहित कुल 11 सूत्रीय मांगें शामिल हैं। लंबे समय से ये मुद्दे लंबित हैं और बार-बार पत्राचार व बैठक के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम
फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि 22 अगस्त की एक दिवसीय हड़ताल आंदोलन का केवल दूसरा चरण है। यदि इसके बाद भी राज्य सरकार मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती, तो तीसरे चरण में अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों को अब मजबूरी में कठोर कदम उठाने पड़ रहे हैं।
सहायक शिक्षक फेडरेशन का समर्थन
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक एवं समस्त शिक्षक फेडरेशन ने इस हड़ताल का समर्थन करते हुए सभी सदस्यों से सामूहिक अवकाश आवेदन प्रस्तुत कर आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है। प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा और प्रदेश सचिव ईश्वर चंद्राकर ने कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कर्मचारी इस संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे।
सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन
फेडरेशन ने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से जिला मुख्यालय में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। संगठन का कहना है कि अब यह केवल वेतनमान या डीए का मामला नहीं है, बल्कि कर्मचारी सम्मान और न्याय की लड़ाई बन चुकी है।
फेडरेशन की मांग
बसंत कौशिक, सीडी भट्ट, कौशल अवस्थी, सिराज बक्स, सुरजीत चौहान, रंजीत बनर्जी, आदित्य गौरव साहू, पुरुषोत्तम झाङी, कृष्णा वर्मा, टिकेश्वर भोई, अश्वनी कुर्रे, राजकुमार यादव, शेषनाथ पांडे, राजू टंडन, दिलीप लहरे, खिलेश्वरी शांडिल्य, रिता भगत, तरुण वैष्णव, देवराज खुटे, महेश शेट्टी, राजेश प्रधान, रामनरेश अजगल्ले, अभिजीत तिवारी, बलराम यादव, उमा पांडे, रामकृष्ण साहू, गोकुल जायसवाल, राजाराम पटेल, अवनीश पात्र, केसरी पैकरा, प्रदीप पटेल, छबीलाल पटेल, नोहर चंद्रा, उत्तम बघेल, शैलेश गुप्ता, रविंद्र गिरी, इंद्रजीत शर्मा, मंजू देवांगन, ऊषा चंद्राकर, विजेंद्र चौहान, नीलम वर्मा, दुर्गा वर्मा, बुधनी अजय, बीएल बरेठ, राजेंद्र नवरंग, मिलन साहू, बीपी मेश्राम और एलन साहू सहित कई नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति
फेडरेशन के नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन सरकार पर दबाव बनाने के लिए जरूरी हो गया है। यदि मांगों को समय रहते नहीं माना गया तो न केवल प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होगा बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सेवाओं पर भी असर पड़ेगा।
मुख्यमंत्री साय ने अत्याधुनिक ओ-एआरएम विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नेविगेशन मशीन का किया शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित श्री नारायणा हॉस्पिटल में स्पाइन चिकित्सा हेतु अत्याधुनिक ओ-एआरएम विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नेविगेशन मशीन का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मात्र 20 माह के इस अल्प समय में राज्य सरकार ने गांव से लेकर शहरों तक स्वास्थ्य क्षेत्र की बुनियादी व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया है। इसका परिणाम है कि हमारे स्वास्थ्य केंद्रों को लगातार उच्च स्तरीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्राप्त हो रहे हैं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ एवं अंबिकापुर में 100-100 बिस्तरों वाले नए अस्पतालों की स्थापना हेतु देश की प्रतिष्ठित संस्था अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के साथ एमओयू किया गया है। आम जनता को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए शासन लगातार प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए किसानों को खेत बेचने और कर्ज लेने की स्थिति आ जाती थी, परंतु आज आयुष्मान कार्ड के माध्यम से बड़े से बड़े अस्पताल से लेकर छोटे अस्पताल तक में निःशुल्क इलाज संभव हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए वेलनेस सेंटरों के संचालन और जेनरिक दवाइयों की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहे हैं, ताकि लोगों को अधिक खर्च न उठाना पड़े।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अत्याधुनिक ओ-एआरएम विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नेविगेशन मशीन की स्थापना के लिए श्री नारायणा हॉस्पिटल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि निश्चित ही इसका लाभ केवल छत्तीसगढ़ के मरीजों को ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों से उपचार हेतु आने वाले मरीजों को भी मिलेगा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और श्री नारायणा हॉस्पिटल में शुभारंभ हुई इस अत्याधुनिक मशीन के लिए पूरी टीम को बधाई दी।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक किरण देव, मोती लाल साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. सुब्बीर मुखर्जी, श्री नारायणा हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. सुनील खेमका सहित हॉस्पिटल समूह के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री निवास पहुंचे गजेंद्र यादव, राजेश अग्रवाल और गुरु खुशवंत साहेब
रायपुर। शपथ ग्रहण समारोह के पहले साय सरकार में मंत्री बनने वाले विधायक गजेंद्र यादव, राजेश अग्रवाल और गुरु खुशवंत साहेब रात में मुख्यमंत्री निवास पहुंचे हैं, जहां सीएम विष्णुदेव साय ने तीनों विधायकों के साथ चर्चा की. करीब आधे घंटे तक तीनों विधायक सीएम हाउस में मौजूद रहे.
समारोह के लिए विशेष आमंत्रण कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। देर रात तक इनका वितरण भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और शासकीय अधिकारियों को किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार पत्रकारों को कार्यक्रम में निमंत्रण नहीं दिया गया है। केवल पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक और चुनिंदा मेहमान ही समारोह का हिस्सा बनेंगे।
14 मंत्रियों का फार्मूला
वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार में 13 मंत्री शपथ ले चुके हैं। संवैधानिक प्रावधानों के तहत 90 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 15% यानी 13.5 मंत्री बनाए जा सकते हैं। हरियाणा की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी 14 मंत्रियों का फार्मूला लागू किया जा रहा है। इसी कारण तीन नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल
राजभवन में होने वाले शपथ ग्रहण कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि समारोह को शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न कराया जाए। प्रवेश द्वारों पर सख्त चेकिंग और वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इन तीनों के नामों का फाइनल मानकर ही मीडिया में खबर लीक हुई है। अपुष्ट जानकारी के अनुसार देर रात तक बड़े जोर आजमाइश करने की संभावना है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह और जश्न
तीनों विधायकों के मंत्री बनाए जाने की खबर जैसे ही उनके क्षेत्रों में पहुंची, समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई। जगह-जगह ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया और मिठाइयां बांटी गईं। समर्थकों का कहना है कि यह निर्णय भाजपा संगठन को नई ऊर्जा देगा। यह मंत्रिमंडल विस्तार भाजपा के लिए सिर्फ संगठनात्मक मजबूती ही नहीं, बल्कि भविष्य के चुनावों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। तीनों क्षेत्रों में भाजपा को और मजबूती मिलेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला पार्टी के रणनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस प्रकार, राजेश अग्रवाल, गुरु खुशवंत और गजेंद्र यादव का मंत्रिमंडल में शामिल होना छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया अध्याय साबित होगा।
भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में किया पदभार ग्रहण
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत जैन के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में बालोद जिले के सैकड़ो भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए और सभी लोगों ने यशवंत जैन को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आज सुबह से ही बालोद जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटती रही। अवसर था बाल अधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा के नवनियुक्त महामंत्री बालोद निवासी यशवंत जैन के पदभार ग्रहण का। यहां आज दोपहर 12:00 बजे पूजा अर्चना कर यशवंत जैन ने अपना पदभार ग्रहण किया।




इस अवसर पर अपने संक्षिप्त उद्बोधन में यशवंत जैन ने कहा कि पार्टी संगठन ने भरोसे के साथ महामंत्री पद का दायित्व दायित्व सौंपा है। मैं अपना यह दायित्व प्रदेश के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को साथ लेकर निभाऊंगा। भारतीय जनता पार्टी मजबूती के साथ आगे बढ़ती रहे। सत्ता और संगठन बेहतर तालमेल के साथ छत्तीसगढ़ राज्य के सर्वांगीण विकास करते रहे ऐसा हमारा प्रयास रहेगा।
इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह, संगठन महामंत्री पवन साय, बालोद भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख, पूर्व पालिका अध्यक्ष राकेश यादव, राजा दीवान, पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू, अभिषेक शुक्ला, तोमन साहू, शाहिद खान, सौरभ लुनिया, गुण्डरदेही नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन, अश्वनी यादव, पुष्पेंद्र चंद्राकर, कौशल साहू, हरीश क़तझरे, टीनेश्वर बघेल, नंदकिशोर शर्मा, इशाप्रकाश साहू, तेजराज साहू, कमलेश सोनी, विनोद जैन,राजेश दीवान, राजू अग्रवाल, रविप्रकाश पांडेय, गिरिजेश गुप्ता, पालक ठाकुर, सुरेंद्र देशमुख, अरुण साहू, चित्रसेन साहू, जशराज शर्मा, कुसुम शर्मा, संदीप साहू, अरविंद सुराणा, रामेश्वर साहू, कुलदीप साहू, रविन्द्र टेमरिया, ललित जैनसौरभ जैन, अभिन्न यादव आदि उपस्थित थे।
तीन अफसरों पर वारंट हुआ जारी, अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट का सख्त रुख
बिलासपुर। कर्मचारियों को कम वेतन देने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने गृह विभाग के तीन अधिकारियों के नाम वारंट जारी किया है। हाईकोर्ट ने तीनों अफसरों को जमानती धारा के तहत वारंट जारी किया है। साथ ही सभी को 4 सितंबर की सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक तीनों अफसरों के खिलाफ 50-50 हजार रुपये का वारंट जारी किया गया है। 4 सितम्बर को सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। पूरा मामला जेल विभाग से संबंधित है, जहां कार्यरत 17 फार्मासिस्ट को कम वेतन देने के मामले में याचिका दायर की गयी थी।
पूरा प्रकरण साल 2013 का है। मामले में दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के हक में फैसला सुनाया था। लेकिन आदेश पर गृह विभाग ने अमल नहीं किया, जिसके बाद याचिकाकर्ताओं ने मामले में अवमानना की याचिका दायर की।
अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की बेंच में हुई सुनवाई के दौरान तीन अफसरों के खिलाफ वारंट जारी किया गया, साथ ही 4 सितंबर को होने वाली सुनवाई में सभी को उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।
प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन के लिए सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के विषय में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पदाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा सरकार द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत निजी क्षेत्र की सहभागिता से सरकार के कार्यों को बल मिलेगा। बैठक में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वास्थ्य विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के मध्य एमओयू सम्पादित किया गया।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने फाउंडेशन द्वारा छत्तीसगढ़ में शिक्षा,स्वास्थ्य, क्रेच(शिशुगृह),आजीविका विकास सहित अन्य क्षेत्रों में किये जा रहे कार्यों के विषय में पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन द्वारा विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग बेहार ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा विगत 15 वर्षों से छत्तीसगढ़ में समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 9 जिलों में फाउंडेशन द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में फाउंडेशन की भविष्य की कार्ययोजना से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा अम्बिकापुर में 200-300 बिस्तर का सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और धर्मजयगढ़ में 100 बिस्तर का सर्व सुविधायुक्त अस्पताल की योजना है। इन अस्पतालों में अस्सी प्रतिशत प्रतिशत मरीजों को पूर्णतः निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसका सीधा लाभ आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय को फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा छत्तीसगढ़ में शासकीय विद्यालयों से दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई करने वाली 20 हजार बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। इसके तहत बालिकाओं की ट्यूशन फीस के साथ अन्य खर्चों के लिए प्रतिवर्ष 30 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन द्वारा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने स्कॉलरशिप देने की योजना की सराहना की।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय को फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षकों के प्रशिक्षण सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य संस्थागत रूप से किये जा रहे हैं। इसी क्रम में 6 महीने से 3 साल तक के छोटे बच्चों के लिए राज्य में 400 क्रश (शिशुगृह) संचालित हैं। सभी क्रश में बच्चों को दिन में 3 बार भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। फाउंडेशन की योजना प्रदेश में क्रेच की संख्या को बढ़ाकर 2500 से 3000 क्रेच तक करने की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि क्रश के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित परिवेश में शिक्षा और पोषण मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय को फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने आजीविका विकास के लिए किए जा रहे कार्यों से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन धरमजयगढ़ के 42 गांवों में बागवानी,कृषि, पशुपालन सहित अन्य क्षेत्रों में कार्य द्वारा लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहा है। भविष्य में इस कार्य को गति देते हुए फाउंडेशन अन्य जिलों में भी आजीविका विकास के कार्य करेगा।
बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारीक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अमित कटारिया, सचिव उच्च शिक्षा विभाग डॉ एस भारतीदासन, सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग शम्मी आबिदी, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड श्री सुनील सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
चैतन्य बघेल 5 दिन की ED कस्टोडियल रिमांड पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टोडियल रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। विशेष अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के बाद ईडी की अर्जी मंजूर करते हुए चैतन्य को 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है। अब 23 अगस्त तक ईडी उनसे पूछताछ करेगी।
बता दें कि इससे पहले सोमवार को उनकी 14 दिन की न्यायिक रिमांड पूरी होने पर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था। उस दौरान अदालत ने उन्हें एक दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। साथ ही ईडी ने चैतन्य को कस्टडी में लेकर पूछताछ की मांग की थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
ईडी ने अदालत में दलील दी थी कि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आए हैं और चैतन्य बघेल से पूछताछ जरूरी है। अदालत ने यह दलील स्वीकार कर उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया।
दोपहिया वाहनों के साथ हेलमेट बेचना अब अनिवार्य, SSP ने शोरूम संचालकों को जारी किया आदेश
रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क हादसों में दोपहिया चालकों की सिर पर चोट से लगातार हो रही मौतों पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने शहर के सभी दोपहिया वाहन शोरूम संचालकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब हर नए वाहन के साथ हेलमेट देना अनिवार्य होगा। आदेश की अवहेलना पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर पुलिस के मुताबिक, बीते 7 महीनों में बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के 20,495 से भी ज्यादा चालान काटे जा चुके हैं। जागरूकता अभियान और हेलमेट वितरण जैसे प्रयासों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग अभी भी सुरक्षा नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे। इसी कारण सड़क दुर्घटनाओं में केवल सात महीने के भीतर 190 लोगों की मौत हो चुकी है। कानून के मुताबिक, मोटरयान अधिनियम 1989 की धारा 138 में यह स्पष्ट है कि दोपहिया वाहन विक्रेता हर वाहन के साथ हेलमेट देना अनिवार्य है, लेकिन इसके बावजूद कई शोरूम संचालक दोपहिया वाहन खरीदने वालों को हेलमेट नहीं दे रहे हैं।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर शोरूम संचालकों पर मोटरयान नियम 33 से 44 के तहत कार्रवाई होगी, जिसमें व्यवसाय प्रमाण पत्र निलंबित करना या रद्द करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यह कदम लोगों को हेलमेट की अहमियत समझाने और हादसों में होने वाली जनहानि को कम करने के लिए उठाया गया है।
एसएसपी ने वाहन विक्रेताओं और नागरिकों से की ये अपील
एसएसपी सिंह ने इसके साथ ही वाहन विक्रेताओं से अपील की है कि वे प्रत्येक वाहन के साथ हेलमेट अनिवार्य रूप से दें और नागरिकों से भी आग्रह किया कि सड़क पर निकलते समय हेलमेट पहनना अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए जरूरी है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि “सड़क पर कब हादसा हो जाए, यह कोई नहीं जानता। लेकिन हेलमेट जैसी सुरक्षा ढाल से जान बचाई जा सकती है। समझदारी दिखाएं, हेलमेट पहनें और सुरक्षित घर लौटें।”

स्कूली छात्रों को परोसा कुत्ते का जूठा खाना : हाईकोर्ट ने मुआवजा देने का दिया आदेश, सुनवाई में शपथ पत्र भी किया गया पेश
बिलासपुर। बलौदाबाजार जिले के सरकारी स्कूल में छात्रों को कुत्तों का जूठा खाना परोसे जाने के मामले में मंगलवार को बिलासपुर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए प्रभावितों को मुआवजा देने का आदेश दिया है. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डीबी ने आज मामले पर सुनवाई की है. कोर्ट के समक्ष शपथ पत्र पेश कर स्कूल के प्रभारी प्रधानपाठक और एक शिक्षक को निंलबित करने की कार्रवाई से अवगत कराया गया.
मामले में दो सस्पेंड
कर्तव्य में घोर लापरवाही एवं सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 (1),(2),(3) एवं 3 (2) के उल्लंघन पर संचालक लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ ने प्रभारी प्रधानपाठक नेतराम गिरि एवं शिक्षक एलबी वेदप्रकाश पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया था। निलंबन अवधि में प्रधानपाठक नेतराम गिरि और शिक्षक वेदप्रकाश पटेल का मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय सिमगा नियत किया गया है.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में रखा छत्तीसगढ़ और देशभर की सहकारी समितियों का मुद्दा
नई दिल्ली/रायपुर। सहकारिता आंदोलन को मज़बूती प्रदान करने और सहकार से समृद्धि के मंत्र को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में महत्वपूर्ण विषय उठाया। उन्होंने सहकारिता मंत्री अमित शाह से नई राष्ट्रीय सहकारी समिति नीति के उद्देश्य, उसके क्रियान्वयन की स्थिति, प्लेटफ़ॉर्म सहकारी समितियों की विशेषताओं, उद्यम निधि की योजनाओं तथा छत्तीसगढ़ सहित देशभर में गठित बहु-राज्य सहकारी समितियों के ब्योरे पर विस्तार से जानकारी मांगी।
सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2025 में नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति का विमोचन किया गया है, जो आगामी दस वर्षों में सहकारी क्षेत्र को व्यवस्थित और सर्वांगीण विकास का मार्गदर्शन करेगी। इस नीति के 16 उद्देश्यों को छह रणनीतिक मिशन स्तंभों में समाहित किया गया है, जिनमें सहकारी समितियों को सशक्त करने, प्रौद्योगिकी आधारित पारदर्शिता लाने, युवाओं व महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा सहकारी क्षेत्र को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने जैसे बिंदु शामिल हैं।
विशेष उल्लेखनीय है कि सहकारिता के सिद्धांतों पर आधारित ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड’ को बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत किया गया है। यह ऐप आधारित टैक्सी सेवा ड्राइवरों और ग्राहकों दोनों के लिए पारदर्शी और लाभकारी होगी। इसका पायलट प्रोजेक्ट दिल्ली और गुजरात में प्रारंभ होने जा रहा है। इस योजना को इफको, नेफेड, अमूल, कृभको, एनडीडीबी, एनसीईएल और नाबार्ड जैसे प्रमुख सहकारी संगठनों का सहयोग प्राप्त है।
मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि संशोधित बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 (संशोधित 2023) के अंतर्गत समितियों को अपनी निधियों के निवेश और सहायक संस्थान गठित करने की अनुमति दी गई है। वर्तमान में देशभर में कुल 1779 बहु-राज्य सहकारी समितियाँ पंजीकृत हैं, जिनमें से 8 समितियाँ छत्तीसगढ़ में कार्यरत हैं।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के इस महत्वपूर्ण प्रयास से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की सहकारी समितियों को नई दिशा और गति मिलने की संभावना है। लोकसभा में उठाए गए इस मुद्दे ने न केवल सहकारी आंदोलन की महत्ता को उजागर किया है बल्कि सहकार से समृद्धि के मार्ग को भी और अधिक स्पष्ट किया है।
संविदाकर्मियों को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मातृत्व अवकाश अवधि का भी दिया जायेगा वेतन
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट संविदा महिला कर्मचारियों को लेकर अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) के दौरान महिला संविदाकर्मी को पूरा वेतन देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मातृत्व अवकाश के दौरान पूरा वेतन दिया जाना उनका कानूनी अधिकार है। यह आदेश प्रदेश की हजारों महिला संविदा कर्मियों के लिए बड़ी राहत और जीत के रूप में देखा जा रहा है।
कबीरधाम जिला अस्पताल से शुरू हुआ मामला
यह मामला कबीरधाम जिला अस्पताल में कार्यरत एक संविदा स्टाफ नर्स से जुड़ा हुआ है। उन्होंने 16 जनवरी 2024 से 16 जुलाई 2024 तक मातृत्व अवकाश लिया था। इस अवधि में उन्होंने 21 जनवरी को बच्ची को जन्म दिया और 14 जुलाई को अवकाश समाप्त कर अपनी ड्यूटी पर लौट आईं। लेकिन इस दौरान उनका वेतन शासन द्वारा रोक दिया गया। नर्स ने इस पर आपत्ति जताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सेवा नियमों का हवाला
याचिका में कहा गया कि छत्तीसगढ़ सेवा नियम 2010 के अनुसार मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन दिया जाना अनिवार्य है। इस नियम के बावजूद शासन ने संविदा कर्मचारियों को लाभ से वंचित किया। यह स्थिति न केवल अन्यायपूर्ण थी बल्कि महिला कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन भी थी।
हाईकोर्ट का सख्त रुख
मामले की सुनवाई के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मातृत्व अवकाश केवल स्थायी कर्मचारियों का ही नहीं बल्कि संविदा कर्मचारियों का भी अधिकार है। संविदा कर्मचारी भी वही काम करती हैं और उनके लिए मातृत्व अवकाश की अवधि में वेतन रोकना अनुचित और गैरकानूनी है।
कोर्ट ने कहा कि मातृत्व अवकाश का उद्देश्य महिलाओं को प्रसूति के समय आर्थिक और मानसिक सुरक्षा प्रदान करना है। यदि इस दौरान वेतन रोक दिया जाए तो यह पूरे कानून और सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है।
शासन ने किया वेतन भुगतान
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शासन ने कबीरधाम की संविदा नर्स को अवकाश अवधि का पूरा वेतन भुगतान कर दिया। साथ ही यह निर्णय सभी संविदा महिला कर्मचारियों पर लागू होगा, जिससे प्रदेशभर की हजारों महिला कर्मियों को लाभ मिलेगा।इस फैसले का प्रभाव केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। शिक्षा, पंचायत, महिला एवं बाल विकास और अन्य विभागों में कार्यरत संविदा महिला कर्मचारियों को भी मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन मिलेगा। यह फैसला उन तमाम महिला कर्मियों के लिए बड़ी राहत है जो मातृत्व अवकाश के दौरान आर्थिक संकट झेल रही थीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ली सभी जिलों के कलेक्टर्स की समीक्षा बैठक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नया रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य के सभी जिलों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए।



राज्य में बढ़ते लंबित राजस्व प्रकरणों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब "पेशी पर पेशी" का दौर खत्म हो— सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिलेवार समीक्षा करते हुए नामांतरण, अविवादित व विवादित बंटवारे, अभिलेख दुरूस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन, और डायवर्सन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।
हितग्राहियों को नहीं हो अनावश्यक परेशानी
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका समय और श्रम भी व्यर्थ जाता है। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा भी कम होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेशियों में कमी लाएं और प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
ई-कोर्ट में दर्ज हों सभी मामले
मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए, जिससे उनकी मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग आसान हो सके। साथ ही रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण और त्रुटि सुधार के मामलों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्गों और अधोसंरचना परियोजनाओं में भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना की तीव्र और निर्बाध गति के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जरूरी है। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें।
बस्तर संभाग को सुरक्षा के साथ विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश
बस्तर संभाग के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सख्ती के साथ सुधार की पहल
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार अब राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। एक जिम्मेदार शासन प्रणाली का निर्माण तभी संभव है जब जनता के साथ न्याय समय पर हो। इसलिए प्रत्येक अधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रकरणों का निपटारा देरी के बिना, न्यायसंगत ढंग से हो।
किसान पंजीयन व डिजिटल फसल सर्वे पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र ही सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वे को गंभीरता से लेने और समय पर पूर्ण करने को कहा।
रजत महोत्सव की जोरदार तैयारियां, 25 वर्षों की विकास यात्रा होगी प्रदर्शित
छत्तीसगढ़ के निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त से रजत महोत्सव की शुरुआत हुई है, जो 25 सप्ताह तक चलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजन कर रजत महोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। कार्यक्रमों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए और प्रचार-प्रसार को गति दी जाए।
सेवा पखवाड़ा से जुड़ेगा रजत महोत्सव
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा जो छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का हिस्सा होगा। इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप, राजस्व कैम्प जैसे जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस अवसर को राज्य के हर नागरिक से जोड़कर जनसंपर्क को और मजबूत किया जाए।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी दयानंद, वित्त सचिव मुकेश बंसल, पीसीसीएफ सुनील मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले, संस्कृति विभाग के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य के साथ अन्य विभागों के सचिव, आयुक्त एवं संचालक उपस्थित थे।
लोकसभा में छत्तीसगढ़ के बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा गूंजा,सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ठोस कार्यवाही की मांग की
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आज लोकसभा में छत्तीसगढ़ में बढ़ते प्रदूषण के गंभीर विषय को प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने नियम 377 के अंतर्गत केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को प्रदेश में लगातार बिगड़ती पर्यावरणीय स्थिति से अवगत कराते हुए ठोस एवं त्वरित कार्यवाही का आग्रह किया।
अपने संबोधन में श्री अग्रवाल ने कहा कि देशभर में 131 नॉन-अटेन्मेंट सिटीज़ (जहाँ प्रदूषण मानक निर्धारित स्तर से अधिक है) में से अकेले छत्तीसगढ़ के तीन शहर रायपुर, कोरबा और भिलाई शामिल हैं। इसके अतिरिक्त रायगढ़ और जांजगीर-चांपा की स्थिति भी चिंताजनक है।
उन्होंने बताया कि रायपुर के बाहरी क्षेत्र सिलतरा, उरला और बोरझरा भारी उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हुए हैं, जिसके कारण यहाँ वायु एवं जल प्रदूषण का स्तर असामान्य रूप से बढ़ा है। इसका स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य एवं आजीविका पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ रहा है।
सांसद ने सदन में कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने इस विषय की गंभीरता को देखते हुए नागपुर स्थित नीरी (NEERI) से रायपुर के 142 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का व्यापक अध्ययन कराया था। उन्होंने मांग की कि इस रिपोर्ट की प्रति को सार्वजनिक किया जाए तथा रिपोर्ट में सुझाई गई अनुशंसाओं के आधार पर अब तक की गई कार्यवाही का विवरण साझा किया जाए।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पूरे राज्य का इसी तरह का एक और विस्तृत अध्ययन कराया जाए ताकि वर्ष 2025 तक के पर्यावरणीय मानकों की स्पष्ट स्थिति सामने आ सके। साथ ही प्रदेश में जैविक प्रजातियों के प्रत्यारोपण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे जल-जंगल-जमीन और हवा शुद्ध हो सके तथा किसानों को गैर-प्रदूषित भूमि उपलब्ध हो पाए और कृषि व बागवानी उत्पादन में वृद्धि हो।
श्री अग्रवाल ने पर्यावरण मंत्री से आग्रह किया कि इस संबंध में हस्तक्षेप कर प्रभावी कदम उठाएँ, ताकि छत्तीसगढ़ की जनता स्वच्छ हवा में सांस ले सके और उसको साफ पीने का पानी उपलब्ध हो सके।

तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका पर उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई
बिलासपुर। हाईकोर्ट में आज रायपुर के बहुचर्चित सूदखोर तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज 7 FIR पर सवाल उठाते हुए रायपुर एसपी से पूछा कि किस आधार पर एक साथ इस तरह का केस दर्ज किया गया है। कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
बता दें कि रायपुर के तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थाने में सूदखोर वीरेंद्र तोमर व उसके भाई रोहित तोमर पर एक्साटर्शन और सूदखोरी का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसके घर में दबिश दी तब चेक और जमीनों के दस्तावेज मिले। जांच में यह पता चला कि मामला आर्गेनाइज क्राइम से जुड़ा हुआ है। लिहाजा पुलिस ने तोमर बंधुओं के खिलाफ अलग-अलग 7 एफआईआर दर्ज कर सख्ती से कार्रवाई शुरू कर दी।
इस कार्रवाई के दौरान वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर पुलिस की गिरफ्तारी के डर से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार रोहित ने अपनी पत्नी भावना के नाम से ऑफिस खोला था, जहां से सूदखोरी का धंधा ऑपरेट करता था। दो माह से पुलिस उनकी तलाश कर रही है। साथ ही दोनों हिस्ट्रीशीटर भाइयों की जानकारी देने पर रायपुर पुलिस ने इनाम भी घोषित किया है।
पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए तोमर बंधुओं ने वकील सजल गुप्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी लगाई है। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने पुलिस पर दबाब और दुर्भावनापूर्वक कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें सूदखोरी और आर्गेनाइज क्राइम जैसे केस में फंसाया गया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केस डायरी तलब किया था।
एरियर्स सहित महंगाई भत्ता की मांग, संयुक्त मोर्चा ने कहा- मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद हड़ताल पर होगा अंतिम फैसला
रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने राज्य सरकार द्वारा केंद्र के समान 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) देने की घोषणा को वास्तविक तौर पर ‘केंद्र के बराबर डीए’ तभी माना जाएगा, जब जनवरी 2025 से 2 प्रतिशत डीए एरियर्स सहित प्रदान किया जाएगा। मोर्चा का कहना है कि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को लंबे समय से उनके अधिकार के अनुरूप लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मोर्चा की प्रतिक्रिया
संयुक्त मोर्चा की ओर से अनिल शुक्ला, महेंद्र सिंह राजपूत, ओ. पी. शर्मा, संजय तिवारी, जितेंद्र सिंह, करण सिंह अटे रिया और संजय सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि अब तक राज्य में कर्मचारियों को केंद्र के अनुरूप डीए देने का दावा कई बार किया गया, लेकिन वास्तविकता यह है कि हर बार डीए औसतन आठ महीने की देरी से और बिना एरियर्स के दिया गया है।उन्होंने कहा कि जब तक जनवरी 2025 से देय 2 प्रतिशत डीए को एरियर्स सहित भुगतान करने का आदेश जारी नहीं होता, तब तक सरकार का यह कदम अधूरा ही माना जाएगा।
चौथा डीए, फिर भी अधूरी गारंटी
साय सरकार बनने के बाद यह चौथी बार है जब कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मिला है। लेकिन संयुक्त मोर्चा का आरोप है कि अब तक “मोदी की गारंटी” राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों पर पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है।मोर्चा नेताओं ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनरों को हर बार विलंबित लाभ मिल रहा है। ऐसे में महंगाई भत्ता समय पर और पूरी राशि के साथ मिलना आवश्यक है।
हड़ताल पर फिलहाल रोक
संयुक्त मोर्चा ने साफ किया कि मुख्यमंत्री से सीधी चर्चा होने तक वे हड़ताल पर नहीं जाएंगे। कर्मचारियों की समस्याओं और डीए एरियर्स की मांग को लेकर मोर्चा जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए समय पर आदेश जारी करेगी।
स्कूल शिक्षा विभाग में हुए तबादले, आदेश जारी
रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में अधिकारियों के तबादले किये गये हैं। हेमंत उपाध्याय दुर्ग संभाग के नये जेडी होंगे। वहीं दुर्ग जेडी रूपलाल ठाकुर को डीपीआई बुला लिया गया है। वहीं कई जिलों के डीईओ के भी तबादले हुए हैं।


कल होगा साय कैबिनेट का विस्तार
रायपुर। विष्णुदेव साय कैबिनेट का विस्तार कल होगा। सुबह 10.30 बजे नये मंत्री विष्णुदेव कैबिनटे में शामिल होगे। राजभवन में इसकी तैयारी पूरी हो गयी है। इधर भाजपा ने भी विधायक दल को शपथ ग्रहण की औपचारिक जानकारी भेज दी है। लिहाजा कई महीनों से चला आ रहा मंत्रिमंडल विस्तार का सस्पेंस अब खत्म होने जा रहा है।
कुछ देर पहले मुख्यमंत्री ने भी इसे लेकर संकेत दे दिया था।मुख्यमंत्री के बयान से साफ हो गया है कि मंत्रिमंडल विस्तार कल हो जायेगा। इससे पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ी चर्चा का विषय मंत्रिमंडल विस्तार बना हुआ था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं संकेत दिया है कि “इंतजार की घड़ी अब पूरी होने वाली है, बहुत जल्द बड़ा फैसला सामने आएगा।”
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।राज्यपाल रमेन डेका ने भी हाल ही में रहस्यमय बयान दिया था — “कुछ तो होने वाला है।” इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने और भी उत्सुकता बढ़ाते हुए कहा कि “जब राज्यपाल ने कह दिया है, तो कल कुछ बड़ा जरूर होगा।”
