प्रदेश
पूर्व विधायक को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
रायपुर। महासमुंद के पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता विनोद चंद्राकर को पार्टी कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने और अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस महासमुंद ज़िला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रश्मि चंद्राकर की ओर से भेजा गया है।
दरअसल, हाल ही में कांग्रेस द्वारा आयोजित आर्थिक नाकेबंदी अभियान के तहत ज़िला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पूर्व विधायक चंद्राकर शामिल नहीं हुए। इसके बजाय उन्होंने स्वतः का अलग कार्यक्रम आयोजित किया, जिससे पार्टी अनुशासन और एकता पर सवाल खड़े हुए हैं।
सोशल मीडिया में पार्टी छवि को पहुंचाई ठेस
ज़िला कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया है कि विनोद चंद्राकर द्वारा सोशल मीडिया पर की गई गतिविधियों से पार्टी की गरिमा को ठेस पहुंची है।
जारी नोटिस में प्रमुख बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है, जिनमें प्रमुख हैं: ज़िला कमेटी के कार्यक्रम में अनुपस्थित रहना, अलग कार्यक्रम आयोजित करना, पार्टी नेतृत्व की उपेक्षा, सोशल मीडिया में अनुचित प्रचार, संगठनात्मक निर्णयों की अवहेलना शामिल हैं।
ज़िला कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यदि पूर्व विधायक निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


दंतेवाड़ा में अधीक्षिका के दुर्व्यवहार से छात्रांए त्रस्त, शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं छात्रांए, लगाये गंभीर आरोप
दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की अधीक्षिका पर छात्राओं ने दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाये है। कलेक्टर कार्यालय शिकायत करने पहुंची छात्राओं ने आरोप लगाया कि हमारी अधीक्षिका सही नहीं है। हमें गालियां देती हैं, जब परिजन मिलने आते हैं तो परिजनों के साथ भी दुर्व्यवहार करती हैं। हमें न तो कपड़े देती हैं और न ही जूते। हर दिन सिर्फ पत्ता गोभी और लौकी की सब्जी खिलाती हैं।
छत्तीसगढ़ में एक तरफ सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था का दावा कर रही है। वहीं दूसरी तरफ सरकार के इन सारे दावों और जवाबदार अधिकारियों की लापरवाही की पोल छात्रांए खोल रही है। जीं हां कुछ ऐसा ही मामला नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिला में सामने आया है। यहां कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रांए अपनी अधीक्षिका की शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची थीं। छात्राओं ने छात्रावास अधीक्षिका पर तानाशाही करने के साथ ही दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है।
छात्राओं ने बताया कि अधीक्षिका छोटी-छोटी बातों पर उन्हे गालियां देती हैं। जब परिजन मिलने आते हैं, तो उनके साथ भी दुर्व्यवहार करती हैं। हमें न तो कपड़े देती हैं और न ही जूते। हर दिन सिर्फ पत्ता गोभी और लौकी की सब्जी खिलाती हैं। अधीक्षिका का विरोध करने वाली ये छात्राएं 6वींए 7वीं और 8वीं में पढ़ने वाली हैं। जो कि हाथों में तख्ती लेकर अधीक्षिका को हटाने की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंची थी। छात्राओं ने आरोप लगाया कि इन्हें पहले वाली अधीक्षिका चाहिए और न ही अब जिनकी पोस्टिंग हुई है वो चाहिए।
इनके बदले स्कूल के ही किसी स्टाफ को यहां का जिम्मा दिया जाए। गौरतलब है कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पहले सुमित्रा सोरी अधीक्षिका थीं। लेकिन चुनाव लड़ने के लिए सुमित्रा ने रिजाइन कर दिया था। इसके बाद इनकी जगह उमा सिन्हा को जिम्मेदारी दी गई। वहीं पिछले कुछ दिनों से छात्राएं इनका लगातार विरोध कर रही हैं। वहीं दूसरी तरफ उमा सिन्हा ने भी रिजाइन कर दिया है।
जिसके बाद विभाग ने सविता सुन्नम को यहां अधीक्षिका पद की जिम्मेदारी दी है। अब छात्राएं स्कूल से सीधे कलेक्टर से मिलने पहुंच गईं। हालांकि उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। जिला पंचायत सदस्य तूलिका कर्मा ने छात्राओं से मिलकर उन्हे समझाईश देकर वापस लौटाया। उन्होने छात्राओं की समस्या को सुनन के बाद कहा कि…बच्चों को सुविधाएं न देना ये गलत है। यहीं वजह है कि आज छात्रांओं को अपनी समस्या को लेकर सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जशपुर को मिलेगा अत्याधुनिक तीरंदाजी केंद्र, पुस्तकालय, मेडिकल यूनिट और स्किल सेंटर
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जशपुर जिले के पंड्रापाठ में राज्य का अत्याधुनिक तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो ग्रामीण युवाओं की खेल प्रतिभा को सशक्त मंच प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खेल, शिक्षा और ग्रामीण विकास को एक समन्वित दृष्टिकोण के साथ जोड़कर समग्र उन्नति की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जशपुर जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र पंड्रापाठ (तहसील सन्ना, विकासखंड बगीचा) में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एक बहु-उद्देशीय परिसर की स्थापना की जा रही है, जो राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को सशक्त मंच प्रदान करेगा।एनटीपीसी द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 20.53 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। परिसर में तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र, लघु पुस्तकालय, प्राथमिक चिकित्सा इकाई, कौशल विकास केंद्र, जैविक खेती हेतु छायादार नर्सरी का निर्माण किया जाएगा। परिसर में एक औषधीय उद्यान भी विकसित किया जाएगा, जिसमें जड़ी-बूटियों और औषधीय वृक्षों का रोपण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए लगभग 10.27 एकड़ (लगभग 41,565 वर्गमीटर) भूमि का चयन स्थानीय प्रशासन के सहयोग से किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस पहल से ग्रामीण प्रतिभाओं को स्वयं को निखारने का अवसर मिलेगा और वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। परियोजना के लिए विस्तृत साइट लेआउट, 3-डी डिज़ाइन, भवनों की संरचना और प्रत्येक घटक की लागत का विवरण विशेषज्ञ परामर्शदाताओं द्वारा तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस नवाचारपरक पहल से न केवल खेल क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के माध्यम से जशपुर जिले में समावेशी विकास की एक नई धारा बहेगी।
43 घंटे की तलाश के बाद मिला तीन साल के मासूम का शव
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। गुरुवार शाम को नाले के तेज बहाव में लापता हुआ तीन साल का मासूम बच्चा आखिरकार 43 घंटे की लंबी सर्चिंग के बाद मृत अवस्था में मिला।यह दर्दनाक घटना सीपत थाना क्षेत्र की है, जहां कार सवार परिवार के 9 लोग अचानक नाले के तेज बहाव में फंस गए थे। इनमें से 8 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन तीन साल का बच्चा तेज बहाव में लापता हो गया था।
तेज बहाव ने छीन ली मासूम की जिंदगी
गुरुवार को हुई भारी बारिश के चलते स्थानीय नाला उफान पर आ गया था। एक ही परिवार के लोग कार से सफर कर रहे थे, तभी वाहन पानी में बह गया। अधिकांश सदस्य किसी तरह बच निकले, लेकिन 3 वर्षीय मासूम बहाव में बह गया। घटना के बाद से ही SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम ने मोर्चा संभाल लिया था और लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। शनिवार को टीम को घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर एक झाड़ी में मासूम का शव फंसा मिला।
परिजनों में मातम
शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरा इलाका शोक और सदमे के माहौल में डूब गया है। स्थानीय ग्रामीण भी बच्चे के लिए लगातार प्रार्थना कर रहे थे, लेकिन आखिरकार उम्मीद टूट गई।
मुख्यमंत्री की जीरो टोलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई: स्वास्थ्य विभाग के सप्लायर पर राज्य जीएसटी विभाग की छापेमारी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टोलरेंस की नीति और सरकारी खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता के तहत राज्य जीएसटी विभाग ने रायगढ़ स्थित मेसर्स श्याम सर्जिकल पर कार्यवाही की है। यह फर्म छत्तीसगढ़ सहित झारखंड और ओडिशा में भी सरकारी अस्पतालों को सर्जिकल और मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति करती है।
राज्य जीएसटी विभाग की जांच में सामने आया है कि उक्त व्यवसायी ने स्वास्थ्य विभाग में विगत 4–5 वर्षों में लगभग 48 करोड़ रुपये की आपूर्ति की, जबकि वास्तविक खरीदी केवल 10 करोड़ रुपये की थी। प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि व्यवसायी ने खरीदी मूल्य से 4–5 गुना अधिक दरों पर सामग्री की आपूर्ति कर 400 से 500 प्रतिशत तक लाभ कमाया। इस लाभ को छुपाने और जीएसटी देनदारी से बचने के लिए व्यवसायी ने अपने परिवारजनों के नाम पर तीन अन्य फर्में – राहुल इंटरप्राइजेज, नारायणी हेल्थकेयर, और पी.आर. इंटरप्राइजेस बनाईं तथा आपस में ही खरीदी बिक्री दिखाकर करीब 1 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की।
इस मामले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा अधिकारियों को सरकारी आपूर्ति पर विशेष नजर रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत पकड़ने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी के तहत राज्य जीएसटी विभाग की टीम ने यह प्रभावी कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि राज्य सरकार सरकारी निधि और जन स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। इस प्रकार की धोखाधड़ी न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि जनहित के साथ विश्वासघात भी है।
प्रदेश सरकार ने ऐसे सभी आपूर्तिकर्ताओं और ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग करके अनुचित लाभ अर्जित करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई राज्य शासन की ईमानदार, पारदर्शी और जनहितकारी प्रशासनिक दृष्टिकोण का उदाहरण है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध पूरी प्रतिबद्धता और सख्ती के साथ कार्य कर रही है।
बीजापुर में जवानों ने 4 नक्सलियों को किया ढेर
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से बड़ी खबर आ रही है। यहां सुरक्षा बले जवानों ने मुठभेड़ में 4 नक्सलियों को मार गिराया है। जवानों ने सर्चिंग के दौरान जंगल से नक्सलियों के शव के साथ ही बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। शाम के वक्त भी दोनों तरफ से रूक-रूककर फायरिंग चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन अब भी जारी है।
जानकारी के मुताबिक मामला गंगालूर थाना इलाके का है। बताया जा रहा है यहां के दक्षिण-पश्चिमी जंगलों में सुरक्षा बल के जवान शनिवार को सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने 4 नक्सलियों को ढेर कर दिया। बताया जा रहा है कि जवानों को क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी।
खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। शाम से रुक-रुककर दोनों तरफ से फायरिंग हो रही है। जवानों ने मुठभेड़ के बाद सर्चिंग में जंगल से 4 नक्सलियों के शव बरामद किये है। इसके साथ ही इंसास और एसएलआर राइफल के साथ ही अन्य हथियार और विस्फोटक बरामद कर जब्त किया है।
पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा को लेकर जबरदस्त उत्साह, 3.50 लाख स्क्वेयर फीट में तैयार हो रहा विशाल पंडाल
भिलाई। अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शिवमहापुराण कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आगामी कथा कार्यक्रम को लेकर भिलाई में अभूतपूर्व तैयारी चल रही है। श्रद्धालुओं की संभावित रिकॉर्डतोड़ भीड़ को देखते हुए आयोजकों ने कार्यक्रम स्थल पर पंडाल के आकार को दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा दिया है।
पहले जहां पंडाल 1.5 लाख स्क्वेयर फीट क्षेत्र में बनाया जाना था, अब यह 3.50 लाख स्क्वेयर फीट क्षेत्र में निर्मित किया जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि पहले केवल तीन पंडाल बनाए जाने थे, लेकिन अब कुल पांच विशाल पंडाल तैयार किए जा रहे हैं, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को बैठने, दर्शन व कथा श्रवण में कोई असुविधा न हो।
29 जुलाई को कलश यात्रा से होगा कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का भव्य प्रारंभ 29 जुलाई को कलश यात्रा के साथ होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी। मुख्य शिवमहापुराण कथा 30 जुलाई से शुरू होगी और इसमें प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
देशभर से पहुंच रहे हैं श्रद्धालु
हालांकि कथा की शुरुआत में कुछ दिन शेष हैं, लेकिन देशभर से भक्तों का भिलाई पहुंचना पहले ही शुरू हो चुका है। आयोजन समिति के अनुसार, इस बार कथा में 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसे ध्यान में रखते हुए पार्किंग, पेयजल, सुरक्षा,स्वच्छतासहित सभी व्यवस्थाएं व्यापक स्तर पर की जा रही हैं।आयोजक समिति ने श्रद्धालुओं से सहयोग और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है, ताकि सभी को आध्यात्मिक शांति और दर्शन का सौभाग्य सहज रूप से प्राप्त हो सके।
भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर: छत्तीसगढ़ के लिए नए अवसरों का द्वार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा –
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच मुक्त व्यापार समझौते को भारत की विकास यात्रा का नया अध्याय बताया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार जताया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह समझौता न केवल भारत के आर्थिक क्षितिज को विस्तार देगा, बल्कि विशेष रूप से ऐसे राज्य जो कृषि, शिल्प, लघु और कुटीर उद्योगों पर आधारित हैं – जैसे छत्तीसगढ़ – उन्हें वैश्विक व्यापार का हिस्सा बनने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत-यूके एफटीए से भारत के 99% निर्यात उत्पादों को ब्रिटेन में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे किसानों, एमएसएमई, हस्तशिल्पियों, बुनकरों और पारंपरिक उत्पादों को सीधे लाभ मिलेगा। इस समझौते से अनुमानित $23 अरब डॉलर के नए व्यापार अवसर खुलेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम छत्तीसगढ़ जैसे कृषि और श्रम प्रधान राज्यों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता छत्तीसगढ़ के लिए कृषि को बल, उद्योग को संबल और युवाओं को नए रोजगार के अवसर देगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण, और निर्यात सहायता केंद्रों की स्थापना पर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोटिशः धन्यवाद देते हुए कहा कि यह उनके दूरदर्शी नेतृत्व, आर्थिक सुधारों और ‘वोकल फॉर लोकल’ को ग्लोबल स्तर पर पहुंचाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
MBBS/BDS में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू, NEET UG की काउंसिलिंग के लिए 29 जुलाई से ऑनलाइन आवेदन
रायपुर। नीट यूजी 2025 (MBBS/BDS) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय काउंसलिंग प्रक्रिया 29 जुलाई 2025 से आरंभ की जा रही है। यह प्रक्रिया चार चरणों में पूर्णतः ऑनलाइन आयोजित होगी।
राष्ट्रीय चिकित्सा परामर्श समिति (MCC) द्वारा नीट यूजी 2025 की अंतिम प्रवेश तिथि 3 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है। राज्य में छत्तीसगढ़ चिकित्सा , दंत चिकित्सा और भौतिक चिकित्सा ( फिजियोथेरेपी) स्नातक प्रवेश नियम 2025 के अनुसार किया जाएगा। राज्य में यू जी काउंसलिंग प्रक्रिया का आयोजन कार्यालय आयुक्त चिकित्सा शिक्षा (CME), छत्तीसगढ़ द्वारा किया जा रहा है ।
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल https://cgdme.admissions.nic.in पर उपलब्ध जानकारी को ही प्रमाणिक मानें और उसी के अनुसार आवेदन करें। किसी प्रकार की सहायता हेतु हेल्पलाइन नंबर 0771-2972977 पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
राज्य में समस्त शासकीय और निजी मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों की सीटें उनकी योग्यता और निर्धारित नियमों के अनुरूप राज्य स्तरीय काउंसलिंग समिति , कार्यालय आयुक्त चिकित्सा शिक्षा द्वारा आवंटित की जाएंगी। किसी एजेंट या संस्था के माध्यम से प्रवेश देने के दावे पूर्णतः अस्वीकार्य होंगे।
प्रवेश से संबंधित सभी जानकारी, समय-सारणी, सीट मैट्रिक्स और नियमों का प्रकाशन विभागीय वेबसाइट www.cgdme.in पर किया जाएगा। अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट का अवलोकन करते रहें।
अधिकारियों-कर्मचारियों को रंगों में बांटने का विरोध, रंग-बिरंगे फीते वाले आई कार्ड पर कर्मचारी संघ ने दी चेतावनी
रायपुर। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय जहाँ फाइलें नाचती हैं, और कुर्सियाँ सलामी देती हैं. अब रंग-बिरंगे फीतों के तमाशे का नया रंगमंच बन गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने एक ऐसा फरमान जारी किया है जिससे मंत्रालय की गलियारों में होली का माहौल बन गया.
परिचय पत्र अब RFID, QR कोड, और होलोग्राम के ताम-झाम से सजे होंगे, लेकिन असल चीज फीतों का रंग है, जो अधिकारियों-कर्मचारियों का रुतबा तय करेगा. अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष कमल वर्मा ने कहा कि हम आइडी कार्ड का विरोध नहीं कर रहे हैं. हम आई कार्ड में लगने वाले फीते का विरोध कर रहे हैं, सभी का एक जैसे रंग का फ़ीता रखने की यह माँग कर रहे हैं, सरकारी कर्मचारियों के बीच इससे भेदभाव पैदा होगा.
अनुकंपा नियुक्ति में देरी पर हाईकोर्ट सख्त : DIGP और SP को जारी किया अवमानना नोटिस, जानिए पूरा मामला…
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अवमानना के एक गंभीर मामले में डीआईजीपी प्रशासन पारूल माथुर और जांजगीर एसपी विजय पांडे को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने दोनों अधिकारियों से मामले में जवाब मांगा है. पूरा मामला पामगढ़ वार्ड क्रमांक 16 के रहने वाले विक्की भारती से जुड़ा है.
विक्की के पिता की मृत्यु के बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्ति मिलनी थी. दरअसल, विक्की भारती के पिता को उनकी मृत्यु से पहले अनिवार्य सेवानिवृत्त कर दिया गया था, लेकिन बाद में छत्तीसगढ़ सरकार के गृह विभाग ने इस आदेश को निरस्त कर दिया था. इसके बाद हाईकोर्ट ने विक्की को अनुकंपा नियुक्ति का हकदार माना और आदेश दिया था कि उन्हें पुलिस विभाग में जल्द नियुक्त किया जाए.
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद तय 90 दिनों की समयसीमा गुजर जाने के बाद भी विक्की को नौकरी नहीं दी गई. इससे नाराज होकर विक्की भारती ने अपने अधिवक्ताओं अभिषेक पांडे और प्रिया अग्रवाल के माध्यम से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की.
जानिए अधिवक्ताओं ने क्या कहा
अधिवक्ताओं का कहना है कि राज्य के कई वरिष्ठ (IPS) अधिकारी हाईकोर्ट के आदेशों का समय पर पालन नहीं कर रहे हैं. इससे न्यायालय की अवमानना हो रही है. इससे कोर्ट में अवमानना याचिकाओं की संख्या और पेंडेंसी लगातार बढ़ती जा रही है. कोर्ट का कीमती समय भी बर्बाद हो रहा है. उन्होंने अदालत को बताया कि जुलाई 2025 तक हाईकोर्ट में 1,149 अवमानना याचिकाएं दाखिल हो चुकी है, जो चिंताजनक है.
क्या है कानून में सजा?
अधिवक्ताओं ने याचिका में कहा कि अवमानना अधिनियम की धारा 12 के तहत दोषी पाए जाने पर छह महीने की जेल या दो हजार रुपए जुर्माना या दोनों सजा का प्रावधान है. याचिका में मांग की गई कि पारूल माथुर और विजय पांडे पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोर्ट के आदेशों का सम्मान बना रहे. हाईकोर्ट ने याचिका को गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों को तत्काल नोटिस जारी कर जवाब देने का निर्देश दिया है.
प्रोफेसर कॉलोनी समेत निचली बस्तियों में पहुंची महापौर, जोन कमिश्नरों को पंप से पानी खाली कराने के दिए निर्देश
रायपुर। राजधानी में रातभर बारिश से प्रोफेसर कॉलोनी समेत निचली बस्तियों में जलभराव से परेशान लोगों ने आज सुबह नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की. चक्काजाम के बाद रायपुर महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप ने पार्षदों और जोन अधिकारियों के साथ जोन 5 और जोन 6 क्षेत्र में कुकरीपारा, प्रोफेसर कॉलोनी, परशुराम नगर सहित अन्य निचले क्षेत्रों में पहुंचकर जलभराव की समस्या का जायजा लिया.
महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप ने 5 और 6 जोन कमिश्नरों को तत्काल पंप लगाकर घर में भरे पानी को खींचकर बाहर फेंकवाना और लोगों को त्वरित राहत दिलवाने, जल का भराव वाले घरों में परिवारजनों को तत्काल लंच पैकेट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए.
महापौर और आयुक्त ने नगर निगम जोन 5 और जोन 6 के अधिकारियों को जलभराव क्षेत्रों का शीघ्र सर्वे कर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नए नाले का शीघ्र निर्माण करवाने का प्रस्ताव भेजने, संबंधित जलभराव क्षेत्रों में मानसून के दौरान विशेष सतर्कता और सजगता बनाए रखकर सफाई व्यवस्था दुरुस्त् करने एवं सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए.
महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों और जोनों में लगातार बारिश के दौरान हुए जलभराव की स्थिति की जानकारी जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों से ली. इस दौरान महापौर ने शहर में लगातार अच्छी सफाई व्यवस्था कायम करने, सतत मॉनिटरिंग कर सफाई संबंधित जनशिकायतों का जोन स्तर पर वार्ड पार्षदों से समन्वय रखकर यथासम्भव त्वरित निदान प्राथमिकता से सुनिश्चित करने निर्देशित किया.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी से अग्रसर: अब तक 4106 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त घोषित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य टीबी जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी और सुनियोजित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी व्यापक कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वित की जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के दिशानिर्देशन में 7 दिसंबर 2024 को "निक्षय-निरामय छत्तीसगढ़ – 100 दिवसीय अभियान" की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य था – टीबी के विरुद्ध जमीनी स्तर पर निर्णायक लड़ाई छेड़ना। अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में घर-घर जाकर उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करते हुए आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जांच कराई गई। इस अभियान के तहत 36 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, 4.5 लाख से अधिक एक्स-रे जांचें की गईं और 1.5 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच अत्याधुनिक ‘नॉट मशीन’ से की गई। यह व्यापक परीक्षण प्रक्रिया टीबी की शीघ्र पहचान और त्वरित उपचार के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई।
इस अभियान की सफलता में जनभागीदारी की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। स्वयं राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी मरीजों को गोद लेकर ‘निक्षय मित्र’ के रूप में पोषण आहार उपलब्ध कराने की पहल की। अब तक 15,000 से अधिक नए निक्षय मित्रों ने पंजीकरण कर 34,000 से अधिक मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की है। राज्य के सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, युवा वर्ग, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक इस अभियान में सक्रिय रूप से सहभागी बने हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर समाज के उन वर्गों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जो आमतौर पर स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रह जाते हैं – जैसे कि जेलों में बंद बंदी, वृद्धाश्रमों के बुजुर्ग, छात्रावासों में रह रहे छात्र तथा फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिक। इनके लिए विशेष शिविरों का आयोजन कर जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
इन समर्पित प्रयासों और सामूहिक भागीदारी का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राज्य को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। अब तक राज्य की 4106 ग्राम पंचायतों को "टीबी मुक्त" घोषित किया जा चुका है — जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जब शासन की प्रतिबद्धता और जनसहयोग एक साथ मिलते हैं, तब बदलाव सिर्फ लक्ष्य नहीं, उपलब्धि बन जाते हैं – और छत्तीसगढ़ इसका जीवंत उदाहरण बनने जा रहा है।
मुंबई-हावड़ा रूट पर चक्काजाम, जिला और निगम प्रशासन का सिस्टम फेल
रायपुर। मुंबई-हावड़ा हाईवे पर करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है. ये जाम कोई ट्रैफिक समस्या के वजह से नहीं है, बल्कि जलभराव से परेशान कॉलोनीवासियों के परिवार के साथ धरने पर बैठने की वजह से लगा है. 
बता दें कि यहां काली माता मंदिर के पास लोग सड़क पर बैठ गए है और इस रूट के दोनो तरफ गाड़ियां खड़ी हो गई है. हालांकि वहां जाम की सस्या को देखते हुए कुछ ट्रैफिक पुलिस के जवान पहुंचे है और उन्होंने अपने आला अधिकारियों को चक्काजाम किए जाने की जानकारी दे दी है.
प्रोफेसर कॉलोनी में बारिश के वक्त समस्या कोई नई नहीं
राजधानी में आज वामनराव लाखे वार्ड के अंतर्गत आने वाले प्रोफेसर कॉलोनी सेक्टर-3, गली नंबर 4 में थोड़ा बारिश होते नाली जाम एवं गली में पानी भरना कोई नई बात नहीं है. मोहल्लेवासियों का कहना है कि बारिश में वे पानी की समस्या से बहुत परेशान है. उन्होंने बताया कि यहां पर एक नाला तकनीकी दृष्टिकोण से गलत बनाया गया है, जिसके कारण पानी का निकासी नहीं हो पाता है, जिसके कारण बरसात में हल्की वर्षा होने के कारण यहां पर पानी भर जाता है. बरसात के दिनों में घरों के अंदर पानी भर जाता है.
मौलाना अब्दुल रउफ वार्ड के अंतर्गत आने वाले निचले बस्तियों में भी पानी भरने की शिकायत मिली है. समता कॉलोनी में भी नाले का निर्माण किया गया है. लेकिन यहां पर पानी भर गया है. वर्षा के कारण यत्रतंत्र गंदगी फैल गई है.





मिशन हास्पिटल कैंपस में लंबे समय से रह रहे 17 परिवारों को हाईकोर्ट से राहत, खाली करने के लिए मिली 30 दिन की मोहलत
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने मिशन हास्पिटल कैंपस में लंबे समय से रह रहे 17 परिवारों को बड़ी राहत दी है. परिसर खाली करने तहसीलदार द्वारा 48 घंटे का समय दिए जाने के निर्देश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की एकलपीठ ने मानवीय आधार पर 30 दिनों की मोहलत दी है. कोर्ट ने साफ किया कि तय समय के बाद यदि परिसर खाली नहीं किया गया, तो प्रशासन कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा.
मिशन हॉस्पिटल के केम्पस में रहने वाले शांति दानी, अमिता मसीह, शाहिद हुसैन, विनीत मसीह, शांता ब्राउन, अरशद हुसैन समेत अन्य लोगों को तहसीलदार नजूल ने 23 जुलाई को नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर जमीन खाली करने का निर्देश दिया था. इसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी. याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और नियमित रूप से बिजली बिल, हाउस टैक्स आदि का भुगतान करते आ रहे हैं. उनका आरोप था कि तहसीलदार ने बिना सुनवाई और छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 248 का पालन किए बिना मनमानी कार्रवाई की है. हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास एसडीएम के समक्ष अपील का विकल्प मौजूद है, इसलिए इस स्तर पर कोर्ट का हस्तक्षेप उचित नहीं है. हालांकि अदालत ने बरसात के मौसम और मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए याचिकाकर्ताओं को 30 दिन की अंतरिम राहत दी है.
दरअसल, मिशन अस्पताल की स्थापना वर्ष 1885 में हुई थी. मिशन अस्पताल के लिए सेवा के नाम से 11 एकड़ जमीन लीज पर दी गई थी. इसके लिए क्रिश्चियन वुमन बोर्ड ऑफ मिशन हॉस्पिटल बिलासपुर, तहसील व जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ को जमीन आवंटित की थी. यह मोहल्ला चांटापारा शीट नंबर 17, प्लाट नंबर 20/1 एवं रकबा 382711 एवं 40500 वर्गफीट है. 1966 में लीज का नवीनीकरण कर साल 1994 तक लीज बढ़ाई गई थी. जिसकी अवधि 31 अप्रैल 1994 तक के लिए थी. जिसमें मुख्य रूप से निर्माण में बदलाव एवं व्यवसायिक गतिविधियां बिना कलेक्टर की अनुमति के न किए जाने की शर्त थी.
30 वर्षों तक लीज का नहीं करवाया नवीनीकरण
लीज पर जमीन लेकर डायरेक्टर रमन जोगी ने इसे चौपाटी बनाकर किराए पर चढ़ा दिया था. एक रेस्टोरेंट का कैम्पस में संचालन किया जा रहा था. लीज की शर्तों का उल्लंघन कर व्यावसायिक उपयोग करने पर तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण की नजर पड़ी. लीज की अवधि बढ़ाने के समय इसमें कई शर्तें भी लागू की गई थी. पर शर्तों का उल्लंघन कर न केवल इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था. साथ ही किराए पर अन्य प्रतिष्ठानों को देकर इसे कमाई का माध्यम बना लिया गया था. 1994 को लीज खत्म होने के बाद 30 वर्षों तक लीज का नवीनीकरण नहीं करवाया गया था.
दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बने प्रधानमंत्री मोदी, 75% अप्रूवल रेटिंग के साथ टॉप पर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी न केवल भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं, बल्कि अब वे वैश्विक स्तर पर भी लोकप्रियता की नई ऊंचाई पर पहुंच चुके हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने अपने नेतृत्व में भारत को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया है। उनका विजन ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ आज एक भारत श्रेष्ठ भारत की नींव बन चुका है।” उन्होंने कहा कि श्री मोदी के कार्यकाल में 140 करोड़ भारतीयों का मान-सम्मान विश्वभर में बढ़ा है।
मुख्यमंत्री साय की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बिजनेस इंटेलिजेंस कंपनी मॉर्निंग कंसल्ट द्वारा जारी ताजा ग्लोबल लीडर अप्रूवल रेटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 75% अप्रूवल रेटिंग के साथ विश्व के शीर्ष नेता के रूप में स्थान मिला है।
बीजेपी के राष्ट्रीय आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस सर्वे को शेयर करते हुए कहा कि,“प्रधानमंत्री मोदी को भारत के 1 अरब से ज्यादा नागरिकों का प्यार और पूरी दुनिया में करोड़ों लोगों का सम्मान प्राप्त है। वे सबसे ज्यादा रेटिंग पाने वाले और सबसे भरोसेमंद वैश्विक नेता हैं। भारत सुरक्षित हाथों में है।”
अन्य वैश्विक नेताओं की रेटिंग:
दक्षिण कोरिया के ली जे-म्युंग – 59%
अर्जेंटीना के जेवियर मिलेई – 57%
कनाडा के मार्क कार्नी – 56%
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप – 44% (8वां स्थान)
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी – 40% (10वां स्थान)
यह सर्वे 4 से 10 जुलाई 2025 के बीच किया गया था और इसके नतीजे स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक नेतृत्व के नए मानदंड स्थापित कर रहे हैं।
मोबाइल-घड़ी-पर्स बैन, चप्पल व हाफ शर्ट पहनकर ही मिलेगी एंट्री, 10:30 बजे बंद होगा गेट, व्यापम ने परीक्षा को लेकर लगायी सख्त पाबंदियां
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कल 27 जुलाई (रविपवार) को एक साथ आयोजित होने जा रही आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। परीक्षार्थियों को कई सख्त नियमों और पाबंदियों से गुजरना होगा। सबसे सख्त निर्देश है – परीक्षा केंद्र में सिर्फ चप्पल पहनकर ही प्रवेश मिलेगा, मोबाइल, घड़ी, बेल्ट, पर्स और गहनों की सख्त मनाही रहेगी। कदाचार रोकने के लिए कई पाबंदियां लगायी गयी है। छत्तीसगढ़ के 31 जिलों में एक साथ आयोजित हो रही इस परीक्षा में बिलासपुर जिले में सर्वाधिक 34,440 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इसके लिए 110 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
परीक्षा का समय और गेट क्लोजिंग:
परीक्षा दोपहर 1 बजे शुरू होगी, लेकिन मुख्य गेट सुबह 10:30 बजे ही बंद कर दिया जाएगा।अभ्यर्थियों को कम से कम दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है ताकि सभी सुरक्षा जांच समय पर पूरी हो सके।
सुरक्षा जांच और पाबंदियां:
- हर परीक्षा केंद्र पर मोबाइल जैमर लगाए जाएंगे ताकि कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण काम न करे।
- सभी परीक्षार्थियों की हैंड मेटल डिटेक्टर और शारीरिक तलाशी (फ्रिस्किंग) से जांच की जाएगी।
- महिला अभ्यर्थियों की तलाशी महिला पुलिसकर्मी लेंगी।
क्या-क्या नहीं ले जा सकते:
- मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, पर्स, बेल्ट, टोपी, पाउच, गहने (बालियां, ईयररिंग्स)
- परीक्षा हॉल में किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या धातु से बनी वस्तुएं पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
ड्रेस कोड:
- हल्के रंग के आधी बांह के कपड़े पहनना अनिवार्य है।
- केवल चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में एंट्री दी जाएगी।
धार्मिक/सांस्कृतिक पहनावा
यदि कोई अभ्यर्थी धार्मिक या सांस्कृतिक कारणों से विशेष पहनावा पहनता है, तो उसे जल्दी पहुंचने की सलाह दी गई है, क्योंकि अतिरिक्त जांच की जाएगी।परीक्षा के दौरान चिल्लाना, फुसफुसाना या इशारों में बात करना सख्त वर्जित रहेगा।नकल या किसी भी अनुचित साधन का प्रयोग करने पर अभ्यर्थी की उम्मीदवारी तत्काल रद्द कर दी जाएगा। प्रत्येक कक्ष में दीवार घड़ी लगी होगी ताकि परीक्षार्थी समय पर नजर रख सकें।
