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बंदूक की राह नहीं, विकास की राह ही भविष्य का सही विकल्प - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। बीजापुर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम को आज एक बड़ी सफलता मिली। जिले में सक्रिय 23 लाख रुपए के इनामी 13 कुख्यात हार्डकोर नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों में से दस पर ₹1 लाख से ₹8 लाख तक के इनाम घोषित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ट्वीट किया कि यह महत्वपूर्ण आत्मसमर्पण राज्य सरकार की "आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति - 2025" और "नियद नेल्ला नार योजना" की प्रभावशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसके माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास का वातावरण और बदलाव की सकारात्मक लहर सृजित हो रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अब नक्सली भी यह समझने लगे हैं कि बंदूक की राह नहीं, बल्कि विकास की राह ही भविष्य का सही विकल्प है। सरकार इन सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, कौशल उन्नयन एवं पुनरुत्थान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लक्ष्य को सुनिश्चित करने के लिए हमारी सरकार पूर्णतः संकल्पबद्ध है।
13 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, सरकार की नीति से प्रभावित होकर छोड़ा हिंसा का रास्ता
बीजापुर। सरकार की महत्वपूर्ण योजना नियद नेल्लानार व पुर्नवास नीति से प्रभावित होकर कंपनी नंबर 02 के पार्टी सदस्य सहित 13 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. इन 13 लोगों माओवादियों पर 23 लाख का इनाम घोषित था. बता दें कि इस साल अब तक 241 माओवादियों ने सरेंडर किया है.
सभी आत्मसमर्पण 13 माओवादी फायरिंग, आईडी ब्लास्ट, आगजनी जैसे अन्य घटनाओं में शामिल रहे हैं. सीआरपीएफ डीआईजी बीएस नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंयक गुर्जर, उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू एवं अन्य अधिकारियों के समक्ष नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को अधिकारियों ने 50-50 हजार रुपए नगद राशि दी.
अब तक मारे गए 126 नक्सली
बता दें कि इस साल अब तक कुल 241 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर किया है. कुल 270 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा 126 माओवादियों को अलग-अलग मुठभेड़ में सुरक्षाबल के जवानों ने मार गिराया गया है.
निर्माण कार्यों की धीमी गति पर कलेक्टर का फूटा गुस्सा : SDO, सब इंजीनियर को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश
मुंगेली। जिले में निर्माणाधीन जल संसाधन परियोजनाओं की धीमी गति और लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती पर कलेक्टर कुन्दन कुमार ने आज दो बैठक ली। उन्होंने एक के बाद एक समीक्षा बैठकों में अफसरों को कड़े निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल संसाधन विभाग की बैठक में जहां लापरवाह एसडीओ और सब इंजीनियरों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, वहीं विद्युत विभाग को चेतावनदी दी कि बिजली कटौती की समस्या का त्वरित समाधान हो, नहीं तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है।

निर्माण कार्यों की धीमी चाल पर फटकार
कलेक्टर ने मनियारी सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जल संसाधन विभाग के कार्यों की गहराई से समीक्षा की। मनियारी बैराज, पथरिया बैराज, तोताकापा-सहसपुर व्यपवर्तन योजना, धरदेई व जुनवानी जलाशय, संबलपुर और जेवरा एनीकट जैसे कई योजनाओं में प्रगति अत्यंत धीमी पाई गई। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कार्यपालन अभियंता एसके भदौरिया को लापरवाह एसडीओ और सब इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
मनियारी बैराज की होगी विशेष जांच
मनियारी बैराज निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवालों के बीच कलेक्टर ने इस योजना की जांच के लिए अपर कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी की अध्यक्षता में एक जांच टीम गठित की है। जांच टीम को एक सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट देने कहा गया है। कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा. दोषी अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा से मौसीबाड़ी पहुंचे, 9 वें दिन होगी भव्य वापसी, मुख्यमंत्री रथयात्रा में हुए शामिल
रायपुर। जशपुर ज़िले के ऐतिहासिक एवं प्राचीन जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष भी रथयात्रा महोत्सव का आयोजन परंपरागत श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ किया गया। मंदिर से रथ यात्रा के रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय ने जगन्नाथ मंदिर में पूरे विधि-विधान से भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने झाडू से रथयात्रा के मार्ग को बुहारकर छेरा-पहरा की रस्म निभाई।



मुख्यमंत्री श्री साय ने हजारों श्रद्धालुओं के साथ भक्तिभावपूर्वक रथ यात्रा में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के रथ को रस्सी खींचकर आगे बढ़ाया। पूरा वातावरण जय जगन्नाथ के जयघोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय उल्लास से गूंज उठा। रथ यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए मौसीबाड़ी पहुंची। भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा नौ दिनों तक अपनी मौसी के घर मौसीबाड़ी में विराजमान रहेंगे। नौवें दिन 5 जुलाई को शुभ वापसी श्री जगन्नाथ मंदिर, दोकड़ा में होगी। यह आयोजन ओडिशा के पुरी धाम की परंपरा के अनुरूप आयोजित किया गया है।
दोकड़ा में सन् 1942 से जारी है रथ यात्रा की परंपरा
रथ यात्रा की शुरुआत दोकड़ा में वर्ष 1942 में हुई थी। इसकी शुरूआत स्वर्गीय सुदर्शन सतपथी एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय सुशीला सतपथी द्वारा श्रद्धा और समर्पण के साथ की गई थी। तब से यह परंपरा निरंतर श्रद्धा और उत्साह के साथ निर्विघ्न रूप से जारी है। समय के साथ यह आयोजन अब एक भव्य धार्मिक मेले का रूप ले चुका है, जिसमें श्रद्धालुओं की विशाल सहभागिता देखने को मिलती है।
रथ यात्रा के पावन अवसर पर ओडिशा से आमंत्रित कीर्तन मंडलियों ने भक्ति संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। साथ ही रथ यात्रा में अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां भी शामिल रहीं, जो भगवान श्री जगन्नाथ की महिमा और हमारी सांस्कृतिक विविधता की भव्यता को अत्यंत आकर्षक रूप में प्रदर्शित कर रही थीं।
नौ दिनों तक चलेगा धार्मिक पर्व
श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा के सदस्यों ने बताया कि रथ यात्रा महापर्व नौ दिवसीय भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिर परिसर और दोकड़ा गांव पूरे श्रद्धा और उत्साह से सराबोर रहता है। पूरे महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, संगीतमय प्रस्तुतियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ बच्चों और युवाओं के लिए विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, जो पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक रंगों से भर देता है।
रथ यात्रा के उपलक्ष्य में दोकड़ा में एक विशाल मेले का भी आयोजन किया गया है, जो इस उत्सव की शोभा को और अधिक बढ़ा देता है। मेला परिसर में मनोरंजन के लिए झूले, स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल, पारंपरिक हस्तशिल्प की दुकानें और अन्य आकर्षण मौजूद हैं। जो सभी के लिए आनंद का केंद्र बनते हैं। यह आयोजन आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम है।
भारतमाला प्रोजेक्ट में गड़बड़ी को लेकर निलंबित पटवारी ने फॉर्महाउस में लगाई फांसी
तखतपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर विधानसभा क्षेत्र में पटवारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. जानकारी के मुताबिक, उन्होंने अपनी बहन की फार्महाउस में रस्सी का फंदा बनाकर खुदकुशी की है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची है. घटना स्थल से सुसाइड नोट बरामद किया गया है. मामले की जांच के बाद आत्महत्या की वजह सामने आएगी.
जानकारी के अनुसार, मृतक सुरेश मिश्रा तखतपुर तहसील के राजस्व विभाग में बतौर पटवारी कार्यरत थे और भाड़म पंचायत का प्रभार संभाल रहे थे. तीन दिन पहले ही भारतमाला प्रोजेक्ट में गड़बड़ी को लेकर एसडीएम ने उन्हें निलंबित किया था.
बता दें कि पटवारी सुरेश मिश्रा दो दिन बाद यानी 29 जून को सेवानिवृत्त होने वाले थे, मगर उससे पहले ही यह आत्मघाती कदम उठाकर उन्होंने सबको हैरान कर दिया.
तीन दिन पहले ही में हुए थे निलंबित
जानकारी के मुताबिक, पटवारी सुरेश मिश्रा को 24 जून को भारतमाला प्रोजेक्ट में अनियमितता के चलते निलंबित किया गया था. यह भी बताया जा रहा है कि बीते छह महीनों के भीतर वह दो बार निलंबन की कार्रवाई का सामना कर चुके थे.

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव, जांच में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही तखतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की. इसके बाद सुरेश मिश्रा का शव पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेजा गया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
वाणिज्यिक कर विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला : गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिए बरसो से जमे अफसर किए गए इधर से उधर, देखें लिस्ट…
रायपुर। वाणिज्यिक कर विभाग की कार्यशैली में गुणवत्तापूर्ण सुधार के उद्देश्य से राज्य सरकार ने वाणिज्यिक कर विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला किया है. सालों से एक ही जगह पर पदस्थ डेढ़ सौ से ज्यादा अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है.
जारी आदेश में राज्य कर उपायुक्त के अलावा राज्य कर संयुक्त आयुक्त, राज्य कर सहायक आयुक्त, राज्य कर निरीक्षक एवं राज्य कर अधिकारियों का तबादला किया गया है.
देखें लिस्ट –










छत्तीसगढ़ में रेल क्रांति : 47 हजार करोड़ रूपए की रेल विकास परियोजनाएं प्रगति पर, वर्ष 2030 तक रेल नेटवर्क हो जाएगा दोगुना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को पूरा करने और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने के लिए नई-नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिल रही है। वर्ष 1853 से लेकर 2014 तक 161 साल में छत्तीसगढ़ में केवल 1100 रूट किलोमीटर रेल लाइन बिछाई गई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से वर्ष 2030 तक प्रदेश में रेल नेटवर्क दोगुना बढ़कर 2200 रूट किलोमीटर हो जाएगा।
केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में छत्तीसगढ़ को 6925 करोड़ रूपए राशि आबंटित की गई है। वर्तमान में केन्द्र सरकार की मदद से छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रूपए की लागत से रेल विकास परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। राज्य को दो नई वंदे भारत ट्रेन रायपुर-विशाखापटनम और रायपुर-नागपुर की सौगात मिली है। इसके अलावा राज्य सरकार ने मेट्रो ट्रेन के लिए सर्वे कराने का भी निर्णय लिया है। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में बिलासपुर में जोनल कार्यालय को मंजूरी दी गई थी।
छत्तीसगढ़ को नई और प्रगतिरत रेल परियोजना के पूर्ण होेने से राज्य में रेल सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के साथ ही यहां पर्यटन, व्यापार, उद्योग के साथ-साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इन रेल परियोजनाओं से सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
वर्ल्ड क्लास रेल्वे स्टेशन
छत्तीसगढ़ राज्य के 32 स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। ये स्टेशन आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त, विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित बनाए जा रहे हैं। हाल में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमृत भारत रेल्वे स्टेशन योजना के तहत राज्य के 5 पुनर्विकसित अंबिकापुर, उरकुरा, भिलाई, भानुप्रतापपुर एवं डोंगरढ़ स्टेशनों का लोकार्पण किया गया है।
अमृत भारत रेल्वे स्टेशन योजना में लगभग 1680 करोड़ रूपए की लागत से 32 रेल्वे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें तीन प्रमुख स्टेशनों बिलासपुर (लागत 435 करोड़), रायपुर (लागत-463 करोड़) एवं दुर्ग स्टेशन (लागत-456 करोड़) का व्यापक पुनर्विकास भी शामिल है। अमृत भारत स्टेशन के अंतर्गत भाटापारा, भिलाई पावर हाउस, तिल्दा नेवरा, बिल्हा, बालोद, दल्लीराजहरा, हथबंद, सरोना, मरोदा, मंदिरहसौद, निपानिया, भिलाई नगर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, बाराद्वार, चाम्पा, नैला, जांजगीर, अकलतरा, कोरबा, उसलापुर, पेंड्रा रोड, बैकुंठपुर रोड, बिलासपुर, महासमुंद, जगदलपुर के स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।
प्रगतिरत रेल परियोजनाएं
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रूपए की लागत से स्वीकृत रेल परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार है- राजनांदगांव-नागपुर तीसरी लाइन लम्बाई 228 किमी, छत्तीसगढ़ में 48 किमी, लागत 3544.25 करोड़, बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन, लंबाई-206 किमी, छत्तीसगढ़ में 153 किमी, लागत 2135.34 करोड़, खरसिया-धरमजयगढ़ नई रेललाइन, लंबाई-162.5 किमी, लागत 3438.39 करोड़, गौरेला-पेंड्रा रोड-गेवरा रोड परियोजना, लंबाई 156.81 किमी, लागत 4970.11 करोड़, केन्द्री-धमतरी एवं अभनपुर-राजिम आमान परिवर्तन, लंबाई-67.20 किमी, लागत- 544 करोड़, बोरिडांड-अम्बिकापुर दोहरीकरण, लंबाई 80 किमी, लागत-776 करोड़, चिरमिरी-नागपुर न्यू हॉल्ट लाइन, लंबाई-17 किमी, लागत-622.34 करोड़ रूपए शाामिल हैं।
बस्तर अंचल में नई स्वीकृत रेल परियोजनाएं
भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन (140 किमी) परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 3513.11 करोड़ रुपए की लागत आएगी। यह निर्णय बस्तर अंचल के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
रावघाट-जगदलपुर रेललाइन की मंजूरी से बस्तर अंचल में यात्रा, पर्यटन, व्यापार और रोजगार की सम्भावनाएं बढ़ेंगी। यह रेल परियोजना नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। बस्तर में केके रेल लाईन (कोत्तवलसा से किंरदुल) दोहरीकरण का काम तेजी से चल रहा है। 446 किलोमीटर लम्बाई के रेल लाईन का 170 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ में है। छत्तीसगढ़ में इस रेल लाईन का 148 किलोमीटर दोहरीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है।
सुकमा-दंतेवाड़ा-बीजापुर भी रेल नेटवर्क में
कोठागुडेम (तेलंगाना) से किरंदुल तक प्रस्तावित 160.33 किमी लंबी नई रेललाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे कार्य को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद सर्वे अब अंतिम चरण में है। इस प्रस्तावित रेललाइन का 138.51 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर से होकर गुजरेगा, जो अब तक रेल कनेक्टिविटी से वंचित रहे हैं। यह परियोजना न केवल आवागमन को सरल बनाएगी, बल्कि इन जिलों के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
नई रेल परियोजनाओं का सर्वे अंतिम चरण में
छत्तीसगढ़ में अम्बिकापुर-बरवाडीह 200 किलोमीटर लागत 9718 करोड़, खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा नई रेल लाइन 278 किलोमीटर लागत 7854 करोड़, रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन 140 किलोमीटर लागत 3513 करोड़, सरदेगा-भालूमाड़ा नई रेललाइन 37.24 किलोमीटर लागत 1282 करोड़ रूपए और धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा 301 किलोमीटर लागत 16,834 करोड़ रूपए रेल परियोजनाओं का डीपीआर तैयार हो रहा है। धरमजयगढ़-लोहरदगा और अंबिकापुर-बरवाडीह रेल परियोजना के लिए सर्वेक्षण का काम अंतिम चरण में।
छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरपोरेशन की परियोजना
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए कटघोरा से डोंगरगढ़ रेल लाईन निर्माण के लिए 300 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इस रेल लाईन के बनने से नागपुर-झारसुगुड़ा रेल मार्ग पर चलने वाली माल-गाड़ियों का लोड कम होगा। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति द्वारा छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरपोरेशन को डोंगरगढ़-कबीरधाम-मुंगेली-कटघोरा रेलमार्ग हेतु भू-अर्जन एवं प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए 300 करोड़ रुपए की राशि दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
पुस्तक वितरण में लापरवाही पर संकुल समन्वयक निलंबित
रायपुर। पुस्तक वितरण में लापरवाही बरतने पर संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग ने संकुल समन्वयक को निलंबित कर दिया है. संभागीय संयुक्त संचालक के निर्देश पर बुक स्कैनिंग कार्य की समीक्षा के लिए सहायक संचालक उषा किरण खलखो एवं सुरेखा थानथराट ने संकुल केन्द्र भूकेल का आकस्मिक निरीक्षण किया. इस दौरान संकुल समन्वयक मनबोध नंद मूल पद शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पौसरा, विकासखंड बसना द्वारा पुस्तक वितरण में लापरवाही पाई गई.
संकुल समन्वयक ने पुस्तक वितरण में चार दिवस की देरी एवं 8 विद्यालयों में काम प्रारंभ न होने की स्थिति के संबंध में संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया. साथ ही 25 जून को आयोजित ऑनलाइन बैठक में भी वे अनुपस्थित रहे. पाठ्यपुस्तकों की डिलीवरी 21 जून को प्राप्त होने के बावजूद वितरण 25 जून को करने, स्कैनिंग कार्य में लापरवाही और विभागीय दिशा-निर्देशों की अवहेलना को गंभीर कदाचार एवं अनुशासनहीनता मानते हुए उक्त कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 के प्रतिकूल पाया गया.
संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर राकेश कुमार पाण्डेय ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक के प्रतिवेदन के आधार पर संकुल समन्वयक मनबोध नंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा. उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मगरलोड, जिला धमतरी नियत किया गया है.
IOB लोन घोटाले में बड़ा खुलासा: चार बैंक कर्मचारी आरोपित, EOW ने दाखिल किया 2000 पेज का चालान
रायपुर। इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) की राजिम शाखा में 1.65 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश करते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) ने चार आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चालान दाखिल किया है। यह चालान लगभग 2000 पन्नों का है और इसमें बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा की गई सुनियोजित धोखाधड़ी की पूरी कहानी दर्ज है।
यह गंभीर घोटाला दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 के बीच इंडियन ओवरसीज बैंक, राजिम शाखा, जिला गरियाबंद में अंजाम दिया गया। 17 खाताधारकों के नाम पर बिना उनकी जानकारी और सहमति के फर्जी ज्वेल लोन स्वीकृत किए गए। न ही खाताधारक बैंक में उपस्थित थे, न ही कोई वाउचर भरा गया । संपूर्ण प्रक्रिया कम्प्यूटर सिस्टम में कूटरचित तरीके से दर्ज की गई, जिससे बैंक को 1.65 करोड़ 44 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
कैसे हुआ खुलासा?
यह घोटाला तब उजागर हुआ जब खाताधारकों को उनके नाम से लोन स्वीकृति की जानकारी मिली और उन्होंने बैंक में आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू की, जिसमें पाया गया कि बिना किसी दस्तावेज या भौतिक उपस्थिति के कंप्यूटर सिस्टम में ज्वेल लोन दर्ज किए गए थे। EOW अब डिजिटल सबूत, लेन-देन के रिकॉर्ड, सिस्टम एक्सेस लॉग्स और CCTV फुटेज की जांच के जरिए अन्य संलिप्त लोगों की पहचान कर रही है। इस घोटाले में और लोगों के संलिप्त होने की भी संभावना जताई जा रही है।
आरोपियों की पहचान
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सुनील कुमार – तत्कालीन शाखा प्रबंधक
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अंकिता पाणिग्रही – तत्कालीन सहायक शाखा प्रबंधक
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योगेश पटेल – तत्कालीन लिपिक
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खेमनलाल कंवर – तत्कालीन लिपिक
इन सभी आरोपियों को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है, और अब उनके खिलाफ धारा 409, 467, 468, 471, 120बी, 201 भादंवि एवं धारा 13(1)(क) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है।
रक्त शक्ति महा-अभियान: एक दिन में 51 हजार एनीमिया जांच कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
रायपुर। एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को जिले में शामिल करते हुए 26 जून को गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में चलाए गए रक्त शक्ति महा अभियान में एक ही दिन में जिले की 13 से 45 वर्ष आयु वर्ग की 51,727 महिलाओं का हीमोग्लोबीन (एचबी) जांच कराने पर जिले का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हो गया है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की स्टेट हेड सोनल राजेश शर्मा ने आज एसेम्बली हॉल मल्टीपरपज स्कूल पेण्ड्रा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए जिला कलेक्टर को प्रमाण पत्र प्रदान किया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में जिले का नाम दर्ज होने पर इस उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला प्रशासन को शुभकामनाएं और बधाई दी है। उन्होंने कहा कि रक्त की कमी होने से बहुत सारी समस्याएं होती है। एचबी की वास्तविक जानकारी प्राप्त करने के लिए रक्त शक्ति महा अभियान ने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है।
जिला कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने कहा कि इस अभियान में जिला स्तर से लेकर मैदानी स्तर के सभी विभागों के अमले की सेवाएं ली गई। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और मीडिया की भी सराहनीय सहभागिता रही। अभियान में मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्व सहायता समूह की महिलाएं, पंचायत सचिव, पटवारी, कोटवार, ग्रामीण कृषि विकास विस्तार अधिकारियों ने इस उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान किया है।
अवैध होर्डिंग्स, फ्लैक्स लगाने वालों की अब खैर नहीं, इंदौर से सीख लेकर नगर निगम ने की पहल
दुर्ग। भिलाई नगर निगम में भी अब इंदौर की तरह अवैध होर्डिंग्स और फ्लैक्स नजर नहीं आएंगे। शहर के स्ट्रीट पोल और दीवारों पर बेतरतीब होर्डिंग लगाने वालों पर नगर निगम कार्रवाई करेगी। इसके लिए राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी जनजागरूकता लाने का प्रयास किया जाएगा। इस पहल की शुरुआत प्रशिक्षण टूर के बाद इंदौर दौरे से लौटे महापौर नीरज पाल ने की है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में सभी नगरीय निकायों को स्वच्छ बनाने और स्वच्छता रैंकिंग में आगे आने के लिए राज्य सरकार अब अन्य राज्यों के नंबर वन नगरीय निकायों का अपने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को विजिट करा रहे. वहां की व्यवस्थाओं को अपने नगरीय निकायों में अपनाने के लिए शैक्षणिक भ्रमण पर भेजे जा रहे हैं।

एमआईसी की सहमति से महापौर ने तैयार किया प्रस्ताव
इस बार दुर्ग जिले के सभी नगरीय निकायों के महापौर, नगर निगम कमिश्नर और स्वास्थ्य अधिकारी इंदौर नगर निगम के 3 दिवसीय दौरे पर थे, जहां वेस्ट मैनेजमेंट और पब्लिक अवेयरनेश, मॉनिटरिंग पर प्राथमिक तौर पर काम किया जा रहा है। वहीं भिलाई निगम को स्वच्छ बनाने के लिए इंदौर नगर निगम की तरह अवैध होर्डिंग और पोस्टर लगाने पर अब कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अलग से नियम बनाए जाएंगे। इसके लिए भिलाई नगर निगम के महापौर नीरज पाल ने एमआईसी की सहमति लेकर प्रस्ताव तैयार किया है। वहीं सार्वजनिक प्रचार प्रसार के लिए यूनिपोल और एलईडी स्क्रीन के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
राज्यपाल डेका के साथ मुख्यमंत्री साय ने की भगवान जगन्नाथ की पूजा…
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गायत्री नगर रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा महोत्सव में शामिल हुए। राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर ‘छेरा-पहरा‘ की रस्म निभाई। राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी ने श्री जगन्नाथ जी की विधि-विधान से पूजा अर्चना की।



मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित रथ यात्रा में शामिल हुए। रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में विशेष विधि-विधान के साथ महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व भगवान की प्रतिमाओं को मंदिर से रथ तक लाया गया और मार्ग को सोने की झाड़ू से स्वच्छ किया गया। इस परंपरा को छेरापहरा कहा जाता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को रथ यात्रा की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व ओडिशा के लिए जितना बड़ा उत्सव है, उतना ही बड़ा उत्सव छत्तीसगढ़ के लिए भी है। श्री साय ने कहा कि भगवान जगन्नाथ किसानों के रक्षक हैं। उन्हीं की कृपा से वर्षा होती है, धान की बालियों में दूध भरता है और किसानों के घरों में समृद्धि आती है। मैं भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ में भरपूर फसल हो। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा से मेरी विनती है कि वे हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और हमें शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की ओर अग्रसर करें।
मुख्यमंत्री ने सोने की झाड़ू से छेरापहरा की रस्म निभाई
राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में पुरी की रथ यात्रा की तर्ज पर यह पुरानी परंपरा निभाई जाती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छेरापहरा की रस्म पूरी करते हुए सोने की झाड़ू से मार्ग बुहारकर रथ यात्रा का शुभारंभ किया। इसके उपरांत उन्होंने भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा को रथ तक ले जाकर विराजित किया।
ओडिशा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में होती है रथ यात्रा
रथ यात्रा के लिए भारत में ओडिशा राज्य प्रसिद्ध है। ओडिशा का पड़ोसी राज्य होने के कारण छत्तीसगढ़ में भी इस उत्सव का व्यापक प्रभाव है। आज निकाली गई रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा की विशेष विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के पुजारी के अनुसार उत्कल संस्कृति और दक्षिण कोसल की संस्कृति के बीच यह एक अटूट साझेदारी का प्रतीक है। ऐसी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ का मूल स्थान छत्तीसगढ़ का शिवरीनारायण तीर्थ है, जहां से वे जगन्नाथ पुरी में स्थापित हुए। शिवरीनारायण में ही त्रेता युग में प्रभु श्रीराम ने माता शबरी के प्रेमपूर्वक अर्पित मीठे बेर ग्रहण किए थे। यहां वर्तमान में नर-नारायण का भव्य मंदिर स्थापित है।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, धर्मलाल कौशिक सहित अन्य गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक 30 जून को, नये चीफ सेकरेट्री से कैबिनेट को कराया जायेगा परिचित
रायपुर। साय कैबिनेट की बैठक 30 तारीख को होगी। इस बैठक में मौजूदा सीएस अमिताभ जैन को विदाई दी जाएगी। साथ ही नए सीएस के परिचय की औपचारिकता निभाई जाएगी। आईएएस के 89 बैच के अफसर अमिताभ जैन प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा समय तक रहने वाले सीएस हैं। वो चार साल से अधिक सीएस के पद पर रहे। दोपहर 12 बजे से ये बैठक मंत्रालय में होगी।
विष्णुदेव कैबिनेट की बैठक में मौजूदा मानसून को लेकर भी चर्चा होगी। किसानों को खाद बीज की उपलब्धता, डीएपी की कमी जैसे मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा होगी। वहीं मानसून सत्र को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा की जायेगी।
पंचतत्व में विलीन हुए प्रसिद्ध कवि पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा से अमेरिका तक अपनी कविताओं से सबका दिल जितने वाले पद्मश्री से सम्मानित कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे आज पंचतत्व में विलीन हो गए. मारवाड़ी शमशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार में राजनीति, साहित्य और कला क्षेत्र की बड़ी हस्तियां मौजूद रहे.
राजनीति, साहित्य और कला क्षेत्र की बड़ी हस्तियां रहे शामिल
डॉ. सुरेंद्र दुबे के अंतिम संस्कार में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, विधायक अनुज शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, गृहमंत्री विजय शर्मा, वरिष्ठ मंत्री राम विचार नेताम, विधायक सुनील सोनी शामिल हुए. वहीं सूफी भंजन गायक पद्मश्री मदन चौहान, कवि सुदीप भोला, गायक-अभिनेता सुनील तिवारी मौजूद रहे.
वसीम खेमानी बने छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश उपाध्यक्ष
गरियाबंद। चेंबर ऑफ कॉमर्स की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा गुरुवार को की गई, जिसमें रायपुर के युवा व्यापारी वसीम खेमानी को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी नियुक्ति पर व्यापारिक जगत में खुशी की लहर है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार मेमन ने वसीम खेमानी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि चेंबर में युवा नेतृत्व से संगठन को मजबूती मिलेगी और व्यापारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।
वहीं, अपनी नियुक्ति पर वसीम खेमानी ने चेंबर के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थोरानी सहित सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि जो विश्वास उन पर जताया गया है, उस पर वे खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि वे सभी व्यापारियों के हित में कार्य करेंगे और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालेंगे।
इस अवसर पर लघु वनोपज ब्रोकर संघ, डूमरतराई व्यापारी एसोसिएशन, राइस मिल एसोसिएशन, कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन, उद्योग जगत, दलाल संघ सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भी वसीम खेमानी को बधाई दी।
सीएमएआई के साथ हुआ एमओयू, देश का नया टेक्सटाइल हब बनेगा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुंबई में आयोजित सीएमएआई फैब शो 2025 में हुए शामिल
छत्तीसगढ़ ने वस्त्र उद्योग क्षेत्र में निवेश के नए द्वार खोले – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
कहा टेक्सटाइल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पॉलिसी देश में सबसे बेहतर

