प्रदेश
हंगामा कर रहा विपक्ष पूरे दिन के लिए निलंबित, केदार कश्यप बोले- अध्यक्ष की अवहेलना मर्यादा के खिलाफ
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का आज का सत्र विपक्ष के तीखे तेवर और सत्तापक्ष की सख्ती के चलते हंगामेदार रहा। डीएपी खाद की कमी के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विपक्षी विधायक बेल (गर्भगृह) के भीतर पहुंच गए, जिससे अध्यक्ष को नियमों के तहत उन्हें पूरे दिन के लिए निलंबित करना पड़ा।
हंगामे से शुरू हुआ प्रश्नकाल, दो बार स्थगित हुई कार्यवाही
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक डीएपी खाद की कमी को लेकर सवाल उठा रहे थे। सरकार द्वारा जवाब दिए जाने के बावजूद विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में हंगामा बढ़ा तो पहले पांच मिनट के लिए और फिर 12 बजे तक कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
बेल में घुसने पर स्वतः निलंबन, लेकिन नहीं मानी बात
छत्तीसगढ़ विधानसभा की परंपरा के मुताबिक, किसी भी सदस्य का गर्भगृह (बेल) में जाना स्वत: निलंबन की श्रेणी में आता है। बावजूद इसके, विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए बेल के अंदर पहुंच गए और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के बार-बार के निर्देशों को भी अनदेखा करते रहे।
अध्यक्ष ने दिखाई सख्ती, विपक्ष के विधायक दिनभर के लिए निलंबित
लगातार असंसदीय व्यवहार और आदेशों की अवहेलना से नाराज़ होकर अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायकों को सदन से बाहर करने के निर्देश दिए, लेकिन वे नहीं माने और हंगामा करते रहे। इसके बाद अध्यक्ष ने सभी विरोधी विधायकों को दिनभर के लिए निलंबित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप का बयान
उन्होंने कहा:
“सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब दे रही थी, लेकिन कुछ सदस्य बार-बार सदन की गरिमा भंग कर रहे थे। गर्भगृह में जाकर अध्यक्ष के आदेशों की अवहेलना करना लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ है। यह कार्रवाई नए विधायकों के लिए एक सीख होगी।”
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का पलटवार
वहीं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा:
“हम किसानों के हक के लिए लड़ रहे हैं। सरकार निजी कंपनियों को खाद देकर किसानों को वंचित कर रही है। यह किसानों के उत्पादन को रोकने की साजिश है। अगर किसानों की आवाज़ उठाने के लिए हमें 100 बार निलंबित होना पड़े, तो हम तैयार हैं।”
DAP की कमी बना सत्र का ज्वलंत मुद्दा
विधानसभा में DAP खाद की कमी का मुद्दा अब राजनीतिक तकरार का केंद्र बन चुका है। विपक्ष का कहना है कि निजी क्षेत्र को खाद देकर सरकारी योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है, वहीं सत्तापक्ष इसे “राजनीतिक स्टंट” करार दे रहा है।राजनीतिक गरमाहट के बीच किसानों की चिंता फिर एक बार सदन के केंद्र में है। अब देखना यह होगा कि क्या यह बहस समाधान की दिशा में जाएगी या फिर राजनीति की आग में किसानों की उम्मीदें झुलसती रहेंगी।
महादेव घाट और सेंट्रल लाइब्रेरी जैसे बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी, विधायक मूणत ने CM साय और उपमुख्यमंत्री साव का जताया आभार
रायपुर। राजधानी रायपुर के पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने इस क्षेत्र के विकास के लिए 65 करोड़ 45 लाख रुपये से अधिक की चार प्रमुख योजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन योजनाओं में महादेव घाट का सौंदर्यीकरण, एक भव्य सेंट्रल लाइब्रेरी, ठक्कर बापा वार्ड में पानी टंकी और छुइहा तालाब का विकास शामिल है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इन योजनाओं की मंजूरी की जानकारी क्षेत्रीय विधायक राजेश मूणत को दी। मूणत ने इसके लिए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों का आभार जताया और कहा कि रायपुर पश्चिम की जनता को यह डबल इंजन सरकार की बड़ी सौगात है।
प्रोजेक्ट का ब्योरा इस प्रकार है:
- 22.84 करोड़ रुपये की लागत से 1000 सीट वाली सेंट्रल लाइब्रेरी और रीडिंग ज़ोन बनाया जाएगा, जिससे पूरे रायपुर के युवाओं को लाभ मिलेगा।
- 19.99 करोड़ रुपये की लागत से महादेव घाट फेस-1 का सौंदर्यीकरण होगा।
- 19.61 करोड़ रुपये से ठक्कर बापा वार्ड और आसपास के इलाकों में नई पानी टंकी और पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे मीठा पानी लोगों तक पहुंचेगा।
- 3 करोड़ रुपये से छुइहा तालाब का विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
राजेश मूणत ने बताया कि महादेव घाट परियोजना उनकी एक महत्वाकांक्षी योजना थी, जिस पर वे पिछले कई महीनों से लगातार प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों से रायपुर पश्चिम में बुनियादी सुविधाओं में जबरदस्त सुधार होगा और यह क्षेत्र राजधानी रायपुर के विकास में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने मूणत को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे इन योजनाओं को स्वयं निगरानी में लेकर तय समय में और गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि मूणत के सुझावों और मार्गदर्शन से यह कार्य और प्रभावी ढंग से पूरे किए जा सकेंगे।

जनभागीदारी को मिली प्राथमिकता
राजेश मूणत ने कहा कि रायपुर पश्चिम के विकास कार्य केवल सरकारी स्तर पर नहीं, बल्कि आम जनता से सीधे संवाद कर तय किए जा रहे हैं। लोगों की ज़रूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें अपने वार्ड में किसी जनहित के कार्य की ज़रूरत महसूस हो, तो वे सीधे उनसे संपर्क करें। सभी सुझावों पर विचार किया जाएगा और उन्हें योजनाओं में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार विकास कार्यों के लिए फंड की कोई कमी नहीं आने देगी – न केवल रायपुर पश्चिम, बल्कि पूरे राज्य में।
बंगाल की CM ममता बनर्जी ने BJP पर लगाया बांग्लाभाषियों पर उत्पीड़न का आरोप, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया पलटवार, कहा-
रायपुर। प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार छत्तीसगढ़ में पहचान छुपाकर या बदलकर रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापिस भेजने की कार्रवाई कर रही है. लेकिन पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर बांग्लाभाषियों पर उत्पीड़न नहीं रुका, तो गंभीर नतीजा भुगतना होगा. उनके इस बयान पर अब डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पलटवार किया है.
डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि विपक्षी पार्टियां देश की डेमोग्राफी बदलना चाहती हैं. फर्जी आधार बनवाकर लोग बंगाल से छत्तीसगढ़ आ रहे हैं. बोलने के लहजे और एक्सेंट से सब साफ पता चल जाता है. पूछने पर गांव, जन्म स्थान तक नहीं बता पाते हैं.
बता दें, पश्चिम बंगाल में चुनाव होने हैं. PM मोदी के बंगाल दौरे से ठीक पहले कोलकाता में आयोजित एक रैली में CM ममता बनर्जी ने BJP सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश भर में पश्चिम बंगाल के मजदूरों को बांग्लादेशी बताकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है. CM ममता ने कहा- “मैं बंगालियों के प्रति केंद्र और भाजपा के रवैए से निराश और शर्मिंदा हूं.” उन्होंने सवाल किया कि आखिर उनको बंगालियों से इतनी नाराज़गी क्यों है? “आगे से मैं और ज़्यादा बांग्ला बोलूंगी.
CM ममता बनर्जी ने चेतावनी देते हुए आगे कहा कि “बीजेपी में हिम्मत है तो मुझे डिटेंशन शिविर में बंद कर दिखाए. बंगाल के लोगों को डिटेंशन शिविरों में रखने की स्थिति में राज्य के लोग BJP को चुनाव के जरिए राजनीतिक डिटेंशन शिविर में भेज देंगे. अगर बांग्लाभाषियों का उत्पीड़न नहीं रुका तो भाजपा को इसका गंभीर राजनीतिक नतीजा भुगतना होगा.”
छत्तीसगढ़ को स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार मिलने पर डिप्टी सीएम शर्मा ने दी बधाई
छत्तीसगढ़ के निकायों को स्वच्छता के लिए आज राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इसपर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को स्वच्छता में आज राष्ट्रीय सम्मान मिला है. दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं रायपुर नगर निगम की टीम को सम्मानित किया है. उन्होंने आगे कहा कि निकायों ने अच्छा काम किया है, इसलिए स्वच्छता में इनाम मिला, लेकिन अभी और काम बाकी है. इसके साथ ही उन्होंने डिप्टी सीएम अरुण साव और टीम को बधाई दी है.
विधानसभा में भारतमाला प्रोजेक्ट पर हंगामा
भारतमाला प्रोजेक्ट पर विधानसभा में संभावित हंगामे को लेकर डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस खुद घोटालेबाज है. “यह तो वही बात हो गई, उल्टा चोर कोतवाल को डांटे. मुख्यमंत्री ने कार्रवाई की है. जो दोषी हैं वो जेल जाएंगे.
स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल
डिप्टी सीएम शर्मा ने स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सभी की चिंता है. आपके (मीडिया) माध्यम से ध्यान खींचा जा रहा है, जरूर देखा जाएगा. आने वाले समय में सब ठीक होगा.
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में जुड़ा नया अध्याय : मुख्यमंत्री ने मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 नए वाहनों को दिखाई हरी झंडी
रायपुर। प्रदेश के कोने-कोने तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण हेतु राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा आमजन तक पहुँचाने की दिशा में उठाया गया यह कदम ऐतिहासिक है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास परिसर से मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन वाहनों के माध्यम से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलों में भी लोगों को समय पर प्रभावी उपचार मिल सकेगा। यह 'स्वस्थ छत्तीसगढ़' की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। पुराने, अनुपयोगी हो चुके वाहनों को स्क्रैप कर उनकी जगह अत्याधुनिक नए वाहन शामिल किए गए हैं। यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निरीक्षण और निगरानी को भी गति प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिला और विकासखंड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं मैदानी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे वाहनों से नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य शिविरों की निगरानी, दूरस्थ अंचलों तक त्वरित पहुँच और आपातकालीन परिस्थितियों में समयबद्ध हस्तक्षेप संभव हो सकेगा। इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन अधिक प्रभावी और गतिशील होगा तथा राज्य में स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली और अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी बनेगी। यह पहल प्रदेश के संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र को गति देने का कार्य करेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों को ये वाहन चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 12 जिलों को ये वाहन भेजे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शीघ्र ही प्रदेश में 851 नवीन एंबुलेंस सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें से 375 एंबुलेंस 108 आपातकालीन सेवाओं के लिए, 30 एंबुलेंस ग्रामीण चलित चिकित्सा इकाइयों के लिए तथा 163 ‘मुक्तांजली’ शव वाहन निःशुल्क सेवा के अंतर्गत दी जाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनजातीय समुदायों के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री ‘जन मन योजना’ के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 30 एंबुलेंस की व्यवस्था भी शीघ्र की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वर्षा ऋतु जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी राज्य सरकार घर-घर स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को पूरी तत्परता से पूर्ण कर सकेगी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और इस दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी तथा मैदानी स्वास्थ्य अमले को इस विशेष सौगात के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिकारीगण एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।
विपक्ष के व्यवहार से विधानसभा अध्यक्ष नाराज, बोले, बार-बार आपलोग सदन की परंपराओं को ध्वस्त कर रहे…फिर किया कार्यवाही स्थगित
रायपुर। निलंबन के बावजूद विपक्षी विधायक सदन से बाहर नहीं निकले और गर्भगृह में ही नारेबाजी करते रहे। विपक्ष के इस रुख की वजह से विधानसभा अध्यक्ष ने तीखी नाराजगी जतायी। दरअसल गुरुवार को सदन का प्रश्नकाल काफी हंगामेदार रहा।राज्य में डीएपी (DAP) खाद की कमी पर नाराजगी जताते हुए विपक्ष ने जोरदार नारेबाज़ी शुरू कर दी। विपक्षी विधायकों ने गर्भगृह तक पहुँचकर प्रदर्शन किया और विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशों की भी अवहेलना की।
अध्यक्ष के बार-बार आग्रह के बावजूद विपक्षी विधायक सदन के बाहर नहीं गये। सदन में अमर्यादित व्यवहार पर विधानसभा अध्यक्ष ने नाराज़गी जताते हुए कहा, “प्रतिपक्ष के सदस्य निरंतर असंसदीय व्यवहार कर रहे हैं और सदन की परंपराओं को ध्वस्त कर रहे हैं। यह नुकसान छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक परंपरा का है।”
स्थिति बिगड़ती देख अध्यक्ष ने पहले सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित किया। गर्भगृह में पहुँचकर लगातार विरोध कर रहे विधायकों को निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बावजूद विपक्ष के विधायक गर्भगृह में डटे रहे और नारे लगाते रहे।
सदन की कार्यवाही पुनः शुरू होने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार से सवाल किया कि अब तक खाद वितरण का कितना लक्ष्य तय हुआ और उसमें से कितना निजी क्षेत्र और सहकारी समितियों को आवंटित किया गया है।
इसके जवाब में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा, “अब तक 1 लाख 72 हजार मीट्रिक टन डीएपी की आपूर्ति हो चुकी है। डीएपी की यह समस्या केवल राज्य की नहीं, बल्कि एक वैश्विक समस्या है। सरकार खाद आपूर्ति करने वाली कंपनियों से लगातार संपर्क में है और जल्द ही नई खेप आने वाली है।”
लेकिन मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने एक बार फिर नारेबाज़ी शुरू कर दी, जिससे सदन का माहौल फिर से तनावपूर्ण हो गया।
DAP खाद की किल्लत पर गरमाया छत्तीसगढ़ विधानसभा, गर्भगृह तक पहुंची नारेबाज़ी, विपक्षी विधायक निलंबित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में आज DAP खाद की कमी को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। विधायक उमेश पटेल ने प्रदेश में खाद की भारी कमी का मुद्दा उठाया, जिस पर आदिवासी विकास मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब देते हुए माना कि प्रदेश में DAP खाद की कमी है।
मंत्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति करने वाली कंपनियों से सतत संपर्क में है। जहां-जहां DAP की कमी है, वहां वैकल्पिक उर्वरकों को प्रमोट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उर्वरक आपूर्ति का प्लान राज्य सरकार को मिल चुका है और जल्द ही 14 रैक (कुल 18,885 मीट्रिक टन) उर्वरक आने वाला है, जिसमें NPK और DAP दोनों शामिल होंगे।
विधायक उमेश पटेल ने यह भी सवाल उठाया कि जब भंडारण 50% हुआ, तो उसमें से कितना प्रतिशत किसानों को और कितना निजी वितरकों को दिया गया? इस पर मंत्री नेताम ने स्पष्ट किया कि 60% खाद किसानों को और 40% निजी क्षेत्रों को दिया गया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आगे आने वाली DAP की पूरी खेप प्राथमिकता के आधार पर सहकारी समितियों को उपलब्ध कराई जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे पर सरकार से सवाल किया और जानना चाहा कि लक्ष्य के कितने प्रतिशत हिस्से को निजी और कितना सहकारी क्षेत्रों को वितरित किया गया। मंत्री नेताम ने जवाब देते हुए बताया कि अब तक 1 लाख 72 हजार मीट्रिक टन DAP प्राप्त हुआ है, और यह समस्या सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि वैश्विक स्तर की है।
लेकिन मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायक भड़क उठे और सदन में जोरदार नारेबाज़ी शुरू हो गई। हंगामा इतना बढ़ गया कि विपक्षी विधायक गर्भगृह तक पहुंच गए। इस अनुशासनहीनता पर विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायकों को निलंबित कर दिया। बावजूद इसके विपक्षी विधायक नारेबाज़ी करते रहे और अध्यक्ष के निर्देशों की अनदेखी करते हुए सदन में डटे रहे।
DAP खाद की किल्लत पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी कोशिश की, वहीं सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में होने का दावा किया। भारी शोरगुल और नारेबाज़ी के चलते सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी, लेकिन बाद में दोबारा शुरू की गई।
कुचले गए 14 मवेशियों पर उच्च न्यायालय ने लिया संज्ञान, पूछा-गाय मालिकों के खिलाफ एफआईआर हुई कि नहीं ?
रायपुर/बिलासपुर। रतनपुर रोड पर ग्राम बारीडीह में मंगलवार रात हाइवा से कुचलकर मारे गए 14 मवेशियों को मामले पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है. बुधवार को चीफ जस्टिस ने इस पर स्पेशल डीबी में जनहित याचिका के रूप में सुनवाई की. हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता से पूछा कि, इन घटनाओं पर लगाम कैसे लगेगी, शासन ने जवाब के लिए समय लिया है, अब 30 जुलाई को अगली सुनवाई होगी. अपोलो हास्पिटल जाने वाली रोड पर अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट के स्व संज्ञान में दर्ज हुई जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है.
इससे पहले राजेश चिकारा ने एडवोकेट पलाश तिवारी व संजय रजक ने एडवोकेट सुनील ओट्वानी के माध्यम से एक जनहित याचिका दायर की थी. इसमे कहा गया था कि, मुख्य मार्गों और शहर की आम सड़कों पर पशुओं को खुला छोड़ दिया जाता है इनकी वजह से कई बार दुर्घटना हो जाती है. नेशनल हाइवे पर सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति होती है जहां अंधकार मे सड़कों पर बैठे जानवरों से बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. इनमे लोग मारे भी गये हैं, सरकार का कोई नियन्त्रण ही नही है. इस पर रोकथाम के लिये भी कुछ नही किया गया है. प्रकरण मे पहले सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने सारे नगर निगमों के अफ्सरों को तलब किया था. पूर्व में हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने आवारा मवेशियों की संख्या पूछते हुए यह निर्देश भी दिया था कि शासन मवेशियों को हटाने के लिए चरवाहों का इंतजाम करे और जवाबदार मालिकों पर पेनाल्टी लगाए.
गायों को कुचलने वाले चालक व मवेशी मालिक पर जुर्म दर्ज
बिलासपुर. सड़क पर बैठी गायों को कुचलने वाले वाहन चालक व मवेशी मालिक पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है. पुलिस ने बताया कि रतनपुर थाना अंतर्गत एनएच -45 पर ग्राम बारीडीह के पास अज्ञात वाहन चालक ने लापरवाही पूर्वक तेज रफ्तार से वाहन चालन करते हुए सड़क पर बैठे गौवंश को बुरी तरह कुचल दिया. जिससे 13 गोवंश की मौके पर मौत हो गई तथा 4 गौवंश घायल है जिनका इलाज जारी है. घटना सोमवार देर रात बारीडीह के नजदीक स्थित नंदलाल पेट्रोल पंप के निकट घटित हुई है. इस मामले में थाना रतनपुर में अज्ञात वाहन चालक और मवेशी मालिक पर एफ.आई.आर दर्ज किया गया हैं. भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित ग्रामों के सरपंचों के साथ मिलकर एक कमेटी तैयार कर मवेशियों के गले में रेडियम नेक बेंड लगाया जा रहा हैं. मवेशियों को लावारिस छोड़ने वाले पशु मालिकों के विरुद्ध 291 बीएनएस के तहत एफ.आई.आर दर्ज करने का प्रावधान है. ऐसी स्थिति में अब लापरवाह मवेशी मालिकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किया जाएगा।
जापान में गोल्ड जीतकर लौटी नमी राय पारेख, रायपुर एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
रायपुर। छत्तीसगढ़ की बेटी और पावरलिफ्टिंग की उभरती सितारा नमी राय पारेख ने जापान में आयोजित एशिया पैसिफिक चैंपियनशिप में 57 किग्रा सीनियर कैटेगरी (क्लासिक पावरलिफ्टिंग, डेडलिफ्ट) में गोल्ड मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। बुधवार शाम रायपुर लौटने पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया।
नमी राय पारेख ने गोल्ड मेडल जीतने के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि गोल्ड मेडल लाकर मैं बहुत खुश हूं। यह मेरे छह सालों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। छह महीने पहले मैंने नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था, जिसके बाद मेरा इंटरनेशनल स्तर पर चयन हुआ। अब यहाँ भी गोल्ड मेडल जीतकर मैं गौरवान्वित महसूस कर रही हूं।
उन्होंने आगे कहा कि मेरा गोल्ड मेडल का सिलसिला यहीं रुकने वाला नहीं है। मेरा लक्ष्य है कि मैं भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय खेलों में गोल्ड मेडल जीतकर रिकॉर्ड तोडूं।
नमी ने प्रदेश की बेटियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जो खेल आपको पसंद है, उसमें पूरी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ें। मैं एक बहू होकर गोल्ड मेडल लाई हूं, तो बेटियां तो और भी बेहतर कर सकती हैं।
नमी ने अपने परिवार के समर्थन को अपनी सफलता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि मुझे मेरे परिवार से बहुत सपोर्ट मिला। मैं सभी माता-पिता से अपील करती हूं कि वे अपने बच्चों को सपोर्ट करें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।
छत्तीसगढ़ में DGGI का छापा, आशिकी पान मसाला फैक्ट्री और डिस्ट्रीब्यूटर्स के ठिकानों पर चल रही जांच
रायपुर। छत्तीसगढ़ में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (DGGI) की टीम ने छापा मारा है. रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव जिले में रेड कार्रवाई जारी है. DGGI की टीम आशिकी पान मसाला की निर्माण फैक्ट्री समेत डिस्ट्रीब्यूटर्स के ठिकानों पर जांच कर रही है. करीबन 60 करोड़ की टैक्स चोरी और फर्जी बिलिंग से जुड़ी शिकायतों पर डीजीजीआई की टीम ने छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया है. इस कार्रवाई में बोगस बिल, इलेक्ट्रानिक डिवाइज, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, फैक्स मशीन समेत कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं.
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली से 9 सदस्यीय टीम पहुंची है, जो अलग-अलग ठिकानों पर जांच कर रही है. राजनांदगांव स्थित आशिकी पान मसाला के फ्रेंजाइजी नरेश मोटलानी, छत्तीसगढ़ डिस्ट्रीब्यूटर विश्वनाथ काबरा के ठिकानों पर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (DGGI) की टीम दस्तावेजों को खंगाल रही है.
आशिकी पान मसाला के फ्रेंचाइजी नरेश मोटलानी के राजनंदगांव जिले स्थित निर्माण फैक्ट्री और प्रदेश के डिस्ट्रीब्यूटर विश्वनाथ काबरा के ठिकानों पर दिनभर से छापेमार कार्रवाई जारी है. साथ ही डीजीजीआई की टीम ने दुर्ग और भिलाई में भी आशिकी पान मसाला के अन्य ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया है. जानकारी के मुताबिक, डीजीजीआई की टीम विश्वनाथ काबरा के रायपुर स्थित शहीद स्मारक कॉम्प्लेक्स के दफ्तर और मोवा स्थित कूल होम्स के घर में दबिश दी है.
जानकारी के मुताबिक आशिकी पान मसाला के कारोबार में करीबन 60 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी और फर्जी बिलिंग से जुड़ी शिकायतो पर डीजीजीआई की टीम ने छापेमार कार्रवाई की है. इस पूरी कार्रवाई से कई बड़ी गिरफ्तारियां होने की आशंका जताई जा रही है.
युक्तियुक्तकरण से स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सशक्त — शिक्षकों का कोई भी पद समाप्त नहीं किया गया है
रायपुर। शिक्षा की गुणवत्ता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और नीति-आधारित दृष्टिकोण के साथ संपन्न की गई है। इस प्रक्रिया में शिक्षकों के किसी भी पद को समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और संगठित किया गया है।
राज्य में युक्तियुक्तकरण से पहले की स्थिति अत्यंत असंतुलित थी। प्रदेश में शून्य दर्ज संख्या वाली 211 शालाएं संचालित थीं, जिनमें कुछ में शिक्षक पदस्थ भी थे। इसके अतिरिक्त, 453 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल तथा हायर सेकेण्डरी शालाएं शिक्षक विहीन थीं। साथ ही, 5936 शालाएं एकल शिक्षकीय थीं, जिनमें सभी स्तर की शालाएं सम्मिलित थीं। यह स्थिति निःसंदेह शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही थी।
वहीं दूसरी ओर, कुछ प्राथमिक शालाओं में अनुचित शिक्षक-संख्या की अधिकता देखी गई — 8 प्राथमिक शालाओं में 15 से अधिक शिक्षक, 61 में 10 से 14 शिक्षक, तथा 749 प्राथमिक शालाओं में 6 से 9 शिक्षक कार्यरत थे। पूर्व माध्यमिक स्तर पर भी यही असंतुलन था — 9 शालाओं में 15 या उससे अधिक, 90 में 10 से 14, तथा 1641 पूर्व माध्यमिक शालाओं में 6 से 9 शिक्षक कार्यरत पाए गए।
प्रदेश में कई स्थानों पर एक ही परिसर में प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी शालाएं अलग-अलग प्रशासनिक नियंत्रण में संचालित थीं, जिससे प्रबंधन में भी जटिलताएँ उत्पन्न हो रही थीं। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से कम दर्ज संख्या वाली शालाएं, 01 किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित दूसरी शालाओं के समानांतर संचालित थीं। शहरी क्षेत्रों में यह स्थिति और भी अधिक घनत्व वाली थी — 500 मीटर से कम दूरी पर 30 से कम दर्ज संख्या वाली शालाएं संचालित थीं। इस असमानता को समाप्त करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के उद्देश्यों को धरातल पर लागू करने के लिए युक्तियुक्तकरण आवश्यक था।
प्रथम चरण — विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण
इस प्रक्रिया के पहले चरण में, शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों और निर्देशों के आधार पर विकासखंड स्तर पर युक्तियुक्तकरण योग्य विद्यालयों का चयन किया गया, जिसे जिला स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण एवं अनुशंसा उपरांत शासन को भेजा गया। इसके आधार पर कुल 10538 विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया गया, जिसमें 10372 एक ही परिसर में संचालित विद्यालय, 133 ग्रामीण क्षेत्र की 01 कि.मी. से कम दूरी की शालाएं, तथा 33 शहरी क्षेत्र की 500 मीटर से कम दूरी वाली शालाएं सम्मिलित हैं।
द्वितीय चरण — शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण
शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण हेतु अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन एवं गणना प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के प्रावधानानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई।इन शिक्षकों को काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षक विहीन, एकल शिक्षकीय तथा विषयवार आवश्यकता वाली शालाओं में समायोजित किया गया।
युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप कुल 15165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया जिससे पूर्व में 453 शिक्षक विहीन शालाएं अब पूर्णतः शिक्षक युक्त हो गई हैं।5936 एकल शिक्षकीय शालाओं में से अब केवल 1207 प्राथमिक शालाएं शिक्षक अनुपलब्धता के कारण शेष हैं।
इस प्रक्रिया में कोई भी पद समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि प्रत्येक विद्यालय के लिए आवश्यक शिक्षक संख्या का निर्धारण शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार दर्ज संख्या के अनुपात में किया गया है।
भविष्य में यदि किसी विद्यालय की दर्ज संख्या में वृद्धि होती है, तो वहां शिक्षकों की व्यवस्था स्वीकृत पदों के अनुसार की जाएगी।
अवैध फ्लाई ऐश की अवैध पर डंपिंग पर्यावरण विभाग की कार्रवाई, 6 गाड़ियों पर 4,00,000 का जुर्माना
रायगढ़। एनटीपीसी लारा से निकलने वाली फ्लाई ऐश को अवैध रूप से डंपिंग करने के मामले में पर्यावरण विभाग ने एक शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए ग्राम कलमी से 6 गाडियों को पकड़ा है। ये सभी 6 गाड़ियां भारतमाला प्रोजेक्ट में बन रही सड़क के लिये भेजी जा रही थी और ट्रांसपोर्टरों ने इसे रायपुर की बजाय रायगढ़ के ग्राम कलमी स्थित उस जमीन पर डंपिग करने की तैयारी कर दी थी जो जिंदल उद्योग की जमीन है।
इस संबंध में जिला पर्यावरण अधिकारी अंकुर साहू ने बताया कि जिंदल उद्योग की तरफ से एक शिकायत मिली थी कि उनकी जमीन पर कुछ गाडियों में अवैध रूप से फ्लाई ऐश डालने की तैयारी की गई है और शिकायत के तुरंत बाद 10 बजे के करीब 6 गाडियों को मौके से पकड़ा, जिनके उपर 4 लाख 5 हजार का जुर्माना करते हुए सभी गाड़ियों को वापस एनटीपीसी लारा भेजने के निर्देश दिये गए। पर्यावरण अधिकारी ने बातचीत के दौरान बताया कि एनटीपीसी लारा से निकलने वाला फ्लाई ऐश जहां भेजा जाना था वहां ना जाकर वो रायगढ़ में भी खपाने की तैयारी थी और इसी के लिये नियमानुसार एनटीपीसी पारा पर यह जुर्माना किया गया है।
एक जानकारी के अनुसार एनटीपीसी लारा से निकलने वाले फ्लाई ऐश की डंपिंग मामले में कुछ ट्रांसपोर्टरों के द्वारा भाडा बचाने के लिए गाडियों में लगे जीपीएस सिस्टम को भी एक गाड़ी में डालकर अधिकारियों को अंधेरे में रखने का प्रयास किया था। लेकिन जब शिकायत मिली तब ट्रांसपोर्टरों की यह लापरवाही पकड़ी गई। जिस पर बड़ा जुर्माना एनटीपीसी को भुगतना पड़ रहा है।
पर्यावरण विभाग ने फ्लाई ऐश परिवहन गाड़ियों में सीजी 13 एयू 2301, सीजी 13 बीडी 0909, सीजी 13 एडब्ल्यू 1384, सीजी 13 एव्ही 2302, सीजी 13 एडब्लयू 1386, सीजी 13 एयू 2299 को ग्राम कलमी के पास फ्लाई एश का परिवहन करते हुए पकड़ा है।
स्कूल बैग हल्का करने शिक्षा विभाग का सख्त आदेश जारी
रायपुर। स्कूली बच्चों की सेहत को लेकर अब शिक्षा विभाग गंभीर हो गया है। इस सबंध में आदेश जारी किया गया है। आदेश में साफ कहा गया है कि बैग का वजन बच्चों की उम्र और क्षमता से अधिक नहीं होना चाहिए। धरसींवा विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों के भारी बस्ते को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक स्कूलों को तत्काल प्रभाव से टाइम टेबल में बदलाव कर केवल चार प्रमुख विषयों की किताबें ही मंगाने को कहा गया है।
बस्ते के बोझ से स्वास्थ्य पर असर
जारी आदेश में कहा गया है कि अत्यधिक बस्ते का बोझ विद्यार्थियों के शारीरिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल रहा है। बच्चों की रीढ़ और कंधों में दर्द, थकावट और तनाव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
अब स्कूलों में लागू होंगे ये बदलाव:
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प्रति दिन सिर्फ 4 विषयों की किताबें लानी होंगी, अभ्यास पुस्तिकाएं वर्जित रहेंगी। यदि किसी कक्षा में चार से अधिक विषय पढ़ाए जाते हैं, तो अतिरिक्त किताबें स्कूल में ही रखने की व्यवस्था करनी होगी।
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पानी की बोतल 500 एमएल से अधिक नहीं होनी चाहिए।
स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि साफ पीने का पानी हर समय उपलब्ध रहे ताकि बच्चे बोतल रिफिल कर सकें और भारी बोतल ना लाएं। -
निरीक्षण दलों का गठन किया गया है जो समय-समय पर स्कूलों में पहुंचकर बैग की मॉनिटरिंग करेंगे और रिपोर्ट उच्च कार्यालय को भेजेंगे।
शिक्षा विभाग का स्पष्ट संदेश – अब बच्चों की पीठ पर नहीं लादे जाएंगे अनावश्यक भार
शिक्षा विभाग ने सभी प्राचार्यों से अपील की है कि वे इस दिशा-निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य की भी सुरक्षा मिल सके। इस निर्णय से अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है, क्योंकि बच्चों की रोजाना की जद्दोजहद और बढ़ते कंधे के बोझ को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती रही हैं।

मोदी की गारंटी लागू करो: 11 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन
रायपुर। “मोदी की गारंटी” को लागू कराने और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आवाहन पर आज प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन देखने को मिला। राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन के सामने कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इसी तरह राज्य के सभी जिला, विकासखंड और तहसील मुख्यालयों में रैली और प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रमुख मांगें क्या हैं?
फेडरेशन की प्रमुख मांगों में केंद्र के समान महंगाई भत्ता (DA/DR), लंबित DA एरियर को GPF/CPF खाते में समायोजित करना, निस्वार्थ अनुकंपा नियुक्ति, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण, भवनभाटा की पुनर्संरचना, स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता और वेतन विसंगति दूर करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
गारंटी अगर दी है तो निभानी भी होगी
प्रदर्शन में जुटे कर्मचारियों का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्मचारियों को सुविधाएं और समानता की गारंटी दी है, लेकिन राज्य सरकार इन्हें लागू करने में विलंब कर रही है।“यदि केंद्र के कर्मचारियों को DA और सुविधाएं मिल रही हैं, तो राज्य के कर्मचारियों के साथ भेदभाव क्यों?” – यही सवाल प्रदर्शनकारियों के नारों में गूंजता रहा।
टोकन स्ट्राइक की चेतावनी
फेडरेशन ने साफ किया है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो 22 अगस्त को प्रदेशभर के कर्मचारी अधिकारी टोकन स्ट्राइक करेंगे। इसके बाद चरणबद्ध आंदोलन की भी चेतावनी दी गई है।
बच्चों को सक्षम बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद प्रतिबद्ध: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के अध्यक्ष एवं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में बुधवार को परिषद की कार्यकारिणी समिति की बैठक सप्रे शाला स्थित सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में बाल अधिकारों की सुरक्षा, दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास और संसाधनों के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में श्री अग्रवाल ने कहा कि परिषद द्वारा संचालित स्पीच थेरेपी सेंटर में राज्य के कोने कोने से माता पिता अपने बच्चों के इलाज के लिए आते है इसको मध्य भारत का सबसे बड़ा और श्रेष्ठ केंद्र बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने इसके लिए 1 करोड़ रुपये की राशि जुटाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए समाज के दानदाताओं, कॉरपोरेट्स और उद्योगपतियों से CSR मद से सहयोग की अपील की।







