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बलौदाबाजार में औद्योगिक हादसे पर सख्त कार्रवाई : रियल इस्पात एंड एनर्जी का किल्न-01 सील, संचालन-मेंटेनेंस पर प्रतिबंध, 6 मजदूरों की हुई थी मौत
रायपुर। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के अंतर्गत ग्राम धौराभाठा स्थित मेसर्स रियल इस्पात एण्ड एनर्जी प्रा. लि. के कारखाना परिसर में घटित भीषण औद्योगिक दुर्घटना के मामले में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर सख्त कदम उठाया गया है। दुर्घटना की प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर कारखाना अधिनियम के तहत किल्न क्रमांक-01 के संचालन एवं मेंटेनेंस सहित समस्त कार्यों पर तत्काल प्रतिबंध लगाए जाने का आदेश जारी किया गया है।
कार्यालय सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा जारी आदेश के अनुसार 22 जनवरी 2026 को प्रातः लगभग 9.40 बजे किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के द्वितीय तल में कार्य के दौरान अचानक विस्फोट एवं गर्म ऐश की बौछार होने से 6 श्रमिकों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जब कि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय डस्ट सेटलिंग चेंबर के भीतर लगभग 850 से 900 डिग्री सेल्सियस तापमान की गर्म ऐश को पोकिंग के माध्यम से नीचे गिराया जा रहा था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, बलौदाबाजार द्वारा उप संचालकों एवं अधिकारियों की संयुक्त टीम के साथ कारखाने का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दुर्घटनास्थल की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी की गई ।इस दौरान कारखाना प्रबंधन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कारखाना प्रबंधन द्वारा एसओपी का पालन नहीं किया गया। किल्न का शटडाउन किए बिना श्रमिकों से अत्यंत जोखिमपूर्ण स्थिति में कार्य कराया गया। डस्ट सेटलिंग चेंबर के हाईड्रोलिक स्लाइड गेट को बंद नहीं किया गया, उचित वर्क परमिट जारी नहीं किया गया, नियमित रखरखाव का अभाव रहा तथा श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण और हीट रेसिस्टेंट एप्रन, सुरक्षा जूते, हेलमेट जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए।
किल्न क्रमांक-01 में विनिर्माण प्रक्रिया एवं मेंटेनेंस कार्य इमिनेंट डेंजर की स्थिति में थे। जिसके चलते कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) के अंतर्गत किल्न क्रमांक-01 के संचालन एवं समस्त मेंटेनेंस कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध तब तक प्रभावशील रहेगा, जब तक कारखाना प्रबंधन द्वारा सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंधात्मक अवधि के दौरान कारखाने में नियोजित समस्त श्रमिकों को देय वेतन एवं अन्य भत्तों का भुगतान निर्धारित तिथि में अनिवार्य रूप से किया जाए।
सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का कहना है कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू, IPS संजीव शुक्ला बनाए गए पहले पुलिस आयुक्त, 16 आईपीएस अधिकारियों का तबादला आदेश जारी
रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के साथ ही 2004 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी संजीव शुक्ला को शहर का पहला पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। अब तक वे पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज के पद पर पदस्थ थे। इसी आदेश के तहत रामगोपाल गर्ग (IPS-2007) को पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज से हटाकर पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज बनाया गया है। अभिषेक शांडिल्य (IPS-2007) को राजनांदगांव रेंज से पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज पदस्थ किया गया है। वहीं बालाजी राव सोमावर (IPS-2007), जो पुलिस मुख्यालय रायपुर में कानून व्यवस्था देख रहे थे, उन्हें पुलिस महानिरीक्षक, राजनांदगांव रेंज नियुक्त किया गया है।
अमित तुकाराम कांबले (IPS-2009) को कांकेर से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, रायपुर नगरीय बनाया गया है। लाल उमेद सिंह (IPS-2011) को रायपुर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जशपुर पदस्थ किया गया है। शशि मोहन सिंह (IPS-2012) को जशपुर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायगढ़ नियुक्त किया गया है। दिव्यांग पटेल (IPS-2014) को रायगढ़ से पुलिस अधीक्षक, रेल रायपुर बनाया गया है।
रायपुर कमिश्नरी में डीसीपी की तैनाती
कमिश्नरी प्रणाली के तहत रायपुर नगरीय क्षेत्र में पुलिस उपायुक्तों की नियुक्ति भी की गई है।
उमेश प्रसाद गुप्ता (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (मध्य), रायपुर नगरीय, संदीप पटेल (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (पश्चिम), रायपुर नगरीय और मयंक गुर्जर (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (उत्तर), रायपुर नगरीय बनाया गया है।
इसके अलावा विकास कुमार (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल), रायपुर नगरीय और राजनाला स्मृतिक (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर), रायपुर नगरीय नियुक्त किया गया है।
श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को पुलिस अधीक्षक रेल रायपुर से हटाकर पुलिस अधीक्षक, रायपुर ग्रामीण बनाया गया है। वहीं इंदु अग्रवाल (IPS-2022), नगर पुलिस अधीक्षक आजाद चौक रायपुर को पुलिस सहायक आयुक्त, आजाद चौक, रायपुर नगरीय पदस्थ किया गया है।
देखिये आदेश की कॉपी-


रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ कल : राज्यसभा उपसभापति हरिवंश होंगे मुख्य अतिथि, पुरखौती मुक्तांगन में 3 दिनों तक होगी साहित्यिक चर्चा और गोष्ठियां
रायपुर। रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ राजधानी रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में 23 जनवरी को राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। शुभारंभ समारोह विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सुबह 10.30 बजे से होगा। कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह होंगे। उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव और विजय शर्मा एवं महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा और रंगकर्मी एवं अभिनेता मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
रायपुर साहित्य महोत्सव में छत्तीसगढ़ और देश के जाने-माने साहित्यकार, पत्रकार, कवि हिस्सा लेंगे। साहित्य महोत्सव के दौरान राष्ट्रीय पुस्तक मेला, इंगेजमेंट जोन, ओपन टैलेंट मंच, पेंटिंग कार्यशाला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। महोत्सव में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए फूड जोन भी बनाया गया है। मुख्य मंडप विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति में तैयार किया गया है, जहां महत्वपूर्ण मंचीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा साहित्यिक परिचर्चा एवं गोष्ठी के आयोजनों के लिए लाला जगदलपुरी मंडप, श्याम लाल चतुर्वेदी मंडप, अनिरूद्ध नीरव मंडप तैयार किए गए है। साहित्य उत्सव में प्रतिदिन चार सत्रों का आयोजन होगा। प्रथम सत्र 12.30 बजे से, द्वितीय सत्र 2.15. बजे से, तृतीय सत्र 3.45 बजे से तथा चतुर्थ सत्र 5.15 बजे से 6.30 बजे तक होगा। 23 एवं 24 जनवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।
23 जनवरी को प्रथम सत्र - लाला जगदलपुरी मंडप में समकालीन महिला लेखन, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में संवाद वन्देमातरम के अंतर्गत भारत के स्व जागरण का प्रवाह, अनिरूद्ध नीरव मंडप में डिजिटल साहित्य पर परिचर्चा के अंतर्गत प्रकाशकों के लिए चुनौती विषय पर परिचर्चा होगी।
द्वितीय सत्र - लाला जगदलपुरी मंडप में वाचिक परम्परा में साहित्य, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में कविता की नई चाल पर परिचर्चा, अनिरूद्ध नीरव मंडप में संवाद का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश शामिल होंगे।
तृतीय सत्र - लाला जगदलपुरी मंडप में काला पादरी में जनजाति विमर्श और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में छत्तीसगढ़ का साहित्य अवदान विषय पर परिचर्चा होगी। अनिरूद्ध नीरव मंडप में स्मृति शेष स्व. विनोद कुमार शुक्ल साहित्य की खिड़कियां पर परिचर्चा होगी।
चतुर्थ सत्र- लाला जगदलपुरी मंडप में पुरातत्व: मौन साहित्य पर परिचर्चा और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में समय की समस्या: सेक्युलरिज्म पर संवाद होगा। अनिरूद्ध नीरव मंडप में काव्य पाठ राष्ट्रीय कवि संगम का आयोजन होगा। सांस्कृतिक संध्या के अंतर्गत विनोद कुमार शुक्ल मंडप में शाम 7 बजे से मनोज जोशी के चाणक्य नाटक का मंचन होगा।
24 जनवरी को प्रथम सत्र - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में राष्ट्र सेवा के सौ वर्ष पर संवाद और लाला जगदलपुरी मंडप में छत्तीसगढ़ के लोक गीत पर परिचर्चा आयोजित होगी।
द्वितीय सत्र - धार्मिक फिल्में और टेली धारावाहिकों का दौर पर संवाद और श्यामलाल चतुर्वेदी एकात्म मानवदर्शन समाज परिवर्तन का सूत्रधार पर परिचर्चा होगी।
तृतीय सत्र - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में भारत का बौद्धिक विमर्श पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में राष्ट्रीय मीडिया में बहस के मुद्दे, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में नई पीढ़ी की फिल्मी दुनिया और अनिरूद्ध नीरव मंडप पर साहित्य: उपनिषद से एआई तक पर परिचर्चा होगी।
चतुर्थ सत्र- विनोद कुमार शुक्ल मंडप में भारतीय ज्ञान परंपरा पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में 'डिजिटल युग के लेखक और पाठक' और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में 'साहित्य के झरोखे से इतिहास' पर परिचर्चा होगी।
पंचम सत्र - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में 'माओवादी आतंक और लोकतंत्र', लाला जगदलपुर मंडप में 'डॉ. अंबेडकर - विचारपुंज की आभा', श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य का स्तर और अनिरूद्ध नीरव मंडप में लुप्त होता बाल साहित्य पर चर्चा होगी। विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सांस्कृतिक कार्यक्रम स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में काव्य पाठ होगा।
25 जनवरी को प्रथम सत्र - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में संविधान और भारतीय मूल्य पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में ट्रेवल ब्लॉग:पर्यटन के प्रेरक और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप पर नवयुग में भारत बोध पर परिचर्चा होगी।
द्वितीय सत्र- लाला जगदलपुरी मंडप में पत्रकारिता और साहित्य पर परिचर्चा, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में नाट्यशास्त्र और कला परंपरा पर संवाद किया जाएगा।
तृतीय सत्र- विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सिनेमा और समाज तथा लाला जगदलपुरी मंडप में शासन और साहित्य पर परिचर्चा और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में छत्तीसगढ़ी काव्य पाठ का आयोजन होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खनिज साधन विभाग के कामकाज की समीक्षा की
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में खनिज साधन विभाग के कार्यों एवं गतिविधियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभाग की आगामी कार्ययोजना, खनिज अन्वेषण, खनिज ब्लॉक नीलामी, जिला खनिज न्यास (DMF), तकनीकी नवाचार तथा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय कार्यों में हो रही प्रगति की सराहना करते हुए टिन पोर्टल के माध्यम से समय पर एवं नियमित भुगतान की व्यवस्था की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस पहल से विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और हितग्राहियों के बीच विश्वास सुदृढ़ हुआ है। मुख्यमंत्री ने कोरंडम उत्खनन के माध्यम से स्थानीय लोगों को कटिंग एवं पॉलिशिंग जैसे कार्यों से अधिकाधिक रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खनन क्षेत्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को विश्वास में लेकर परियोजनाओं के लाभों का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाए तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर खनन कार्य प्रारंभ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ऐसे क्षेत्रों में जिला खनिज न्यास (DMF) से विकास कार्यों की स्वीकृति नियमानुसार शीघ्र कराने के भी निर्देश दिए, ताकि स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं का त्वरित विकास हो सके।
बैठक में अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि विभागीय कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “खनिज ऑनलाइन 2.0” प्रणाली विकसित की गई है। खनिज ब्लॉक नीलामी से पूर्व लैंड शेड्यूलिंग तथा बंद एवं उपेक्षित खदानों के निस्तारण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी तैयार की गई है। इसी क्रम में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 14,592 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया गया है, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 17,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले दिसंबर माह तक 10,345 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि टिन कलेक्शन मॉडल से जुड़े परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इसे आजीविका संवर्धन का एक सफल उदाहरण बताते हुए इस मॉडल को और अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सह खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद, संचालक रजत बंसल सहित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
5000 पदों पर जल्द होगी शिक्षकों की भर्ती: सीएम साय ने समीक्षा बैठक में तत्काल प्रक्रिया प्रारंभ करने के दिए निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में शिक्षकों की कमी को गंभीरता से लेते हुए 5000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उक्त शिक्षक भर्ती व्यापमं के माध्यम से की जाए तथा इसके लिए फरवरी 2026 तक विज्ञापन जारी किया जाए, ताकि समयबद्ध तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण हो सके।
बैठक में शिक्षक भर्ती परीक्षा–2023 से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि परीक्षा–2023 की प्रतीक्षा सूची की मान्यता नहीं बढ़ाई जाएगी, ताकि पिछले वर्षों में उत्तीर्ण युवाओं को भी शासकीय सेवा में आने का मौका दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तेज़ी से उठाए जाएंगे।
नगरीय प्रशासन संचालक पर अमर्यादित टिप्पणी का आरोप, कर्मचारी संघ ने की मुख्य सचिव से शिकायत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कथित तौर पर अमर्यादित और आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल का मामला सुर्खियों में आ गया है. इस संबंध में नव नियुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ (छत्तीसगढ़) ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है.
संघ ने मुख्य सचिव को संबोधित किए गए पत्र में बताया है कि 21 जनवरी को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक की अध्यक्षता में निकायों के विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई थी. इस बैठक में कई संभागों के अंतर्गत आने वाले नगरीय निकायों के अधिकारी शामिल हुए थे. संघ ने मुख्य सचिव को भेजी गई शिकायती पत्र में कहा है कि बैठक के दौरान संचालक द्वारा “नालायक, हरामखोर, बुड़बक, चोर” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया. संघ ने इसे पद की गरिमा और प्रशासनिक मर्यादा के विपरीत बताते हुए कहा है कि इस प्रकार की भाषा न केवल अधिकारियों का अपमान है, बल्कि उनके आत्मसम्मान को गंभीर ठेस पहुंचाने वाली है.
कर्मचारी संघ ने कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कार्यरत किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा इस तरह के अमर्यादित शब्दों का प्रयोग स्वीकार्य नहीं है. इससे न सिर्फ विभागीय वातावरण दूषित होता है, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के मनोबल पर भी नकारात्मक असर पड़ता है.
माफी या अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग
नव नियुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ ने पूरे घटनाक्रम को अत्यंत गंभीर बताते हुए संचालक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है. साथ ही यह भी अनुरोध किया है कि संचालक के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.

45 साल बाद नगरीय निकायों का आय-आधारित वर्गीकरण तय, वेतन नियमों में संशोधन, अधिसूचना जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगभग 45 साल बाद नगर पालिक परिषदों एवं नगर पंचायतों का आय-आधारित वर्गीकरण किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ नगरपालिका सेवा (वेतनमान एवं भत्ते) नियम, 1967 में संशोधन करते हुए नियम–3 को प्रतिस्थापित कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नगरीय निकायों का वर्गीकरण अब उनकी वार्षिक आय के आधार पर निर्धारित किया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले इस तरह का वर्गीकरण सन 1980 में किया गया था। अब 45 वर्षों के अंतराल के बाद राज्य सरकार ने नगर निकायों की आर्थिक स्थिति के अनुरूप नई श्रेणियां तय की हैं।
नई श्रेणियां इस प्रकार निर्धारित की गई हैं—
श्रेणी “क”
वे नगर पालिक परिषदें/नगर पंचायतें, जिनकी वार्षिक आय 4.00 करोड़ रुपये या उससे अधिक हो।
श्रेणी “ख”
वे नगर पालिक परिषदें/नगर पंचायतें, जिनकी वार्षिक आय 2.00 करोड़ रुपये या उससे अधिक लेकिन 4.00 करोड़ रुपये से कम हो।
श्रेणी “ग”
वे नगर पालिक परिषदें/नगर पंचायतें, जिनकी वार्षिक आय 90.00 लाख रुपये या उससे अधिक लेकिन 2.00 करोड़ रुपये से कम हो।
श्रेणी “घ”
वे नगर पालिक परिषदें/नगर पंचायतें, जिनकी वार्षिक आय 90.00 लाख रुपये से कम हो।
वार्षिक आय की परिभाषा
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि इन नियमों के प्रयोजन के लिए किसी भी नगर पालिक परिषद या नगर पंचायत की वार्षिक आय उसकी समस्त वार्षिक आय मानी जाएगी। हालांकि, कुछ विशिष्ट प्रयोजनों के लिए प्राप्त सहायता अनुदान को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले से नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति के अनुरूप उनका वर्गीकरण अधिक पारदर्शी और व्यावहारिक हो जाएगा। माना जा रहा है कि इससे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतनमान, भत्तों और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं में एकरूपता आएगी। साथ ही नगर निकायों के वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर उन्हें बेहतर ढंग से श्रेणीकृत किया जा सकेगा।
छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय नगरीय निकायों के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और उनकी वित्तीय क्षमता के अनुरूप व्यवस्था तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे राज्य के शहरी स्थानीय निकायों के संचालन में अधिक स्पष्टता और अनुशासन आने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने की जल संसाधन विभाग के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागीय कार्यों, संचालित परियोजनाओं तथा प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार बड़े निर्णय ले रही है और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को अटल सिंचाई योजना में शामिल किया गया है, इन्हें समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी तीन वर्षों में पूर्ण की जाने वाली परियोजनाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में किसानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। खेती के बढ़ते रकबे और किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सिंचाई परियोजनाओं का सुदृढ़ होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बजट की कोई कमी नहीं है और इसके लिए पृथक बजटीय प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश में सिंचित रकबा बढ़ेगा और किसानों की उपज में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर जिले के किसानों के मध्यप्रदेश अध्ययन भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां आधुनिक तकनीक के माध्यम से सिंचाई को प्रभावी ढंग से संचालित होते देखकर किसान काफी उत्साहित हुए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन राज्यों में सिंचाई क्षेत्र में बेहतर नवाचार किए जा रहे हैं, वहां छत्तीसगढ़ के किसानों का भी अध्ययन भ्रमण कराया जाए, ताकि वे नई तकनीकों और कार्यप्रणालियों से अवगत हो सकें।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि आगामी तीन वर्षों में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 14 सिंचाई परियोजनाओं को चरणबद्ध रूप से पूर्ण करने की योजना है, जिससे लगभग 70 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इनमें 4,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली चार प्रमुख परियोजनाओं का मार्च और मई माह में भूमिपूजन प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं में बस्तर जिले की देउरगांव बैराज सह उद्वहन सिंचाई परियोजना, मटनार बैराज सह उद्वहन सिंचाई परियोजना, रायपुर जिले के आरंग विकासखंड में महानदी पर मोहमेला–सिरपुर बैराज योजना तथा गरियाबंद जिले की सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय लिंक परियोजना शामिल हैं।
इसी प्रकार अटल सिंचाई योजना के अंतर्गत 115 लंबित परियोजनाओं के लिए 346 करोड़ रुपये का बजट आबंटित किया गया है, जिनके माध्यम से लगभग 11 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का विकास किया जाएगा।
बैठक में अंतराज्यीय जल विवादों के समाधान पर भी चर्चा की गई। आगामी तीन वर्षों में महानदी जल विवाद, पोलावरम बांध के डुबान क्षेत्र तथा समक्का बैराज से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए ठोस प्रयास किए जाने पर सहमति बनी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
CGMSC घोटाला: EOW ने डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा को किया गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) घोटाला प्रकरण में ACB और EOW ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले में डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नवी मुंबई के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा को 21 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया है. कुंजल शर्मा को विशेष न्यायालय रायपुर में पेश किया गया, जहां से उसे 27 जनवरी 2026 तक EOW की रिमांड पर भेज दिया गया है.
कुंजल शर्मा पर आरोप है कि डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मेडिकल उपकरणों के रिएजेंट्स एवं कंज्यूमेबल्स की सप्लाई के लिए CGMSC के साथ मिलीभगत कर फर्जी एमआरपी तय की गई. आरोपी कुंजल शर्मा ने कंपनी की नीतियों की अनदेखी करते हुए षड्यंत्रपूर्वक रिएजेंट्स एवं कंज्यूमेबल्स की एमआरपी में भारी अंतर दर्शाया और CGMSC को प्रभावित कर मनमाने दरों पर खरीद के लिए सहमत कराया. इसके चलते CGMSC को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति हुई. EOW के अनुसार, शशांक चोपड़ा को लाभ पहुंचाने के लिए कुंजल शर्मा ने MRP से कई गुना अधिक रेट में मेडिकल उपकरणों को बेचा गया.
ACB/EOW इस मामले से जुड़ी “हमर लैब” योजना में शासकीय निधि के दुरुपयोग से संबंधित सभी पहलुओं की गहन जांच कर है. साक्ष्यों के आधार पर अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ युवाओं को मिलेगा रोजगार: नवा रायपुर बनेगा सेंट्रल इंडिया का हेल्थकेयर हब - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मध्य 15 एकड़ भूमि के लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के विकास को नई गति देगा।
यह परियोजना न केवल राज्य के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, बल्कि निवेश के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की तेज़ और भरोसेमंद प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी उदाहरण बनेगी। राज्य सरकार द्वारा 24 सितंबर 2025 को निवेश आमंत्रण जारी किए जाने के बाद मात्र चार माह के भीतर भूमि चिन्हांकन, आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो अपने आप में एक नया बेंचमार्क है।
नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित 15 एकड़ भूमि पर बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा लगभग ₹680 करोड़ की लागत से 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। यह अस्पताल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। इससे पूर्व मुंबई, इंदौर और जयपुर में ट्रस्ट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
बॉम्बे हॉस्पिटल के माध्यम से कार्डियक साइंसेज, कैंसर उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित कई उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल टेक्नीशियन शामिल होंगे। इसके साथ ही हेल्थकेयर सप्लाई चेन, सेवाओं और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर में मेडिसिटी का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नवा रायपुर में निवेश करना राज्य की नीतिगत स्थिरता, तेज़ निर्णय क्षमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर विश्वास का प्रमाण है।
यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों और समयबद्ध क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ चंदन कुमार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं चेयरमैन भरत तापड़िया, सचिव श्याम सहित ट्रस्ट एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय पटल पर चमका छत्तीसगढ़, 'मॉडल यूथ ग्राम सभा' में ईएमआरएस कोसमबुड़ा ने हासिल किया प्रथम स्थान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव के क्षण में, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS), कोसमबुड़ा ने अपनी तरह की पहली ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ (MYGS) प्रतियोगिता में राष्ट्रीय विजेता बनकर उभरने का गौरव प्राप्त किया है। पंचायती राज मंत्रालय आगामी 28 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ की इस विजेता टीम को औपचारिक रूप से सम्मानित करेगा।
छत्तीसगढ़ की जनजातीय शिक्षा प्रणाली की बड़ी जीत देश भर के 800 से अधिक स्कूलों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए, ईएमआरएस कोसमबुड़ा के छात्रों ने ग्रामीण शासन की असाधारण समझ का प्रदर्शन किया। 30 अक्टूबर 2025 को जनजातीय कार्य मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य युवाओं को मॉक ग्राम सभा सत्रों के माध्यम से जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रेरित करना था। छत्तीसगढ़ का शीर्ष स्थान यह दर्शाता है कि राज्य ने अपनी जनजातीय आवासीय स्कूल प्रणाली के भीतर लोकतांत्रिक मूल्यों को कितनी मजबूती से आत्मसात किया है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ईएमआरएस कोसमबुड़ा के प्राचार्य, डॉ. कमलाकांत यादव ने कहा:"मॉडल यूथ ग्राम सभा (MYGS) पहल में हमारे विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान मिलना हर्ष का विषय है। यह सफलता हमारे विद्यार्थियों के कड़े परिश्रम और ग्रामीण विकास से जुड़ी समस्याओं के प्रति उनकी गहरी समझ को दर्शाती है। पंचायती राज मंत्रालय और केंद्र सरकार की यह दूरदर्शी पहल छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सहभागी शासन से जोड़ने का एक प्रभावी मंच है। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को जमीनी स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिला है। हम आगामी 28 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाले सम्मान समारोह में सहभागिता को लेकर उत्साहित हैं।"
युवा सहभागिता के लिए दूरदर्शी पहल ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ को 30 अक्टूबर 2025 को लॉन्च किया गया था। इस कार्यक्रम ने तीन महीने से भी कम समय में भारत के 800 से अधिक स्कूलों तक पहुँच बनाकर युवाओं में सहभागी शासन की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। देश भर से शॉर्टलिस्ट की गई शीर्ष 6 टीमों में ईएमआरएस कोसमबुड़ा ने ग्राम सभा के संचालन में अनुशासन और स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान के लिए नए मानक स्थापित किए हैं। 28 जनवरी को होने वाला सम्मान समारोह लोकतंत्र के इन युवा राजदूतों की उपलब्धि का उत्सव मनाएगा, जो भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
वरिष्ठ पत्रकार आर कृष्णा दास मुख्यमंत्री साय के सलाहकार नियुक्त, मीडिया एवं अन्य विषयों पर देंगे परामर्श…
रायपुर। वरिष्ठ पत्रकार आर. कृष्णा दास को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सलाहकार नियुक्त किया गया है. सलाहकार के रूप में वे मुख्यमंत्री को मीडिया एवं अन्य विषयों पर परामर्श देंगे.
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि सलाहकार के रूप में उन्हें राज्य शासन के विशेष सचिव के समकक्ष अन्य सुविधाएं प्राप्त होगी. कृष्ण दास ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ के छत्तीसगढ़ प्रमुख के रूप में लंबे समय से कार्यरत रहे हैं.

धान खरीदी की तिथि एक माह बढ़ाने की मांग, किसानों के हक और भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला
रायपुर। कांग्रेस पार्टी ने सरकार से धान खरीदी की तिथि 1 माह बढ़ाने की मांग की है. इसके लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने धान खरीदी के लिए बचे 9 दिन में भी 4 दिन अवकाश होने और 165 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध अभी तक मात्र 115 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी होने का हवाला दिया है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सरकार और भाजपा को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने धान खरीदी की तिथि बढ़ाने, धान खरीदी में भ्रष्टाचार, मनरेगा, जमीनों की गाइडलाइन की दरों तथा शंकराचार्य के अपमान को लेकर भाजपा को कटघरे में खड़ा किया.
बैज ने कहा कि सरकार ने धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी घोषित किया है. इस लिहाज से सिर्फ 9 दिन बचे हैं, उसमें भी 4 दिन – 24, 25, 26, 31 जनवरी- छुट्टियां है. सिर्फ 5 दिन और खरीदी होगी. वहीं दूसरी ओर सरकार ने ऑनलाइन टोकन काटना बंद कर दिया है, और ऑफ लाइन भी टोकन नहीं काटा जा रहा है. अभी तक 5.5 लाख किसान धान नहीं बेच पाये है. धान खरीदी के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भी तिथि बढ़ाया जाना आवश्यक है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि धान खरीदी की तिथि 1 माह बढाई जाए.
किसानों का हक नहीं दे रही सरकार.
दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि सरकार किसानों का पूरा भुगतान नहीं कर रही है. भाजपा ने 2023 में वादा किया था कि किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदेगी. भाजपा की सरकार बनने के बाद दो सालों में धान के समर्थन मूल्य में 186 रू. की बढ़ोत्तरी हुई. भाजपा सरकार किसानों को इस बढ़ोत्तरी को जोड़कर 3286 रू. में भुगतान करें. प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से सरकार प्रति एकड़ किसानों को 3906 रू. भी नहीं दे रही है. इस तरह से लगभग 6500 करोड़ छत्तीसगढ़ के किसानों के हक का नहीं दे रही है यह सरकार.
कांग्रेस मजदूरों की आवाज उठा रही
मनरेगा का जिक्र करते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार ने ग्रामीण भारत को रोजगार देने वाले कानून मनरेगा के स्वरूप में परिवर्तन कर दिया है. यह महात्मा गांधी के आदर्शों पर कुठाराघात है, मजदूरों के अधिकारों को सीमित करने वाला निर्णय है. मोदी सरकार ने “सुधार“ के नाम पर झांसा देकर लोकसभा में एक और बिल पास करके दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार गारंटी स्कीम मनरेगा को खत्म कर दिया है. कांग्रेस मनरेगा बचाओ संग्राम का और विस्तार करेगी. पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के तहत पूरे फरवरी माह तक हमारा आंदोलन चलेगा.
पिछले साल के गाइडलाइन को तुरंत करें लागू
बैज ने कहा कि जमीनों के गाइड लाइन की दरों को विसंगतिपूर्ण और बेतहाशा बढ़ाने के बाद जब विरोध हुआ तो सरकार ने उस पर रोक लगा दिया और 15 दिनों में फैसले की बात कही गई. 1 माह से अधिक हो गया सरकार अनिर्णय की स्थिति में है. सरकार के इस अनिर्णय के कारण जमीन की खरीदी बिक्री लगभग बंद है. आम आदमी किसान, व्यापारी सभी परेशान है. इससे साबित हो रहा कि सरकार में फैसला लेने की क्षमता नहीं बची ,है या सरकार की अपनी गुटबाजी के कारण गाइड लाइन की दरों पर सरकार फैसला नहीं ले पा रही है. हमारी मांग है कि पिछले साल की गाइडलाइन को ही सरकार तत्काल लागू करे.
शंकराचार्य का अपमान सनातन धर्म का अपमान
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शाही स्नान से रोके जाने और उनके साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़ी आलोचना करते हुए दीपक बैज ने कहा कि खुद को हिंदुओं का मसीहा बताने वाली भाजपा सरकार हिंदु संतों का अपमान कर रही है. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 40 वर्षों से नियमित रूप से शाही स्नान करते आ रहे हैं, और यह पहली बार है जब उन्हें इस अखंड धार्मिक परंपरा से रोका गया है. भाजपा सरकार ने शंकराचार्य जी को स्नान से रोक कर सनातन परंपरा का अपमान किया है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राडा ऑटो एक्सपो-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के श्रीराम बिजनेस पार्क में रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित राडा ऑटो एक्सपो-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर क्षेत्र में निरंतर विकास के लिए प्रयासरत है। राज्य में आम नागरिकों की परचेसिंग पावर बढ़ी है, जिसके चलते बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए लोगों से ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के दौरान यामाहा एक्सएसआर-155, टाटा सिएरा तथा महिंद्रा 7 एक्सओ वाहनों की लॉन्चिंग की। इसके साथ ही उन्होंने “मनी मैटर्स” पुस्तक का भी विमोचन किया।
राडा ऑटो एक्सपो-2026 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विगत दो वर्षों में राज्य के किसानों को धान का उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी की दरों में किए गए सुधारों से कई वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न स्थानों पर लोगों से चर्चा के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि जीएसटी दरों में कमी से बाइक की कीमत में लगभग 15 से 25 हजार रुपए तक का लाभ हो रहा है। वहीं, एक व्यक्ति ने बताया कि हार्वेस्टर की कीमत में करीब 2 लाख रुपए तक की कमी आई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में नई उद्योग नीति लागू की गई है, जिसकी देश-विदेश में सराहना हो रही है। पिछले एक वर्ष में लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी उन्हें ऑटो एक्सपो में आने का अवसर मिला था, उस समय भी सरकार द्वारा रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी गई थी, जिसका व्यापक लाभ मिला। उस दौरान 25 हजार वाहनों की बिक्री का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन लगभग 29 हजार वाहनों का विक्रय हुआ। इससे सरकार को करीब 800 करोड़ रुपए का जीएसटी तथा परिवहन विभाग को 129 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। आम नागरिकों को भी ऑटो एक्सपो का प्रत्यक्ष लाभ मिला।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष राडा ऑटो एक्सपो का आयोजन और अधिक वृहद स्तर पर किया गया है। एक्सपो का क्षेत्रफल बढ़ाया गया है तथा इसमें 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। पूरे प्रदेश से उद्यमी और विभिन्न कंपनियां इसमें सहभागिता कर रही हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि पहले ही दिन लगभग 2000 वाहनों का पंजीयन हो चुका है और उन्हें विश्वास है कि इस वर्ष 50 हजार वाहनों की बिक्री का लक्ष्य भी अवश्य पूरा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑटो एक्सपो का आयोजन प्रतिवर्ष इसी तरह किया जाना चाहिए।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि राडा ऑटो एक्सपो का यह नौवां संस्करण केवल वाहनों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश में रोजगार सृजन और ऑटो सेक्टर की प्रगति का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रोड टैक्स में दी जा रही 50 प्रतिशत छूट से ग्राहकों के साथ-साथ प्रदेश के छोटे और मध्यम व्यवसायियों को भी लाभ मिल रहा है। राज्य में सड़कों का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे कनेक्टिविटी बढ़ी है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की बिक्री में वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ में ऑटो सेक्टर लगातार आगे बढ़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि मंत्रिपरिषद द्वारा राजधानी रायपुर में 20 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के पश्चात पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। इस निर्णय का लाभ पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को मिलेगा, इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने ऑटो एक्सपो में सड़क सुरक्षा शपथ पर हस्ताक्षर किए और आमजन से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने आगामी महिला दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली नारी मैराथन के पोस्टर का भी विमोचन किया।
इस अवसर पर परिवहन सचिव एस. प्रकाश, परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर, कैट के वाइस चेयरमैन अमर परवानी, राजकुमार सिंघानिया, रविन्द्र भसीन, विवेक गर्ग सहित बड़ी संख्या में रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के सदस्यगण उपस्थित थे।
बलौदा बाजार स्पंज आयरन फैक्ट्री हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक
रायपुर। बलौदा बाजार जिले के बकुलाही स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की घटना को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक बताया है। इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शोकाकुल परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो तथा उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खैरागढ़ में वनाग्नि रोकथाम को लेकर अहम कार्यशाला, जंगलों में आग से बचाव के लिए अलर्ट मोड में वन विभाग
खैरागढ़। जंगलों में लगने वाली आग को रोकने और समय रहते उस पर काबू पाने के लिए खैरागढ़ में एक अहम कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह बैठक इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में हुई. इसमें दुर्ग वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के कलेक्टर सहित कई जिलों के वन अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. बैठक में साफ कहा गया कि गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए पहले से पूरी तैयारी जरूरी है.
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आग लगने से पहले जंगलों में फायर लाइन बनाई जाए, संवेदनशील इलाकों पर खास नजर रखी जाए और हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई हो. अधिकारियों ने बताया कि जंगलों में आग लगने के कई कारण होते हैं. महुआ बीनने, खेत और बाड़ी साफ करने, पिकनिक मनाने, बीड़ी-सिगरेट फेंकने, बिजली के तारों से चिंगारी निकलने और होली के समय लापरवाही से आग लग जाती है. इन कारणों पर रोक लगाने और लोगों को समझाने पर जोर दिया गया.
बैठक में यह भी बताया गया कि जंगल में आग लगने से पेड़-पौधों को नुकसान होता है, जमीन की नमी कम हो जाती है और पर्यावरण बिगड़ता है. इसलिए आग लगते ही उसे तुरंत बुझाना बहुत जरूरी है. इसके लिए कंट्रोल रूम बनाने, अस्थायी केंद्र तैयार रखने और जरूरी उपकरण पहले से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए. वन सुरक्षा कर्मियों को टॉर्च, जूते, पानी की बोतल, फायर ब्लोअर जैसे जरूरी सामान देने की बात कही गई. साथ ही गांवों, हाट-बाजारों और स्कूलों में पोस्टर, प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया.
अधिकारियों ने कहा कि जंगल की आग रोकने में सिर्फ वन विभाग ही नहीं, बल्कि राजस्व विभाग, पुलिस, दमकल और पंचायतों का भी सहयोग जरूरी है. अंत में अधिकारियों से कहा गया कि वे पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ काम करें, ताकि आने वाले समय में जंगलों को आग से बचाया जा सके.
दुर्ग अपर कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल को बनाया गया कबीरधाम जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी
रायपुर। दुर्ग में पदस्थ अपर कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल को कबीरधाम जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ किया गया है. यह नियुक्ति कबीरधाम जिला पंचायत सीईओ अजय कुमार त्रिपाठी के उप मुख्यमंत्री अरुण साव के ओएसडी बनाए जाने के बाद की गई है.



