प्रदेश
चीफ सेकरेट्री विकास शील बोले, “विजन 2047 को पूरा करना बड़ा लक्ष्य”, मेरे लिए एक तरह से यह घर वापसी है
रायपुर। छत्तीसगढ़ को उसका नया मुख्य सचिव मिल गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1994 बैच के अधिकारी विकास शील ने सोमवार को मंत्रालय, महानदी भवन में मुख्य सचिव का कार्यभार संभाल लिया। वे राज्य के 13वें मुख्य सचिव बने हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि “2047 के लिए जो विजन तैयार किया गया है, उसे पूरा करना एक बड़ा लक्ष्य है। राज्य और केंद्र में अपने 30 साल के प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल कर छत्तीसगढ़ के लिए बेहतर काम करने का प्रयास करूंगा।”
ईमानदार और जिम्मेदार प्रशासन पर जोर
पदभार ग्रहण करते ही विकास शील ने साफ किया कि राज्य में जांच एजेंसियों द्वारा IAS अधिकारियों पर लगाए जा रहे आरोपों के मद्देनजर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार ढंग से काम करना होगा। उन्होंने कहा, “राज्य में कुछ ऐसे हालात बने हैं कि अधिकारियों को और बेहतर तरीके से कार्य करना पड़ेगा। जो भी गड़बड़ियां पाई जाएंगी, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।”
समृद्ध अनुभव और घर वापसी की भावना
विकास शील ने अपने नए दायित्व को “घर वापसी” करार दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में कार्य करने के बाद दोबारा राज्य सेवा में लौटना उनके लिए विशेष है। “ऐसा लग नहीं रहा था कि मैं वापस आऊंगा, लेकिन अब यह घर वापसी जैसी अनुभूति है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार, जिन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी दी,” उन्होंने कहा।
लंबा प्रशासनिक सफर
विकास शील का जन्म 10 जून 1969 को हुआ था। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीई और एमई की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद अमेरिका की सिरैक्यूज़ यूनिवर्सिटी से लोक प्रशासन में मास्टर और एक्जीक्यूटिव मास्टर की डिग्री ली। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन एवं नीति में एडवांस्ड स्टडी का सर्टिफिकेट कोर्स भी किया है।
IAS बनने के बाद उन्हें पहले मध्य प्रदेश कैडर मिला था। राज्य के विभाजन के बाद नवंबर 2000 में वे छत्तीसगढ़ कैडर में शामिल हुए। उन्होंने कोरिया, बिलासपुर और रायपुर में कलेक्टर के रूप में कार्य किया। वे स्कूल शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सामान्य प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में सचिव रहे। अप्रैल 2007 से अप्रैल 2008 तक वे रायपुर कलेक्टर भी रहे।
केंद्र और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में भी दी सेवाएं
वर्ष 2018 से विकास शील केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भारत सरकार में रहे। यहां उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और जल शक्ति मंत्रालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे जल जीवन मिशन के मिशन डायरेक्टर भी रहे। इसके अलावा, हाल ही में वे एशियन डेवलपमेंट बैंक, मनीला में कार्यकारी निदेशक के पद पर तैनात थे।
भविष्य की प्राथमिकताएं
पदभार ग्रहण के बाद विकास शील ने कहा कि राज्य में प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। उनका कहना है कि विजन 2047 के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और सुशासन को लेकर योजनाओं को अमलीजामा पहनाना प्राथमिकता होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा में श्री राम कथा महोत्सव में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान कोरबा नगरीय क्षेत्र स्थित भवानी मंदिर परिसर में आयोजित श्री राम कथा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने परिसर में राम कथा वाचन हेतु पधारे श्री श्री 1008 जगद्गुरू श्री रामभद्राचार्य के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महोत्सव में आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सभी को नवरात्रि एवं दशहरा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि जगद्गुरू के कोरबा आगमन से ऊर्जाधानी की यह धरती धन्य हो गई है और उनका आशीर्वाद प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन माटी माता कौशल्या का मायका है तथा हमारे आराध्य भगवान श्री राम का ननिहाल भी। यहां प्रभु श्री राम ने माता सीता एवं भाई लक्ष्मण के साथ अपने वनवास के दौरान अधिकांश समय व्यतीत किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी को पूरा करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हमारा राज्य विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। प्रदेश में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हमारे बहादुर जवान साहसपूर्वक नक्सलियों का मुकाबला कर रहे हैं और हमें लगातार सफलता प्राप्त हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के दर्शन का लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय भवानी मंदिर स्थल का नामकरण कौशल्या धाम करने की घोषणा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भवानी मंदिर एवं नव-निर्मित कौशल्या धाम मंदिर पहुँचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली, शांति एवं समृद्धि की मंगल कामना की। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच माता भवानी की प्रतिमा पर नारियल, पुष्प, चंदन एवं फल अर्पित कर आरती की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नव-निर्मित कौशल्या धाम मंदिर में माता कौशल्या की मूर्ति का नमन किया। इस मंदिर में माता कौशल्या की गोद में बाल रूप में भगवान श्री राम की भव्य प्रतिमा स्थापित है, जो मंदिर का मुख्य आकर्षण है। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन कर निर्माण कार्य की सराहना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका हालचाल जाना। स्थानीय श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री साय का आत्मीय स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ओपन थियेटर मैदान में रामलीला महोत्सव में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा प्रवास के दौरान शहर के घंटाघर ओपन थिएटर मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने नगरवासियों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा सभी के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि पर्व हमें शक्ति, भक्ति और सद्भाव का संदेश देता है। इन नौ दिनों में हम माता के नौ रूपों की आराधना करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को रामलीला महोत्सव के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलीला हमारे जीवन मूल्यों और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि रामलीला देखकर बचपन की स्मृतियाँ ताज़ा हो गईं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य अतिथियों का स्वागत राम दरबार की प्रतिकृति, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर किया गया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महापौर संजू देवी राजपूत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।


खेल महोत्सव राजनीति से परे, खेल के माध्यम से लोगों को जोड़ने का माध्यम : सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आगामी रायपुर सांसद खेल महोत्सव का उद्देश्य राजनीति से अलग हटकर खेलों के माध्यम से समाज के हर वर्ग को जोड़ना है। यह महोत्सव केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उत्सव है जो बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को खेलों के माध्यम से एक मंच पर लाएगा।


श्री अग्रवाल सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने तैयारियों का जायजा लेते हुए कहा कि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। इस अवसर पर रायपुर नगर निगम, बीरगांव नगर निगम और माना नगर पंचायत के अध्यक्ष, पार्षद, जोन अध्यक्ष, MIC सदस्य, अधिकारी, विधायकगण एवं महापौर उपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि खेल महोत्सव का शुभारंभ सप्रे शाला मैदान में और समापन इंडोर स्टेडियम में होगा।
रायपुर में 10, बीरगांव में 2 और माना में 1 जोन मिलाकर कुल 13 जोन बनाए गए हैं। महोत्सव में 13 खेलों का आयोजन महिला-पुरुष वर्ग में 19 वर्ष से कम और 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए होगा। कोई भी बच्चा, युवा या बुजुर्ग, जिसे खेलों में रुचि है, QR कोड के माध्यम से पंजीयन कर भाग ले सकता है।
श्री अग्रवाल ने सभी पार्षदों से अपने क्षेत्र में प्रचार-प्रसार करने, खिलाड़ियों की पहचान करने, खेल स्थल चयन करने और उत्सव का माहौल बनाने का आह्वान किया। गार्डन और लाइब्रेरी में भी महोत्सव के प्रचार की योजना है। उन्होंने कहा कि नगर निगम स्तर पर फाइनल टीम बनेगी, वहीं माना और बीरगांव में भी जोन स्तर पर टीमें तैयार होंगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि वार्डों के वरिष्ठ खिलाड़ियों, जिन्होंने राज्य, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उनका सम्मान किया जाएगा।
महापौर मीनल चौबे ने भी सभी महिला पार्षदों से महिलाओं को और पुरुष पार्षदों से पुरुषों व युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने का आग्रह किया।
बैठक में विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर, जोन अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल, माना पंचायत अध्यक्ष संजय यादव, निगम कमिश्नर विश्वदीप, जिला शिक्षा अधिकारी, MIC सदस्यगण, पार्षदगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री हुई “स्मार्ट”, नवा रायपुर में देश का पहला अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय शुरू
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर, नवा रायपुर के अटल नगर में देश के पहले अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस कार्यालय का उद्घाटन प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा किया गया। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
इस अवसर पर रायपुर की वीणा देवांगन ने सेल डीड कराई और डिजिटल भुगतान किया। उनकी रजिस्ट्री को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति में कैशलेस भुगतान कराकर प्रदर्शित किया गया।
पीपीपी मॉडल पर आधारित – रजिस्ट्री अब होगी तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक
यह कार्यालय पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य नागरिक सेवाओं को तेज, पारदर्शी और आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाना है। अब मकान, दुकान या जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए भीड़-भाड़ वाले सरकारी दफ्तरों में जाने की बजाय, नागरिक 12 से 15 मिनट में पासपोर्ट और एयरपोर्ट कार्यालय जैसे माहौल में अपनी रजिस्ट्री करा सकेंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस – नागरिकों को मिलेगा बेहतर अनुभव
नए स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों को नागरिकों को सुखद और सुविधाजनक अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी मुख्य विशेषताओं में अत्याधुनिक और वातानुकूलित परिसर शामिल है, जहाँ नागरिक आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे। यहाँ फ्री वाई-फाई और चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं, ताकि लोग अपने समय का सदुपयोग कर सकें। क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड की मदद से लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा और दस्तावेज़ों व शुल्क की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। प्रशिक्षित हेल्पडेस्क स्टाफ हर कदम पर नागरिकों की सहायता करेंगे। स्वच्छ पेयजल और एयरपोर्ट-स्टाइल वाशरूम से स्वच्छता और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है।
117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 117 पंजीयन कार्यालयों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा है। पहले चरण में 10 कार्यालयों को विकसित किया जा रहा है, जिनमें से नवा रायपुर का यह कार्यालय पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस मॉडल की सफलता को देखते हुए भारत सरकार भी इसी तर्ज पर देशभर में पंजीयन कार्यालयों को विकसित करने पर विचार कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्मार्ट पंजीयन कार्यालय प्रदेश में सुशासन और नागरिक सुविधाओं के नए युग की शुरुआत है। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक कल्याणकारी राज्य के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि नागरिक सुविधा ही सुशासन का मूल आधार है।
उप मुख्यमंत्री द्वय ने इस मौके पर विभागीय मंत्री एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में नागरिक सुविधाओं का एक नया मॉडल है। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालय में इतनी अत्याधुनिक सुविधाएँ निश्चित ही छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलाव और सुशासन की नई दिशा को दर्शाती हैं।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि नागरिक सेवाएँ हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और स्मार्ट पंजीयन कार्यालय सरकार की सुशासन तथा नागरिक सुविधा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह राज्य न केवल पंजीयन सेवाओं में बल्कि अन्य नागरिक सेवाओं में भी देश का नेतृत्व करेगा। स्मार्ट पंजीयन कार्यालय नागरिकों के जीवन में सहजता, पारदर्शिता और विश्वास लाएँगे तथा सुशासन की एक नई पहचान स्थापित करेंगे।


स्व. रामजी लाल अग्रवाल स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता का समापन, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विजेताओं को किया पुरस्कृत
रायपुर। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सप्रे शाला मैदान में शेरा क्रीड़ा समिति द्वारा आयोजित स्वर्गीय रामजी लाल अग्रवाल स्मृति अंतर शालेय एवं अंतर महाविद्यालय फुटबॉल प्रतियोगिता 2025 के समापन समारोह में विजेता टीमों को ट्रॉफी और नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि “जीत और हार खेल का हिस्सा हैं, किंतु वास्तविक महत्व खिलाड़ी की खेल भावना और पूरे उत्साह के साथ मैदान में उतरने में है। जब खिलाड़ी संघर्ष करता है और खेल की भावना के साथ खेलता है, तभी वह सच्चा विजेता कहलाता है।”
फाइनल मुकाबले में स्कूल वर्ग में आर.डी. तिवारी स्कूल ने विवेकानंद विद्यापीठ को 1-0 से हराकर चैंपियनशिप अपने नाम की। वहीं कॉलेज वर्ग में कलिंगा यूनिवर्सिटी ने रोमांचक पेनाल्टी शूटआउट में मैट्स यूनिवर्सिटी को 6-5 से मात देकर खिताब जीता।
इस अवसर पर शेरा क्रीड़ा समिति अध्यक्ष एवं नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सचिव मुश्ताक अली प्रधान, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष विजय अग्रवाल, जोन अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल, मुरली शर्मा, एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा, अंजनेय विश्वविद्यालय के चांसलर अभिषेक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेलप्रेमी उपस्थित रहे।







राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला, अतिरिक्त प्रभार के साथ अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों का तबादला हुआ है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार, कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, कुछ को उनके वर्तमान पद पर ही यथावत रखा गया है और कुछ को नए विभागों में पदस्थ किया गया है।
देखिये लिस्ट –

छत्तीसगढ़ के नवनियुक्त मुख्य सचिव विकासशील ने कार्यभार संभाला
रायपुर। विकास शील भारतीय प्रशासनिक सेवा 94 बैच के आईएएस अधिकारी ने आज मंत्रालय, महानदी भवन में मुख्य सचिव का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। विकासशील छत्तीसगढ़ के 13वें मुख्य सचिव नियुक्त किए गए हैं। इसके पहले वे एशियन डेवलपमेंट बैंक, मनीला में कार्यकारी निदेशक के पद पर पदस्थ थे।
विकास शील को आईएएस बनने के बाद मध्य प्रदेश कैडर मिला था। नवंबर 2000 में मध्यप्रदेश राज्य के विभाजन के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला। वे कोरिया, बिलासपुर और रायपुर जिले के कलेक्टर रहे हैं। वे स्कूल शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सामान्य प्रशासन और स्वास्थ्य विभागों के सचिव पद पर तैनात रहे। इसके अलावा, वे अप्रैल 2007 से अप्रैल 2008 तक राजधानी रायपुर के कलेक्टर भी रहे हैं। वर्ष 2018 से वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भारत सरकार में रहे। उन्होंने केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में जल जीवन मिशन के मिशन डायरेक्टर के पद पर अपनी सेवाएं दीं।
विकासशील का जन्म 10 जून 1969 को हुआ था। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बी.ई. और फिर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से एम.ई. किया। उन्होंने सिरैक्यूज़ यूनिवर्सिटी, अमेरिका से लोक प्रशासन में मास्टर और एक्जीक्यूटिव मास्टर डिग्री और स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन एवं नीति में एडवांस्ड स्टडी का सर्टिफिकेट कोर्स किया है।

हिंदी हमारी संस्कृति और पहचान की जीवंत धरोहर : सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान की जीवंत धरोहर है। यह हमें अपनी मिट्टी, समाज और सभ्यता से जोड़ती है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोने में हिंदी की अहम भूमिका है और यही संपर्क भाषा हमें एक भारत-श्रेष्ठ भारत का संदेश देती है।
सांसद श्री अग्रवाल सोमवार को माना कैंप स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में आयोजित हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी हिंदी में संबोधित कर भारत की पहचान को सशक्त बना रहे हैं। इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देकर विश्व पटल पर देश की प्रतिष्ठा को ऊंचाई प्रदान की थी। हम सब की भी जिम्मेदारी है कि, हिंदी को सशक्त बनाने में अपना योगदान दें।
इस अवसर पर सांसद श्री अग्रवाल ने विद्यालय परिसर की सुरक्षा एवं विकास के लिए सांसद निधि से 10 लाख रुपये की राशि से बार्वेड वायर और बाउंड्री वॉल निर्माण कराने की घोषणा की।
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, माल्यार्पण एवं सरस्वती वंदना से हुई। विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने भाषण, चित्रकला, निबंध, तात्कालिक भाषण एवं सुलेख प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में नगर पंचायत माना अध्यक्ष संजय यादव, उपाध्यक्ष श्यामा प्रसाद चक्रवर्ती, प्राचार्य सरस्वती शिशु मंदिर नरेश यादव, वरिष्ठ शिक्षक पी.के. दास सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन नीरज कुमार पांडेय ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय प्राचार्य एवं उपप्राचार्य के निर्देशन में, हिंदी विभाग के शिक्षक योगेश कुमार देवांगन, नीरज कुमार पांडेय तथा अन्य स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं के सहयोग से किया गया।






बड़ी संख्या में IAS अफसरों के तबादले, देखिये पूरी लिस्ट
रायपुर। आईएएस विकासशील के छत्तीसगढ़ के 13वें मुख्य सचिव के तौर पर पदभार ग्रहण करते हुए थोक में आईएएस अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किया गया है. पदभार ग्रहण करने के चंद मिनटों बाद जारी तबादला सूची में रेणु पिल्ले, सुब्रत साहू समेत 14 आईएएस अधिकारियों के नाम हैं.
देखिए सूची –



मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प – 2028-29 तक पूरा छत्तीसगढ़ होगा बाल विवाह मुक्त
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 27 अगस्त 2024 को शुरू किए गए “बाल विवाह मुक्त भारत” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। राज्य का बालोद जिला पूरे देश का पहला जिला बन गया है, जिसे आधिकारिक रूप से बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा सकता है। बालोद जिले की सभी 436 ग्राम पंचायतों और 09 नगरीय निकायों को विधिवत प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है।
बालोद बना राष्ट्रीय उदाहरण
विगत दो वर्षों में बालोद जिले से बाल विवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया। दस्तावेजों के सत्यापन और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जिले के सभी पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त का दर्जा मिल गया है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के साथ बालोद जिला पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन गया है।
बालोद जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय की सामूहिक भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने सभी पंचायतों और नगरीय निकायों को इस प्रयास में सक्रिय सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी दिया।
सूरजपुर की 75 ग्राम पंचायतें भी बाल विवाह मुक्त
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया गया। विगत दो वर्षों में इन पंचायतों से भी बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। इसे राज्य सरकार ने सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
बाल विवाह उन्मूलन केवल सरकारी अभियान नहीं, सामाजिक परिवर्तन का संकल्प - मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हमारा लक्ष्य है कि चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2028-29 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाए। यह केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्य जिलों में भी पंचायतों और नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिन जिलों में पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, वहां शीघ्र ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
समाज और सरकार की साझेदारी से संभव हुआ बाल विवाह उन्मूलन: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि बालोद की यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि समाज और सरकार मिलकर कार्य करें तो बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। सूरजपुर की उपलब्धि भी इस दिशा में एक मजबूत कदम है। इस अभियान में यूनिसेफ का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है। संगठन ने तकनीकी सहयोग, जागरूकता कार्यक्रम और निगरानी तंत्र को मजबूत करने में मदद की।
छत्तीसगढ़ की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर एक मील का पत्थर माना जा रहा है। “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” को गति देने में यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर सामुदायिक भागीदारी और शिक्षा को केंद्र में रखकर काम किया जाए तो देश से बाल विवाह जैसी कुप्रथा का पूर्ण उन्मूलन संभव है।
राज्य सरकार अब चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों को भी बाल विवाह मुक्त बनाने की तैयारी कर रही है। 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य न केवल राज्य, बल्कि देश को बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प के और निकट ले जाएगा।



साय कैबिनेट की बैठक समाप्त, जानिए बैठक में बैठक लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में…
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -
- मंत्रिपरिषद की बैठक में शासकीय सेवकों की आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से वेतन के विरूद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने के संबंध में बैंकों/वित्तीय संस्थाओं से प्रस्ताव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस संबंध में आगे की कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। वित्त विभाग द्वारा प्रक्रिया में पात्र पाए जाने वाले बैंक/वित्तीय संस्था से सम्पादित किए जाने वाले एमओयू के प्रारूप का भी अनुमोदन किया गया।
- मंत्रिपरिषद द्वारा दिव्यांगजनों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) की बकाया ऋण राशि रूपये 24,50,05,457/- (रूपये चौबीस करोड़ पचास लाख पांच हजार चार सौ सत्तावन मात्र) एकमुश्त वापस किये जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के द्वारा राज्य के दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और शिक्षा हेतु न्यूनतम 3 प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण प्रदाय किया जाता है।
- मंत्रिपरिषद द्वारा स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती हेतु स्कूल शिक्षा विभाग के भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2019 के प्रावधानों में एक बार के लिये छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग द्वारा शिक्षा विभाग को राज्य में 100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती की अनुमति दी गई है। शिक्षा विभाग के भर्ती नियम-2019 को शिथिल करते हुए स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती चयन परीक्षा के स्थान पर एक बार मेरिट के आधार पर करने का अनुमोदन मंत्रिपरिषद ने प्रदान किया।
- मंत्रिपरिषद की बैठक में आज मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हो रहे 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अमिताभ जैन को भावभीनी दी गई और नवनियुक्ति मुख्य सचिव विकास शील (भारतीय प्रशासनिक सेवा 1994 बैच) का स्वागत किया गया।
कलेक्टर ने किया जिला कोषालय का निरीक्षण, मॉक ड्रिल से परखी गई अग्नि सुरक्षा की तैयारियां
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला कोषालय का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्ट्रांग रूम का सत्यापन कर वहाँ की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से इस दौरान अग्निशमन उपकरणों का मॉक ड्रिल भी आयोजित किया गया। मॉक ड्रिल के माध्यम से संभावित अग्नि दुर्घटनाओं के समय बचाव एवं राहत कार्यों की कार्यप्रणाली का अभ्यास किया गया।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर नम्रता जैन (आईएएस), सीईओ जिला पंचायत कुमार बिश्वरंजन एवं वरिष्ठ कोषालय अधिकारी गजानन पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

25वीं राज्य स्तरीय शाला क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह हुई आयोजित
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित जे. आर. दानी शासकीय कन्या उत्कृष्ट हिंदी माध्यमिक विद्यालय में आज 25वीं राज्य स्तरीय शाला क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह बड़े उत्साह और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। चार दिनों तक चले इस आयोजन ने राज्यभर के विद्यार्थियों की प्रतिभा को एक मंच पर प्रस्तुत किया और विद्यालय प्रांगण खेल भावना तथा ऊर्जा से गूंज उठा।
राज्य के स्कूलों में 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर लगाए जाएंगे
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने 25वीं राज्य स्तरीय शाला क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन अवसर पर राज्य के स्कूलों में 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर लगाने की घोषणा की। मंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है और सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ
स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थी डिजिटल कंटेंट, ई-लर्निंग मॉड्यूल, वीडियो लेक्चर और इंटरैक्टिव पढ़ाई का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इससे कठिन विषयों को सरल और रोचक तरीके से समझना आसान होगा। वहीं 22 हजार कंप्यूटरों की उपलब्धता से विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा, इंटरनेट से जुड़ाव और डिजिटल स्किल विकसित करने का अवसर मिलेगा।
ग्रामीण और वनांचल अनुसूचित क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा
इस योजना से खास तौर पर ग्रामीण और वनांचल अनुसूचित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बड़ा लाभ होगा। अब उन्हें भी शहरों जैसी आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर से पढ़ाई में समान अवसर मिलेंगे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का स्तर बेहतर होगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद
स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेईई, नीट और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी। ऑनलाइन टेस्ट, प्रश्नपत्र और अध्ययन सामग्री आसानी से उपलब्ध होगी, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
शिक्षक और शिक्षा व्यवस्था को भी लाभ
स्मार्ट क्लास से केवल विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि शिक्षक भी लाभान्वित होंगे। शिक्षक डिजिटल साधनों का उपयोग करके विषयों को और बेहतर ढंग से पढ़ा पाएंगे। ऑनलाइन संसाधनों की मदद से अध्यापन का स्तर ऊँचा होगा और कक्षाओं में सहभागिता बढ़ेगी।
भविष्य की ओर मजबूत कदम
गजेंद्र यादव ने कहा कि यह पहल राज्य को डिजिटल एजुकेशन के क्षेत्र में नई ऊँचाई पर ले जाएगी। आने वाले समय में विद्यार्थी न केवल पढ़ाई में बल्कि तकनीक, नवाचार और कौशल विकास में भी आगे बढ़ पाएंगे। यह कदम राज्य के शिक्षा तंत्र को आधुनिक बनाने और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
चार दिवसीय आयोजन में खेलों का रोमांच
इस प्रतियोगिता का आयोजन 27 सितम्बर से 30 सितम्बर तक किया गया। राज्य के सभी संभागों के विभिन्न जोनों से आए खिलाड़ियों ने हॉकी, फुटबॉल, बास्केटबॉल, सॉफ्ट टेनिस, रोलर स्केटिंग और साइक्लिंग जैसे खेलों में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन के दौरान मैदान पर खिलाड़ियों का संघर्ष, अनुशासन और जीतने का जज़्बा दर्शकों के लिए प्रेरणादायी रहा। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर सभी खेलों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका उत्साह और अधिक बढ़ा।
शिक्षा मंत्री का प्रेरक संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि जीवन स्वयं एक खेल है जिसमें जीत और हार दोनों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हारने वाले खिलाड़ी को कभी निराश नहीं होना चाहिए और जीतने वाले को अहंकार से दूर रहना चाहिए। मंत्री ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी समान रुचि रखनी चाहिए, क्योंकि खेल हमें जीवन जीने का उत्साह और अनुशासन सिखाते हैं।
खेल और शिक्षा का गहरा रिश्ता
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक स्वरूप तभी पूर्ण होता है जब उसमें खेल, कला और संस्कृति का समावेश हो। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, परिश्रम और सामूहिकता की भावना विकसित करते हैं। वहीं विधायक सुनील सोनी ने विद्यार्थियों को संस्कारों के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि संस्कारवान विद्यार्थी ही आदर्श नागरिक बन सकते हैं और संस्कारों के बल पर ही जीवन की कठिनाइयों का सामना संभव है। कलेक्टर गौरव सिंह ने परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी और विद्यार्थियों को उनमें सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ और उज्ज्वल भविष्य की कामना
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही देश का भविष्य है और विद्यार्थियों को अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे राज्य और देश का नाम रोशन करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रतियोगिता से खिलाड़ियों को नई प्रेरणा और आत्मविश्वास मिलेगा, जो उन्हें जीवन की हर चुनौती का सामना करने में मदद करेगा।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
समारोह में विधायक मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विद्यालय परिवार तथा राज्यभर से आए विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा, खेल और संस्कृति के समन्वय से ही विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव है और यही उनकी सफलता की असली कुंजी है।



महासमुंद कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागीय योजनाओं, विभागवार लंबित मामलों एवं कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा एवं रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी, सभी विभाग के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। वीसी के माध्यम से जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित सभी ब्लाॅक स्तरीय संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर लंगेह ने कहा कि अगस्त माह का जीएसटी आज ही जमा किया जाए। जिन विभागों के जीएसटी रिटर्न जमा नहीं किए गए हैं, वे तत्काल जमा करें। साथ ही उन्होंने कहा कि हर महीने की 10 तारीख के पूर्व जीएसटी जमा करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री की घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने गढ़फुलझर, खल्लारी में किए गए घोषणाओं के अनुरूप कार्याें में प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि ई-आॅफिस के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह मूव किए गए फाइलों की स्थिति अपडेट की जाए तथा ई-ऑफिस के अंतर्गत ही पत्राचार व्यवहार में लाई जाए।
कलेक्टर ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 2 से 14 अक्टूबर तक ग्राम सभाओं का आयोजन होगा। इनमें एग्रीस्टेक पंजीयन, डिजिटल क्राॅप सर्वे तथा मैन्युअल गिरदावरी की सूची अनिवार्य रूप से चस्पा कर पठन कराया जाए। यदि कोई दावा-आपत्ति मिलती है तो उसका पुनः पीवीआर ऐप से सत्यापन कर आवश्यक संशोधन किया जाएगा। इसके लिए सभी जनपद पंचायत सीईओ को निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने आदि कर्मयोगी अभियान की समीक्षा में कहा कि सभी विकासखंड एवं ग्राम नोडल अधिकारी प्रत्येक ग्राम का विलेज एक्शन प्लान अपलोड करें। 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभाओं में इन एक्शन प्लानों का अनुमोदन कराया जाएगा। प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत शेष आवासों को पूर्ण करने निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आवास का कार्य प्रतिदिन प्रगतिरत रहें। कलेक्टर ने जनमन की समीक्षा में पूर्ण सिच्युएशन के लिए सभी विभागों को निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित पोषण माह अंतर्गत किए जा रहे विभिन्न गतिविधियों को पोर्टल में एंट्री किए जाने के निर्देश दिए हैं। अन्य विभागों को भी पर्याप्त संख्या में एंट्री करने कहा गया है। कलेक्टर लंगेह ने खाद्य एवं औषधि प्रसाधन विभाग को सभी मिठाई दुकानों में मिठाई एवं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित जांच के निर्देश दिए हैं।
बैठक में समय-सीमा में प्राप्त पत्रों की समीक्षा, जनशिकायत निवारण एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम, न्यायालयीन प्रकरणों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को कहा कि कोई भी जिला अधिकारी बिना अनुमति लिए मुख्यालय नहीं छोड़ेगा और न ही बैठक में अपने प्रतिनिधि भेजेंगे। बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा में ओवर लोडेड गाड़ियां, हाॅर्न प्रेसर और शराब पी कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को भी सीट बेल्ट और हेलमेट लगाकर वाहन चलाने के निर्देश दिए है। बैठक में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के वाहन चलाने पर तथा ट्रिपल सवारी पर भी निरंतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
हाईकोर्ट ने निरस्त किया सहायक प्राध्यापक का निलंबन, आदेश को माना अवैध, जानिए पूरा मामला…
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कमलेश दुबे ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी के माध्यम से एक याचिका प्रस्तुत की, जिसमें न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए शासकीय बृजलाल वर्मा महाविद्यालय पलारी में राजनीति विज्ञान के सहायक प्राध्यापक के निलंबन आदेश को अवैध माना और दुर्भावनापूर्ण करार देते हुए उसे रद्द कर दिया। न्यायालय ने इस निलंबन को “प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का घोर उल्लंघन” मानते हुए टिप्पणी की कि यह कार्यवाही न केवल सेवा नियमों के विरुद्ध थी, बल्कि समाज में व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली भी थी।
प्रकरण के अनुसार, याचिकाकर्ता सहायक प्राध्यापक के रूप में महाविद्यालय में लगभग 23 वर्षों से सेवा दे रहे थे और उनका सेवा रिकॉर्ड पूरी तरह निष्कलंक था। 11 सितंबर 2015 को कॉलेज में कंप्यूटर शिक्षक के पद पर नियमित नियुक्ति के चलते मानदेय पर कार्यरत प्रीति साहू को कार्यमुक्त कर दिया गया। इसके तुरंत बाद कॉलेज में छात्रों के एक वर्ग द्वारा आंदोलन शुरू किया गया, जिसमें प्रीति साहू की पुनर्नियुक्ति की मांग की गई।
17 सितंबर 2015 को छात्र संघ ने कॉलेज प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कॉलेज की मूलभूत सुविधाओं जैसे वाई-फाई, कैंटीन, स्वच्छता, जल आपूर्ति आदि की शिकायतें थी। साथ ही यह भी आरोप था कि प्रीति साहू को व्यक्तिगत द्वेष के चलते हटाया गया। इस ज्ञापन में कहीं भी सहायक प्राध्यापक के विरुद्ध कोई शिकायत दर्ज नहीं थी। हालांकि इसके कुछ ही दिन बाद एक स्थानीय अखबार में खबर प्रकाशित हुई, जिसमें याचिकाकर्ता पर छात्राओं से दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए गए। इसके तुरंत बाद 21 सितंबर 2015 को कॉलेज प्रशासन ने एक एकपक्षीय जांच की, जिसमें कुछ छात्राओं के बयान दर्ज किए गए। बिना याचिकाकर्ता को कोई नोटिस दिए या उनका पक्ष जाने इसी रिपोर्ट के आधार पर 23 सितंबर 2015 को निलंबन आदेश जारी कर दिया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से प्रकरण की पैरवी अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने की। उन्होंने दलील दी कि यह पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित और दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होता है। न तो किसी छात्रा ने पूर्व में कोई शिकायत की थी और न ही प्रीति साहू ने अपने कार्यकाल के दौरान ऐसी कोई बात उठाई थी। उन्होंने कहा कि अखबार में छपी खबर को आधार बनाकर व्यक्ति की छवि खराब करना और उसके आधार पर निलंबन जैसी सख्त कार्यवाही करना पूरी तरह अनुचित और असंवैधानिक है।
राज्य शासन की ओर से यह तर्क दिया गया कि छात्राओं की शिकायतों के मद्देनजर यह निलंबन आवश्यक था, लेकिन अदालत ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए कहा कि सिर्फ शिकायतों या समाचार पत्र में प्रकाशित खबरों के आधार पर कोई कर्मचारी निलंबित नहीं किया जा सकता, जब तक कि उसके विरुद्ध उचित जांच, प्रमाण और सुनवाई न हो। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि यद्यपि निलंबन एक दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, लेकिन यह व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डालता है। जब यह कार्रवाई बिना उचित आधार, सुनवाई के अवसर और दृष्टिगोचर द्वेषपूर्ण मंशा के तहत की जाए तो यह न्याय के मूल सिद्धांतों के विपरीत हो जाती है।
अंततः, न्यायालय ने निलंबन आदेश (दिनांक 23.09.2015) को अवैध ठहराते हुए निरस्त कर दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि चूंकि याचिकाकर्ता पहले से ही अंतरिम आदेश के अंतर्गत सेवा में वापस आ चुके हैं।
NIA कोर्ट ने नक्सली दंपत्ति को भेजा जेल, रायपुर में पहचान छुपाकर रह रहे थे नक्सली पति-पत्नी
बिलासपुर। एनआईए कोर्ट ने नक्सली गतिविधियों में लिप्त दंपत्ति जग्गू कुरसम और कमला कुरसम को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। दोनों को हाल ही में रायपुर के डीडी नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। ये गिरफ्तारी UAPA एक्ट के तहत की गई थी, क्योंकि दोनों पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और नक्सली संगठन को सहयोग देने के गंभीर आरोप हैं।
गिरफ्तारी और पूछताछ का सिलसिला
मामले की शुरुआत बीते दिनों हुई जब रायपुर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए नक्सली दंपत्ति को पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद पत्नी कमला कुरसम को दो दिन पहले ही जेल भेज दिया गया था, जबकि पति जग्गू कुरसम को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगीं, जिनके आधार पर नक्सली नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी सामने आई।
कोरबा से एक और नक्सली की गिरफ्तारी
जग्गू कुरसम से हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने कोरबा जिले में दबिश दी और वहां से नक्सली रामा इच्छा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से संदिग्ध सामान और सोना बरामद किया है, जिसके नक्सली गतिविधियों से जुड़े होने के प्रमाण मिले हैं। माना जा रहा है कि यह सोना नक्सली फंडिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
अदालत की कार्रवाई
तीनों आरोपियों – जग्गू कुरसम, कमला कुरसम और रामा – को सोमवार को बिलासपुर स्थित एनआईए कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने केस की गंभीरता को देखते हुए तीनों को जेल भेजने का आदेश दिया। एनआईए और पुलिस की संयुक्त टीम अब इनके नक्सली नेटवर्क और फंडिंग के स्रोतों की गहन जांच कर रही है।
नक्सली नेटवर्क की बड़ी कड़ी उजागर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से नक्सली संगठन की गतिविधियों और उनके शहरी नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं। खासतौर पर पति-पत्नी की संलिप्तता से यह स्पष्ट होता है कि नक्सली संगठन अब शहरी इलाकों में भी अपने सहयोगियों को सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रहा है।फिलहाल, पुलिस और एनआईए टीम आरोपियों से मिले दस्तावेज़ों और बरामद सामान की जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री साय रायपुर शहर के विभिन्न गरबा महोत्सव में हुए शामिल, मातारानी का दर्शन कर लिया आशीर्वाद
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवरात्रि के पावन पर्व पर विगत रात्रि राजधानी रायपुर स्थित विभिन्न गरबा समारोहों में शामिल हुए। उन्होंने मातारानी का दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर रायपुर शहर गरबा के रंग में सराबोर दिखाई दिया और हर तरफ़ उत्सव का उल्लास वातावरण में व्याप्त था।
मुख्यमंत्री श्री साय भानपुरी स्थित श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज, आशीर्वाद भवन में श्री गुजराती लोहाणा महाजन समाज द्वारा आयोजित "झणकारो 2025", इनडोर स्टेडियम में "रंगीलो रास 2025" तथा ओमाया पार्क में "रास गरबा उत्सव" में सम्मिलित हुए। इन आयोजनों में समाजजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक कच्छ पगड़ी पहनाकर और तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया। गरबा की धुनों और रंगारंग माहौल में मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने जनसमूह में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।
प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व है। यह पर्व सामाजिक समरसता को और मजबूत करता है तथा जन-जन में ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में देवी को विभिन्न स्वरूपों में पूजा जाता है और मातृशक्ति के आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर उन्नति के पथ पर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी, धमतरी में मां अंगारमोती एवं बिलईमाता, सरगुजा और रतनपुर में मां महामाया, डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी जैसे अनेक स्वरूपों में माता प्रदेश में विराजमान हैं। इन सभी शक्तिपीठों का आध्यात्मिक महत्व न केवल प्रदेश की आस्था को मजबूत करता है बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि नवरात्र के प्रथम दिन ही यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी रिफॉर्म लागू कर देश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की है। यह सुधार न केवल व्यापार को सुगम बनाएगा बल्कि उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ भी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘बचत उत्सव’ के माध्यम से आम नागरिकों की जेब में पैसों की उल्लेखनीय बचत हो रही है और यह अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से आह्वान किया कि जब भी बाजार जाएँ तो स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी को प्राथमिकता दें। स्वदेशी से न केवल देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है बल्कि स्थानीय स्तर पर उत्पादन और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है और यही देश की समृद्धि का आधार बनेगा।
इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, आरंग विधायक अनुज शर्मा, पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, मंडल आयोग के अध्यक्ष सहित कच्छ कड़वा पाटीदार समाज और गुजराती लोहाणा महाजन समाज के वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


