प्रदेश
कुएं की सफाई करने उतरे दो भाइयों की डूबने से हुई मौत
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां कुएं की सफाई के दौरान दो सगे भाइयों की डूबकर मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि कुएं के भीतर ऑक्सीजन की कमी के कारण यह हादसा हुआ। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची बेलगहना पुलिस की जांच में जुट गई है। यह घटना कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत करही कछार के आश्रित मोहल्ला डिपरापारा में हुई है।
जानकारी के अनुसार, बेलगहना चौकी क्षेत्र के डिपरापारा में रहने वाला दिलीप पटेल शुक्रवार की शाम घर के कुएं की सफाई के लिए कुएं में उतरा। सफाई के दौरान वह पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसका सगा भाई दिनेश पटेल भी कुएं में उतर गया। ऐसी आशंका है कि कुएं के भीतर ऑक्सीजन की कमी के कारण दोनों भाइयों की मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर बेलगहना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कुएं से निकाला गया। पुलिस का कहना है कि मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के सही कारणों का पता चल सकेगा।
15 जुलाई से फिर शरू होगी कोरोना काल में बंद हुई लोकल मेमू-डेमू ट्रेनें
डोंगरगढ़। कोरोना काल में सुरक्षा कारणों से बंद की गई लोकल मेमू और डेमू पैसेंजर ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू होने जा रहा है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 15 जुलाई से इन ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से बहाल करने का निर्णय लिया है, जिससे दुर्ग, राजनांदगांव, गोंदिया, कटंगी, रायपुर, डोंगरगढ़ और बालाघाट समेत छोटे-बड़े स्टेशनों पर यात्रा करने वालों को काफी सहूलियत मिलेगी.
सांसद संतोष पांडेय ने इसे यात्रियों के लिए सुखद समाचार बताते हुए कहा कि कोरोना काल के बाद इन लोकल ट्रेनों के बंद होने से यात्रियों को रोजाना आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.
सांसद पांडेय ने कहा कि मैंने इस विषय को लेकर लगातार केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से आग्रह किया और जून माह में हुई मंडल स्तरीय रेलवे बैठक में भी इन ट्रेनों का संचालन पुनः शुरू करने की मांग प्रमुखता से रखी थी. आज यह मांग पूरी हुई है. इसके लिए यात्रियों को बधाई देता हूं. इसके साथ ही मैं केंद्रीय रेल मंत्री और रेलवे मंडल के अधिकारियों का आभार व्यक्त करता हूं.

रेलवे प्रशासन ने बताया कि 15 जुलाई से गोंदिया-कटंगी, रायपुर-डोंगरगढ़, रायपुर-गेवरा रोड, तूमसर रोड-बालाघाट समेत 13 लोकल मेमू और डेमू पैसेंजर ट्रेनें फिर से पटरियों पर लौटेंगी. 17 जुलाई तक सभी रूटों पर संचालन पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा. इन ट्रेनों के संचालन से कम किराये में यात्रा का विकल्प फिर से खुलेगा और यात्रियों को निजी वाहनों या बसों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी. साथ ही विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों की आवाजाही भी सुगम हो सकेगी.
तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नदी में गिरी, 2 लोगों की हुई मौत
सूरजपुर। सूरजपुर जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे बिश्रामपुर इलाके को शोक में डुबो दिया है। बिहार के बैशाली जा रहा एक ही परिवार उस समय हादसे का शिकार हो गया, जब उनकी कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जबकि दो लोगों को स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।
यह दिल दहला देने वाली घटना आज सुबह करीब 6 बजे बिहार के पालीगंज इलाके की बताई जा रही है। सूरजपुर से निकला परिवार जब पालीगंज के नहर के पास पहुंचा, तो कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे नहर में पलट गई। देखते ही देखते कार में सवार सभी पांच लोग पानी में बहने लगे।
स्थानीय ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए रेस्क्यू कर दो लोगों की जान बचा ली। दोनों घायलों को गंभीर हालत में पटना एम्स में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।इस हादसे में ससुर, बहू और पोती की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे परिवार में कोहराम मच गया है। मृतकों की पहचान सूरजपुर निवासी एक ही परिवार के सदस्य के रूप में हुई है, जो किसी पारिवारिक कार्यक्रम के लिए बिहार जा रहे थे।
बिश्रामपुर इलाके में हादसे की खबर मिलते ही शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के घर में मातम पसरा हुआ है और पूरे क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है।पुलिस प्रशासन ने घटनास्थल का निरीक्षण कर कार को नहर से बाहर निकाला और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। हादसे के कारणों की जांच जारी है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ड्राइवर द्वारा वाहन पर नियंत्रण खो देने की बात सामने आई है।
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और सावधानी की अनदेखी के खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि लंबी यात्रा पर जाते समय वाहन की तकनीकी जांच अवश्य कर लें और सुरक्षित ड्राइविंग का पालन करें।
23 नक्सलियों ने हथियार छोड़, मुख्य धारा में लौटने का लिया फैसला…
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा में आज पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी सफलता हाथ लगी है. कुल 1 करोड़ 18 लाख रुपए के इनामी 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है. आत्मसमर्पण करने वालों में 8 हार्डकोर नक्सली पीएलजीए बटालियन से जुड़े थे, जबकि अन्य अलग-अलग संगठनों में सक्रिय थे.
आत्मसमर्पित नक्सलियों में 1 डीव्हीसीएम, 6 पीपीसीएम, 4 एसीएम और 12 पार्टी सदस्य भी शामिल हैं. कुल 23 नक्सलियों में 9 महिला और 14 पुरुष हैं, जिनमें 3 नक्सली दंपत्ति भी शामिल हैं.
सरकार की नीतियों से हुए प्रभावित
सरकार की “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति” और “नियद नेल्ला नार योजना” से प्रभावित होकर तथा सुदूर इलाकों में नवीन सुरक्षा कैंपों की स्थापना और पुलिस के बढ़ते दबदबे के चलते इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.
इन 23 नक्सलियों में:
- 11 नक्सलियों पर 8-8 लाख का इनाम था
- 4 नक्सलियों पर 5-5 लाख का इनाम
- 1 नक्सली पर 3 लाख का इनाम
- और 7 नक्सलियों पर 1-1 लाख का इनाम घोषित था.
इस तरह कुल इनामी राशि ₹1.18 करोड़ रही.
यह आत्मसमर्पण सरकार के नक्सल उन्मूलन अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.
अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिल रहा है. अंबिकापुर की ओर आ रही कार हादसे का शिकार हो गई. तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई. दर्दनाक हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई. वहीं 3 की हालत गंभीर है. इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है. घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र के चठिरमा के पास की है.
जानकारी के मुताबिक, तेज रफ्तार कार में तीन युवक और दो युवती सवार होकर अंबिकापुर आ रहे थे. इस दौरान चठिरमा के पास कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई. हादसे में एक युवक और युवती की मौके पर ही मौत हो गई. जोरदार भिड़ंत की आवाज से आसपास के लोग मौके पर पहुंचे.
सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार में फंसे शवों को बाहर निकाला. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके ने की मुलाकात
रायपुर। भारत सरकार के केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री उइके का पारंपरिक कोसा वस्त्र और बेल मेटल से निर्मित स्मृति चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास, जनजातीय युवाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, एवं आधारभूत संरचना से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय अंचलों में चलाए जा रहे विकासात्मक कार्यों एवं योजनाओं की जानकारी दी तथा इन क्षेत्रों में भारत सरकार के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री उइके ने भी जनजातीय कल्याण हेतु केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और राज्य के प्रयासों की सराहना की।
भ्रष्टाचारियों पर चलेगा विष्णु का सुदर्शन
पूर्ववर्ती सरकारों में हुए घोटाले की भी होगी जांच, छत्तीसगढ़ के लुटेरों को दिलाएंगे सजा -विष्णुदेव साय
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्ववर्ती शासनकाल में हुए सभी घोटालों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी पद पर क्यों न हों। राज्य सरकार डीएमएफ घोटाला, महादेव आनलाइन सट्टा एप प्रकरण, तेंदूपत्ता वितरण, सीजीएमएससी और अन्य मामलों की भी गहन जांच करा रही है। हाल के दो वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई की है। राज्य सरकार नीतियों और परिणामों से लोगों का विश्वास अर्जित कर रही है। अब राज्य में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। हमारा लक्ष्य पारदर्शी, उत्तरदायी और ईमानदार शासन है।
मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि यह सरकार न तो भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करेगी, न दोषियों को छोड़ेगी। अब प्रदेश में ईमानदारी ही नई पहचान बनेगी। राज्य सरकार का उद्देश्य सिर्फ प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्ठा के बल पर सुशासन का एक नया मानक स्थापित करना है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार के समूल उन्मूलन के साथ सुशासन की दिशा में अग्रसर है। शासन की प्राथमिकता पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित में निष्ठावान प्रशासन है। इसी क्रम में जेम पोर्टल से सरकारी खरीद को अनिवार्य किया गया है। ई-आफिस प्रणाली लागू की गई है और 350 से अधिक सुधारों के माध्यम से निवेश की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 की शुरुआत के साथ अब एनओसी की प्रक्रिया सरल, तेज और तकनीक सक्षम हो चुकी है। इससे उद्यमियों और निवेशकों को सीधा लाभ मिला है।
कम्प्यूटर, फर्नीचर की खरीदी में मनमानी, रिटायर्ड तत्कालीन प्राचार्य के पेंशन से की जाएगी लाखों रुपए की वसूली
रायपुर। कॉलेज में कम्प्यूटर, फर्नीचर की खरीदी में नियमों का पालन नहीं करना रिटायर्ड तत्कालीन प्राचार्य को भारी पड़ गया. इस मामले में उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय ने सेवानिवृत्त तत्कालीन प्राचार्य डॉक्टर निशा शर्मा के पेंशन से 17 लाख से ज्यादा की राशि वसूलने का आदेश जारी किया है. पूरा मामला गजानन अग्रवाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भाटापारा का है.
आदेश में कहा गया है कि गजानन अग्रवाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भाटापारा के निर्माण कार्य, कम्प्यूटर एवं फर्नीचर खरीदी में सेवानिवृत्त तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य एवं सहायक प्राध्यापक डॉक्टर निशा शर्मा ने नियमों का उल्लंघन किया है. उन्होंने भंडारण क्रय नियम का उल्लंघन करते हुए निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जिससे शासन को वित्तीय हानि हुई है. इस मामले में अब सेवानिवृत्त तत्कालीन प्राचार्य डॉक्टर निशा शर्मा से 17,71,106 रुपए उनके पेंशन से वसूली की जाएगी.

नई बिजली दरें संतुलित, ग्रामीण-आदिवासी, सभी के लिए हितकारी तथा विकासपरक
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने आज नया टैरिफ जारी किया. नई बिजली दर को लेकर बिजली कंपनी ने बताया, विद्युत दर में विगत वर्ष की तुलना में मात्र 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 20 पैसा और कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को 25 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा देना होगा. नई बिजली दरें सभी के लिए हितकारी और विकासपरक है.
वितरण कंपनी के एमडी भीमसिंह कंवर ने बताया कि समेकित रूप से विद्युत दर में विगत वर्ष की तुलना में मात्र 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो नगण्य है. कृषि उपभोक्ताओं के लिए कुछ मदों में दर वृद्धि की गई है, जिसका भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जाता है. इससे कृषि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह का अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा. इसके अलावा अस्थायी कनेक्शनों, आदिवासी अंचलों, मुरमुरा-पोहा उद्योगों, प्रिंटिंग प्रेस आदि के लिए रियायतें बढ़ाई गई है या यथावत रखी गई है.
बिजली कंपनी ने कहा, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी को विद्युत की लागत 7 रुपए 2 पैसे पड़ती है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम 4 रुपए 10 पैसे की दर से विद्युत आपूर्ति की जाती है. नए टैरिफ में निम्न मध्यम वर्ग के घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत दरों में 10 पैसे प्रति यूनिट एवं अन्य घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है. गौशाला, शासन द्वारा अधिसूचित बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में आने वाले स्टे-होम्स को घरेलू उपभोक्ता श्रेणी में सम्मिलित किया गया है. घरेलू उपभोक्ता श्रेणी के अंतर्गत लिए गए अस्थायी कनेक्शन पर नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ के स्थान पर नार्मल टैरिफ का 1.25 गुना टैरिफ लागू किया गया है.
नक्सल प्रभावित जिलों में मोबाइल टॉवरों को 10 प्रतिशत की छूट
बिजली कंपनी ने बताया, नक्सल प्रभावित जिलों में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने मोबाइल टॉवर की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए इन क्षेत्रों में आने वाले सभी मोबाइल टॉवरों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है. कृषि पम्पों के लिए विद्युत की दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है. कृषि पंपों के विद्युत देयकों का भुगतान राज्य शासन द्वारा किया जाता है, इसलिए यह भार राज्य शासन स्वयं वहन करेगा.
गैर सबसिडी वाले कृषि पंप के उपभोक्ताओं को अब 30 प्रतिशत तक छूट
दरें बढ़ने पर बिजली कंपनी ने कहा, गैर घरेलू उपभोक्ताओं की विद्युत दरों में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है. इसी श्रेणी के अंतर्गत लिए गए अस्थायी कनेक्शन पर भी नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ के स्थान पर नार्मल टैरिफ का 1.25 गुना टैरिफ लागू किया गया है. गैर सबसिडी वाले कृषि विद्युत पंप वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है. किसानों को खेतों में लगे विद्युत पम्पों और खेतों की रखवाली के प्रयोजनार्थ पम्प कनेक्शन के अंतर्गत वर्तमान में पम्प के समीप 100 वॉट के भार उपयोग की सुविधा प्रभावशील है. किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए आयोग ने 100 वॉट तक लाइट एवं पंखे की स्वीकृति जारी रखी है.
पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए निम्न दाब इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग इकाइयों के लिए इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग की टैरिफ को औसत विद्युत लागत के बराबर अर्थात् 7.02 रुपए प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है. उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग की टैरिफ को औसत विद्युत लागत के बराबर अर्थात 6.32 रुपए प्रति केव्हीएएच निर्धारित किया गया है.
महिला समूहों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट रहेगी बरकरार
बिजली कंपनी ने बताया है कि नियामक आयोग ने महिला सशक्तिकरण के लिए पंजीकृत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा संचालित उद्योग संबंधी गतिविधियों और व्यवसायिक गतिविधियों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट जारी रखा है. राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्रधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम एवं डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए प्रचलित विद्युत दरों के ऊर्जा प्रभार में दी जा रही 5 प्रतिशत की छूट को जारी रखा है. पोहा एवं मुरमुरा मिल को ऊर्जा प्रभार में 5 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया है.
प्रिंटिंग प्रेस उपभोक्ताओं को औद्योगिक श्रेणी में किया शामिल
बिजली कंपनी ने बताया, अग्रिम भुगतान करने वाले सभी उपभोक्ताओं को दी जाने वाली 0.50 प्रतिशत छूट को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत किया गया है. आफसेट प्रिन्टर्स एवं प्रिंटिंग प्रेस उपभोक्ताओं को गैर घरेलू से हटाकर औद्योगिक श्रेणी में सम्मिलित किया गया है, जो पहले की अपेक्षा कम है. इस तरह सम्यक रूप से यह नई दरें कृषि-ग्रामीण आदिवासी सहित सभी श्रेणी के प्राथमिकता श्रेणी वाले उपभोक्ताओं के लिए हितकारी और विकासपरक है.
छत्तीसगढ़ में वाहन मालिकों को बड़ी राहत, अब मनपसंद नंबर का दोबारा उपयोग संभव
रायपुर। राज्य सरकार ने आम नागरिकों को एक और महत्वपूर्ण सुविधा का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में एक अहम निर्णय लेते हुए यह सुविधा प्रदान की गई है कि अब वाहन मालिक अपने पुराने वाहन के मनपसंद या च्वाईस नंबर का उपयोग नए वाहन में भी कर सकेंगे।
परिवहन सचिव एस. प्रकाश एवं परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि इस संबंध में विभाग द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इस नई व्यवस्था से आमजन को सुविधा मिलेगी और उनकी पसंद के नंबर को फिर से उपयोग में लाने का अवसर मिलेगा। यह निर्णय न केवल जनता की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि परिवहन विभाग की सेवाओं को और अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाएगा।
परिवहन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब वाहन स्वामी जिनके पुराने वाहनों का पंजीयन विधिपूर्वक निरस्त हो चुका है, वे उसी श्रेणी के नए या अन्य राज्य से एनओसी लेकर आए वाहनों में पुराने पंजीयन नंबर को पुनः प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए वाहन मालिकों को निर्धारित शुल्क का ऑनलाईन भुगतान करना होगा। यदि पुराना नंबर सामान्य (नॉन-फैंसी) हो, तब भी वाहन स्वामी शुल्क अदा कर संबंधित परिवहन कार्यालय से वही पंजीयन क्रमांक प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा केवल नए वाहनों या अन्य राज्यों से लाए गए वाहनों पर लागू होगी। पहले से छत्तीसगढ़ में पंजीकृत वाहनों के लिए यह सुविधा मान्य नहीं होगी।
पेट्रोल पंपों में बनेंगे प्रदूषण जांच केन्द्र, परिवहन विभाग और तेल कंपनियों की संयुक्त बैठक में बनी कार्ययोजना
रायपुर। राज्य में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने एक अहम पहल की है। आगामी दिनों में 56 पेट्रोल पंपों में प्रदूषण जांच केन्द्र की स्थापना की जाएगी। परिवहन विभाग के सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश (भाप्रसे) तथा अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर (भापुसे) की उपस्थिति में पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर पेट्रोल पंपों में प्रदूषण जांच केन्द्र स्थापित करने की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में एचपीसीएल ने बताया कि रायपुर स्थित सेंट्रल जेल के पास उनके पेट्रोल पंप में पीयूसी सेंटर की शुरुआत हो चुकी है और आगामी दिनों में 50 आउटलेट्स में सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य है। वहीं जियो पेट्रोलियम ने धमतरी और रायपुर के पंपों में केंद्र प्रारंभ कर दिए हैं तथा इस तिमाही में 6 नए केंद्र खोलने की योजना है। इंडियन ऑयल कंपनी ने जानकारी दी कि रायपुर-बिलासपुर मार्ग स्थित जय-जवान पेट्रोल पंप में पीयूसी सेंटर शुरू किया गया है।
परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिए कि पीयूसी सेंटरों की उपलब्धता की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक वाहन मालिक प्रदूषण जांच करवा सकें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें। बैठक में उप परिवहन आयुक्त मनोज कुमार धु्रव, एआरटीओ युगेश्वरी वर्मा तथा तेल कंपनियों के प्रतिनिधि इंडियन ऑयल से विशाल राणा, एचपीसीएल से राकेश जोशी एवं नितिन श्रीवास्तव, और जियो पेट्रोलियम से शिखर श्रीवास्तव उपस्थित थे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में खनिज संस्थान न्यास (DMF) शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक का हुआ आयोजन
रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आज रायपुर जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीएमएफ मद की राशि का उपयोग जिले में व्यवस्थित, पारदर्शी और जनहितकारी योजनाओं के लिए सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में डीएमएफ फंड में लगभग 22 करोड़ रुपए उपलब्ध हैं, तथा करीब 20 करोड़ रुपए और मिलने की संभावना है, ऐसे में इस राशि के उपयोग की सटीक कार्ययोजना बनाकर जनहित में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
प्रमुख घोषणाएं व निर्देश
????150 आंगनबाड़ियों के निर्माण और उन्नयन के लिए 11 करोड़ 59 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। आंगनबाड़ियों का प्री-फैब तकनीकी से निर्माण करने के निर्देश। 6 माह में पूर्ण हो सकता है। प्रत्येक आंगनबाड़ी के लिए 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता देने का भी निर्णय लिया गया।
???? PHC, CHC की मरम्मत एवं मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
???? सभी सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास की स्थापना हेतु स्कूल शिक्षा विभाग से समन्वय कर विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
???? स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में 250 हिंदी एवं 70 अंग्रेजी माध्यम के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की आवश्यकता जताई गई।
???? एक एकड़ से बड़े स्कूल परिसरों में बारबेड वायरिंग व जाली, प्रार्थना शेड, शौचालय निर्माण एवं पौधारोपण अनिवार्य किया जाए।
???? जन औषधि केंद्रों की स्थापना हर ब्लॉक, पीएचसी व हमर अस्पतालों में सुनिश्चित की जाए।
????शासकीय महाविद्यालयों में सुविधाएं बढ़ाने हेतु अलग से फंड आबंटित करने पर चर्चा हुई।
????पेयजल समस्या निवारण, स्कूल, कॉलेज व स्वास्थ्य केंद्रों का ऑडिट कर आवश्यक कार्य प्राथमिकता से कराए जाएं।
???? महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के डेटा आधारित समन्वय के लिए एक कमांड सेंटर की स्थापना पर जोर दिया गया।
सीएसआर फंड का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
श्री अग्रवाल ने कहा कि कंपनियों द्वारा किए जा रहे CSR कार्यों का लेखा-जोखा तैयार किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि कंपनियों को CSR की आधी राशि सरकारी मद में जमा कराने एवं शेष राशि का उपयोग अपने स्तर पर कार्यों में करने की अनुमति दी जाए। सभी कंपनियों को अपने कार्यों की विस्तृत सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
जल संरक्षण एवं हरियाली पर विशेष बल
???? रायपुर जिले की सभी परित्यक्त खदानों को भरने के निर्देश दिए गए।
????मांढर में परित्यक्त खदानों में एकत्रित पानी को ट्रीटमेंट के माध्यम से पेयजल हेतु पायलट प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए।
????वाटर क्रिटिकल ज़ोन में कॉकपिट तकनीक के माध्यम से जल स्तर सुधारने की योजना पर कार्य हो।
????समोद गांव से पाइपलाइन द्वारा 16 गांवों को जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
???? रायपुर जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में ‘ह्यूमन चेन’ बनाकर पौधारोपण अभियान चलाने की घोषणा भी की गई।
इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि डीएमएफ फंड जनता की धरोहर है, इसका हर रुपया जनकल्याण और विकास में लगे, यह उनकी प्राथमिकता है।
बैठक में मंत्री टंक राम वर्मा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्यगण, कलेक्टर गौरव सिंह, एसपी डॉ लाल उमेद सिंह, CEO विश्वरंजन समेत विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
शाला प्रवेश उत्सव 2025 में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का किया स्वागत
रायपुर। शुक्रवार को राजधानी के टिकरापारा स्थित शहीद संजय यादव शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में शाला प्रवेश उत्सव 2025 के अंतर्गत गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्वयं उपस्थित होकर विद्यालय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर एवं मां सरस्वती का आशीर्वाद दिलाकर आत्मीय स्वागत किया।






इस अवसर पर विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने हेतु "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत एक पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। साथ ही, मिनी साइंस सेंटर का लोकार्पण कर विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि जाग्रत करने का प्रयास किया गया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विद्यार्थियों को गणवेश एवं पाठ्य पुस्तकें भेंट कर उन्हें शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल कूद और एक्स्ट्रा क्रिकुलर एक्टिविटीज में शामिल रहने का आह्वाहन किया। उन्होंने कहा जैसे पढ़ाई दिमाग को तंदरुस्त रखती है वैसे ही खेल कूद से शरीर स्वास्थ्य रहता है। उन्होंने शिक्षकों को भी विद्यार्थियों की रुचि के अनुरूप उन्हें करियर सिलेक्शन में मदद करने की सलाह दी।
विद्यालय की आवश्यकताओं को देखते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विद्यालय के विभिन्न विकास कार्यों के लिए ₹5 लाख की घोषणा की। साथ ही, स्कूल के पास स्थित फायर ब्रिगेड की जमीन को खेल मैदान के रूप में विकसित करने की घोषणा की, जिससे विद्यार्थियों को खेलकूद की बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।
इस अवसर पर सुभाष तिवारी, जोन अध्यक्ष बद्री गुप्ता, जोन अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल, पार्षदगण रमेश सपहा, मनोज सपहा, स्वप्निल मिश्रा, प्रवक्ता अमित साहू, मंडल अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा एवं प्राचार्य शुभ्रा तिवारी समेत विद्यालय परिवार, अभिभावकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
राज्यपाल रमेन डेका ने किया अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर का औचक निरीक्षण
रायपुर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका ने आज अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति एवं शैक्षणिक स्टाफ से कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी के नाम के अनुरूप विश्वविद्यालय शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों में आगे बढ़े। राज्यपाल ने कहा कि सहायक प्राध्यापकों को समय पर प्रमोशन देने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रोफेसर के पद पर दस साल का अनुभव होने के बाद छत्तीसगढ़ के प्रोफेसरों को कुलपति बनने का अवसर मिल सके।
उन्होंने विश्वविद्यालय में प्राध्यापक और छात्रों के बीच बेहतर ताल-मेल पर बल दिया साथ ही शैक्षणिक वातावरण पर ध्यान देने कहा। राज्यपाल श्री डेका ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का निरीक्षण किया एवं विभागों की कार्यप्रणाली तथा स्टाफ से संबंधित जानकारी ली। श्री डेका विद्यार्थियों से भी मिले और उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर कुलपति को निराकरण के निर्देश दिए। श्री डेका ने प्रशासनिक विभाग एवं विभागाध्यक्षों की बैठक भी ली तथा अध्ययन प्रभाग मे पाठ्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा करते हुए नए कोर्स प्रारंभ करने एवं छात्र संख्या में वृद्धि करने हेतु आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विश्वविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने तथा प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त किए जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के संरचना के अनुरूप अध्ययन, अध्यापन की सुविधा सुनिश्चित की जाए तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पालन करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कुलपति प्रोफेसर अरूण दिवाकर नाथ बाजपेयी, राज्यपाल की अवर सचिव अर्चना पाण्डेय एवं विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेेखनीय है कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश के पारिपालन में राज्यपाल श्री डेका छत्तीसगढ़ के समस्त विश्वविद्यालयों का औचक निरीक्षण कर रहे है। इसी कड़ी में श्री डेका ने आज अटल बिहारी बाजपेयी बिलासपुर का निरीक्षण किया।
छत्तीसगढ़ की खराब सड़कों पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की जर्जर सड़कों और निर्माण कार्यों में हो रही देरी को लेकर राज्य हाईकोर्ट ने गुरुवार को सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, “क्या सरकार तब तक कोई काम नहीं करेगी जब तक कोर्ट न कहे? क्या अब सड़कें भी कोर्ट की निगरानी में ही बनेंगी?”
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने बिलासपुर, रायपुर समेत प्रदेशभर की प्रमुख सड़कों की बदहाली पर गंभीर चिंता जताई और राज्य शासन से शपथपत्र सहित विस्तृत जवाब तलब किया है।
अधूरे पड़े सड़क निर्माण कार्यों पर कोर्ट सख्त
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि—
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बिलासपुर की पेंड्रीडीह बाईपास से नेहरू चौक तक की सड़क का निर्माण कार्य अप्रैल में स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं हुई।
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रायपुर के धनेली एयरपोर्ट रोड का काम अधूरा है।
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सेंदरी बाईपास में प्रस्तावित फुट ओवरब्रिज (FOB) के लिए अब तक डीपीआर भी तैयार नहीं की गई है।