महासमुंद। औद्योगिक कारखानों के निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा प्लोटेक्स सोलर प्राइवेट लिमिटेड बिरकोनी पहुंचकर जांच किया गया। निरीक्षण के दौरान शशिकांत सिंह प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद, डी०एन० पात्र श्रम पदाधिकारी श्रम विभाग, राम कुमार ध्रुव जिला परिवहन अधिकारी, सिद्धार्थ दुबे निरीक्षक, विधिक माप विज्ञान विभाग उपस्थित रहे। परिवहन विभाग द्वारा जांच में कोई अनियमितता नहीं पाई गई। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के द्वारा जांच किया गया, जिसमें कारखाना में किसी प्रकार की कमियां नही पाई गई। विधिक माप विज्ञान विभाग की जांच में उक्त संस्थान में उपयोग किए जा रहे गैर स्वचालित तौल उपकरणों के सत्यापन के संबंध में नोटिस जारी किया जा रहा है।
श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अन्तर्गत जांच/निरीक्षण किया गया। ओवर टाईम के संबंध में प्रबंधन द्वारा जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर कारण बताओं सूचना पत्र प्रेषित किया जाएगा। 03 ठेकेदार कार्यरत पाया गया, जिनके द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम, 1970 अंतर्गत लाइसेंस नहीं लिया गया है। तत्संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसी तरह मेसर्स सेवियो बायो ऑर्गेनिक एंड फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड बिरकोनी का निरीक्षण किया गया। जिसमें श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अन्तर्गत जांच / निरीक्षण किया गया। ओवर टाईम के संबंध में प्रबंधन द्वारा जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया जा रहा है। प्रबंधन द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 अंतर्गत प्रमुख नियोजक का अनुज्ञप्ति नही लिया जाना पाया गया। जिसके संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में इस साल की गणेश उत्सव में लगाए गए AI तकनीक से बनी गणेश प्रतिमाओं को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार देर रात लाखेनगर मंडल में हंगामे की स्थिति बन गई, जब शिवसेना, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे।
अश्लील गानों पर भड़के कार्यकर्ता
सूत्रों के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब गणेश पंडाल में देर रात तेज आवाज में अश्लील गाने बजाए जा रहे थे। इस पर हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि धार्मिक आयोजन में इस तरह के गाने न केवल आस्था को ठेस पहुंचाते हैं बल्कि परंपराओं का भी अपमान है। इसके साथ ही, संगठनों ने AI से बनी गणेश प्रतिमाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि "आस्था और परंपरा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
लाखेनगर मंडल बना विवाद का केंद्र
रायपुर का लाखेनगर गणेश मंडल इस बार अपनी AI तकनीक से तैयार की गई गणपति प्रतिमा के कारण सुर्खियों में है। यहां पर बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे थे, लेकिन बीती रात अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। हिंदू संगठनों ने मंडल पहुंचकर प्रतिमा को तत्काल विसर्जित करने की मांग की। उनका आरोप है कि आस्था से जुड़े आयोजन में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर दिखावा किया जा रहा है और धार्मिक भावनाओं का अपमान हो रहा है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी लाखेनगर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी कि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में एहतियातन पुलिस बल तैनात है।
रायपुर। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि महिला स्व सहायता समूह केवल परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार नहीं हैं, बल्कि वे समाज में आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और सामाजिक परिवर्तन की सशक्त मिसाल भी हैं। इन समूहों ने साबित किया है कि सामूहिक प्रयास से बड़ी से बड़ी चुनौतियों को अवसरों में बदला जा सकता है।
आज माना कैंप में आयोजित स्व सहायता समूह सम्मान समारोह में शामिल होकर सांसद श्री अग्रवाल ने महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने समूहों की आर्थिक मजबूती के लिए 68 महिला स्व सहायता समूहों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार द्वारा नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रही योजनाएँ आज गाँव-गाँव और बस्तियों की बहनों के जीवन में परिवर्तन की नई रोशनी ला रही हैं। ये योजनाएँ न केवल आजीविका का साधन बन रही हैं, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं।
कार्यक्रम में जिला भाजपा उपाध्यक्ष श्यामा चक्रवर्ती, नगर पंचायत अध्यक्ष संजय यादव, मंडल अध्यक्ष भीमवंत निषाद, पूर्व मंडल अध्यक्ष रविन्द्र सिंह ठाकुर, नपा उपाध्यक्ष के. एबु, उर्मिला चौहान, पार्षद राखी मंडल, पार्षद काजल मंडल समेत समस्त पदाधिकारी माना मंडल उपस्थित रहे।
रायपुर। “युवा सिर्फ भविष्य नहीं हैं, बल्कि आज के भारत की सबसे बड़ी ताक़त हैं। उनके जोश, ज्ञान और संकल्प के बल पर ही हम 2047 तक विकसित भारत का स्वप्न साकार करेंगे।” यह कहना है लोकप्रिय सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का, जिन्होंने राजधानी स्थित कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित “नया भारत उत्सव” में शामिल होकर भविष्य के भारत निर्माता युवाओं से संवाद किया।
श्री अग्रवाल ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने बीते 11 वर्षों में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनमें विकसित भारत 2047 का संकल्प, ऑपरेशन सिंदूर की अभूतपूर्व सफलता और छत्तीसगढ़ का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने भी उनसे सवाल पूछे।
एनआईटी की छात्रा इशिता तिवारी ने जब पूछा कि “मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?” तो सांसद श्री अग्रवाल ने कहा “पूरे देश को मान-सम्मान और स्वाभिमान दिलाते हुए भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में ले जाना ही मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।”
इसी तरह तृप्ति ने जब प्रश्न किया कि “विकसित भारत बनाने में छत्तीसगढ़ का क्या योगदान होगा?” इस पर श्री अग्रवाल ने कहा जिस दिन हम नए भारत के लोग जागरूक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे, उस दिन केवल हमारे गली-मोहल्ले ही नहीं, बल्कि पूरा राज्य और देश विकसित होगा। छत्तीसगढ़ के पास कोयले और अन्य खनिज संपदा के साथ ही अब लीथियम का भंडार मिला है, जो आर्थिक रूप से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी युवाओं से समाज के उत्थान, राज्य और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
इस अवसर पर विकसित भारत-2047 एवं ऑपरेशन सिंदूर विषय पर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया गया। गौरतलब है कि एनआईटी, एम्स, ट्रिपल आईटी, आईआईएम, सिपेट समेत 100 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों के 50 हज़ार से अधिक विद्यार्थियों ने इसमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया था।
कार्यक्रम में कुलपति कृषि विश्वविद्यालय डॉ. गिरीश चंदेल, भाजपा ज़िला अध्यक्ष रमेश ठाकुर, ज़िला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, सुप्रसिद्ध शिक्षाविद जी. स्वामी, शताब्दी पांडेय, कार्यक्रम संयोजक दान सिंह देवांगन और कार्यक्रम प्रभारी संजय जोशी समेत बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर–रामानुजगंज जिले में स्थित लुत्ती बांध के टूटने की घटना पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की गलती किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्री साय ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि मैदानी अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में जाकर नियमित निरीक्षण नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतत रूप से फील्ड में जाकर बांधों सहित अन्य संरचनाओं का निरंतर निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान देने, सभी बांधों की जलभराव क्षमता, वर्तमान सिंचाई स्थिति और आगामी परियोजनाओं की प्रगति आदि के सम्बन्ध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा–निर्देश दिए। साथ ही विशेष रूप से बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 का कड़ाई से पालन करने तथा जिला प्रशासन के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने लक्षित सिंचाई क्षमता और वास्तविक सिंचाई क्षमता के बीच अंतर को कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेषकर बस्तर और सरगुजा संभाग की अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्माणाधीन वृहद परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर बल दिया, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में 04 वृहद परियोजनाएँ, 357 लघु परियोजनाएँ और 300 एनीकेट, इस प्रकार कुल 661 कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 1036 जीर्णोद्धार कार्य भी चल रहे हैं। इस तरह कुल 1697 कार्य प्रगतिरत हैं, जिनमें लगभग ₹8966 करोड़ की राशि व्यय होगी।
इस बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव रवि मित्तल, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उईके तथा बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग मंडलों के मुख्य अभियंता सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर। एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एफआईई) को चौथे भारत उद्यमिता शिखर सम्मेलन में राष्ट्रीय इन्क्यूबेटर पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन 13 सितंबर को नई दिल्ली के संसद मार्ग स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में होगा। भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में एनआईटी रायपुर-एफआईई के उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। संस्था को यह सम्मान राज्य में 35 से आधिक नये स्आर्टअप्स को मार्गदर्शन और उन्हें उत्कृष्ट तकनीकी सहयोग के लिए मिलेगा। भारत उद्यमिता शिखर सम्मेलन का आयोजन भारतीय उद्यमी संघ (ईएआई) और एंटरप्राइजिंग जोन-ईजेड द्वारा किया जा रहा है, जो भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेशन केंद्र है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर संस्थान को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में लगातार स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिल रहा है। यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ में तेजी से बदल रहे औद्योगिक वातावरण को प्रोत्साहित करेगा। एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय इन्क्यूबेटर पुरस्कार मिलना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। स्टार्टअप्स के पोषण और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एनआईटी रायपुर-एफआईई की टेक्नोलॉजी आधारित गतिविधियां हमारे राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी, और छत्तीसगढ़ को नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी। मुख्यमंत्री ने पूरी टीम को बधाई देते देते हुए उम्मीद जताई कि यह संस्था युवाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने और तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाने में निरंतर सफलता हासिल करेगी।
एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने कहा कि राष्ट्रीय इन्क्यूबेटर पुरस्कार नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में संस्था की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि एफआईई लगातार एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने में जुटा है, जो तकनीकी स्टार्टअप्स को सहयोग देकर उन्हें सफल उद्यमों में बदलता है। यह उपलब्धि उन्हें नई पीढ़ी के उद्यमियों को और मजबूती देने की प्रेरणा देती है।
गौरतलब है कि एनआईटी रायपुर-एफआईई एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में मार्च 2021 में स्थापित हुआ। जो एनआईटी रायपुर का प्रौद्योगिकी व्यापार इन्क्यूबेटर है और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की राष्ट्रीय नवाचार विकास और दोहन पहल (निधि) योजना के तहत कार्य करता है। संस्था ने अब तक छत्तीसगढ़ में 35 से अधिक स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया है। इनमें से कुछ स्टार्टअप्स गवर्नेंस और मेडिकल उपकरण निर्माण के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। जबकि कुछ एनालिटिक्स, डीप-टेक, क्लीन टेक और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) समेत अलग-अलग क्षेत्र से जुड़े हैं।
एनआईटी रायपुर एफआईई का संचालन निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव और कैरियर डेवलपमेंट सेंटर प्रमुख डॉ. समीर बाजपेयी के नेतृत्व में हो रहा है। परिचालन टीम में डॉ. अनुज कुमार शुक्ला (फैकल्टी प्रभारी), पवन कटारिया (अधिकारी प्रभारी) और सीईओ मेधा सिंह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। एफआईई ने तकनीकी स्टार्टअप्स को व्यापक सहयोग देकर खुद को देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित किया है। जिनमें स्टार्टअप शुरू करना, कंपनी बनाना, तकनीकी मार्गदर्शन समेत स्टार्टअप्स से जुड़े सभी तरह के समर्थन शामिल हैं। छत्तीसगढ़ का कोई भी युवा यदि अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहता है तो वह इसके लिए एनआईटी रायपुर एफआईई से संपर्क कर सकता है।
रायपुर। NHM कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद आंदोलनरत कर्मचारी आक्रोशित हो गए हैं. प्रदेशभर में आज एनएचएम कर्मचारियों ने अपने-अपने जिले के स्वास्थ्य अधिकारी को सामूहिक इस्तीफा सौंपा है. बलौदाबाजार जिले में 421 एनएचएम कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया है.
बता दें कि नोटिस के बाद भी काम पर नहीं लौटने पर सरकार ने 35 एनएचएम अधिकारी-कर्मचारियों की सेवा समाप्ति कर दी है. इसके चलते अब आक्रोश बढ़ गया है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय रायपुर में रायपुर जिले के NHM अधिकारी-कर्मचारी इस्तीफा देने पहुंचे हैं. CMHO कार्यालय के सामने प्रदर्शन जारी है.
नियमितीकरण समेत 10 सूत्री मांगो को लेकर NHM कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है. बलौदाबाजार जिले में 421 एनएचएम कर्मचारियों ने अपना इस्तीफा सीएमएचओ को सौंप दिया है. वहीं कांकेर में 655 स्वास्थ्यकर्मियों ने अपना सामूहिक इस्तीफा जिला स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपा है.
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तकनीकी शिक्षा विभाग के एक आदेश को खारिज करते हुए एक कर्मचारी को बड़ी राहत दी है। अदालत ने कहा कि 16 साल बाद की जाने वाली वेतन वसूली पूरी तरह अनुचित और अन्यायपूर्ण है। न्यायमूर्ति ए.के. प्रसाद की एकलपीठ ने कहा कि यदि विभागीय गलती से अधिक वेतन दिया गया है तो उसका बोझ कर्मचारी पर नहीं डाला जा सकता।
मामला एक सरकारी सेवक से जुड़ा है, जो 1996 में तकनीकी शिक्षा विभाग में व्याख्याता बना और बाद में प्राचार्य पद तक पहुँचा। विभाग ने 21 दिसंबर 2022 को आदेश जारी कर यह कहते हुए वसूली शुरू कर दी थी कि 2006 के बाद से उसे अधिक वेतन मिला है। जबकि वेतन निर्धारण पूरी तरह विभागीय अधिकारियों के आदेश से हुआ था और इसमें कर्मचारी की कोई भूमिका नहीं थी। याचिकाकर्ता के वकील मतीन सिद्दीकी और दीक्षा गौराहा ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट के स्टेट ऑफ पंजाब बनाम रफीक मसीह (2015) फैसले के अनुसार, यदि अतिरिक्त भुगतान कर्मचारी की धोखाधड़ी या गलत सूचना देने से नहीं हुआ है तो वसूली नहीं की जा सकती। इस सिद्धांत की पुष्टि बाद में थॉमस डेनियल (2022) और जोगेश्वर साहू (2023) मामलों में भी हुई है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड में कहीं भी ऐसा नहीं है कि कर्मचारी ने विभाग को गुमराह किया हो। वह केवल वही वेतन लेता रहा जो विभाग ने खुद तय किया था। अदालत ने माना कि इतने लंबे समय बाद वसूली करना न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि कर्मचारी पर असहनीय आर्थिक बोझ डालने जैसा है। अदालत ने 21 दिसंबर 2022 का आदेश निरस्त कर वसूली पर रोक लगा दी। साथ ही कहा कि यदि पहले से कोई राशि वसूल की गई है तो तीन महीने के भीतर लौटाई जाए। हालांकि, अदालत ने विभाग को यह स्वतंत्रता भी दी कि भविष्य में नियमों के अनुसार वेतन संशोधन किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कर्मचारी को सुनवाई का अवसर देना होगा।
रायपुर। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह 2025 का आठवां दिन विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और लोक-शास्त्रीय कलाओं की अनूठी छटा से सराबोर रहा। रामलीला मैदान में आयोजित सुर, ताल, छंद और घुंघरू के आठवें दिन कलाकारों की सजीव प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और समारोह की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार रामदास अठावले ने भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना, राजा चक्रधर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि राजा चक्रधर सिंह केवल रायगढ़ के नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। वे एक महान शासक, समाजसेवी और संगीत साधक थे। गरीबों, किसानों, मजदूरों और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए उन्होंने कार्य किया और कथक को नया आयाम देकर ‘रायगढ़ घराने‘ की स्थापना की। आज उनका यह सांगीतिक धरोहर देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सम्मान पा रहा है। इस मौके पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम रायगढ़ महापौर जीवर्धन चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
चक्रधर समारोह में आठवें दिन का मुख्य आकर्षण अबूझमाड़ का प्रसिद्ध मल्लखंभ दल रहा। उनकी रोमांचक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को उत्साहित कर तालियों से सभागार गूंजा दिया। इस अवसर पर रायपुर की आशिका सिंघल, संगीता कापसे संगीत कला अकादमी रायपुर, दुर्ग की देविका दीक्षित, बिलासपुर की वासंती वैष्णव एवं टीम, जबलपुर की निलांगी कालान्तरे और बेंगलुरु के डॉ.लक्ष्मी नारायण जेना ने कथक की विभिन्न शैलियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। रायपुर की अजीत कुमारी कुजूर ने भरतनाट्यम और मुंबई के अर्नव चटर्जी ने मधुर गायन से समा बांध दिया। चक्रधर समारोह के अवसर पर पद्मश्री स्व. डॉ. सुरेन्द्र दुबे की स्मृति में विशेष काव्य संध्या का आयोजन हुआ। कवियों की प्रस्तुतियों में हास्य, वीर रस और व्यंग्य का सुंदर संगम देखने को मिला। दर्शक देर तक तालियों से कवियों का उत्साहवर्धन करते रहे।
अबूझमाड़ के विश्व प्रसिद्ध मल्लखंब दल ने दिखाया ताकत, संतुलन और लचीलेपन का अद्भुत संगम चक्रधर समारोह में उस समय अविस्मरणीय बन गई, जब अबूझमाड़ से आए मनोज प्रसाद के नेतृत्व में मल्लखंब दल ने मंच पर प्रवेश किया। परंपरा, अनुशासन और अद्भुत संतुलन के साथ खिलाडिय़ों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा कार्यक्रम स्थल रोमांचित हो उठा। बस्तर और नारायणपुर के छोटे-छोटे गांवों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचे इंडियाज गॉट टैलेंट सीजन-10 के विजेता नरेंद्र गोटा और फुलसिंह सलाम ने अपने साथियों संग अद्भुत मल्लखंब कला की प्रस्तुति दी।
मंच पर कलाकारों ने खंभे पर कौशल, कला व जिम्नास्टिक की अद्भुत मुद्राओं का प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस प्रस्तुति ने साबित कर दिया कि सुदूर वनांचल की प्रतिभाएं अब विश्व मंच तक अपनी पहचान दर्ज करा रही हैं। समारोह में उपस्थित हजारों दर्शकों ने खड़े होकर तालियों से इन कलाकारों की सराहना की और उन्हें छत्तीसगढ़ का गौरव बताया। यह वही दल है जिसने 2023 में इंडियाज गॉट टैलेंट सीजन 10 जीतकर पूरे देश का दिल जीता था। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी इन कलाकारों ने भारत का परचम लहराया है।
इन कलाकारों की सफलता के पीछे है अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी, जो 2018 से आदिवासी अंचलों के बच्चों को प्रशिक्षण देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रही है। अब तक इस अकादमी के 500 से अधिक राष्ट्रीय पदक विजेता तैयार हो चुके हैं और 50 से अधिक बच्चे यहाँ रहकर शिक्षा एवं मल्लखंब की विधिवत ट्रेनिंग ले रहे हैं। इनके प्रशिक्षक मनोज प्रसाद ने अपनी मेहनत, समर्पण और जुनून से इन बच्चों को विश्वस्तरीय मंच दिलाया है।
रायपुर। बस्तर संभाग में पिछले सप्ताह हुई अतिवृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। अपने विदेश दौरे से लौट कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा पहुंचकर संभागीय बैठक में जिला कलेक्टरों को राहत और बचाव कार्यो में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिये थे। अब मुख्यमंत्री के इस निर्देश पर तेजी अमल किया जा रहा है। बाढ़ पीड़ित नागरिकों को जहां एक ओर राशन, ईलाज और दवाईयां के साथ-साथ गैस चुल्हे और सिंलेण्डर दिये गये हैं वहीं राहत शिविरों में उनके दैनिक जीवन की उपयोगी सभी व्यवस्थाएं भी की गई है। अब बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही नुकसान का वास्तविक आंकलन और अन्य जरूरी सहायता तथा मुआवजा देने की कार्यवाही पर भी तेजी से अमल किया जा रहा है। बाढ़ के पानी में खराब या नष्ट हो गये जरूरी दस्तावेजों को बनाने का काम भी राजस्व विभाग ने शुरू कर दिया हैं। बाढ़ की इस भीषण आपदा में छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नेतृत्व में एक संवेदनशील पहल कर त्वरित राहत कार्य और सहायता-मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर पीड़ित परिवारों को एक बड़ी राहत दी है।
बाढ़ से प्रभावित गाँवों में राहत दल तेजी से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के लोहन्डीगुड़ा तहसील के मांदर गांव के प्रभावित किसानों को किसान किताब वितरित की जा रही है, जो बाढ़ के कारण बह गई थी। किसान किताब के मिलने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और भविष्य में किसी भी सहायता के लिए पात्र बनने में मदद करेगी। वहीं प्रभावितों को नवीन राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड एवं बैंक पासबुक तैयार कर प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने के लिए घर-घर सर्वे कर रही हैं और पात्रता के अनुसार तत्काल राहत राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर कर भुगतान कर रही हैं।
सरकार का ध्यान इस बात पर है कि किसी भी पीड़ित परिवार को उनकी जरूरत के समय अकेला न छोड़ा जाए। इसके लिए, मकान क्षति सहित पशु, फसल और घरेलू सामग्री की क्षति का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर, हर एक प्रकरण पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है, ताकि जरूरतमंद प्रभावितों तक मुआवजा राशि सीधे और समय पर पहुँच सके।
स्थानीय प्रभावित परिवारों ने सरकार की इस पहल की सराहना की है। एक प्रभावित ग्रामीण मुरहा पटेल ने कहा कि हमने सोचा था कि बाढ़ के बाद सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन सरकार की इस त्वरित मदद ने हमें फिर से जीवन को नये सिरे से शुरू करने की उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला आधिकारियों की इस पहल को प्रशासन की ओर से एक मजबूत और मानवीय दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। जो यह दर्शाता है कि आपदा की घड़ी में सरकार न सिर्फ राहत कार्य बल्कि पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस तरह के प्रयास बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से सहारा देते हैं, जिससे उन्हें जीवन को सामान्य पटरी पर लाने में मदद मिलती है।
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में कृषि केन्द्रों का सतत निरीक्षण जारी है। इसी क्रम में प्रभारी उप संचालक कृषि भीमराव घोडे़सवार के मार्गदर्शन में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ब्रजेश तुरकाने द्वारा पिथौरा के उर्वरक दुकानां का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित फर्म चंचला कृषि केन्द्र लोहरीनडोगरी, मुकेश कृषि सेवा केन्द्र सोनासिल्ली के प्रतिष्ठान में पी.ओ.एस. स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा संबंधित फर्मो द्वारा मासिक प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने के कारण संबंधित फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 03 दिवस के भीतर जवाब मांगा गया है।
इसी प्रकार चंचला कृषि केन्द्र लोहरीनडोगरी एवं पटेल ब्रदर्स पिथौरा द्वारा बिना स्त्रोत के कीटनाशी दवा के विक्रय करने के कारण संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। संबंधित फर्म से जवाब प्राप्त होने के पश्चात् उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं कीटनाशी अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिले में इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कृषको से अपील की है कि कृषक बिल लेकर ही उर्वरक का विक्रय करें एवं कालाबाजारी की शिकायत पाए जाने पर संबंधित विकासखण्डों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क करे।
रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गर्मा गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हड़ताल को अनुचित ठहराते हुए कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है, वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
छत्तीसगढ़ में NHM कर्मियों की हड़ताल को लेकर राजनीति तेज हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हड़ताल को अनुचित बताते हुए कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर टालमटोल का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों से बातचीत की मांग की।
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बयान
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि NHM कर्मचारियों की अधिकांश मांगों को पहले ही पूरा कर दिया गया है। कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है और अब प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय मौसमी बीमारियों का सीजन है और ऐसे समय में स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करना सही नहीं है। मंत्री ने कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा,
“मैं सभी से निवेदन करता हूं कि काम पर वापस लौट आएं। सरकार उनकी मांगों को सुन रही है और समाधान की दिशा में कदम उठा रही है।”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का पलटवार
वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि NHM के कर्मचारी हड़ताल पर हैं और सीएम हाउस का घेराव कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।बैज ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा,
“बीजेपी ने चुनाव के दौरान ‘मोदी गारंटी’ का नारा देकर NHM कर्मचारियों से वोट लिया था, लेकिन अब उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। सरकार सिर्फ टालमटोल कर रही है।”
बैज ने साफ कहा कि सरकार को तुरंत कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान निकालना चाहिए और हड़ताल खत्म करवाना चाहिए।
बढ़ती परेशानी और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
NHM कर्मचारियों की हड़ताल से प्रदेश के कई हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीण इलाकों में दवाइयों और नियमित स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं बाधित हो रही हैं। ऐसे में सरकार और कर्मचारियों के बीच गतिरोध से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और NHM कर्मचारियों के बीच कब और कैसे बातचीत आगे बढ़ती है। मंत्री के आश्वासन और कांग्रेस की सख्त प्रतिक्रिया के बीच कर्मचारियों की हड़ताल का मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ आदिवासी कंवर समाज युवा प्रभाग रायपुर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत – 2025 करमा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है। ऐसे पर्व और परंपराएँ समाज को एकजुट होने का अवसर देती हैं, जिससे स्नेह, सद्भाव एवं सौहार्द की भावना विकसित होती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कंवर समाज के युवाओं द्वारा राजधानी रायपुर में करमा तिहार का आयोजन किया जा रहा है। हमारी आदिवासी संस्कृति में अनेक प्रकार के करमा तिहार मनाए जाते हैं। आज एकादशी का करमा तिहार है, जो हमारी कुंवारी बेटियों का पर्व है। इस करमा तिहार का उद्देश्य है कि हमारी बेटियों को उत्तम वर और उत्तम गृहस्थ जीवन मिले। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर बेटियाँ अच्छे वर और अच्छे घर की कामना करती हैं। इसके बाद दशहरा करमा का पर्व आता है, जिसमें विवाह के पश्चात पहली बार जब बेटी मायके आती है, तो वह उपवास रखकर विजयादशमी का पर्व मनाती है। इसी प्रकार जियुत पुत्रिका करमा मनाया जाता है, जिसमें माताएँ पुत्र-पुत्रियों के दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। यह एक कठिन व्रत होता है, जिसमें माताएँ चौबीस घंटे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास करती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यदि छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां अंग्रेजों के विरुद्ध 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। हमारी सरकार नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम में आदिवासी संस्कृति के महानायकों की छवि को आमजन की जागरूकता के लिए प्रदर्शित करने मॉडल के रूप में उकेरा जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया जा रहा है। उनके करकमलों से इस म्यूजियम का शुभारंभ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देती रही है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आजादी के लगभग 40 वर्षों बाद आदिवासी विभाग का पृथक मंत्रालय बनाकर आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हीं के बताए मार्ग पर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदिवासी समाज के बेहतरी एवं समग्र विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना का संचालन कर रहे हैं, जिससे हितग्राहियों को शत-प्रतिशत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह ने बस्तर, सरगुजा एवं मध्य क्षेत्र प्राधिकरण का गठन कर विकास को गति प्रदान करने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि युवा आदिवासियों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से हमने नई उद्योग नीति बनाई है, जिसमें बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना राज्य में ही की जा रही है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी आदिवासी संस्कृति अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली परंपरा रही है। इसी परंपरा के निर्वहन में आज हम करमा तिहार मना रहे हैं। हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। साय जी के नेतृत्व में ही बस्तर संभाग में बस्तर पांडुम के नाम से ओलंपिक का आयोजन किया गया, जिसकी चर्चा पूरे भारत में हुई। श्री कश्यप ने इस अवसर पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
संरक्षक, अखिल भारतीय कंवर समाज विकास समिति पमशाला, जशपुर, कौशिल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज और प्रकृति एक-दूसरे के अभिन्न अंग हैं। आदिवासी समाज के लिए प्रकृति सदैव आराध्य रही है। करमा पर्व प्रकृति प्रेम का पर्व है। हमारी संस्कृति अत्यंत गौरवशाली रही है और उसका संरक्षण तथा समय के साथ संवर्धन आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि समाज की महिलाएँ आगे आकर इस संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने सभी को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राम कुमार टोप्पो, विधायक आशाराम नेताम, विधायक प्रबोध मिंज, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम राम सेवक सिंह पैकरा, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष मोना सेन, सभापति जिला पंचायत धमतरी टीकाराम कंवर, प्रदेश अध्यक्ष कंवर समाज हरवंश सिंह मिरी, अध्यक्ष कंवर समाज रायपुर महानगर मनोहर सिंह पैकरा सहित कंवर समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय भारत की कर प्रणाली को आमजन के लिए अधिक सरल और उद्योग-व्यापार के लिए प्रोत्साहनकारी बनाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आयकर में 12 लाख तक की छूट देने के बाद अब जीएसटी दरों में की गई भारी कटौती से रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं, खेती-किसानी के उपकरण, खाने-पीने की चीज़ें, दवाइयां, शिक्षा सामग्री, मनोरंजन की वस्तुएं, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सस्ते हो गए हैं। कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर शून्य कर दी गई है, जिससे नागरिकों के जीवन में सीधा लाभ पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व से लागू होने वाला यह प्रावधान प्रधानमंत्री की Ease of Doing Business और Ease of Living की संकल्पना को साकार करेगा। इससे उद्योग-व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करता हूँ। यह निर्णय आम आदमी के जीवन को सरल बनाने और देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था की नई ऊँचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा 18 अगस्त 2025 से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा रही थी। इससे पूर्व 13 अगस्त 2025 को आयोजित कार्यकारिणी समिति की बैठक में प्रस्तुत 10 मांगों में से 5 मांगों पर सहमति व्यक्त कर आवश्यक आदेश जारी किए जा चुके थे, जबकि शेष मांगों पर शासन स्तर पर विचार-विमर्श जारी था।
हड़ताल के दौरान विभिन्न स्तरों से बार-बार नोटिस जारी कर कर्मचारियों को कार्य पर लौटने के लिए कहा गया। इसके बावजूद भी अधिकारी एवं कर्मचारी काम पर नहीं लौटे, जिससे अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हुईं और मरीजों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि सचिव, स्वास्थ्य विभाग अमित कटारिया ने 29 अगस्त को एक आदेश जारी कर सभी को काम पर वापस लौटने के निर्देश दिए थे। आदेश का पालन न करने की स्थिति में उन्हें सेवा से पृथक किए जाने का उल्लेख भी आदेश में निहित था। इसके बाद भी काम पर वापस नहीं लौटना आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है।
शासन का स्पष्ट मत है कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही या बाधा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। लोकहित को दरकिनार कर की गई यह हड़ताल नियम विरुद्ध आचरण की श्रेणी में आती है और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावित करने वाली रही है।
फलस्वरूप, स्वास्थ्य द्वारा आंदोलनरत 25 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही, शेष प्रकरणों पर भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
रायपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक आयोजित हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सक्रिय रूप से भागीदारी की।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि बैठक में जीएसटी प्रणाली में सुधार से जुड़े अनेक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सुधार आम नागरिकों को सहूलियत देंगे, व्यापार जगत को गति प्रदान करेंगे और देश की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार करेंगे।
उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जीएसटी सुधार केवल कर संरचना का सरलीकरण नहीं है, बल्कि यह इज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूत करने और राज्यों तथा देश की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने का भी माध्यम है।
यह उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी में व्यापक सुधारों का आह्वान किया था। आज आयोजित यह बैठक उस संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और ठोस कदम साबित हुई है।
बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्रीगण, राजस्व विभाग के सचिव, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अध्यक्ष व सदस्य तथा वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। राजधानी के बेबीलॉन टावर में बीते रात अचानक आग लगने की घटना पर जिला प्रशासन-पुलिस और विशेष कर कुछ साहसी युवाओं के प्रयासों और सूझबूझ से बिना जनहानि के काबू पा लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरोस् को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने आज सम्मानित किया।
गौरतलब है कि बेबीलॉन टावर में आग लगने की घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को त्वरित रूप से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को यह विशेष रूप से हिदायत दी थी कि इस अग्नि दुर्घटना में जनहानि न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बेबीलॉन टावर में आग लगने की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ-साथ अग्निशमन का अमला तेजी से मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य जुट गया। बेबीलॉन टावर में फसे लोगों को समय रहते ही सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते इस दुर्घटना में जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री और सीएम सचिवालय के अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने शॉल और किताब देकर सम्मानित किया और कहा कि यह सारे लोग समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है। हमारे शहर के गौरव हैं, जिन्होंने अपने जान की परवाह किए बिना फंसे लोगों को बचाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। इनमें सोमेश साव, देवाशीष बरिहा, आकाश साहू, विशाल यादव, अभिषेक सिन्हा ए.वेनूगोपाल शामिल थे। जिला सेनानी अधिकारी पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने भी इस दुर्घटना की रोकथाम और बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इन जांबाज़ बच्चों ने अपने समाज की संस्कृति और परिवार के संस्कारों को प्रदर्शित किया है कि कठिन परिस्थितियों में अपनी चिंता न कर दूसरों की चिंता करें एवं इनके माता-पिता वंदनीय हैं जिन्होंने अपनी संतानों की इतनी अच्छी परवरिश की, जो अपने समाज के समक्ष उदाहरण बनकर उभरें हैं। कलेक्टर ने कहा कि कल रात घटना की जानकारी मिली तो एसएसपी और मैं एयरपोर्ट में थे। चूंकि मुख्यमंत्री श्री साय का आगमन होना था। मुख्यमंत्री ने हमें तुरंत घटना स्थल पर जा कर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुड़ जाने का निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद घटना स्थल पर पहुंच गए। उस दौरान नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एडीएम उमाशंकर बंदे, एसडीएम नंदकुमार चौबे, जिला सेनानी अधिकारी पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई और सहित प्रशासनिक अमला और एसडीआरएफ की टीम आग बुझााने के काम में डटे थे। रेस्क्यू टीम ने आग लगे स्थल से एक दिव्यांग व्यक्ति को गोद में लेकर बाहर निकाला।
घटना की सूचना मिलते ही पहले एसडीएम नंदकुमार चौबे और जिला सेनानी पुष्पराज सिंह घटना स्थल पहुंच गए। परिस्थियों को देखते हुए वे दोनो टीम के साथ 7वे माले पर पहुंच गए और उपस्थित लोंगो को समझाया कि घबराएं नही और सावधानी बरते हुए सीढ़ियों से बाहर निकलने का रास्ता बताया, जिससे सभी लोग सुरक्षित तरीके से बाहर निकल आए।
सोमेश साव सहित युवाओं ने अपनी जान की नही की परवाह, बचाई जानें
सोमेश साव ने बताया कि उनके मित्र ने फोन कर आगजनी की सूचना देकर सहायता करने को कहा वे 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पहुंच गए। वहां पहुँच कर बेसमेंट में मौजूद फायर एक्यूपमेंट को इकठ्ठा किया और सीढ़ियों से उपर चढते हुए सभी फ्लोर पर लगे आग बुझाते चले गए। उन्होंने नगर निगम कर्मचारी ए. वेनूगोपाल, जो फायर ब्रिगेड में थे, उन्होंने उन युवाओं को गीले कपड़े के मास्क के रूप में उपयोग करने को कहा। कुछ देर बाद सोमेश, ए. वेनूगोपाल आग लगी जगह पर पहुंच गए और टीम के साथ फसें लोगों को बाहर निकालने में मदद की।
रायपुर। सावन-भादो में छत्तीसगढ़ की धरती पर पारंपरिक उत्सवों का विशेष महत्व रहता है। इसी क्रम में आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के निवास में तीजा मिलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा, गीत-संगीत और लोकनृत्य की अनूठी छटा देखने को मिली। महिलाएँ पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर लोकगीतों की मधुर धुनों से वातावरण को उल्लासमय बना रही थीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजा मिलन को समाज की एकता और संस्कृति की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आस्था और विश्वास का पर्व है। महिलाएँ इस दिन पति की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। हमारी लोकपरंपराएँ समाज को जोड़ती हैं और यही हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कजली एकादशी जैसे पर्व केवल धार्मिक महत्व नहीं रखते, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी देते हैं। उन्होंने राज्य के विकास की दिशा में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना को मार्गदर्शक बताया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लोक संस्कृति एवं त्योहारों से होती है। यहाँ की महिलाएँ न केवल परिवार और समाज को संवार रही हैं, बल्कि शिक्षा, राजनीति, सेवा और हर क्षेत्र में योगदान देकर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को संस्कृति की संरक्षक बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आज तीजा मिलन समारोह में प्रदेश की संस्कृति और परंपरा के रंगों का संगम देखने को मिला। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएँ मायके में उपवास करती हैं। तीजा महिलाओं को मायके से जुड़ी यादों को तरोताज़ा करने का पर्व है।
तीजा मिलन कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसे गए। लोकनृत्य और गीतों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया। महिलाएँ एक-दूसरे को तीजा की बधाइयाँ देती रहीं। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएँ आज भी समाज के ताने-बाने को मजबूती प्रदान कर रही हैं। तीजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं की शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है।
कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल, वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद रूप कुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और विधायक अनुज शर्मा, सुनील सोनी तथा पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं को तीजा की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।