रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन खरीद–फरोख्त के लिए जारी नई कलेक्टर गाइडलाइन दरों में भारी बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कई जिलों में गाइडलाइन दरों में 100% तक वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 800% तक पहुंच गई है। अचानक बढ़े इन दरों को लेकर आम जनता, व्यापारी, किसान और राजनीतिक दल खुलकर विरोध जता रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्थिति पर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गाइडलाइन दरों को लेकर अभी भी विभागीय मंथन जारी है और जरूरत पड़ने पर सरकार इसमें पुनर्विचार करने के लिए तैयार है।
2017 के बाद से जमीन की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं – CM साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से जमीन की गाइडलाइन दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी, जबकि नियमों के अनुसार हर साल इन दरों में संशोधन होना चाहिए। उन्होंने बताया कि गाइडलाइन बढ़ने के कई सकारात्मक पहलू भी हैं, परंतु वे अभी जनता के सामने उतने स्पष्ट रूप से नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि नई दरों से आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा होती है तो सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी और लोगों को राहत देने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार करेगी।
गौरतलब है कि राज्य में नई गाइडलाइन का विरोध लगातार बढ़ रहा है और सरकार पर दबाव भी। ऐसे में आने वाले दिनों में गाइडलाइन दरों में संशोधन या राहत देने संबंधी कोई निर्णय लिया जा सकता है। छत्तीसगढ़ में जमीन दरों को लेकर जारी यह खींचातानी अब प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है।
रायपुर। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला तेजी के साथ जारी हैं। पिछले माह के 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी महाअभियान में पांच दिसम्बर को सवेरे 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार 22 लाख 39 हजार 433 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान की खरीदी हो चुकी है। अब तक 4 लाख 39 हजार 511 पंजीकृत किसानों ने धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत भुगतान हेतु मार्कफेड द्वारा 5277 करोड़ रूपए जारी किए गए है। चालू खरीफ सीजन के लिए इस वर्ष 27 लाख 30 हजार 96 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसमें 31 लाख 51 हजार 771 हेक्टेयर रकबा शामिल है।
राज्य में सभी जिलों में धान खरीदी जारी है। धान खरीदी से अब तक महासमुंद जिला सर्वाधिक 15 लाख 19 हजार 650 क्विंटल धान खरीदकर पहले पायदान पर है। वहीं गरियाबंद जिले 6 लाख 73 हजार 495 क्विंटल धान खरीदकार दूसरे नम्बर पर है। इसी तरह बिलासपुर जिले 6 लाख 73 हजार 65 क्विंटल धान खरीदकर तीसरे स्थान हासिल की है। हांलाकि कांकेर जिला 6 लाख 15 हजार 431 क्विंटल धान खरीदी कर चौथे पायदान पर बने हुए है। पांच लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी वाले जिले में धमतरी और मुंगेली जिले शामिल हैं, वहीं चार लाख क्विंटल से अधिक खरीदी वाले जिले सूरजपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेंतरा, बालोद और कोण्डागांव शामिल हैं। किसानों को अब तक 8 लाख 97 हजार 779 टोकन जारी किए गए हैं। वहीं आगामी दिवस 8 दिसम्बर को धान खरीदी के लिए किसानों को 50 हजार 234 टोकन जारी हुए हैं। इस वर्ष शुरू किए गऐ टोकन तुहर एप्प ऑनलाईन व्यवस्था से किसानों को काफी सहुलियत मिल रही है। किसान समितियों द्वारा की जा रही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। राज्य शासन गठित राज्य और जिला स्तरीय दलों द्वारा प्रदेश सहित राज्य के सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन, भंडारण तथा विक्रय पर कड़ी निगरानी की जा रही है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। राज्य के किसानों से क्रय किए गए धान के मूल्य भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी पहले से दे रखी है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सभी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।
राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बाहर से धान की आवक की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। जगह-जगह मॉलवाहकों की औचक जांच भी की जा रही है।
किसानों का मानना है कि धान खरीदी के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई टोकन तुंहर एप्प की ऑनलाईन व्यवस्था से टोकन प्राप्त करने और धान बेचने में सहुलियत हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व और किसान हितैषी नीतियों के चलते किसानों को जहां उनकी मेहनत का वाजिम दाम मिला हैं, वहीं किसानों का सम्मान भी बढ़ा है। बता दें कि सरकार अपने घोषणा के अनुरूप प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य एवं कृषि उन्नति योजना के तहत 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीदी कर रही है।
बैंगलोर/रायपुर। कर्नाटक प्रवास के दौरान रायपुर लोकसभा के लोकप्रिय सांसद, दूरदर्शी नेता और समाजसेवा के लिए समर्पित बृजमोहन अग्रवाल का रविवार को बैंगलोर में अग्रवाल समाज विकास ट्रस्ट, अग्रवाल समाज कर्नाटक तथा फाउंडेशन इंडिया ने संयुक्त रूप से आयोजित विशेष समारोह में अत्यंत भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। समाज के गणमान्य सदस्यों ने गर्मजोशी के साथ उनका अभिनंदन करते हुए उन्हें जनसेवा में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए धन्यवाद दिया।
अपने प्रभावशाली उद्बोधन में सांसद श्री अग्रवाल ने समाज के बौद्धिक वर्ग, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों और युवा नेतृत्व से अत्यंत संवेदनशील और दूरगामी संदेश साझा किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “समाज तभी महान बनता है जब वह अपने कमजोर वर्गों, जरूरतमंद परिवारों और प्रतिभाशाली संसाधनविहीन बच्चों को आगे बढ़ाने का संकल्प ले।”
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि, भगवान महाराजा अग्रसेन के “एक ईंट – एक रुपया” के पुण्य मंत्र ने सदियों से समाजसेवा की वह अतुलनीय परंपरा गढ़ी है, जो आज भी हमारी सामूहिक शक्ति और परोपकार की पहचान है।
उन्होंने गरीब बेटियों की शादी, निर्धन परिवारों के इलाज और जरूरतमंद छात्रों की शिक्षा समाज के इन पवित्र कार्यों के माध्यम से समाज को एकजुट और मजबूत बनाने का आह्वाहन किया।
उन्होंने समाज से विशेष आग्रह किया कि, समाज द्वारा IIT, IIM, मेडिकल, लॉ, सिविल सर्विसेज व अन्य उच्च शिक्षा हेतु उत्कृष्ट कोचिंग केंद्र प्रारंभ किए जाएँ।
छात्र-छात्राओं एवं वर्किंग वुमन के लिए आधुनिक हॉस्टल की व्यवस्था की जाए ताकि सुरक्षा और सुविधा के साथ युवा आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि, गरीब बस्तियों, रेलवे पटरी किनारे बसे परिवारों तथा कमजोर वर्गों का सर्वे कर उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बेहतर जीवन हेतु ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
उन्होंने कहा कि समाज केवल अपने लिए नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों के लिए कार्य करे जो आज भी बेहतर अवसरों से वंचित हैं। “अग्रवाल समाज के पास क्षमता, संसाधन और संकल्प तीनों हैं। बस इन्हें सही दिशा देने की आवश्यकता है।”
बैंगलोर में उपस्थित समाज के सभी पदाधिकारियों और वरिष्ठ जनों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के विजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए भविष्य-निर्माण की ऐतिहासिक दिशा बताया।
कार्यक्रम के अंत में समाज के प्रतिनिधियों ने सांसद अग्रवाल का सम्मान करते हुए उन्हें “प्रेरणादायी नेतृत्व” का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में विनोद अग्रवाल, जय प्रकाश गुप्ता, सुरेश कुमार मोदी, सुभाष बंसल, सतीश गोयल, विनोद कुमार सिंघल, पारस चौटिया वरिष्ठजनों और समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे।
रायपुर। सामाजिक विकास का वास्तविक आधार शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता का पहला कदम शिक्षा ही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंच पर सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के स्तर को उन्नत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य गठन के समय जहाँ मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार, छत्तीसगढ़ में आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स, सिपेट जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को बड़े अवसर प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज को मजबूत और संगठित होना समय की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मूलमंत्र — “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” — का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार राज्य सरकार 23 महीनों से सभी वर्गों के हित में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल के महीनों में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसमें अन्नदाताओं के लिए कृषक उन्नति योजना, प्रत्येक परिवार को पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महतारी वंदन योजना, दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब तक विभिन्न विभागों में 10 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई गई हैं, जिससे युवाओं में नया विश्वास उत्पन्न हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है, जिससे स्थानीय लोगों को अधिक अवसर, रोज़गार और स्वरोजगार प्राप्त हो सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे अधिकाधिक संख्या में शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ।
कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा ने भी संबोधित किया और नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी।
इस अवसर पर सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विजय मेहरा, रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कांवरे, दिलीप वासनीकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बीती रात एक दंतेल हाथी ने ग्रामीण के घर घुसने की कोशश की. हाथी ने घर के बाहरी गेट को तोड़ने की भी कोशिश की. घटना वन मंडल धर्मजयगढ़ के परिक्षेत्र छाल अंतर्गत परिसर ऐडू के ग्राम पुसल्दा (कोया मुड़ा) की है. हाथी की धमक से दहशत में आए घर वालों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद हाथी मित्र दल मौके पर पहुंचा.
जानकारी के मुताबिक शनिवार देर रात जंगल से भटककर एक दंतेल हाथी कोयामुड़ा गांव निवासी हरिशचन्द्र राठिया के घर आ धमका. उसने घर का मुख्य द्वार को तोड़ने का प्रयास किया. हाथी की इस हरकत से घर वाले और ग्रामीणों में दहशत फैल गई है.
जानकारी के मुताबिक शनिवार देर रात जंगल से भटककर एक दंतेल हाथी कोयामुड़ा गांव निवासी हरिशचन्द्र राठिया के घर आ धमका. उसने घर का मुख्य द्वार को तोड़ने का प्रयास किया. हाथी की इस हरकत से घर वाले और ग्रामीणों में दहशत फैल गई है.
फिलहाल हाथी मित्र दल हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रहा है. टीम ने बताया कि क्षेत्र में हाथियों की मूवमेंट अभी भी सक्रिय है और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है.
ग्रामीणों के लिए चेतावनी
वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए विशेष चेतावनी जारी की है:
पुसल्दा से बरभोना कच्ची सड़क और ऐडू से बरभोना पक्की सड़क पर आवागमन सावधानीपूर्वक करें.
पुसल्दा, ऐडू, खेदापाली, बहेरामुडा, चीतापाली और रामनगर के निवासी अनावश्यक रूप से जंगल या सुनसान क्षेत्रों में न जाएं.
देखें हाथी का वीडियो:
वन विभाग का कहना है कि हाथियों की गतिविधियां अभी भी जारी हैं और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है.
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अवैध कोयला तस्करी एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है. लखनपुर और उदयपुर इलाके में कोयला माफिया सक्रिय हो गए हैं, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. उदयपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 3 टन अवैध कोयला जब्त किया है.
पुलिस के अनुसार अवैध कोयला उदयपुर के पोतका जमटी पारा क्षेत्र में जंगल किनारे छुपाकर रखा गया था. जांच में सामने आया है कि इस कोयले को ईंट भट्ठों में खपाने के लिए अवैध रूप से जंगलों में खनन किया जा रहा था, साथ ही कोल माइंस से भी चोरी की आशंका जताई जा रही है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोयला माफिया ग्रामीणों को ढाल बनाकर तस्करी को अंजाम दे रहे हैं. सरगुजा संभाग के बिश्रामपुर, भटगांव, राजपुर और प्रतापपुर इलाकों में माफियाओं की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं.
उधर, सरगुजा रेंज के आईजी ने माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं. पुलिस का कहना है कि अवैध कारोबार में शामिल तत्वों की पहचान कर जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी.
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में इस वर्ष प्रदेश में सर्वाधिक 18 लाख रुपए के धन संग्रहण के लिए रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को सम्मानित किया. रायपुर जिले की इस उपलब्धि से सैन्य कर्मियों और उनके परिजनों के कल्याण हेतु जनसहभागिता को और मजबूती मिलेगी.
बता दें कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस या झंडा दिवस प्रत्येक वर्ष 7 दिसंबर को मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना के जवानों का आभार प्रकट करते हुए सेना के लिए धनराशि एकत्र करना है, जिसकी जरूरत आजादी के बाद ही भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों और सेना के कल्याण हेतु लगी.
इस दिवस पर धन संग्रह के तीन मुख्य उद्देश्य होते हैं. पहले युद्ध के समय हुई जनहानि में सहयोग, दूसरा सेना में कार्यरत कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण और सहयोग हेतु और तीसरा सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण के लिए. इस दिवस पर धन-संग्रह सशस्त्र सेना के प्रतीक चिन्ह झंडे को बाँट कर किया जाता है. इस झंडे में तीन रंग (लाल, गहरा नीला और हल्का नीला) तीनों सेनाओं को प्रदर्शित करते हैं.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के प्रतीक स्वरूप सम्मान बैज लगाया तथा संचालनालय सैनिक कल्याण द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों एवं योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “सशस्त्र सेना झंडा दिवस हमारे वीर सैनिकों और उनके परिवारों के त्याग, साहस और राष्ट्रसमर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। देश की सुरक्षा में निरंतर तैनात हमारे जवानों का योगदान अतुलनीय है।” उन्होंने आगे कहा कि इस दिवस का संदेश है कि राष्ट्र की रक्षा में लगे हमारे जवानों और शहीद परिवारों के प्रति हम सभी अपनी जिम्मेदारी समझें और उनके कल्याण हेतु सहयोग की भावना से आगे आएं।
मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण हेतु अपनी ओर से अंशदान भी प्रदान किया। इस अवसर पर सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते तथा पद्मश्री उषा बारले भी उपस्थित थीं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कुंभकार समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी जनवरी 2025 में रायपुर जिले के ग्राम नवागांव (कोलियारी) में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय महाधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए समाज के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का धन्यवाद किया तथा आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि कुंभकार समाज की पारंपरिक कला, श्रमशीलता और सांस्कृतिक योगदान छत्तीसगढ़ की सामाजिक संरचना को समृद्ध बनाते हैं। राज्य सरकार सभी समाजों के विकास और सहभागिता के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
प्रतिनिधि मंडल में समाज के सलाहकार रतन लाल चक्रधारी, बी.पी. चक्रधर, प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार चक्रधारी, महामंत्री हेमलाल कौशिक, कोषाध्यक्ष जयप्रकाश कुंभकार, दौवा राम चक्रधारी सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के ग्राम सेनभाठा से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां किसान मनबोध गाड़ा (65 वर्ष) ने टोकन न मिलने की परेशानी से मानसिक रूप से व्यथित होकर अपने गले पर ब्लेड चला लिया। किसान की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष दीपक बैज ने किसान के परिवार से मुलाकात की और उनकी सेहत के बारे में जानकारी प्राप्त की।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मनबोध गाड़ा जैसे छोटे किसान को न तो ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन टोकन मिल सका। “बेटी की शादी तय थी और धान बेच न पाने की परेशानी ने किसान को मानसिक रूप से परेशान कर दिया। यह बेहद दुखद है कि एक गरीब किसान को गला काटने जैसे कदम के लिए मजबूर होना पड़ा”।
भूपेश बघेल ने बताया कि किसान का ऑपरेशन जारी है और श्वास नली कटने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा, “यह केवल मनबोध गाड़ा की कहानी नहीं है, बल्कि प्रदेश के हजारों किसान इसी स्थिति से जूझ रहे हैं। छोटे किसान भी अपने धान को बेचने में असमर्थ हैं, जो राज्य सरकार की नाकामी को दर्शाता है।”
पूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस की ओर से परिवार को आवश्यक मदद प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे लगातार धान खरीदी की अव्यवस्था को सरकार के सामने उठाते रहे हैं, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार, मनबोध गाड़ा 1 एकड़ 40 डिसमिल कृषि भूमि के मालिक हैं। पिछले तीन दिनों से वह च्वाइस सेंटर में टोकन कटवाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। सुबह 8 बजे गाय चराने के लिए घर से निकलने के दौरान उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
कांकेर। जिले के ग्राम करियापहार में बीते दिनों एक नर तेंदुआ मृत पाया गया। जांच में सामने आया कि तेंदुए के चारों पैर पंजों सहित काट दिए गए थे। वन विभाग ने मामले में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर तेंदुए के काटे हुए पंजे (नाखून सहित) बरामद किया है।
बता दें कि कांकेर वनमंडल के नरहरपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करियापहार में 4 दिसंबर को स्थानीय कृषक शिवराम नेताम और रामचंद नेताम के खेत (खसरा नंबर 139) में स्थित कुएँ में एक नर तेंदुए का मृत शव पाया गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और वनमंडलाधिकारी कांकेर की उपस्थिति में तेंदुए के शव को कुएँ से बाहर निकाला गया। प्राथमिक जांच में यह पता चला कि तेंदुए के चारों पैर पंजों सहित काट दिए गए हैं।
घटना स्थल पर तीन सदस्यीय चिकित्सक दल ने तेंदुए का पोस्टमार्टम किया और वन्यप्राणी संरक्षण प्रोटोकॉल के तहत शव का दहन किया। इसके बाद वन विभाग ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल की डॉग स्क्वाड टीम रायपुर से मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। मुख्य वन संरक्षक, कांकेर वृत्त राजेश कुमार चंदेले, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) जगदलपुर स्टाइला मंडावी और वनमंडलाधिकारी कांकेर रौनक गोयल के मार्गदर्शन में आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई।
जांच के दौरान आज, 6 दिसंबर को ग्राम करियापहार के चार आरोपियों शत्रुघन पुत्र नारायण (51 वर्ष), श्रवण पुत्र महेंद्र (19 वर्ष), छबिलाल पुत्र बुधारू (35 वर्ष) और बुधारू पुत्र अमरसिंह (71 वर्ष) के पास से तेंदुए के काटे हुए पंजे बरामद किए गए। मौके पर ही जब्ती एवं पंचनामा तैयार किया गया। इसके अलावा, आरोपियों के पास से पंजा काटने में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, लकड़ी, कटारी और रस्सी जैसी सामग्री भी जब्त की गई है।
वन विभाग ने बताया कि वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। विभाग ने इसे गंभीर वन्यजीव अपराध बताते हुए कहा कि मामले की पूरी गंभीरता से जांच की जा रही है और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच में ग्राम प्रमुखों के सहयोग को भी वन विभाग ने सराहनीय बताया। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए जैसी विलुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है और इस तरह के अपराधों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
रायपुर। राज्य शासन ने भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की अधिकारी तरन्नुम वर्मा की प्रतिनियुक्ति को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त आयकर आयुक्त रायपुर के पद पर कार्यरत वर्मा को मई 2025 से तीन वर्ष की प्रतिनियुक्ति स्वीकृत की गई थी. इसी क्रम में राज्य सरकार ने शुक्रवार को आदेश जारी करते हुए उन्हें स्टेट जीएसटी में विशेष आयुक्त नियुक्त किया है.
बता दें, तरन्नुम वर्मा, राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर आने वाली दूसरी IRS अधिकारी होंगी. इससे पहले IRS अधिकारी शीतल वर्मा पिछले 6–7 वर्षों से वित्त विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं. अब उनके राज्य शासन में संविलियन को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं.
रायपुर। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास के पास भगत सिंह चौक स्थित एक दुकान में अचानक लगी भीषण आग से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया है। आग की लपटें कुछ ही मिनटों में दुकान के अन्य हिस्सों तक फैल गईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, लोगों ने दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी है। वहीं अचानक लगी आग और लपटों को देखकर स्थानीय लोग दहशत में हैं। घटना स्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए हैं। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है।
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फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। नुकसान का भी अनुमान नहीं लगाया जा सका है, लेकिन कॉम्प्लेक्स की कई दुकानों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
रायपुर। बिजली बिल की लगातार बढ़ती राशि पर प्रभावी नियंत्रण तथा लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर कार्यवाही के लिए विद्युत विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
विगत दिवस बलरामपुर- रामानुजगंज जिले के बरियो वितरण केंद्र में विशेष वसूली अभियान चलाया गया, जिसके तहत विभागीय टीम ने बड़ी कार्रवाई की।
मुख्य अभियंता छत्तीसगढ विद्युत वितरण कंपनी अम्बिकापुर क्षेत्र यशवंत शिलेदार के नेतृत्व में ,अधीक्षण अभियंता के.एन. सिंह, कार्यपालन अभियंता बलरामपुर प्रकाश अग्रवाल तथा जिले में पदस्थ सभी सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं की संयुक्त टीम सुबह 10:00 बजे ही बरियो पहुंची और बकायादारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की शुरुआत की।
इस दौरान 88 बड़े बकायादारों के विद्युत कनेक्शन की बकाया राशि 23 लाख96 हज़ार 988 रुपये के लिए काटे गए। 24 बकायादारों ने तत्काल अपने बकाये का भुगतान करते हुए कुल 9 लाख 19 हज़ार 563 रुपये जमा किए।
मुख्य अभियंता श्री शिलेदार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बकाया वसूली के लिए प्रतिदिन इसी प्रकार सघन मुहिम चलाएं, ताकि बकाया राशि की रिकवरी में तेजी लाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिए है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं, उनके घरों की शाम के समय नियमित जांच की जाए। यदि कोई उपभोक्ता अनाधिकृत रूप से बिजली उपयोग करते पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आसपास से अनाधिकृत कनेक्शन लेकर बिजली उपयोग करने पर धारा 138 के तहत एफआईआर दर्ज कर न्यायालयीन कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।
विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर बिजली बिल जमा कर कार्य में सहयोग दें अन्यथा नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।
रायपुर। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शंकरगढ़ की होनहार छात्रा निहारिका नाग ने वह कर दिखाया है, जिसका सपना हर विद्यार्थी देखता है। साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली यह बाल प्रतिभा आज अपने हुनर से न सिर्फ जिले का, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय मानचित्र पर रोशन किया है।
मिट्टीकला में मिला नया आयाम
शंकरगढ़ की कक्षा 11वीं की छात्रा निहारिका नाग को एकलव्य विद्यालय में प्रवेश के बाद अपनी मिट्टी कला सामर्थ्य को निखारने का सुनहरा अवसर मिला, जहां विद्यालय के बेहतर माहौल, उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञों के प्रशिक्षण ने उनके सपनों को मजबूती दी।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक से मिली नई उड़ान
निहारिका ने पहले जगदलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपने कला कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। यह जीत उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने में सहायक साबित हुई।
उद्भव 2025 में राष्ट्रीय स्वर्ण पदक से हुई दोहरी जीत
इसके बाद निहारिका ने आंध्र प्रदेश में आयोजित 6 वीं ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कला उत्सव उद्भव 2025 में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। लगातार दोहरा स्वर्ण पदक जीतकर निहारिका ने अपने विद्यालय और छत्तीसगढ़ राज्य का मान बढ़ाया है।
शिक्षकों का मार्गदर्शन बना सफलता की नींव
निहारिका के इस सफलता के पीछे उनके कला शिक्षक श्री राहुल जंघेल की प्रेरणा और विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार तिर्की का सतत सहयोग और मार्गदर्शन रहा। निहारिका ने साबित कर दिखाया कि प्रतिभा को बस सही मंच की जरूरत होती है। निहारिका की बचपन से ही मिट्टी कला के प्रति गंभीर रुझान रखती थीं और विद्यालय ने उनकी इस प्रतिभा को ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेहनत और मार्गदर्शन से बनती है नई पहचान
निहारिका की इस उपलब्धि से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में उत्साह का माहौल है। निहारिका की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद ऊंचे सपने देखते हैं। निहारिका नाग की तरह मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी विद्यार्थी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकता है
रायपुर। दूरसंचार, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएँ जहाँ देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य जीवन का आधार बन चुकी हैं, वहीं बस्तर संभाग के कुछ सुदूर वनांचलों ने दशकों तक इन सुविधाओं को कभी देखा ही नहीं था। ऐसे ही एक इलाके, बीजापुर जिले के ग्राम कोंडापल्ली, में अभूतपूर्व उत्सव का माहौल देखने को मिला जब गाँव में पहली बार मोबाइल नेटवर्क आया।
कोंडापल्ली तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित एक घना वनांचल है, जहाँ वर्षों से सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे में गाँव में मोबाइल टॉवर स्थापित होना स्थानीय समुदाय के लिए केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि दुनिया से जुड़ने का प्रतीक बन गया।
जैसे ही टॉवर के सक्रिय होने की घोषणा हुई, ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। महिलाएँ, पुरुष, बच्चे — सभी रैली के रूप में टॉवर स्थल तक पहुँचे। पारंपरिक विधि से टॉवर की पूजा-अर्चना की गई। माँदर की थाप पर लोग भावुक होकर नाच उठे। यह दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं था।
इस उत्सव में केवल कोंडापल्ली ही नहीं, बल्कि आसपास के गाँवों के लोग भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि यह उनके लिए केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि “बाहरी दुनिया से पहला वास्तविक जुड़ाव” है। सुरक्षा बलों के जवानों ने भी ग्रामीणों की खुशी में शामिल होकर मिठाइयाँ वितरित कीं।
अब मोबाइल नेटवर्क ग्रामीणों के लिए बैंकिंग, आधार, राशन, स्वास्थ्य योजनाओं, पेंशन और शैक्षणिक सुविधाओं का प्रवेश-द्वार बनेगा। जिनके लिए यह सेवाएँ अब तक दूर का सपना थीं, उनके लिए यह दिन जीवन में एक नया अध्याय लेकर आया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित नियद नेल्ला नार योजना का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाकर लोगों में विश्वास बढ़ाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। योजना के तहत सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बैंकिंग, संचार सहित प्रशासनिक सेवाओं को तेज़ी से पहुँचाने का काम किया जा रहा है।
योजना का दायरा व्यापक है — 69 नवीन कैम्पों के आसपास स्थित 403 ग्रामों में 09 विभागों की 18 सामुदायिक सेवाएँ और 11 विभागों की 25 व्यक्तिमूलक योजनाएँ पहुँचाई जा रही हैं, ताकि ग्रामीण किसी भी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहें।
इस पूरी प्रक्रिया में संचार अधोसंरचना सबसे प्रभावी साबित हो रही है। पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में 728 नए टॉवर स्थापित किए गए हैं — जिनमें 116 एलडब्ल्यूई कार्यक्रम से, 115 आकांक्षी जिलों में, और 467 टावर 4G नेटवर्क के रूप में लगाए गए हैं। इसके साथ ही 449 टॉवरों का 2G से 4G में उन्नयन किया गया है।
कोंडापल्ली में नियद नल्ला नार योजना से तेज़ी से बदलाव आए हैं। दिसम्बर 2024 में कैम्प स्थापित होने के बाद पहली बार प्रशासन गाँव तक नियमित रूप से पहुँचने लगा। यहाँ लंबे समय से बंद पड़ी सड़क का पुनर्निर्माण बार्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन ने अपने जिम्मे लिया है और 50 किलोमीटर सड़क का कार्य प्रगति पर है।
गाँव में दो महीने पहले ही पहली बार विद्युत लाइन पहुँची है। बिजली आने के बाद से बच्चों की पढ़ाई, छोटे व्यवसाय और ग्रामीण जीवन में अभूतपूर्व सकारात्मक बदलाव देखे जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा लगातार सेचुरेशन शिविर आयोजित कर सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक परिवार तक पहुँचाया जा रहा है।
कोंडापल्ली में मोबाइल नेटवर्क के आगमन से यह स्पष्ट हो गया है कि विकास की किरण अब उन इलाकों तक भी पहुँच रहा है, जो वर्षों से प्रतीक्षा में थे। संचार सुविधा के इस नए सवेरे ने ग्रामीणों को भरोसा दिया है कि अब उनका गाँव भी राज्य के अन्य हिस्सों की तरह आधुनिक सुविधाओं से जुड़कर आगे बढ़ेगा।
बीजापुर जिले के कोंडापल्ली में मोबाइल नेटवर्क का पहुँचना सिर्फ एक टॉवर का खड़ा होना नहीं है, यह उन लोगों के सपनों का उठ खड़ा होना है जो वर्षों से दुनिया से कटे हुए थे। हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर का हर गांव–हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े, डिजिटल सुविधाओं तक पहुँचे और अवसरों के नए द्वार उनके लिए खुलें। यह सिर्फ संचार की शुरुआत नहीं, बल्कि विश्वास, बदलाव और नई संभावनाओं के युग का आरंभ है।
रायपुर। स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन छत्तीसगढ़ द्वारा शनिवार, 6 दिसंबर 2025 को राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में “पत्रकारिता का बदलता परिवेश और चुनौतियाँ” विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में देशभर से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार, प्रतिनिधि और मीडिया कर्मी शामिल हुए। संगोष्ठी को पत्रकारिता जगत के लिए संवाद, चिंतन और सुझाव का महत्वपूर्ण मंच माना गया।
डिजिटल दौर में पत्रकारिता के मूल मूल्य सर्वोपरि — राजेश बादल
मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने कहा कि डिजिटल क्रांति के दौर में मीडिया तेज़ी से बदला है, लेकिन पत्रकारिता के मूल मूल्य—सत्य, निष्पक्षता और जनपक्ष—कभी भी कमजोर नहीं होने चाहिए। उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग में बढ़ते जोखिम, संसाधनों की कमी और व्यावसायिक दबावों को आज के पत्रकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां बताया।
पत्रकारों के अधिकार सुरक्षित रखने संगठन आवश्यक — बलविंदर सिंह
इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव बलविंदर सिंह जम्मू ने कहा कि पत्रकार यदि संगठित रहेंगे, तभी उनके अधिकार, सुरक्षा और सम्मान की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने डेटा प्रोटेक्शन एक्ट और श्रम कानूनों में आए बदलावों के संदर्भ में पत्रकारों को अधिक जागरूक और संगठित रहने की अपील की।
पराड़कर सम्मान 2025 की घोषणा
संगठन ने प्रतिष्ठित बाबूराव विष्णु पराड़कर सम्मान–2025 की घोषणा की, जो इस वर्ष बस्तर संभाग के भोपालपट्टनम में कार्यरत जमीनी पत्रकार मो. इरशाद ख़ान को प्रदान किया जाएगा। यूनियन ने उनकी निडर और जनपक्षीय पत्रकारिता की सराहना की।
नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन
तृतीय राज्य सम्मेलन में यूनियन की नई प्रदेश कार्यकारिणी घोषित की गई, जिसमें —
दिलीप कुमार साहू (राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य)
पी.सी. रथ (प्रदेश अध्यक्ष)
सुधीर आजाद तंबोली (महासचिव)
रेणु नंदी, कृष्णा गोस्वामी, अजीत शर्मा (उपाध्यक्ष)
शुभम वर्मा (कोषाध्यक्ष)
सैयद सलमा (उप कोषाध्यक्ष)
रूमा सेन गुप्ता, संतोष राजपूत (संयुक्त सचिव)
राकेश दत्ता (प्रदेश संगठन सचिव)
जयदास मानिकपुरी (प्रदेश मीडिया प्रभारी)
इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र कुमार शर्मा, घनश्याम गुप्ता, मो. शाह, संजय चंदेल, जितेंद्र साहू, शिवशंकर पांडेय और हरिमोहन तिवारी को कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई।
संगोष्ठी का समापन
राज्य सम्मेलन में रायपुर जिला इकाई के पदाधिकारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। संगोष्ठी का समापन पत्रकारिता की मजबूती, संगठनात्मक एकता और भविष्य की सामूहिक कार्ययोजना के संकल्प के साथ किया गया।
खैरागढ़। खैरागढ़ जिले में शनिवार को श्री सीमेंट परियोजना के विरोध में बड़ा जन आंदोलन देखने को मिला. आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने हजारों की संख्या में पहुंचकर प्रस्तावित सण्डी चूना पत्थर खदान और सीमेंट प्लांट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज की, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई. प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोक रहे कई पुलिस वालों को दौड़ा दिया.
बता दें, सैकड़ों गांवों से हजारों की संख्या में महिला, युवा और बुजुर्ग 200 से अधिक ट्रैक्टर–ट्रॉलियों के विशाल काफिले के साथ छुईखदान की ओर रवाना हुए. पुलिस ने छुईखदान की सीमा पर किसानों की रैली को रोकने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण पैदल ही आगे बढ़ते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंच गए और 11 दिसंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई रद्द करने की मांग का ज्ञापन सौंपा.
ग्रामीणों के विरोध को मजबूती इस बात से भी मिल रही है कि प्रस्तावित खदान क्षेत्र से 10 किलोमीटर दायरे में आने वाले 39 गांवों ने परियोजना के खिलाफ औपचारिक लिखित आपत्ति दी है. सण्डी, पंडारिया, विचारपुर और भरदागोड़ पंचायतों ने ग्रामसभा प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी कीमत पर चूना पत्थर खदान को मंजूरी नहीं देंगे. ग्रामीणों का कहना है कि खदान शुरू होने से जलस्रोत सूखने, खेती-किसानी प्रभावित होने, पशुपालन पर खतरा मंडराने और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचने का अंदेशा है. स्थानीय लोगों ने जनसुनवाई प्रक्रिया को भी अपारदर्शी बताया है और कहा कि प्रभावित गांवों की वास्तविक राय को नज़रअंदाज़ किया गया है.
इधर, विरोध की गर्मी एसडीएम कार्यालय तक ही सीमित नहीं रही. ग्राम विचारपुर, बुंदेली, पंडरिया और संडी के किसानों ने ज्ञापन सौंपने के बाद अचानक राजनांदगांव–कवर्धा मुख्य सड़क जाम कर दिया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बड़ी संख्या में ग्रामीणों, किसानों और महिलाओं की मौजूदगी से हालात तनावपूर्ण हो गए. भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा, जिसके बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई. प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का साफ कहना है कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक 11 दिसंबर की जनसुनवाई रद्द नहीं होती और श्री सीमेंट परियोजना से जुड़े निर्णय वापस नहीं लिए जाते. प्रशासन अलर्ट पर है और एसपी सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर भारी पुलिस बल के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
ग्रामीण आंदोलन अब केवल भूमि या पर्यावरण का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि स्थानीय लोगों के अस्तित्व, आजीविका और भविष्य की सुरक्षा का बड़ा संघर्ष बन गया है. हजारों किसानों का शक्ति प्रदर्शन यह स्पष्ट संकेत है कि जनता अपनी जमीन और जलस्रोतों पर किसी प्रकार का समझौता करने के लिए तैयार नहीं है.