प्रदेश
रायपुर में ACB की बड़ी कार्रवाई: RTO बाबू 14 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में आज राजधानी रायपुर में एसीबी की टीम ने बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए RTO के बाबू को 14 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद RTO कार्यालय में हड़कंप मच गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी डेटा एंट्री ऑपरेटर शोभा राम देवांगन ने फाइनेंस वाहन का नाम ट्रांसफर कराने के एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद ACB की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। इसके बाद जैसे ही आरोपी ने 14 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया।
बताया जा रहा है कि वह चोला मंडलम फाइनेंस की गाड़ी के दस्तावेज तैयार करने के नाम पर पैसे ले रहा था। फिलहाल, रिश्वतखोर बाबू को गिरफ्तार कर ACB की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
TET अनिवार्यता को लेकर हाईकोर्ट का हस्तक्षेप, हेडमास्टर प्रमोशन रुका
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने बस्तर संभाग में जारी हेडमास्टर पदोन्नति से जुड़े आदेश पर रोक (स्टे) लगा दी है। यह आदेश 23 मार्च 2026 को जारी किया गया था, जिसे कोर्ट ने प्रथम दृष्टया त्रुटिपूर्ण पाया है। अदालत का मानना है कि यह पदोन्नति आदेश निरस्त किए जा चुके 2019 के नियमों के आधार पर जारी किया गया, जबकि राज्य में नई पदोन्नति नियमावली 13 फरवरी 2026 से प्रभावी हो चुकी थी।
जानकारी के अनुसार, दुर्गेश कुमार कश्यप व अन्य शिक्षकों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इसे चुनौती दी थी। याचिका की सुनवाई जस्टिस पी.पी. साहू की सिंगल बेंच में हुई।
मामले की सुनवाई के दौरान तर्क दिया गया कि पदोन्नति आदेश कानूनी रूप से अमान्य है, क्योंकि इसे पुराने नियमों के तहत जारी किया गया है। 2026 के नियमों में TET अनिवार्य योग्यता है, जबकि जिन शिक्षकों को पदोन्नति दी गई, वे TET पास नहीं हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी पदोन्नति आदेश RTE Act, NCTE विनियम और सुप्रीम कोर्ट के 2025 के फैसले के खिलाफ है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि TET के बिना पदोन्नति का कोई हक नहीं। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद पदोन्नति आदेश के संचालन व क्रियान्वयन पर रोक लगा दी।
हाईकोर्ट के स्टे के बाद अब हेडमास्टर पदोन्नति प्रक्रिया पर अनिश्चितता बढ़ गई है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि नई नियमावली (2026 Rules) और NCTE मानकों के अनुसार ही पदोन्नति प्रक्रिया दोबारा संचालित की जाए।
देशभर में 18 नए प्रधान मुख्य आयकर आयुक्तों की नियुक्ति, मोना मोहंती होंगी सीजी एमपी की नई प्री-सीसीआईटी
रायपुर। नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने देशभर में 18 नए प्रधान मुख्य आयकर आयुक्तों (प्रीसीसीआईटी) की नियुक्तियां की है। अब तक दोहरे प्रभार में चल रहे सीजी एमपी सर्किल में पृथक नियुक्ति कर दी गई है। जारी आदेशानुसार मोना मोहंती छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश की नई प्रीसीसीआईटी होंगी। वर्तमान में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त राजस्थान सुमित कुमार जनवरी से अतिरिक्त प्रभार देख रहे थे।


राज्य के सिंचाई जलाशयों में अभी 67 प्रतिशत से अधिक जल भराव, पिछले दो सालों की तुलना में जल उपलब्धता की स्थिति काफी बेहतर
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के 12 वृहद एवं 34 मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में इस वर्ष जल भराव की स्थिति काफी बेहतर है। वर्तमान में राज्य के कुल 46 प्रमुख सिंचाई जलाशयों में औसत रूप से 67.43 प्रतिशत जल भराव है, जो कि वर्ष 2025 मेें इसी अवधि में औसत रूप से 45.23 प्रतिशत तथा वर्ष 2024 के 42 प्रतिशत की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है। यह स्थिति राज्य में बेहतर वर्षा, सुनियोजित जल प्रबंधन तथा जलाशयों के प्रभावी संचालन का परिणाम है।
राज्य के 12 वृहद सिंचाई परियोजनाओं में वर्तमान में 68.19 प्रतिशत जल भराव है, जबकि वर्ष 2025 में यह 45.84 प्रतिशत तथा वर्ष 2024 में 38.62 प्रतिशत था। प्रमुख वृहद जलाशयों में शामिल मनियारी जलाशय में 90.41 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली में 86.85 प्रतिशत, खारंग में 84.99 प्रतिशत, दुधावा में 84.54 प्रतिशत, रविशंकर सागर में 76.72 प्रतिशत, सोंढूर में 70.65 प्रतिशत एवं तांदुला में 66.19 प्रतिशत में जल उपलब्ध है। वहीं मिनीमाता बांगो जलाशय में 63.86 प्रतिशत तथा केलो में अभी 51.83 प्रतिशत जल भराव है। कोडार जलाशय में अपेक्षाकृत कम 35.45 प्रतिशत जल उपलब्ध है।
इसी प्रकार राज्य की 34 मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में वर्तमान में 63.38 प्रतिशत जल भराव है, जो कि वर्ष 2025 के 44.62 प्रतिशत एवं वर्ष 2024 के 45.38 प्रतिशत से अधिक है। मध्यम जलाशयों में छिरपानी जलाशय मेें 92.23 प्रतिशत, खपरी में 92.98 प्रतिशत, पिपरिया नाला में 89.69 प्रतिशत, गोंडली में 85.53 प्रतिशत, सुतियापाट में 79.82 प्रतिशत, सारोदा में 77.57 प्रतिशत एवं कोसारटेडा में 77.46 प्रतिशत जल भराव अपने उच्च स्तर पर हैं।
प्रदेश में उपलब्ध जल का उपयोग किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से नियंत्रित एवं चरणबद्ध रूप से जल छोड़ा जा रहा है। रविशंकर सागर (गंगरेल) परियोजना से नहरों के माध्यम से धमतरी एवं रायपुर क्षेत्रों में निस्तारी एवं सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा रहा है। दुधावा जलाशय से मुख्य नहरों के जरिए पानी दिया जा रहा है। सोंढूर परियोजना से नहर प्रणाली के माध्यम से जल छोड़ा जा रहा है। कोडार जलाशय से लगभग 6.84 क्यूमेक्स (घन मीटर प्रति सेकण्ड) जल नहरों के माध्यम से छोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त परालकोट परियोजना से दाएं एवं बाएं तट नहरों के जरिए जल वितरण किया जा रहा है।
मध्यम परियोजनाओं में भी खरखरा, गोंडली, पिपरिया, सारोदा, जुमका, केदार नाला एवं अन्य जलाशयों से आवश्यकता अनुसार नहरों एवं स्लुइस गेट के माध्यम से जल छोड़ा जा रहा है, जिससे रबी फसलों की अंतिम सिंचाई एवं ग्रीष्मकालीन फसलों एवं निस्तारी के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सके। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जल का सदुपयोग तथा सभी सिंचित क्षेत्रों को आवश्यकतानुसार पानी मिल सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जल संसाधनों का वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जलाशयों में बेहतर जल भराव समन्वित प्रयासों का परिणाम है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के किसानों को समय पर पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों की आय में सुधार हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जलाशयों के जल स्तर की सतत निगरानी करते हुए जल का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
मोटर दुर्घटना मामलों में हाईकोर्ट सख्त: समय सीमा के आधार पर क्लेम खारिज नहीं
पूर्व मंत्री उषा ठाकुर का बड़ा बयान: इस देश में रहना तो वंदे मातरम कहना होगा, बोलीं-
इंदौर। पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने वंदे मातरम विवाद, कुंभ वायरल गर्ल और यूसीसी को लेकर बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस मुस्लिम पार्षद रुबीना इकबाल खान के बयान पर भड़की उषा ठाकुर ने कहा- इस देश में रहना होगा तो वंदे मातरम कहना होगा। जो नहीं कहेगा वंदे मातरम इस देश से उन्हें जाना होगा। ये इस्लामिक कंट्री नहीं हिंदुस्तान हैं, वंदे मातरम तो हर हाल में बोलना पड़ेगा।
वंदे मातरम का अपमान राष्ट्रद्रोह
वंदे मातरम का अपमान राष्ट्रद्रोह हैं। ये दुर्भाग्य है इस देश में रहने वाले कुछ ऐसे लोग है जिन्हें वंदे मातरम से एतराज हैं। खामेनई की मौत पर छाती पीटने वाले इस देश में सबसे ज्यादा सुरक्षित और सबसे ज्यादा योजनाओं का फायदा उठा रहे है और उन्हें इस्लाम वंदे मातरम बोलने की इजाजत नहीं देता हैं। इस देश के लिए ये सबसे बड़ी चिंता की बात हैं। कांग्रेस की देशविरोधी मानसिकता है जो सबके सामने आया है। जनता इसका जवाब जरूर देगी।
इस सिंहस्थ आते तक धर्मांतरित हो गई
पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने कुंभ वायरल गर्ल को लेकर कहा- यह लव जिहाद का एक बड़ा प्रकरण है। केरला फाइल 2 में भी सबने देखा है कि कैसे छोटी बच्चियों को बहकाकर और बरगलाकर उनको धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया गया। इस उद्वेश्य को लेकर कई राष्ट्रद्रोही ताकतें काम कर रही है। इंदौर में भी पूर्व पार्षद लव जिहाद फंडिंग में पकड़ाए थे। रुद्राक्ष की माला बेचने वाली बेटी पिछले सिंहस्थ में मिली थी, इस सिंहस्थ आते तक धर्मांतरित हो गई। धर्मांतरण ही राष्ट्रांतरण है, इसके पीछे भी बड़ी फंडिंग हुई होगी।
उषा ठाकुर ने UCC का किया समर्थन
यूसीसी का समर्थन करते हुए कहा- समान नागरिक संहिता कानून लाने की अति आवश्यकता है। यह तो हमारे देश के 65 साल पूर्व से ही लागू कर देना चाहिए था। 65 साल की राजनीति करने वाले लोगों ने देश की अखंडता एकता के लिए काम ही नहीं किया। प्रधानमंत्री नेतृत्व करने वाली सरकार और नागरिक राष्ट्रीय विरोधी ताकत से नहीं डरते। समान नागरिक संहिता का विरोध करने वालों से डरते नहीं है राष्ट्र में यह लागू होकर रहेगा।
खनन विभाग के दावों की खुली पोल: दामरी समेत कई गांवों में जारी अवैध उत्खनन
खैरागढ़। जिले के ग्राम दामरी में अवैध मुरूम खनन का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से सरकारी और निजी जमीनों पर खुलेआम खुदाई और परिवहन जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग जानकर भी अनजान बना हुआ है. हालात यह हैं कि दिन-रात मशीनों की आवाज और ट्रैक्टर-ट्रॉली की आवाजाही आम हो गई है, फिर भी कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन न तो मौके पर ठोस कार्रवाई हुई और न ही खनन पर कोई रोक लग सकी. लोगों के बीच यह चर्चा भी आम है कि अधिकारियों और खनन माफियाओं के बीच कथित सेटिंग के कारण ही यह पूरा खेल चल रहा है. उनका कहना है कि अगर प्रशासन सख्ती दिखाता, तो इस तरह खुलेआम खनन संभव ही नहीं होता.
दामरी के साथ यहां भी अवैध खनन का खेल
मामले में सबसे बड़ा विरोधाभास विधानसभा में पेश आंकड़ों को लेकर सामने आया है. हाल ही में दिए गए जवाब में जिले में रेत के अवैध उत्खनन का एक भी मामला दर्ज नहीं होने और मुरूम के सिर्फ दो प्रकरण सामने आने की जानकारी दी गई. जबकि जमीनी स्तर पर दामरी के अलावा साल्हेवारा, बुंदेली और सोनभट्टा जैसे इलाकों से लगातार अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं. इससे कागजों और हकीकत के बीच बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है. इधर खर्च को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. खनन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में कुल 62 लाख 93 हजार 807 रुपए खर्च किए हैं, जिसमें वेतन, महंगाई भत्ता, मकान किराया, पेट्रोल-डीजल, कार्यालय सामग्री और अन्य मद शामिल हैं. बावजूद इसके अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं दिख रहा, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. जिले में 229 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खदानों की लीज होने और वर्ष 2023 से 2026 तक 53 प्रकरण दर्ज होने की बात सामने आने के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्रवाई का असर नजर नहीं आ रहा. इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि निगरानी तंत्र या तो पूरी तरह कमजोर है या फिर जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है.
टीम भेजी, लेकिन नहीं मिला कोई वाहन : सहायक खनिज अधिकारी
इस पूरे मामले में सहायक खनिज अधिकारी बबलू पांडे का कहना है कि दामरी क्षेत्र से अवैध खनन की शिकायत मिली थी, जिसके बाद टीम मौके पर भेजी गई थी, लेकिन वहां कोई वाहन नहीं मिला. उन्होंने कहा कि जैसे ही अवैध गतिविधि या वाहन की जानकारी मिलेगी, विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल, लगातार हो रहे अवैध खनन और कार्रवाई के अभाव से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. लोगों ने कलेक्टर और उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. अब देखने वाली बात होगी कि कागजों में जीरो और जमीन पर जारी खनन के इस विरोधाभास पर प्रशासन क्या कदम उठाता है.
केसीजी खनन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में कुल 62,93,807 रुपए खर्च किए, जिसमें वेतन पर 37,44,198 रुपए, महंगाई भत्ता 18,90,782 रुपए, मकान किराया भत्ता 2,51,645 रुपए, अन्य भत्ते 61,700 रुपए, डाक-तार व्यय: 5,000 रुपए, दूरभाष व्यय 3,000 रुपए, फर्नीचर एवं कार्यालय उपकरण पर 48,400 रुपए, लेखन सामग्री एवं फार्म छपाई 26,238 रुपए, अन्य आकस्मिक व्यय 48,500 रुपए, सूचना प्रौद्योगिकी: 1,00,000 रुपए, पेट्रोल-तेल 1,04,624 रुपए, विशेष सेवाएं 9,720 रुपए खर्च होने के बावजूद अवैध खनन रोकने के लिए ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही.
पेपर लीक मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं, विकास उपाध्याय ने सरकार को घेरा
रायपुर। 12वीं हिंदी पर्चा लीक मामले में सियासत गरमाई हुई है. कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने भाजपा नेताओं पर पर्चा लीक का आरोप लगाते है. उन्होंने कहा कि यूपी, मध्यप्रदेश समेत कई भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक पर भाजपा नेताओं की सांठ-गांठ है.
विकास उपाध्याय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि 12वीं बोर्ड हिंदी पर्चा लीक हुए एक माह हो चुके हैं. माध्यमिक शिक्षा मंडल ने एफआईआर करवाई है. कमिश्नरेट लागू है, इसके बावजूद एक भी आरोपी नही पकड़ा गया है. ऐसा इसलिए है क्योंकि पेपर लीक में भाजपा के नेताओं का हाथ है.
वहीं स्वामी आत्मानंद स्कूल की फीस बढ़ाने के मामले में कांग्रेस के पूर्व विधायक ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय स्कूलों में ड्रेस समेत सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाती थीं, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद न शिक्षकों को भुगतान हो रहा है, न ही पर्याप्त बजट दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि अब नर्सरी और पीपी वन कक्षाएं भी बंद की जा रही हैं, और फ्री एजुकेशन को खत्म किया जा रहा है, सरकार 150 विवेकानंद स्कूल खोलने की बात कर रही है, जबकि आत्मानंद स्कूल ही ठीक से संचालित नहीं हो पा रहे हैं. नई योजनाओं के जरिए केवल वाहवाही लूटने की कोशिश हो रही है.
प्राइवेट अस्पतालों द्वारा आयुष्मान योजना से इलाज नहीं किए जाने पर विकास उपाध्याय ने कहा कि प्राइवेट अस्पताल इसे व्यवसाय बना रहे हैं, यदि समय पर भुगतान नहीं होगा तो अस्पताल कर्ज लेकर नहीं चल पाएंगे और इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा.
वहीं सांसद संतोष पाण्डेय ने भगवान राम से पीएम गृहमंत्री और मुख्यमंत्री की तुलना पर कांग्रेस के पूर्व विधायक ने कहा कि यदि नक्सलवाद खत्म हो चुका है, तो जनप्रतिनिधियों को Z+ सुरक्षा क्यों दी जा रही है. भाजपा नेता केवल प्रधानमंत्री की चाटुकारिता कर रहे हैं, और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं.
राज्य सरकार की बड़ी कार्रवाई: मनमानी करने वाले 59 अस्पतालों पर गिरी गाज, HEM 2.0 नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 59 पंजीकृत अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। राज्य नोडल एजेंसी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर यह कार्रवाई की है।
जानकारी के मुताबिक, Hospital Empanelment Module (HEM 2.0) के तहत सभी अस्पतालों को अपनी जानकारी अपडेट करना और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य किया गया था। इसके लिए 31 दिसंबर 2025 अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। बावजूद इसके, कई अस्पतालों ने न तो पोर्टल पर जानकारी अपडेट की और न ही विभाग द्वारा भेजे गए स्मरण पत्रों का जवाब दिया।
तीन श्रेणियों में हुई कार्रवाई
जिला स्तर पर समीक्षा और अनुशंसाओं के आधार पर अस्पतालों के खिलाफ तीन अलग-अलग श्रेणियों में कार्रवाई की गई है:
1. 21 अस्पताल निलंबित
जिन अस्पतालों ने HEM 2.0 पोर्टल पर एक बार भी आवेदन प्रस्तुत नहीं किया, उन्हें आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। इनमें शामिल हैं:
न्यू आयुष्मान हॉस्पिटल, बेमेतरा
ए पी सर्जिकल सेंटर, दुर्ग
आईएमआई अस्पताल, दुर्ग
ओम् हॉस्पिटल, दुर्ग
साईं कृपा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, दुर्ग
गंगोत्री अस्पताल, दुर्ग
सोमेश्वर अस्पताल, गरियाबंद
सेवा भवन अस्पताल, महासमुंद
जौहरी अस्पताल, रायपुर
महादेव अस्पताल, रायपुर
न्यू रायपुरा अस्पताल, रायपुर
शिवम अस्पताल, रायपुर
सौभाग्य अस्पताल, रायपुर
जैन अस्पताल, रायपुर
लक्ष्मी हॉस्पिटल एवं मैटरनिटी होम, रायपुर
सिद्धि विनायक अस्पताल, रायपुर
वरदान हॉस्पिटल, रायपुर
वासुदेव मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
श्री राम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
माँ शारदा नर्सिंग होम, रायपुर
ओम नेत्र केंद्र एवं लेजर विजन, रायपुर
2. 12 अस्पताल निलंबित
ऐसे अस्पताल जिन्होंने पोर्टल पर आवश्यक जानकारी अपडेट नहीं की और विभागीय क्वेरी का जवाब नहीं दिया, उन्हें भी अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है। इनमें शामिल हैं:
पिनाकी सोभा हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी केयर, जीपीएम
एमडी मोदी मेमोरियल हॉस्पिटल, जांजगीर-चांपा
नेताम अस्पताल एवं बांझपन केंद्र, कोंडागांव
श्री उत्तम साई केयर हॉस्पिटल, महासमुंद
श्री दानी केयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
श्री कृष्णा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
श्री महावीर अस्पताल, रायपुर
श्री साईं राम अस्पताल, रायपुर
काल्दा नर्सिंग होम, रायपुर
कान्हा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
प्रज्ञा अस्पताल, रायपुर
लाइफ केयर हॉस्पिटल, रायपुर
3. 26 अस्पतालों का भुगतान और प्री-ऑथ रोका गया
जिन अस्पतालों के आवेदन अपूर्ण पाए गए और पुनः प्रस्तुत नहीं किए गए, उनके खिलाफ भुगतान और प्री-ऑथ (Pre-Authorization) पर रोक लगाने की कार्रवाई की गई है। इनमें शामिल हैं:
शकुंतला अस्पताल, बालोद
सुविधा हॉस्पिटल, दुर्ग
रूप जीवन हॉस्पिटल, कबीरधाम
श्री राधे कृष्णा केयर हॉस्पिटल, महासमुंद
पांडे नर्सिंग होम, रायपुर
दृष्टि नेत्रालय, रायपुर
वैदेही अस्पताल, रायपुर
अनंत अस्पताल, रायपुर
श्री साई केयर हॉस्पिटल, रायपुर
अनुष्का अस्पताल, रायपुर
ममता अस्पताल, रायपुर
लालमती मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
कर्मा अस्पताल, रायपुर
श्री राम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
रायपुर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, रायपुर
श्रीमां सारदा आरोग्यधाम अस्पताल, रायपुर
रूपजीवन अस्पताल, रायपुर
श्री दानी केयर हॉस्पिटल, रायपुर
जीवन अनमोल अस्पताल,
रायपुर सद्भावना अस्पताल, रायपुर
एकता इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ, रायपुर
चंद्राणी सरदारीलाल नेत्र एवं ईएनटी अस्पताल, रायपुर
रावतपुरा सरकार अस्पताल, रायपुर
आस्था मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
छत्तीसगढ़ नेत्र चिकित्सालय, रायपुर
शाश्वत अस्पताल, रायपुर
पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की पहल
गौरतलब है कि यह कार्रवाई आयुष्मान योजना के प्रावधानों और NHA के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है, ताकि योजना में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
राज्य नोडल एजेंसी ने सभी पंजीकृत अस्पतालों से अपील की है कि वे HEM 2.0 पोर्टल पर निर्धारित मानकों के अनुसार समय पर जानकारी और दस्तावेज अपलोड करें। इससे न केवल उनकी पंजीयन प्रक्रिया सुचारू रहेगी, बल्कि हितग्राहियों को भी बिना बाधा स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
रायपुर में यातायात पुलिस की बड़ी पहल : ट्रैफिक जाम से राहत देने हेल्पलाइन नंबर जारी, एक कॉल पर पहुंचेगी पेट्रोलिंग टीम
रायपुर। शहरवासियों को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए यातायात पुलिस रायपुर ने बड़ी पहल की है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर यातायात विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 9479210632 जारी किया है, जिस पर कॉल या व्हाट्सएप के जरिए जाम की सूचना दी जा सकती है।
यातायात पुलिस के अनुसार, अब किसी भी इलाके में जाम लगने की स्थिति में आम नागरिक तुरंत इस नंबर पर जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलते ही आईटीएमएस/कंट्रोल रूम द्वारा नजदीकी यातायात पेट्रोलिंग टीम को अलर्ट किया जाएगा, जो मौके पर पहुंचकर जाम को जल्द से जल्द क्लियर करेगी।
पुलिस का कहना है कि शहर में सुगम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में तकनीक का उपयोग करते हुए अब गूगल मैप के माध्यम से भी सड़कों की निगरानी की जाएगी। यदि किसी सड़क पर दबाव या जाम की स्थिति दिखाई देती है तो वहां तुरंत यातायात टीम भेजी जाएगी, जिससे आम लोगों को परेशानी से बचाया जा सके।
गूगल मैप में ट्रैफिक रंगों का मतलब
हरा (Green): यातायात सामान्य रूप से चल रहा है।
पीला (Yellow): मध्यम गति से यातायात।
लाल (Red): बहुत धीमी गति या सिग्नल पर रुका ट्रैफिक।
मेहरून (Maroon): यातायात पूरी तरह बाधित।
जाम की स्थिति में हेल्पलाइन का उपयोग करने की अपील
यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जाम की स्थिति में हेल्पलाइन का उपयोग करें और गूगल मैप के जरिए वैकल्पिक मार्ग अपनाकर शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग करें।
मुख्य सचिव ने की लोक सेवा गारंटी की सेवाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा: अधिकारियों को दिए निर्देश
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ शासन के समस्त विभागों के भारसाधक सचिव की बैठक लेकर विभागों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत विभागीय सेवाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उनके विभाग के अंतर्गत ऐसी सभी सेवाएं जो सीधे जनता से जुड़ी हैं, उन सभी सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित की जाए तथा अधिसूचित सेवाओं को ऑनलाइन किया जाए। समय सीमा में सेवाओं का लाभ हितग्राही को दिया जाए।
मुख्य सचिव ने दो टूक कहा कि समय सीमा में सेवाएं यदि नहीं दी जाती हैं तो संबंधित अधिकारी को उत्तरदायी ठहराया जाएगा और उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जनता से जुड़ी सभी शासकीय सेवाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं प्रदान करना है। मुख्य सचिव ने प्रत्येक विभाग के अंतर्गत लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग के अंतर्गत और सेवाएं जो अधिनियम के अंतर्गत लाई जा सकती हैं, उन्हें चिन्हित कर अधिसूचित कर ली जाएं और सुशासन एवं अभिसरण विभाग को इसकी सूची उपलब्ध कराई जाए। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवा के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्य सचिव ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को विभागीय सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लाने के लिए मार्गदर्शन दिया।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों की लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। राहुल भगत ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन विभाग द्वारा विभिन्न राज्यों में जाकर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं का अध्ययन किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के परिप्रेक्ष्य में प्रदाय की जा रही समांतर सेवाओं एवं संबंधित विभागों की सेवाओं की सांकेतिक रूप से मैपिंग की गई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग की और सेवाओं को चिन्हित कर अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित करने प्रस्तावित करें।
बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, खनिज विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, वित्त एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, ऊर्जा एवं जनसंपर्क के सचिव रोहित यादव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजू एस., वाणिज्यिक कर (आबकारी) आर. संगीता, समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, ग्रामोद्योग के सचिव श्यामलाल धावड़े सहित वन एवं जलवायु परिवर्तन, लोक निर्माण, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, सामान्य प्रशासन, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, परिवहन, वाणिज्यिक एवं उद्योग, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, श्रम, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
माँ भारती के वीर सपूत चंद्रशेखर आज़ाद को नमन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर में प्रतिमा का किया अनावरण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा प्रवास के दौरान अंबिकापुर के आकाशवाणी चौक पर माँ भारती के वीर सपूत, अमर क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन हर भारतीय के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और अदम्य वीरता की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा का अमूल्य संदेश दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज़ाद जी के आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए ही हम एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को सिद्ध कर सकते हैं। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि नई पीढ़ी महान स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके।
इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रदेश में ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिभावक निश्चिंत रहें, प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर और स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव या आर्थिक बोझ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
साड़ी घोटाले से नक्सलवाद तक— पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को कई मोर्चों पर घेरा
बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में साड़ी घोटाला, नक्सलवाद, धर्मांतरण कानून सहित अन्य मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, यहां कौन सा ऐसा विभाग है, जिसमें भ्रष्टाचार नहीं होता है। पूरा विषय जांच का है पर मामले पर जांच कभी नहीं होगी। जो व्यक्ति जांच की मांग करता है, सवाल करता है उस पर केस हो जाता है। PWD, जल संसाधन, कृषि विभाग सभी में भ्रष्टाचार जारी है। PWD में वर्क ऑर्डर पहले और टेंडर बाद में होता है।
बघेल ने कहा, कृषि विभाग अफीम गांजे की खेती को बढ़ावा दे रहा है। अब सरकारी विभागों की प्राथमिकताएं बदल गई है। वर्तमान समय में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। नक्सलवाद के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा, यदि सरकार दावा करती है कि नक्सलवाद समाप्त हो चुका है तो वहां से सुरक्षा बलों को हटा लेना चाहिए और भाजपा नेताओं की सुरक्षा भी समाप्त कर देनी चाहिए।
नोटिस के बाद भी राज्यपाल कर रहे दस्तखत
छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य संशोधित अधिनियम पर भूपेश बघेल ने कहा, ये कानून धर्म के आड़ में राजनीति करने वाले लोगों के सुधार के लिए है। छत्तीसगढ़ में जबरिया धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ हमने कार्रवाई की थी। हमारे शासनकाल में कुल 15 शिकायतें हुईं थीं, जिसमें से 8 गलत पाए गए थे। 7 मामले सही पाए गए थे, जिसमें कार्रवाई हुई। अभी संशोधित कर केवल सजा बढ़ाया गया है, इससे ज्यादा कुछ नहीं किया है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में अभी भी लंबित है। राज्य सरकार को नोटिस मिला हुआ है, उसके बाद भी राज्यपाल दस्तखत कर रहे हैं।
असम में बदलने वाली है राजनीतिक परिस्थितियां : बघेल
भूपेश बघेल ने कहा, पिछड़ा वर्ग के लिए 27 परसेंट का आरक्षण हमने भी किया था, वह आज भी राजभवन में है। यूनिवर्सिटी बिल राजभवन में है। राज्यपाल उस पर दस्तक क्यों नहीं कर रहे हैं। आगे पांच राज्यों के चुनाव पर बघेल ने कहा, कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है और बेहतर प्रदर्शन करेगी। असम को लेकर उन्होंने दावा किया कि वहां राजनीतिक परिस्थितियां बदलने वाली है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के लुंड्रा में 280 करोड़ से अधिक के कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ने सरगुजा जिले के लुंड्रा में 280 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन में बड़ी संख्या में उपस्थित अन्नदाता किसानों और स्थानीय जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं न केवल बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास को नई गति भी देंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर को सरगुजा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वर्षों बाद लुंड्रा की धरती पर इतनी बड़ी विकासात्मक पहल एक साथ देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि कुल 281 करोड़ रुपये के कार्यों में 28 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 253 करोड़ रुपये के कार्यों का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों से सरगुजा को अंबिकापुर से दिल्ली एवं कोलकाता तक हवाई सेवाओं की सुविधा भी प्राप्त हुई है, जिससे क्षेत्र का संपर्क और विकास दोनों तेज होंगे।
मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है और भुगतान 24 से 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही किसान उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि भी समयबद्ध रूप से सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और त्यौहारों में उनकी खुशहाली स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक पहलें की गई हैं, जिनमें किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना प्रमुख हैं। राज्य सरकार भी इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है, जिससे खेती को लाभकारी बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान कर दी थी, जिनमें से 8 लाख से अधिक आवास अब पूर्ण होकर हितग्राहियों को सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत हजारों परिवारों को आवास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र ने दशकों तक हिंसा का दंश झेला, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के साहस के कारण अब प्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष आवास भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान बढ़ा है। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्रहण मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित कर सरकार ने जनकल्याण को प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं तथा 375 नई एंबुलेंस सेवाओं की शुरुआत से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का भी उल्लेख करते हुए आमजन से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करना है, ताकि हर व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के समग्र उत्थान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लुंड्रा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें आधुनिक स्टेडियम निर्माण, सन्ना-जशपुर-धंवरपुर-सरगुजा से होते हुए बनारस तक सड़क निर्माण, ब्लॉक मुख्यालय में नवीन विश्राम भवन तथा कृषि उप मंडी की स्थापना शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्माण कार्यों से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे।
कार्यक्रम में सांसद चिंतामणि महाराज, कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और इसे जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण, विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका- प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा
रायपुर। आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि कॉमन्स पर जनजातिय समुदायों के अटूट विश्वास उनके सशक्तिकरण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण, विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका है। उन्होंने न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की बात करें तो स्थानीय लोग नीति-कार्यान्वयन में सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा कि नीतिगत बदलाव के लिए सरकार एक समर्पित टास्क फोर्स बनाने की प्रक्रिया में है। इस टास्क फोर्स का उद्देश्य पूरे राज्य में अधिक प्रभावी कार्यान्वयन के लिए पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (पेसा) और वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के मध्य संतुलित समन्वय सुनिश्चित करना है। कॉमन्स सम्मेलन संवाद में सांस्कृतिक और पारंपरिक दृष्टिकोणों को केंद्र में रखा गया था, जिसकी शुरुआत पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जागेश्वर यादव और पांडी राम मंडावी तथा गौर मारिया नृत्य कलाकार लक्ष्मी सोरी जैसे सम्मानित अतिथियों के प्रारंभिक उद्बोधनों से हुई।
साझा प्राकृतिक संसाधनों (कॉमन्स) के सुशासन और सामुदायिक संरक्षण पर केंद्रित दो दिवसीय “छत्तीसगढ़ कॉमन्स कंवीनिंग” का शुभारंभ आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया। कार्यशाला नवा रायपुर ट्राइबल रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, सेक्टर-24, में आयोजित हो रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के जनजातीय विकास विभाग के सहयोग से “प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स” पहल के अंतर्गत विभिन्न साझेदार संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है। कल 10 अप्रैल को मुख्य सचिव विकास शील जनजातीय नीति पर संवाद में शामिल होंगे। वहीं समापन सत्र में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम शामिल होंगे।
जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका
श्री बोरा ने कहा कि इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनों और जनजातीय विरासत के बीच गहरे जुड़ाव को पहचानते हुए, एक विशेष स्टूडियो स्थापित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। जल्द ही यह प्रोजेक्ट सामने आएगा और यह स्टूडियो पारंपरिक लोक गीतों और स्वदेशी वाद्य यंत्रों की धुन, दस्तावेज़ीकरण, पहचान और कॉपीराइट सुरक्षा के लिए समर्पित होगा। इन साझा संसाधनों के संरक्षण के संबंध में, श्री बोरा ने कहा कि वैश्वीकरण और आधुनिक जीवन शैली जैसे चुनौतियों के बीच संतुलित तरीका अपनाते हुए, साझा ज्ञान का विकास कैसे करें और अपनी आकांक्षाओं, विरासत और भविष्य को कैसे बेहतर बनाएँ।
राज्य के विशाल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में सामुहिक देखरेख की महत्वपूर्ण भूमिका
आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने कहा कि यह सम्मेलन संवाद के लिए एक विशाल मंच साबित हुआ है, जिसमें छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के विभिन्न हिस्सों से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें विभिन्न संगठनों के नीति विशेषज्ञ, पंचायतों के प्रतिनिधि, शोधकर्ता और समुदाय के समर्पित सदस्य शामिल हैं। यह विविध समूह छत्तीसगढ़ में कॉमन्स (साझा संसाधन) के रूप में वर्गीकृत 70 लाख एकड़ ज़मीन पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। इस ज़मीन में जंगल, घास के मैदान और जल निकाय शामिल हैं, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी के लिए जीवनरेखा का काम करते हैं। कॉमन्स कन्विनिंग के पहले दिन, विशेषज्ञों ने राज्य के विशाल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में सामुहिक देखरेख की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अम्बिकापुर में भटगांव विधानसभा के पूर्व विधायक पंडित रविशंकर त्रिपाठी की प्रतिमा का किया अनावरण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिला प्रवास के दौरान अम्बिकापुर में पीडब्ल्यूडी ऑफिस के पास पंडित रविशंकर त्रिपाठी चौक में भटगांव विधानसभा के पूर्व विधायक पंडित रविशंकर त्रिपाठी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि पंडित रविशंकर त्रिपाठी का जीवन जनसेवा, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि उनके विचारों और कर्मठता की जीवंत प्रेरणा है, जो आने वाली पीढ़ियों को समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करने की दिशा दिखाती रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्वों का योगदान हमें यह सिखाता है कि जनसेवा ही सच्चा राष्ट्रधर्म है और इसी मार्ग पर चलकर हम एक सशक्त और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण कर सकते हैं।
इस दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।