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सुरक्षाबलों ने खूंखार माओवादी हिड़मा को मार गिराया, सुकमा-आंध्र प्रदेश की सीमा पर मुठभेड़ में जवानों को मिली बड़ी कामयाबी, हिड़मा सहित 6 ढेर
बस्तर। छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश की सीमा पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू (ASR) जिले के मारेदुमिल्ली इलाके में चल रहे इस ऑपरेशन में अब तक 6 नक्सली मारे गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार मारे गए नक्सलियों में कई बड़े कैडर के सदस्य शामिल हैं। इनमें कुख्यात कमांडर माडवी हिडमा, उसकी पत्नी राजे और सब जोनल कमेटी मेंबर (SZCM) टेक शंकर के भी ढेर होने की सूचना है।
कुख्यात हिडमा का अंत?
सूत्रों के अनुसार आंध्र प्रदेश की स्पेशल ग्रेहाउंड फोर्स ने इस ऑपरेशन में CPI (माओवादी) की PLGA बटालियन नंबर 1 के प्रमुख और केंद्रीय समिति सदस्य माडवी हिडमा (43) को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में उसे केंद्रीय समिति (CC) का सदस्य भी बनाया गया था। उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और वह 200–250 हथियारबंद नक्सलियों के साथ चलता था।
जानिए कौन था हिडमा
हिडमा, जो कम से कम 26 घातक हमलों के लिए ज़िम्मेदार था— जिनमें 2013 दरभा घाटी नरसंहार और 2017 सुकमा हमले शामिल हैं — लंबे समय से सुरक्षा बलों की निगरानी में था।
मुख्य तथ्य:
• जन्म: 1981, पूवर्ति, सुकमा (छत्तीसगढ़)
• पद: पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का प्रमुख — माओवादियों की सबसे घातक हमलावर इकाई।
• वह CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य था।
• वह बस्तर क्षेत्र से सेंट्रल कमेटी में शामिल होने वाला एकमात्र आदिवासी था।
• उसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
• हिड़मा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजे (राजक्का) भी मारी गई।
• असली नाम: संतोष
मुख्य हमले जिनमें वह शामिल था
• 2010 दंतेवाड़ा हमला: 76 सीआरपीएफ जवान शहीद
• 2013 झीरम घाटी नरसंहार: 27 लोग मारे गए, जिनमें शीर्ष कांग्रेसी नेता शामिल
• 2021 सुकमा-बीजापुर मुठभेड़: 22 सुरक्षा कर्मी शहीद
मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। वहीं छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
IG सुंदरराज पी का बयान
सीमावर्ती क्षेत्र से एक बेहद अहम सूचना सामने आ रही है। आधिकारिक पुष्टि और औपचारिक घोषणा की प्रतीक्षा है, पर शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह कदम वामपंथी उग्रवाद के उन्मूलन में देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन सकता है।
ध्वनि प्रदूषण पर हाईकोर्ट में सुनवाई : कोर्ट ने पूछा – ध्वनि प्रदूषण को लेकर सरकार का क्या रोडमैप है?
बिलासपुर। उच्च न्यायालय में प्रदेश में ध्वनि प्रदूषण को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश विभु दत्त गुरु की डिवीजन बेंच पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने पूछा, ध्वनि प्रदूषण को लेकर राज्य सरकार का क्या रोडमैप है..? कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 में संशोधन पर भी जवाब मांगा।
महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण विनियमन एवं नियंत्रण नियम, 2000 के अनुरूप कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में आवश्यक संशोधन करने के लिए गठित समिति की बैठक हुई है। शीघ्र ही कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में उक्त संशोधन किए जाएंगे।
वहीं उच्च न्यायालय में इस जनहित याचिका का एक और विषय है लेसर लाइटिंग। कोर्ट में कहा गया कि लेजर लाइटनिंग के कारण नागरिकों की आंखें प्रभावित हो रही है, जिससे उनके रेटिना और कॉर्निया को नुकसान पहुंच रहा है, लेकिन इसका कोई साइंसटिफिक डेटा पेश नहीं है।
कोर्ट में यह भी बताया गया कि उपरोक्त मुद्दा इस न्यायालय द्वारा पहले भी उठाया गया था, जैसा कि इस न्यायालय के दिनांक 21/10/2024 के आदेश से परिलक्षित होता है और ऐसा प्रतीत होता है कि त्योहारों और विवाह समारोहों में डीजे साउंड सिस्टम बजने पर उपयोग की जाने वाली उक्त लेजर लाइटों पर अंकुश लगाने के लिए कोई रोडमैप तैयार नहीं किया गया है। इसके मद्देनजर प्रमुख सचिव, (गृह), छत्तीसगढ़ सरकार इस संबंध में अपना व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल किया, लेकिन लेजर लाइटिंग को रोकने कोई रूल्स और रेगुलेशन नहीं है। न्यायालय ने लेसर लाइटिंग को लेकर उचित अध्ययन और प्रायोगिक डेटा पेश करने का निर्देश दिया है और कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के संशोधन किए जाने की जानकारी पेश करने का आदेश दिया है। वहीं अगली सुनवाई 12 दिसंबर 2025 को निर्धारित की है।
सिम्स में उपकरण खरीदी मामले में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, CGMSC ने कहा – 5 करोड़ की मशीनें खरीदने टेंडर प्रक्रिया जारी
बिलासपुर। सिम्स में उपकरण खरीदी के मामले में हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। सीजीएमएससी की ओर से बताया गया कि सिम्स के लिए 5 करोड़ के उपकरण खरीदी कि लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। कंपनी के चयन के बाद आवश्यक मशीनों की खरीदी की जाएगी। दूसरे अस्पतालों में भी जरूरत अनुसार उपकरण खरीदे जाएंगे। हाईकोर्ट ने प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश देते हुए 9 दिसंबर को अगली सुनवाई तय की है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट की ओर से कहा गया कि चिकित्सा उपकरण जल्द से जल्द खरीदे जाएं, ताकि मरीजों को लाभ मिले।सभी संबंधित विभाग मिलकर धनराशि जारी करने और उच्च तकनीक वाले चिकित्सा उपकरणों की खरीद में तेजी लाने के लिए काम करें। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने सिम्स के डीन, स्वास्थ्य विभाग के सचिव और छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवा निगम लिमिटेड (सीजीएमएससी) के प्रबंध निदेशक द्वारा दायर अलग-अलग हलफनामों की समीक्षा की।
उल्लेखनीय है कि सिम्स में मरीजों की जांच पुराने उपकरणों से हो रही है। पिछली सुनवाई के दौरान सिम्स प्रबंधन ने चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक बनाने और जांच प्रक्रिया को तेज करने के लिए शासन को 15 करोड़ रुपए के दो अलग-अलग प्रस्ताव भेजने की जानकारी दी थी। साथ ही बताया था कि शासन से मंजूरी मिल गई है, लेकिन चार माह बाद भी सिम्स में उपकरणों की खरीदी नहीं की गई है। इसके कारण मजबूरी में डाक्टरों को पुरानी मशीनों से ही काम चलाना पड़ रहा है।
कोर्ट ने कहा है कि सिम्स इस क्षेत्र का एकमात्र शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल है, जहां दूर-दराज से मरीज इलाज के लिए आते हैं। जब सरकार ने बजट दे दिया है तो मशीनें लगाने में देरी क्यों हो रही है। डिवीजन बेंच ने यह भी कहा कि पुरानी मशीनों से जांच परिणाम प्रभावित हो सकते हैं, जिससे आम मरीजों के इलाज पर असर पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि सिम्स के डीन ने पिछली सुनवाई में रोगियों की देखभाल और अन्य कई सुधारों पर जवाब दिया था। स्वास्थ्य विभाग ने कोर्ट को बताया कि 17 दिसंबर, 2024 को 4.99 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई थी और यह राशि 28 फरवरी 2025 को उपकरण खरीद के लिए सीजीएमएससीएल को हस्तांतरित कर दी गई थी। मुख्यमंत्री जन स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण कोष के अंतर्गत 9.81 करोड़ रुपये की लागत वाले उपकरणों की एक अलग सूची भी राज्य नोडल एजेंसी को अनुमोदन के लिए भेजी गई है।
रायपुर समेत पूरे प्रदेश की जनता सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं की हकदार :सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों मेकाहारा और DKS की व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार, विस्तार और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु आज रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, मेकाहारा अस्पताल, डेंटल कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज एवं डीकेएस चिकित्सालयस्वशासित समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़, सक्षम और जनता को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अनेक ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए गए। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने चिकित्सा व्यवस्था में हो रही देरी, रीजेंट व दवाइयों की कमी, और आवश्यक उपकरणों की खराब स्थिति पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा कि “मरीज का जीवन सर्वोपरि है, एक दिन की देरी भी किसी की जान ले सकती है… किसी भी स्थिति में टेस्ट या मशीनें बंद नहीं होनी चाहिए।”
रीजेंट, उपकरण व दवाइयों की खरीद
बैठक में CGMSC की एनओसी में अनावश्यक विलंब पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्णय लिया गया कि, 3 दिनों में एनओसी न मिले तो उसे स्वतः स्वीकृति माना जाएगा और अस्पताल प्रबंधन ऑटोनॉमस फंड के माध्यम से तत्काल दवाइयों व रीजेंट की खरीदी कर सकता है
जब तक खरीदी पूरी नहीं होती, रीजेंट रेंटल मोड पर टेस्ट जारी रखने का निर्देश।
सांसद ने कहा “जहां पैसे की कमी हो, वहां तुरंत ऑटोनॉमस फंड से खरीद कर लें, बाद में समायोजन किया जाएगा।”
इसके लिए डीन को 20 लाख रुपए और विभागाध्यक्ष को एक लाख रुपए विवेकानुसार खर्च करने का अधिकार प्रदान किया गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर एवं मेडिकल सुविधाओं का विस्तार
बैठक में मेकाहारा में अतिरिक्त क्रिटिकल केयर यूनिट व ट्रॉमा सेंटर निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई। साथ ही निर्णय लिया गया कि,
मेडिकल कॉलेज के सभी क्लासरूम को स्मार्ट क्लास मानक में अपग्रेड करने हेतु 1 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।
जिम का निर्माण शीघ्र पूरा करने के निर्देश।
इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में वेंटिलेशन और मैट बिछाने के आदेश।
फायर फाइटिंग व अलार्म सिस्टम को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा।
DRDL लैब का कार्य 6 माह में प्रारंभ।
250 सीट की नई लेक्चर हॉल की मंजूरी।
CGMSC स्किल लैब, योग एवं मेडिटेशन सेंटर, एनिमल हाउस की स्वीकृति।
मशीनें, जांच और तकनीक
- हॉस्पिटल के बंद पड़े गामा कैमरा व पैट स्कैन पर नाराजगी जताते हुए उसे भारत सरकार के उपक्रम HLL के माध्यम से स्थापित किया जाएगा; यदि प्रक्रिया लंबित रही तो डीन को टेंडर निकालने का अधिकार।
- बंद मशीनों को चालू करने हेतु CMC को शक्तियाँ प्रदान।
- STP एवं मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल सिस्टम को आधुनिक रूप से स्थापित करने के निर्देश।
- एक वर्ष का CCTV फुटेज सुरक्षित रखने व कंट्रोल रूम से निगरानी का आदेश।
शिक्षा, कोर्स एवं युवा लाभ
बैठक में मेडिकल कॉलेज में लैब टेक्नीशियन, MRI, X-ray टेक्नीशियन सहित एक दर्जन से अधिक नए पैरामेडिकल कोर्स शुरू होंगे।इससे युवाओं को रोज़गार और कॉलेज को अतिरिक्त फंड मिलेगा।
प्रशासन व सुविधाएँ
- पोस्टमार्टम के लिए ₹250 प्रति पीएम का इंसेंटिव देना का निर्णय लिया गया
- संविदा डॉक्टर यदि एक वर्ष के भीतर छोड़ते हैं तो एक माह का वेतन रोके जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
- 36 लाख रुपए की लागत से पार्किंग व कैंटीन निर्माण।
- डॉक्टर-स्टूडेंट्स के लिए सस्ता भोजन उपलब्ध कराने हेतु ओपन रेस्टोरेंट के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।
DKS हॉस्पिटल के प्रमुख निर्णय
DKS हॉस्पिटल में डायलिसिस की 54 में से 45 मशीनें खराब हैं और 35 में से 18 वेंटिलेटर खराब है जिस पर नाराजगी जताते हुए उन्हें तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए। वहीं बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को LOI प्रक्रिया से तत्काल शुरू करने के निर्देश।
विभागों में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती को मंजूरी। सिस्टम को सरल व पारदर्शी बनाने पर जोर।
सांसद बृजमोहन की दृढ़ प्रतिबद्धता
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा—“रायपुर व पूरे प्रदेश की जनता सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं की हकदार है। कोई भी काम पैसे की कमी के कारण नहीं रुकना चाहिए। हमारा लक्ष्य है—मेकाहारा और DKS को देश के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों की श्रेणी में लाना।”
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ मिलकर सभी विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध कार्य, पारदर्शिता और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने का कड़ा निर्देश दिया। बैठक में विधायक सुनील सोनी समेत विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
काम पर लौटे सहकारी समितियों के कर्मचारी, कलेक्टर बोले –
मुंगेली। धान खरीदी व्यवस्था को लेकर शासन की सख्ती का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। मुंगेली जिले में हड़ताल पर गए सहकारी समितियों के कर्मचारी वापस काम पर लौट गए हैं। प्रशासनिक दबाव और लगातार निगरानी के बीच धान खरीदी से जुड़े सभी प्रबंधकों और कम्यूटर ऑपरेटरों ने अपनी ड्यूटी फिर से जॉइन कर ली है। कलेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि जिले की धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए इन कर्मचारियों का वापस आना एक सकारात्मक कदम है। जिन कर्मचारियों ने धान खरीदी कार्य में शामिल होकर अपनी जिम्मेदारी निभाई है, उनका स्वागत और अभिनंदन है।
इधर सोमवार को जिले के प्रभारी सचिव चंदन कुमार भी मुंगेली जिले के दौरे पर रहे। उन्होंने दर्जनभर धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया और अब अधिकतर हड़ताली कर्मचारी ड्यूटी पर लौट आए हैं, जिससे सिस्टम फिर से रफ्तार पकड़ रहा है।
इस बीच प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई भी की है। धान खरीदी की समीक्षा बैठक से नदारद रहने वाले 6 जिला नोडल अधिकारियों को एस्मा के तहत नोटिस जारी किया गया है। साथ ही एक दिन का वेतन काटने के भी निर्देश दे दिए गए हैं। इस कार्रवाई ने विभागीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है।

कलेक्टर ने साफ कहा है कि धान खरीदी शासन की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी नोडल अधिकारियों और समिति कर्मचारियों को निर्धारित समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहते हुए किसानों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में धान खरीदी जारी है और प्रशासन का कहना है कि अब व्यवस्था तेजी से सामान्य हो रही है।
प्रभारी सचिव ने धान खरीदी केंद्रों का किया निरीक्षण
जिले के प्रभारी सचिव चंदन कुमार ने कलेक्टर कुन्दन कुमार के साथ विभिन्न धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने चन्दखुरी, सरगॉव, सांवा, जुनवानी, पथरिया, नवागॉव चीनू, लालाकापा उपार्जन केन्द्र सहित और सहकारी समिति दाउपारा का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रभारी सचिव ने खरीदी केन्द्रों में पंजीकृत किसानों की संख्या एवं रकबा, बारदाना एवं ड्रेनेज की व्यवस्था, तिरपाल, सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था, किसानों के लिए बैठक व्यवस्था, छाया, पेयजल आदि के संबंध में जानकारी ली और बारदाना, कैप कव्हर, ड्रेनेज की व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ सरकार द्वारा तय मापदंडों के अनुरूप सटीक तौल सुनिश्चित करने तथा सुव्यवस्थित स्टेकिंग करने के निर्देश दिए।

धान खरीदी के सुचारू क्रियान्वयन के संबंध में ली बैठक
जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी कार्य को सुचारू एवं बेहतर तरीके से क्रियान्वयन के संबंध में जिले के प्रभारी सचिव चंदन कुमार ने जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जीरो शॉर्टेज के लक्ष्य को हासिल करने धान खरीदी केन्द्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने दैनिक आधार पर रकबा समर्पण एवं सुव्यवस्थित स्टैकिंग करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रभारी सचिव ने जिले में एग्रीस्टेक के अंतर्गत किसानों के पंजीयन, गिरदावरी सत्यापन की प्रगति, खरीदी केन्द्रों में बारदाना की व्यवस्था आदि के सम्बन्ध में जानकारी ली। साथ ही मिलर पंजीयन के संबंध में आ रही समस्याओं के बारे में पूछा और आवश्यक समाधान करने की बात कही। प्रभारी सचिव ने जिले में अवैध धान के परिवहन रोकने के लिए गठित उड़नदस्ता दल के संबंध में जानकारी ली तथा सभी दलों को सक्रियता से बेहतर मॉनिटरिंग करने निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने दिया इस्तीफा, पिछले साल ही सरकार ने की थी नियुक्ति
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने महाधिवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र राज्यपाल को सौंपा है। बता दें कि जनवरी 2024 में राज्य सरकार ने उनकी नियुक्ति की थी। मंत्रिपरिषद की बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगने के बाद विधि विधायी विभाग ने पदस्थापना आदेश जारी किया था।
जगदलपुर के हैं मूल निवासी, जबलपुर हाईकोर्ट से प्रारंभ की वकालत
प्रफुल्ल एन भारत मूलत: जगदलपुर के रहने वाले हैं। विधि की डिग्री लेने के बाद उन्होंने जबलपुर हाईकोर्ट से वकालत प्रारंभ की। पांच साल तक जबलपुर हाईकोर्ट में वकालत करते रहे। इसी बीच छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्थापना हुई। इसके बाद वे जबलपुर से बिलासपुर आ गए। यहां वकालत प्रारंभ की। महाधिवक्ता रविंद्र श्रीवास्तव के कार्यकाल में पहले पैनल लायर बने फिर अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद पर कार्य प्रारंभ किया।
राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही महाधिवक्ता व अन्य विधि अधिकारियों के साथ ही उन्होंने पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद निजी वकालत करते रहे। राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद एक बार फिर उन्हें महाधिवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

माओवाद समाप्ति की ओर, ‘नियद नेल्लानार’ योजना से ग्रामीणों को मिल रहा लाभ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। बस्तर में नक्सलवाद तेजी से समाप्ति की ओर अग्रसर है। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीणों को शासन की मूलभूत योजनाओं से तेजी से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह बस्तर को भी विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाना है। प्रदेश सरकार ने लगभग दो वर्षों की अल्पावधि में ही अधिकांश गारंटियों को पूरा कर लिया है तथा छत्तीसगढ़ को समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज कोण्डागांव में गाड़ा समाज द्वारा आयोजित बूढ़ादेव महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर 127 करोड़ रुपए के 61 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने कोनगुड़ से धनोरा मार्ग निर्माण हेतु 90 लाख रुपए, केशकाल से विश्रामपुरी मार्ग के लिए 39 करोड़ रुपए, तथा ग्राम कुधूर में अनुसूचित जनजाति बालिका 100 सीटर छात्रावास के लिए 2.71 करोड़ रुपए की घोषणा की। उन्होंने बहुउद्देशीय केंद्र, दिव्यांग सेंटर और कोचिंग सेंटर संचालित करने हेतु 1.5 करोड़ रुपए प्रदाय करने की बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में कॉफी टेबल बुक (Journey of Dignity: Story of NRLM Kondagaon), प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल पुस्तिका, उच्च जोखिम गर्भावस्था हेतु हेल्पलाइन नंबर, हेलमेट बैंक तथा सुपोषित विकास चार्ट का भी विमोचन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में रजत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों की कमी नहीं है, यहां की मिट्टी अत्यंत उर्वरा है। प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। किसानों से 15 नवम्बर से धान खरीदी शुरू कर दी गई है। महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता संग्राहक कल्याण योजनाएँ और चरण पादुका योजना के तहत लगातार हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अच्छा किसान, व्यवसायी, जनसेवक या राजनेता बनने के लिए उत्तम शिक्षा अनिवार्य है। इसलिए सभी लोग बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें।
विधायक लता उसेंडी ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आगमन पर पारम्परिक वाद्ययंत्र मोहरी का सामूहिक वादन कर आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने बूढ़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना भी की।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद महेश कश्यप, सांसद भोजराज नाग, विधायक नीलकंठ टेकाम, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, जिला पंचायत अध्यक्ष रीता शोरी, कमलचंद्र भंजदेव, पूर्व सांसद मोहन मण्डावी, पूर्व विधायक शिशुपाल शोरी तथा गांडा समाज के पदाधिकारी प्रदीप कुलदीप, डॉ. किरण बघेल और अशोक चौहान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जन उपस्थित थे।
मेडिकल कॉलेजों में 125 सहायक प्राध्यापकों की होगी भर्ती, CGPSC ने जारी किया विज्ञापन
रायपुर। स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने और मेडिकल शिक्षा को आधुनिक मानकों पर सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 125 सहायक प्राध्यापक पदों पर सीधी भर्ती की घोषणा की है। विभिन्न विषयों में बड़ी संख्या में पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें पैथोलॉजी, मेडिसिन, सर्जरी, बालरोग, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, गायनेकोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन, फॉरेंसिक मेडिसिन, माइक्रोबायोलॉजी, फिजियोलॉजी, एनाटॉमी जैसे प्रमुख विभाग शामिल हैं।
राज्य के 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के 35 विभागों में 125 सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने विज्ञापन जारी किया है। इसमें ऑनलाइन आवेदन 25 नवंबर से 24 दिसंबर 2025 तक छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा उपलब्ध लिंक पर किए जा सकेंगे। इन 125 पदों में 45 अनारक्षित, 21अजा, 43 अजजा, 16 अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अवसर प्रदान किए गए हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : सीएम साय
इस भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में लंबे समय से रिक्त पड़े पद भरेंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे प्रदेश के भविष्य के डॉक्टरों को उच्च स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रख रही है और यह भर्ती प्रदेश के लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा का आधार मजबूत करेगी।
मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी होगी दूर : स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर सहायक प्राध्यापकों की भर्ती से मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी दूर होगी, जिससे छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा। साथ ही अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा, सरकार का यह निर्णय छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य ढांचे को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला है। यह कदम साबित करता है कि प्रदेश सरकार मेडिकल सेक्टर को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं में आम जनता को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
घूसखोर अफसर ने रिपोर्ट देने के बदले मांगे 30 हजार रुपये, रंगेहाथों एसीबी ने किया गिरफ्तार
सुकमा। रिश्वतखोरी के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की लगातार कार्रवाई जारी है। आज टीम ने सुकमा के छिंदगढ़ ब्लॉक मुख्यालय में छिंदगढ़ स्थित सब इंजीनियर प्रदीप बघेल के घर दबिश दी और उसे 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। मौके से रकम, दस्तावेज और मोबाइल जब्त किया गया। इस कार्रवाई से इलाके में अफसरों से लेकर कर्मचारियों तक हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, एसीबी जगदलपुर की टीम दोपहर करीब डेढ़ बजे छिंदगढ़ मुख्यालय में आरईएस कॉलोनी स्थित सब इंजीनियर प्रदीप बघेल के सरकारी क्वार्टर पहुंची। सब इंजीनियर बघेल एक कार्य का भुगतान करने के एवज में रिश्वत की रकम मांग रहे थे। शिकायत की पुष्टि होने पर टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
पुलिया निर्माण के भुगतान के लिए मांग रहा था 5 परसेंट
बताया जा रहा है सब इंजीनियर छिंदगढ़ ब्लॉक के चियूरवाडा पंचायत में पुलिया निर्माण से संबंधित भुगतान के लिए 5 परसेंट की रिश्वत मांग रहे थे। इसे लेकर संबंधित चिउड़वाड़ा पंचायत सचिव लंबे समय से सब इंजीनियर प्रदीप बघेल के चक्कर काट रहे थे। सब इंजीनियर ने बिना पैसे लिए चेक काटने से मना कर दिया था। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय राशि सब इंजीनियर बघेल को देने के लिए हाथ बढ़ाया, रकम हाथ में लेते ही बघेल को एसीबी की टीम ने धर दबोचा।
शासकीय जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल के शताब्दी वर्ष समारोह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जगदलपुर में शासकीय जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल के शताब्दी वर्ष समारोह कार्यक्रम में आज शामिल हुए। बस्तर हाईस्कूल के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यालय परिवार को शताब्दी वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है, शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। भारत में प्राचीन काल से ही शिक्षा का अत्यधिक महत्व रहा है। नालंदा और तक्षशिला जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में विदेशों से विद्वान ज्ञानार्जन के लिए आते थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में बस्तर हाईस्कूल तथा कांकेर के नरहरदेव विद्यालय जैसे संस्थान शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1926 में जब इस विद्यालय का निर्माण हुआ होगा, तब संसाधनों का अत्यधिक अभाव रहा होगा, लेकिन पिछले सौ वर्षों की विकास यात्रा में इस विद्यालय ने अनगिनत होनहार छात्र-छात्राओं को तैयार किया है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर विद्यालय का नाम रोशन किया है। आज उनमें से अनेक पूर्व छात्र इस समारोह में सम्मिलित हुए हैं। उन्होंने संस्था के निरंतर प्रगति के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य गठन के पच्चीस वर्ष पूर्ण होने पर सभी को बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल के जीर्णोद्धार हेतु डेढ़ करोड़ रुपए तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही विद्यालय की अन्य सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता से पूरा करने का आश्वासन दिया।



मुख्यमंत्री श्री साय ने इस कार्यक्रम में शैलेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा विद्यालय को प्रदान किए गए दो ड्रोन टोकन स्वरूप प्रदान किए, साथ ही शैलेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा विद्यालय को 50 ड्रोन उपलब्ध कराने की सहमति भी दी गई, जिससे तकनीकी शिक्षा को और प्रोत्साहन मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जगतु माहरा शासकीय बहुउद्देश्यीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जगदलपुर में शताब्दी समारोह पट्टिका का अनावरण किया। उन्होंने स्वर्गीय ठाकुर देवेन्द्र सिंह और स्वर्गीय शारदा ठाकुर की स्मृति में निर्मित दो स्मार्ट क्लासों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' अंतर्गत परिजात प्रजाति के पौधे का रोपण किया।
शताब्दी समारोह के ध्वजारोहण के साथ विद्या-दायिनी मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की स्मारिका का भी विमोचन किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी के पिता की स्मृति में आयोजित न्योता भोज कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों को भोजन परोसा। इसके अलावा जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल के वे सात पूर्व छात्र, जो पुलिस और सुरक्षा बल में सेवा के दौरान शहीद हुए, उनके छायाचित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विद्यालय के शताब्दी समारोह के लिए बधाई देते हुए कहा कि आजादी से पहले 1926 में आरंभ हुए इस ऐतिहासिक विद्यालय के लिए यह दिन अत्यंत गौरवशाली है। पूर्व शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा पूर्व छात्रों के लिए यह यादगार लम्हा है। उन्होंने कहा कि इस संस्था से शिक्षा पाकर अनेक छात्र-छात्राएँ विभिन्न सेवाओं के माध्यम से समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने वर्तमान में अध्ययनरत विद्यार्थियों को वरिष्ठजनों से सीखने का आग्रह किया और विद्यालय की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने का भरोसा दिलाया।
विद्यालय के पूर्व छात्र और विधायक जगदलपुर किरण देव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अविभाजित बस्तर जिले में बस्तर हाईस्कूल और कांकेर का नरहरदेव हाईस्कूल ही प्रमुख शिक्षा संस्थान थे, जहाँ समूचे अंचल के विद्यार्थी अध्ययन करते थे। उन्होंने बताया कि इस संस्था के पूर्व छात्र आज आईएएस, डॉक्टर, इंजीनियर, प्राध्यापक, सफल व्यवसायी और उद्यमी के रूप में समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने पुराने शिक्षक-शिक्षिकाओं के योगदान को नमन किया और विद्यालय के जीर्णोद्धार तथा अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति का अनुरोध किया। कार्यक्रम के आरंभ में विद्यालय के प्राचार्य बी.एस. रामकुमार ने प्रतिवेदन के माध्यम से स्कूल के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद (बस्तर) महेश कश्यप, विधायक (चित्रकोट) विनायक गोयल, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर संजय पाण्डे, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरिस एस., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित विद्यालय के पूर्व तथा वर्तमान छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
पंडुम कैफे का शुभारंभ बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रेरक प्रतीक – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर में सामाजिक-आर्थिक बदलाव के नए अध्याय की शुरुआत करते हुए आज जगदलपुर में ‘पंडुम कैफ़े’ का शुभारंभ किया। यह कैफ़े नक्सली हिंसा के पीड़ितों और समर्पण कर चुके सदस्यों के पुनर्वास हेतु छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका प्रदान करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। यह अनूठी पहल संघर्ष से सहयोग तक के प्रेरणादायक सफर को दर्शाती है।‘पंडुम कैफ़े’ जगदलपुर के पुलिस लाइन परिसर में स्थित है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘पंडुम कैफे’ में कार्यरत नारायणपुर की फगनी, सुकमा की पुष्पा ठाकुर, बीरेंद्र ठाकुर, बस्तर की आशमती और प्रेमिला बघेल के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत की। उन्होंने नई शुरुआत के लिए उनका हौसला बढ़ाया और ‘पंडुम कैफ़े’ के बेहतर संचालन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पंडुम कैफ़े का शुभारंभ बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का एक प्रेरक प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने श्री साय ने कहा कि पंडुम कैफे आशा, प्रगति और शांति का उज्ज्वल प्रतीक है। कैफे में कार्यरत युवा, जो नक्सली हिंसा के पीड़ित तथा हिंसा का मार्ग छोड़ चुके सदस्य हैं, अब शांति के पथ पर अग्रसर हो चुके हैं। जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से उन्हें आतिथ्य सेवाओं, कैफ़े प्रबंधन, ग्राहक सेवा, स्वच्छता मानकों, खाद्य सुरक्षा और उद्यमिता कौशल का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति के पथ पर लौटे और कैफ़े में कार्यरत एक महिला ने इस अवसर पर भावुक होकर इस पुनर्वास पहल से हुए बदलाव की बात दोहराई। एक पूर्व माओवादी कैडर ने कहा कि,“हमने अपने अतीत में अंधेरा देखा था। आज हमें समाज की सेवा करने का यह अवसर मिला है, यह हमारे लिए एक नया जन्म है। बारूद की जगह कॉफी परोसना और अपनी मेहनत की कमाई से जीना—यह एहसास हमें शांति और सम्मान दे रहा है।”
एक अन्य सहयोगी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि,“पहले हम अपने परिवार को सम्मानजनक जीवन देने का सपना भी नहीं देख सकते थे। अब हम अपनी मेहनत से कमाए पैसों से घर के सदस्यों का भविष्य संवार सकते हैं। यह सब प्रशासन और इस कैफ़े की वजह से संभव हुआ है।”
एक अन्य सदस्य ने समुदाय के सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि,“हमें लगा था कि मुख्यधारा में लौटना आसान नहीं होगा, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन ने हमें प्रशिक्षण दिया और हमारा विश्वास जीता। सबसे बड़ी बात यह है कि हम अब पीड़ितों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे हमें अपने अतीत के अपराधों को सुधारने और शांति स्थापित करने का अवसर मिला है।”
उन्होंने यह भी बताया कि ‘पंडुम’ बस्तर की सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है, और इसकी टैगलाइन “जहाँ हर कप एक कहानी कहता है” इस बात का प्रतीक है कि यहाँ परोसी गई कॉफी सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष पर विजय और एक नई शुरुआत की कहानी भी अपने साथ लेकर आती है।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, जगदलपुर महापौर संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, संभागायुक्त डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., कलेक्टर हरिस एस., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
रायपुर में 3 दिसंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा वनडे मुकाबला: स्टूडेंट्स के लिए खास ऑफर, दिव्यांग बच्चों को मिलेगी FREE एंट्री
रायपुर। छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रेमियों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 3 दिसंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आयोजित किया जाएगा। दर्शकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बहुप्रतीक्षित मैच की टिकटें कब और कहां उपलब्ध होंगी। आइए, आपको इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।
कब से शुरू होगी टिकट की बिक्री ?
मुकाबले को लेकर सबसे बड़ी उत्सुकता टिकट बिक्री की है। टिकटों की ऑनलाइन बिक्री 22 नवंबर से शुरू होगी, जिसका आधिकारिक माध्यम वेबसाइट www.ticketgini.in होगा। ऑनलाइन टिकट खरीदना पहली प्राथमिकता होगी क्योंकि भीड़ अधिक होने की संभावना है।
फिजिकल टिकट 24 नवंबर से
जो लोग ऑफलाइन टिकट लेना पसंद करते हैं, उनके लिए भी अच्छी खबर है। 24 नवंबर से रायपुर के इंडोर स्टेडियम में फिजिकल टिकट उपलब्ध होंगे। दर्शक अपनी सुविधा के अनुसार दोनों तरीकों में से किसी का चयन कर सकेंगे।
टिकट प्राइस लिस्ट (स्टैंड–वाइस)
इस बार टिकट की कीमतें कैटेगरी के आधार पर तय की गई हैं। स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत यह है कि पिछली बार 1000 रुपए की टिकट अब 800 रुपए में उपलब्ध होगी। किसी भी छात्र को अपनी वैध स्टूडेंट ID दिखाकर सिर्फ एक टिकट खरीदने की अनुमति दी जाएगी।
आम दर्शकों के लिए स्टैंड टिकट
1500 रुपए
2500 रुपए
3000 रुपए
3500 रुपए
प्रिमियम कैटेगरी
सिल्वर: 6000 रुपए
गोल्ड: 8000 रुपए
प्लैटिनम: 10,000 रुपए
कॉरपोरेट बॉक्स: 20,000 रुपए
विश्व दिव्यांग दिवस पर खास पहल
3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस भी मनाया जाता है, और इसी अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने एक सराहनीय निर्णय लिया है। संघ दिव्यांग बच्चों को मैच मुफ्त में दिखाएगा और उनके आने-जाने के लिए बस की सुविधा भी प्रदान करेगा। यह कदम सामाजिक संवेदनशीलता और खेल को सभी वर्गों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
स्टेडियम में मैच की तैयारियां तेज
स्टेडियम प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर भी CSCS सक्रिय है। खेल विभाग, पुलिस, नगर निगम और अन्य आवश्यक विभागों को मेजबानी की जानकारी भेज दी गई है और उनकी सहायता मांगी गई है। स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरा उतारने के लिए सभी व्यवस्थाएं तय समय पर पूरी की जा रही हैं।
50–60 लाख रुपये का मेंटेनेंस बजट
15 दिनों में सभी काम पूरे करने का लक्ष्य
फ्लड लाइट पूरी तरह जनरेटर पर चलेंगी
सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्किंग और एंट्री गेट मैनेजमेंट के लिए पुलिस, नगर निगम व अन्य विभागों को सूचना भेज दी गई है.
क्यों खास है यह मुकाबला?
स्टेडियम पहली बार CSCS की पूर्ण जिम्मेदारी में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित कर रहा
हाल ही में स्टेडियम को 30 साल की लीज पर संघ को सौंपा गया
यहां टेस्ट क्रिकेट की संभावनाएं भी इसी फैसले से मजबूत हुई हैं
फैंस को लंबे समय बाद इस प्रतिष्ठित मैदान पर टीम इंडिया को लाइव देखने का मौका मिलेगा.
भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका वनडे और टी-20 सीरीज का शेड्यूल
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच इस समय दो मैचों की टेस्ट सीरीज जारी है। टेस्ट मुकाबलों के खत्म होते ही सीमित ओवरों की श्रृंखला शुरू होगी। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 30 नवंबर 2025 को रांची में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा वनडे 3 दिसंबर 2025 को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा। तीसरा और अंतिम वनडे 6 दिसंबर 2025 को विशाखापट्टनम (वाइजैक) में आयोजित किया जाएगा। सभी वनडे मुकाबले 3 दिसंबर की दोपहर 1:30 बजे से शुरू होंगे। हालांकि टॉस दोपहर 1:00 होगा।
टी-20 सीरीज का शेड्यूल
वनडे के बाद दोनों टीमों के बीच टी-20 सीरीज शुरू होगी। पहला टी-20 मुकाबला 9 दिसंबर 2025 को कटक में खेला जाएगा। दूसरा टी-20 11 दिसंबर को मुल्लांपुर में, जबकि तीसरा टी-20 14 दिसंबर को धर्मशाला में होगा। चौथा टी-20 17 दिसंबर को लखनऊ में निर्धारित है और श्रृंखला का पांचवां तथा अंतिम टी-20 मुकाबला 19 दिसंबर 2025 को अहमदाबाद में खेला जाएगा।
SIR के दौरान लापरवाही पर एक्शन, 9 पटवारियों को शो-कॉज नोटिस जारी
महासमुंद। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच महासमुंद जिले में SIR कार्य में लापरवाही सामने आने पर जिला निर्वाचन अधिकारी विनय लंगेह ने नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निर्देशों के पालन में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा बूथ लेवल अधिकारी के पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त कुल 9 पटवारियों को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के प्रावधानों के आधार पर कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी सचिन भूतड़ा ने बताया कि सरायपाली तहसील के 3, पिथौरा के 2, बागबाहरा के 1 एवं महासमुंद के 3 पटवारियों को यह कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी अधिकारियों को स्पष्टतः निर्देशित किया गया है कि एसआईआर राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, और इसे समय-सीमा में पूर्ण शुद्धता के साथ पूरा किया जाना है, उक्त कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही करने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए।
SIR से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां
मुद्रण एवं प्रशिक्षण कार्य – 28 अक्टूबर 2025 से 3 नवंबर 2025 तक
घर-घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य – 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक
मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025
दावे और आपत्तियों की अवधि – 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक
नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) – 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026
बिजली दरों में वृद्धि को लेकर कांग्रेस करेगी बड़ा प्रदर्शन
रायपुर। बिजली दरों को कम करने को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने 30 नवंबर तक बिजली दरें कम करने की मांग की है. वहीं चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर दिसंबर के दूसरे सप्ताह में सीएम हाउस का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बिजली बिल बढ़ोतरी किसी किमत पर मंजूर नहीं है. कोयले पर सेस खत्म हो गया है. बिजली उत्पादन राज्य होने के बावजूद बिजली महंगी क्यों? स्मार्ट मीटर लगने से जनता परेशान है. तुरंत बिजली बिल हाफ योजना लागू होनी चाहिए.
धान खरीदी को लेकर बैज ने सरकार पर साधा निशाना
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने धान खरीदी को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि 2700 केंद्रों में से 2500 से अधिक केंद्रों में खरीदी शुरू ही नहीं हुई है. सरकार की कोई तैयारी नहीं, ऑपरेटर–कर्मचारी हड़ताल पर हैं. सरकार बातचीत करने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने में लगी है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार नहीं चाहती कि किसानों का धान खरीदा जाए, क्योंकि उनके पास पैसा नहीं है. सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराने के बजाय उनके खिलाफ एफआईआर, गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है. तानाशाही रवैया छोड़कर सरकार बीच का रास्ता निकाले ताकि धान खरीदी सुचारू रूप से हो सके.
धान खरीदी में बिचौलिए सक्रिय, मामले में पीसीसी चीफ बैज ने कहा
धान खरीदी से जुड़े एक और गंभीर मुद्दे अवैध धान परिवहन मामले को लेकर पीसीसी चीफ ने कहा कि पहले ही दो दिन में 19 हजार क्विंटल से अधिक दूसरे राज्यों से आया धान पकड़ा गया. आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बिचौलियों से सौदा कर रही है. छत्तीसगढ़ का धान कम खरीदकर दूसरे राज्यों का धान खपाए जाने की कोशिश की जा रही है. सरकार मुनाफे के खेल में लगी है.
चुनाव आयोग के आंकड़े और जमीनी हकीकत में फर्क : बैज
प्रदेश में जारी SIR को लेकर पीसीसी चीफ बैज ने कहा कि चुनाव आयोग का कहना है कि 80% जगहों पर बीएलओ पहुंचे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत सिर्फ 25% है. राजधानी में बीएलओ को भाजपा पार्षद धमका रहे हैं. गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा विपक्षी मतदाताओं के नाम सूची से कटवाने की साजिश में है.
कवासी लखमा का सरकार जानबूझकर नहीं करा रही इलाज : बैज
पूर्व मंत्री कवासी लखमा के इलाज को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर पूर्व मंत्री लखमा का इलाज नहीं करा रही है. 6 बार के विधायक को षड्यंत्रपूर्वक जेल भेजा गया, जहां उन्हें टॉर्चर किया जा रहा और अब अस्पताल शिफ्ट नहीं किया जा रहा है.
दिल्ली जाएंगे दीपक बैज
पीसीसी चीफ दीपक बैज आज रात लगभग 9 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे. उन्होंने अपने दिल्ली दौरे को लेकर जानकारी दी कि SIR को लेकर कांग्रेस गंभीर है. कार्यकर्ताओं का बड़ा समर्थन मिलेगा. आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है. वह भाजपा को सीधा लाभ पहुंचा रही है, जिसे लेकर चर्चा की जाएगी.
SDM ने धान के अवैध परिवहन को किया नाकाम, दो पिकअप को पकड़ा
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ी में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो चुकी है, जिसके साथ ही सीमा क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन की कोशिशें भी बढ़ गई हैं। इसे रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फिल्मी अंदाज में अवैध धान से भरी दो पिकअप गाड़ियों को पकड़ा है।
जानकारी के अनुसार, देर रात करीब 3:30 बजे उत्तर प्रदेश से एक बिचौलिया अवैध धान को बलरामपुर में खपाने की कोशिश कर रहा था। इसकी सूचना मिलते ही SDM ने टीम के साथ तुरंत कार्रवाई की। दोनों पिकअप वाहन तेज रफ्तार में भागने लगे, जिसके बाद प्रशासनिक टीम ने करीब 5 किलोमीटर तक पीछा किया और अंत में रामचंद्रपुर क्षेत्र में दोनों वाहनों को घेरकर पकड़ लिया। वाहनों से कुल 200 बोरी अवैध धान जब्त किया गया है। फिलहाल, जिला प्रशासन की टीम आगे की कार्रवाई करने में जुटी हुई है।
हड़ताली कर्मचारियों पर प्रशासन सख्त, प्रभारी प्रबंधक समेत 13 को किया बर्खास्त
रायपुर। सहकारी समिति के हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है. धान खरीदी कार्य से मना करने वाले कर्मचारियों पर अति आवश्यक सेवा अनुरक्षण (एस्मा) कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में सोमवार प्रभारी प्रबंधक साहित 13 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है.
जानकारी के अनुसार, सिमगा समिति प्रबंधक मंजुला शर्मा, खोखली समिति प्रबंधक राकेश कुमार टंडन, धुर्रा बांधा समिति प्रबंधक मूलचंद वर्मा, रोहांसी समिति प्रबंधक धर्मेन्द्र साहू, समिति प्रबंधक तिल्दा रामकुमार साहू को बर्खास्त किया गया है. इसी तरह कसडोल विकासखंड के गिरौद समिति के विक्रेता नन्द कुमार पटेल, हसुआ के विक्रेता गोकुल प्रसाद साहू, थरगांव के विक्रेता ललित साहू, कटगी के विक्रेता रामस्वरूप यादव, चिखली के विक्रेता खेलसिंग कैवर्त्य कोसमसरा के विक्रेता अमित साहू, सरखोर के विक्रेता भीम साहू, लवन के विक्रेता रविकमल को बर्खास्त किया गया है.
3 के खिलाफ एफआईआर की तैयारी
विकासखंड पलारी अंतर्गत समिति कोनारी के प्रभारी प्रबंधक राजेंद्र चंद्राकर, समिति रोहरा के कम्प्यूटर ऑपरेटर बीरेंद्र साहू और समिति रिसदा के विक्रेता टीका राम वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने शाखा प्रबंधक को पत्र जारी किया गया है.
विश्वसनीयता मीडिया की सबसे बड़ी ताकत, जनसंपर्क विभाग द्वारा राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन
रायपुर। राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर आज जनसंपर्क संचालनालय में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस विचार गोष्ठी में संपादकों, वरिष्ठ पत्रकारों और जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
वरिष्ठ संपादक जयप्रकाश मिश्रा ने कहा कि कुछ लोग अपने हितों को सुरक्षित रखने के लिए भ्रामक सूचनाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ एक ही तरह की भ्रामक सामग्री को भेजते हैं, जिससे उसका एल्गोरिदम बढ़ जाता है और पाठक भ्रमित होकर उसे सच मान बैठता है। उन्होंने दिल्ली मेट्रो का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीधरन जी जब भी मेट्रो में किसी तरह की रूकावट आती थी तब तुरंत ही सूचना प्रचार माध्यमों में समाचार जारी कर तकनीकी त्रुटि को ठीक करने में लगने वाला संभावित समय भी बता देते थे। जब सही और गुणवत्तापूर्ण सूचनाएं आगे बढ़ती हैं तो भ्रामक सूचनाएं ठहर नहीं पाती।
वरिष्ठ संपादक रवि भोई ने कहा कि खबरों की सच्चाई अहम है इससे समझौता नहीं करना चाहिए। भले ही समय लगता हो लेकिन पुष्टि के पश्चात ही खबरे प्रसारित करना चाहिए। संपादक एएन द्विवेदी ने कहा कि सूचनाओं की गुणवत्ता और उनके प्रसारण से पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर बेहद गंभीरता बरतते हुए इन्हें जनसामान्य को प्रेषित किया जाना चाहिए। इसमें छोटी चूक भी बड़ी दुर्घटना का रूप ले लेती है। वरिष्ठ पत्रकार अशोक साहू ने कहा कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता के मानदंडों पर यदि काम किया जाए तो किसी तरह की भ्रामक सूचना जाने की आशंका नहीं रहती।
अपर संचालक उमेश मिश्रा ने कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता लोकतंत्र का आधार स्तंभ है, इसे किसी भी कीमत पर बनाए रखना जरूरी है। मीडिया को तकनीकी बदलाव के चलते तेजी से फैलती गलत सूचनाओं पर अपनी जिम्मेदारी के साथ-साथ सतर्कता बरतनी होगी।
अपर संचालक आलोक देव ने कहा कि मीडिया की सबसे बड़ी ताकत है उसकी विश्वसनीयता। मीडिया सिर्फ खबरे नहीं देता, प्रेस मार्गदर्शन करता है, संदेह दूर करता है और विश्वास का निर्माण करता है। उप संचालक सौरभ शर्मा ने कहा कि आज का दौर एआई का है ऐसे समय में गलत सूचनाओं का एल्गोरिथम बढ़ने से व्यापक रूप से हमारे बीच पहुंचता है। हमें ऐसी सूचनाओं को जांच-परख कर ही प्रसारित करना चाहिए। कार्यक्रम में अरविन्द मिश्रा सहित अनेक लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनसंपर्क विभाग के अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।