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घरेलू बिजली दर में बढोत्तरी: बिजली उपभोक्ताओं को लगा झटका, जानिये घरेलू, व्यवसायिक और कृषि कनेक्शन की दरों की कितनी बढ़ी कीमत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के आम उपभोक्ताओं को बिजली के मोर्चे पर झटका लगा है। छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नई विद्युत दरों की घोषणा की। आयोग के अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने बताया कि घरेलू, गैर-घरेलू और कृषि वर्ग के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई है।
इस निर्णय के तहत अब घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 10 से 20 पैसे अधिक चुकाने होंगे। वहीं, व्यवसायिक यानी गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए औसतन 25 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
सबसे ज्यादा असर कृषि पंपों पर पड़ा है, जिनकी दरों में सीधे 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि राज्य के लाखों किसानों को प्रभावित कर सकती है, जो पहले से ही खेती की लागत को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। दरअसल छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी ने दिया था 4947.41 करोड़ राजस्व घाटा का ब्यौरा दिया था। नियामक आयोग ने राजस्व घाटे को 523.43 करोड़ मान्य किया।
प्रमुख दर वृद्धि इस प्रकार है:
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घरेलू उपभोक्ता: 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि
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गैर-घरेलू उपभोक्ता (व्यवसायिक): औसतन 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि
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कृषि पंप: 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि
हेमंत वर्मा ने कहा कि दरों में यह संशोधन ऊर्जा कंपनियों की लागत, मेंटेनेंस खर्च और फिक्स्ड चार्ज के आकलन के आधार पर किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
हालांकि, आयोग का तर्क है कि यह वृद्धि न्यूनतम है और अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में अब भी बिजली की दरें कम हैं। बावजूद इसके आम जनता और किसान वर्ग में इस फैसले को लेकर असंतोष देखा जा रहा है।




मंत्रालय में विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक शुरू, इन मुद्दों पर होगी चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू हो गई है. विधानसभा के मानसून सत्र से पहले हो रही यह बैठक काफी महत्वपूर्ण है. इस बैठक में कई मुद्दों पर मुहर लग सकती है. साथ ही मानसून सत्र में पेश होने वाले नए विधेयकों को लेकर चर्चा की जा सकती है. यह बैठक मंत्रालय (महानदी भवन) में हो रही है.
मंत्री का काफिला रोकना पड़ा महंगा, 15 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों पर FIR, खराब सड़क को लेकर चल रहा था प्रदर्शन
बिलासपुर। मंत्री का काफिला रोकना प्रदर्शनकारियों को महंगा पड़ गया। पुलिस ने केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के काफिले को रोकने के मामले में 15 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामला बिलासपुर जिले के तखतपुर में सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। भारी बारिश के बीच जगह-जगह जलभराव और टूटी सड़कों ने जनजीवन को परेशान कर रखा है। इसी बीच केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के काफिले को युवाओं के एक समूह ने मनियारी नदी के पुल पर रोक दिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
घटना तब हुई जब मंत्री साहू एक स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेकर मुंगेली लौट रहे थे। जैसे ही उनका काफिला मनियारी नदी पुल के पास पहुंचा, प्रदर्शनकारियों ने सड़क की हालत को लेकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और मंत्री के काफिले को बीच सड़क पर रोक दिया।
प्रदर्शनकारियों ने ‘खराब सड़क नहीं चलेगी’ और ‘नेताओं की लापरवाही बंद करो’ जैसे नारे लगाए। बीच सड़क पर धरने पर प्रदर्शनकारी युवा बैठ गये, जिससे मंत्री का काफिला करीब 20 मिनट तक रुका रहा। प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन प्रदर्शनकारी अड़े रहे। जिसके बाद आखिरकार, मंत्री को वैकल्पिक रास्ते से रवाना होना पड़ा।
घटना के बाद तखतपुर थाना पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 15 से अधिक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। नए आपराधिक संहिता BNS की धारा 191(2) और 126(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं के तहत सार्वजनिक मार्ग बाधित करने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। प्रदेश में पिछले चार दिनों से मूसलधार बारिश हो रही है, जिससे नदियां-नाले उफान पर हैं और कई जगहों पर सड़कें कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। यही कारण है कि अब सड़क पर उतरकर विरोध जताना पड़ा।
राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला, 121 पटवारी हुए इधर से उधर, देखें लिस्ट
बस्तर। जिले के राजस्व महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. कलेक्टर हरीश एस ने जिले की सभी 10 तहसीलों में लंबे समय से पदस्थ पटवारियों का तबादला कर दिया है. लिस्ट में 121 पटवारियों को इधर से उधर किया गया है. जारी आदेश में शामिल पटवारी 3 से 5 साल से एक ही जगह पदस्थ थे. अब ये सभी पटवारी नए सिरे से अपने कार्य क्षेत्र में पदभार संभालेंगे.
देखें लिस्ट





मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को श्रावण मास शुभारंभ पर दी शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव की आराधना के पवित्र श्रावण मास के 11 जुलाई से शुभारंभ के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। उन्होंने सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण मास शिवभक्तों के लिए अत्यंत महत्व का समय होता है। इस मास में श्रद्धालु विशेष रूप से सोमवार का व्रत रखते हैं और गहन भक्ति भाव से भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करते हैं। सावन के दौरान शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु कांवर यात्रा पर निकलते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कामना की कि भगवान शिव की कृपा सभी पर बनी रहे तथा यह पावन मास प्रदेशवासियों के जीवन में नई ऊर्जा और शांति का संचार करे।
सरकारी गाड़ी के बोनट पर केक काटने का मामला : हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, मुख्य सचिव ने पेश किया शपथ पत्र
बिलासपुर। बलरामपुर जिले में पदस्थ डीएसपी की पत्नी द्वारा सरकारी गाड़ी में अपना बर्थ डे मनाने को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में मुख्य सचिव की ओर से गुरुवार को शपथ पत्र पेश किया गया, जिसमें बताया कि एफआईआर के बाद चालान प्रस्तुत किया गया है। दोषी महिला पर जुर्माना लगाया गया है। डिवीजन बेंच ने अगली सुनवाई अगस्त में निर्धारित की है।
बता दें कि डीएसपी की पत्नी ने नीली बत्ती लगी कार के बोनट पर चढ़कर केक काटा था और चलती गाड़ी में स्टंट किया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। कार के बोनट पर बैठी दिख रही महिला की पहचान बलरामपुर-रामानुजगंज की 12वीं बटालियन के डीएसपी तस्लीम आरिफ की पत्नी के रूप में हुई। सफेद रंग की महिंद्रा एक्सयूवी 700 कार सीनियर सरकारी अफसरों के लिए आरक्षित है, इसी के चलते उस पर नीली बत्ती लगी थी।
डीएसपी की पत्नी सरकारी कार के बोनट पर केक काट रही थी, जबकि अन्य महिलाएं दरवाजों से लटक रही थीं और सनरूफ से बाहर निकल रही थीं। मामले में पुलिस ने अपनी जांच के बाद रिपोर्ट में बताया था कि ड्राइवर ने कार के दरवाजे, सन-रूफ और डिक्की को खोलकर लोगों को बाहर निकालकर लापरवाह तरीके से गाड़ी चलाई। इसके बाद ड्राइवर पर जुर्म दर्ज किया गया। कोर्ट ने ऐसे मामलों को गंभीर मानते हुए मुख्य सचिव को कार्रवाई की जानकारी देने के निर्देश दिए थे। शासन ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई पूरी की गई है।
ज्ञात हो कि इसी साल जनवरी में रायपुर के एक मॉल संचालक द्वारा अपने बेटे का जन्मदिन बीच चौराहे पर केक काटकर मनाने पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया था। कोर्ट ने राजमार्गों, सड़कों, गलियों में जन्मदिन समारोह और उपद्रव रोकने के लिए की जा रही कार्रवाई की जानकारी देने के निर्देश शासन को दिए थे।
कोलकाता में चल रहे ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में 'छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड' ने दर्ज कराई शानदार उपस्थिति
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों में आज एक महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ी है। कोलकाता में चल रहे ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने अपनी विशिष्ट और समृद्ध विरासत के साथ शानदार उपस्थिति दर्ज करायी। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कोलकाता के टूर ऑपरेटर एवं ट्रेव्हल्स एजेंट को छत्तीसगढ़ के टूर पैकेज के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ मंच साझा किया।




इस अवसर पर अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ जैसे समृद्ध राज्य को भारत के इस प्रमुख पर्यटन मंच पर प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। हमारा राज्य प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है। छत्तीसगढ़ को आज भी ‘अनदेखा भारत‘ कहा जाता है और यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे चित्रकोट जलप्रपात, कांगेर घाटी, सिरपुर, बस्तर का धुड़मारास के साथ-साथ भोरमदेव, डोंगरगढ़, दंतेवाड़ा आदि धार्मिक स्थलों का उल्लेख किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स से आग्रह किया कि वे अपने पर्यटन पैकेज में छत्तीसगढ़ को भी शामिल करें।
उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को अब उद्योग का दर्जा प्राप्त है और पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे, रिसॉर्ट्स, ट्राइबल और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। हमारा उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सतत विकास को भी मजबूत करना है। श्री शर्मा ने यह भी बताया कि कोलकाता में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का स्थायी सूचना केंद्र स्थापित किया गया है, जिससे कोलकाता के टूर ऑपरेटर्स और पर्यटकों को सीधी और सुविधा-सम्पन्न सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। इस मौके पर कोलकाता के 50 टूर ऑपरेटर एवं ट्रेव्हल्स एजेंट पंजीकृत हुए।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने उपस्थित अतिथियों, टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटर के समक्ष प्रेजेंटेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सुंदरता,संस्कृति एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा टूरिज्म को लेकर लिए गए निर्णय से भी अवगत कराया।
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने मीडिया से चर्चा में बताया कि भारत को समझने के लिए छत्तीसगढ़ को जानना जरूरी है। मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि छत्तीसगढ़ आइए, इसे महसूस कीजिए और भारत की आत्मा से मिलिए।
इस अवसर पर सिक्किम विधानसभा की उपाध्यक्ष राजकुमारी थापा, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, थाईलैंड की महावाणिज्यदूत श्रीपोन तांतिपन्याथेप के साथ ही वेस्ट बंगाल टूर ऑपरेटर एवम ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन कोलकाता के लगभग 500 से भी अधिक सदस्य उपस्थित थे।
IFS अधिकारी अरुण प्रसाद का इस्तीफा मंजूर
रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ IFS अधिकारी अरुण प्रसाद पी ने आखिरकार भारतीय वन सेवा से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। भारत सरकार ने उनके इस्तीफे को मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव के रूप में उनका कार्यकाल आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है।
प्रशासनिक सेवा से अचानक विदाई
अरुण प्रसाद ने बीते महीने अपना इस्तीफा राज्य सरकार को सौंपा था, जिसमें उन्होंने “व्यक्तिगत कारणों” का हवाला दिया था। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक यह फैसला अचानक नहीं, बल्कि लंबे समय से विचाराधीन था। उनका इस्तीफा अब औपचारिक रूप से स्वीकृत हो चुका है, जिससे प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है।
तमिलनाडु से छत्तीसगढ़ तक की प्रशासनिक यात्रा
2006 बैच के IFS अधिकारी अरुण प्रसाद, मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं, लेकिन उन्होंने छत्तीसगढ़ में पर्यावरण और औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में कई अहम भूमिकाएं निभाईं। वे:
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CSIDC (छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) के प्रबंध संचालक रहे
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मंडी बोर्ड के एमडी की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाली
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दंतेवाड़ा और राजनांदगांव जैसे संवेदनशील जिलों में DFO (वनमंडलाधिकारी) रहे
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और हाल तक वे राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव के रूप में कार्यरत थे
उनकी कार्यशैली को व्यावसायिक दक्षता और पर्यावरणीय समझ के बेहतरीन संतुलन के रूप में देखा जाता रहा है।
इस्तीफे के पीछे क्या है कहानी?
भले ही उनके इस्तीफे की वजह को “व्यक्तिगत कारण” बताया गया है, लेकिन अधिकारी स्तर पर कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। कुछ इसे संभावित केंद्रीय पदस्थापना से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे प्राइवेट सेक्टर या अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में नई भूमिका के संकेत के रूप में देख रहे हैं।

सभी जिलों में अब ई-ऑफिस से होगा कामकाज, GAD ने जारी किया आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब जिला स्तर तक ई-ऑफिस के तहत कामकाज होगा. मंत्रालय के सभी विभागों में पहले से ई-ऑफिस से कामकाज हो रहा है. सामान्य प्रशासन विभाग ने अब सभी जिलाें के कलेक्टरों को डिजिटल पत्राचार का अनिवार्य रूप से पालन करने का निर्देश जारी किया है.
आदेश में कहा गया है कि जिला स्तर के सभी प्रस्तावों जिसमें विभागाध्यक्ष या शासन स्तर से अनुमोदन की आवश्यकता होती है, ऐसी सभी प्रस्तावों को ई-ऑफिस के FILE के माध्यम से प्रेषित करें. जिला स्तरीय कार्यालय से विभागाध्यक्ष या शासन स्तर के लिए पत्राचार ई-ऑफिस के RECEIPT के माध्यम से करें. केवल अर्द्धशासकीय पत्र अथवा ऐसे वैधानिक दस्तावेज जिसमें मूलप्रति की आवश्यकता हो, हार्डकॉपी के रूप में भेजा जाए.
आगे कहा गया है कि ई-ऑफिस के ‘लेटर सेक्शन’ में फारवर्ड ऑप्शन नहीं है, अतः यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पत्र ई-ऑफिस में Dispatch कर LETTER सेक्शन के माध्यम से न भेजा जाए. शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए डिजिटल पत्राचार करने अपने अधीनस्थ अधिकारी/कर्मचारियों को निर्देशित करने का कष्ट करें.

फिर से महिला स्व-सहायता समूहों को मिला रेडी टू ईट निर्माण का कार्य: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने के निर्णय पर अमल की पहल की शुरुआत आज रायगढ़ जिले से की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण के लिए अनुबंध पत्र सौंपे। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविंद्र गबेल, महापौर जीवर्धन चौहान एवं जिला पंचायत सदस्य सुषमा खलखो उपस्थित थीं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण एवं वितरण का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। यह कार्य प्रारंभिक चरण में 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जाएगा। रायगढ़ इस पहल का पहला जिला बना है, जहाँ 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र वितरित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सार्थक पहल है। साथ ही, बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि विगत डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश कार्यों को धरातल पर उतारा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की वृद्धि तथा चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत जैसे कार्य इसके सशक्त उदाहरण हैं। साथ ही, रामलला दर्शन योजना एवं तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ भी दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब तक प्रदेश की 1,460 पंचायतों में ऐसे सेवा केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों माताएं और बहनें सरल, सुरक्षित और सुलभ बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। आने वाले समय में शेष पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सतत कार्य कर रही है। पूरे देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसके अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसी दिशा में रेडी टू ईट योजना प्रारंभ की जा रही है, जिसके प्रथम चरण में 6 जिलों को शामिल किया गया है। रायगढ़ ऐसा पहला जिला है जहाँ महिला समूहों को अनुबंध पत्र सौंपे गए हैं। वित्त मंत्री ने अनुबंध प्राप्त सभी महिला समूहों से गुणवत्ता युक्त कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि वे इस योजना को एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत करें। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि राज्य के पोषण अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी।
उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में रेडी टू ईट कार्य हेतु 10 महिला समूहों का चयन किया गया है, जिन्हें अनुबंध पत्र प्रदान किए गए हैं। इन समूहों को रेडी टू ईट यूनिट की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत उद्योग विभाग द्वारा पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। रायगढ़ जिले की रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू परियोजनाओं के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट वितरण हेतु महिला समूहों का चयन किया गया है।
रिश्वतखोर पटवारी धराया! सीमांकन के बदले मांगे थे 15 हजार, एसीबी ने रंगे हाथों दबोचा
रायपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक भ्रष्ट पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बुधवार को गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें पटवारी महेन्द्र कुजूर को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। मामला बलरामपुर के शंकरगढ़ क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, शंकरगढ़ निवासी राजेश यादव ने एसीबी को शिकायत की थी कि सीमांकन कार्य कराने के एवज में पटवारी महेन्द्र कुजूर उससे 15 हजार रुपये की मांग कर रहा है। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही पटवारी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
एसीबी की यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम जनता में भी न्याय और पारदर्शिता की उम्मीद को मजबूत करती है। आरोपी पटवारी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बारिश में बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य का अनुपम नजारा, सैलानियों के लिए मानसून ट्रैकिंग का विशेष आयोजन
रायपुर। मानसून आते ही छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिले का प्राकृतिक नजारा देखते ही बनता है। यहां प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आती है। हरियाली, झरने और जंगलों का माहौल दिल को खुश कर देता है। इस मौसम में आप परिवार और दोस्तों के साथ बाहर घूमने-फिरने के साथ बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकते हैं।
बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा मानसून ट्रैक की थीम पर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके लिए मानसून के मौसम में प्राकृतिक सौंदर्य वाले स्थानों पर ट्रैकिंग का आयोजन किया जा रहा है। मानसून ट्रैक प्लान के तहत जिले के झरनों और जंगल-पहाड़ों जैसे दर्शनीय स्थल जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं वहां प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों के माध्यम से भ्रमण करवाया जाएगा।
अगर आप वीकेंड पर कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो बस्तर जिले के प्राकृतिक जलप्रपात चित्रकोट, तीरथगढ़, चित्रधारा, मेंदरीघूमर, तामड़ाघूमर, बीजाकसा, मिचनार ये जगहें न सिर्फ प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर हैं, बल्कि यहां मानसून ट्रैक और फोटोग्राफी के लिए भी बेहतरीन माहौल है।





बस्तर जिले में पर्यटकों को आने के लिए विशाखापट्टनम से प्रतिदिन रेल सेवा संचालित है। साथ ही विमान सेवा के तहत हैदराबाद से प्रतिदिन, दिल्ली से सप्ताह में दो दिन की विमान सेवा उपलब्ध है। इसके अलावा जगदलपुर सड़क मार्ग से रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर सहित हैदराबाद, विशाखापट्टनम से नियमित बस की सुविधा भी है। प्रशासन द्वारा मानसून ट्रैक कार्यक्रम को अन एक्सप्लोर्ड बस्तर के साथ मिलकर किया जा रहा है। मानसून ट्रैक के संबंध में जानकारी के लिए प्रशासन ने 9109188567 और 8962991988 संपर्क नंबर जारी किया है ।
मानसून ट्रैक में चिन्हाकित स्थलों के तहत चित्रकोट सर्किट में ट्रैकिंग के लिए चित्रकोट दंडामी रिसॉर्ट से प्रारंभ कर करबहार (मिनी गोआ) 2 किलोमीटर की दूरी में बोटिंग, वाटरफाल, शिवलिंग का दर्शन, जलप्रपात का ऊपर से नजारा दिखाया जाएगा। साथ ही मेंदरी घुमर से इंद्रावती नदी तक 3 किलोमीटर के ट्रैक में रिवर क्रासिंग जंगली इलाके में, मेंदरीघुमर से तामड़ाघुमर तक (7 किमी) में 150 फिट डाउनवर्डस ट्रैक , क्रोकोडाइल साइटिंग, सेंडबिच, बर्ड वाचिंग, प्राकृतिक स्वीमिंग एरिया, तीरथा से बीजाकसा (2.5 किमी) तक की ट्रैकिंग बोटिंग कैम्प, बोनफायर, ट्रायबल फूड, तीरथा गांव का भ्रमण सहित स्थनीय स्तर की पौराणिक कहानी की जानकारी दी जाएगी। बीजाकसा से मेंदरी तक (8 किमी) में वाटरफॉल , वैली व्यू, जंगली जानवर और पंक्षियों की साइटिंग का आनंद लिया जा सकेगा। इसके अलावा मिचनार हिल्स क्षेत्र में ट्रैकिंग भी करवाया जाएगा।
बस्तर जिले में स्थित कांगेर वैली नेशनल पार्क के अधीन आने वाले टोपर वाटरफॉल का ट्रैकिंग, मड़वा वाटरफॉल का ट्रैकिंग, शिवगंगा ट्रैकिंग में जंगल एरिया के बीच जलप्रपात, झरना जंगली जानवर बर्ड वाचिंग करवाया जाएगा। कैलाश गुफा, कैलाश झील, गुड़िया पदर में गांव से जलप्रपात तक (4 किमी) तक ट्रैकिंग करवाई जाएगी। तीरथगढ़ वॉटरफॉल से रानीदरहा वाटरफॉल(3 किमी) तक में जंगल एरिया वाईल्ड लाइफ, बर्ड वाचिंग, मालकेव ट्रैक में मादरकोंटा से तीरथगढ़ (8 किमी) तक जंगलों के बीच ट्रैकिंग करवाई जाएगी। इसके अलावा जिले के माचकोट इलाके में स्थित झील और झरनों के नाम से प्रसिद्ध तिरिया में और माचकोट के जंगलों में भ्रमण करवाने की कार्य योजना बनाई गई है।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी, 13 जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट
रायपुर। भारतीय मौसम विभाग (IMD) रायपुर केंद्र ने छत्तीसगढ़ के 13 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। चेतावनी के अनुसार, अगले 24 घंटे में इन जिलों के कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। यह अलर्ट 10 जुलाई को दोपहर 1:38 बजे प्रभाव में आया है, जो 11 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक प्रभावी रहेगा।
IMD के मुताबिक, बलौदाबाज़ार, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, कोरबा, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती और सरगुजा-बिलाईगढ़ जैसे ज़िलों में अगले 24 घंटों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 जुलाई से, मुख्यमंत्री साय ने कहा- पूरी तरह से तैयार है सरकार
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 जुलाई से शुरू होने जा रहा है. सत्र के दौरान विपक्ष के हमलों का सामना करने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है. यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कही.
बता दें कि हर साल की तरह इस बार भी रायगढ़ में गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय शामिल होंगे. आयोजन के लिए रवाना होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा में सभी को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रायगढ़ ने सांसद बनाया था, यही वजह है कि हर साल गुरु पूर्णिमा पर जाते हैं. गुरु पूर्णिमा के साथ मुख्यमंत्री रेडी टू ईट के तहत अनुबंध पत्र वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने गुरु पीठ आश्रम के उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने आश्रम में अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी के प्रिय शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी के दर्शन भी किए और मार्गदर्शन प्राप्त किया । इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, लोक सभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह , विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में निलंबन की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 22 अफसरों को किया गया सस्पेंड, देखिये आदेश
रायपुर। 22 अधिकारियों को एक साथ राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। शराब घोटाले में चालान प्रस्तुत होने के बाद राज्य सरकार ने ये कार्रवाई की है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2174 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 22 वाणिज्य कर एवं आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। आबकारी विभाग द्वारा सोमवार, 7 जुलाई को यह सख्त आदेश जारी किया गया।
यह कदम उस समय उठाया गया जब आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने इसी दिन 29 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ विशेष न्यायालय में करीब 2300 पन्नों का विस्तृत चालान पेश किया। कोर्ट ने इस चालान को स्वीकार कर लिया है, जिससे जांच की दिशा और भी गंभीर हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले में सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से शराब कारोबार में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गई थीं। भारी भरकम कमीशन, फर्जी बिलिंग और बेनामी लेन-देन के जरिए राज्य को हजारों करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया।
राज्य सरकार की इस कड़ी कार्रवाई से साफ हो गया है कि शराब घोटाले में संलिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। निलंबन के बाद इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।



