प्रदेश
पूर्व संसदीय सचिव बीजेपी से निष्कासित
रायपुर। भाजपा ने पूर्व संसदीय सचिव सिद्धनाथ पैकरा को पार्टी से निष्काषित कर दिया है. उनपर आरोप है कि उन्होंने बागी होकर भाजपा अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था. इसके चलते उन्हें भाजपा प्रदेश प्रभारी किरण सिंह देव ने 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है.
बता दें, बता दें कि बीते दिनों बलरामपुर जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव हुआ. बीजेपी समर्थित प्रत्याशियों ने दोनों ही पदों पर कब्जा जमाया. हीरामुनि निकुंज जिला पंचायत अध्यक्ष और धीरज सिंह देव निर्विरोध उपाध्यक्ष चुने गए. चुनाव शुरू होने से पहले ही भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी थी, लेकिन भूतपूर्व विधायक सिद्धनाथ पैकरा ने बागी होने की भूमिका निभाई और अध्यक्ष की उन्होंने दावेदारी की, जिस पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा.
वहीं चुनाव हारने के बाद पूर्व संसदीय सचिव सिद्धनाथ पैकरा ने अपनी हार का जिम्मेदार मंत्री राम विचार नेताम को ठहराया. उन्होंने कहा कि रायपुर से चलकर यहां आना उनकी यह चाल थी. पार्टी कार्यालय में ही उन्होंने सब कुछ गड़बड़ करवा दिया था, जिसका असर चुनाव में देखने को मिला. अब भाजपा ने उन्हें बागी होकर पार्टी के विरुद्ध काम करने के लिए निष्कासित कर दिया है.
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लोकतांत्रिक परंपराओं की मिसाल है छत्तीसगढ़ विधानसभा: मुख्यमंत्री विष्णदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रदेशवासियों की ओर से भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि जब छत्तीसगढ़ विधानसभा अपने गौरवशाली 25 वर्षों का उत्सव मना रही है, तब देश की प्रथम नागरिक हमारे बीच उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बने छत्तीसगढ़ का रजत वर्ष संयोग से उनके जन्मशताब्दी वर्ष में पड़ रहा है, जिसे हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी विधानसभा की 25 वर्षों की यात्रा लोकतंत्र की सुदृढ़ परंपराओं की प्रतीक है। वैदिक काल से चले आ रहे भारतीय लोकतंत्र को छत्तीसगढ़ ने अपने कार्यों से मजबूत किया है। सदन में जनहितकारी विषयों पर गंभीर चर्चाएं, सशक्त विमर्श और स्वस्थ वातावरण में लिए गए निर्णय, हमारी संसदीय संस्कृति को समृद्ध करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने केवल विधायी कार्य ही नहीं, बल्कि प्रतिनिधियों के नेतृत्व विकास को भी प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलनी चाहिए। हाल ही में विधानसभा सदस्यों के लिए आईआईएम रायपुर में आयोजित पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम इसका उदाहरण है, जहाँ नेतृत्व और प्रशासन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध हैं।
विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा को यह गौरव प्राप्त है कि तीसरी बार भारत के राष्ट्रपति ने सदन को संबोधित किया है। इससे पहले स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा देवी सिंह पाटिल विधानसभा को संबोधित कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु के सरल, संघर्षशील और प्रेरणादायक जीवन को देश की महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को लोकतांत्रिक मूल्यों की सुदृढ़ता की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि सदन में ‘स्वअनुशासन’ की परंपरा स्थापित की गई, जहां सदस्यों ने स्वयं बनाए नियमों का पालन कर पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया।
डॉ. सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय गतिविधियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 2011 में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, और 2012 में खाद्य सुरक्षा अधिनियम पारित किए, जो अंत्योदय और समावेशी विकास के प्रतीक हैं। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि शीघ्र ही विधानसभा नया रायपुर स्थित नवीन भवन में स्थानांतरित होगी। उन्होंने राष्ट्रपति जी की उपस्थिति को सदन की स्मृतियों में एक अमिट अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सदन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को नियमित रूप से पुरस्कार व सम्मान दिया जाता है, जो लोकतांत्रिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का हृदय से स्वागत करते हुए उन्हें संघर्ष, सादगी और सेवा की प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी का जीवन पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की उपस्थिति को ऐतिहासिक बताते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि हम सब उनके वचनों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ के विकास में एकजुटता से कार्य करेंगे।
इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने विधानसभा सदस्य संदर्भ पुस्तिका का विमोचन किया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म को पुस्तिका की प्रथम प्रति भेंट की। रजत जयंती समारोह के अवसर पर मंत्रीमंडल के सभी मंत्रीगण एवं विधानसभा के सभी सदस्यगण उपस्थित थे।
विधानसभा रजत जयंती: डिप्टी सीएम शर्मा बोले- राष्ट्रपति ने नक्सलवाद के विषय को किया चिन्हित, छत्तीसगढ़ में नक्सलिज्म अंतिम चरण में…
रायपुर। राष्ट्रपित द्रौपदी मुर्मू आज छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंची थीं. वे विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल होने के बाद वापिस दिल्ली रवाना हो गई हैं. उनके आगमन को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने नक्सलवाद के विषय को चिन्हित किया है. राष्ट्रपति ने कहा समूचे देश में यह चर्चा है कि सशस्त्र नक्सलिज्म अब समाप्त होने वाला है. छत्तीसगढ़ में भी यह अंतिम चरण में है.
नक्सलवाद को लेकर कहा – लड़ाई अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है
बता दें, राष्ट्रपति ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंति समारोह में सदस्यों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि “मुझे जानकारी दी गई है कि यह लड़ाई अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है. नक्सल प्रभावित जिलों के लोग विकास के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं और जल्द ही यह समस्या समाप्त हो जाएगी.”
उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बयान:
वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी राष्ट्रपति के छत्तीसगढ़ आगमन को लेकर मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अपना रजत जयंती वर्ष माना रहा है. इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आई थीं. इस दौरान उन्होंने सभी विधानसभा सदस्यों का मार्गदर्शन किया और पौधारोपण भी किया.

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि उनके छ्त्तीसगढ़ विधानसभा आगमन से सभी सदस्यों का उत्साहवर्धन हुआ है. इसके उन्होंने ने बताया कि राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति की तारीफ की और उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के संबंधों की भी चर्चा की है.
छत्तीसगढ़ विधानसभा में राष्ट्रपति का संबोधन : द्रौपदी मुर्मू ने मिनीमाता को किया याद, कहा- मेरा छत्तीसगढ़ से गहरा संबंध…मुझे गर्व है इस राज्य पर…
रायपुर। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज छत्तीसगढ़ विधान सभा के रजत जयंती समारोह में भाग लेते हुए प्रदेशवासियों को 25 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा की बधाई दी और विधान सभा की उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के असाधारण मार्गदर्शन का परिणाम बताया और उनके प्रति सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा, जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का एक प्रेरणास्पद उदाहरण है। उन्होंने अपने विधायक काल की स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा कि जन-प्रतिनिधि के रूप में कार्य करना जनसेवा की भावना से प्रेरित व्यक्तियों के लिए एक सौभाग्य होता है। उन्होंने विधान सभा को संस्कृति की संवाहक और नीति निर्धारण की दिशा देने वाला केंद्र बताया।
छत्तीसगढ़ विधान सभा: अनुकरणीय संसदीय आचरण का प्रतीक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा अपनाई गई अनुशासित और मर्यादित परंपराओं की सराहना की। विशेष रूप से उन्होंने ‘स्वयमेव निलंबन’ जैसे नियमों की सराहना की और इस बात को ऐतिहासिक बताया कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ विधानसभा में कभी भी मार्शल का उपयोग नहीं करना पड़ा।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ को मातृशक्ति का साक्षात प्रतीक बताते हुए राज्य की सांस्कृतिक गरिमा को नमन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की महिला विभूति मिनी माता को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया। साथ ही उन्होंने इस बात की सराहना की कि आज विधान सभा में 19 महिला विधायक हैं और राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही है। राष्ट्रपति ने महिला विधायकों से आह्वान किया कि वे राज्य की अन्य महिलाओं को सशक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की भावना को धरातल पर उतारने की अपील की।
समावेशी समाज की दिशा में छत्तीसगढ़ की नीतियाँ
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा पारित 565 विधेयकों को समावेशी विकास की दिशा में ऐतिहासिक बताया। विशेष रूप से महिलाओं को रूढ़ियों पर आधारित प्रताड़ना से मुक्त कराने वाले अधिनियम का उल्लेख करते हुए डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में इसे विधान सभा का महत्वपूर्ण योगदान बताया।
प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध, संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं विद्यमान है। उन्होंने कहा कि राज्य में खनिज, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावना है। उन्होंने पर्यावरण-संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां के पारंपरिक लोक शिल्प की देश-विदेश में सराहना होती है। यह सुंदर राज्य हरे-भरे जंगलों, झरनों तथा अन्य प्राकृतिक वरदानों से समृद्ध है। छत्तीसगढ़ को महानदी, हसदेव, इंद्रावती और शिवनाथ जैसी नदियों का आशीर्वाद प्राप्त है। छत्तीसगढ़ को आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित करना है। राज्य के आप सब नीति-निर्माताओं पर विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की ज़िम्मेदारी है। इसके साथ ही समाज के सभी वर्गों को आधुनिक विकास-यात्रा से जोड़ना भी सभी जनप्रतिनिधियों का उत्तरदायित्व है।
वामपंथी उग्रवाद से मुक्ति की ओर निर्णायक प्रगति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य अंतिम और निर्णायक दौर में पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ को उग्रवाद से पूर्णतया मुक्त करने के प्रयास में शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी और राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ेगा।
सामाजिक समरसता का मूलमंत्र : ‘मनखे-मनखे एक समान’
गुरु घासीदास के संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ को उद्धृत करते हुए राष्ट्रपति ने सामाजिक समानता और समरसता के आदर्श छत्तीसगढ़ के निर्माण की बात कही। राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा को आदर्श लोकतांत्रिक संस्थान बताते हुए राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और सभी जनप्रतिनिधियों से श्रेष्ठ छत्तीसगढ़ के निर्माण हेतु समर्पण की भावना से कार्य करने का आह्वान किया।

राज्यपाल रमेन डेका ने रजत जयंती समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति को अद्वितीय और प्रेरणादायक बताते हुए राज्य की जनता की ओर से उनका हृदय से स्वागत किया। उन्होंने भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व और जन-आकांक्षाओं की गहरी समझ का परिणाम था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ने ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में घोषित किया है, जिसमें अधोसंरचना विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। राज्यपाल श्री डेका ने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को गर्व और सम्मान की यात्रा बताया।
राज्यपाल ने विधानसभा द्वारा अपनाए गए ‘स्वयमेव निलंबन’ नियम को अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन का अद्भुत उदाहरण बताया। उन्होंने इसे पूरे देश की विधानसभाओं के लिए एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे राष्ट्रभर में सराहा गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा जन आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने वाला मंच है। राज्यपाल ने विधानसभा की नीतियों और कार्यक्रमों की सराहना की, जिनसे राज्य को सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाया गया। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास के निरंतर प्रयासों से बस्तर अंचल के आदिवासी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता मिल रही है।
खनिज संपदा से औद्योगिक शक्ति बनने की यात्रा
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का प्रमुख स्टील और ऊर्जा उत्पादक राज्य बताते हुए उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया। राज्यपाल ने जानकारी दी कि वर्तमान विधानसभा में 19 महिला विधायक हैं, जो कुल सदस्यों का 21.11 प्रतिशत हैं। इसे उन्होंने महिला सशक्तिकरण का श्रेष्ठ उदाहरण बताया और राज्य में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना की।उन्होंने छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को नमन करते हुए कई महापुरुषों का स्मरण किया, जिनमें माता शबरी, गुरु घासीदास, स्वामी विवेकानंद, वीर नारायण सिंह, मिनीमाता आदि प्रमुख हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद के किशोर जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष छत्तीसगढ़ में बीते, जिसने उनके आत्मिक विकास में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष हमें एक नई ऊर्जा देता है, और यह हमारा सामूहिक संकल्प होना चाहिए कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया की पहचान को बनाए रखते हुए राज्य को समान अवसर, सर्वांगीण समृद्धि और सांस्कृतिक गरिमा से युक्त विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में आगे ले जाएँ।
खैरागढ़ में ‘ऑक्टेव 25’ महोत्सव का हुआ भव्य समापन
खैरागढ़। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय ‘ऑक्टेव 25’ महोत्सव का कल भव्य समापन हुआ. दक्षिण-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस आयोजन में पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली. 21 से 23 मार्च 2025 तक चले इस भव्य आयोजन में असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के 280 से अधिक कलाकारों ने अपने पारंपरिक नृत्य और लोकसंस्कृति की अद्भुत प्रस्तुतियां दीं.

महोत्सव के आखिर दिन मणिपुर का ढोल चोलम, पुंग चोलम और बसंत रास, असम का बिहू नृत्य, त्रिपुरा का होजागीरी, नागालैंड का नजाता, अरुणाचल प्रदेश का गास्यो स्यो नृत्य, मिजोरम का चेराव नृत्य और सिक्किम का तामाङ सेलो जैसे अनूठे नृत्य रूपों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

पूर्वोत्तर के स्वाद और शिल्पकला का भी जलवा
सिर्फ नृत्य और संगीत ही नहीं, बल्कि इस महोत्सव में पूर्वोत्तर की पारंपरिक हस्तशिल्प कला और व्यंजनों का भी शानदार प्रदर्शन किया गया. दर्शकों ने न केवल रंग-बिरंगे और आकर्षक हस्तशिल्पों की खरीदारी की, बल्कि पूर्वोत्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी चखा. महोत्सव का ग्रैंड फिनाले विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें आठों राज्यों के कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया. पारंपरिक वेशभूषा, लोकसंगीत और नृत्यशैली ने दर्शकों को पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराया. समापन समारोह में रानी विभा देवव्रत सिंह समेत खैरागढ़ और देश-विदेश के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे. आयोजन की सफलता में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ और जिला प्रशासन का विशेष योगदान रहा.

खैरागढ़ बना सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र
‘ऑक्टेव 25’ महोत्सव ने न सिर्फ पूर्वोत्तर की समृद्ध लोकसंस्कृति को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने का कार्य किया, बल्कि खैरागढ़ को भी राष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजनों के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई. इस भव्य आयोजन ने पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विविधता और उसकी जीवंत परंपराओं को नए आयाम दिए.
विभिन्न राज्यों से आए कलाकार:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विधानसभा परिसर में किया कदम्ब का पौधरोपण
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विधानसभा परिसर में कदम्ब का पौधरोपण किया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित थे।
रायपुर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय ने किया स्वागत
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आज छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महापौर मीनल चौबे, रमेश बैस, सरोज पाण्डे, गौरीशंकर अग्रवाल, शिवरतन शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वागत किया।

विश्व क्षय दिवस: टीबी के खिलाफ जनजागरण और सहभागिता से ही बनेगा स्वस्थ छत्तीसगढ़ - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व क्षय (टीबी) दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से टीबी जैसे संक्रामक रोग के उन्मूलन के लिए एकजुट होकर कार्य करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि टीबी केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक विकास में बाधा उत्पन्न करने वाली चुनौती है, जिससे हमें मिलकर लड़ना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि टीबी, जिसे तपेदिक भी कहा जाता है, एक संक्रामक रोग है, जो मुख्यतः फेफड़ों को प्रभावित करता है और यह विश्वभर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है। लोगों को इसके लक्षणों, जांच और उपचार के प्रति जागरूक करना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हर वर्ष 24 मार्च को 'विश्व क्षय दिवस' मनाया जाता है, ताकि इस बीमारी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को गति दी जा सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में टीबी की रोकथाम के लिए प्रभावी और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी की निःशुल्क जांच और इलाज की सुविधा है, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आमजन से अपील की कि यदि लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना जैसे लक्षण हों, तो तुरंत जांच कराएं। उन्होंने कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते समय पर जांच हो और दवाएं नियमित रूप से ली जाएं। स्वस्थ जीवनशैली और सावधानी से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संघ की पत्रिका "सेवा शिखर" के प्रथम संस्करण का विधिवत विमोचन भी किया।
राज्य प्रशासनिक सेवा की भूमिका को बताया शासन का मजबूत स्तंभ
मुख्यमंत्री श्री साय ने मुलाकात के दौरान राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की योजनाओं और कार्यक्रमों का सफल क्रियान्वयन उन्हीं के माध्यम से धरातल पर संभव हो पाता है। उन्होंने कहा कि जनता तक शासन की नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुँचाने में इन अधिकारियों की निष्ठा, समर्पण और संवेदनशीलता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यही वे मूल्य हैं जो शासन और जनता के बीच की कड़ी को मजबूत करते हैं तथा प्रदेश के विकास को गति प्रदान करते हैं।
"सेवा शिखर" पत्रिका को बताया विचारों का सशक्त मंच
मुख्यमंत्री श्री साय ने "सेवा शिखर" पत्रिका के प्रथम संस्करण के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक सार्थक मंच बताया। उन्होंने कहा कि यह पत्रिका अधिकारियों को अपने अनुभव, विचार और सुझाव साझा करने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे एक जीवंत और संवादपूर्ण प्रशासनिक वातावरण का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य प्रशासनिक सेवा संघ को पत्रिका के प्रकाशन हेतु बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि यह पहल सेवा भावना, उत्तरदायित्व और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी और निष्ठा से करें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ सही अर्थों में अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष अजय त्रिपाठी, उपाध्यक्ष उमाशंकर बंदे, कोषाध्यक्ष नवीन भगत, सेवा शिखर पत्रिका के संपादक डॉ. अभिनव मिश्रा सहित अपूर्व प्रियेश टोप्पो, नंद कुमार चौबे, अर्चना पाण्डेय, दिव्या वैष्णव, बृजेश क्षत्रिय, डॉ. सुभाष राज, डॉ. धनंजय कुमार नेताम एवं घनश्याम कँवर उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में वनरक्षक भर्ती में गड़बड़ी का आरोप, पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने की केंद्रीय जांच की मांग
रायपुर। प्रदेश में पुलिस भर्ती के बाद अब वनरक्षकों की भर्ती में भी गड़बड़ी का मामला सामने आया है. इस संबंध में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स वी. श्रीनिवास राव पर गंभीर आरोप लगाते हुए केंद्रीय वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में शिकायत दर्ज कराई है. इस शिकायत के आधार पर केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वन विभाग में पहले कभी इतना भ्रष्टाचार नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि वनरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं की गई हैं और कैम्पा योजना के तहत भी भारी भ्रष्टाचार हुआ है.
उन्होंने बताया कि वनरक्षकों के 1,500 पदों के लिए नवंबर 2024 से दिसंबर 2024 के बीच बालोद, सरगुजा, महासमुंद, जशपुर, कांकेर, रायगढ़, कोरिया, बीजापुर, कवर्धा, राजनांदगांव, कोण्डागांव, जगदलपुर, रायपुर, धमतरी, बिलासपुर और कोरबा में शारीरिक परीक्षा आयोजित की गई थी. इस भर्ती के लिए 4.25 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया था.

ननकीराम कंवर ने बताया कि फिजिकल टेस्ट के लिए नियमों का पालन नहीं किया गया. सरकार के आदेश में स्पष्ट निर्देश था कि सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच पर्याप्त रोशनी में परीक्षा आयोजित की जाए, लेकिन कई जिलों में कृत्रिम रोशनी में परीक्षा कराई गई, जो कि नियमों के विरुद्ध है.
उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में टाइमिंग टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी को मशीनों की आपूर्ति और संचालन का टेंडर दिया गया था. 16 नवंबर को बीजापुर, दंतेवाड़ा और रायगढ़ में जब उम्मीदवार फिजिकल टेस्ट के लिए पहुंचे, तो एजेंसी मशीनें उपलब्ध कराने में असफल रही. इसके अलावा कई मशीनें सही ढंग से काम नहीं कर रही थीं, जिससे कई केंद्रों में भगदड़ की स्थिति बनी. रायगढ़ डीएफओ के पत्र में भी उल्लेख किया गया है कि रात में नापजोख की कार्रवाई की गई.
कंवर ने हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने करीबियों को मनमाने तरीके से करोड़ों रुपये के ठेके दिलाए. उन्होंने यह भी दावा किया कि कैम्पा योजना के बजट का दुरुपयोग किया.
कंवर ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया की गोपनीयता बनाए रखने के नियमों का उल्लंघन किया गया. एजेंसी ने स्थानीय लोगों की मदद से मशीनों का संचालन किया, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं. उन्होंने कहा कि इस एजेंसी को 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है, लेकिन उसने बेहद गैर-जिम्मेदाराना तरीके से काम किया है और चयन प्रक्रिया दूषित हुई है.
कंवर के पत्र पर केंद्रीय वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने वन विभाग के प्रमुख सचिव को जांच कर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल से भेंट कर दी बधाई एवं शुभकामनाएं
रायपुर। रायपुर सांसद एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने रविवार को छत्तीसगढ़ के प्रख्यात साहित्यकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिए नामित विनोद कुमार शुक्ल से उनके शैलेन्द्र नगर स्थित निवास में भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने विनोद जी को शाल तथा श्रीफल भेंटकर उन्हें सम्मानित भी किया। साहित्य में विनोद कुमार शुक्ल की अमूल्य योगदान की चर्चा करते हुए उन्होंने विनोद कुमार शुक्ल से कहा कि मुझे कई बार आपकी कविताएं सुनने का अवसर प्राप्त हुआ है। साथ ही बृजमोहन अग्रवाल ने विनोद कुमार शुक्ल से कहा कि आपके इस सम्मान से संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य गौरवान्वित महसूस कर रहा है। आपको अब तक देश तथा विश्व के सर्वोच्च सम्मान से विभूषित किया गया हैं जो हम सबके लिए गौरव की बात है।
बृजमोहन अग्रवाल ने विनोद कुमार शुक्ल से भेंट के दौरान कहा कि नरेश सक्सेना आप पर जो केंद्रित फिल्म बना रहे हैं जिसका उन्हें बेसब्री से इंतजार है। विदित हो कि नरेश सक्सेना द्वारा निर्मित विनोद कुमार शुक्ल पर केंदित डॉक्यूमेंट्री फिल्म की शूटिंग करने जब नरेश सक्सेना रायपुर आए थे उस समय बृजमोहन अग्रवाल ने अपना भरपूर सहयोग उन्हें प्रदान किया था।
इस भेंट के दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने श्री शुक्ल जी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की और आशा व्यक्त की कि वे आगे भी साहित्य जगत को अपने सृजन से समृद्ध करते रहेंगे तथा इसी तरह छत्तीसगढ़ राज्य को गौरवान्वित करते रहेंगे।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का 24 मार्च को छत्तीसगढ़ प्रवास : छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में होंगी शामिल
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कल 24 मार्च को छत्तीसगढ़ के एकदिवसीय दौरे में राजधानी रायपुर पहुंचेंगी और छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल होंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 24 मार्च को प्रातः 10.35 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर पहुंचेंगी और सीधे छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु प्रातः 11.15 बजे से छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल होंगी। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित विधानसभा के सदस्यगण उपस्थित रहेंगे।
आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल…
कोरबा। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, वहीं तीन लोग हुए गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना बांगो थाना क्षेत्र अंतर्गत कोसगई की है.
अचानक आये आंधी तूफान और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से घटी बड़ी घटना घटी. बिजली की चपेट में आने से जान गंवाने वालों में 27 वर्षीय कुमार और 35 वर्षीय नंद लाल यादव शामिल हैं. घटना की सूचना पर पहुंची 112 की टीम ने घायलों को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है.
बालको थाना क्षेत्र के सोनगुड़ा गांव से सामाजिक कार्यक्रम में परिवार कोसगई गया था. बकरा भात कार्यक्रम के दौरान अचानक आंधी-तूफान शुरू होने पर परिवार के सदस्य पेड़ के नीचे जा रहे थे. इस दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से सदस्य आ गए. संबंधित थाना को घटना की सूचना दी गई है.

मुख्यमंत्री श्री साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से की मुलाकात
भुवनेश्वर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से लोक सेवा भवन में मुलाकात की. इस शिष्टाचार भेंट में महानदी जल विवाद प्रमुख विषय रहा. इसके अलावा दोनों राज्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई.
ओडिशा मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बैठक में महानदी जल विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ पड़ोसी राज्य हैं, जिनकी भाषा और संस्कृति में कई समानताएं हैं. महानदी जल विवाद को आपसी सहमति से हल किया जाना चाहिए, ताकि दोनों राज्यों के लोगों का भला हो. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साई ने भी आपसी सहमति से समाधान निकालने की बात का समर्थन किया.
CASA के पदाधिकारियों का हुआ चयन, अजय त्रिपाठी चुने गए अध्यक्ष, उमाशंकर बंदे महासचिव, नवीन भगत कोषाध्यक्ष
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ (CASA) के पदाधिकारियों को शनिवार को एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में चयन किया गया. अध्यक्ष अजय त्रिपाठी के अलावा महासचिव उमाशंकर बंदे, सहसचिव धनंजय नेताम, कोषाध्यक्ष नवीन भगत चुने गए.
छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ की ओर से शनिवार को सम्मान समारोह और सूफी नाइट आयोजित किया गया था. इसका उद्देश्य- नए चयनित अधिकारियों, आईएएस पदोन्नत अधिकारियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों का सम्मान करना और निर्वाचन के माध्यम से नए पदाधिकारियों को संघ का दायित्व सौंपना था.
सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि मौजूद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि शासन की योजनाओं को हर वर्ग तक पहुंचाने में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है. विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने में भी राज्य के प्रशासनिक अधिकारी कुशल हैं. हमेशा मुस्कुराते हुए चुनौतियों का सामना करने की आदत होनी चाहिए, क्योंकि प्रशासनिक तंत्र का स्वरुप ऐसा है कि टीम जब काम करती है तब सफलता निश्चित है.

बतौर वक्ता पत्रकार सौरभ द्विवेदी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी तक अगर पहुंच सहज और सुलभ हो तो फरियादी का आधा दर्द वहीं खत्म हो जाता है, उसे सहारा मिल जाता है. यदि फरियादी की समस्या ध्यान से सुनकर उन्हें नीतिगत और वैधानिक तथ्यों को समझाया जाए तो दोनों ही पक्ष के लिए काम करना आसान हो जाता है.
इस अवसर पर आईएएस पदोन्नत हुए संतोष कुमार देवांगन, आशुतोष पांडेय, हीना अनिमेश नेताम, लोकेश चंद्राकर, रीता यादव, प्रकाश कुमार सर्वे के अलावा सेवानिवृत्त हुए प्रमोद शांडिल्य, ओंकार यदु, संजय दीवान, अशोक कुमार घृतलहरे, जोगेंद्र नायक का सम्मान किया गया. इनके अलावा नए चयनित डिप्टी कलेक्टर्स 2024 बैच की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे शुभांगी गुप्ता और शुभम देव सम्मानित हुए.
इस दौरान छत्तीसगढ़ पीएससी से डिप्टी कलेक्टर बने सभी बैच के लिए कोऑर्डिनेटर्स नियुक्त किए गए हैं, ये संघ के कार्यक्रमों और योजनाओं के बारे में अपने बैच के अन्य अधिकारियों सूचित करेंगे और संघ के साथ समन्वय स्थापित करेंगे. इसी तरह अन्य दायित्वों के लिए अधिकारियों का मनोनयन किया गया है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निवास पहुंचकर की उनसे मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज वरिष्ठ साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के रायपुर स्थित निवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री शुक्ल को ज्ञानपीठ सम्मान की घोषणा पर उन्हें हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विनोद कुमार शुक्ल से कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रदेशवासियों की तरफ से श्री शुक्ल का सम्मान करते हुए उन्हें शॉल-श्रीफल तथा बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह नंदी भेंट किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विनोद कुमार शुक्ल से कहा कि साहित्य के क्षेत्र में आपके विशिष्ट योगदान पर आपको देश का सबसे प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ सम्मान दिए जाने की घोषणा से पूरा प्रदेश गौरवान्वित अनुभव कर रहा है। यह मेरा सौभाग्य है कि आज खुशी के इस पल में आपसे भेंट करने का मुझे अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने विनोद कुमार शुक्ल का कुशल क्षेम पूछते हुए उनके स्वास्थ्य के विषय में जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आप राजनांदगांव के रहने वाले हैं। राजनांदगांव छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी है। वहां गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और बलदेव प्रसाद मिश्र जैसे साहित्यकारों ने अपनी साहित्य साधना की है।
मुख्यमंत्री द्वारा राजनांदगांव का जिक्र किये जाने पर श्री शुक्ल ने अपने बचपन के नांदगांव की स्मृतियां उनके साथ साझा की। श्री शुक्ल ने कहा कि मेरा जन्म राजनांदगांव में हुआ। बचपन का वह नांदगांव आज भी मेरे मन पर छाया हुआ है। मैं आज भी वहां जाता हूँ तो उसी नांदगांव को ढूंढने की कोशिश करता हूं। मगर अब समय के साथ काफी बदलाव आ गया है।
मुख्यमंत्री ने विनोद कुमार शुक्ल के परिवारजनों से भी मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानन्द, जनसंपर्क आयुक्त रवि मित्तल, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर तथा विनोद कुमार शुक्ल के परिवारजन सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।



कैंसर जागरूकता के लिए बालको मेडिकल सेंटर की पहल, BMC Walkathon का किया आयोजन…
रायपुर। बालको मेडिकल सेंटर की 7वीं वर्षगांठ पर कैंसर जागरूकता के लिए BMC Walkathon का आयोजन किया गया. वॉकथॉन ने स्केटिंग समूह, पैरा-ओलंपिक एथलीट, घुड़सवार, स्कूली बच्चे, कॉलेज के छात्र, आध्यात्मिक संस्थाएं, गैर सरकारी संगठन, दवा कंपनियाँ और फिटनेस के प्रति उत्साही में 2000 से अधिक लोगों को एक साथ लाया.
बालको हॉस्पिटल की मेडिकल डायरेक्टर डॉ भावना सिरोही, डॉ यशवंत कश्यप, डॉ श्रवण, डॉ गौरव गुप्ता, डॉ जय राय, डॉ रुचि, डॉ सृष्टि, डॉ नूपुर प्रिया, डॉ संदीप ओझा के साथ बालको हॉस्पिटल के तमाम डॉक्टर्स, नर्सेस और पैरामेडिकल टीम मौजूद थी.
बालको मेडिकल सेंटर की मेडिकल डायरेक्टर डॉ भावना सिरोही ने लोगो से कैंसर के प्रति जागरूक रहने व औरों को भी जागरूक करने की सलाह दी. एक सही सलाह सही समय पर मिल जाए तो हम कैंसर जैसे गंभीर बीमारी से बच सकते हैं. इसके साथ उन्होंने सभी से एक स्वस्थ जीवनशैली जीने की अपील करते हुए निरंतर व्यायाम करने पर जोर दिया.
सात साल से ला रहा जागरूकता
बालको मेडिकल सेंटर के मार्केटिंग एवं पीआर हेड विपेन्द्र राजपूत ने बताया कि बालको मेडिकल सेंटर पिछले 7 साल से कैंसर के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए कई कार्यक्रम करते आ रहा है, जिसमें से बीएमसी वॉकथाँन एक लोकप्रिय कार्यक्रम है जिसमें रायपुरियांस काफी बढ़ चढ़ के हिस्सा लेते है. इसके अलावा अगर किसी भी संस्था, समाज, एनजीओ समूह को कैंसर जागरूकता या कैंसर स्क्रीनिंग कैम्प करना हो तो हॉस्पिटल में संपर्क कर सकते हैं, ये सभी कार्यक्रम हॉस्पिटल एक सामाजिक दायित्व से नि:शुल्क करता है, और एक कैंसर मुक्त समाज बनाने की ओर कार्यरत है.
देखिए वीडियो –