प्रदेश
ED के प्रेस नोट पर भड़के भूपेश बघेल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के अंतर्गत की गई। चैतन्य को विशेष न्यायालय (PMLA), रायपुर में पेश किया गया, जहां से उन्हें 22 जुलाई तक ED रिमांड पर भेज दिया गया है।
ईडी द्वारा चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर चार दिन बाद आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
“ED अब भाजपा की एजेंसी बन गई है” – भूपेश बघेल
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,
“अब एक प्रेस रिलीज आया है। मेरे घर 10 मार्च को ED आई, छापा मारा लेकिन कोई प्रेस नोट नहीं दिया कि क्या जब्त हुआ। फिर 26 मार्च को CBI ने छापेमारी की, लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं बताया। मैंने खुद मीडिया को बताया था कि क्या मिला। अब मेरे बेटे की गिरफ्तारी के चार दिन बाद प्रेस नोट आया है। क्या अडानी के ऑफिस का कंप्यूटर ख़राब हो गया था या भाजपा का ‘सुपर CM’ छुट्टी पर था?”
भूपेश बघेल ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए लिखा कि,
“ED भाजपा के लिए और भाजपा ED के लिए काम करती है। इसीलिए आज सर्वोच्च न्यायालय ने ईडी को फटकार लगाई है कि आप राजनीतिक लड़ाई न लड़ें और न ही किसी के उपकरण बनें।”
भाजपा पर तीखा हमला
बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि ED की यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और भाजपा लोकतांत्रिक संस्थानों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अगर उनके बेटे की गिरफ्तारी में कोई गंभीरता थी, तो तुरंत प्रेस को जानकारी क्यों नहीं दी गई?
ईडी की जांच और चैतन्य की भूमिका
ED के अनुसार, चैतन्य बघेल पर आरोप है कि उन्होंने शराब घोटाले से जुड़े 16.70 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की, जिसे उन्होंने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के ज़रिए वैध दिखाने की कोशिश की। मामले की जांच अभी भी जारी है।
PHE अभियंताओं के लिए BIS का क्षमता निर्माण कार्यक्रम: देशभर के विशेषज्ञों ने दिए तकनीकी नवाचारों पर सुझाव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा-
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव आज भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अभियंताओं के लिए आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय द्वारा रायपुर के नवीन विश्राम भवन में 21 जुलाई और 22 जुलाई को दो दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। देशभर से आए विषय विशेषज्ञ कार्यक्रम में पीएचई के अभियंताओं को जल प्रदाय योजनाओं में प्रयुक्त सामग्री और कार्यों के नए मानकों की जानकारी दे रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रदेशभर के 120 से अधिक अभियंता इसमें हिस्सा ले रहे हैं जिनमें मुख्य अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता शामिल हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभियंताओं से कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में नए मानकों और नवाचारों से अपडेट रहना जरूरी है। एक इंजीनियर के रूप में सम-सामयिक तकनीकी पहलुओं और उनके नवीन मापदंडों की जानकारी आवश्यक है। कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए इनकी अच्छी जानकारी काफी मददगार होती है। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो को क्षमता निर्माण कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे हमारे अभियंताओं की दक्षता और क्षमता बढ़ेगी।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का कार्य सीधे जन कल्याण से जुड़ा हुआ है। चाहे वह स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हो, जल शोधन की प्रक्रिया हो या ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति तंत्र को सुदृढ़ बनाना हो। इन कार्यों की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम मानकों का कितना पालन करते हैं और तकनीकी ज्ञान को कितनी सफलता से धरातल पर उतारते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अभियंताओं के लिए यह कार्यक्रम उनके कार्यस्थल पर प्रभावी कार्य संपादन में सहायक होगी।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने कहा कि देश-दुनिया में प्रचलित मानकों और मापदंडों से विभाग के अभियंताओं को अवगत कराने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने विभागीय अभियंताओं से अपील की कि वे यहां सीखी गई बातों को फील्ड में कार्यों के मापन और मूल्यांकन में जरूर अपनाएं। जल जीवन मिशन के संचालक जितेन्द्र शुक्ला, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता टी.डी. सांडिल्य और भारतीय मानक ब्यूरों के क्षेत्रीय निदेशक एस.के. गुप्ता ने भी प्रतिभागी अभियंताओं को संबोधित किया।
दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में इनसे संबंधित मानकों की दी जाएगी जानकारी
भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ दो दिनों तक चलने वाले क्षमता निर्माण कार्यक्रम में पीएचई के अभियंताओं को भवन उपयोगिता में वृद्धि हेतु जल आपूर्ति, जल निकासी एवं स्वच्छता के लिए श्रेष्ठ व्यवहार, सेवाओं एवं संसाधनों का अनुकूलन : पेयजल आपूर्ति सेवाएं और परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षित जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पेयजल की गुणवत्ता, नमूनाकरण एवं परीक्षण में मानकों की भूमिका, सतत संचयन : वर्षा जल प्रबंधन में बीआईएस मानकों की भूमिका, आधुनिक स्वच्छता समाधान : रोटेशनल मोल्डेड पॉलीएथिलीन सेप्टिक टैंक और आईएस 18666, ओवरहेड टैंक, सिविल संरचनाएं (धातु, सीमेंट, आरसीसी), पैकेज्ड जल उपचार संयंत्र (पारंपरिक व अपरंपरागत), दक्षता का अनुकूलन : अपशिष्ट जल आपूर्ति नेटवर्क में परिसंपत्ति प्रबंधन, पाइप सामग्री (DI/CI/PVC/HDPE) तथा पंपिंग प्रणालियों में मानकीकरण के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के बारे में जानकारी देंगे।
बीआईएस के ये विशेषज्ञ दे रहे जानकारी
रिसोर्स पर्सन के रूप में भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ फालेन्द्र कुमार, राजेश कुमार दास, देवेन्द्र सिंह धपोला, आर.पी. देवांगन, डॉ. एन. मुरली मोहन और डॉ. मयूर जे. कपाड़िया लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के इंजीनियरों को जल प्रदाय प्रणाली और रेन वाटर हार्वेस्टिंग से संबंधित नए मानकों और मापदंडों की जानकारी दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के आयोजन की तैयारियां प्रारंभ
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष के आयोजन के संबंध में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के आयोजन के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए आयोजित इस बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के प्रभारी सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त और कलेक्टर शामिल हुए। रजत जयंती वर्ष में 15 अगस्त 2025 से 6 फरवरी 2026 तक 25 सप्ताहों के दौरान राज्य के सभी विभागों, माननीय मंत्रिगणों के अनेकों कार्यक्रम शामिल होंगे।
रजत जयंती वर्ष का आयोजन दो चरणों में होगा। पहला चरण 15 अगस्त 2025 से 31 अक्टूबर 2025 तक होगा। दूसरा चरण 01 नंवबर 2025 से 6 फरवरी 2026 तक होगा। रजत जयंती वर्ष के आयोजन के अवसर पर राज्य शासन के सभी विभागों द्वारा अपने साप्ताहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें उनकी विभागीय योजनाओं एवं राज्य में 25 वर्ष में विभाग द्वारा किए गए कार्यों का समावेश होगा। अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने सभी विभाग के प्रमुख अधिकारियों से शीघ्र ही अपने विभाग की कार्ययोजना संस्कृति सचिव को 5 अगस्त तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। जिला कलेक्टरों को भी जिला स्तर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए है।
छत्तीसगढ़ का रजत जयंती का उत्सव गरीब, युवा, अन्नदाता व नारी पर आधारित होगा। जिसमें इनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में जनभागीदारी, सरकारी और निजी क्षेत्र से जुड़े लोगों सहित आम जनमानस की सक्रियता और सहभागिता से जनगौरव और देशभक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में विरासत और विश्वास का संगम होगा। जिसमें छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की गतिविधियों का समावेश होगा। आयोजन में तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता निगरानी की जाएगी।
बैठक में संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव ने रजत जयंती वर्ष के आयोजन के संबंध में प्रस्तुतिकरण के जरिए विस्तार से जानकारी दी। आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. रवि मित्तल ने रजत जयंती कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण गतिविधियों को शामिल करने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों के दौरान विभागों द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों का समावेश होना चाहिए।
रजत जयंती वर्ष के कार्यक्रम ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, जिला स्तर तथा राज्य स्तर पर आयोजित होंगे। बैठक में विभागीय सचिवों से कहा गया है कि वे शीघ्र ही राज्य एवं जिला स्तर पर अपने विभागीय अधिकारियों की नियुक्ति कर दें। रजत जयंती के कार्यक्रम में प्रदर्शनी, जनसम्पर्क भ्रमण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, साहित्यक संगोष्ठी सहित विद्यालय और महाविद्यालय में प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। आयोजन की सफलता के लिए राज्य शासन के सभी विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है।
छत्तीसगढ़ में तैयार हो रहा सड़कों का मजबूत नेटवर्क, राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिए 5353 करोड़ रुपए मंजूर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य में दो इकोनॉमिक कॉरिडोर सहित राज्य के दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों में सड़कों का मजबूत नेटवर्क बनाने का काम शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने का भी निर्णय लिया गया है।
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए वर्तमान में कुल 18,215 करोड़ रुपये लागत की 37 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास हेतु 11 विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही हैं, इन सड़कों की लंबाई 1131 किलोमीटर होगी, जिनकी कुल लागत 24,693 करोड़ रुपये है। राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिए भारत सरकार द्वारा कुल 5353 करोड़ रुपये की लागत वाली 18 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसके सम्पूर्ण होने से राज्य के विकास को एक नयी गति मिलेगी। राज्य में वर्ष 2014 से 2025 तक 840 किलोमीटर लंबाई के सिंगल-मध्यवर्ती लेन राष्ट्रीय राजमार्ग को 2 या अधिक लेन में उन्नत किया गया है। राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 2014 से 2025 तक 21,380 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा, भारत सरकार ने 2014 से 2025 तक केंद्रीय सड़क और सी.आर.आई.एफ. और इकनोमिक इंपोर्टेंस एवं इंटर स्टेट कनेक्टिविटी के तहत राज्य की सड़कों के विकास के लिए कुल 3826 करोड़ रुपये की लागत के 70 कार्यों को मंजूरी दी है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में राजमार्गों के नेटवर्क को और मजबूत किया जा रहा है। रायपुर एवं दुर्ग शहर के नागरिकों को सघन एवं भारी यातयात से राहत पहुंचाने हेतु 2 पैकेजों में 92 किलोमीटर लंबाई वाला 6 लेन का रायपुर-दुर्ग बाईपास का भी निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी लागत 2289 करोड़ रूपए है।
दो आर्थिक गलियारे
विशाखापट्टनम के पोर्ट के माध्यम से छत्तीसगढ़ के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, इस 6 लेन सड़क की लंबाई के 124 किलोमीटर होगी। इस मार्ग के लिए 4146 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है तथा निर्माण कार्य प्रगति पर है। रायपुर एवं बिलासपुर को झारखण्ड की औद्योगिक नगरी रांची और धनबाद से जोड़ने के लिए 4 लेन सड़क का बिलासपुर-उरगा-पत्थलगाँव का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी लंबाई 157 किलोमीटर और लागत 4007 करोड़ रुपये है।
एल डब्ल्यू ई और जनमन योजना
भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समस्या को समाप्त करने के लिए 2014 से 2025 तक लेफ्ट विंग एक्सट्रिमिस्म (एल. डब्लू. ई) योजना के अंतर्गत महत्वपूर्ण सड़कों के विकास के लिए 2625 करोड़ रुपये की राशि व्यय की है। इसी प्रकार विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के विकास हेतु पीएम-जनमन योजना में राज्य को 715 सड़कें, 2449 किमी. एवं 1699 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इन सड़कों से 775 विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटें लाभान्वित होगी। भारत सरकार द्वारा देश में राज्यों को 4831 किमी. लम्बाई की स्वीकृति में से राज्य को 2449 किमी. लम्बाई की स्वीकृति दी गई है, जो कि कुल स्वीकृति का 51 प्रतिशत है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के आस-पास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है। उरगा-कटघोरा बाईपास बसना से सारंगढ़ (माणिकपुर) फीडर रूट, सारंगढ़ से रायगढ़ फीडर रूट और रायपुर-लखनादोन आर्थिक गलियारा परियोजनाओं की कुल लंबाई 236.1 किलोमीटर है, जिसके लिए भारत सरकार ने कुल 9208 करोड़ स्वीकृत किया है। केन्द्रीय सड़क निधि से सड़कों के निर्माण के लिए 908 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है।
गणेश पूजा में बिना अनुमति नहीं लगेंगे पंडाल और स्वागत द्वार
रायपुर/बिलासपुर। सड़कों पर त्यौहारी सीजन में बिना अनुमति के पंडाल और स्वागत द्वार इत्यादि लगाने को लेकर दायर की गई याचिका की सुनवाई आज मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की युगल पीठ में हुई। शासन की तरफ से कोर्ट से अतिरिक्त समय यह कहकर मांगा गया कि नई गाइडलाइंस कई विभागों के सहयोग से बनाई जा रही है, जिसमें कुछ समय लगेगा। कोर्ट ने आदेशित किया कि जब तक नई गाइडलाइंस नहीं आ जाती तब तक वर्तमान में अनुमति लेने की गाइडलाइन्स लागू रहेगी।
क्या है वर्तमान में लागू गाइडलाइन्स
छत्तीसगढ़ शासन गृह (पुलिस) विभाग द्वारा 22 अप्रैल 2022 को जारी किए गए आदेश के अनुसार विभिन्न संस्थाओं संगठनों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि आयोजन के पूर्व जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिससे आम नागरिकों के आवागमन, बाजार व्यवस्था एवं सुरक्षा के उपाय करने तथा सुचारू रूप से प्रशासनिक व्यवस्था बनाई जा सके। आदेश में विविध/ निजी/ सार्वजनिक/ धार्मिक/ राजनीतिक/ अन्य संगठन अथवा संस्थाओं के द्वारा विभिन्न आयोजन, यथा धरना, जुलूस, रैली, प्रदर्शन, भूख हड़ताल, सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक आदि आयोजन जिसमें भीड़ आती हो उसके लिए कलेक्टर की अनुमति अनिवार्य है जिसके तहत निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर घोषणा पत्र देना होगा।
क्या हो रहा था अभी तक
याचिकाकर्ता रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने चर्चा में बताया की रायपुर शहर में वर्ष 2022, 2023, 2024 में गणेश और दुर्गा त्यौहार में लगे पंडालों के लिए ना तो कलेक्टर कार्यालय से अनुमति ली गई ना ही नगर पालिक निगम से। दोनों ही कार्यालयों ने उन्हें लिखित में बताया है कि इन तीनों वर्षों में गणेश पंडाल और दुर्गा पंडाल के लिए उनके द्वारा कोई भी अनुमति नहीं दी गई। त्योहारी सीजन के दौरान पूरे शहर में अव्यवस्था फैली रहती है। रायपुर की सकरी सडकों में, जहां पार्किंग की भी जगह नहीं मिलती, सड़क जाम कर, बिना अनुमति के विभिन्न आयोजन करे जाते हैं, जिससे आम नागरिकों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर उन्होंने न्यायालय के समक्ष याचिका दायर की है।

छत्तीसगढ़ में फिशरीज के नये युग की शुरूआत, हसदेव डुबान में बनेगा पहला एक्वा पार्क
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द ही मछली पालन के क्षेत्र में एक नये युग की शुरूआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के कोरबा जिले में हसदेव बांगो डुबान जलाशय में पहला एक्वा पार्क स्थापित होने जा रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत केन्द्र सरकार से 37 करोड़ 10 लाख रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत हो चुकी हैं। यह एक्वा पार्क एतमा नगर और सतरेंगा क्षेत्र में फैलें सैकड़ों एकड़ डुबान जलाशय में विकसित होगा। इस एक्वा पार्क विकसित हो जाने से राज्य में मछली पालन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होगा। मछली उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, विक्रय, निर्यात और एक्वा टूरिजम से क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पार्क की स्थापना के लिए राशि स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित केन्द्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।


कोरबा जिले के हसदेव बांगो जलाशय के डुबान क्षेत्र में विकसित होने वाले इस एक्वा पार्क में दो तरह की सुविधाएं होंगी। एतमा नगर में फीड मिल, फिश प्रोेसेसिंग प्लांट, हेचरी और रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम स्थापित होगा। वहीं सतरेंगा में एक्वा टूरिजम को बढ़ाने के लिए म्यूजियम और अन्य सुविधा विकसित की जाएंगी। एतमा नगर में मछलियों के उत्पादन से लेकर उनकी प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के साथ-साथ उन्हें विदेशों में एक्सपोर्ट करने तक की सुविधा विकसित होगी। हेचरियों में मछलियों के बीज उत्पादन से लेकर फीड मिल में पूरक पोषक आहार भी यहीं बनेगा। फिश प्रोसेसिंग प्लांट में मछलियों की सफाई, हड्डियां हटाकर फिले बनाना और उसे उच्च स्तरीय गुणवत्ता वाले पैकेजिंग सिस्टम से पैक कर विदेशों में निर्यात करने की पूरी व्यवस्था यहां की जाएगी। एतमा नगर के इस प्रोसेसिंग यूनिट से हटकर सतरेंगा में एक्वा म्यूजियम बनेगा। पहले ही सतरेंगा पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ का प्रमुख वाटर बॉडी है। एक्वा म्यूजियम बन जाने से विभिन्न प्रकार की मछलियों को पर्यटकों की जानकारी के लिए यहां रखा जाएगा। इसके साथ ही सतरेंगा में एंगलिंग डेस्क, कैफेटेरिया, फ्लोटिंग हाउस तथा मोटर बोट सहित वाटर स्पोर्ट्स की सविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा। पर्यटन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय ग्रामीणों की आय बढ़ने से उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।
एक्वा पार्क बनने से प्रदेश में मछली व्यवसाय को मिलेगी नई दिशा - मुख्यमंत्री श्री साय
इस एक्वा पार्क की स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के मछली पालकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि इस एक्वा पार्क से न केवल मछली पालन की नई उन्नत तकनीकें लोगों तक पहुंचेंगी, बल्कि प्रोसेसिंग-पैकेजिंग यूनिट से छत्तीसगढ़ के मछली व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की तिलपिया मछली की विदेशों में बहुत मांग है और इस एक्वा पार्क में इस मछली के उत्पादन से छत्तीसगढ़ के मछली पालकों के लिए अब सात समुन्दर पार भी व्यापार के द्वार खुलेंगे। उन्होंने एक्वा पार्क की स्थापना को मछली पालन के क्षेत्र में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने वाला निर्णय बताया है।
अभी लगभग 800 केज में हो रहा मछली उत्पादन, 160 से अधिक मछुआरें उठा रहे लाभ
हसदेव बांगो जलाशय के डुबान क्षेत्र में वर्तमान समय में लगभग 800 केज लगे हैं। जहां मछली पालन विभाग के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में लगभग 9 मछुआ समितियों के 160 सदस्य मछली पालन कर रहे हैं। उन्हें पांच-पांच केज आबंटित किए गए हैं। केज कल्चर से इन सदस्यों को औसतन 90 हजार रूपए सालाना शुद्ध आमदनी मिल रही है। मछुआ समिति के सदस्य दीपक राम मांझीवार, अमर सिंह मांझीवार और देवमति उइके ने बताया कि केज कल्चर से उन्हें न केवल रोजगार मिला है, बल्कि मछलियों का उत्पादन बढ़ जाने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। इस क्षेत्र में हर साल लगभग 1600 मेट्रिक टन मछली का उत्पादन हो रहा है। केज कल्चर से मछली पालन में 70 से 80 लोग सीधे तौर पर रोजगार पा रहे हैं, वहीं 20 से 25 पैगारों-चिल्हर विक्रेताओं को बेचने के लिए हर दिन मछली मिल रही हैं। यहां मछली पालन के विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को उन्नत तकनीकों से प्रशिक्षित किया है। हसदेव बांगो डुबान केज कल्चर में मुख्यतः तिलपिया और पंगास मछली का उत्पादन किया जा रहा है। तिलपिया प्रजाति की मछली की अमेरिका में विशेष मांग है और इसका सीमित मात्रा में अभी निर्यात किया जा रहा है। एक्वा पार्क स्थापित कर इस मछली का उत्पादन बढ़ाकर अमेरिका सहित दूसरे यूरोपीय देशों में भी इसका निर्यात बढ़ाने की योजना है। इस मछली का निर्यात बढ़ने से बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर ग्रामीणजन इस व्यवसाय से जुडे़ंगे और उनकी आमदनी बढ़ने से क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
एतमा नगर के साथ ही सतरेंगा में एक्वा पार्क के विस्तार तथा डिमोस्ट्रेशन यूनिट स्थापित हो जाने से पर्यटन बढ़ेगा। देश-प्रदेश से लोग यहां मनोरंजन के साथ-साथ स्वादिष्ट मछलियों के कई प्रकार के व्यंजनों का भी लुफ्त उठा सकेंगे, इससे भी स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनकी आय में बढ़ोत्तरी होगी।
बिजली बिल शून्य, आय में वृद्धि : पीएम सूर्य घर योजना बनी आमजनों के लिए वरदान
रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। बलौदाबाजार शहर के सदर रोड निवासी राजेश केशरवानी ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है।अब उन्हें बिजली का बिल नहीं भरना पड़ता। श्री केशरवानी ने बताया कि इस योजना की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया और समाचार पत्रों से प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने बिजली विभाग से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन लिया।
आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सरल है, जिसे उन्होंने बिना किसी कठिनाई के पूरा किया। श्री केशरवानी को सोलर सिस्टम स्थापना पर 78,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई। पिछले छह महीनों से यह प्रणाली बिना किसी रुकावट के कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें हर महीने 2000 से 2500 तक का बिजली बिल भरना पड़ता था, लेकिन अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस योजना का लाभ उठाकर न केवल बिजली की बचत करें, बल्कि हर महीने की आय में भी सकारात्मक योगदान प्राप्त करें। श्री केशरवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आमजन के जीवन में सच्चे अर्थों में बदलाव ला रही है और देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही है।
शराब घोटाले में चेतन्य बघेल को मिले थे 16.70 करोड़, ईडी ने पूर्व सीएम के बेटे की गिरफ्तारी को लेकर जारी किया बयान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ईडी ने उन्हें विशेष न्यायालय (PMLA), रायपुर में पेश किया, जहां से उन्हें 22 जुलाई 2025 तक ईडी की रिमांड पर भेज दिया गया है। चेतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर ईडी ने एक अधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है।
प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि ईडी की यह जांच ACB/EOW रायपुर द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस और ईडी की जांच में यह सामने आया है कि 2019 से 2022 के बीच हुए इस शराब घोटाले से राज्य सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ और करीब 2500 करोड़ रुपये की अवैध आय (Proceeds of Crime – POC) अर्जित की गई।
चैतन्य बघेल के खिलाफ आरोप क्या हैं?
ईडी के अनुसार, चैतन्य बघेल ने 16.70 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में खपाया। उन्होंने यह पैसा नकद में ठेकेदारों को भुगतान, फर्जी बैंक एंट्री और फ्लैट खरीद के बहाने से उपयोग किया। वह त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर एक ‘विठ्ठलपुरम’ नामक परियोजना में फर्जी फ्लैट खरीद की योजना बनाकर 5 करोड़ रुपये प्राप्त करने के आरोप में भी घिरे हैं। इन फ्लैटों को ढिल्लन के कर्मचारियों के नाम पर खरीदा गया था, लेकिन असल लाभार्थी चैतन्य ही थे।
जांच में यह भी पाया गया कि चैतन्य ने इस घोटाले से जुड़े 1000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध धनराशि को हैंडल किया और इसे अनवर ढेबर एवं अन्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष तक पहुंचाया गया। यह राशि बघेल परिवार के करीबी लोगों द्वारा आगे निवेश के लिए प्रयोग की गई।
अब तक कौन-कौन फंसे हैं?
इस मामले में अब तक ईडी द्वारा जिन प्रमुख लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें शामिल हैं:अनिल टुटेजा (पूर्व आईएएस),अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लन,अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी कवासी लखमा (तत्कालीन आबकारी मंत्री और वर्तमान विधायक)ईडी ने बताया कि यह घोटाला सिर्फ शराब बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे अर्जित धन का उपयोग राजनीतिक और निजी निवेशों में किया गया है। मामले में धन की अंतिम उपयोगिता की जांच अभी चल रही है और आने वाले समय में और भी खुलासे संभव हैं।
रईसजादों के हाईवे जाम मामले में हाईकोर्ट सख्त, कहा– महंगी गाड़ियां जब्त क्यों नहीं की?
बिलासपुर। लग्जरी कारों के काफिले के साथ नेशनल हाईवे को जाम कर रील बनाने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा ने इस कृत्य पर कड़ी नाराजगी जताते हुए राज्य शासन और पुलिस से सवाल पूछा है कि इन युवकों की महंगी गाड़ियां जब्त क्यों नहीं की गईं, और अब तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई? कोर्ट ने मामले में शपथपत्र सहित जवाब तलब किया है।
दरअसल NH-130 पर रईसजादों की मनमानी का मामला अब अदालत की चौखट तक पहुंच चुका है। कुछ दिन पूर्व, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ युवक लग्जरी कारों के काफिले के साथ हाईवे को जाम कर रील बना रहे थे। यह वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कई महंगी गाड़ियों जैसे BMW, Audi, Mercedes को देखा गया।
इस वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJ) रमेश कुमार सिन्हा ने स्वतः संज्ञान लिया। उन्होंने कोर्ट में राज्य शासन और पुलिस प्रशासन से जवाब तलब किया है कि इस मामले में सिर्फ ट्रैफिक चालान क्यों किया गया, एफआईआर और वाहन जब्ती की कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
मुख्य न्यायाधीश ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा:
“अगर आम नागरिक ट्रैफिक नियम तोड़े तो कार्रवाई होती है, फिर इन रसूखदार युवकों को क्यों बख्शा गया? सिर्फ जुर्माना काफी नहीं, यह कानून व्यवस्था की खुली अवहेलना है।”
नाम और नंबर छिपाने पर नाराजगी:
हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि पुलिस ने इस मामले में दोषी युवकों के नाम और गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नंबर सार्वजनिक नहीं किए हैं। कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह सीधा-सीधा रसूखदारों को बचाने की कोशिश है। पुलिस रिकॉर्ड में जिन युवकों के नाम सामने आए हैं, उनमें वेदांश, सिद्धार्थ, यशवंत, दुर्गेश, विपिन और अभिनव शामिल हैं।हाईकोर्ट ने इस मामले में पुलिस और राज्य शासन को शपथपत्र के साथ विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि इन युवकों के खिलाफ अब तक क्या आपराधिक या प्रशासनिक कार्रवाई की गई है?
पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने फूंका ED का पुतला, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा- चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, न्याय सबके साथ होगा…
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की गिरफ्तारी के खिलाफ कांग्रेस लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है. ईडी का पुतला दहन कर रही है. कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमनसिंह ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि “ईडी अपना काम कर रही है और कांग्रेस अपना काम कर रही है. दोनों के काम में कोई बाधा नहीं है. कांग्रेस को अपना प्रदर्शन करना चाहिए और ईडी को अपना काम. कांग्रेस को क्यों दिक्क्त हो रही है, जब मामला इतना प्रभावित हो चुका है ? ईडी का अपना कर्तव्य है. उन्होंने कहा कि किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है न्याय सबके साथ होगा.”
बता दें, छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ईडी ने 18 जुलाई को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर पर छापेमार कार्रवाई के साथ ही शराब घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में उनके बेटे चैतन्य को गिरफ्तार किया है. ईडी की इस कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है, जिसे लेकर आज श्रावन मास के दूसरे सोमवार पर डॉ. रमन सिंह ने एक आयोजन के दौरान मीडिया में बयान जारी किया है.
कांवड़ यात्रा में शामिल हुए डॉ. रमन सिंह
पवित्र सावन मास के दूसरे सोमवार को शिवभक्ति का अनोखा नजारा राजनांदगांव शहर में देखने को मिला. विधानसभा अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह नंदई चौक पहुंचे और विशाल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए. उन्होंने पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया और बोल बम के नारों के साथ शिव की भक्ति में डूबते हुए यात्रा में पैदल शामिल हो गए.
शिव के बिना सब शव है : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
कांवड़ यात्रा समिति ने डॉ. रमन सिंह का भी गर्मजोशी से स्वागत किया. इस अवसर पर महापौर मधुसूदन यादव सहित भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे. डॉ. सिंह ने कहा, “शिव है तो दुनिया चलायमान है, शिव के बिना सब शव है. सावन के सोमवार का महत्व देश ही नहीं, पूरी दुनिया जानती है कि शिव जी पर जल चढ़ाना कितना सुखदायी है.”
तहसील कार्यालय में ACB का छापा, 25000 की रिश्वत लेते तहसीलदार का बाबू रंगेहाथ गिरफ्तार
रायपुर। रिश्वतखोरों के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। 25000 रुपये घूस लेते बाबू को गिरफ्तार किया गया है। मामला सूरजपुर जिले का है, जहां तहसीलदार के बाबू को एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा है। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने ये बड़ी कार्रवाई की है। तहसील कार्यालय सूरजपुर में पदस्थ तहसीलदार के बाबू जुगेश्वर राजवाड़े को एक किसान से नामांतरण के एवज में 25 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई ACB की रायपुर टीम द्वारा सोमवार को सूरजपुर तहसील कार्यालय परिसर में की गई, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है।
पकड़े गए कर्मचारी की पहचान जुगेश्वर राजवाड़े के रूप में हुई है, जो तहसीलदार कार्यालय में राजस्व संबंधित मामलों की प्रक्रिया में सहायक के रूप में कार्यरत है। वह एक किसान से भूमि नामांतरण (mutation) प्रक्रिया के नाम पर 25 हजार रुपये की मांग कर रहा था। परेशान होकर किसान ने इस संबंध में ACB कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। जब एसीबी ने इस मामले में अपनी जांच आगे बढ़ायी, तो शिकायत सही मिली। जिसके बाद एसीबी की टीम ने इस मामले में अपनी कार्रवाई आगे बढ़ायी।
शिकायत की पुष्टि के बाद ACB की टीम ने ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई और सोमवार को तयशुदा राशि लेते समय जुगेश्वर राजवाड़े को तहसील परिसर में ही रंगेहाथ पकड़ लिया। उसके हाथों से रिश्वत की राशि बरामद की गई, जिसकी पुष्टि मौके पर की गई।ACB अधिकारियों ने आरोपी कर्मचारी को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की विडियोग्राफी भी की गई है। अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस भ्रष्टाचार में अन्य कर्मचारी या तहसीलदार की भी संलिप्तता है।
पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारी भी मिली है, जिसके बाद कार्यालय के अन्य लोगों की संलिप्तता का भी खुलासा हो सकता है।
शराब घोटाला मामले में EOW की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपियों को हिरासत में लिया
रायपुर। शराब घोटाला मामले में EOW ने बड़ी कार्रवाई की है. EOW ने मनीष मिश्रा, संजय कुमार मिश्रा और अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा कि संजय और मनीष नेक्सजेन पॉवर कंपनी बनाकर FL 10 लाइसेंस लेकर प्रदेश में महंगी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की सप्लाई करते थे.
बता दें कि मनीष और संजय कुमार आपस में सगे भाई हैं. संजय कुमार पेशे से चार्टड अकाउंटेंट हैं. अभिषेक सिंह पूर्व में आबकारी घोटाले के आरोपी अरविंद सिंह का भतीजा है. तीनों आरोपियों को EOW की विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से तीनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सकती है. बता दें कि हाल ही में ईडी ने शराब घोटाला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था. उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है.
क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामला
वर्ष 2019 से 2023 के बीच, राज्य के 15 बड़े जिलों में पदस्थ आबकारी अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा बिना ड्यूटी चुकाई गई देसी शराब (B-Part शराब) की शासकीय दुकानों में समानांतर अवैध बिक्री की गई. बस्तर और सरगुजा संभाग को छोड़कर चयनित जिलों में अधिक खपत वाली देसी शराब दुकानों को डिस्टलरी से सीधे अतिरिक्त अवैध शराब भेजी जाती थी, जिसे वैध शराब के साथ समानांतर बेचा जाता था.
इस पूरे नेटवर्क में डिस्टलरी, ट्रांसपोर्टर, सेल्समैन, सुपरवाइजर, आबकारी विभाग के जिला प्रभारी अधिकारी, मंडल व वृत्त प्रभारी, और मैन पावर एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे. अवैध शराब को “बी-पार्ट शराब” कहा जाता था, और इससे अर्जित रकम सीधे सिंडीकेट के पास पहुंचाई जाती थी.
2174 से बढ़कर 3200 करोड़ का हुआ घोटाला
EOW/ACB द्वारा अब तक की गई जांच और 200 से अधिक व्यक्तियों के बयान एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अनुमान है कि लगभग 60,50,950 पेटी बी-पार्ट शराब की अवैध बिक्री हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 2174 करोड़ रुपये से अधिक है. पहले इस घोटाले का अनुमान 2174 करोड़ रुपये था, लेकिन नवीनतम आंकड़ों के अनुसार घोटाले की कुल राशि 3200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है.
अब तक हुई प्रमुख गिरफ्तारियां
इस प्रकरण में अब तक अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी, कवासी लखमा, विजय भाटिया सहित कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. FIR के अनुसार 70 आरोपी नामजद हैं. चतुर्थ पूरक चालान की प्रस्तुति हेतु न्यायालय ने आरोपियों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए.
EOW/ACB की जांच जारी
EOW/ACB द्वारा अब भी इस मामले की गहन जांच जारी है, जिसमें विदेशी शराब में लिये गये सिंडीकेट कमीशन, धन शोधन के नेटवर्क और राज्य स्तरीय समन्वय तंत्र की परतें खोली जा रही हैं.
पूर्व मंत्री को घोटाले में मिले 64 करोड़ रुपये
शराब घोटाला मामले की जांच में अब तक यह सामने आया है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के संरक्षण में विभागीय अधिकारियों, सहयोगियों और ठेकेदारों के माध्यम से यह सुनियोजित घोटाला किया गया. इस घोटाले से प्राप्त रकम को व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों में खर्च किया गया, जिससे उन्हें अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ. अब तक तीन पूरक अभियोग पत्रों सहित कुल चार अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं. इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच जारी है.
शराब घोटाला मामले में 22 अफसर निलंबित
बीती 11 जुलाई को छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब घोटाला मामले में कुल 22 अधिकारियों को निलंबित किया था. यह कार्रवाई पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के दौरान हुए 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच के आधार पर की गई है. वर्ष 2019 से 2023 के बीच हुए इस घोटाले में आबकारी विभाग के इन अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई थी, जिन्होंने अवैध रूप से अर्जित धन से संपत्तियां बनाई थी.
राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को कैबिनेट मंत्री व सांसद ने किया सम्मानित
बलौदाबाजार। 68 वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में जिले के खिलाड़ियों ने कुराश एवं नेट बॉल में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते। इन विजेता खिलाड़ियों को कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, जांजगीर -चाम्पा सांसद कमलेश जांगड़े ने शनिवार क़ो संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में गुलदस्ता देकर सम्मानित किया।
इसके पूर्व कलेक्टर दीपक सोनी ने राज्य सरकार की ओर दी गई पुरस्कार राशि का चेक खिलाड़ियों क़ो प्रदान किया। इस दौरान स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 21 हजार रुपये, रजत पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 15 हजार रुपये और कांस्य पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 10 हजार रुपये का चेक दिया गया।
घर में चल रहा था धर्मांतरण का खेल, शिक्षिका और उसके बेटे पर FIR, गिरफ्तारी की लटकी तलवार
बिलासपुर। बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत गीतांजलि सिटी फेस-2 में एक घर में चल रही प्रार्थना सभा ने उस वक्त राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया, जब स्थानीय नागरिक सूरज ताम्रकार ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि वहाँ अवैध रूप से धर्मांतरण कराया जा रहा है। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आत्मानंद स्कूल की शिक्षिका अरुंधति साहू और उनके बेटे साकेत साहू के खिलाफ धारा 299 BNS के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अरुंधति साहू के घर पर हर रविवार प्रार्थना सभा आयोजित की जाती थी, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल होते थे। लेकिन हाल ही में इसमें धर्मांतरण के उद्देश्य से प्रभाव डालने और धार्मिक पहचान बदलने के लिए प्रेरित करने की बात सामने आई है। जब हिंदू संगठनों को इसकी जानकारी मिली, तो वे भारी संख्या में वहाँ पहुँचे और विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद स्थानीय माहौल तनावपूर्ण हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को संभाला। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और यह भी जांच की जा रही है कि कहीं बड़ी साजिश या नेटवर्क तो इसके पीछे नहीं है।
इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने कड़ा रुख अपनाते हुए बयान दिया है। उन्होंने कहा,
“कांग्रेस सरकार के समय एक भी धर्मांतरण मामले में कार्रवाई नहीं होती थी। अब हमारी सरकार में ऐसे लोग पकड़े जा रहे हैं, क्योंकि हम सख्ती से कार्यवाही कर रहे हैं। धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ कानून है और अब उस पर अमल हो रहा है। यही वजह है कि अब इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।”
