रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 675.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1136.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 340.4 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 610.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 558.5 मि.मी., गरियाबंद में 561.4 मि.मी., महासमुंद में 563.6 मि.मी. और धमतरी में 540.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 700.6 मि.मी., मुंगेली में 709.4 मि.मी., रायगढ़ में 845.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 878.1 मि.मी., कोरबा में 737.3 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 654.0 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 607.8 मि.मी., सक्ती में 746.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 529.8 मि.मी., कबीरधाम में 503.1 मि.मी., राजनांदगांव में 572.7 मि.मी., बालोद में 640.1 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 825.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 473.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 525.5 मि.मी., सूरजपुर में 847.9 मि.मी., जशपुर में 764.2 मि.मी., कोरिया में 788.7 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 732.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 806.9 मि.मी., कोंडागांव में 539.9 मि.मी., नारायणपुर में 715.6 मि.मी., बीजापुर में 836.3 मि.मी., सुकमा में 546.2 मि.मी., कांकेर में 699.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 738.8 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
रायपुर। हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक है। हम सभी तिरंगे की शान को हमेशा बनाए रखेंगे, अपने अमर बलिदानियों को कभी नहीं भूलेंगे और सभी मिलकर विकसित, समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव में आयोजित स्वतंत्रता दौड़ में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हजारों युवाओं के साथ स्वतंत्रता दौड़ लगाई और भारत माता और अमर बलिदानी रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तिरंगे में करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाएं समाई हैं और यह हमारी वीरता, शांति और समृद्धि के भाव की अमिट चेतना है।
श्री साय ने पवित्र तिरंगे को प्रणाम करते हुए कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पिछले कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस में पूरा देश तिरंगामय हो जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हम सभी अलग-अलग तरीकों से इस पावन दिवस को उत्साह के साथ मना रहे है। तिरंगा यात्राएं और हर-घर तिरंगा फहराने के संकल्प ने इस पावन अवसर को जन-जन से जोड़ दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें यह स्मरण कराती है कि आज़ादी अनगिनत बलिदानों की अमूल्य देन है। लाखों-करोड़ों देशभक्तों ने अपने प्राण न्योछावर किए, तब जाकर हमें यह स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के खास अवसर ने मुझे बचपन के दिनों की याद दिला दी। जब मैं स्कूल में था तब स्वतंत्रता दिवस पर प्रभात फेरी निकलती थी, गांव-गांव में देशभक्ति गाने गूंजते थे। उन्होंने कहा कि उस समय जो गर्व महसूस होता था, वही गर्व आज भी हमारे दिल में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा दायित्व है कि हम अपने देश और प्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएं। वर्ष 2047 तक के लिए हमने विकसित छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है, और हमारी सरकार उसी के अनुरूप कार्य कर रही है। यह सरकार के साथ-साथ हम सभी का साझा संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर उपस्थित सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दौड़ सिर्फ एक दौड़ नहीं बल्कि आजादी के लिए किये गए संघर्ष का प्रतिसाद है। देश को वीर सपूतों के बलिदान से आजादी मिली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित, स्वच्छ, स्वस्थ और श्रेष्ठ भारत के विजन के साथ चलते हुए हमारे मुख्यमंत्री ने भी विकसित और समृद्धशाली छत्तीसगढ़ का सपना संजोया है। उन्होंने कहा कि इस स्वप्न को पूर्ण करने अपना अमूल्य योगदान देने का संकल्प लें।
इस दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार मौजूद रहे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम पिपरिया में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला का पूर्ववर्ती सरकार के दौरान गठन तो किया गया, लेकिन इसके बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास पर पूर्ववर्ती सरकार ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने इस कमी को दूर करने का बीड़ा उठाया है और अब खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को सशक्त अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि यहां का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 611.21 करोड़ रुपये की लागत के 71 विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी, जिसमें 470.98 करोड़ रुपये की लागत से 18 कार्यों का भूमिपूजन और 140.23 करोड़ रुपये की लागत से 53 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन विकास कार्यों से विकसित खैरागढ़ का सपना साकार होने की दिशा में ठोस शुरुआत हो गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिले के बुजुर्गों, युवाओं, माताओं और बहनों ने जो सपने संजोए हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। उन्होंने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पैलीमेटा को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने, छुुईखदान में 50 लाख रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पानी की टंकी निर्माण, पान की खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘पान कैफे’ खोलने, खैरागढ़ में 500 सीटर सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण और मुढ़ीपार में महाविद्यालय की स्थापना की घोषणाएं कीं। उन्होंने आश्वस्त किया कि इन कार्यों को आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खैरागढ़, राजनांदगांव, कवर्धा और मानपुर-मोहला से उनका भावनात्मक और आत्मीय जुड़ाव रहा है। अब, जब उन्हें प्रदेश की बागडोर मिली है, वे पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विगत डेढ़ वर्षों में सरकार ने हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई गारंटियों को साकार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जिससे उन्हें सीधे और लाभकारी मूल्य का लाभ मिल रहा है। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं और इनका निर्माण तीव्र गति से हो रहा है, जिससे गांवों में राजमिस्त्री, सेंटरिंग प्लेट निर्माण और अन्य निर्माण कार्य से जुड़े कुशल श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने हेतु ‘महतारी वंदन योजना’ को एक क्रांतिकारी पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इसके पुनः फार्म भरवाए जाएंगे। वर्तमान में इस योजना से प्रदेश की 70 लाख महिलाएं प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं और कई महिलाएं अपना व्यवसाय भी प्रारंभ कर चुकी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में खरीदी दरों में वृद्धि, प्रदेश के 5.62 लाख कृषि भूमिहीन मजदूरों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22 हजार श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराए जाने का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला शीघ्र ही मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यापक विकास के साथ प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल होगा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार देश की पहली सरकार है, जो किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें शत-प्रतिशत क्रियान्वित करना है, ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, सांसद संतोष पांडेय, खैरागढ़ विधायक यशोदा वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की आज राजधानी में बैठक संपन्न हुई। उक्त बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष केदार जैन सम्मिलित हुए।
राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की बैठक संपन्न हुई जिसमें आगामी 22 अगस्त को प्रदेशभर के सभी 33 जिला मुख्यालयों में होने वाले एक दिवसीय धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। शिक्षक एवं कर्मचारी नेता केदार जैन ने बताया कि फेडरेशन के मांग पत्र में शिक्षक एलबी संवर्ग को प्रथम सेवा गणना कर समस्त लाभ देने एवं सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने की मांग को प्रमुखता से सम्मिलित किया गया है।
यह बात उल्लेखनीय है कि प्रदेश के शिक्षक एलबी संवर्ग की प्रमुख मांगों में प्रथम सेवा गणना कर पुरानी पेंशन बहाली सहित समस्त लाभ एवं शिक्षिका सोना साहू के तर्ज पर एरियर्स राशि सहित क्रमोन्नति वेतनमान की मांग तथा प्रदेश के सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने की मांग प्रमुख रही है।
उक्त मांगों को लेकर प्रदेश के विभिन्न शिक्षक एलबी संवर्ग संगठनों ने काफी लंबे समय से विभिन्न आंदोलनों में आवाज बुलंद करते रहे हैं। फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केदार जैन ने प्रदेश के दो लाख शिक्षकों से अपील की है कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश भर के सभी शिक्षक एलबी संवर्ग आगामी 22 अगस्त को अपने-अपने जिला मुख्यालय के आयोजित धरना प्रदर्शन स्थल में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होवे।
रायपुर। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार द्वारा खाद्यान्न उपार्जन प्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता तथा तकनीकी समावेश को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अधिप्राप्ति सुधारों पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन नवा रायपुर में किया गया, जिसमें प्रदेश के खाद्य, सहकारिता एवं कृषि विभाग के अधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला के मुख्य अतिथि भारतीय खाद्य निगम के सीएमडी आशुतोष अग्निहोत्री, भारत सरकार की संयुक्त सचिव शिखा तथा छत्तीसगढ़ की खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर भारत सरकार के अधिकारियों द्वारा कस्टम मिलिंग में नवाचार, 10 प्रतिशत ब्रोकन चावल के संबंध में नवीन निर्देश, राइस मिलों के संयुक्त भौतिक सत्यापन की नई मानक संचालन प्रक्रिया, सेंट्रल फूड प्रोक्योरमेंट पोर्टल तथा सेंट्रल फूड स्टोरेज पोर्टल में खाद्यान्न के उपार्जन व वितरण जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें विभिन्न जिलों के जिला कलेक्टर, खाद्य अधिकारी एवं जिला विपणन अधिकारी भी शामिल हुए।
भारत सरकार की संयुक्त सचिव शिखा ने राइस मिलों में ब्रोकन चावल के संबंध में शासन स्तर पर जारी पॉलिसी की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में 25 प्रतिशत तक के ब्रोकन चावल को यांत्रिक उन्नयन के माध्यम से 10 प्रतिशत तक लाने और शेष ब्रोकन चावल को खुले बाजार में विक्रय करने की योजना लागू की जाएगी। भारत सरकार के मार्गदर्शन में भारतीय खाद्य निगम और छत्तीसगढ़ खाद्य विभाग के समन्वय से सेंट्रल पूल अंतर्गत चावल उपार्जन की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके तहत जून माह में प्रदेश को चावल के निराकरण हेतु 188 रैक उपलब्ध कराए गए, जिससे लगभग 6 लाख मीट्रिक टन चावल का भंडारण संभव हुआ है, और एफसीआई के माध्यम से प्रदेश में उपार्जित चावल कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत वितरित किया जा रहा है।
कार्यशाला में बताया गया कि कस्टम मिलिंग में पारदर्शिता तथा वर्तमान व्यवस्था एवं नीतिगत सुधार हेतु समय-समय पर संयुक्त भौतिक सत्यापन की मानक संचालन प्रक्रिया को अद्यतन किया गया है तथा अनिवार्य संयुक्त भौतिक सत्यापन हेतु राइस मिलों के चयन के लिए स्वचालन एवं सॉफ्टवेयर आधारित पद्धति अपनाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के लगभग 25 लाख किसान 2,739 उपार्जन केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान बेचते हैं, और इन केंद्रों के अधोसंरचनात्मक सुधार पर भारत एवं राज्य सरकार सतत निगरानी रख रही है, जिसके लिए पीसीएसएपी सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपार्जन केंद्रों में किए गए सुधार की प्रविष्टि करने संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। धान उपार्जन में किए गए अतिरिक्त व्यय का दावा भारत सरकार को ऑनलाइन स्कैन मॉड्यूल के जरिए भेजने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई, जिससे दावों का शीघ्र निपटारा संभव होगा, साथ ही धान उपार्जन एवं चावल भंडारण हेतु रूट ऑप्टिमाइजेशन पर भी चर्चा की गई। भारत सरकार के अधिकारियों ने अतिरिक्त मिनिमम थ्रेशहोल्ड पैरामीटर का शत-प्रतिशत अनुपालन करने पर प्रदेश की सराहना की।
प्रदेश में धान उपार्जन एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किए गए नवाचारों, चावल उत्सव, टोकन तुहर हाथ तथा बस्तर क्षेत्र में संचालित नियद नेल्लानार योजना की जानकारी खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने भारत सरकार के अधिकारियों को जानकारी दी।
आगामी खरीफ वर्ष में धान उपार्जन हेतु किसानों के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य किया गया है, जिससे फर्जी खरीदी पर नियंत्रण होगा, और इस संबंध में जिला कलेक्टरों को आगामी माह में शत-प्रतिशत पंजीयन कराने हेतु प्रशिक्षित किया गया। कार्यशाला के समापन अवसर पर भारत सरकार के अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया गया।
कार्यशाला में दलजीत सिंह, कार्यकारी निदेशक, अधिप्राप्ति, भा.खा.नि., डॉ. अश्विनी कुमार गुप्ता, कार्यकारी निदेशक, पश्चिमी अंचल, मातेश्वरी प्रसाद मिश्रा, भारत सरकार द्वारा भी आवश्यक प्रस्तुतिकरण एवं मार्गदर्शन दिया गया। इस अवसर पर विपणन संघ एवं नागरिक आपूर्ति निगम की प्रबंध संचालक किरण कौशल, संचालक खाद्य कार्तिकेय गोयल, पंजीयक सहकारिता कुलदीप शर्मा, महाप्रबंधक भा.खा.नि. देवेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि तिरंगा यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति का एक महान अनुष्ठान है, जो भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी आन-बान-शान है, इसकी रक्षा और मान-सम्मान के लिए हर नागरिक को दृढ़संकल्पित होना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हर घर तिरंगा फहराएगा और भारत आर्थिक एवं सांस्कृतिक रूप से और अधिक सशक्त बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘भारत माता की जय’ और ‘छत्तीसगढ़ महतारी की जय’ के उद्घोष के साथ जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक सशक्त और सम्मानित राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने हाल ही में पहलगाम में हुए कायराना हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हमारे वीर जवानों द्वारा दिखाए गए साहस और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है, जिसने तिरंगे की शान को और ऊंचा किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार एरिया डॉमिनेशन कर नक्सलियों का प्रभुत्व समाप्त किया है। उन्होंने कहा कि जहाँ कभी नक्सलियों का लाल झंडा लहराता था, आज वहां तिरंगा शान से लहरा रहा है। कई संवेदनशील गांवों में बरसों बाद गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुनः तिरंगा फहराया गया है, जो शांति, विकास और सुरक्षा का नया संदेश दे रहा है।
विकसित भारत 2047 और ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ विजन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तिरंगे की असली गरिमा तब और बढ़ेगी जब देश आर्थिक रूप से मजबूत होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ ने भी ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसमें प्रदेश के समग्र विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने घरों पर तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता संग्राम के वीरों का स्मरण करें।
भव्य तिरंगा यात्रा – एकता और उत्साह का अद्भुत संगम
उल्लेखनीय है कि आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे हर घर तिरंगा अभियान के तहत रायपुर में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। रायपुर के शहीद स्मारक भवन से तेलीबांधा तक निकली तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं शामिल हुए और हजारों नागरिकों के साथ कदम से कदम मिलाकर देशभक्ति का संदेश दिया। यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा।
इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा हमारा मान, अभियान और पहचान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रगति और खुशहाली की ओर अग्रसर है। यह तिरंगा यात्रा उन वीर सैनिकों को समर्पित है जिन्होंने इसकी रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर किया। कार्यक्रम में विभिन्न सैन्य अभियानों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रदेश के भूतपूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया गया।
विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि तिरंगा हमारी पहचान और हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यह हमें एकजुट करता है और हमें याद दिलाता है कि हम सब एक भारत हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है।
तिरंगा यात्रा में विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंद कुमार साहू, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। नवा रायपुर के समग्र और तेज़ विकास के लिए सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली और कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने घोषणा की कि नवा रायपुर के एंट्री प्वाइंट सेरी खेड़ी में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री और छत्तीसगढ़ के निर्माता अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जो नई राजधानी में आने वालों का स्वागत करेगी।
बैठक में सांसद अग्रवाल ने कहा कि नवा रायपुर में बसाहट बढ़ाने के लिए जनसुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता है। उन्होंने एडवाइजरी कमेटी के पुनर्गठन और उसमें जन प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नवा रायपुर के ग्रामीण अंचल के योगदान को मान देते हुए सभी गांवों के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, स्मार्ट लैब और स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/CHC) को हमर अस्पताल की तर्ज पर X-Ray, CT Scan जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का प्रस्ताव रखा।
जनता की सुविधा के लिए धर्मशाला, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल हेतु भूमि आवंटन प्रक्रिया सरल बनाने, प्रमुख मार्गों (एयरपोर्ट रोड, सेरी खेड़ी, अभनपुर रोड, मंदिर हसौद रोड) पर लगे निर्माण प्रतिबंध हटाने और भूमि के मिक्स-यूज विकास मॉडल की योजना बनाने पर बल दिया।
जल समस्या समाधान के लिए उन्होंने सभी सरकारी और निजी भवनों में वॉटर कंजर्वेशन और रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करने और टीला जलाशय से पाइपलाइन द्वारा पानी आपूर्ति की योजना को शीघ्र लागू करने को कहा।
पर्यटन विकास के लिए जंगल सफारी के पास ‘आइकोनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन’ व अटल स्मारक तथा सेंध लेक को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने के निर्देश दिए ताकि पूरे प्रदेश से लोग नवा रायपुर आकर्षित हों।
परिवहन सुविधा के विस्तार हेतु तीन नए रेलवे स्टेशन जून 2026 तक पूर्ण करने और 45 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अनुपयोगी सरकारी जमीन का वैकल्पिक इस्तेमाल और प्रत्येक सेक्टर का समग्र विकास व रखरखाव योजना जरूरी है ताकि संसाधनों का दुरुपयोग न हो।
नई राजधानी में सड़क हादसों पर चिंता जताते हुए सांसद अग्रवाल ने ब्रेकर लगाने, चौक-चौराहों की ऊंचाई कम करने और पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रस्तावित राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की बिल्डिंग के निर्माण में आ रही अड़चनों को तुरंत दूर कर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कहा।
बैठक में विधायक इंद्र कुमार साहू, विधायक गुरु खुशवंत साहू, मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंदन कुमार, महाप्रबंधक तकनीकी बी.आर. अग्रवाल, कार्यपालन अभियंता मधुसूदन एम्प्रान, सुभाष आर्या, कमलेश वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
महासमुंद। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के मुख्य मार्ग एवं सड़को पर घूमंतू पशुओं के कारण हो रही दुर्घटनाओं पशुधन एवं जनहानि को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले के सभी राष्ट्रीय राजमार्गो से मवेशियों को सड़क से हटाने की कार्रवाई प्रतिदिन की जा रही है। साथ ही टैग लगे पशुओं की पहचान कर संबंधित पशु मालिकों को पशुओं को सड़क पर खुला न छोड़ने की समझाईश दी जा रही है तथा न मानने पर जुर्माना भी लिया जा रहा है। जिलें में विकासखण्ड महासमुंद से राशि 1500, बागबाहरा से 10000, पिथौरा से 15000, बसना से 7900 एवं सरायपाली से 6750 रुपए कुल राशि 49150 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अतिरिक्त सड़क पर घूमने वाले कुल 1923 पशुओं को राष्ट्रीय राजमार्ग से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, 810 पशुओं में रेडियम बेल्ट लगाये गए है तथा 313 घुमन्तु पशुओं में टैगिंग की गई है।
इसी कड़ी में छ.ग शासन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने एवं पशुधन संरक्षण को नई दिशा देने के लिये गौधाम योजना की शुरूआत करने जा रही है। गौधाम योजना का उद्देश्य गौवंशी पशुओं का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संर्वधन करना, गौ उत्पादों को बढ़ावा देना, चारा विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना, गौधाम को प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित करना, रोजगार उपलब्ध करना, जनमानस को गौसेवा के लिए प्रेरित करना तथा फसलों के नुकसान एवं सड़क दुर्घटनाओं में पशु एवं जनहानि से बचाव सुनिश्चित करना है। गौधाम की स्थापना हेतु ऐसे शासकीय भूमि जिसमें सुरक्षित बाड़ा, पशु शेड, पर्याप्त पानी एवं बिजली की सुविधा हो।
गौधाम की स्थापना की जाएगी, जैसे स्थापित गौठान जहां पूर्व से अधोसंरचना विकसित है। गौधाम में उपलब्धता अनुसार गौठान से संलग्न चारागाह की भूमि को हरा चारा उत्पादन के लिए दिया जाएगा। जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर गौधाम स्थापित किए जाएंगे जो पंजीकृत गौशालाओं से भिन्न होगे। प्रथम चरण में जिले के मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे गौठानों को चयनित कर गौधाम स्थापित किये जाएंगे। जिसका संचालन निकटस्थ/आस-पास की पंजीकृत गौशाला की समिति, स्वयंसेवी संस्था, ट्रस्ट तथा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी सहकारी समिति द्वारा, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड द्वारा किया जा सकेगा। गौधाम संचालन हेतु इच्छुक आवेदक/संस्था कार्यालय उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें कचहरी चौक, कॉलेज रोड, महासमुन्द से संपर्क कर निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। प्राप्त आवेदनों में से जिला स्तरीय समिति द्वारा उचित संस्था का चयन कर छ.ग. गौ सेवा आयोग को मंजूरी के लिये प्रस्ताव भेजेंगी तत्पश्चात चयनित संस्था एवं आयोग के मध्य अनुबंध होगा जिसके बाद गौधाम का संचालन चयनित संस्था को सौंपा जाएगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल को रेलवे से सशक्त कनेक्टिविटी देने वाली दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। 95 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के तारोकी से रावघाट खंड की लंबाई 77.5 किलोमीटर है, जिसमें यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। बड़े और छोटे पुलों के साथ-साथ ट्रैक बिछाने का काम अब अंतिम चरण में है, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के दिसंबर 2025 तक पूर्ण होने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है।
इस रेल परियोजना के पूरा होने से बस्तर क्षेत्र पहली बार राज्य की राजधानी से सीधे रेलवे द्वारा जुड़ जाएगा। इससे बस्तर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी और खनिज परिवहन की दिशा में नई गति मिलेगी। बस्तर के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में यह कनेक्टिविटी एक बड़ा बदलाव लाएगी और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में सहायक होगी।
यह रेलवे लाइन रावघाट लौह अयस्क खदानों और सेल/भिलाई इस्पात संयंत्र के बीच सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। वर्तमान में दल्लीराजहरा की खदानों से लौह अयस्क की उपलब्धता घट रही है, ऐसे में यह परियोजना न केवल औद्योगिक जरूरतों को पूरा करेगी बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास की रीढ़ साबित होगी। रेल विकास निगम लिमिटेड के अनुसार, 17.5 किलोमीटर भूमि अधिग्रहण कार्य संपन्न हो चुका है। 21.94 लाख घन मीटर मिट्टी कार्य में से अधिकांश पूरा हो चुका है। तीन में से दो बड़े पुल तैयार हो गए हैं, जबकि 61 में से 55 छोटे-मोटे पुलों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। बैलेस्ट प्रोक्योरमेंट और भवन निर्माण कार्य भी अगस्त–सितंबर 2025 तक पूर्ण होने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि कुल 95 किलोमीटर लंबे इस रेलमार्ग में 16 प्रमुख पुल, 19 रोड ओवर ब्रिज, 45 रोड अंडर ब्रिज और 176 छोटे पुलों का निर्माण शामिल है। केवल 17.5 किलोमीटर लंबे तारोकी–रावघाट खंड में ही 3 प्रमुख पुल, 5 रोड ओवर ब्रिज, 7 रोड अंडर ब्रिज और 49 छोटे पुल बनाए जा रहे हैं। इन सभी कार्यों में तकनीकी सटीकता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि यह परियोजना लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित रहे।
वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित इस क्षेत्र में निर्माण कार्य एक बड़ी चुनौती रहा है। परियोजना को बाधित करने के लिए नक्सलियों द्वारा किए गए 12 हमलों में अब तक 4 मजदूरों की मौत और 2 सुरक्षाकर्मियों की शहादत हो चुकी है। इसके अलावा निर्माण कार्य में प्रयुक्त उपकरणों और मशीनों में आगजनी की घटनाएं भी हुई हैं। इसके बावजूद, एसएसबी सुरक्षा कवच मिलने के बाद परियोजना में उल्लेखनीय प्रगति हुई। परियोजना के पूरा होने के बाद बस्तर क्षेत्र में खनिज परिवहन, रोजगार, स्थानीय व्यापार और यात्री सुविधाओं में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। यह रेलवे लाइन खनिज परिवहन को नई दिशा देने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करेगी। इससे क्षेत्र में निवेश के अवसर बढ़ेंगे और बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा।
नवंबर 2025 तक तारोकी–रावघाट खंड पर ट्रेन परिचालन शुरू होने की संभावना व्यक्त की गई है। इस परियोजना के पूरा होते ही बस्तर अंचल एक नई विकास यात्रा पर अग्रसर होगा, जहां रेल पटरी पर दौड़ती गाड़ियां न केवल खनिज और सामान पहुंचाएंगी, बल्कि रोजगार, अवसर और विकास का संदेश भी लेकर आएंगी।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के सेंदरी स्थित एकमात्र मेंटल हॉस्पिटल में अव्यवस्थाओं को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है. मंगलवार को हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई. कोर्ट कमिश्नर राहुल ऋषि और हिमांशु पांडेय की जांच रिपोर्ट में डॉक्टरों के देर से आने और समय से पहले जाने का जिक्र किया गया है. वहीं स्टाफ की कमी, खराब हाइजीन और अपर्याप्त सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया. अब कोर्ट ने अगली सुनवाई तक निरीक्षण कर पूरी रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं.
हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए नराजगी जताई है. कहा कि निगरानी के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधर नहीं आया है, यह सही नहीं.
अल्ट्रासाउंड और जरूरी जांच सुविधाओं का आभाव
शासन की ओर से कोर्ट को जानकारी दी गई कि स्वास्थ्य सचिव के साथ कोर्ट कमिश्नर एडवोकेट हिमांशु पांडे और एडवोकेट ऋषि राहुल सोनी ने अस्पताल का दौरा किया था. निरीक्षण में पाया गया कि मेंटल हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड और जरूरी जांच सुविधाओं का आभाव है. इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है, साथ ही उनके परिजनों और स्टाफ को भी परेशानी होती है. यह भी बताया कि डॉक्टर और स्टाफ रोजाना मात्र एक से डेढ़ घंटे ही अस्पताल में रहते हैं, जबकि उन्हें सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक मौजूद रहना चाहिए.
कोरबा। छत्तीसगढ़ में सरकार युक्तियुुक्तकरण कर स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने का भले ही दंभ भर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत काफी जुदा है। कोरबा के वनांचल क्षेत्र पसान में आत्मानंद विद्यालय की छात्राओं ने आज सुबह स्कूल यूनिफार्म में ही मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि पिछले दो साल से स्कूल में टीचर की कमी है। इस बात की शिकायत उन्होने डीईओं और कलेक्टर से भी की, लेकिन हालात आज भी जस के तस है। लिहाजा बदहाल शिक्षा व्यवस्था से लड़ाई लड़ने छात्राओं ने खुद ही सड़क की लड़ाई शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालयों में नये सिरे से शिक्षकों की पोस्टिंग की गयी है। सरकार के इस फैसले के बाद बड़े पैमाने पर शिक्षकों का तबादला भी हुआ। लेकिन इन सारी प्रक्रियाओं के बाद भी सरकारी स्कूल की दशा सुधरती नजर नही आ रही है। ताजा मामला कोरबा जिला के पसान क्षेत्र का है। यहां स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यायल की छात्राओं ने आज सुबह-सुबह स्कूल जाने के बजाये मुख्यमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। स्कूली छात्राओं को नारेबाजी करते देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गयी।
मीडिया के लोगों ने जब छात्राओं से चर्चा की तो उन्होने कहा कि शिक्षा उनका अधिकार है। लेकिन पिछले 2 साल से उनकी शिक्षा पर ग्रहण लगा हुआ है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि स्कूल में 5 शिक्षकों की नियुक्ति है, लेकिन कभी कोई शिक्षक समय पर स्कूल नही पहुंचते। आफिस में स्टाफ की कमी होने के कारण अध्यापन का कार्य छोड़ शिक्षक आफिस के काम में ही उलझे रहते है। ऐसे में कोर्स पूरा होने की चिंता अब छात्राओं को सताने लगा है। छात्राओं ने बताया कि उन्होने इससे पहले जिला शिक्षाधिकारी और कलेक्टर को इस समस्या की जानकारी दी थी।
अफसरों ने उन्हे समस्या का निदान करने आश्वासन भी दिया गया। लेकिन आज दो साल बाद भी स्कूल में शिक्षकों की कमी के साथ ही शिक्षकों की मनमानी के कारण स्कूल की पढ़ाई पूरी तरह से चौपट हो रखी है। स्कूली छात्राओं के चक्काजाम की जानकारी मिलते ही तहसीलदार और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी समझाइश के बाद चक्काजाम समाप्त कराकर छात्राओं को स्कूल भेजा जा सका। उन्होने साफ किया है कि यदि शिक्षकों की कमी पर जल्द कोई एक्शन नही लिया जाता है, तो वे फिर से सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगी।
दुर्ग। राज्य सरकार के ऑनलाइन भुइंया एप के माध्यम से दुर्ग जिले में 765 एकड़ शासकीय और निजी भूमि का बंदरबांट करने का मामला सामने आया है. मामले में संलिप्तता पाए जाने के बाद दो पटवारियों को जहां निलंबित किया गया है, वहीं 18 पटवारियों का दूसरे हलकों में तबादला किया गया है.
यह पूरा मामला दुर्ग जिले के मुरमुंदा पटवारी हलका से जुड़ा है, जिसके मुरमुंदा गांव, अछोटी गांव, चेटुवा और बोरसी गांव में 765 एकड़ जमीन के रिकार्ड में हेरफेर किया गया है. इसमें आधी जमीन सरकारी और बाकी जमीन निजी है. शासकीय और निजी जमीन का फर्जी तरीके बटांकन कर अलग-अलग व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिया गया. यही नहीं फर्जी रिकार्ड के आधार पर कई लोगों ने बैंकों से लोन भी ले लिया है.
बेशकीमती शासकीय जमीनों पर 52 बोगस खसरा नंबर जारी कर 765 एकड़ जमीन के रिकार्ड में हेराफेरी की गई है. उक्त जमीन का बड़ा हिस्सा मुख्य मार्गों से लगा है. ऐसे में जमीनों के बाजार में वर्तमान कीमत लगभग 500 करोड़ रुपए है.
बड़े सिंडिकेट के जुड़े हैं तार
अधिकारियों के मुताबिक, जमीन की हेरफेर में बड़ा सिंडिकेट जुड़ा होने का अनुमान है. फर्जीवाड़े के तार रायपुर, दुर्ग, कोरबा समेत अन्य जिलों से जुड़े होने की शंका है. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पाटन के पटवारी मनोज नायक और अहिवारा में पदस्थ पटवारी कृष्ण कुमार सिन्हा की आईडी के जरिए जमीन रिकार्ड से छेड़छाड़ की गई है. एनआईसी से मिली जानकारी के बाद दोनों पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है.
प्रभारी मंत्री ने लिया संज्ञान
मंगलवार को जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा के संज्ञान में भी यह मामला आया है. मंत्री ने कहा कि 765 इंच की गड़बड़ी भी नहीं होना चाहिए. दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी. वहीं विभाग पूरे मामले में पूरे मामले की जांच और कार्रवाई कै लिए एफआईआर दर्ज कराएगा.
दर्ज कराई जाएगी एफआईआर
दुर्ग संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर बताते हैं कि 765 एकड़ जमीन को लेकर गड़बड़ी का पता चला है. प्राथमिक जांच के बाद दो पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है. जमीनों का रिकार्ड सुधार लिया गया है. फर्जीवाड़े को लेकर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. जिससे गिरोह में शामिल बाकी लोगों का पता लगाकर कार्रवाई की जा सके.
रायपुर। कर्मचारियों की मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों की सात सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से चर्चा करने का निर्णय लिया है। बैठक में तय हुआ कि फिलहाल हड़ताल की बजाय मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से संवाद के जरिए समाधान की कोशिश होगी, लेकिन यदि सरकार ने हठधर्मिता दिखाई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के घटक संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक 13 अगस्त 2025 को इंद्रावती भवन, नया रायपुर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला ने की। इसमें विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक में सदस्यों ने स्पष्ट किया कि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर फिलहाल तात्कालिक हड़ताल नहीं की जाएगी। इसके बजाय मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से सीधी चर्चा कर समाधान की कोशिश की जाएगी। हालांकि, यदि शासन ने हठधर्मिता का रुख अपनाया तो संयुक्त मोर्चा प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान करेगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि मोदी सरकार द्वारा दी गई “गारंटी” में कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को शामिल करने के बाद भी, राज्य में उनका समाधान अभी तक नहीं हुआ है।
बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे, जिनमें मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र सिंह राजपूत एवं संरक्षक तीरथ लाल सेन, कर्मचारी अधिकारी महासंघ के संरक्षक ओ.पी. शर्मा, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष संजय सिंह, प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष भूपेंद्र राय, प्रांतीय महामंत्री एस.पी. देवांगन, कोषालयीन कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह ठाकुर, प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष करण सिंह अटेरिया, शिक्षक कांग्रेस के प्रांतीय महामंत्री सुनील यादव, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष गोपाल साहू, छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के वाय.ए. कुरैशी और सोमेश शर्मा शामिल थे।
रायपुर। भाजपा और चुनाव आयोग पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वोट चोरी, चुनावी धोखाधड़ी और मतदाता सूची में हेरफेर के गंभीर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस अब छत्तीसगढ़ में अगले एक महीने में वोट चोर, गद्दी छोड़ अभियान चलागी. एआईसीसी के जनरल सीक्रेटरीज़ की बैठक के बाद चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई है. आंदोलन को लेकर पूरी रूखरेखा तैयार की गई है. तीन चरणों में आंदोलन किया जाएगा. कल यानी 14 अगस्त से सभी जिला मुख्यालयों में विशाल कैंडल मार्च निकला जाएगा. वहीं 22 से 7 सितंबर तक राजस्तरीय रैलियां निकलेगी. इसके बाद अंतिम चरण में वोट चोरी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा.
कल सभी जिला मुख्यलायों में कैंडललाइट मार्च – पहला चरण
प्रदेश के सभी कांग्रेस जिला मुख्यालयों में 14 अगस्त की शाम 8 बजे कैंडललाइट मार्च आयोजित किए जानें के निर्देश दिए गए हैं. इस कार्यक्रम में सभी वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों/पूर्व विधायकों, पीसीसी एवं डीसीसी पदाधिकारियों, ब्लॉक एवं मंडल अध्यक्षों, फ्रंटल संगठनों और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं को शामिल होने कहा गया है. वहीं डीसीसी पर आम जनता, सभी समुदायों, छात्र संगठनों, महिला समूहों और युवा संगठनों की व्यापक भागीदारी की जिम्मेदारी होगी.
22 अगस्त से 7 सितंबर 2025 तक विशाल “वोट चोर, गद्दी छोड़” राज्यस्तरीय रैलियां आयोजित की जाएगी. अभियान के द्वितीय चरण में राजधानी रायपुर और अन्य प्रमुख शहरों में राष्ट्रीय एवं प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में विशाल “वोट चोर, गद्दी छोड़” राज्यस्तरीय रैली का आयोजन किया जाएगा। इसमें सभी जिलों से मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ विभाग सहित स्थानीय कांग्रेसी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक हस्ताक्षर अभियान – तीसरा चरण
कथित वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस ने देशभर में पांच करोड़ हस्ताक्षर लेने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा. जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर के पार्टी पदाधिकारी अभियान का नेतृत्व करेंगे.
भोपाल। 15 अगस्त 2025 को 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश भर में विशेष आयोजन किए जाएंगे। केंद्र सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी निर्देश अनुसार "एक सरोवर, एक संकल्प-जल संरक्षण" की थीम पर आजादी का पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के सभी अमृत सरोवर स्थलों पर विशेष आयोजन किए जाएंगे। साथ ही ध्वजारोहण का कार्यक्रम भी होगा। केंद्र सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देश पर मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद् ने प्रदेश के समस्त जिलों को निर्देश जारी किए हैं।
पर्यावरण संरक्षण एवं जल सुरक्षा का दिया जाएगा संदेश:
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को पर्यावरण एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। अमृत सरोवर स्थलों पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी या उनके परिवार के सदस्य अथवा स्थानीय पद्म पुरस्कार विजेता द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। इनकी अनुपस्थिति में संबंधित ग्राम पंचायत के सबसे वरिष्ठ नागरिक से ध्वजारोहण कराया जाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पर्यावरण प्रेमियों, खिलाड़ियों, स्व-सहायता समूह, युवाओं और स्कूली विद्यार्थियों की सहभागिता से ध्वजारोहण किया जाएगा।
विभिन्न गतिविधियां की जाएंगी आयोजित:
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमृत सरोवर स्थलों पर ध्वजारोहण के साथ ही विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इनमें तिरंगा यात्रा, पौधारोपण, हैरिटेज वॉक, सेल्फी प्वाइंट, ड्रोन/लाइट-साउंड शो, जल संरक्षण व जलवायु परिवर्तन पर निबंध-लेखन एवं कविता प्रतियोगिता, पर्यावरण संरक्षण पर नुक्कड़ नाटक, स्वच्छता अभियान, चित्रकला और कहानी कार्यक्रम शामिल हैं। हैरिटेज वॉक में अमृत सरोवरों के ऐतिहासिक महत्व को बताया जाएगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा कार्यकारिणी घोषित हो गयी है। भाजपा ने 8 उपाध्यक्ष, तीन महामंत्री, 8 मंत्री बनाये हैं। संतोष पांडेय मुख्य प्रवक्ता होंगे, जबकि 12 प्रवक्ता होंगे।
अटकलें इस बात को लेकर थी कि पहले विष्णु देव साय की पहले बनेगी, या फिर किरण सिंहदेव की टीम बनेगी. जानकार बताते हैं कि विष्णु देव साय के मंत्रिमंडल विस्तार से पहले ही अब किरण सिंहदेव की नई टीम अस्तित्व में आ गई है.
रायपुर। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में मौसम ने करवट ले ली है। मौसम के करवट लेने से लोगों ने राहत की सांस ली है। ऐसा इसलिए क्योंकि, बारिश नहीं होने के चलते लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा था। वहीं आज यानी बुधवार की सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। राजधानी रायपुर समेत आस-पास के इलाकों में सुबह से ही बारिश हो रही है। वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में आज भारी बारिश होने की संभावना हैं। साथ ही मौसम विभाग ने बताया कि, राजधानी रायपुर में आज दिन भर बादल छाए रहने के साथ-साथ बारिश भी होगी। मौसम विभाग की तरफ से रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, बलरामपुर, रामानुजगंज, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, बस्तर, दंतेवाड़ा और बीजापुर समेत कई अन्य इलाकों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी संभावना जताई है। मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए आगे बताया कि, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज आंधी-तूफ़ान के साथ भारी बारिश होगी। इतना ही नहीं प्रदेश के कई इलाकों में बिजली गिरने की संभावना भी मौसम विभाग द्वारा जताई गई है।
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अंगदान करने वालों के परिजनों का सम्मान किया जाएगा. इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव ने 7 जिलों रायपुर, बस्तर, बिलासपुर, कोरबा, कांकेर, राजनांदगांव और दुर्ग के कलेक्टर को पत्र लिखा है. इस मौके पर अलग-अलग जिलों के 12 अंगदाताओं के परिजनों का सम्मान किया जाएगा. इसका आदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय से जारी किया गया है.
पत्र में लिखा है कि अंगदान एक अत्यंत मानवीय एवं जीवनरक्षक कार्य है, जिसके माध्यम से अनेक जरूरतमंद व्यक्तियों को नया जीवन प्रदान किया जा सकता है. छत्तीसगढ़ राज्य में अंगदान के प्रति जन-जागरूकता अभी भी अपेक्षाकृत कम है, जिसके कारण इस दिशा में प्रोत्साहन की आवश्यकता है. अंगदान को बढ़ावा देने एवं समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से यह आवश्यक है कि अंगदाताओं के अमूल्य योगदान का सम्मान किया जाए.
कृपया 15 अगस्त 2025 (स्वतंत्रता दिवस) को आयोजित जिला स्तरीय समारोह में अंगदाताओं के परिजनों को आमंत्रित कर जिला प्रशासन की ओर से सम्मान पत्र/प्रशस्ति पत्र प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें. यह सम्मान न केवल उनके महान एवं मानवीय निर्णय का आदर होगा, बल्कि अन्य नागरिकों को भी अंगदान के लिए प्रेरित करेगा. कार्यक्रम को गरिमामय एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किया जाए.