रायपुर। आखिरकार मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सस्पेंस खत्म होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भी इसे लेकर संकेत दे दिया है। मुख्यमंत्री के बयान से साफ हो गया है कि मंत्रिमंडल विस्तार कल हो जायेगा। इससे पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ी चर्चा का विषय मंत्रिमंडल विस्तार बना हुआ था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं संकेत दिया है कि “इंतजार की घड़ी अब पूरी होने वाली है, बहुत जल्द बड़ा फैसला सामने आएगा।” मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राज्यपाल रमेन डेका ने भी हाल ही में रहस्यमय बयान दिया था — “कुछ तो होने वाला है।” इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने और भी उत्सुकता बढ़ाते हुए कहा कि “जब राज्यपाल ने कह दिया है, तो कल कुछ बड़ा जरूर होगा।”
बता दें कि मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राजभवन में रेड कार्पेट बिछाने से लेकर सभी गणमान्य व्यक्तियों की सूची तैयार कर ली गई है। नए मंत्रियों के लिए तीन सफेद फॉर्च्यूनर गाड़ियों की भी तैयारी हो चुकी है। इनमें से दो गाड़ियां CG 02 AF 0009 और CG 02 AV 0005 तैयार हो चुकी हैं, जबकि तीसरी गाड़ी फिलहाल ट्रायल पर है।
सूत्रों की जानकारी के अनुसार, संभावित नए मंत्रियों के नामों में अंबिकापुर से राजेश अग्रवाल, आरंग से गुरू खुशवंत सिंह, और दुर्ग से गजेंद्र यादव शामिल हैं। इससे पहले चर्चा में अमर अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा और राजेश मूणत के नाम शामिल थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के अधिकारी कर्मचारियों के लिए दो प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा की है। दो प्रतिशत की होगी वृद्धि, अब केंद्र के बराबर 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। अगले महीने से बढ़ा हुआ वेतन कर्मचारियों को मिलेगा।
आपको बता दें कि इससे पहले बजट भाषण में वित्त मंत्री ने 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते में बढ़ोत्तरी की थी। जारी आदेश के अनुसार राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करके 53 प्रतिशत कर दिया गया था। जिसे अब बढ़ाकर 55 प्रतिशत कर दिया गया है। आपको बता दें अभी केंद्रीय कर्मचारियों को भी 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है।
हालांकि अगले महीने से महंगाई भत्ता में और भी बढोत्तरी होने वाली है। केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ता में बढोत्तरी से पहले ही राज्य सरकार ने केंद्र के बराबर राज्य सरकार के कर्मियों का डीए बढ़ा दिया है. सातवें वेतनमान में कार्यरत कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, अब उन्हें 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। इस बढोत्तरी के बाद अगले महीने से बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन परिसर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा, एटीएम और डिपॉजिट मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभागाध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन के कर्मचारियों, नवा रायपुर के आसपास निवासरत नागरिकों तथा बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पहले योजनाओं की राशि का वितरण नगद रूप में किया जाता था, जिससे लीकेज की समस्या बनी रहती थी, लेकिन अब बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हितग्राहियों तक राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुँच रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना के साथ-साथ बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार भी तीव्र गति से हो रहा है। सरगुजा और बस्तर अंचल के दूरस्थ गाँवों में बैंक शाखाओं की स्थापना से सरकार का “अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधा पहुँचाने” का संकल्प साकार हो रहा है।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में गुड गवर्नेंस की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। आने वाले समय में प्रदेश के बैंकिंग सेक्टर और अर्थव्यवस्था के लिए अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और उन्होंने बैंकों से भी इस दिशा में अपनी सक्रिय व प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल और पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक अशोक चंद्र सहित अन्य अधिकारीगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आज आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी है।
1) मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत हर माह वितरित किए जाने वाले 2 किलो चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी। यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी।
इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने कहा है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना नहीं लिया है, उन्हें पात्रतानुसार यह चना दिसंबर 2025 तक वितरित कर दिया जाए।
2) मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दर पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इस पहल से नवा रायपुर में न सिर्फ तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की बसाहट और शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार फाइनल हो गया है। राज्यपाल ने भी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर संकेत दे दिये हैं। जानकारी के मुताबिक राजभवन में 20 अगस्त को सीएम विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल में नए मंत्री शामिल होंगे। राजभवन में इसकी तैयारी भी शुरू हो गयी है। हालांकि अभी इसकी औपचारिक जानकारी नहीं सामने आयी है।
मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका का मुस्कुराते हुए बड़ा बयान देते हुए कहा ‘अभी इन्फॉर्मेशन तो नहीं आई है, लेकिन कुछ तो होने वाला है.’ अटकलें इसलिए भी तेज हैं कि क्योंकि एक तरफ छत्तीसगढ़ में बीजेपी के कुछ विधायकों ने देर रात मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इधर, मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव, अंबिकापुर विधायक राजेंद्र अग्रवाल, आरंग विधायक खुशवंत साहब का नाम फाइनल बताया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में वैसे तो मंत्रिमंडल की रेस में कई विधायक शामिल हैं, लेकिन माना जा रहा है कि हरियाणा फॉर्मूले के तहत तीन नए मंत्री शपथ ले सकते हैं, माना जा रहा है कि जल्द ही मंत्रिपद की शपथ लेने वाले विधायकों के क्लीयर नाम आज रात या कल सुबह तक सामने आ सकते हैं।
चर्चा यह भी है कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सीएम साय नए मंत्रियों के साथ दिल्ली रवाना हो सकते हैं, क्योंकि सीएम विष्णुदेव साय का का अमेरिका दौरा पहले से तय है।बता दें कि मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा के बीच 19 अगस्त को राज्यपाल रमेन डेका का प्रोटोकॉल जारी किया गया है. आज सुबह राज्यपाल रायपुर के जगन्नाथ मंदिर जाएंगे. वहीं सुबह 9:40 बजे विभिन्न पूजा कार्यक्रमों में शामिल होंगे. इसके बाद सुबह 9:40 से 11:30 तक राज्यपाल राजभवन में ही रहेंगे. फिर सुबह 11:30 बजे राज भवन से भिलाई में आयोजित एक निजी यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में शामिल होंगे. बता दें कि सुबह 9:40 से 11:30 के बीच मंत्रिमंडल विस्तार के लिए नाम का ऐलान और शपथ ग्रहण की चर्चा है.
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने त्यौहारों और सामाजिक आयोजनों में डीजे और साउंड बाक्स से होने वाले शोर-शराबे पर सख्ती दिखाई है. मामले को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम लागू करने के लिए 6 सप्ताह का समय मांगा, लेकिन मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने साफ कहा कि अब और देरी नहीं चलेगी. कोर्ट ने शासन को केवल तीन सप्ताह का समय देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 9 सितंबर तय कर दी.
दरअसल, रायपुर की एक नागरिक समिति ने डीजे और साउंड सिस्टम से होने वाले ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ हाई कोर्ट में जनहित याचिका लगाई थी. इस बीच मीडिया में लगातार खबरें आने पर कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की.
शोर प्रदूषण खत्म करने कड़े प्रावधान जरूरी
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि मौजूदा कानून में सख्ती नहीं है. केवल 500 से 1,000 रुपये का जुर्माना लगाकर मामला खत्म कर दिया जाता है. न तो उपकरण जब्त होते हैं और न ही कड़े नियम लागू किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि जब तक कड़े प्रावधान नहीं होंगे, डीजे और साउंड बाक्स से होने वाला शोर प्रदूषण खत्म नहीं किया जा सकेगा. नियम में संशोधन होने के बाद 5 लाख रुपए तक की पेनाल्टी लगाई जा सकती है.
लेजर और बीम लाइट पर भी जताई चिंता
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने न सिर्फ डीजे बल्कि लेजर और बीम लाइट से होने वाली परेशानियों पर भी चिंता जताते हुए कहा कि, डीजे का तेज शोर दिल के रोगियों के लिए खतरनाक है और लेजर लाइट से आम लोगों की आंखों को नुकसान पहुंच सकता है. सरकार को इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.
इस दौरान शासन की ओर से बताया गया कि डीजे और वाहन माउंटेड साउंड सिस्टम पर लेजर लाइट पहले से प्रतिबंधित है और उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है. बार-बार उल्लंघन करने पर वाहनों को जब्त भी किया जाता है. पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम के तहत नियम तोड़ने वालों को 5 साल की सजा, एक लाख रुपये जुर्माना या दोनों का प्रावधान है.
डीजे संचालकों ने भी लगाई हस्तक्षेप याचिका
इस जनहित याचिका के साथ-साथ डीजे संचालकों की ओर से भी हस्तक्षेप याचिका लगाई गई है. उनका कहना है कि कई बार पुलिस उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कर रही है, इसलिए नियम लागू होने से पहले स्पष्ट गाइडलाइन तय होनी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि शासन पहले ही एक्ट लागू करने का वादा कर चुका है, अब और बहाने नहीं चलेगा. कोर्ट ने निर्देश दिया कि 3 सप्ताह में मसौदा तैयार कर रिपोर्ट पेश करें.
राजिम। राजिम क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खाद की दुकानों पर औचक छापा मारा. इस जांच में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके बाद तीन दुकानों पर तत्काल प्रभाव से बिक्री पर रोक लगा दी गई है.
जानकारी के अनुसार, अन्नपूर्णा कृषि केन्द्र, वर्षा कृषि केन्द्र और राजेश खाद भंडार में गड़बड़ियां पाई गईं. विशेष रूप से वर्षा कृषि केन्द्र पर बिना पॉस मशीन के खाद की बिक्री, ओवररेटिंग जैसे गंभीर मामलों में संलिप्तता पाई गई है. इसके कारण उसका लाइसेंस 7 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है. प्रशासन ने इन तीनों दुकानों की खाद बिक्री पर रोक लगा दी है और आगे की जांच की जा रही है.
इस कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद खरीदें, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की ठगी या परेशानी का सामना न करना पड़े.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री साय के विदेश दौरे से पहले हो रही इस कैबिनेट बैठक को अहम माना जा रहा है.
जानकारी के अनुसार, बैठक में मंत्रिमंडल के तमाम सहयोगियों के साथ चर्चा कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अहम फैसले ले सकते हैं. इनमें एक विषय मंत्रिमंडल विस्तार का भी है. संभावना है कि बैठक में मंत्रियों के नामों पर मुहर लगेगी, जिसके बाद मुख्यमंत्री इन नामों का खुलासा करेंगे.
बिलासपुर। प्रदेश की जेलों में कैदियों और उनके परिजनों से की जा रही अवैध वसूली को हाईकोर्ट गंभीर मामला मानते हुए राज्य सरकार और जेल प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जेलें सुधारगृह कहलाती हैं, लेकिन यहां से यदि भ्रष्टाचार और जबरन वसूली की खबरें आती हैं तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की खंडपीठ ने डीजी (जेल) एवं सुधार सेवाएं को निर्देश दिए कि दोषी पाए गए जेलकर्मियों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई और उसका नतीजा क्या रहा, इसकी विस्तृत रिपोर्ट अगली तारीख पर प्रस्तुत करने कहा है। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2025 को होगी।
मामले में हाईकोर्ट को सौंपे गए हलफनामे में बताया गया कि दुर्ग सेंट्रल जेल से अब तक वसूली के 87 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से छह मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और पांच में मुकदमे लंबित हैं। एक मामले में आरोपित बरी हो गया, जबकि एक प्रकरण की जांच जारी है। सबसे हैरानी की बात यह रही कि जेल के बाहर स्थित एक नाश्ता केंद्र के मोबाइल नंबर से फोन-पे के जरिए कैदियों के परिजनों से पैसे वसूले जाने का पर्दाफाश हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिला जेल में दो गार्डों द्वारा कैदी के परिजनों से पैसों की मांग का मामला साबित हुआ। पुलिस जांच के बाद जिला जेल अधीक्षक ने कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा। इसी तरह सारंगढ़-बिलाईगढ़ उपजेल में कैदियों से वसूली और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया, जिसमें छह आरोपितों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है और अब मामला ट्रायल कोर्ट में लंबित है।
जशपुर जिला जेल में एक अधिवक्ता ने शिकायत की थी कि उसके भाई से जेल गार्ड द्वारा फोन काल की सुविधा दिलाने के नाम पर पैसों की मांग की गई। इस मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन ने समिति गठित कर दी है, जिसकी कार्यवाही अभी चल रही है।
कोर्ट ने कहा कि जेलों में इस तरह की घटनाएं कैदियों के मूल अधिकारों का उल्लंघन हैं और यह कानून व्यवस्था पर गहरी चोट है। जेल कर्मचारियों द्वारा पैसों की वसूली, कैदियों की पिटाई और आनलाइन भुगतान तक का इस्तेमाल किया जाना बेहद गंभीर अपराध है। इस पर कठोर कार्रवाई अनिवार्य है। हाईकोर्ट ने डीजी जेल को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि दोषियों पर ठोस कार्रवाई के तथ्य अदालत के समक्ष रखे जाएं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में श्रीरामहर्षण मेथिल संख्य पीठाधीश्वर, श्री अयोध्याधाम से पधारे स्वामी वल्लभाचार्य महाराज ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर स्वामी वल्लभाचार्य महाराज ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 5 से 14 अक्टूबर 2025 तक अयोध्या, उत्तरप्रदेश में आयोजित होने वाले “अंतर्राष्ट्रीय 51 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीराम मंत्र जप अनुष्ठान महायज्ञ” के भव्य समारोह के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आमंत्रण के लिए स्वामी वल्लभाचार्य महाराज के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
रायपुर। राजधानी रायपुर की बढ़ती आबादी, यातायात और प्रदूषण की समस्याओं को देखते हुए सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर एक महत्वपूर्ण मांग रखी है। उन्होंने आग्रह किया है कि सिंचाई कॉलोनी शांति नगर, कृषि उपज मंडी मैदान पंढरी तराई एवं भैसथान अग्रसेन चौक रायपुर जैसी शासकीय भूमि पर व्यावसायिक या आवासीय कॉम्प्लेक्स निर्माण करने के बजाय इन्हें ऑक्सीजोन, गार्डन एवं खेल मैदान के रूप में विकसित किया जाये।
सांसद श्री अग्रवाल ने पत्र में स्पष्ट कहा है कि राजधानी रायपुर में लगातार जनसंख्या और वाहनों की संख्या बढ़ने से शहर की सड़कें छोटी पड़ गई हैं। शहरवासियों को प्रदूषण और यातायात जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में नई-नई व्यावसायिक योजनाएँ या आवासीय कॉम्प्लेक्स बनाना जनता के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि रायपुर की जनता का भी स्पष्ट मत है कि इन स्थानों पर हरियाली, ऑक्सीजोन और खेलकूद की सुविधाएँ विकसित की जानी चाहिए।
उन्होंने याद दिलाया कि भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार ने इन स्थलों पर आवासीय और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण का निर्णय लिया था, जिसका उन्होंने तब भी कड़ा विरोध किया था और जनता के आक्रोश के चलते शांति नगर योजना रोकनी पड़ी थी।
श्री अग्रवाल ने यह भी सुझाव दिया कि नई राजधानी अटल नगर (नया रायपुर) में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है और वहां बसाहट की आवश्यकता भी है, अतः सरकार चाहे तो वहां नए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स एवं आवासीय भवन विकसित कर सकती है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि “शहर के भीतर अब कंक्रीट के जंगल नहीं, बल्कि स्वस्थ और हरित वातावरण की आवश्यकता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें ऑक्सीजोन और खेल मैदान की सौगात देनी चाहिए। लोकहित और लोकस्वास्थ्य ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
जनता के हित में अपनी सशक्त आवाज उठाकर श्री अग्रवाल ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वे केवल विकास के पक्षधर नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य, भविष्य और शहर के संतुलित विकास को लेकर सजग भी हैं।
रायपुर। एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में केंद्रीय सतर्कता आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार तीन माह के निवारक सतर्कता (Preventive Vigilance) अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द उपस्थित थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन ने की। इस अवसर पर सुनील जैन, आयुक्त, बिलासपुर संभाग; एसईसीएल निदेशक (तकनीकी – संचालन सह योजना/परियोजना) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार; निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन की विशिष्ट उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके पश्चात् अतिथियों द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। तत्पश्चात् कोल इंडिया कॉर्पोरेट गीत प्रस्तुत किया गया।
इसके उपरांत सीएमडी एसईसीएल हरीश दुहन ने सभी उपस्थितों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।
मुख्य अतिथि पी. दयानन्द ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में चाहे पीएसयू हों या राज्य शासन, पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के आयोजन निश्चित रूप से सतर्कता एवं पारदर्शी कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और राज्य शासन दोनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं तथा क्षेत्र के विकास के लिए दोनों के बीच परस्पर सहयोग एवं समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि मैं टीम एसईसीएल के प्रत्येक सदस्य से यह आह्वान करना चाहता हूँ कि हम जो भी कार्य करें, नियम एवं नीति के दायरे में रहकर पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के साथ करें।
राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि एसईसीएल को अपने कार्यसंचालन को बेहतर बनाने के लिए राज्य शासन से निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त होता रहता है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष हम मेगा प्रोजेक्ट्स में भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति ला पाए हैं। इस दौरान उन्होंने भू-अधिग्रहण एवं अन्य क्षेत्रों में राज्य शासन से वांछित सहयोग से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की।
मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने बताया कि केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा इस वर्ष के अभियान की थीम “सतर्कता : हमारी साझा ज़िम्मेदारी” निर्धारित की गई है। इस अभियान के पाँच प्रमुख बिंदु हैं – लंबित शिकायतों का निपटान, लंबित मामलों का निपटान, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का संचालन, संपत्तियों का प्रभावी प्रबंधन तथा डिजिटल पहलों को बढ़ावा देकर कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक एवं पारदर्शी बनाना।
सतर्कता विभाग द्वारा एसईसीएल में कार्यसंचालन को बेहतर बनाने हेतु कई प्रयास किए गए हैं। जैसे – कोयले की गुणवत्ता में सुधार के लिए थर्ड पार्टी टेस्टिंग, CCTV निगरानी और रियल टाइम सुपरविजन से पारदर्शी प्रणाली का विकास। खरीद प्रक्रियाओं में SOP आधारित बिल प्रोसेसिंग, FIFO क्लियरेंस और SAP आधारित ट्रैकिंग लागू की गई है। संपत्ति प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए मशीनों का सत्यापन और डिजिटल टैगिंग की गई है। जटायु डैशबोर्ड, डिजीकोल और इंटेग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से संचालन एवं निगरानी को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया गया है।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (सतर्कता) नागेश्वर राव सहित मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्षगण, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन से रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव सहित पूरे अंचल को लाभ मिलेगा। इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और नगरीय सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के चुनाव में जारी अटल विश्वास पत्र के सभी वादों को एक-एक कर पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय आज भिलाई में नगर पालिक निगम क्षेत्र के लिए 241.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने भिलाई नगर पालिक निगम के नए कार्यालय भवन के लिए 20 करोड़ रुपये की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार भरपूर सहयोग दे रही है। नगरीय सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पूरे राज्य में प्रशासन को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ नागरिकों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य की 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू हो चुके हैं। अगले छह महीनों में 5 हजार और पंचायतों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। 24 अप्रैल 2026, पंचायती राज दिवस पर छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने बीते 20 महीनों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है। किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित किया गया है। महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है, जिससे 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के अंतर्गत भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या यात्रा कर चुके हैं।
उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि प्रदेश में सरकार गठन के बाद पिछले एक वर्ष में सभी नगरीय निकायों के विकास के लिए सात हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। नगरोत्थान योजना के तहत नगरीय निकायों में योजनाबद्ध और सुनियोजित विकास के लिए राशि दी जा रही है। विगत 18 माह में अकेले नगर पालिक निगम भिलाई को विकास कार्यों के लिए 470 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश के सात नगरीय निकायों को पहली बार राष्ट्रीय स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वहीं 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में छत्तीसगढ़ के 58 शहर पुरस्कृत हुए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पार्षद स्मृति दोड़के को स्वच्छता वार्ड के लिए शील्ड प्रदान की। प्रधानमंत्री आवास योजना के 9 हितग्राहियों को गृह प्रवेश प्रमाणपत्र, पीएम सूर्य घर योजना के तीन हितग्राहियों को प्रमाणपत्र, दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर प्रदान की गईं। महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के लिए राशि के चेक तथा वूमेन फॉर ट्री योजना के तहत राधारानी महिला स्व-सहायता समूह को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
कार्यक्रम को वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन और नगर निगम के महापौर नीरज पाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक ललित चन्द्राकर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, पूर्व मंत्री रमशीला साहू और पूर्व विधायक लाभचंद बाफना सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में एक्साइज ऑफिसर्स को बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने घोटाले में शामिल 28 आबकारी अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. बता दें कि शराब घोटाला मामले में ACB/EOW ने 29 अधिकारियों को आरोपी बनाया है.
EOW ने शराब घोटाले में इन अधिकारियों को बनाया है आरोपी
जनार्दन कौरव, सहायक जिला आबकारी अधिकारी
अनिमेष नेताम, उपायुक्त आबकारी
विजय सेन शर्मा, उपायुक्त आबकारी
अरविंद कुमार पाटले, उपायुक्त आबकारी
प्रमोद कुमार नेताम, सहायक आयुक्त आबकारी
रामकृष्ण मिश्रा, सहायक आयुक्त आबकारी
विकास कुमार गोस्वामी, सहायक आयुक्त आबकारी
इकबाल खान, जिला आबकारी अधिकारी
नितिन खंडुजा, सहायक जिला आबकारी अधिकारी
नवीन प्रताप सिंह तोमर, सहायक आयुक्त आबकारी
मंजुश्री कसेर, सहायक आबकारी अधिकारी
सौरभ बख्शी, सहायक आयुक्त आबकारी
दिनकर वासनिक, सहायक आयुक्त आबकारी
मोहित कुमार जायसवाल, जिला आबकारी अधिकारी
नीतू नोतानी ठाकुर, उपायुक्त आबकारी
गरीबपाल सिंह दर्दी, जिला आबकारी अधिकारी
नोहर सिंह ठाकुर, उपायुक्त आबकारी
सोनल नेताम, सहायक आयुक्त आबकारी
प्रकाश पाल, सहायक आयुक्त आबकारी
अलेख राम सिदार, सहायक आयुक्त आबकारी
आशीष कोसम, सहायक आयुक्त आबकारी
ए.के. सिंह, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
राजेश जायसवाल, सहायक आयुक्त आबकारी
जे.आर. मंडावी, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
जी.एस. नुरुटी, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
देवलाल वैद्य, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
ए.के. अनंत, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
वेदराम लहरे, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
एल.एल. ध्रुव, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
क्या है बी-पार्ट शराब घोटाला?
वर्ष 2019 से 2023 के बीच राज्य के 15 बड़े जिलों में पदस्थ आबकारी अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा बिना ड्यूटी चुकाई गई देसी शराब (B-Part शराब) की शासकीय दुकानों में समानांतर अवैध बिक्री की गई. बस्तर और सरगुजा संभाग को छोड़कर चयनित जिलों में अधिक खपत वाली देसी शराब दुकानों को डिस्टलरी से सीधे अतिरिक्त अवैध शराब भेजी जाती थी, जिसे वैध शराब के साथ समानांतर बेचा जाता था.
इस पूरे नेटवर्क में डिस्टलरी, ट्रांसपोर्टर, सेल्समैन, सुपरवाइजर, आबकारी विभाग के जिला प्रभारी अधिकारी, मंडल व वृत्त प्रभारी, और मैन पावर एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे. अवैध शराब को “बी-पार्ट शराब” कहा जाता था और इससे अर्जित रकम सीधे सिंडीकेट के पास पहुंचाई जाती थी।
3200 करोड़ का घोटाला, 60 लाख से अधिक पेटियों की बिक्री
EOW/ACB द्वारा अब तक की गई जांच और 200 से अधिक व्यक्तियों के बयान एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अनुमान है कि लगभग 60,50,950 पेटी बी-पार्ट शराब की अवैध बिक्री हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 2174 करोड़ रुपये से अधिक है. पहले इस घोटाले का अनुमान 2161 करोड़ रुपये था, लेकिन नवीनतम आंकड़ों के अनुसार घोटाले की कुल राशि 3200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है.
लखमा, चैतन्य, टूटेजा, ढेबर समेत 15 जेल में
इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, सेवानिवृत्त IAS अनिल टूटेजा और होटल व्यवसायी अनवर ढेबर समेत 15 लोग पहले से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं. ईओडब्ल्यू की जांच में अब तक कुल 70 लोगों को आरोपित बनाया गया है, जिसमें आठ डिस्टलरी संचालक भी शामिल हैं. अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है.
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा कर जनसंपर्क किया। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत बीरूटोला, बाघुटोला और नवापारा का भ्रमण कर ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान गृहमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं, उनकी आवश्यकताओं और सुझावों को गंभीरता से सुना और तत्काल समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। गांववासियों ने सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार से जुड़ी अपनी समस्याओं को गृहमंत्री के समक्ष रखा। गृहमंत्री विजय शर्मा ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता गांवों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए ठोस योजनाएं लागू की जा रही हैं और ग्रामीण अंचलों में विकास की गति को और तेज किया जाएगा।
जनसंपर्क दौरे के दौरान गृहमंत्री ने कई निर्माण एवं विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें सड़कों के निर्माण और मरम्मत, पेयजल आपूर्ति की बेहतर व्यवस्था, आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार शामिल है। उन्होंने कहा कि गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सेवाओं की उपलब्धता ही वास्तविक विकास की पहचान है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों और सुझावों को प्राथमिकता के साथ सरकार तक पहुँचाया जाएगा। गृहमंत्री ने यह भी कहा कि शासन-प्रशासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का संकल्प है। इसके लिए नियमित जनसंपर्क और संवाद ही सबसे प्रभावी माध्यम है।
गांववासियों ने गृहमंत्री का स्वागत कर उनका आभार जताया और उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा। गृहमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अंचल के लोगों की भागीदारी से ही विकास योजनाएं सफल होंगी और सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। जनसंपर्क दौरे में गृहमंत्री विजय शर्मा के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान गृहमंत्री ने ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। गृहमंत्री के इस दौरे से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा और उन्होंने विकास के लिए सरकार से अपनी अपेक्षाएं साझा कीं। यह जनसंपर्क न केवल समस्याओं को समझने का अवसर बना बल्कि भविष्य में विकास की ठोस योजनाओं का आधार भी तय हुआ।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल के जीर्णोद्धार, नए निर्माण कार्य और 700 बेड के एकीकृत अस्पताल के निर्माण को लेकर आज मंत्रालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों से विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में यह तय किया गया कि अंबेडकर अस्पताल को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त कर राज्य का सबसे बड़ा और उन्नत चिकित्सा केंद्र बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत न केवल 700 बेड का एकीकृत अस्पताल तैयार होगा, बल्कि मौजूदा संरचनाओं के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण पर भी तेजी से कार्य होगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य आम जनता को बेहतर, सुलभ और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
बैठक में क्षेत्रीय कैंसर संस्थान की स्थापना और उसे अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करने पर भी विचार किया गया। यह संस्थान कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में राज्य ही नहीं बल्कि पूरे मध्य भारत में एक अहम केंद्र साबित होगा। साथ ही, चिकित्सा छात्रों के लिए नए हॉस्टल निर्माण की योजना पर भी चर्चा हुई, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक और आवासीय वातावरण मिल सके। अस्पताल परिसर में फायर फाइटिंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए भी ठोस निर्णय लिए गए। हाल के वर्षों में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह व्यवस्था अत्यंत जरूरी मानी जा रही है। साथ ही, प्रदेश के लिए अत्यंत संवेदनशील विषय सिकल सेल एनीमिया के प्रभावी इलाज हेतु सिकल सेल संस्थान के शीघ्र निर्माण पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में क्षेत्रीय कैंसर संस्थान की स्थापना और उसे अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करने पर भी विचार किया गया। यह संस्थान कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में राज्य ही नहीं बल्कि पूरे मध्य भारत में एक अहम केंद्र साबित होगा। साथ ही, चिकित्सा छात्रों के लिए नए हॉस्टल निर्माण की योजना पर भी चर्चा हुई, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक और आवासीय वातावरण मिल सके। अस्पताल परिसर में फायर फाइटिंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए भी ठोस निर्णय लिए गए। हाल के वर्षों में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह व्यवस्था अत्यंत जरूरी मानी जा रही है। साथ ही, प्रदेश के लिए अत्यंत संवेदनशील विषय सिकल सेल एनीमिया के प्रभावी इलाज हेतु सिकल सेल संस्थान के शीघ्र निर्माण पर भी विचार-विमर्श किया गया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में बिलासपुर के वरिष्ठ भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने सौजन्य मुलाकात की। यह भेंट शिष्टाचार आधारित थी, जिसमें प्रदेश के विकास, जनहित से जुड़े विषयों और बिलासपुर क्षेत्र की प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, विधायक अमर अग्रवाल ने राज्यपाल को बिलासपुर की मौजूदा स्थितियों से अवगत कराया। उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं तथा नगरीय निकायों की समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि प्रदेश के बड़े शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य केंद्र के रूप में प्रसिद्ध बिलासपुर में बुनियादी ढांचे को और मज़बूत बनाने के लिए पहल होनी चाहिए।
राज्यपाल रमेन डेका ने विधायक अग्रवाल से बातचीत करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों की गति को तेज़ करना ही शासन का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने विधायक को भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों का सहयोग राज्य के संतुलित विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। विधायक अमर अग्रवाल ने राज्यपाल को बिलासपुर आगमन के लिए आमंत्रित किया और कहा कि उनके दौरे से जिले के लोगों में उत्साह और नई ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्यपाल के मार्गदर्शन से प्रदेश और विशेषकर बिलासपुर क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएँ खुलेंगी। यह मुलाकात आत्मीय माहौल में हुई, जिसमें विधायक ने राज्यपाल को बिलासपुर की जनता की ओर से शुभकामनाएँ और समर्थन का संदेश भी दिया।
बिलासपुर। बिलासपुर में धर्मांतरण के खिलाफ बड़ा एक्शन हुआ है। पहली बार धर्मांतरण पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। शासकीय ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा कर बनाए गए प्रार्थना घर को बुलडोजर चलाकर ज़मींदोज़ कर दिया गया है। इससे पहले हिंदू संगठनों ने यहाँ प्रार्थना सभा के आड़ में धर्मांतरण के खेल का भंडाफोड़ किया था। तब पुलिस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने अवैध प्रार्थना घर के निर्माण की जांच शुरू की थी।
दरअसल, बीते दिनों सकरी थाना क्षेत्र के भरनी में धर्मांतरण के खेल का भंडाफोड़ हुआ था। यहाँ गाँव में एक मकान में प्रार्थना सभा के आड़ में लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा था। हिन्दू संगठनों के हंगामे के बाद पुलिस ने मामले में FIR दर्ज करते हुए शामिल लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी।
हालांकि, हिंदू संगठन इसके बाद कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जिसके बाद जिस मकान में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था, उसकी जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि, शासकीय ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा कर गाँव की ही सुनीता सूर्यवंशी के परिवार ने प्रार्थना घर का निर्माण कराया था। सरपंच की शिकायत के बाद प्रशासन की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में आज अवैध प्रार्थना घर पर बुलडोजर चलाया और निर्माण को ज़मींदोज़ कर दिया।