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बिल्हा ने देशभर में बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान – स्वच्छता में देशभर में प्रथम, ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की सराहना
रायपुर। छत्तीसगढ़ की नगर पंचायत बिल्हा ने स्वच्छता के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2024–25 में 20,000 से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में पूरे भारतवर्ष में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए दिनांक 17 जुलाई 2025 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित भव्य पुरस्कार समारोह में भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा बिल्हा नगर पंचायत को सम्मानित किया गया था। आज इस गौरवशाली उपलब्धि की प्रतिध्वनि ‘मन की बात’ के राष्ट्रीय मंच तक पहुँची, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 124वें संस्करण में बिल्हा नगर पंचायत की महिलाओं द्वारा किए गए नवाचार और श्रम का उल्लेख करते हुए सराहना की।




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिल्हा की महिलाओं को वेस्ट मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी गई और उन्होंने मिलकर शहर की तस्वीर बदल डाली। यह उल्लेख पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है, जिसने स्वच्छता को न केवल शासकीय योजना के रूप में, बल्कि सामुदायिक आंदोलन के रूप में अपनाया है।
नगर पंचायत बिल्हा की आबादी लगभग 15,000 है, जहाँ 28 स्वच्छता दीदियाँ कार्यरत हैं। ये दीदियाँ नगर के 15 वार्डों में घर-घर जाकर ई-रिक्शा के माध्यम से कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं और फिर कचरे को SLRM सेंटर में ले जाकर गीला और सूखा कचरा पृथक करती हैं। गीले कचरे से खाद बनाई जाती है और सूखे कचरे को बेचकर ये महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। इसके अतिरिक्त बिल्हा नगर में 10 विशेष स्वच्छता कमांडो भी नियुक्त किए गए हैं जो ट्रैक्टर और ऑटो टिपर के माध्यम से पूरे शहर में घूमकर कचरा सफाई और जन-जागरूकता का कार्य कर रहे हैं। बिल्हा नगर पंचायत द्वारा जन-जागरूकता अभियान, मुनादी, और घरों-दुकानों से सीधे कचरा संग्रहण जैसे कदमों से आज नगरवासी कचरे को पृथक कर ई-रिक्शा में देने के लिए प्रेरित हो चुके हैं। मुक्तिधाम, तालाब, गार्डन, सामुदायिक भवन आदि में सामूहिक सफाई अभियान भी समय-समय पर चलाए जाते हैं। इस सफलता का श्रेय सभी सफाई कर्मचारियों, स्वच्छता दीदियों, नगर पंचायत के अधिकारियों, कर्मचारियों और सकारात्मक सोच वाले जनप्रतिनिधियों को जाता है, जो निरंतर निरीक्षण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत में 20,000 से कम आबादी वाले 2000 से अधिक नगरीय निकाय हैं। भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा स्वतंत्र एजेंसियों के माध्यम से सफाई व्यवस्था का परीक्षण, जिसमें डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, रोड स्विपिंग, नाइट स्विपिंग, कचरा निपटान, शौचालयों और पार्कों की सफाई व्यवस्था सहित जनता से फीडबैक शामिल था, उसी के आधार पर यह सम्मान मिला है।
इस अवसर पर विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, नगर पंचायत बिल्हा की अध्यक्ष वंदना जेन्ड्रे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रवीण सिंह गहलोत, उपाध्यक्ष सतीश शर्मा, पीआईसी सदस्य मोहन ढोरिया, तत्कालीन उप अभियंता नरेंद्र दुबे, सफाई दरोगा यशवंत सिंह, स्वच्छता सुपरवाइजर राकेश डागोर, स्वच्छता दीदी पूजा राठौर एवं पीआईयू अंकित दुबे विशेष रूप से उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि बिल्हा नगर पंचायत ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो कीर्तिमान स्थापित किया है, वह सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। भारत सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण 2024–25 में देशभर के 20,000 से कम आबादी वाले शहरों में प्रथम स्थान प्राप्त कर बिल्हा ने न केवल प्रदेश का मान बढ़ाया है, बल्कि यह सिद्ध किया है कि संकल्प, सहभागिता और सेवा भाव से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'मन की बात' कार्यक्रम में बिल्हा की महिलाओं और उनके स्वच्छता नवाचार की प्रशंसा करना इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक बना देता है। यह समस्त छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है।
उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि बिल्हा नगर पंचायत ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024–25 में पूरे भारत में प्रथम स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का मान पूरे देश में बढ़ाया है। यह सफलता हमारे नगरीय निकायों की प्रतिबद्धता, कार्यशैली और जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण है। यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य नगर निकायों को भी नई प्रेरणा देगी और हम सब मिलकर स्वच्छता में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करेंगे।
थाना प्रभारी रामसाय पैंकरा की करंट से गयी जान, सरकारी आवास में हुआ हादसा
जशपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे से एक दुखद खबर सामने आई है। जशपुर जिले के नारायणपुर थाना प्रभारी रामसाय पैंकरा की मौत करंट लगने से हो गई। यह दर्दनाक हादसा सरगुजा जिले के सीतापुर स्थित उनके सरकारी आवास में हुआ, जहां सीपेज के कारण फैले करंट की चपेट में आकर उनकी जान चली गई।
इस हादसे के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। साथी अधिकारी और कर्मचारी स्तब्ध हैं। जशपुर एसएसपी शशिमोहन सिंह ने श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक कर्मठ, सजग और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी बताया।
रामसाय पैंकरा की मौत न सिर्फ विभाग के लिए, बल्कि पूरे जशपुर क्षेत्र के लिए एक गंभीर क्षति है। घटना के बाद अधिकारियों ने पूरे सरकारी आवास परिसर की जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि ऐसी लापरवाहियों से भविष्य में जान की हानि न हो।
स्व. रामसाय पैंकरा जशपुर जिले के थाना नारायणपुर में प्रभारी के पद पर पदस्थ थे। पुलिस मुख्यालय द्वारा आयोजित चंदखुरी में 07 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स में सम्मिलित होने हेतु वे यहां से गए थे, कोर्स समाप्ति उपरांत वे दिनाँक 27.07.2025 को अपने घर सुरगांव थाना सीतापुर आये थे, इसी दौरान घर में बिजली करंट की चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो गई। स्व. रामसाय पैंकरा का जन्म दिनाँक 02.01.1964 को हुआ था, एवं पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर नियुक्ति जिला खरगोन(मध्यप्रदेश) में दिनांक 01.06.1983 को हुई थी, उनकी पदोन्नति वर्ष 1995 में प्रधान आरक्षक के पद पर, वर्ष 2004 में ASI के पद पर, वर्ष 2009 में SI के पद पर एवं 2014 से निरीक्षक के पद पर कार्य कर रहे थे। अगले साल फरवरी 2026 में उनका रिटायरमेंट होना था।
बिरनपुर कांड में CBI की बड़ी कार्रवाई, दो साल बाद फिर हुई गिरफ्तारी, मचा हड़कंप
बेमेतरा। बेमेतरा जिले के चर्चित बिरनपुर-भुवनेश्वर कांड को लेकर एक बार फिर हलचल तेज़ हो गई है। इस प्रकरण में CBI ने मुस्लिम समुदाय के दो और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे पूरे इलाके में फिर से तनाव की स्थिति बन गई है। बताया जा रहा है कि ये गिरफ्तारी लगभग दो साल बाद की गई है, जब मामले को लेकर साजा विधायक ईश्वर साहू ने विधानसभा में CBI जांच की मांग की थी।
गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही बिरनपुर में फिर से हलचल मच गई है। गांव में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बन सके। इससे पहले भी इस संवेदनशील मामले में 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन लंबे समय से जांच ठंडे बस्ते में पड़ी थी। अब एक बार फिर CBI की सक्रियता से इस केस ने नया मोड़ ले लिया है।
गौरतलब है कि बिरनपुर कांड ने साल 2023 में प्रदेशभर में भारी राजनीतिक और सामाजिक बवाल खड़ा कर दिया था। अब एक बार फिर गिरफ्तारी की खबर के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में है।
आबकारी भर्ती परीक्षा पर गंभीर सवाल: व्यापम पर चुपके से समय सीमा बदलने का आरोप, परीक्षा केंद्र में नहीं दिया घुसने, फूट-फूटकर रोने लगे अभ्यर्थी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा एक बार फिर व्यापम की लापरवाही के कारण विवादों में आ गई है। राज्य के कई जिलों—धमतरी, जांजगीर-चांपा और सूरजपुर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने शिकायत की है कि उन्हें समय पर पहुंचने के बावजूद परीक्षा देने नहीं दिया गया।
धमतरी में कई छात्रों ने बताया कि उन्होंने 21 जुलाई को व्यापम की वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड किया था, जिसमें परीक्षा केंद्र में प्रवेश का अंतिम समय सुबह 10:45 बजे दर्ज था। लेकिन परीक्षा वाले दिन उन्हें यह कहकर रोक दिया गया कि केंद्र का गेट 10:30 बजे ही बंद कर दिया गया है। जब अभ्यर्थियों ने पुराने प्रवेश पत्र दिखाए, तब भी उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।
व्यापम की ओर से प्रवेश समय में बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन 26 और 27 जुलाई को डाउनलोड किए गए नए एडमिट कार्ड में प्रवेश का समय 10:30 बजे तक लिखा हुआ था। इस बदलाव से अनजान रहे कई अभ्यर्थी केंद्रों के बाहर रोते-बिलखते नजर आए। उनका कहना था कि कड़ी मेहनत से की गई तैयारी और सालों का सपना एक गलती की भेंट चढ़ गया।
जांजगीर-चांपा से भी ऐसी ही शिकायतें आईं। डेल्ही पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र में कई छात्रों को एडमिट कार्ड और आधार कार्ड साथ लाने के बावजूद परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। कुछ छात्र तो इसलिए वंचित रह गए क्योंकि उनके एडमिट कार्ड में पिता की जाति नहीं छपी थी। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया।
सूरजपुर में मामला और गंभीर हो गया, जब अग्रसेन चौक स्थित कन्या हाई स्कूल परीक्षा केंद्र में धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि केंद्राध्यक्ष ने कुछ छात्रों के हाथ से कलावा उतरवाकर जूतों में फेंक दिया। इससे नाराज छात्रों और संगठन के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया।
इन घटनाओं ने व्यापम की कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और जिन उम्मीदवारों को अनावश्यक रूप से परीक्षा से वंचित किया गया, उन्हें दोबारा अवसर दिया जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' में बिल्हा की मातृशक्ति का उल्लेख – छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति की स्वच्छता पहल को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया। इस अवसर पर विकास मरकाम, नवीन मार्कण्डेय, अमित चिमनानी, हर्षिता पांडे, अमित साहू सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘मन की बात’ के 124वें संस्करण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ न केवल जन संवाद का एक सशक्त माध्यम है, बल्कि यह देशभर के नवाचारों, जनप्रयासों और प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाकर लोगों में नई ऊर्जा भरने का कार्य करता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का विषय है, क्योंकि बिलासपुर जिले के नगर पंचायत बिल्हा में स्वच्छता के क्षेत्र में मातृशक्ति द्वारा किए गए नवाचार का उल्लेख स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम में किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिल्हा की महिलाओं को वेस्ट मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी गई और उन्होंने मिलकर शहर की तस्वीर बदल डाली। यह उल्लेख हम सभी छत्तीसगढ़वासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
बिल्हा की महिलाओं ने दिखा दिया कि जब संकल्प और सहयोग एक साथ हों, तो कोई भी बदलाव असंभव नहीं होता। स्वच्छता की इस मिसाल ने पूरे देश में छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। बिल्हा की महिलाओं ने अपने संकल्प से इसे देश का सबसे स्वच्छ शहर बना दिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो नवाचार किया है, उसे आज देश के प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में विशेष रूप से रेखांकित किया। यह दिखाता है कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से बनता हुआ एक सशक्त जनांदोलन है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 7 शहरों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत माननीय राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है, जिनमें नगर पंचायत बिल्हा सहित अन्य नगरीय निकाय शामिल हैं। उन्होंने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, निगम आयुक्तों, सीएमओ, स्वच्छता दीदियों और सफाईकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सभी के समर्पण और मेहनत का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि हाल ही में जशपुर जिले के दौरे के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि जिले के पाँचों नगरीय निकायों ने स्वच्छता रैंकिंग में अभूतपूर्व छलांग लगाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दो दिन पहले उन्होंने जशपुर में स्वच्छता दीदियों और कर्मियों को स्वयं सम्मानित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में एक सकारात्मक वातावरण बना है और हमारी सरकार ने जिस निष्ठा एवं संकल्प के साथ स्वच्छ भारत मिशन को लागू किया है, उसका परिणाम आज देश के सामने है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ आज देश के कोने-कोने की साधारण कहानियों को असाधारण प्रेरणा में बदलने वाला राष्ट्रीय अभियान बन गया है जो भारत के लोकतंत्र की जीवंतता का साक्षात प्रमाण है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी ने की सौजन्य मुलाक़ात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारत सरकार के केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ग्रामीण विकास, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन, आदिवासी अंचलों में संचार सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकासोन्मुखी दृष्टिकोण को धरातल पर साकार करने हेतु राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख पक्के मकानों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे प्रदेश के गरीब परिवारों के आवास का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 1,460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र आरंभ किए गए हैं, जिससे ग्रामीण जनसंख्या को सहज और सुलभ बैंकिंग सुविधा मिल रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों की चर्चा करते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा कौशल विकास एवं नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्रामीण अंचलों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है।
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी ने मुख्यमंत्री श्री साय को अपने नारायणपुर तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों के दौरे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में केंद्र सरकार की योजनाएं प्रभावी ढंग से क्रियान्वित हो रही हैं और स्थानीय जनता को इनका सीधा लाभ मिल रहा है। डॉ. पेम्मासानी ने माओवादी क्षेत्रों में तीव्र गति से हो रहे सकारात्मक बदलाव की सराहना करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य का संकेत बताया। उन्होंने ‘बिहान’ योजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों की ओर से आयोजित प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए कहा कि समूह की दीदियों द्वारा तैयार किए गए बेलमेटल, मिलेट्स और घरेलू उत्पादों की गुणवत्ता अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इन समूहों की महिलाएँ 15 से 20 हजार रुपये मासिक आय अर्जित कर रही हैं, जो ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
डॉ. पेम्मासानी ने जनजातीय समुदाय के पारंपरिक स्वागत का स्मरण करते हुए कहा कि उनके साथ नृत्य करना और स्थानीय संस्कृति से आत्मिक रूप से जुड़ने का अनुभव अविस्मरणीय रहा। उन्होंने परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय के दौरे का भी विशेष उल्लेख किया और वहाँ बच्चों से हुई आत्मीय बातचीत को अत्यंत भावुक क्षण बताया। उन्होंने शासन द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद उपस्थित थे।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत को पार्टी का नोटिस, डीएमएफ फंड और रायगढ़ के विकास पर उठाए सवाल पड़े भारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस वक्त बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने ही युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई पार्टी लाइन के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को लेकर की गई है।
दरअसल, रवि भगत ने बीते कुछ समय से डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) फंड के उपयोग और रायगढ़ क्षेत्र में विकास कार्यों की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार सवाल खड़े किए थे। उनके पोस्ट्स ने पार्टी के भीतर ही असहजता पैदा कर दी थी।
इन बयानों को अनुशासनहीनता मानते हुए, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर रवि भगत को नोटिस जारी किया गया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है कि आखिर उन्होंने पार्टी मंच के बाहर ऐसी सार्वजनिक टिप्पणियां क्यों कीं।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी रवि भगत के इन बयानों को संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला मान रही है। अब देखना होगा कि रवि भगत इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और क्या इस पूरे प्रकरण से उनके पद पर कोई असर पड़ता है या नहीं।
विष्णुदेव सरकार में “सुशासन है तो चक्र सुदर्शन भी है”, सूदखोर तोमर बंधु के ठिकानों पर चला बुलडोजर
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब तोमर बंधुओं के अवैध ऑफिस पर नगर निगम का बुलडोजर चला। यह ऑफिस भाठागांव क्षेत्र में स्थित था, जिसे बिना नक्शा पास कराए और अनाधिकृत रूप से तैयार किया गया था।
निगम की कार्रवाई में उस ऑफिस को जमींदोज कर दिया गया, जो शुभकामना वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से संचालित हो रहा था। यह दफ्तर रोहित तोमर और भावना तोमर के नाम पर पंजीकृत था। कार्रवाई के दौरान नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही।
गौरतलब है कि रोहित तोमर और वीरेंद्र तोमर, दोनों भाई बीते दो महीने से फरार हैं और कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर रखा है। रायपुर पुलिस ने इन दोनों हिस्ट्रीशीटरों पर इनाम घोषित किया हुआ है। दोनों पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और लंबे समय से कानून की पकड़ से बाहर हैं।
इस कार्रवाई को लेकर गृहमंत्री विजय शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा—
“सुशासन है तो चक्र सुदर्शन भी है। किसी मंत्री या मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाने से कोई कानून से ऊपर नहीं हो जाता। तोमर जैसे अपराधियों ने समाज को पीड़ा दी है, अब कानून अपना काम करेगा।”
उन्होंने इस पोस्ट को #जय_बुलडोजर हैशटैग के साथ साझा किया।
वहीं सांसद अरुण साव ने भी बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सख्त संदेश दिया। उन्होंने लिखा—
“बुलडोजर तो चलेगा…! जब विपक्ष में थे तब भी स्पष्ट थे, आज शासन में हैं तब भी स्पष्ट हैं।
तोमर बंधु हों या जिहादी बंधु, आतंक का फन फैलाओगे तो कुचलने का हुनर भी ‘सुशासन सरकार’ को आता है।”
इस पूरी कार्रवाई को विष्णु देव साय सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत देखा जा रहा है, जो कानून व्यवस्था के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
लगातार बारिश से बिलासा एयरपोर्ट के रनवे पर भरा पानी, रायपुर में हुई दिल्ली-बिलासपुर फ्लाइट की लैंडिंग
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर एयरपोर्ट के रनवे में बारिश के कारण पानी भरने से दिल्ली-बिलासपुर फ्लाइट को रायपुर डायवर्ट करना पड़ा. यात्रियों को यहीं उतार कर फ्लाइट बिना यात्रियों के दिल्ली वापस गई. इस कारण 40 से अधिक यात्रियों को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी. वहीं रायपुर में उतारे गए यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.
जानकारी के मुताबिक, एलाइंस एयर की फ्लाइट सुबह दिल्ली से रवाना होकर जबलपुर होते हुए 11:10 बजे बिलासपुर पहुंचती है. लेकिन पिछली रात हुई भारी बारिश के कारण बिलासपुर एयरपोर्ट के रनवे पर पानी भर गया, जिसके चलते वहां विमान की लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली. ऐसे में पायलट विमान को रायपुर ले गया और वहां करीब दोपहर 12:10 बजे मौजूद 40 से अधिक यात्रियों को उतारकर फ्लाइट को वापस दिल्ली भेज दिया गया. रायपुर में उतरे यात्री अपनी निजी व्यवस्था से बिलासपुर पहुंचे, जबकि बिलासपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट का इंतजार कर रहे यात्रियों को निराश होकर अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी.
फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र पर हाईकोर्ट सख्त: सभी संदिग्ध कर्मचारियों को राज्य मेडिकल बोर्ड से मेडिकल जांच के दिए निर्देश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों के सहारे सरकारी नौकरी कर रहे कर्मचारियों पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने सभी संदिग्ध कर्मचारियों को 20 अगस्त 2025 तक राज्य मेडिकल बोर्ड से अनिवार्य भौतिक परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जो भी कर्मचारी मेडिकल परीक्षण नहीं कराएंगे, उन्हें कारण बताना होगा कि उन्होंने बोर्ड के समक्ष जांच क्यों नहीं कराई। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा तक परीक्षण नहीं कराया गया, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय अधिकारियों को भी चेतावनी
कोर्ट ने सभी विभागों के प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि उनके विभाग में कार्यरत संदिग्ध कर्मचारी नियत तिथि तक मेडिकल जांच कराएं। साथ ही, अधिकारियों को 20 अगस्त को स्वयं कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश भी दिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी जांच से बचता है, तो संबंधित अधिकारी की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
दिव्यांग संघ की वर्षों से मांग
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ दिव्यांग संघ पिछले तीन वर्षों से इस मुद्दे को उठा रहा है। संघ का आरोप है कि कई गैर-दिव्यांग व्यक्तियों ने फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ उठाया है। अब हाईकोर्ट के इस फैसले से ऐसे मामलों में गंभीर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा के अडिग प्रहरी हैं सीआरपीएफ के जवान - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के स्थापना दिवस (27 जुलाई) के अवसर पर वीर जवानों को शुभकामनाएं देते हुए उनके साहस, अनुशासन और बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्थापना दिवस के अवसर पर शांति, सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता के लिए कार्यरत सभी सीआरपीएफ अधिकारियों और जवानों के उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सीआरपीएफ जवानों की वीरता और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के लिए सीआरपीएफ के जवानों ने जो अनुकरणीय सेवा, साहस और समर्पण दिखाया है, वह गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के शौर्यगाथा के हर अध्याय में देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र की रक्षा का दृढ़ संकल्प निहित है।
पूर्व विधायक को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
रायपुर। महासमुंद के पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता विनोद चंद्राकर को पार्टी कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने और अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस महासमुंद ज़िला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रश्मि चंद्राकर की ओर से भेजा गया है।
दरअसल, हाल ही में कांग्रेस द्वारा आयोजित आर्थिक नाकेबंदी अभियान के तहत ज़िला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पूर्व विधायक चंद्राकर शामिल नहीं हुए। इसके बजाय उन्होंने स्वतः का अलग कार्यक्रम आयोजित किया, जिससे पार्टी अनुशासन और एकता पर सवाल खड़े हुए हैं।
सोशल मीडिया में पार्टी छवि को पहुंचाई ठेस
ज़िला कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया है कि विनोद चंद्राकर द्वारा सोशल मीडिया पर की गई गतिविधियों से पार्टी की गरिमा को ठेस पहुंची है।
जारी नोटिस में प्रमुख बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है, जिनमें प्रमुख हैं: ज़िला कमेटी के कार्यक्रम में अनुपस्थित रहना, अलग कार्यक्रम आयोजित करना, पार्टी नेतृत्व की उपेक्षा, सोशल मीडिया में अनुचित प्रचार, संगठनात्मक निर्णयों की अवहेलना शामिल हैं।
ज़िला कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यदि पूर्व विधायक निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।



