रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को सुविधा युक्त आवास का सपना छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल पूरा कर रहा है। मंडल ने पिछले छह माह में 2230 संपत्तियों का विक्रय कर 435 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले पाँच वर्षों में अर्जित राजस्व की तुलना में कहीं अधिक है। इस उपलब्धि में वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 गेम चेंजर साबित हुई है।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल संपत्तियों का विक्रय नहीं, बल्कि हर परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक छत प्रदान करना है। यह उपलब्धि हितग्राहियों के विश्वास और टीम के समर्पण का परिणाम है। अब हम गुणवत्ता आधारित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में और तेजी से काम करेंगे।
गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल ने आने वाले समय में किफायती दरों पर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की योजना बनाई है। मंडल द्वारा डिजिटल रजिस्ट्रेशन, ई-आवास और भुगतान प्रक्रिया को और सरल एवं पारदर्शी बनाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मात्र छह माह में 2200 से अधिक परिवारों का ‘अपने घर का सपना’ पूरा हुआ है। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आवास क्रांति में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने औसतन प्रतिवर्ष 1387 संपत्तियों का विक्रय किया, जिनका वार्षिक मूल्य लगभग 262 करोड़ रुपये रहा। वहीं मार्च 2025 से अगस्त 2025 तक मात्र छह माह में ही यह आँकड़ा 2230 संपत्तियों और 435 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। इसमें अटल विहार एवं सामान्य आवास योजना के तहत 1070 संपत्तियाँ 259 करोड़ रुपये में तथा ओटीएस-2 योजना के अंतर्गत 30 प्रतिशत तक की छूट के साथ 1160 संपत्तियाँ 176 करोड़ रुपये में विक्रय की गईं।
छत्तीसगढ़ सरकार की इस वर्ष लागू वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 ने आम नागरिकों को बड़ी राहत दी है। इस योजना के तहत 1160 संपत्तियों का 176 करोड़ रुपये मूल्य का विक्रय हुआ। इसके पहले, सितंबर 2021 से मार्च 2024 तक लागू ओटीएस-1 योजना के अंतर्गत तीन वर्षों में केवल 506 संपत्तियाँ 88 करोड़ रुपये में विक्रय हो पाई थीं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 11 सितम्बर को जगदलपुर में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का शुभारंभ करेंगे। इस आयोजन से बस्तर अंचल में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी, वहीं रोजगार के अवसरों के नए द्वार खुलेंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में बस्तर का विकास सदैव अग्रणी रहा है। इन्वेस्टर कनेक्ट इसी संकल्प को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समावेशी विकास की इस सोच के अंतर्गत उद्योग और निवेश को केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे मूलभूत क्षेत्रों से जोड़ा गया है, ताकि बस्तर का विकास केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित न रहकर सामाजिक उन्नति का आधार भी बन सके।
इन्वेस्टर कनेक्ट न केवल बस्तर में नए उद्योगों और व्यापक रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि विकास की प्रत्येक उपलब्धि का लाभ सीधे स्थानीय समुदायों तक पहुँचे और वे इस प्रगति यात्रा के सक्रिय भागीदार बनें।ब
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, गृह (पुलिस) विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस अधिकारियों की पदस्थापना में व्यापक फेरबदल किया गया है। यह आदेश राज्य शासन द्वारा दिनांक 06.06.2025 को जारी किए गए निर्देशों के आधार पर लागू किया गया है। आदेश में निरीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक एवं अन्य पदों पर कार्यरत अधिकारियों को उनके वर्तमान पद से पदोन्नति उपरांत नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अधिकारियों को उनके नाम, वर्तमान पदस्थापना तथा नई नियुक्ति स्थान के साथ सूचीबद्ध किया गया है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कोरबा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के बाद आज की यह प्रथम बैठक एक नए संकल्प और दृष्टिकोण के साथ आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के कल्याण और समग्र विकास के लिए सरकार सभी ठोस कदम उठा रही है। विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने मध्य क्षेत्र अंतर्गत निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदाय के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण की बजट राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की घोषणा की।
जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने प्राधिकरणों का पुनर्गठन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का गठन कर समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राधिकरणों का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को हर गाँव, हर परिवार तक पहुँचाना है। पूर्व सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण प्राधिकरणों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी रही। निगरानी के अभाव में कई योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पाईं। हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया है।
प्राधिकरण में जनप्रतिनिधित्व को और व्यापक बनाने के लिए सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई है। अब प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि इसके सदस्य बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आदिवासी विकास के क्षेत्र में कार्यरत दो समाजसेवियों और विशेषज्ञों को प्राधिकरण का सदस्य मनोनीत करने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ विकास योजनाओं को मिल सके।
पीएम जनमन योजना ने खोलीं नई संभावनाएँ
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएँ लागू करने पर सरकार विशेष जोर दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं। इन योजनाओं के तहत आवास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचों का विकास तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्व-सहायता समूहों को और मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधाएँ और बाजार से जोड़ने की पहल की जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्व-रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति समृद्ध है। हमें जनजातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य करना होगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि की व्यवस्थाओं में प्राधिकरण मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने आदिवासी समाज के लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु पुनर्वास केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा, खेल और विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के खेतों में सिंचाई हेतु स्थायी पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने के सुझाव दिए।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं पूरी सरकार के साथ बैठक करने कोरबा आए हैं। 30 नवंबर 2019 के बाद यह बैठक नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री स्वयं अनुसूचित क्षेत्र में जाकर बैठक कर रहे हैं। यह उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि बजट राशि बढ़ाए जाने से आदिवासी बहुल क्षेत्र में विकास कार्यों में वृद्धि होगी।
शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई को मिली सौगात
मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष घोषणाएँ कीं। उन्होंने कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए दो बालक-बालिका खेल परिसरों हेतु 10-10 करोड़ रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की भी घोषणा की।
आधारभूत संरचना और पर्यटन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरबा शहर में आवागमन को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण सुनालिया पुल निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपये की घोषणा की। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने वन विभाग को 2 माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लगभग 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
मध्य क्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के 544 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 539 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में 32 करोड़ 72 लाख रुपये के कुल 491 स्वीकृत कार्यों में से 482 कार्य पूर्ण हो गए। वर्ष 2023-24 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के कुल 464 स्वीकृत कार्यों में से 424 कार्य पूर्ण हुए। वर्ष 2024-25 में 48 करोड़ 28 लाख रुपये के कुल 508 स्वीकृत कार्यों में से 123 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में मंत्रीगण रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओ.पी. चौधरी, टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल, सांसद लोकसभा संतोष पांडेय सहित विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यगण, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मनोज पिंगुआ, प्राधिकरण के सचिव बसवराजू, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन, प्रभारी आईजी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी. श्रीनिवास राव, कलेक्टर कोरबा अजीत वसंत सहित अन्य जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। एक माँ की आँखों में उमड़ी खुशी, चेहरे पर झलकता गर्व और शब्दों में छलकता भावातिरेक इस बात का प्रमाण है कि सरकार की दिशा सही है और योजनाएँ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँच रही हैं। रायपुर की नंदिनी यादव, जो रोज़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं, आज अपनी बेटी प्रतिज्ञा को छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध में प्रवेश दिलाकर गदगद हैं। यह संभव हुआ है मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से।
नंदिनी यादव बताती हैं कि वह हमेशा चाहती थीं कि उनके बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ें, लेकिन सीमित आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। घर के अन्य बच्चों को देख वह कई बार सोचती थीं कि उनकी बिटिया भी अच्छे स्कूल में पढ़े। जब प्रतिज्ञा का चयन अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में हुआ तो उनकी आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। उन्होंने कहा मेरे लिए यह क्षण अविस्मरणीय है। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान नंदिनी यादव ने अपने मन की भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि अब बेटी का भविष्य संवर जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी नंदिनी यादव को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन की नई दिशा देने का माध्यम बनेगी।
नंदिनी ने बताया कि बेटी प्रतिज्ञा का सपना बड़ा है। वह हमेशा से कहती आई है कि उसे फौज में जाना है और देश की सेवा करनी है। बिटिया का यह सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता से वह अपने लक्ष्य तक पहुँच सकेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्ची की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सपनों से ही देश की नींव मजबूत होती है।
नंदिनी यादव ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि केवल बच्ची की शिक्षा की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें पक्का मकान मिला है, उज्ज्वल योजना से रसोई गैस कनेक्शन मिला और उनकी सासू माँ को शासन से सिलाई मशीन भी प्राप्त हुई है। इन योजनाओं ने उनके परिवार की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा सरकार की योजनाएँ मेरे परिवार के लिए संबल बन गई हैं, यही तो सच्चा अंत्योदय है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के कारण आज मेरी बच्ची को बेहतर शिक्षा मिल रही है। मैं मुख्यमंत्री के पास अपनी भावनाएँ व्यक्त करने आई हूँ। यह खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है। माँ की भावुकता देखकर उपस्थित लोग भी प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि बेटी की पढ़ाई पूरी जिम्मेदारी से होगी और परिवार को लगातार सहयोग मिलता रहेगा।
उल्लखेनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत छठी से बारहवीं तक पढ़ाई का पूरा दायित्व सरकार उठाती है। नंदिनी यादव अब निश्चिंत हैं कि उनकी बच्ची का भविष्य सुरक्षित है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाले सहयोग ने उनके परिवार को आर्थिक संबल दिया है। यह कहानी केवल एक माँ-बेटी की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों की है जिनके सपने सरकार की योजनाओं से साकार हो रहे हैं।
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार जारी है। सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में एसीबी की टीम ने दबिश देकर दो सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। सूरजपुर में भू-अभिलेख विभाग में पदस्थ अनुरेखक को किसान से 6600 रुपए लेते पकड़ा गया।
सूरजपुर में अनुरेखक गिरफ्तार
सूरजपुर जिले के संयुक्त कार्यालय परिसर में एसीबी की 10 सदस्यीय टीम ने कार्रवाई करते हुए अनुरेखक प्रमोद नारायण को गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने एक किसान को नक्शा उपलब्ध कराने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। किसान ने इस मामले की शिकायत एसीबी से की, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की। तय समय पर जैसे ही अनुरेखक ने 6600 रुपए की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया।पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी और पंच गवाहों की मौजूदगी में सत्यापन किया गया। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसीबी की सतर्कता से बढ़ा भरोसा
छत्तीसगढ़ में एसीबी द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से भ्रष्टाचारियों में हड़कंप मचा है। अधिकारी लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि यदि कोई उनसे अवैध रूप से पैसे की मांग करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत एसीबी हेल्पलाइन पर करें।इस ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी कामकाज में रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब देखना होगा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया में दोनों आरोपियों को क्या सजा मिलती है।
रायपुर। राजधानी रायपुर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में आज दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र प्रभात साहू की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब स्कूल से छुट्टी के बाद प्रभात अपने एक साथी छात्र के साथ घर जा रहा था।
स्कूल से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र प्रभात साहू अमलीडीह रोड स्थित एक प्राइवेट स्कूल का छात्र था। दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद वह अपने साथी के साथ पैदल घर लौट रहा था। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने से पहले ही दोनों बच्चे आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बिजली गिरते ही जोरदार धमाका हुआ और प्रभात मौके पर ही गिर पड़ा। उसके साथ चल रहा दूसरा छात्र घायल तो नहीं हुआ, लेकिन गहरी दहशत में है।
डाक्टरों ने मृत किया घोषमित
स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों छात्रों की मदद की और प्रभात को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, पूरे घर में कोहराम मच गया। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।घटना की सूचना मिलते ही राजेंद्र नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रशासन ने भी स्थानीय स्तर पर स्थिति का जायजा लिया और परिवार को ढांढस बंधाया।
इस साल वज्रपात से 100 से ज्यादा मौतें
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन के दौरान हर साल आकाशीय बिजली से सैकड़ों लोग प्रभावित होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े होने पर बिजली गिरने का खतरा ज्यादा रहता है। यही वजह है कि ग्रामीण अंचल में अक्सर ऐसे हादसे सुनने को मिलते हैं।विशेषज्ञ और प्रशासन आमजन से अपील कर रहे हैं कि बारिश और गरज-चमक के समय खुली जगहों पर जाने से बचें। मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें और सुरक्षित स्थान पर शरण लें। इस तरह की सावधानियाँ बरतकर हादसों से बचा जा सकता है।
नई दिल्ली/रायपुर। नेपाल में हाल ही में हुए जन-आंदोलन और उसके बाद फैली हिंसा को लेकर भारत में भी कुछ तत्व युवाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। इस पर रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
सांसद अग्रवाल ने कहा कि, हमारे देश में कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ और निजी महत्वाकांक्षाओं के चलते भारत की शांति और लोकतांत्रिक वातावरण को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि भारत के मूल में लोकतंत्र की गहरी जड़ें हैं। यहां विदेशी षड्यंत्रकारी शक्तियां अशांति नहीं फैला सकतीं। जो हालात श्रीलंका, म्यांमार, पाकिस्तान, बांग्लादेश या नेपाल में उत्पन्न होते हैं, वैसी स्थिति भारत में संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में भारत आज आत्मविश्वासी, सशक्त और स्थिर लोकतंत्र के रूप में पूरी दुनिया के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। मोदी के नेतृत्व ने देश की एकता और अखंडता को नई मजबूती दी है।
सांसद अग्रवाल ने आगे कहा कि भारत की जनता जागरूक है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखती है। किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार, भड़काऊ एजेंडे या देशविरोधी प्रयासों को भारतीय समाज कभी सफल नहीं होने देगा।
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने सोमवार को वाड्रफनगर इलाके में दबिश देकर पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पटवारी मोहन सिंह जमीन बंटवारे के नाम पर शिकायतकर्ता से 13 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था।
जमीन बंटवारे के एवज में मांगी रिश्वत
जानकारी के मुताबिक, वाड्रफनगर के पंडरी गांव के एक ग्रामीण ने अपनी जमीन के बंटवारे का आवेदन दिया था। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के नाम पर पटवारी मोहन सिंह ने उससे पैसे की मांग की। पीड़ित किसान ने अनिच्छा के बावजूद मामले की शिकायत एसीबी से कर दी। एसीबी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ट्रैप की योजना बनाई। सोमवार को तय अनुसार जब पटवारी ने 13 हजार रुपए की रकम स्वीकार की, तभी टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
एसीबी की त्वरित कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान एसीबी ने आरोपी पटवारी के पास से रिश्वत की रकम बरामद की। साथ ही पंच गवाहों की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम का सत्यापन किया गया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ संदेश
एसीबी की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पटवारियों और राजस्व अमले द्वारा जमीन संबंधी कार्यों में लंबे समय से घूसखोरी का सिलसिला चलता आ रहा है। इस गिरफ्तारी से निश्चित रूप से ऐसे कर्मचारियों को कड़ा संदेश जाएगा जो पद का दुरुपयोग कर रिश्वत मांगते हैं।
रायपुर। बेटियों को शिक्षा मिलने से हमारी पीढ़ियाँ शिक्षित होती हैं। प्रदेश सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि इस छात्रवृत्ति योजना से हजारों बेटियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हुआ है और इसमें बेटियों ने भी अपनी भूमिका निभाकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। बेटियाँ आर्थिक दिक्कतों के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़ें—इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है। यह योजना प्रदेश में बालिकाओं की उच्च शिक्षा में नामांकन दर को और अधिक बढ़ाने में सहायक होगी।
श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ संकल्प को यह स्कॉलरशिप आगे बढ़ाएगी। इसके माध्यम से शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली निम्न आय वर्ग की छात्राओं को विशेष रूप से मदद मिलेगी और वे अपनी उच्च शिक्षा जारी रख पाएँगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बेटियाँ पढ़ती हैं तो वे केवल दो परिवारों को ही नहीं बल्कि पूरी पीढ़ियों को शिक्षित करती हैं। उन्होंने सभी महाविद्यालयों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से पहुँचाने के निर्देश दिए।
उल्लेखीय है कि इस योजना के तहत प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली नियमित छात्राएँ पात्र होंगी। जो छात्राएँ शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक के प्रथम वर्ष अथवा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में देश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश लेंगी, उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।योजना का लाभ पाने के लिए वेबसाइट https://azimpremjifoundation.org/what-we-do/education/azim-premji-scholarship/ पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही, क्यूआर कोड स्कैन कर भी आवेदन किया जा सकता है।
आवेदन दो चरणों में स्वीकार किए जाएँगे—पहला चरण 10 सितम्बर से 30 सितम्बर 2025 तथा दूसरा चरण 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक। फाउंडेशन द्वारा छात्रवृत्ति योजना की पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क संचालित की जाएगी। यदि योजना से संबंधित किसी प्रकार की धोखाधड़ी या शिकायत की जानकारी हो, तो उसे scholarship@azimpremjifoundation.org पर प्रेषित किया जा सकता है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा संतोष देवांगन, संचालक तकनीकी शिक्षा विजय दयाराम के., तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड सुनील शाह उपस्थित थे।
रायपुर। नगर निगम जोन-6 के तहत भाठागांव इलाके में मंगलवार को करीब पांच एकड़ क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की है. कार्रवाई दो जगहों पर की गई है, एक जमाह पर करीब चार एकड़ और दूसरे स्थान पर लगभग 1 एकड़ में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी.
अवैध प्लाटिंग की सूचना मिलने पर जोन-6 कमिश्नर हितेंद्र यादव ने नगर निवेश विभाग के अमले के साथ मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान प्लाट में मुरुम की रोड मिली. इसके अलावा कुछ लोगों ने प्लॉटिंग पर मार्किंग कर ली थी. निगम अमले ने तत्काल मौके पर जेसीबी की मदद से रोड को तोड़ दिया. जोन कमिश्नर ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग करने वाले के बारे में जानकारी के लिए तहसीलदार को पत्र लिखा गया है. जानकारी मिलते ही संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.
मिली जानकारी के अनुसार, अवैध प्लॉटिंग करने वालों के लिए भाठागांव इलाका सबसे उपयुक्त है. यहां पर नजदीक ही इंटर स्टेट बस टर्मिनल है, और यह इलाका रिंग रोड से लगा हुआ है. इन दो सुविधाओं के लिए भाठागांव का पूरा क्षेत्र लोगों के लिए घर बनाने और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है. यही वजह है कि यहां सबसे ज्यादा अवैध प्लॉटिंग हो रही है.
रायपुर। राजनीति में इन दिनों कांग्रेस की अंतर्कलह खुलकर सामने आ रही है। मंगलवार को बिलासपुर में आयोजित कांग्रेस की सभा में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत से माइक छीनने की घटना ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस की बौखलाहट और आदिवासी नेताओं का अपमान बताते हुए करारा निशाना साधा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस हार से बौखला गई है और उल-जुलूल हरकतें कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज देश और छत्तीसगढ़ दोनों ही स्तर पर मुद्दाविहीन हो चुकी है।
इधर, भाजपा नेता और मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि कांग्रेस का आदिवासी नेताओं से मोहभंग हो चुका है। नेताम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में जितने भी आदिवासी नेता हैं, उन्हें महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमरजीत भगत के साथ मंच पर किया गया व्यवहार केवल उनका ही नहीं बल्कि पूरे आदिवासी समाज का अपमान है। इसके पहले भी मोहन मरकाम के साथ इसी तरह का व्यवहार किया गया था और अब पार्टी अपने प्रदेश अध्यक्ष को भी पचा नहीं पा रही है।
सभा में कांग्रेस नेताओं की गुटबाजी साफ नजर आई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंच से ही टीएस सिंहदेव पर निशाना साधते हुए कहा कि अब यह मत कहें कि हमारी सरकार ने काम नहीं किया, इसलिए हम हार गए। कांग्रेस की हार का कारण वोट चोरी है। वहीं, पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया ने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत को घेरते हुए कहा कि हमारे कार्यकर्ता किसी नेता के चमचे नहीं हैं। हमें अपने ही लोगों की आलोचना नहीं करनी चाहिए बल्कि सभी को मिलकर पार्टी के लिए काम करना चाहिए।
दरअसल, 3 सितंबर को रायपुर के राजीव भवन में जनसभा की तैयारी बैठक के दौरान महंत ने बयान दिया था कि पार्टी में नेता नहीं बल्कि चमचे माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि कोई चमचा किसी को मुख्यमंत्री बनाना चाहता है तो कोई प्रदेश अध्यक्ष। यही कारण है कि सभा में डहरिया ने मंच से इस बयान पर पलटवार किया।
कांग्रेस ने बिलासपुर में मोदी सरकार के खिलाफ “वोट चोर-गद्दी छोड़” सभा आयोजित की थी। इसमें पार्टी की एकजुटता प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया, लेकिन सचिन पायलट की मौजूदगी में ही नेताओं के बीच आपसी मतभेद खुलकर सामने आ गए। अब माइक छीनने की घटना ने इस अंतर्कलह को और गहरा कर दिया है। भाजपा इसे कांग्रेस के भीतर जारी सत्ता संघर्ष और आदिवासी नेताओं के अपमान से जोड़कर राजनीतिक मुद्दा बना रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण निर्देशों के प्रावधानों के तहत राज्य में व्यापक युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही की गई है। इस बड़े कदम के फलस्वरूप 16,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया है। अब प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक-विहीन नहीं है।
उल्लेखनीय है कि पहले जहां 5,936 विद्यालय एकल-शिक्षकीय थे, वहीं युक्तियुक्तकरण के बाद केवल 1,207 प्राथमिक शालाएँ शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण एकल-शिक्षकीय रह गई हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन विषयवार किया गया है। यदि किसी संस्था में किसी एक विषय का शिक्षक अतिशेष पाया गया, किन्तु उसी संस्था में सेटअप के आधार पर किसी अन्य विषय का पद रिक्त था, तो ऐसे अतिशेष शिक्षक का युक्तियुक्तकरण करते हुए आवश्यकता के आधार पर रिक्त विषय के पद पर उस विषय के शिक्षक की पदस्थापना की गई है।
युक्तियुक्तकरण निर्देशों के अंतर्गत, शालाओं में पदस्थापना तिथि के आधार पर अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन किया गया है। इस दौरान विषय, विकलांगता तथा परिवीक्षा अवधि जैसे कारकों का भी विशेष ध्यान रखा गया। इसके अलावा, अतिशेष शिक्षकों की गणना उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज मूल विषय के आधार पर की गई है।
जिन शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण के पश्चात कार्यमुक्त होकर नवीन पदस्थापना स्थल में कार्यभार ग्रहण कर लिया है, उनके वेतन आहरण की कार्यवाही पूर्व पदस्थ संस्था से प्राप्त अंतिम वेतन प्रमाणपत्र के आधार पर की जा रही है।
इसी तरह, युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के दौरान विभिन्न शिक्षकों से प्राप्त अभ्यावेदन (जिनमें न्यायालयीन प्रकरण भी सम्मिलित हैं) पर शासन गंभीरता से परीक्षण कर रहा है। इन प्रकरणों की जांच संभागीय आयुक्त की समिति, संचालनालय स्तरीय समिति एवं शासन स्तरीय समिति में की जा रही है और शीघ्र ही इनका निराकरण कर लिया जाएगा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सी.पी. राधाकृष्णन को भारत का उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक प्रभावशाली नेता और कुशल प्रशासक के रूप में श्री राधाकृष्णन ने समाज की जड़ों से उठकर राष्ट्र के उच्च संवैधानिक पद तक पहुँचने का गौरव अर्जित किया है। उनका यह सफर लोकतांत्रिक मूल्यों की सशक्त मिसाल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री राधाकृष्णन का दूरदर्शी नेतृत्व और गहरा प्रशासनिक अनुभव न्याय, समानता और विकास के मूल्यों को नई ऊँचाइयों पर स्थापित करेगा। वंचित और हाशिए पर रहने वाले वर्गों के उत्थान के प्रति उनकी निष्ठा सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय प्रगति को और सुदृढ़ बनाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता श्री राधाकृष्णन के विश्वास, कड़ी मेहनत और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण का परिणाम है, जो पूरे देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से श्री राधाकृष्णन को पुनः शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
बिलासपुर। सालों से किराया जमा नहीं करने वाले शहर के 13 दुकानों को मंगलवार को नगर निगम के अमले ने सील कर दिया है. इनमें से 10 दुकान महिला समृद्धि बाजार की है, और 3 दुकानें बृहस्पति बाजार की है.किराया जमा करने को लेकर इन दुकानदारों को कई बार नोटिस दिया गया था, इसके बावजूद भी इनके द्वारा किराया जमा नहीं किया गया.
जिसके बाद निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश पर 13 दुकानों को सील कर दिया गया है. गणेश नगर चौक के पास नगर पालिक निगम द्वारा महिला समृद्धि बाज़ार बनाया गया है, जिसमें आबंटित दुकानों के किराये की बकाया राशि 14,55,655 रुपए है.
इसी प्रकार बृहस्पति बाजार में दुकानों का भी कुल बकाया 309278 रुपए है. उक्त बकायदार राशि जमा नहीं कर रहे थे, जिसके चलते कार्रवाई की गई है. शहर के अन्य क्षेत्रों की दुकानों की भी जांच की जा रही और आगे भी इसी तरह की कर्रवाई की जाएगी.
बिलासपुर। डीजे और साउंड बॉक्स के शोर से आम लोगों को होने वाली परेशानियों को लेकर जनहित याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई में राज्य शासन ने बताया कि कड़ी कार्रवाई के लिए राज्य के कोलाहल नियंत्रण अधिनियम में संशोधन की जरूरत है. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने आज सुनवाई करते हुए बलरामपुर जिले में गणेश विसर्जन के दौरान डीजे पर नाचते समय एक नाबालिग की मौत को भी गंभीरता से लिया है.
हाईकोर्ट ने इस मामले में शासन से जवाब मांगा है. आज मंगलवार को जनहित याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि, कोलाहल अधिनियम में इतने कड़े प्रावधान है ही नहीं. एक या दो बार 500-1000 रुपए पेनाल्टी लगाकर छोड़ दिया जाता है, ना सामान की जब्ती होती है और ना ही कोई कड़े नियम बनाए गए हैं. इसी वजह से इन मामलों में कड़ाई करने के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया की जाएगी. लल्लूराम को मिली जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने मामले में सरकार को इसकी कार्रवाई के संबंध में अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
मालूम हो कि, कोलाहल मामले में विधि विभाग ने एक रिपोर्ट तैयार की थी. इसमें चर्चा हुई कि 1985 के अधिनियम और 2000 के नियमों के बीच टकराव की स्थिति में किस अधिनियम का पालन किया जाना चाहिए. 1985 के अधिनियम में लाउडस्पीकर के उपयोग पर दंड, 2000 के नियमों की तुलना में बहुत कम है. केंद्रीय कानून, राज्य के कानून पर प्रबल होता है, चूंकि 1985 का अधिनियम एक राज्य अधिनियम है और 2000 के नियम केंद्रीय अधिनियम हैं, इसलिए 2000 एक्ट के नियम प्रबल होंगे. इन नियमों में लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए उपयुक्त प्राधिकारी से अनुमति लेने और ध्वनि सीमा निर्धारित करने का प्रावधान है. प्रावधानों में संशोधनः पूर्व में हुई सुनवाई में महाधिवक्ता ने कहा था कि, राज्य द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 और कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की जांच की गई है और यह बताया गया कि, ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 के प्रावधान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की तुलना में अधिक कठोर हैं, इसलिए राज्य प्रावधानों में संशोधन करने जा रहा है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक बच्चों के लिए संचालित "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" का शुभारंभ किया। उन्होंने चयनित बच्चों का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ है। श्री साय ने घोषणा की कि अगले शैक्षणिक सत्र से इस योजना का लाभ 200 बच्चों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमिक अनेक समाज के हित के लिए कार्य करता है, परंतु अपने परिवार के लिए बहुत कम समय, संसाधन, ऊर्जा और ध्यान दे पाता है। उनके भी सपने होते हैं कि उनके घर के बच्चे पढ़-लिखकर बेहतर जीवन जिएँ, ताकि भविष्य में मजदूर का बेटा-बेटी केवल मजदूरी न करे, बल्कि समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील और राजनेता बने।इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत श्रमिक बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ में "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" प्रारंभ की है। इसके तहत प्रदेश के श्रमिकों के बच्चों को कक्षा छठवीं से बारहवीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त होगी। इनका पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कार्यक्रम के दौरान निर्माण श्रमिकों एवं उनके बच्चों ने मिलकर योजना का शुभारंभ पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना से अब हम अपने बच्चों के भविष्य को लेकर निश्चिंत हो गए हैं। इस योजना के माध्यम से बच्चों को अच्छी शिक्षा और भविष्य सँवारने का सुनहरा अवसर मिल गया है। हमारे लिए यह एक सपना था, जो अब पूरा हो गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिकों से चर्चा करते हुए कहा कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है। योजना के तहत चालू वर्ष में 100 निर्माण श्रमिकों के बच्चों को 14 निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इन विद्यालयों में सीबीएसई और आईसीएसई पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई कराई जाएगी।
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज श्रम विभाग के सहयोग से श्रमिक परिवारों के 100 बच्चों का दाखिला प्रदेश के 14 निजी आवासीय विद्यालयों में कराया गया है। सरकार की सोच है कि श्रमिक का बच्चा केवल श्रमिक न रहकर अधिकारी बने और देश की सेवा करे। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना भी संचालित की जा रही है, जिसके निश्चित ही दूरगामी परिणाम सामने आएँगे।
श्रम मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि श्रम विभाग के अंतर्गत तीन मंडल संचालित हैं, जिनमें लगभग 70 से अधिक योजनाएँ चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार द्वारा पिछले 20 माह में लगभग 600 करोड़ रुपये का लाभ श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से पहुँचाया गया है। उन्होंने योजना के तहत चयनित बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि श्री अटल के संकल्पों को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सुशासन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य में लगभग 30 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिक हैं, जिनके बच्चे अच्छे विद्यालयों में नहीं पढ़ पाते थे। उनके लिए "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना से श्रमिकों के बच्चों को बेहतर विद्यालयों में पढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने चयनित बच्चों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस मौके पर श्रम विभाग के सचिव हिम शिखर गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर संयुक्त सचिव फरिहा आलम, श्रम कल्याण मंडल के सचिव गिरीश रामटेके सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या पिछले तीन वर्षों में दोगुनी हो गई है। वर्ष 2022 में जहां बाघों की संख्या 17 थी, वहीं अप्रैल 2025 के सर्वेक्षण में यह बढ़कर 35 हो गई। यह जानकारी आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव कल्याण बोर्ड की 15वीं बैठक में दी गई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ में वन्य प्राणियों का संरक्षण और संवर्धन हमारी प्राथमिकता है। हमारा राज्य वन संपदा और वन्य प्राणियों के मामले में अत्यंत समृद्ध है। इन्हें सुरक्षित और विकसित करने के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में बाघों की संख्या में तीन वर्षों के भीतर हुई दोगुनी वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बाघों की संख्या 17 से बढ़कर 35 होना इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में संतोषजनक कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि अब हमें अन्य वन्यजीवों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी ठोस प्रयास करने होंगे। छत्तीसगढ़ के कई इलाके ऐसे हैं जिन्हें वन्यजीव संरक्षण के माध्यम से विकसित किया जा सकता है। जशपुर जिले के नीमगांव में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। यहां प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और संवर्धन हेतु आवश्यक कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इसी तरह अन्य क्षेत्रों की पहचान कर उनका भी विकास किया जाना चाहिए। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं वनमंत्री केदार कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य में बाघों की संख्या के साथ-साथ अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण और संवर्धन में भी वृद्धि हुई है तथा उनके रहवासों में सुधार के प्रयास जारी हैं। आगे इसके और बेहतर परिणाम जनता के सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि आज पारित प्रस्ताव जनहित के महत्वपूर्ण कार्य हैं, जो शांति का वातावरण स्थापित करने में सहायक होंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि वन्यजीवों एवं जैव विविधता को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे।
बोर्ड के सदस्य सचिव अरुण कुमार पांडेय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) द्वारा विभागीय उपलब्धियों और एजेण्डा पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। सदस्य सचिव ने बताया कि राज्य में सर्वाधिक बाघ अचानकमार टाइगर रिज़र्व में हैं। राज्य वन्यजीव बोर्ड की 14वीं बैठक में पारित निर्णय के परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व और गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिज़र्व में मध्यप्रदेश से बाघ एवं बाघिन के ट्रांसलोकेशन की अनुमति मिल चुकी है। शीघ्र ही ट्रांसलोकेशन की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी।
उन्होंने बताया कि राजकीय पशु वनभैंसा की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। असम से लाए गए वनभैंसों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इसी प्रकार राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना के संरक्षण हेतु भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। “मैना मित्र” नामक समूह का गठन किया गया है, जो मैना के संरक्षण और उनके रहवास की निगरानी करता है। टाइगर रिज़र्व और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अन्य सुविधाएं विस्तारित की जा रही हैं, जिससे समीपवर्ती ग्रामवासियों को रोजगार मिलेगा और वन्यजीव संरक्षण में भी सहयोग प्राप्त होगा।
बैठक में वन्यजीव संरक्षण और संवर्धन हेतु गश्ती मार्ग निर्माण तथा संरक्षित क्षेत्र के युक्तियुक्तकरण के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व, गरियाबंद अंतर्गत धवलपुर से कुकरार तक सड़क निर्माण कार्य; मिशन अमृत योजना के तहत पाइपलाइन विस्तार कार्य; तथा कवर्धा वनमंडल में इंटरनेट सुविधा के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की अनुमति प्रदान की गई। इससे वन क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, शासकीय योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलेगी, ग्रामीणों के सामाजिक-आर्थिक विकास में सुधार होगा और क्षेत्रीय अमलों के लिए सूचना संप्रेषण मजबूत होगा।
बैठक में राज्य वन्यजीव कल्याण बोर्ड के सदस्यों ने वन्यजीव संरक्षण के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में विधायक धर्मजीत सिंह, विधायक चैतराम अटामी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, सचिव वन अमरनाथ प्रसाद तथा अन्य माननीय सदस्य और गैर-शासकीय संस्थाओं के प्रख्यात वन्यजीव विशेषज्ञ उपस्थित थे।