प्रदेश
युक्तियुक्तकरण ब्रेकिंग: DPI का कड़ा आदेश हुआ जारी, नये स्कूल में ज्वाइन नहीं करने वाले शिक्षकों का वेतन बंद
रायपुर। युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षकों को तिहरी मार पड़ी है। एक तो शिक्षकों को दूरदराज क्षेत्र में पोस्टिंग मिल गयी है, दूसरी बात ये कि, उनमें से कईयों को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली, अब इस मामले में सरकार का भी रुख सख्त हो गया है। डीपीआई ने आदेश जारी किया है, जिन शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण के बाद नये पदांकित शाला में ज्वाइन नहीं किया है, उनके वेतन पर रोक लग जायेगी।
डीपीआई ने आदेशजारी किया है कि युक्तियुक्तकरण किये जाने के बाद शिक्षकों की अलग-अलग शालाओं में पोस्टिंगकी गयी है। अतिशेष शिक्षकों की काउंसिलिंग जिला, संभाग और राज्य स्तर पर की गयी है। जिन शिक्षकों ने नवीन शालाओं में कार्यभार नहीं ग्रहण किया है, उनके वेतन आहरण पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गयी है। हालांकि ये आदेश उन शिक्षकों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें हाईकोर्ट से राहत मिली हुई है।

आत्मानंद स्कूल को हिंदी मीडियम करने की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, प्रिंसिपल को भी हटाने की मांग
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। जिले के ग्राम पंचायत सेमरा के आत्मानंद स्कूल में दोबारा हिंदी माध्यम में पढ़ाई शुरू कराए जाने की मांग को लेकर आज ग्रामीणों ने चक्काजाम करते हुए कड़ा विरोध जताया. स्थानीय लोगों ने स्कूल के प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें हटाए जाने की भी मांग की है. इस मामलें में एसडीएम ऋचा चंद्रकार को ज्ञापन सौंपा गया है.
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आत्मानंद स्कूल के प्रिंसिपल ने जानबूझकर बिना सरकारी आदेश के हिंदी माध्यम बंद कर दिया. इससे हिंदी माध्यम के बच्चों को अध्ययन करने में काफी परेशानी हो रही है. साल 2020 में आत्मनांद स्कूल के पहले यह स्कूल हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में इसका संचालन होता रहा है. उन्होंने अंग्रेजी माध्यम से संचालित होने वाले आत्मानंद स्कूल सेमरा को हिंदी माध्यम में किए जाने की मांग की है.
स्कूल प्रिंसिपल को हटाने की मांग
स्थानीय निवासियों ने आत्मनांद स्कूल के प्रिंसिपल को हटाने की मांग करते हुए बताया कि वे मनमानी करते है उनका व्यवहार अच्छा नही रहता. इस कारण गांव के बच्चों को हीनभावना का शिकार होना पड़ता है.
भाजपा ने पोस्टर के जरिए फिर साधा निशाना, किसान, जवान, संविधान सभा को बताया ढोंग, कहा- आईना देखो कांग्रेस…
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी पोस्टर के जरिए कांग्रेस पर लगातार निशाना साधती आ रही है. ताजा कड़ी में रायपुर में आयोजित किसान, जवान और संविधान सभा को ढोंग बताते हुए कांग्रेस को आईना देखने की सलाह दी है.
भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्टर जारी किया है, जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हाथ में तख्ती लिए हैं, जिसमें एक में किसान, जवान, संविधान तो दूसरे में संविधान बचाओ लिखा है.
इस पर दो लोग आपस में चर्चा कर रहे हैं कि देखो कांग्रेसी फिर ढोंक करने निकले हैं, वहीं दूसरी शख्स कह रहा है कि ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे कांग्रेस ने ठगा नहीं. इसके साथ टिप्पणी की गई है कि कांग्रेस कभी किसी की हितैषी नहीं रही है और अब फिर से किसान-जवान-संविधान के नाम पर जनता को बरगलाने निकली है.
हाईकोर्ट का मंदिर संपत्ति पर बड़ा फैसला: कहा- पुजारी मालिक नहीं, केवल पूजा और प्रबंधन का होता है अधिकार
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मंदिर की संपत्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि पुजारी को मंदिर की संपत्ति का मालिक नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि पुजारी केवल देवता की पूजा करने और मंदिर का सीमित प्रबंधन करने के लिए नियुक्त एक प्रतिनिधि होता है, न कि स्वामी।
बता दें कि यह फैसला जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने उस याचिका पर सुनाया, जो धमतरी जिले के श्री विंध्यवासिनी मां बिलाईमाता मंदिर के पुजारी परिषद अध्यक्ष मुरली मनोहर शर्मा ने दायर की थी। शर्मा ने राजस्व मंडल, बिलासपुर के 3 अक्टूबर 2015 के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनकी पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी गई थी।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब मुरली मनोहर शर्मा ने तहसीलदार के समक्ष आवेदन देकर अपना नाम मंदिर ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग की थी। तहसीलदार ने उनके पक्ष में आदेश जारी किया, लेकिन एसडीओ ने इस आदेश को रद्द कर दिया। इसके खिलाफ शर्मा ने अपर आयुक्त रायपुर के समक्ष अपील की, जो खारिज कर दी गई। इसके बाद उन्होंने राजस्व मंडल में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की, जिसे भी खारिज कर दिया गया।
शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर यह दलील दी कि तहसीलदार का आदेश न्यायोचित था और अन्य अधिकारियों ने मामले की सही समीक्षा नहीं की।
हाईकोर्ट की टिप्पणी
हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि विंध्यवासिनी मंदिर ट्रस्ट समिति 23 जनवरी 1974 से विधिवत पंजीकृत संस्था है और वही मंदिर की संपत्ति का वैधानिक प्रबंधन करती है। कोर्ट ने 21 सितंबर 1989 को सिविल जज, वर्ग-2, धमतरी द्वारा पारित एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि ट्रस्ट समिति ट्रस्ट की संपत्ति की देखरेख के लिए किसी भी व्यक्ति को प्रबंधक नियुक्त कर सकती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि उस व्यक्ति को संपत्ति का स्वामित्व प्राप्त हो गया।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि पुजारी एक “ग्राही” यानी धारक होता है, जो मंदिर की पूजा संबंधी गतिविधियों के लिए नियुक्त होता है। यदि वह अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता, तो यह अधिकार वापस भी लिया जा सकता है। इसलिए पुजारी को मंदिर की भूमि या संपत्ति का मालिक नहीं माना जा सकता।
यह निर्णय उन मामलों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है जहां मंदिर की संपत्ति को लेकर पुजारियों और ट्रस्ट के बीच विवाद खड़े होते हैं। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि धार्मिक सेवा का अधिकार और मालिकाना हक अलग-अलग बातें हैं और पुजारी केवल सेवा के लिए नियुक्त व्यक्ति है, स्वामी नहीं।
मैनपाट में भाजपा प्रशिक्षण शिविर का दूसरा दिन : वी. सतीश के साथ आज का सत्र शुरू, SC-ST पर केंद्रित है चौथा सत्र
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में भारतीय जनता पार्टी सांसद-विधायक प्रशिक्षण वर्ग का आज दूसरा दिन है. आज कुल छह सत्रों में संपन्न होने वाले प्रशिक्षण वर्ग की शुरुआत के दूसरा दिन का आगाज राष्ट्रीय संगठक वी सतीश के उद्बोधन से हुआ. आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी नितीन नबीन भी अलग-अलग विषयों पर अपनी बात कहेंगे.
राष्ट्रीय संगठक वी सतीश हमारे कार्यविस्तार की दृष्टि – सामाजिक एवं भौगोलिक (एससी एवं एसटी कार्य) विषय पर भाजपा के सांसदों और विधायकों को संबोधित करेंगे. वी सतीश के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का उद्बोधन है, जिसमें वे विकसित छत्तीसगढ़ – अवसर एवं चुनौती (2003 से 2023 की पृष्ठभूमि के साथ) पर अपनी बात करेंगे.
राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावडे सोशल मीडिया एवं मीडिया – स्थानीय, क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय विमर्श निर्माण: हमारी भूमिका पर व्याख्यान देंगे. भोजनावकाश के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान लोक व्यवहार एवं समय प्रबंधन, वक्तृत्व कौशल पर अपनी बात कहेंगे.

प्रशिक्षण शिविर के आठवें सत्र में बीजेपी का इतिहास एवं संस्मरण, हमारा विचार एवं पंच प्रण जानकारी दी जाएगी. इसके बाद राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री शिव प्रकाश हमारा विचार एवं पंच प्रण से सांसदों-विधायकों को अवगत कराएंगे.
दिन के अंतिम सत्र में छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी नितिन नबीन विकसित भारत: मोदी सरकार के 11 वर्ष (छत्तीसगढ के संदर्भ में) अपने विचार रखेंगे. रात्रि भोजन के पश्चात छत्तीसगढ़ महतारी आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें तमाम सांसदों और विधायकों की मौजूदगी रहेगी.
इंदौर-रायपुर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, अचानक झटका लगने से दहशत में आए यात्री, तकनीकी खराबी की सूचना
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से बड़ी खबर सामने आई है, यहां रायपुर के लिए उड़ान भरने वाले इंडिगो विमान की इमरजेंसी लैंडिंग देवी अहिल्या हवाई अड्डे पर करानी पड़ी। उड़ान भरने के बाद ही विमान में फाॅल्स अलार्म के संकेत आने लगे। इसके बाद पायलट ने इंदौर एटीसी को आपात लैंडिंग की सूचना दी। विमान फिर इंदौर एयरपोर्ट पर उतारा और उसकी जांच की गई। सुरक्षा कारणों से इंदौर-रायपुर उड़ान निरस्त कर दी गई और यात्रियों का पैसा लौटा दिया गया।
जानकारी के मुताबिक आज सुबह 6:30 बजे इंदौर से रायपुर के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो फ्लाइट में आधे घंटे बाद तकनीकी खराबी आ गई। फ्लाइट में अचानक झटका महसूस हुआ, जिसके बाद पायलट ने वापस इंदौर लौटने का फैसला किया। सुबह 7:15 बजे फ्लाइट ने इंदौर में इमरजेंसी लैंडिंग की। इस दौरान यात्रियों में घबराहट रही। लैंडिंग के बाद फ्लाइट रद्द कर दी गई और यात्रियों को किराया वापस किया गया। बता दें कि अहमदाबाद हादसे के बाद एयरलाइंस, विमानों की तकनीकी खामी को लेकर ज्यादा सजग है।
बस्तर में फैल रहा है अब विकास का उजियारा
रायपुर। छत्तीसगढ़, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, घने वन क्षेत्र और विविध जनजातीय समुदायों के लिए जाना जाता है, लंबे समय से नक्सलवाद की चुनौती से जूझता रहा है। बस्तर के विकास में बाधक रहे नक्सलवाद के अब यहां से नक्सल उन्मूलन की अंतिम लड़ाई जारी है। बस्तर संभाग अपनी कला एवं संस्कृति के लिए विशिष्ट पहचान रखता है अकेले बस्तर संभाग में ही हल्बी, गोड़ी, भतरी दोलरी जैसे पारंपरिक बोली, बोली जाती है। वर्षों से अशांत रहे बस्तर अंचल में ढोल और मांदर की थाप अब फिर से सुनाई देने लगेगी। मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया है। सटीक रणनीति के साथ यहां आतंक के खात्मे और सामाजिक- आर्थिक विकास के काम हो रहे हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में जिस तरह लोगों ने भागीदारी की वो इस बात का प्रमाण है की बस्तर में अब शांति स्थापित हो रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मानना है कि ‘‘लाल आतंक के खात्मे के लिए नक्सलियों के खिलाफ हमारी निर्णायक लड़ाई जोर शोर से जारी है। इसका परिणाम है कि नक्सलियों की कमर अब टूट गई है। प्रदेश से जब तक नक्सली हिंसा और उग्रवाद का अंत नहीं हो जाता हम चुप नहीं बैंठेंगे।’’
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 जून 2025 को छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए थे इस दौरान उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में आराम करने वाले नक्सली इस बरसात में चैन की नींद नहीं सो पाएंगे। सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल ऑपरेशन जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों के वीर जवान कठिन चुनौतियों और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद नक्सलवाद के खात्मे के अभियान को ऐतिहासिक सफलता की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों का अद्वितीय साहस और बलिदान न केवल हमारे जवानों की कर्तव्यनिष्ठा को प्रदर्शित करता है, बल्कि पूरे देश को एक सकारात्मक संदेश भी देता है कि हमारा देश अब नक्सलवाद की बेड़ियों से मुक्त होने की ओर अग्रसर है।
छत्तीसगढ़ में बीते 21 मई 2025 को माओवादी सरगना बसव राजू के साथ अबूझमाड़ के जंगल में 26 नक्सलियों को सुरक्षा बल के जवानों के हाथों मारे जाने से नक्सलवाद की कमर टूटी है। इस पर सवा 3 करोड़ का ईनाम घोषित था। तीन दशकों में पहली बार हुआ है कि जनरल सेक्रेटरी रैंक का कोई माओवादी न्यूट्रलाइज किया गया। यह असाधरण कामयाबी है और इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नक्सल के ताबूत में हमने अंतिम कील जड़ दिया है। इसके अलावा शीर्ष ईनामी नक्सली लक्ष्मी नरसिम्हा चालम उर्फ सुधाकर भी 05 जून 2025 को नेशनल पार्क एरिया में पुलिस मुठभेड़ में ढेर किया गया, इस पर 1 करोड़ का ईनाम था।
नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना नक्सल प्रभावित इलाकों में गेम चेन्जर्स साबित हो रही है। माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों एवं ग्रामीणों को 17 विभागों की 59 हितग्राहीमूलक योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा।
प्रदेश में पिछले डेढ़ साल के भीतर सुरक्षाबलों ने अपनी बहादुरी से 438 नक्सलियों को मार गिराया है। साथ ही 1515 नक्सलियों को गिरफ्तार किया और 1476 नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने पर विवश किया है। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारे सुरक्षा बल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन कैंपों के माध्यम से हमारी सरकार अंदरूनी गांवों तक सुरक्षा के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की पहुंच भी सुनिश्चित करने में सफल हो रहे हैं।
आखिर क्यों खास है पूवर्ती गांव
सुकमा जिले के अंदरूनी व अतिसंवेदनशील क्षेत्र में बसा हुआ पूवर्ती गांव एक वक्त नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना हुआ करता था। एक करोड़ रूपए का ईनामी नक्सली हिड़मा तथा टेकलगुड़ा कैंप निर्माण के दौरान नक्सली हमले की घटना का मास्टरमाइंड देवा का यह पैतृक गांव होने के कारण हमेशा चर्चा में रहा है। माओवादियों का प्रभाव में होने के कारण पूवर्ती गांव में शासन की योजनाएं नहीं पहुंच पा रही थी, लेकिन अब इस गांव में सुरक्षा कैम्प खुलने से यहां के लोगों को तेजी से मूलभूत सुविधाएं सुलभ होने लगी है।
आदिवासी बाहुल्य आबादी, अनुपम नैसर्गिक सुंदरता और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर बस्तर में आज विकास का सबसे बढ़ा अवरोधक है नक्सली हिंसा। पिछले 3 दशकों में नक्सलियों ने यहां अपने पैर पसारे। बंदूक के दम पर हिंसा के साथ विकास कार्यों में बाधा पहुंचाई। नक्सलियों ने अपने झूठे, खोखले सिद्धांतों के जरिए लंबे समय तक भोले-भाले आदिवासियों को भ्रम में डाला, हिंसा का सहारा लेकर उन्हें डराने की कोशिश की। बच्चों से उनके स्कूल छीने, उनका बचपन छीना उन्हें हिंसा की राह पर धकेला। कई परिवारों को बर्बाद किया, सुहागनों की सिंदूर उजाड़े, बेटियों को अगवा किया और उन्हें भी हिंसा के रास्ते पर ले गए। इसी वजह से संसाधनों से परिपूर्ण बस्तर पर देश के सबसे पिछड़े इलाकों में एक होने का धब्बा लगा। लेकिन अब छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ विकास के इस अवरोध को पूरी तरह से समाप्त करने पर डटी हुई है।
बस्तर में विकास का अब नया सबेरा होने वाला है। यहां नक्सलियों की कमर टूट चुकी है। लोगों को अब खुशहाल बस्तर मिलेगा। पुलिस और सुरक्षाबलों के जवान पूरे हौंसले के साथ नक्सल मोर्चे पर डटे और अब जल्द ही नक्सलियों का समूल अंत होगा।
पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक : मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा – एकजुट होकर काम करें, भाजपा पर कांग्रेस नेताओं को फंसाने का लगाया आरोप
रायपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक ली. उन्होंने नेताओं को एकजुट रहकर काम करने की सलाह दी. खरगे ने कहा, भाजपा हमारे नेताओं पर झूठे आरोप लगाकर जेल भेजने की कोशिश कर रही है. उनके प्रयासों को सफल नहीं होने देना है. एकजुटता से इसका जमकर विरोध करें.
ब्लॉक कांग्रेस की बढ़ सकती है संख्या
बैठक में ब्लॉकों के पुनर्गठन पर चर्चा की गई. छत्तीसगढ़ कांग्रेस ब्लॉक कांग्रेस की संख्या बढ़ा सकती है. जनसंख्या और क्षेत्रफल के अनुसार ब्लॉक बढ़ाने की आवश्यकता पर PAC की बैठक में नेताओं ने अपनी बात रखी.
इन पांच एजेंडों पर हुई चर्चा
पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में पांच एजेंडों को लेकर चर्चा हुई. भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर कांग्रेसी नेताओं पर झूठे आरोप लगाकर जेल भेज रही. बस्तर के खनिज संसाधनों और गरीब आदिवासियों के जल जंगल जमीन पर कब्जा किया जा रहा है. किसानों के साथ अन्याय कर समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही. युक्तियुक्तकारण के तहत 10000 से अधिक स्कूलों को बंद किया गया. इन सभी विषयों पर बैठक में चर्चा की गई. इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई.
विधायक और जिलाध्यक्षों को राजीव भवन में जाने से रोकने पर बवाल
कांग्रेस की बड़ी बैठक के दौरान राजीव भवन में अंदर जाने के लिए बवाल भी हुआ. पहले विधायक द्वारिकाधीश ने जमकर बवाल काटा. बैठक में जाने से सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने विधायक द्वारिकाधीश को रोका तो वे कार्यकर्ताओं पर बरसे. जिलाध्यक्षों को भी जाने से रोका गया, जिस पर कांग्रेस भवन में बवाल हुआ.
भाजपा प्रशिक्षण शिविर : जेपी नड्डा की विधायक- मंत्री और सांसदों को नसीहत, कहा-
सरगुजा। भारतीय जनता पार्टी का तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर सोमवार से मैनपाट के तिब्बती कैंप-01 में शुरू हो गया है। इस अहम शिविर की शुरुआत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के मार्गदर्शन से हुई, जिन्होंने विधायकों, मंत्रियों और सांसदों को अनुशासन और व्यवहार को लेकर नसीहत दी है।
जेपी नड्डा ने नेताओं से कहा कि पार्टी के जनप्रतिनिधि स्थानीय लोगों के साथ अपना व्यवहार और शिष्टाचार बनाकर रखे। उन्होंने कहा कि विनम्रता और संयम बनाकर काम करें। विभागों और निर्वाचन क्षेत्रों से भ्रष्टाचार की शिकायतें नहीं चाहिए। साथ ही जेपी नड्डा ने कहा कि मीडिया में अनर्गल टिप्पणी से बचें, पार्टी की छवि का ध्यान सभी को रखना होगा।
बैठक के बाहर रखवाया गया मोबाइल फ़ोन
बता दें कि शिविर को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। सभी सांसदों, विधायकों और मंत्रियों से मोबाइल फोन बाहर जमा करा लिए गए हैं। किसी को भी मोबाइल अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई।
12 सत्रों का होगा प्रशिक्षण
भाजपा के सांसद और विधायक दल का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र कुल 12 सत्रों में पूरा होगा। प्रथम दिवस दो सत्र होंगे, जिसमें भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन मंत्री संतोष तावड़े, बी सतीश, द्वितीय दिवस छह सत्र होंगे, जिसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रशिक्षक के रूप में शामिल होंगे। समापन सत्र के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री शिव प्रकाश प्रशिक्षक के रूप में मौजूद रहेंगे।
3 एसपी, 4 एडिशनल एसपी सहित 800 जवान होंगे तैनात
सरगुजा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मुताबिक भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने पहुंच रहे मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के मंत्री और सांसद, विधायक दलों की सुरक्षा के लिए तीन एसपी और चार एडिशनल एसपी की तैनाती की गई है। साथ ही अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा के लिए थाना प्रभारियों सहित 800 जवान तैनात रहेंगे। प्रशिक्षण स्थल के पूर्व तथा मार्ग में कई स्थानों पर बेरियर भी लगाए जा रहे हैं, जहां मैनपाट पहुंचने वाले लोगों को पुलिस के विशेष जांच प्रक्रिया के बीच से गुजरना होगा।
शराब घोटाला मामला: 29 आरोपी आबकारी अधिकारियों को कोर्ट में पेश होने का नोटिस जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2174 करोड़ रुपये के शराब घोटाले मामले में 29 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने विशेष कोर्ट में करीब 2300 पन्नों का चालान पेश किया है, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अब विशेष कोर्ट ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश होने का नोटिस जारी किया है।
बता दें कि शराब घोटाला मामले के सभी 29 आरोपियों का चालान कोर्ट में प्रस्तुत करने से पहले न्यायालय में पेश होने के लिए समन जारी किया गया था, लेकिन कोई भी आरोपी पेश नहीं हुए। इसके बाद अब EOW की विशेष कोर्ट ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर 20 अगस्त को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है।
EOW ने शराब घोटाले में इन अधिकारियों को बनाया है आरोपी:
- जनार्दन कौरव, सहायक जिला आबकारी अधिकारी
- अनिमेष नेताम, उपायुक्त आबकारी
- विजय सेन शर्मा, उपायुक्त आबकारी
- अरविंद कुमार पाटले, उपायुक्त आबकारी
- प्रमोद कुमार नेताम, सहायक आयुक्त आबकारी
- रामकृष्ण मिश्रा, सहायक आयुक्त आबकारी
- विकास कुमार गोस्वामी, सहायक आयुक्त आबकारी
- इकबाल खान, जिला आबकारी अधिकारी
- नितिन खंडुजा, सहायक जिला आबकारी अधिकारी
- नवीन प्रताप सिंह तोमर, सहायक आयुक्त आबकारी
- मंजुश्री कसेर, सहायक आबकारी अधिकारी
- सौरभ बख्शी, सहायक आयुक्त आबकारी
- दिनकर वासनिक, सहायक आयुक्त आबकारी
- मोहित कुमार जायसवाल, जिला आबकारी अधिकारी
- नीतू नोतानी ठाकुर, उपायुक्त आबकारी
- गरीबपाल सिंह दर्दी, जिला आबकारी अधिकारी
- नोहर सिंह ठाकुर, उपायुक्त आबकारी
- सोनल नेताम, सहायक आयुक्त आबकारी
- प्रकाश पाल, सहायक आयुक्त आबकारी
- अलेख राम सिदार, सहायक आयुक्त आबकारी
- आशीष कोसम, सहायक आयुक्त आबकारी
- ए.के. सिंह, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
- राजेश जायसवाल, सहायक आयुक्त आबकारी
- जे.आर. मंडावी, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
- जी.एस. नुरुटी, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
- देवलाल वैद्य, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
- ए.के. अनंत, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
- वेदराम लहरे, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
- एल.एल. ध्रुव, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
पूर्व मंत्री को घोटाले में मिले 64 करोड़ रुपये
शराब घोटाला मामले की जांच में अब तक यह सामने आया है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के संरक्षण में विभागीय अधिकारियों, सहयोगियों और ठेकेदारों के माध्यम से यह सुनियोजित घोटाला किया गया। इस घोटाले से प्राप्त रकम को व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों में खर्च किया गया, जिससे उन्हें अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ। अब तक तीन पूरक अभियोग पत्रों सहित कुल चार अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच जारी है।
21 जनवरी से जेल में हैं कवासी लखमा
गौरतलब है कि शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनसे दो बार ED कार्यालय बुलाकर पूछताछ की गई थी। गिरफ्तारी से पहले उन्हें 7 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी। उसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। पिछली सुनवाई के दौरान जेल में पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं होने के कारण उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने फिर उनकी रिमांड 18 फरवरी तक बढ़ा दी थी।
क्या है शराब घोटाला?
तत्कालीन भूपेश सरकार में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और मुख्यमंत्री सचिवालय की तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने 11 मई 2022 को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था कि छत्तीसगढ़ में रिश्वतखोरी और अवैध दलाली का बड़ा नेटवर्क चल रहा है।
इसमें रायपुर महापौर रहे एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के अवैध वसूली में शामिल होने का आरोप था। याचिका के आधार पर ED ने 18 नवंबर 2022 को PMLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि 2161 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।
ED की चार्जशीट में बताया गया है कि कैसे अनवर ढेबर के आपराधिक सिंडिकेट के जरिए आबकारी विभाग में भारी भरकम भ्रष्टाचार हुआ। 2017 में आबकारी नीति में बदलाव कर CSMCL के जरिए शराब बिक्री का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का एमडी नियुक्त करवाया और अधिकारियों, व्यापारियों व नेताओं के गठजोड़ से घोटाले को अंजाम दिया गया।
पूर्व CM भूपेश बघेल के करीबी के.के. श्रीवास्तव की पुलिस रिमांड खत्म, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल
रायपुर। स्मार्ट सिटी और नवा रायपुर के प्रोजेक्ट में 500 करोड़ का काम दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ की ठगी करने वाले पूर्व सीएम भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव की 12 दिन की पुलिस रिमांड समाप्त हो गई है। रिमांड खत्म होने के बाद सोमवार को उन्हें तेलीबांधा थाना पुलिस ने सीजेएम कोर्ट रायपुर में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस ने कोर्ट में दोबारा रिमांड की मांग नहीं की। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला?
के.के. श्रीवास्तव पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी रावत एसोसिएट्स के मालिक अशोक रावत से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 500 करोड़ रुपये का ठेका दिलवाने के नाम पर करीब 15 करोड़ रुपये की ठगी की। जब ठेका नहीं मिला तो आरोपी ने पैसे लौटाने का वादा किया, लेकिन बाद में दिए गए तीनों चेक बाउंस हो गए।
जांच में यह भी सामने आया कि श्रीवास्तव और उनके बेटे कंचन श्रीवास्तव के खातों में करीब 300 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। यह रकम फर्जी कंपनियों और ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के नाम पर खोले गए खातों में ट्रांसफर की गई। मामला आयकर विभाग को जांच के लिए सौंपा गया है।
गौरतलब है कि के.के. श्रीवास्तव की पहचान न केवल एक रसूखदार शख्स के तौर पर रही है, बल्कि कांग्रेस सरकार के दौरान वे तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ के माध्यम से सत्ता के गलियारों में गहरी पैठ बनाए हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, तत्कालीन सत्ताधारी नेता भी उनसे ‘तांत्रिक क्रियाएं’ कराने बिलासपुर जाया करते थे।
उच्च न्यायालय ने पुलिस कार्रवाई पर जताई सख्त नाराजगी, एफआईआर को किया रद्द, कोर्ट ने कहा- संपत्ति विवाद में FIR दर्ज करना मानसिक प्रताड़ना
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने संपत्ति को लेकर छिड़े विवाद के मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर तल्ख टिप्पणी की है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। संपत्ति विवाद में एक पक्ष ने थाने में शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ट्रायल कोर्ट में आरोप पत्र भी पेश कर दिया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस की इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने कहा कि संपत्ति विवाद में पुलिस ने याचिकाकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मानसिक रूप से प्रताड़ना देने का काम किया है। सिविल विवाद में एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर सवाल उठाया और एफआईआर को रद्द कर दिया है।
दरअसल, बिलासपुर के दयालबंद निवासी रामेश्वर जायसवाल व अन्य ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को चुनौती दी थी। याचिका में बताया गया, कि संपत्ति विवाद में शिकायत के आधार पर सिरगिट्टी ने 8 मार्च 2024 को एफआईआर दर्ज किया है। इसके बाद 22 जून 2024 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के कोर्ट में चार्जशीट भी दायर कर दिया है। याचिकाकर्ता ने एफआईआर और निचली अदालत में पेश चार्जशीट को निरस्त करने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में कहा, कि 27 फरवरी 2024 की शाम एक महिला दो लोगों के साथ उनके घर पहुंचीं और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। बाद में उन्हीं का पक्ष लेते हुए एक व्यक्ति आया और हम लोगों को धमकाने लगा। याचिका के अनुसार थाने में शिकायत करने के पीछे संपत्ति के कागजात लौटाने के बदले 4.56 लाख रुपए की मांग कर रहा था। राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधकारी ने एफआईआर को सही ठहराया।
मामले की सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने कहा कि आपराधिक कानून का इस्तेमाल यहां अनुचित तरीके से दबाव बनाने के लिए किया गया। डिवीजन बेंच ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि सिविल विवाद को जबरन आपराधिक रंग देना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेट को बेहद सतर्क रहना चाहिए। डिवीजन बेंच ने एफआईआर, आरोपपत्र और न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया, और कहा कि इस तरह के प्रयासों को शुरुआत में ही रोकना जरुरी है।
मैनपाट प्रशिक्षण शिविर : नितिन नबीन ने कहा – भाजपा से मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को सीखना चाहिए
सरगुजा। मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय भाजपा के प्रशिक्षण शिविर का आज पहला दिन रहा. शिविर का शुभारंभ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया. उनके साथ पहला और दूसरा सत्र संपन्न हुआ. भाजपा प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन ने कांग्रेस के राष्ट्रीय मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, खरगे और राहुल गांधी को भाजपा से सीखना चाहिए. राहुल गांधी तो शिष्टाचार भी नहीं सीख पा रहे हैं. भाजपा का काम दूसरों को सीखाना भी है.
शिविर को लेकर भाजपा प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन ने कहा, बहुत ही उत्साहवर्धन वाला सत्र रहा. पार्टी के विचार और कार्यपद्धति पर प्रशिक्षण दिया गया. व्यवहार और शिष्टाचार पर जोर दिया गया.
राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने दी पार्टी की रीति-नीति की शिक्षा : किरण देव
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा प्रशिक्षण शिविर के पहले सत्र का उद्घाटन कर दरिमा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुए. उन्होंने शिविर में सांसदों और विधायकों को पार्टी की रीति और नीति की शिक्षा दी. सभी विधायकों, सांसदों और मंत्रियों को “हमारा विचार और पंच प्रण” पर प्रशिक्षण दिया. जेपी नड्डा 2 घंटे तक प्रशिक्षण शिविर में रहे और पार्टी की कार्यपद्धति पर प्रशिक्षण दिया.
IAS यशवंत कुमार को सौंपा गया सचिव खेल एवं युवा कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार, आदेश जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार (IAS 2007) को खेल एवं युवा कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इसका आदेश सचिव मुकेश कुमार बंसल द्वारा राज्यपाल के नाम से और उनके निर्देशानुसार जारी किया गया है। आदेश के तहत हिमशिखर गुप्ता (IAS 2007) को इस विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। हालांकि, वे अपने अन्य दायित्वों जैसे सचिव, श्रम विभाग और सचिव, गृह एवं जेल विभाग के कार्यभार पर पूर्ववत बने रहेंगे।
देखें आदेश

BSP में जर्जर स्ट्रक्चर गिरा, बाल-बाल बचे कर्मचारी
दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में आज उस समय हड़कंप मच गया जब कोक ओवन बैटरी 5-6 का जर्जर स्ट्रक्चर अचानक ढह गया। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्थाओं और मेंटेनेंस को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि स्ट्रक्चर के नीचे आमतौर पर कर्मचारियों की आवाजाही होती है, लेकिन हादसे के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद संयंत्र प्रबंधन ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। वहीं बीएसपी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
कोक ओवन बैटरी 5-6 के ढहने से हॉट मेटल प्रोडक्शन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यह पहली बार नहीं है जब संयंत्र में कोई जर्जर ढांचा गिरा हो। भिलाई इस्पात संयंत्र में कई संरचनाएं 70 साल पुरानी हैं, जिनकी हालत जर्जर हो चुकी है। बताया जा रहा है कि प्रबंधन ने इसके लिए कई बार जांच कमेटियां गठित की गई, लेकिन कमेटी की रिपोर्ट को हर बार दरकिनार किया गया। संयंत्र में मेंटेनेंस का अभाव होने से कभी भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
किसान-जवान-संविधान सभा : कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा सरकार पर जमकर साधा निशाना
रायपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रायपुर के साइंस कॉलेज में आयोजित किसान-जवान-संविधान सभा को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, रायपुर में मेरी अध्यक्षता में महाधिवेशन हुआ था, जब भूपेश बघेल सीएम थे. रायपुर से सामाजिक न्याय का जो नारा बुलंद हुआ उसने 2024 में मोदी सरकार के अहंकार को तोड़ दिया. बीजेपी ऐसे हालात में है कि खुद की सरकार भी नहीं बना सकी. मोदीजी सिर्फ दो टांग लेकर चल रहे हैं, एक टांग नीतीश बाबू और एक टांग TDP है. एक ने भी लात मार दी तो मोदीजी हार जाएंगे.
अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने सभा में पहुंचे लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इतनी बारिश में आपका यहां आना यह बताता है कि आप हमारे साथ हैं. आप सभी साथ हैं तो हमें कोई नहीं हरा सकता. खरगे ने कहा, मोदी ने छत्तीसगढ़ के लोगों के जीवन को तबाह करने का काम किया. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर उन्होंने कहा, शाह काे यहां बार-बार क्यों आना, क्या उनका घर है या ससुराल है ? यहां के मुख्यमंत्री को तो बैठो कहने पर बैठ जाते हैं, उठो बोलो तो उठ जाते हैं. इतना अपमान सह रहे हैं, लेकिन पद नहीं छोड़ रहे.
‘झूठों के सरदार हैं भाजपा सरकार’
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा, भाजपा सरकार ने हमारे छत्तीसगढ़ के जवानों और किसानों को धोखा दिया, क्योंकि ये झूठ बोलते हैं. ये लोग कैसे जीत जाते हैं समझ नहीं आता. ये इतना झूठ बोलते हैं इसीलिए मैं कहता हूं कि ये झूठों के सरदार हैं. ये लोग डबल इंजन की बात करते हैं, ये कैसा डबल इंजन हैं. एक छोटा और एक बड़ा है तो गाड़ी कैसे चलेगी. जो गुलामगिरी करते हैं वही लोग ये सब करते हैं. खरगे ने कहा, भाजपा के लोग ऐसा क्या कर रहे हैं कि 2025-26 में इन्होंने 47 हजार करोड़ कर्ज लिया. हमारे जमाने में एक रुपए भी कर्ज बढ़ता था तो लोग रास्ते पर आते थे. कहां है वो लोग, अब क्यों नहीं आते. 11 सालों में जो काम इन्हें ठीक से करना था वो नहीं किया. अब फिर प्रदेश का कर्ज बढ़ा रहे.
‘मीटिंग में नहीं आते प्रधानमंत्री, ये शर्म की बात’
पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव की स्थिति काे लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने आक्रोश भरी आवाज में कहा, दो बार मीटिंग हुई, दूसरी बार भी प्रधानमंत्री मोदी मीटिंग में नहीं आए. ये शर्मनाक है. देश के लोगों की बेइज्जती है. बार-बार बुलाने के बाद भी पीएम नहीं आते. ये शर्म की बात है. अंत में खरगे ने छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया के नारों के साथ अपना भाषण खत्म किया. इस दौरान सभा स्थल नारों से गूंज उठी.


