रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने रायपुर जिले की राशन दुकानों का आवंटन निरस्त करने का बड़ा फैसला लिया है. रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद धान खरीदी में सहयोग नहीं करने वाली सहकारी समितियों द्वारा संचालित 250 राशन दुकानों का आवंटन निरस्त किया गया है. अब इन दुकानों के संचालन का जिम्मा ग्राम पंचायतों दो सौंप दिया गया है. पंचायतों से कहा गया है कि वे अपने लोगों की मदद से राशन दुकानों का संचालन करें.
जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह को लगातार इस बात की शिकायत मिल रही थी कि सहकारी समितियां धान खरीदी करने में बिना वजह व्यवधान पैदा कर रही हैं. किसानों को धान बेचने से भी रोक रहे थे. इतना ही नहीं मंडियों में पहुंचने वाले किसानों को कई तरह की बातें बताकर वापस किया जा रहा था. लगातार इस तरह की शिकायत मिलने के बाद ही कलेक्टर ने आदेश जारी किया कि अब रायपुर जिले में जिन 250 राशन दुकानों का संचालन सहकारी समितियां कर रही थी, उनका संचालन अब ग्राम पंचायत वाले करेंगे.
12 कंप्यूटर ऑपरेटरों पर एफआईआर
राज्य में हड़ताल पर गए सहकारी समितियों के कर्मचारियों पर सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है. सभी कर्मचारियों को हड़ताल खत्म कर धान खरीदी के लिए मंडियों में लौटने के निर्देश दिए गए हैं. ड्यूटी में कर्मचारियों को वापस नहीं लौटने पर सरकार ने एक्शन लेना शुरू किया. रायपुर के पुरानी बस्ती, खरोरा, धरसींवा और तिल्दा-नेवरा थानों में दर्जनभर कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ अति आवश्यक सेवा संधारण व विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के तहत केस दर्ज किया गया है.
जानकारी के मुताबिक पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में राजू दास, ओमप्रकाश माहले, विजय गुप्ता, सुवेश, आनंद सहित अन्य पर केस दर्ज किया गया है. धरसींवा में बृज मोहन देवांगन, तिल्दा में रामकुमार वर्मा और पोषण लाल धुरंधर, जबकि खरोरा में कौशल वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. सभी कर्मचारी मंडियों में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं.
हड़ताली समिति प्रबंधकों को लगा बड़ा झटका
कलेक्टर के इस फैसले के बाद हड़ताल करने वाले सहकारी समिति प्रबंधकों को बड़ा झटका लगा है. समिति प्रबंधकों ने भी आरोप लगाया है कि हड़ताल तोड़ने के लिए ये फैसला लिया गया है. इस फैसले के बाद भी अभी तक हड़ताल खत्म करने की कोई सूचना जारी नहीं की गई है. ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से दुकानों का संचालन सहकारी समितियां ही कर रही थी.
रायपुर/अंबिकापुर। सरगुजा सहित उत्तर छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में गिरावट का दौर जारी है. संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में आज 16 नवंबर को न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस सीजन का सर्वाधिक न्यूनतम तापमान है. वहीं छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से मशहूर सरगुजा के प्रमुख पर्यटन केंद्र मैनपाट में चार डिग्री के करीब तापमान होने के साथ आज लगातार तीसरे दिन भी पाला पड़ा. पैरावट के साथ ही खेतों में काट कर छोडे गए धान, घास पर पड़ी ओस की बूंदे जम गई. समूचे उत्तर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठण्ड पड़ रही है.
ठण्ड से अब लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है. ग्रामीण क्षेत्रों में दिनचर्या जल्दी सीमट रही है और लोग घरों में लौट अलाव का सहारा ले रहे हैं तो वहीं शहरी क्षेत्रों में भी यहीं स्थिति है. सुबह भी लोग अलाव जला ठण्ड से राहत पाने की कोशिश कर रहे है. मौसम विभाग का कहना है कि हिमालय की ओर से आ रही लगातार उत्तरी हवाओं के असर से सरगुजा ठिठुर रहा है. रात के तापमान में लगातार गिरावट आ रही है वहीं दिन का तापमान भी लगभग एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सामान्य से कम तापमान होने के चलते लोगों को ठण्ड का एहसास अधिक हो रहा है. अगले कुछ दिनों तक तापमान में और गिरावट आने की भी संभावना जताई जा रही है.
पर्यटकों के लिए टाउ का फसल भी बना आकर्षण
ठण्ड के मौसम में प्रमुख पर्यटन केंद्र मैनपाट में पर्यटकों की भीड़ बढ़ जाती है. मौजूदा समय में टाउ का फसल सफेद फूलों से लहलहा रहा है. जिससे यह पर्यटकों के लिए भी यह आषर्कण का केंद्र बना हुआ है और लोग बड़ी संख्या में मैनपाट पहुंचने के बाद टाउ के खेत में भी पहुंच रहे हैं और फोटो खीचाने उनमें होड़ भी देखी जा रही है.
पिछले आठ दिनों के तापमान पर नजर डालें तो अधिकतम और न्यूनतम दोनों ही तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. 9 नवंबर को अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री और न्यूनतम 8.2 डिग्री रहा. 10 नवंबर को अधिकतम 26.4 डिग्री तथा न्यूनतम 8.6 डिग्री दर्ज किया गया. 11 नवंबर को अधिकतम तापमान फिर 26.8 डिग्री पर पहुंचा, जबकि न्यूनतम घटकर 7.6 डिग्री रह गया. 12 नवंबर को अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री और न्यूनतम 7.7 डिग्री रहा. 13 नवंबर को अधिकतम 26.6 डिग्री और न्यूनतम 7.4 डिग्री दर्ज हुआ. 14 नवंबर को अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री तक गिर गया. 15 नवंबर को अधिकतम 26.7 डिग्री और न्यूनतम 7.5 डिग्री रहा. 16 नवंबर को दिन का अधिकतम तापमान घटकर 25.6 डिग्री रह गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान और गिरकर 6.2 डिग्री तक पहुंच गया. कुल मिलाकर इस अवधि में दिन का तापमान लगभग स्थिर रहा, जबकि रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की गई.
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इस वर्ष भी किसानों को प्रति क्विंटल ₹3,100 का मूल्य प्रदान करने का निर्णय बनाए रखा है। यह महाअभियान 31 जनवरी तक प्रदेशभर के सभी जिलों में चलेगा। धान खरीदी के साथ ही ग्रामीण इलाकों में किसानों की आर्थिक सुरक्षा को लेकर दुर्ग पुलिस ने व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। पुलिस ने अलग-अलग बिन्दुओं पर किसानों और बैंक प्रबंधन को सचेत रहने के साथ संदिग्धों से सावधान और सतर्कता बरने की अपील की है।
दुर्ग पुलिस की अपील — “किसान भाई सतर्क रहें”
धान खरीदी सीजन के दौरान किसानों के खातों में बड़ी राशि जमा होती है। इस समय उठाई गिरोह, ठग और साइबर अपराधी सबसे अधिक सक्रिय रहते हैं। इसे देखते हुए पुलिस अधीक्षक दुर्ग ने किसानों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में जागरूकता पोस्टर लगाए जा रहे हैं और पुलिस टीम लगातार निगरानी भी कर रही है।
पुलिस ने कहा कि “इस संदेश को अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचाएँ, ताकि कोई भी किसान ठगी या चोरी का शिकार न बने। सुरक्षा सबसे पहले, सतर्कता सर्वोपरि।”
किसानों के लिए दुर्ग पुलिस की 16 महत्वपूर्ण सुरक्षा सलाहें
1 – बैंक में सिर्फ अधिकृत कर्मचारी से ही मदद लें
पैसे जमा या निकासी करते समय अपनी जानकारी किसी को न बताएँ। मदद चाहिए तो केवल बैंक के कर्मचारी से ही लें। बैंक में मौजूद अनजान लोग मदद के बहाने धोखा दे सकते हैं, इसलिए उनसे दूरी बनाए रखें।
2 – नोटों की गिनती सिर्फ बैंक के अंदर करें
पैसे निकालने के बाद नोटों की गिनती हमेशा बैंक के अंदर ही पूरी करें। बाहर सड़क या दुकान के सामने नोट गिनना सुरक्षित नहीं है। ऐसे मौके पर उठाई गिरोह आसानी से पैसे छीन सकते हैं, इसलिए पैसा बाहर न दिखाएँ।
3 – बैंक आते-जाते समय पैसों को सुरक्षित रखें
बैंक से आते या जाते समय अपने पैसों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें। पैसा हमेशा शरीर से सटाकर रखे गए बैग में रखें ताकि कोई आसानी से हाथ न लगा सके। ऐसा करने से चोरी और लूटपाट की संभावना कम होती है। सुरक्षा को सबसे पहले रखें और हर समय सतर्क रहें।
4 – बैंक जाते समय किसी भरोसेमंद व्यक्ति को साथ रखें
बैंक आने या जाने के समय किसी मित्र या परिवार के सदस्य को साथ लेकर जाएँ। गाड़ी को बैंक के बाहर पार्क करते समय आसपास ध्यान रखें और देखें कि कोई संदिग्ध व्यक्ति तो नहीं है। यदि आपको आसपास किसी पर संदेह हो, तो तुरंत कंट्रोल रूम 9479192099 या 112 पर संपर्क कर सूचना दें।
5 – बैंक आते-जाते समय संदेह होने पर तुरंत पुलिस को बताएं
अगर बैंक से लौटते समय आपको लगे कि कोई व्यक्ति आपका पीछा कर रहा है या संदिग्ध तरीके से देख रहा है, तो सीधे घर न जाएँ। ऐसी स्थिति में नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुँचें और पुलिस की मदद लें। परिवार के सदस्य को साथ लेकर घर जाना अधिक सुरक्षित रहता है।
6 – नकदी को गाड़ी की डिक्की में न रखें
पैसे निकालने के बाद उन्हें गाड़ी की डिक्की में रखने से बचें, क्योंकि डिक्की का ताला अपराधी आसानी से तोड़ लेते हैं। अपराधी भीड़ में मौका देखकर गाड़ी के आसपास घूमते हैं और तरकीब से पैसा निकाल लेते हैं। इसलिए निकाली हुई राशि हमेशा साथ रखें और हर समय सावधान रहें।
7 – पैसे निकालकर सीधे घर जाएँ, रास्ते में रुकें नहीं
बैंक से पैसे निकालने के बाद बिना रुके सीधे अपने घर या गंतव्य स्थान पर जाएँ। रास्ते में किसी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएँ। होटल, दुकान, चाय या खरीदारी के लिए रुकने पर चोरी की घटनाएँ अधिक होती हैं। पैसे लेकर रुकना बिल्कुल सुरक्षित नहीं है।
8 – अपने बैंक विवरण और धन की बात किसी से साझा न करें
अपने बैंक का लेन-देन, पैसा कब निकाला या कितना निकाला—ऐसी जानकारी किसी से न बताएं। यह जानकारी फैलने पर कोई भी व्यक्ति आपका फायदा उठा सकता है। अपनी आर्थिक जानकारी गोपनीय रखना ही सुरक्षित रहने का सबसे अच्छा तरीका है।
9 – अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें
अपनी व्यक्तिगत जानकारी सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने ATM नंबर, आधार नंबर, पैन कार्ड, बैंक पासबुक या किसी भी दस्तावेज की जानकारी न दें। इन जानकारियों से धोखा बहुत जल्दी हो सकता है।
10 – OTP और PIN किसी को न बताएं
अपने बैंक कार्ड, क्रेडिट कार्ड या UPI का पासवर्ड, PIN, OTP किसी को भी न बताएं। अपराधी बैंक कर्मचारी बनकर कॉल करते हैं और OTP मांगकर खाते से पैसे निकाल लेते हैं। बैंक कभी भी फोन पर OTP नहीं मांगता—यह 100% फ्रॉड होता है।
11 – अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें
किसी भी अनजान लिंक, संदेश, लॉटरी, बीमा या पुरस्कार वाले मैसेज पर विश्वास न करें। इन लिंक पर क्लिक करते ही आपका मोबाइल या बैंक अकाउंट हैक हो सकता है। शक होने पर तुरंत उस नंबर को ब्लॉक करें और सावधान रहें।
12 – सोशल मीडिया की फर्जी जानकारी से बचें
फेसबुक, व्हाट्सऐप या किसी भी सोशल मीडिया पर आए बैंक या पैसों से जुड़े संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें। अपराधी फर्जी लिंक या APK फ़ाइल भेजकर आपके मोबाइल और खाते से पैसे निकाल लेते हैं। किसी भी जानकारी की पुष्टि हमेशा बैंक शाखा या आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर ही करें।
13 – KYC वाले कॉल और SMS से सावधान रहें
KYC करने के नाम पर आने वाले कॉल या मैसेज पर बिल्कुल विश्वास न करें। KYC अपडेट का बहाना बनाकर अपराधी आपका PIN, पासवर्ड और OTP माँगते हैं। खाता बंद होने की धमकी भी देते हैं—यह सब फ्रॉड होता है। KYC हमेशा बैंक शाखा में जाकर ही कराएं।
14 – AI आवाज़ वाले धोखाधड़ी कॉल से बचें
आजकल अपराधी आपकी आवाज़ जैसी आवाज़ बनाकर कॉल करते हैं और पैसों की मांग करते हैं। सिर्फ आवाज़ से किसी पर भरोसा न करें। पहले वीडियो कॉल करें, पहचान की पुष्टि करें और तभी कोई निर्णय लें। ऐसी कॉल आते ही शांत रहें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
15 – डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest) से बचें
अपराधी खुद को पुलिस/CBI का अधिकारी बताकर कहते हैं कि आपका सिम, आधार या बैंक किसी अपराध में पकड़ा गया है। ऑनलाइन पैसे जमा करवाने का दबाव बनाते हैं। याद रखें—पुलिस कभी फोन पर गिरफ्तारी नहीं करती, यह पूरा धोखा है।
16 – फर्जी ग्राहक सेवा (Customer Care) से बचकर रहें
गूगल पर दिखने वाले कई कस्टमर केयर नंबर नकली होते हैं। सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट के नंबरों का ही उपयोग करें।
जागरूक किसान ही सुरक्षित किसान
धान खरीदी सीजन किसानों के लिए आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समय है। पुलिस ने सभी किसानों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत पुलिस को सूचित करें और अनजान व्यक्तियों से पूरी तरह दूरी बनाए रखें। सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें.
रायपुर/भाटापारा। खेल में भाग लेना ही असली जीत है, क्योंकि यही सहभागिता जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का हौसला देती है। यह कहना है सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने शनिवार को भाटापारा के गुरुकुल स्कूल में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर बच्चों और युवाओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में पहुंचे सांसद बृजमोहन अग्रवाल का खिलाड़ियों, युवाओं आयोजकों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक ग़जमाला पहनाकर स्वागत किया।
इस दौरान रस्साकसी, गेड़ी दौड़, समेत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
सांसद श्री अग्रवाल ने विजेताओं और प्रतिभागियों को पुरस्कार तथा प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।
सांसद बृजमोहन ने अपने संबोधन में कहा कि, खेल में भाग लेना ही सबसे बड़ी जीत है, क्योंकि यही सहभागिता जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का साहस पैदा करती है। नया भारत तभी मजबूत होगा जब युवा खेल के मैदान में पसीना बहाएँगे और जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करेंगे।
गुरुकुल स्कूल, भाटापारा में आयोजित इस प्रतियोगिता में शामिल होकर सांसद ने युवा खिलाड़ियों के जोश, प्रतिभा और समर्पण को नज़दीक से महसूस किया तथा विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को न केवल अपनी प्रतिभा निखारने का मंच देता है, बल्कि उनमें टीम–स्पिरिट, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच का विकास भी करता है।
सांसद बृजमोहन ने यह भी कहा कि युवा हमारे राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि उन्हें सही दिशा, सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे देश का भविष्य ही नहीं, भारत का वैश्विक नेतृत्व भी सुनिश्चित कर सकते हैं।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों, विजेताओं, शिक्षकों, अभिभावकों एवं आयोजकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन तभी सफल है जब हर बच्चा खेल को जीवन का हिस्सा बनाकर आगे बढ़ने का संकल्प ले।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक शिव रतन शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, जिला अध्यक्ष आनंद यादव, शिक्षा एवं खेल विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने रविवार को भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेश मूणत के साथ रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक लेवल एजेंट्स (BLA) एवं पार्टी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक लेकर मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की रणनीति पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि—“20 वर्षों में एक बार मिलने वाला SIR (Special Intensive Revision) लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यह सिर्फ चुनावी कार्य नहीं, बल्कि हर वैध मतदाता को उसका अधिकार दिलाने और फर्जी मतदाता को सूची से बाहर करने की राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए—
प्रत्येक पार्षद अपने वार्ड में BLA-2 की बैठक लेकर बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाएँ।
प्रतिदिन कम से कम 2 घंटे समर्पित कर 20 घरों तक पहुँचने का लक्ष्य निर्धारित करें।
मतदाता सूची को सही करने के लिए मेहनत अनिवार्य है।
फॉर्म भरने की संपूर्ण प्रक्रिया कार्यकर्ताओं को समझाई जाए और जन-जन तक इसका संदेश पहुँचाया जाए।
सूचना के प्रसार के लिए व्हाट्सएप और डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाए।
सांसद बृजमोहन ने कहा कि जैसे SIR के बाद बिहार में ऐतिहासिक परिणाम आया और जनता ने विश्वास की सुनामी लाई, वैसी ही सुनामी रायपुर और छत्तीसगढ़ में भी लाई जा सकती है यदि बूथ और वार्ड संगठन मजबूत हो और यहां सही से SIR हो।
उन्होंने कहा कि, सही मतदाता सूची होने से मतदाता भी संतुष्ट रहता है। मतदान के दिन उसे भटकना नहीं पड़ता। पारदर्शी और शुद्ध मतदाता सूची से ही लोकतंत्र सशक्त बनता है।
श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि भाजपा कार्यकर्ता सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हैं और इस बार भी SIR कार्य को पूरी ईमानदारी से कर 20 वर्षों तक मजबूत आधार देने का संकल्प लें।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संगठित प्रयासों से रायपुर ही नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ में आगामी चुनावों में जीत का मार्जिन ऐतिहासिक रूप से बढ़ेगा।
कांग्रेस द्वारा भाजपा पर अपने मतदाताओं का नाम जुड़वाने के आरोप पर सांसद बृजमोहन ने कहा कि, केवल आरोप लगाने से कुछ होने वाला नहीं है। कांग्रेसी भी अपने BLA को भी काम पर लगाएं।
मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यशाला में राज्य वक्फ बोर्ड आयोग अध्यक्ष डॉ सलीम राज, छगन मुंदड़ा, ओंकार बैस, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर समेत पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और BLA उपस्थित रहे.
रायपुर। गुजरात के डेडियापाड़ा में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन के दौरान छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की विशेष रूप से प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व भारत के विकास की नई पहचान बन रहा है, और इस दिशा में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए लोकतांत्रिक भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज से आने वाले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में व्यापक विकास हो रहे हैं और सभी क्षेत्रों में सकारात्मक दिशा में निर्णायक प्रगति दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि शासन, सेवा और विकास के प्रत्येक आयाम में जनजातीय समाज का प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र की वास्तविक शक्ति को प्रमाणित करता है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ दिन पूर्व रायपुर में उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के जनजातीय इतिहास, परंपरा, कला और बलिदान का भव्य प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक राष्ट्रीय धरोहर के रूप में स्थापित होगा।
प्रधानमंत्री के उद्बोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय, उनकी संस्कृति तथा राज्य में चल रहे जनजातीय उत्थान के प्रयासों की जिस प्रकार सराहना की गई, उसने पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन शब्दों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया सम्मान समूचे छत्तीसगढ़वासियों का मनोबल बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र को आधार बनाकर जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन से राज्य में जनजातीय सशक्तिकरण, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका तथा सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय गति प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे देश के गौरव हैं। देश का जनजातीय समाज उनके स्नेह और उदारता के लिए कृतज्ञ है। छत्तीसगढ़ के लिए उनका कहा हुआ प्रत्येक शब्द अमृत के समान है। उनके इस स्नेह को प्रसाद मानते हुए हम और अधिक उत्साह के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की अर्चना में स्वयं को समर्पित करते हैं।
अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा को तीव्र गति देते हुए राज्य सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के माध्यम से ‘विकसित भारत’ के प्रधानमंत्री के संकल्प की सिद्धि में अपना पूर्ण योगदान देगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंत में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय समाज की अस्मिता, स्वाभिमान और आकांक्षाओं को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से यह विकास यात्रा और अधिक गतिशील, प्रभावी और व्यापक बनेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारम्भ होने के पूर्व से ही प्रदेश में अवैध परिवहन से आने वाले धान की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पिछले एक नवंबर से 16 नवंबर तक लगभग 19 हजार 320 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस बार मार्कफेड द्वारा राज्य में अवैध परिवहन के जरिए अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले धान को रोकने के लिए राज्य के सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स भी बनाए गए हैं। इसके साथ ही मार्कफेड में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की सतत् निगरानी की जा रही है।
मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक नवंबर से 16 नवंबर के अवधि में सीमावर्ती विभिन्न जिलों से छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध परिवहन के माध्यम से आने वाले धान में सर्वाधिक महासमुंद जिले में 4266 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इसी प्रकार बलरामपुर जिले में 4139 क्विंटल, सूरजपुर जिले में 1750 क्विंटल, रायगढ़ जिले में 1201 क्विंटल, जशपुर जिले में 1157 क्विंटल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 967 क्विंटल, कोण्डागांव जिले में 869 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 687 क्विंटल, राजनांदगांव 607 क्विंटल, मुंगेली में 490 क्विंटल, बलौदाबाजार में 386 क्विंटल, बिलासपुर में 273 क्विंटल, कोरिया में 253 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 250 क्विंटल, सरगुजा में 240 क्विंटल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 228 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 220 क्विंटल, बस्तर जिले में 218 क्विंटल, सक्ती में 137 क्विंटल, सुकमा में 130 क्विंटल, बालोद में 123 क्विंटल, गरियाबंद में 122 क्विंटल, जांजगीर-चांपा में 119 क्विंटल, कवर्धा में 90 क्विंटल, कोरबा में 85 क्विंटल, रायपुर में 84 क्विंटल, धमतरी में 72 क्विंटल, नारायणपुर में 53 क्विंटल, दुर्ग में 38 क्विंटल, बेमेतरा में 32 क्विंटल, मोहला-मानपुर-चौकी में 27 क्विंटल धान जब्त किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के पूर्व प्रदेश में अवैध धान परिवहन और संग्रहण पर सख्त निगरानी जारी रखते हुए आज दो महत्वपूर्ण कार्रवाईयाँ की गईं। मार्कफेड के इंटीग्रेटेड कंट्रोल सिस्टम से प्राप्त 600 बैग (231.5 क्विंटल) अवैध धान संबंधी अलर्ट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कोंडागांव जिले की टीम ने मौके पर पहुंचकर धान जप्त किया। सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाए जाने और त्वरित अलर्ट-रिस्पॉन्स सिस्टम की बदौलत अन्य राज्यों से धान की अवैध आमद को रोकने में प्रभावी सफलता मिल रही है।
इसी क्रम में, रात्री गश्त के दौरान ग्राम त्रिशूली, थाना सनवाल क्षेत्र में अशोक सिंह पिता रामचरित्र के घर के बाहर बने शेड में दो अलग-अलग स्थानों पर कुल 222 कट्टा धान पाया गया। विवाद की स्थिति को देखते हुए दिन में पुनः तहसीलदार रामचंद्रपुरपुर, थाना प्रभारी सनवाल, महिला पुलिस, तथा मंडी कर्मचारियों की मौजूदगी में विस्तृत जांच की गई और धान की विधिवत जप्ती की कार्रवाई पूरी की गई। शासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अवैध गतिविधि को हर स्तर पर जीरो टॉलरेंस के साथ रोका जाएगा।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्कफेड द्वारा धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एकीकृत कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। साथ ही अवैध परिवहन के माध्यम से राज्य में आने वाले धान को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा सतत् निगरानी रखी जा रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ ने अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता में एक बार फिर इतिहास रच दिया है। देहरादून में हुई 28वीं अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेडल तालिका में पहला स्थान हासिल किया है। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने 150 मेडल और 578 अंक के साथ लगातार दूसरे वर्ष चैम्पियनशिप अपने नाम की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ियों और टीमों को बधाई देते हुए उन्हें भविष्य में भी ऐसे ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दी है।
उल्लेखनीय है कि 28वीं ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट 12 नवम्बर से 17 नवम्बर तक देहरादून में आयोजित हुई। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने 74 गोल्ड, 34 रजत, 42 कांस्य लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। छत्तीसगढ़ की ओर से इस प्रतियोगिता में भाग लेने 253 सदस्यों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में कई उत्कृष्ट व्यक्तिगत प्रदर्शन भी छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने किया। इनमें सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी निखिल ज़ाल्को ने तैराकी में 5 स्वर्ण, सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी संगीता राजगोपालन बैडमिंटन एवं टेनिस में 4 स्वर्ण, 1 रजत, सर्वश्रेष्ठ एथलीट महिला ओपन थोटा संकीर्तन ने 5 स्वर्ण पदक प्राप्त कर “गोल्डन गर्ल का खिताब पाया। इसी प्रकार सर्वश्रेष्ठ एथलीट (पुरुष वेटरन) सुखनंदन लाल धु्रव ने 5 स्वर्ण, सर्वश्रेष्ठ एथलीट (महिला वेटरन) चारुलता गजपाल 4 स्वर्ण ने पदक प्राप्त किया।
छत्तीसगढ़ ने लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। इस खेल-कूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह तथा उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की। छत्तीसगढ़ की ओर से यह ट्रॉफी शालिनी रैना ने ग्रहण की। अतिरिक्त मुख्य सचिव ऋचा शर्मा और वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव ने सभी खिलाड़ियों को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
अखिल भारतीय वन खेल-कूद प्रतियोगिता में केरल ने 31 गोल्ड लेकर द्वितीय स्थान और कर्नाटक ने 25 गोल्ड मेडल लेकर तीसरा स्थान हासिल किए। जबकि मेजबान उत्तराखंड छठे स्थान पर रहा। इस प्रतियोगिता को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए एक विशेष पहल भी की गई। इसके तहत “एक खेल-एक वन” की अवधारणा पर सभी मेडल जीतने वाले खिलाड़ी के नाम पर एक पेड़ लगाया गया, जिससे खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी मिला।
रायपुर। जहां-जहां भूपेश बघेल के पैर पड़े हैं, वहां-वहां क्या हुआ है, यह देश की जनता जानती है. अब तो लगता है कि उनकी किसी प्रदेश में ड्यूटी लगते ही वहां बगावत न हो जाए. यह बात वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को कहा.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पूरे देश की कोने-कोने की जनता मोदी जी के विजन को, उनके कमिटमेंट को, बिना एक दिन का छुट्टी लिए, बिना एक दिन थके, उनका अनथक प्रयास हो, अलग-अलग रूप में आशीर्वाद लगातार प्रदान कर रही है. चाहे दिल्ली का चुनाव हो, चाहे हरियाणा का चुनाव हो, चाहे महाराष्ट्र का चुनाव हो, चाहे बिहार का चुनाव हो. इतना बड़ा-बड़ा जनादेश मोदी जी के नेतृत्व को मिलता आ रहा है.
उन्होंने कहा कि नीतीश जी की बिहार में जंगलराज को समाप्त कर सुशासन स्थापित करने में बड़ी भूमिका है. इसलिए मोदी जी और नीतीश जी के प्रयासों को बिहार की जनता ने बड़ा आशीर्वाद दिया है.
कांग्रेस एक डुबती नाव बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस बात को पूरा देश जान चुका है. परिवारवाद की आकांक्षाओं को और हितों को पोषित करने के लिए पूरे कांग्रेस को झोंक दिया गया है. कांग्रेस के लोग भी अंदर ही अंदर इस बात से अब पूरी तरह से नाखुश हो चुके हैं कि किस तरह से एक परिवार के लिए, एक व्यक्ति के लिए पार्टी को झोंक दिया गया है. कांग्रेस के लोग अंदर से दुखी हैं. भूपेश जी भी अपने विपक्ष धर्म का निर्वहन कर रहे हैं. वाजिब ब्लेमगेम करते रहेंगे.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था की गई है. प्रदेश में 15 नवंबर से सुचारु रूप से धान खरीदी प्रारंभ हुई है. और पहले ही दिन अलग-अलग सहकारी सोसायटी में 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी हुई है. यह बात उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही.
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश के किसान पूरी तरह से निश्चिंत रहे, सरकार ने धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था की है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि धान खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से दिक्कत ना हो. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारी पूरी तत्परता से व्यवस्था संचालन में जुटे है.
साव ने कांग्रेस के खरीदी केंद्रों के निगरानी पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने किसानों के साथ धोखा किया है, वो क्या निगरानी करेंगे. दो साल का पुराना बोनस देने का वादा किया था, लेकिन पांच साल के सरकार में नहीं दिया. चार किस्त में देते थे, और चौथी किस्त में कटौती करते थे. छत्तीसगढ़ के किसान कांग्रेसियों की नियत अच्छी तरह से जानते है.
बिहार में छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं के प्रचार वाले विधानसभा सीटों में हार पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कांग्रेस की विश्वनीयता समाप्त हो गई है. छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी विशेष रूप से जनता से बार-बार नकारे गए हैं. ऐसे में दूसरे राज्य की जनता इन पर कैसे भरोसा करेगी. जबकि छत्तीसगढ़ के हम भाजपा कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता वहां के संगठन के लोगों के साथ मिलकर उनके सहयोग से प्रचार में गए और ऐतिहासिक परिणाम बिहार में आया है. बिहार की जनता ने विकास और सुशासन को चुना है.
उप मुख्यमंत्री साव ने सुकमा में तीन नक्सलियों के न्यूट्रलाइज होने पर सुरक्षाबलों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चल रही है. हमारे सुरक्षा बल के जवान लगातार जंगलों में ऑपरेशन चला रहे है. और निश्चित रूप से मार्च 2026 में सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा. सुरक्षा बल के जवानों को बधाई देता हूं. वे दुर्गम इलाकों में जाकर नक्सल उन्मूलन का काम कर रहे हैं.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी है. राजधानी रायपुर अब जल्द ही टेस्ट क्रिकेट की दुनिया में अपनी दस्तक दे सकता है. राज्य सरकार ने नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम को 30 साल की लंबी लीज पर छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ को सौंप दिया है. साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले ने रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का भविष्य तय कर दिया है।
बता दें कि वनडे और टी-20 मैचों की सफल मेजबानी के बाद अब रायपुर का ये खूबसूरत स्टेडियम टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार हो रहा है. इस मैदान पर भारत बनाम दक्षिण अफ्रिका का वनडे मुकाबला खेला जाएगा. राज्य शासन से 30 साल की लीज मिलने के बाद छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने स्टेडियम के कायाकल्प का पूरा खाका तैयार कर लिया है. अब तक संघ सिर्फ मैदान की देखरेख करता था, लेकिन अब पूरा स्टेडियम संघ के पास होने से यहां बड़े बदलावों की तैयारी है.
मॉर्डन सुविधाएं जोड़ने की तैयारी
छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) के डायरेक्टर विजय शाह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रायपुर को लेकर कई सारी योजनाएं हमारे दिमाग में थी. हम जल्द ही बीसीसीआई के रोटेशन प्रणाली में शामिल हो जाएंगे, जिससे लगातार मैचों की अगुवाई का असवर मिलते रहेगा. उन्होंने बताया कि वह स्टेडियम को नए रूप में तैयार करना चाहते हैं. स्टेडियम के एक्टीरियर और इंटिरयर को आज के जमाने के अनुसार मॉडर्न टच देना चाहते हैं. आगे कहा कि स्टेडियम को बने लगभग 25 साल हो गए हैं. स्टेडियम में प्रैक्टिस विकेट्स, स्विमिंग पूल और जिम की कमी है, जिसे दूर करते हुए अंतराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं दी जाएंगी.
छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिलेगा बेहतर अवसर : मंत्री अरुण साव
डिप्टी सीएम और खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि स्टेडियम को राज्य सरकार ने लीज में देने का निर्णय लिया है. लगातार बड़े मैच छत्तीसगढ़ में होंगे है. छत्तीसगढ़ के बड़े प्रतिभाओं को बड़ा अवसर मिलेगा. छत्तीसगढ़ के युवाओं में क्षमता है. आने वाले समय में खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे.
रायपुर। बिहार विधानसभा चुनाव में NDA को मिले जनादेश के बाद अब मुख्यमंत्री के शपथ और मंत्रिमंडल गठन की चर्चा तेज है. इस बीच छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्य योजना बनाकर काम किया है. बिहार में जंगल राज को खत्म कर लोगों के जीवन में परिवर्तन लाया है. बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है.
बिहार चुनाव में भूपेश बघेल की भूमिका पर टिप्पणी
बिहार चुनाव में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सीनियर ऑब्ज़र्वर बनाया गया था. उनके चुनावी प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल पर विधानसभा स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भूपेश बघेल को जब-जब जिम्मेदारी मिली है, तब सभी जानते हैं कि क्या होता है. नीतीश कुमार की ईमानदारी और उनके नीतियों की यह जीत है.
28 से 30 नवंबर तक डीजी कॉन्फ्रेंस
डीजी कॉन्फ्रेंस को लेकर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि डीजी कॉन्फ्रेंस में पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ अन्य राज्य के डीजी शामिल होंगे. नक्सल समस्या को लेकर एक निर्णायक दौर आया है. नक्सलवाद से देश आगे बढ़ चुका है. 2026 मार्च तक नक्सलवाद खात्मे की डेडलाइन तय हो चुकी है. शत प्रतिशत नक्सल समाप्ति करने में सफलता मिलेगी.
18 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र
विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के 18 नवंबर को बुलाए गए विशेष सत्र को लेकर जानकारी दी कि पुराने विधानसभा में एक दिन का सत्र होगा. जहां 25 साल बिताए उसका यह सत्र है. पुराने विधानसभा में सभी की यादें है. पुराने विधानसभा में यह अंतिम सत्र रहेगा. उन्होंने यह भी बताया कि शीतकालीन सत्र नए विधानसभा में आयोजित होगा.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में बनाए गए वंदे मातरम् उद्यान का लोकार्पण एवं नाम पट्टिका का अनावरण किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने जिस अदम्य साहस और देशभक्ति के साथ अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया, उनका त्याग और बलिदान हमारे लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा। वे हमारे राष्ट्रगौरव हैं। उनकी स्मृति को अक्षुण्ण रखना और उनके परिजनों का सम्मान करना हमारे लिए सौभाग्य का विषय है।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारजनों से मुलाकात की और उन्हें शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, महापौर पूजा विधानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
बिलासपुर शहर के शिव टाकीज चौक से पुराने बस स्टैंड चौक तक विस्तारित वंदे मातरम् उद्यान में नगर के सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नामों की पट्टिकाएँ स्थापित की गई हैं। नागरिकों के लिए उद्यान में टहलने एवं घूमने की सुविधा के साथ फाउंटेन, हरियाली और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था भी की गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “वंदे मातरम् उद्यान और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की नाम पट्टिका के माध्यम से उनकी स्मृतियों को संजोने का प्रयास किया गया है। यह केवल एक पट्टिका नहीं, बल्कि हमारे इतिहास का वह सजीव दस्तावेज है जिसे देखकर हर नागरिक गर्व महसूस करेगा। यह पहल युवाओं और आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करेगी।”
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर यह विशेष आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अमूल्य योगदान को स्मरण कर रहे हैं, जिनके बलिदानों से हमें आजादी मिली है।
बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित यह देश का पहला उद्यान है, जो स्थानीय वीरों को सम्मान देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा निर्मित वंदे मातरम् उद्यान का नाम वंदे मातरम् गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रखा गया है। उद्यान में कुल 25 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की नाम पट्टिकाएँ लगाई गई हैं, जिनमें स्व. ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर, रामगोपाल तिवारी, चित्रकांत जायसवाल, डॉ. वासुदेव देवरस, कालीचरण तिवारी, मथुरा प्रसाद दुबे, विश्वनाथधर दिवान, राजकिशोर शर्मा, प्रह्लाद पीपलवा, डॉ. शिवदुलारे मिश्रा, श्यामानंद वर्मा, मुरलीधर मिश्रा, रामकृष्ण पाण्डेय, ई. राघवेंद्र राव बैरिस्टर, हरनारायण वाजपेयी, राम चरण श्रीवास, चिंतामणि ओत्तलवार, भ्रमर गुप्ता, यदुनंदन/मनोहर सिंह, डॉ. भगवान दास ताहिलयानी, डॉ. दयाराम कलवानी, डॉ. मुरलीधर जैसवानी, क्रांति कुमार भारती, राम चरण साहू, बाल सेनानी गंगा प्रसाद वाजपेयी के नाम शामिल हैं।
कार्यक्रम में बिल्हा विधायक धर्मलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, नगर निगम सभापति विनोद सोनी, मोहित जायसवाल, राजा पांडे, पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश बाजपेयी, ई. रमेंद्र राव, मुरली खंडेलवाल, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन, सामाजिक संगठन तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर शनिवार को राजमोहिनी देवी भवन ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से जुड़कर विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने आदिवासियों के उत्थान में भगवान बिरसा मुंडा की भूमिका को स्मरण कर उन्हें नमन किया तथा देश की आजादी में आदिवासी समुदाय के महापुरुषों के त्याग एवं बलिदान को याद किया। जनजातीय गौरव दिवस की सभी को शुभकामनाएं दीं।
जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि देश की स्वतंत्रता में स्वयं को समर्पित करने वाले आदिवासी समाज के सेनानियों का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि आज भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर हम उन्हें नमन करते हैं, अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए उन्होंने अपना जीवन न्योछावर कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में स्थापित किया है। हम ऐसे महान स्वतंत्रता संग्राम राष्ट्र सेनानियों को याद करें, इसके लिए जनजातीय गौरव दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव वर्ष जनजातीय समुदायों के योगदान, गौरवशाली इतिहास और उनकी विरासत को समर्पित है।
लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने जनजातीय गौरव दिवस शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनजातीय समाज को लाभ दिलाने के उद्देश्य से शासन द्वारा कई योजनाएं शुरू की गई। जिसका प्रत्यक्ष लाभ आदिवासियों की जीवन शैली में नजर आ रहा। आज देश के गांव-गांव तक सड़क पहुंच रही है, स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों तक पहुंची है, आदिवासी क्षेत्रों तक शिक्षा, पेयजल, विद्युत पहुंच गए हैं। शासन आदिवासी समुदाय को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है, इसलिए आज हम जनजातीय गौरव दिवस मना रहे हैं।
सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि आज का दिन अपने आप में गौरव का दिवस है। आजादी के पहले अंग्रेजों के द्वारा आदिवासियों की जमीन लूटी गई, उनकी संस्कृति को तहस-नहस किया गया। तब भगवान बिरसा मुण्डा ने आंदोलन किया और इस आंदोलन के कारण यह नियम बना कि कोई भी आदिवासी का जमीन नहीं खरीद सकता। आज यह नियम आदिवासियों के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के द्वारा देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई है। कई ऐसे महापुरुष हुए जिन्होंने आंदोलनों के माध्यम से अंग्रेजों के खिलाफ खड़े रहे। वहीं संस्कृति को बचाने में भी आदिवासी समुदायों ने अपनी भूमिका निभाई है।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, महापौर मंजूषा भगत, नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा, पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा,कलेक्टर विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिले के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न आदिवासी समाजों के प्रतिनिधि, आमजन उपस्थित थे।
बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी हुए सम्मानित
इस दौरान हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले सरगुजा जिले के अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थी सम्मानित हुए। इस दौरान 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों में शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर से समली, शारदा सिंह एवं विद्या सिंह, संत यूजिन अंग्रेजी माध्यम बोदा बतौली से निलिश्मा तिर्की तथा शा.बहु.उ.मा. विद्यालय अम्बिकापुर से आलोक कुमार सम्मानित हुए। वहीं 12 वीं हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों में क्रिश्चियन उ.मा.वि. सूर्यापारा से अनुप खेस्स, विवेकानंद विद्या निकेतन उ.मा.वि अम्बिकापुर से जेनीरीमा मिंज एवं कविता टोप्पो, शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर से समीर खाखा एवं शासकीय बालक उ.मा.वि. लुण्ड्रा से अनुराग सिंह सम्मानित हुए।
उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव एवं वीर नारायण सिंह कला महोत्सव 2025 के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का हुआ आयोजन-
इस दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विकासखण्ड स्तर पर चयनित कुल 14 दलों के बीच प्रतियोगिता हुई। इसके साथ ही कार्यक्रम में वीर नारायण सिंह कला महोत्सव 2025 के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन हुए, जिसमें विकासखण्ड स्तर पर चयनित कुल 7 दल प्रतियोगिता में शामिल हुए।
रायपुर। पुलिस परेड ग्राउंड, बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास शौर्य, बलिदान और गौरव से ओत-प्रोत है। देश की स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय वीरों का योगदान अतुलनीय और अविस्मरणीय रहा है, किंतु इतिहास के पन्नों में उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक रूप से अधिकारी थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा की स्थापना तथा शहर के एक प्रमुख चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने लाल खदान ओवरब्रिज का नामकरण शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर करने, जनजातीय बालक-बालिकाओं के लिए 300 और 200 सीटर के अत्याधुनिक पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास की स्थापना तथा कोटा ब्लॉक में जनजातीय समाज के लिए सामुदायिक भवन के निर्माण की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस ऐतिहासिक उपेक्षा को सुधारा है और जनजातीय समाज के सम्मान, उत्थान एवं विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। वे स्वयं भगवान बिरसा मुंडा की कर्मभूमि में गए और समाज की प्रगति के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने के निर्णय ने पूरे देश में स्वाभिमान और गर्व की नई चेतना जगाई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती संग्रहालय और रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन कर देशभर के जनजातीय वीरों और नायकों के योगदान को सम्मानित किया है। यह संग्रहालय डिजिटल स्वरूप में भी उपलब्ध है, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास से बेहतर ढंग से परिचित हो सके।
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी ने ही झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर जनजातीय समाज को नई पहचान दी। उन्होंने आदिम जाति कल्याण मंत्रालय की स्थापना कर जनजातीय विकास हेतु विशेष बजट प्रावधान सुनिश्चित किए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से लगभग 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि से देश के 6,600 से अधिक गांवों में तीव्र विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत सड़क, आवास और मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है तथा इस उपलब्धि के लिए राज्य को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलासपुर जिले में 329 करोड़ 77 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास पर जनता को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में जनजातीय समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों, समाजसेवियों तथा स्कैच तैयार करने वाली दीपिका ध्रुव को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधियों से चर्चा की और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने की। उन्होंने कहा कि आज का दिन बिलासपुर के लिए सौभाग्य और सम्मान का दिन है, जब 329 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को स्वतंत्रता आंदोलन के महा-नायक बताते हुए नवा रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम की विशेषताओं का उल्लेख किया और सभी से उसे अवश्य देखने की अपील की।
इस अवसर पर विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, अटल श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, जनजातीय समाज के हेमंत राज, वीरेंद्र सिंह राज, उमेश कश्यप, वंदना उइके, वेद सिंह मरकाम, संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के तुमालपाड़ जंगल में नक्सलियों और जवानों के बीच रविवार सुबह मुठभेड़ हुई. जवानों ने मुठभेड़ में तीन नक्सलियों को ढेर कर बड़ी सफलता हासिल की है. इनमें 5 लाख का इनामी नक्सली कमांडर माड़वी देवा शामिल है. साथ ही मुठभेड़ में पोड़ियम गंगी (सीएनएम कमांडर) और सोड़ी गंगी (एरिया कमेटी सदस्य) मारे गए हैं. मौके से कई हथियार और विस्फोटक बरामद किया गया है.
जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी के जवानों ने सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया था. रविवार सुबह जवानों के इलाके में पहुंचते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए गोलियों का जवाब दिया. दोनों तरफ से रुक-रुक कर फायरिंग जारी रही. मुठभेड़ में जनमिलिशिया कमांडर माड़वी देवा, सीएनएम कमांडर पोड़ियम गंगी और एरिया कमेटी सदस्य सोड़ी गंगी ढेर हुए हैं.
मौके से कई हथियार और विस्फोटक बरामद
इस दौरान मौके से 303 राइफल, BGL लॉन्चर्स, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है. जवानों का क्षेत्र में संघन सर्च अभियान जारी है.
रायपुर। अस्पतालों की गुणवत्ता, सुरक्षा और नियमानुसार उपचार सुनिश्चित करने में अनियमितता पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में खामियां मिलने के बाद बलौदाबाजार जिले में संचालित दो निजी अस्पतालों के आयुष्मान पंजीयन 3 माह के लिए सस्पेंड कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आरोग्यम हॉस्पिटल सिमगा एवं ओमकार हॉस्पिटल बलौदाबाजार की जांच कराई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उक्त दोनों अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं होने पर राज्य कार्यालय को अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई। अनुशंसा के आधार पर राज्य नोडल एजेंसी ने आरोग्यम हॉस्पिटल सिमगा एवं ओमकार हॉस्पिटल बलौदाबाजार का आयुष्मान पंजीयन 3 माह के लिए सस्पेंड कर दिया है।
जांच में मिली ये प्रमुख खामियां
अस्पताल स्टाॅफ की योग्यता का सत्यापन न होना, आवश्यक मेडिकल उपकरणों का अभाव, केस शीट और उपचार रजिस्टर में गड़बड़ियां, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली कमजोर, दवाइयों और प्रक्रियाओं की गलत प्रविष्टियां, आवश्यक सुविधाओं की कमी, मरीजों की देखरेख में खामियां मिली।
रायपुर। नए साल में रायपुर-मुंबई के बीच सफर करने वाले यात्रियों को नई फ्लाइट का विकल्प मिलेगा. दोनों शहरों के बीच यात्रियों की काफी संख्या को देखते हुए इंडिगो एयरलाइंस एक फरवरी से चौथी उड़ान शुरू करने की तैयारी में है. यह फ्लाइट दोपहर के शेड्यूल में आवाजाही करेगी. चौथी फ्लाइट आने के बाद यात्रियों का सफर और आसान होने की उम्मीद है. रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों से संचालित होने वाली फ्लाइटों में दिल्ली, मुंबई की डिमांड काफी रहती है. दिल्ली के लिए अब नियमित रूप से आठ उड़ान का संचालन किया जाता है.
अभी मुंबई रायपुर के बीच निजी एयरलाइंस अपनी तीन उड़ानों का संचालन करता है. सामान्य दिनों में भी दोनों शहरों के बीच का किराया दस हजार से अधिक होता है और पीक सीजन में तो इसका किराया दो से ढाई गुना तक पहुंच जाता है. यात्रियों की संख्या और डिमांड को ध्यान में रखते हुए इंडिगो ने रायपुर से नवी मुंबई के बीच एक फरवरी से चौथी उड़ान शुरू करने की घोषणा की है. यह फ्लाइट दोपहर के शेड्यूल में आवाजाही करेगी. रायपुर-मुंबई के बीच विमानों की संख्या बढ़ाने की मांग काफी समय से की जा रही थी.
दो साल पहले एयर इंडिया की मुंबई-रायपुर- विशाखापट्नम की उड़ान बंद होने के बाद दोनों शहरों के बीच का चौथा संपर्क टूटा था. एक फरवरी से शुरू होने वाली यह फ्लाइट 6ई 2283 बनकर नवी मुंबई से दोपहर 12.50 बजे रवाना होकर 14.35 बजे रायपुर में लैंड होगी. वहीं वापसी के दौरान 6ई22844 बनकर यह दोपहर 3.05 बजे टेकऑफ होकर शाम 5.05 बजे मुंबई में लैंड होगी. विमानन अधिकारियों के अनुसार यह समय व्यापारी, छात्रों और मेडिकल ट्रैवलर्स के लिए बेहद फायदेमंद रहेगा. वर्तमान में रायपुर से मुंबई की तीन फ्लाइट सुबह 8.40 बजे, 9.40 और शाम 5.355 बजे संचालित होती है.
20 नवंबर को प्रभावित रहेगी उड़ान
मुंबई एयरपोर्ट में मानसून के बाद होने वाले रखरखाव की वजह से 20 नवंबर को विमानों का ऑपरेशन छह घंटे प्रभावित रहेगा. सुबह 11 से शाम 5 बजे तक रनवे बंद रहने की वजह से इस अवधि में आवाजाही करने वाले विमानों को री-शेड्यूल के साथ स्थगित भी किया जाएगा. इस अवधि में रायपुर के लिए आवाजाही करने वाली एक उड़ान प्रभावित रहेगी.