प्रदेश
उफान पर शिवनाथ नदी, SDRF की टीम ने बाढ़ में फंसे 32 लोगों बाहर निकाला, रिहायसी इलाकों में घुसा पानी
दुर्ग। जिले में लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश की वजह से शिवनाथ नदी उफान पर है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बनते जा रहे हैं। नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
प्रशासन ने SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम को प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिया है। विशेष रूप से नदी किनारे बसे ईंट भट्ठों में काम करने वाले मजदूरों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।
दुर्ग शहर के शंकर नगर, बोरसी, मीनाक्षी नगर, गया नगर, मालवीय नगर चौक, जल परिसर, पद्मनाभपुर सहित कई वार्डों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है जिससे यातायात और जनजीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
एसडीआरएफ की बहादुरी: नदी में फंसे 32 लोगों को सुरक्षित निकाला
बाढ़ की सबसे गंभीर घटना अंजोरी चौकी क्षेत्र के ग्राम थनौद में सामने आई, जहां भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण का कार्य जारी था। अचानक नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई, और काम कर रहे मजदूर, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, वहां फंस गए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए एसडीआरएफ की टीम को मौके पर भेजा। टीम ने साहस और सूझबूझ के साथ राहत एवं बचाव कार्य अंजाम दिया और 32 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
एसडीआरएफ दुर्ग के जिला सेनानी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
CMO को कारण बताओ नोटिस, वित्तीय अनियमितता के मामले में हुआ एक्शन, एक सप्ताह में देना होगा जवाब
खैरागढ़/रायपुर। नगर पालिका खैरागढ़ के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) नरेश वर्मा को राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) छत्तीसगढ़ द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस कबीरधाम जिले में पदस्थापना के दौरान मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना (CMSSY) के क्रियान्वयन में वित्तीय अनियमितताओं और पारदर्शिता के अभाव के चलते दिया गया है।
क्या है मामला?
नरेश वर्मा जब कबीरधाम नगर पालिका परिषद में मुख्य नगरपालिका अधिकारी के पद पर कार्यरत थे, तब उन्होंने मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों, दवाओं की आपूर्ति, चिकित्सकीय सेवा और भुगतान व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरती।
राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में सामने आया कि योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया, वित्तीय रिकॉर्ड अधूरे या गड़बड़ पाए गए, और भुगतान की प्रक्रिया में तय मानकों का उल्लंघन हुआ।
नोटिस की प्रमुख बातें:
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कारण बताओ नोटिस राज्य शहरी विकास अभिकरण, SUDA रायपुर से जारी हुआ है।
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इसमें कहा गया है कि वर्मा को अपने कार्यकाल के दौरान हुए सभी लेन-देन और प्रक्रियाओं का स्पष्टीकरण एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करना होगा।
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यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
आगे की कार्रवाई क्या हो सकती है?
अगर CMO नरेश वर्मा का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ विभागीय जांच, निलंबन या अन्य प्रशासनिक दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। यह मामला राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत गंभीरता से लिया जा रहा है।
शासन का रुख
राज्य सरकार द्वारा लगातार विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभागीय निरीक्षण और ऑडिट कराए जा रहे हैं। CMSSY जैसी जनहितकारी योजनाओं में अनियमितता को लेकर सरकार सख्त रुख अपना रही है।
क्या है मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना?
यह योजना शहरी स्लम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को निःशुल्क प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जाती है। इसमें मोबाइल मेडिकल यूनिट, डॉक्टर, नर्स, दवाएं और लैब टेस्ट जैसी सुविधाएं शामिल होती हैं। योजना का संचालन नगर पालिकाओं के माध्यम से होता है।

बारिश की वजह से स्कूलों में दो दिन की छुट्टी का ऐलान, आंगनबाड़ी भी बंद, जारी हुआ आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भर गया है। भारी बारिश के चलते कुछ रिहायशी इलाकों में भी पानी घुस गया है, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस आपात स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी है। धमतरी जिले में सभी शासकीय आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही जिले के सभी शासकीय स्कूलों में भी एक दिवसीय अवकाश की घोषणा की गई है। यह आदेश कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने जारी किया।
वहीं दूसरी ओर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में बारिश की स्थिति और गंभीर बताई जा रही है। यहां कलेक्टर ने दो दिवसीय अवकाश घोषित किया है। 9 और 10 जुलाई को जिले के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूल तथा आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।
राज्य सरकार और प्रशासनिक अमला हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है। राहत और बचाव दलों को अलर्ट मोड में रखा गया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है, ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक घर से बाहर न निकलें और सतर्कता बरतें।

बुद्ध प्रतिमा की स्थापना से मैनपाट बनेगा शांति और समावेशी संस्कृति की नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बौद्ध परंपरा की जड़ें अत्यंत गहरी हैं और भगवान बुद्ध के प्रेम, शांति एवं करुणा के संदेश को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार विकास के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित होटल ग्राउंड परिसर में नवस्थापित भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में इस पावन अवसर पर आमंत्रण के लिए तिब्बती समुदाय के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई ऐसे स्थल हैं, जहां भगवान बुद्ध की उपासना की जाती है। सिरपुर में बौद्ध, जैन और सनातन परंपराएं एक साथ देखने को मिलती हैं, जो राज्य की समावेशी संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने दलाई लामा जी के 90वें जन्मदिवस का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन भगवान बुद्ध की करुणा, प्रेम और शांति के सिद्धांतों का सजीव प्रतीक है। आज की दुनिया के लिए उनका संदेश नई आशा और सकारात्मकता का स्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विश्व भर के नेताओं ने दलाई लामा जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं, जो यह दर्शाता है कि भगवान बुद्ध के विचारों का वैश्विक जीवन पर कितना गहरा प्रभाव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैनपाट प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से भरपूर स्थल है, जो पर्यटकों को रोमांचित करता है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, और राज्य सरकार इसके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नवीन औद्योगिक नीति में पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी गई है, और मैनपाट जैसे क्षेत्रों में होम स्टे सुविधा शुरू करने वालों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तिब्बती सहकारी समिति की मांग पर मैनपाट स्थित सैला रिसॉर्ट से बौद्ध मंदिर तक सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तथा प्राचीन बौद्ध मंदिर में शेड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर पौधरोपण किया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम में पारंपरिक तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुसार मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिससे वातावरण उल्लासमय हो गया।
कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, कलेक्टर विलास भोसकर, सेटलमेंट अधिकारी स्वांग यांग्सो, तिब्बती सहकारी समिति के अध्यक्ष तामदिंग सेरिंग, मठ प्रमुख लामा दुब्जे, लामा जिनपा सहित तिब्बती समुदाय के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री शिवराज ने पढ़ाया सांसद-विधायकों को एकात्म मानववाद का पाठ
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट में आयोजित भाजपा प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने सांसद-विधायकों को एकात्म मानववाद का पाठ पढ़ाया. उन्होंने बताया कि कैसे आपके आचरण में सदव्यवहार और शिष्टाचार होना चाहिए, जो लोक व्यवहार के लिए सबसे जरूरी है. आपका सदआचार एक जनप्रतिनिधि को लोगों के बीच सहज और सरल स्वभाव के साथ रहना चाहिए. उन्हें इस बात का पूरा ख्याल रखना चाहिए कि वह जो कुछ भी है, वह सिर्फ आम जनता की वजह से है, आम जनता के बीच ये संदेश कतई नहीं जाना चाहिए कि उनके चुने हुए जनप्रतिनिधि चुनाव जीतने के बाद बदल गए हैं. आपका व्यवहार ही आपको लोगों के बीच में लोकप्रिय बनाता है.

कोई भी इंसान पद पैसे और ताकत से बड़ा नहीं हो सकता है. उसका बड़ा होना उसकी सहजता में ही शामिल है. आम जनता को ये बिल्कुल नहीं लगना चाहिए की उन्होंने बिन जाने अपने प्रतिनिधि का चुनाव कर दिया. जिसे उन्होंने चुना वह तो चुनाव जीतने के बाद अपने क्षेत्र और क्षेत्र की जनता को भूल गया. आपका यह कर्तव्य होना चाहिए कि आपके लिए सबसे जरूरी वही लोग हैं. जिन्होंने आप पर भरोसा जताया है. जिन्होंने आपको बड़ी उम्मीद के साथ विधायक सांसद बनाया है. आपका यह दायित्व है कि आप उनकी उम्मीदों पर खरा उतरे. गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदतके लिए हमेशा उपलब्ध रहे, तत्पर रहे, सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का जो मूल मंत्र है, वही एकात्मवाद है. हर एक जनता के साथ आपका पारिवारिक जुड़ाव रहना चाहिए.

वैचारिक और व्यापारिक विषय
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, न सिर्फ़ लोकव्यहार और समय प्रबंधन बल्कि वैचारिक और व्यापारिक विषय भी रखे गए. प्रशिक्षण के दौरान सरकार की योजनाओं और प्रचार प्रसार पर भी कैसे काम करना है. यह भी बताया गया. मैनपाट ने आयोजित तीन दिनों का यह प्रशिक्षण शिविर संसदों और विधायकों की दक्षता को मजबूती प्रदान करने वाला है. समय समय पर पार्टी की तरफ न सिर्फ जनप्रतिनिधियों के लिए, बल्कि कार्यकर्ताओ के लिए भी प्रशिक्षण आयोजित किए जाते है. आज सांसदों और विधायकों के साथ प्रबोधन, उद्बोधन, संबोधन या प्रशिक्षण कह लीजिए, बहुत ही अच्छा रहा है.

भाजपा प्रशिक्षण का काम करती है
कार्यकर्ता का आचरण व्यवहार, अपने क्षेत्र में कैसे बेहतर काम करें इसकी ट्रेनिंग भी उन्हें दी जा रही है, सरकार की योजनाएं प्रचार प्रसार कैसे करें इस पर काम हो रहा है, व्यापारिक और सैद्धांतिक दोनों पहलुओं पर यहां वैचारिक विषय और व्यापारिक विषय रखे गए हैं. जिसका लाभ सांसद और विधायकों को मिलेगा और दक्षता के साथ में काम कर सकेंगे. केवल सांसद और विधायकों का नहीं अलग-अलग कार्यकर्ताओं का भी प्रशिक्षण हम करते हैं.
राजधानी रायपुर में कल से तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की 'लखपति महिला पहल' क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन
रायपुर। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन 9 से 11 जुलाई 2025 तक राजधानी रायपुर में होने जा रहा है। यह कार्यशाला दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। आयोजन में देश के 11 राज्यों के वरिष्ठ अधिकारीगण, मिशन संचालक, आजीविका विशेषज्ञ, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबद्ध हितधारक सहभागी होंगे।
कार्यशाला का उद्घाटन भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव टी. के. अनिल, छत्तीसगढ़ शासन की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, भारत सरकार की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा तथा छत्तीसगढ़ शासन के सचिव भीम सिंह की उपस्थिति में होगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में 3 करोड़ “लखपति दीदी” तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनाने हेतु विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में यह कार्यशाला विविध पहलुओं जैसे— ग्रामीण आजीविका के अवसर, सामाजिक एवं वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, बाजार उपलब्धता, वेल्यू चेन निर्माण एवं आधुनिक तकनीकों पर आधारित रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा एवं अनुभव साझा करने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगी।
यह कार्यशाला मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, ओडिशा, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु तथा आंध्रप्रदेश राज्यों के प्रतिभागियों की सहभागिता का गवाह बनेगी।
विशेष रूप से भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव शैलेश कुमार सिंह तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव एस. सी. एल. दास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न सत्रों में स्थानीय संसाधनों के उपयोग, महिला प्रशिक्षण, वित्तीय समावेशन तथा व्यवसाय संवर्धन के विषयों पर गहन मंथन किया जाएगा। आयोजन में आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की संचालक जयश्री जैन ने बताया कि कार्यशाला की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि यह आयोजन ग्रामीण विकास में महिला नेतृत्व को और अधिक प्रभावी भूमिका निभाने हेतु प्रेरित करेगा। यह कार्यशाला केवल विमर्श का अवसर न होकर भविष्य की ठोस रणनीतियों का आधार भी बनेगा, जिससे “लखपति दीदी” के रूप में लाखों महिलाओं को सशक्त किया जा सकेगा।
मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सभी जिले के कलेक्टरों को पत्र लिखकर न्यायालय में अभियुक्तों और साक्षियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने न्यायालयों में लंबित मामलों की सुनवाई प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, त्वरित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी किया है। जिसमें उन्होंने अभियुक्तों एवं साक्षियों की अदालतों में यथासंभव श्रव्य-दृश्य इलेक्ट्रॉनिक साधनों (Audio-Video Electronic Means) के माध्यम से उपस्थिति एवं परीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर लिखा, आमतौर पर यह देखने में आ रहा है कि न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में अभियुक्तों एवं साक्षियों के परीक्षण के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से आहूत किया जाता है। जेल से अभियुक्तों और आरोपियों को न्यायालय में उपस्थित कराने की प्रक्रिया में अत्यधिक समय और बल की आवश्यकता होती है। कभी-कभी अभियुक्तों की सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न हो जाता है। इसी प्रकार चिकित्सक, बैंककर्मी और अन्य लोक सेवकों के न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से न सिर्फ उनका लोक कृत्य प्रभावित होता है बल्कि शासन पर उनके आवागमन के व्यय का अतिरिक्त भार भी पड़ता है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 में विहित प्रावधानों के अनुपालन में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अभियुक्तों एवं साक्षियों की न्यायालय में श्रव्य दृश्य इलेक्ट्रॉनिक साधनों (Audio-Video Electronic Means) से उपस्थिति और परीक्षा सुनिश्चित किये जाने के संबंध में कार्यवाही किया जाना आवश्यक है।
इसलिए अभियुक्तों और साक्षियों की न्यायालय में यथासंभव श्रव्य दृश्य इलेक्ट्रॉनिक साधनों (Audio-Video Electronic Means) से उपस्थिति और परीक्षा सुनिश्चित किये जाने के संबंध में जिला एवं सत्र न्यायालय की अध्यक्षता में होने वाली मॉनिटरिंग समिति की बैठक के एजेंडा में शामिल कर कार्यवाही सुनिश्चित करें।
देखिये पत्र-

मुरदोंडा में नक्सली IED ब्लास्ट, CRPF के 2 जवान घायल, हालत गंभीर, रायपुर रेफर
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों की एक बार फिर कायराना हरकत सामने आई है। आवापल्ली थाना क्षेत्र के मुर्दोंडा इलाके में रोड ओपनिंग ड्यूटी से लौट रही सुरक्षा बलों की टीम पर नक्सलियों ने घात लगाकर IED विस्फोट और फायरिंग की। हमले में सीआरपीएफ की 229वीं बटालियन के दो जवान घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल बीजापुर पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है.
पहले IED विस्फोट, फिर शुरू हुई फायरिंग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने पहले से ही सड़क पर IED बिछाकर रखा था, जिसे जवानों के गुजरते समय विस्फोट कर सक्रिय किया गया। इसके तुरंत बाद दोनों ओर से गोलीबारी भी हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए हैं। क्षेत्र में अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और नक्सलियों की घेराबंदी की जा रही है।
युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षकों को मिलेगी राहत: आपत्तियों के निपटारे के लिए समितियों का गठन, देखें आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (Rationalization) प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शासन ने संभाग और संचालनालय स्तर पर लिए गए निर्णयों के विरुद्ध शिक्षकों की आपत्तियों पर सुनवाई के लिए दो स्तरीय समितियों का गठन किया है। ये समितियां संभाग और संचालनालय स्तर पर काम करेंगीम
शिक्षक अपनी आपत्तियों को पहले संभागीय स्तर पर और आवश्यक होने पर संचालनालय स्तर पर प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके लिए 15 दिनों की समयसीमा निर्धारित की गई है।
बता दें कि राज्य सरकार द्वारा गठित संभागीय समिति की अध्यक्षता संबंधित संभागायुक्त (Divisional Commissioner) करेंगे। समिति में संयुक्त संचालक (JD) और डीपीआई कार्यालय के सहायक संचालक को सदस्य नामित किया गया है। यह समिति जिला स्तरीय समिति के निर्णयों के विरुद्ध प्रस्तुत अभ्यावेदनों पर सुनवाई करेगी और स्वतंत्र निर्णय दे सकेगी।
संचालनालय स्तर पर दूसरी समिति
यदि कोई शिक्षक संभागीय समिति के निर्णय से असंतुष्ट रहता है, तो वह अंतिम अपील के रूप में संचालनालय स्तरीय समिति के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कर सकेगा। इस समिति की अध्यक्षता संयुक्त सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग करेंगे और इसमें अन्य वरिष्ठ अधिकारी सदस्य होंगे। यह समिति राज्य स्तर पर अभ्यावेदनों के अंतिम निपटारे हेतु कार्य करेगी।
देखें आदेश –


गौरतलब है कि सरकार के इस फैसले के बाद ऐसे शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) द्वारा गलत तरीके से अतिशेष घोषित कर अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित कर दिया गया था।
नैनो डीएपी किसानों के लिए ठोस डीएपी उर्वरक का स्मार्ट विकल्प
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को रासायनिक उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। खरीफ 2025 के दौरान डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) की कमी को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने इसके व्यवहारिक विकल्प के रूप में नैनो डीएपी के भंडारण एवं वितरण की विशेष व्यवस्था की है। इसके साथ ही एनपीके और एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का भी लक्ष्य से अधिक मात्रा में भंडारण कराया गया है। खेती में ठोस डीएपी उर्वरक की कमी को पूरा करने के लिए किसानों को उसके विकल्प के अनुरूप कृषि वैज्ञानिकों के सुझाव के अनुरूप नैनो डीएपी अथवा एनपीके और सिंगल सुपर फास्फेट खाद की मात्रा का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।
नैनो डीएपी एक आधुनिक, किफायती और प्रभावशाली तरल उर्वरक है, जो पारंपरिक डीएपी की तुलना में कहीं अधिक उपयोगी और पोषक तत्वों से भरपूर है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के वैज्ञानिकों ने नैनो डीएपी का समर्थन करते हुए कहा है कि इसके उपयोग से खेती की लागत में कमी आती है। नैनो डीएपी खेत में पोषण की कमी को प्रभावी ढंग से पूरा करता है और उत्पादन की गुणवत्ता को भी बढ़ाता है। नैनो डीएपी पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है। एक एकड़ धान की फसल के लिए एक बोरी ठोस डीएपी का उपयोग होता है। जिसकी लागत 1350 रूपए होती हैै, जबकि एक एकड़ में 25 किलो ठोस डीएपी और 500 मिली नैनो डीएपी के मिश्रण का उपयोग किया जाए तो इसकी लागत घटकर 1275 रूपए आती है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने एक एकड़ धान की खेती के लिए नैनो डीएपी की उपयोग की विधि की विस्तार से जानकारी दी है। इसके अनुसार नैनो डीएपी की मात्र साढ़े 600 मिली मात्रा एक एकड़ धान की खेती में लगती है। धान की बुआई से पहले एक एकड़ के लिए 30 किलो बीज को 150 मिली नैनो डीएपी को तीन लीटर पानी में घोलकर उसमें बीज उपचारित कर आधा घंटा छाव में सुखाने के बाद बुआई की जाती है। रोपा के समय 50 लीटर पानी में 250 मिली नैनो डीएपी को मिलाकर उसमें थरहा की जड़ों को आधा घंटा डूबाकर रखने के बाद रोपाई तथा फसल बोआई के तीस दिन बाद 125 लीटर पानी में 250 मिली नैनो डीएपी को घोलकर खड़ी फसल पर इसका छिड़काव करना होता है। इससे फसलों को पोषक तत्व मिल जाते है।
नैनो डीएपी फसलों को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व प्रदान करने के लिए बेहतर विकल्प है। यह पारंपरिक डीएपी के मुकाबले लागत कम और प्रभाव अधिक है। पारंपरिक डीएपी की एक बोरी की कीमत लगभग 1350 रूपए होती है, वहीं नैनो डीएपी की एक बोतल से कई एकड़ भूमि को लाभ पहुंचाया जा सकता है। यह स्प्रे के माध्यम से सीधे पौधों पर छिड़का जाता है, जिससे पोषक तत्वों का त्वरित अवशोषण होता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के अनुरूप राज्य शासन द्वारा किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी सहित वैकल्पिक उर्वरकों का पर्याप्त भण्डारण समितियों में किया जा रहा है। किसानों को इसके उपयोग के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। कृषि विभाग ने किसानों से नैनो डीएपी तथा एनपीके, एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की है।
बैंगलोर में होगी AICC ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल की पहली बैठक, छत्तीसगढ़ से पूर्व सीएम भूपेश बघेल और धनेन्द्र साहू होंगे शामिल
रायपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के OBC विभाग के लिए गठित एडवाइजरी काउंसिल की पहली बैठक 15 और 16 जुलाई को बैंगलोर में आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व पीसीसी चीफ धनेन्द्र साहू शामिल होंगे।
कांग्रेस OBC विभाग की यह बैठक बंगलोर के भारत जोड़ो भवन, क्वींस रोड में शाम 6 बजे शुरू होगी। इस काउंसिल के अध्यक्ष कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया हैं।
इस बैठक में चार राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में देश के पिछड़े वर्ग के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी और उन मुद्दों को जनता के बीच लाने अभियानों और कार्यक्रमों पर चर्चा हो सकती है। साथ ही आने वाले चुनावों को देखते हुए रणनीतिक तैयारी की जा सकती है। बैठक में छत्तीसगढ़ के ओबीसी वर्ग से जुड़े हुए क्या मुद्दे हैं, इस पर भूपेश बघेल और धनेन्द्र साहू अपनी बात रखेंगे। चर्चा के बाद काउंसिल अपनी रिपोर्ट AICC के OBC विभाग को सौंपेगी। बता दें कि जून में एडवाइजरी काउंसिल का गठन किया गया था। जिसके गठन के बाद यह पहली मीटिंग होगी।
भाजपा प्रशिक्षण शिविर: प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन ने कहा- हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा, सभी को करना चाहिए सम्मान…
अंबिकापुर। हिन्दी पर एक तरफ महाराष्ट्र और दूसरी ओर तमिलनाडु में चल रहे विवाद की चर्चा मैनपाट में चल रहे भाजपा के प्रशिक्षण शिविर के दौरान भी हुई. छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी नितिन नबीन ने विवाद पर कहा कि हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है. सभी को इसका सम्मान करना चाहिए.
भाजपा के प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन मैनपाट में शामिल होने पहुंचे नितिन नबीन मीडिया से मुखातिब हुए. इस दौरान हिन्दी को लेकर चल रहे अलग-अलग प्रांतों में चल रहे विवाद पर कहा कि समय-समय पर इस विषय पर लोग अपनी प्रतिक्रिया रखते है. हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है. सभी को इसका सम्मान करना चाहिए. हिंदी पर किसी भी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए.
वहीं भाजपा के प्रशिक्षण शिविर को लेकर नितिन नबीन ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता निरंतर अभ्यासरत रहता है. हमारे कार्यकर्ता बेहतर करते रहें, इसलिए इस तरह के आयोजन पार्टी करती रहती है. वहीं कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का समर्पण और संकल्प सिर्फ भ्रष्टाचार है.
भाजपा प्रशिक्षण शिविर : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने लोक व्यवहार पर तो महामंत्री विनोद तावड़े ने मीडिया प्रबंधन पर दिया प्रशिक्षण…
अंबिकापुर। मैनपाट में भाजपा प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन भी गहमागहमी बनी रही. शिविर में शामिल 10 सांसद और 52 विधायकों को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े और राष्ट्रीय संगठक वी सतीश ने प्रशिक्षण दिया.
प्रशिक्षण शिविर के दौरान आज छह सत्र संपन्न होंगे. शिविर में सोमवार से लेकर अब तक सात सत्र संपन्न हो चुके हैं. आज के पहले सत्र में राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश ने एससी-एसटी की सामाजिक और भौगोलिक दृष्टि पर प्रशिक्षण दिया.
इनके अलावा आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विकसित छत्तीसगढ़ – अवसर एवं चुनौती पर, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने सोशल प्लेटफार्म और मीडिया प्रबंधन पर और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोक व्यवहार और प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया.
शक्कर कारखाने से 250 श्रमिकों की छंटनी, आक्रोशित मजदूरों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की
कवर्धा। जिले का चर्चित लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल शक्कर कारखाना एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। इस बार कारखाने के 250 से अधिक श्रमिकों को नौकरी से हटाए जाने के फैसले ने बवाल खड़ा कर दिया है। कारखाने के इस फैसले से नाराज श्रमिकों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की और नौकरी पर वापस बहाल करने की मांग की।
प्रदर्शनकारी श्रमिकों का कहना है कि शक्कर मिल में हर वर्ष गन्ना पेराई सीजन के दौरान उन्हें ठेके के तहत काम पर रखा जाता था। लेकिन इस बार प्रबंधन ने पुराने श्रमिकों को हटाकर अपने चहेते निजी कंपनी के मजदूरों को नियुक्त कर दिया, जिससे वे भारी आर्थिक संकट में आ गए हैं।
श्रमिकों का आरोप है कि वर्षों की सेवा के बावजूद उनके साथ अन्याय किया गया है। बच्चों की फीस भरने तक के लाले पड़ गए हैं और परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
आक्रोशित श्रमिकों ने कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार विकास जैन को ज्ञापन सौंपा और तीन दिन के भीतर समाधान नहीं होने की स्थिति में जिला स्तरीय आंदोलन की चेतावनी दी है।

