प्रदेश
जिला पंचायत में BJP का कब्जा: पहली बार निर्वाचित जनपद सदस्य गौरी शंकर बने अध्यक्ष
गरियाबंद। जिला पंचायत सदस्य के कुल 11 सीटों में से 8 सदस्यों के साथ पहली बार पूर्ण बहुमत बनाने वाली भाजपा का गरियाबंद जिला पंचायत पर भी अब पूरी कंट्रोल होगी. भाजपा समर्थित गौरी शंकर कश्यप निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए, वहीं लालिमा ठाकुर उपाध्यक्ष चुनी गईं हैं. अध्यक्ष का पद एसी केटेगिरी के लिए आरक्षित था. इस वर्ग से चुनाव जीत कर जिला पंचायत सदस्य बनने वाले दोनों सदस्य भाजपा के ही थे. बावजूद उसके नाम फाइनल करने में संगठन में जम कर माथा पच्ची हुई.
बिंद्रा नवागढ़ को मिला युवा नेतृत्व
बिंद्रा नवागढ़ विधान सभा क्षेत्र में चुने गए बड़े जनप्रतिनिधि नहीं थे.जो है उनकी बात सरकार कम सुन रही है, ऐसे में क्षेत्रीय समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने बिन्द्रानवागढ़ विधान सभा क्षेत्र को सत्तासीन संगठन की ओर से एक मजबूत कंधा मिल गया है.
संघ की विलुप्त मोर्चा बंदी से मिली सफलता
32 साल का युवा गौरी शंकर संघ से जुड़ा हुआ है, विहिप के कई दायित्व का निर्वहन कर रहा था. देवभोग के गोहकेला ग्राम में जन्मे गौरी के पिता कृषक व भाई व्यापारी है. ममेरा गांव मैनपुर ब्लॉक का सरगीगुड़ा है, बचपन इसी गांव में बीता था. लिहाजा सरगीगुड़ा सीट में आसानी से जीत दर्ज कर लिया. मध्यम वर्गीय परिवार के इस होनहार युवक ने अपने कार्य क्षमता का परिचय दिया था, लिहाजा संघ व विहिप ने गौरी को अधिकृत प्रत्याशी बनाने से लेकर अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचाने अहम भूमिका निभाया है. भाजपा का बहुमत का आंकड़ा इन्हीं दोनों नाम पर शुरू से सहमत थे,लेकिन जिम्मेदार नए नाम थोप रहे थे. नाम तय होने से पहले सदस्यों से सांसद रूपकुमारी चौधरी और राजिम विधायक रोहित साहू ने वन टू वन किया. इस चर्चा के बाद सदस्यों के सुझाए नाम पर संगठन की सहमति बन पाई.
गौरी शंकर कश्यप
पद की गरिमा के अनुरूप कुर्सी के साथ न्याय करूंगा. सरकार की जन कल्याण कारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में जिला पंचायत की भूमिका हमेशा से अग्रणी रहे. इसी भाव विचार को लेकर अनुभवी सदस्यों के मार्गदर्शन में विकास के लिए काम करेंगे.
सदन में गूंजा शासकीय भूमि के आवंटन का मामला : बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक ने किया सवाल - 56 की जमीन 9 करोड़ में कैसे दे दी? मंत्री बोले- निरस्त हो चुका है आवंटन
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के सातवें दिन की कार्यवाही जारी है. सदन में प्रश्नकाल के दौरान अमलीडीह की शासकीय भूमि के आबंटन का मामला गरमा गया. भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से सवाल किया कि इस भूमि का आबंटन निरस्त करने का कारण क्या था. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि नियमों में बदलाव के कारण यह आबंटन रद्द कर दिया गया था.
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने पूछा कि जमीन आबंटन निरस्त होने का कारण क्या है?
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल में नियम में बदलाव की वजह से आबंटन निरस्त कर दिया गया था.
धरमलाल कौशिक ने पूछा कि जब भूमि का आबंटन निरस्त किया गया तब बाजार की दर क्या थी? चराई की भूमि का आबंटन नहीं किया जा सकता है. 56 करोड़ रुपए पटाया जाना था लेकिन सिर्फ 9 करोड़ रुपए की राशि जमा की गई थी. अधिकारियों ने जो इस तरह से काम किया था उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?
इस पर जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि भूमि का आबंटन की प्रक्रिया चल रही थी. राशि नहीं पटाई गई थी. शासन ने आबंटन निरस्त कर दिया था.
विधायक धरमलाल कौशिक ने पूछा कि भूमि रिकॉर्ड में किसके नाम पर है?
राजस्व मंत्री ने बताया कि आबंटन कलेक्टर के द्वारा किया जाता है, जब राशि पटाई जाती है. राशि जमा करने के पूर्व ही आबंटन रद्द कर दिया गया था. रिकॉर्ड में भूमि शासन के नाम पर ही दर्ज है. कलेक्टर द्वारा डिमांड लेटर दिया ही नहीं गया था.
विधायक धरमलाल कौशिक ने पूछा कि भूमि रिकॉर्ड में किसके नाम पर है?
राजस्व मंत्री ने बताया कि आबंटन कलेक्टर के द्वारा किया जाता है, जब राशि पटाई जाती है. राशि जमा करने के पूर्व ही आबंटन रद्द कर दिया गया था. रिकॉर्ड में भूमि शासन के नाम पर ही दर्ज है. कलेक्टर द्वारा डिमांड लेटर दिया ही नहीं गया था.
भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने पूछा कि आबंटन की प्रक्रिया गलत थी. इस पर क्या कार्रवाई की जाएगी? सरकार की जमीन की अफरा तफरी करेंगे? 56 करोड़ की जमीन को 9 करोड़ रुपए में कर देंगे?
इस पर जवाब देते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि आबंटन किया ही नहीं गया.
भाजपा विधायक कौशिक ने पूछा कि सरकारी जमीन में बंदरबांट की गई है. यह सिर्फ एक प्रकरण नहीं है. मंत्री सदन में असत्य कथन कर रहे हैं.
जिसपर भाजपा विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि मेरी ही शिकायत पर रामा बिल्डकॉन को आबंटित जमीन निरस्त की गई थी, लेकिन सदन में दिये गए जवाब में रिकॉर्ड में जमीन बिल्डकॉन के नाम पर ही दर्ज दिख रहा है.
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि निरस्त कर दिया गया है.
राज्य प्रशासनिक सेवा से प्रमोट हुए IAS अफसरों को बैच किया गया अलॉट, देखिए पूरी सूची …
रायपुर। राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नत हुए अधिकारियों को उनके बैच का आवंटन कर दिया गया है. केंद्र सरकार के आदेशानुसार 2021 से 2023 की चयन सूची में शामिल अधिकारियों की वरिष्ठता और बैच निर्धारण किया गया है. इस संबंध में जारी किये गए आदेश के अनुसार कुल 10 अधिकारी हीना अनिमेष नेताम, अश्विनी देवांगन, डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, आशुतोष पांडे, अजय कुमार अग्रवाल, रीता यादव, लोकेश कुमार, प्रकाश कुमार, गजेन्द्र सिंह ठाकुर और तनुजा सलाम का नाम शामिल है.
जारी आदेश के अनुसार-
- 2021 चयन सूची में हीना अनिमेष नेताम को 2016 बैच और अश्विनी देवांगन को 2018 बैच मिला.
- 2022 चयन सूची में डॉ. रेणुका श्रीवास्तव और आशुतोष पांडे को 2019 बैच में स्थान दिया गया.
- 2023 चयन सूची में अजय कुमार अग्रवाल, रीता यादव, लोकेश कुमार, प्रकाश कुमार, गजेन्द्र सिंह ठाकुर और तनुजा सलाम को 2019 बैच में शामिल किया गया.
इस बैच आवंटन के लिए IAS (वरिष्ठता विनियमन) नियम, 1987 के तहत वेटेज फॉर्मूला लागू किया गया है, जिससे अधिकारियों को उनके तत्काल वरिष्ठों के अनुसार उचित स्थान दिया गया है.



सिकलसेल संस्थान में उपलब्ध नहीं हैं सिकलसेल मरीजों के इलाज की सुविधा!, विधायक अजय चंद्राकर ने ध्यानाकर्षण में उठाया मुद्दा…
रायपुर। सिकलसेल संस्थान में सिकलसेल के मरीजों की इलाज की सुविधा नहीं होने का मामला सदन में उठा. ध्यानाकर्षण के ज़रिए भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मामला उठाया.
अजय चंद्राकर ने कहा कि- पीड़ित मरीज अपनी मौत का इंतज़ार कर रहे हैं. प्रदेश में सिकलसेल बीमारी से 25 लाख लोग पीड़ित है. सिर्फ एक ही चिकित्सा संस्थान रायपुर में है लेकिन पर्याप्त विशेषज्ञ नहीं है. कोई रिसर्च नहीं किया जाता. संचालन के लिए स्वयं का भवन तक नहीं है. मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं.
स्वाथ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि- राज्य में एकमात्र सिकलसेल संस्थान है. राज्य के सरकारी चिकित्सालय में सिकलसेल प्रबंधन सेल शुरू किया गया है. सिकलसेल को लेकर वैज्ञानिकों ने 19 शोध पत्र प्रकाशित किया है. चिकित्सकों की नियुक्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है. सिकलसेल सेंटर ऑफ़ एक्सिलेंस में बोनमैरो ट्रांसप्लांट की व्यवस्था शुरू की जा रही है.
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा- जब मैं स्वास्थ्यमंत्री था तक सिकलसेल संस्थान शुरू किया गया था. भूपेश सरकार तो सिर्फ भवन के लिए नारियल फोड़कर चुप बैठ गई. मंत्री बताए कि संस्थान में कितने डॉक्टर और विशेषज्ञ हैं?
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा- प्रदेश में सिकलसेल के लिए बड़ा काम किया गया है. 23 जून 2023 को भूपेश सरकार ने आनन फ़ानन में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के लिए भूमिपूजन कर लिया था. हमारी सरकार आने के बाद से अब तक 11 बैठके हम कर चुके हैं. 180 का सेटअप है. 28 कार्यरत हैं. इनमें से 4 विशेषज्ञ डॉक्टर हैं. हमारा प्रयास होगा कि जल्द से जल्द डॉक्टरों की भर्ती की जाए. जब तक भर्ती नहीं होती तब तक डॉक्टरों को अटैच कर कार्यवाही की जाएगी.
अजय चंद्राकर ने पूछा- संस्थान में कितनी मशीन उपलब्ध है, और कितने मानव संसाधन है?
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि-आवश्यकतानुसार चार उन्नत मशीनें उपलब्ध हैं. जांच के लिए मानव संसाधन उपलब्ध है. प्रतिदिन 60 मरीजों की जांच की जा रही है. नौ तकनीशियन मशीनों को ऑपरेट करने के लिए हैं.
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा- सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस बनाने के लिए कितने दिनों में बोनमैरो ट्रांसप्लांट, शोध आदि की अनुमति मिल जाएगी? संस्थान के ठीक बाजू के बंगले में मंत्री रहते थे. उस बंगले की जमीन को भी संस्थान के लिए दिया जाना था. क्या किसी तरह की आर्थिक अनियमितता की शिकायत पाई गई है?
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा- करीब दो एकड़ जमीन थी. किसी भी तरह की आर्थिक अनियमिता की जानकारी नहीं है. यह दुर्भाग्य है कि किसी भी स्वास्थ्य मंत्री ने सिकलसेल संस्थान को मजबूत करने के लिए काम नहीं किया है. यह मेरी प्राथमिकता में है. अजय चंद्राकर जिस आर्थिक अनियमितता की जानकारी दे रहे हैं, उसका परीक्षण किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर जांच कराई जाएगी.
मनरेगा के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के नाम पर सौंपा ज्ञापन, छटनी रोकने और लंबित वेतन दिलाने की मांग..
रायपुर। छत्तीसगढ़ विकास आयुक्त कार्यालय ने हाल ही में मनरेगा विभाग में छटनी के निर्देश दिए हैं. इसे लेकर मनरेगा के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने आज डिप्टी सीएम विजय शर्मा के नाम पर ज्ञापन सौपा है. कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से विभाग में छटनी को रोकने और लंबित वेतन दिलवाने की मांग की है.
बता दें, हाल ही में छत्तीसगढ़ विकास आयुक्त कार्यालय ने पत्र जारी कर महात्मा गांधी मनरेगा के कुल स्वीकृत पदों में से खाली पद से अतिरिक्त संख्या में अगर कर्मचारियों की नियुक्ति कलेक्टर दर पर की गई हो, तो ऐसे कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल समाप्त की जाए. किसी भी परिस्थिति में स्वीकृत पद की तुलना में अधिक कर्मचारियों को नियोजित न की जाए.
प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में 800 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी छत्तीसगढ़ राज्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना विभाग में विगत 10 वर्षों से कार्यरत हैं. सभी श्रमिक दर पर कार्यरत हैं. लेकिन इस आदेश से हम सभी कर्मचारी इस आदेश से हतप्रभ हैं.
प्रवीण सिंह ने कहा कि मनरेगा विभाग के साथ-साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों एवं लोकसभा, विधानसभा, त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन से संबंधित समस्त कार्यों का संपादन दिन-रात किया जा रहा है. इनके बावजूद हमारी सेवाएं समाप्त की जा रही है, जों अनुचित है. प्रवीण ने आगे कहा कि पिछले 10 वर्षों सें मनरेगा विभाग में संविदा पदों पर भर्ती नहीं हुई, जिनके कारण मनरेंगा कार्यों कों समय सीमा में पूरा करनें के लिए हम सभी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को जनपद व जिला में नियुक्त किया गया है.
आवास, महतारी वंदन व शासन के अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं को समय पर पूरा करनें के लिए भी हमारी ड्युटी लगाया जाता है. परंतु इस प्रकार आदेश जारी कर हमें एकाएक कार्य से निकाला जा रहा है. जिसके कारण हम बेरोजगार हो जायेंगें. हमारे परिवार के भरण पोषण में विकट समस्या आ जाएगी.
वहीं प्रदेश अध्यक्ष सीमांत प्रजापति ने बताया कि मनरेगा कर्मचारियों ने अतिरिक्त कार्यरत कलेक्टर दर कर्मचारियों के लिए जारी आदेश कों स्थगित कर उन्हें समायोजित कर यथावत कार्य में रखनें के लिए आदेश जारी करने की मांग की है.
सरकार द्वारा चार सालों में हेलीकॉप्टर के किराए पर 249 करोड़ रुपए से अधिक का किया गया खर्च…
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते चार सालों में किराए पर लिए गए हेलीकॉप्टर के लिए 249 करोड़ 15 करोड़ 42 हजार 818 रुपए का भुगतान किया है. इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस विधायक इंद्र साव के सवाल के जबाव में दी.
कांग्रेस विधायक इंद्र साव ने प्रश्नकाल के दौरान सवाल किया कि छत्तीसगढ़ शासन के विमानन विभाग ने वर्ष 2021-22 से 2024-25 (31 जनवरी 2025) तक किन-किन निजी कंपनियों से हेलीकाप्टर किराये पर लिया. इन कंपनियों को किस दर पर राशि का भुगतान किया गया है. इसके अलावा क्या विमानन विभाग ने शासकीय विमान की खरीदी की थी. यही नहीं वर्तमान में यह विमान उपयोग में है अथवा नहीं?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि राज्य शासन ने वर्ष 2006-07 में डबल ईंजन युक्त शासकीय विमान – King Air B-200, VT-CTG की खरीदी की थी, यह विमान दिसंबर 2006 से उपलब्ध है. इसके अलावा राज्य शासन द्वारा समय-समय पर टेण्डर के जरिए निजी कंपनियों से हेलीकॉप्टर किराए पर लिया जाता है.
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वर्ष 2021-22 में ढिल्लन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड, गुड़गांव, हरियाणा से 11 बार हेलीकॉप्टर किराए पर लिया गया था, जिसके एवज में 6 करोड़ 66 लाख 42 हजार 783 रुपए का भुगतान किया गया. वहीं एयर किंग चार्टर प्राइवेट लिमिटेड से 21 बार हेलीकॉप्टर किराए पर लिया गया था, जिसके एवज में 18 करोड़ 15 लाख 92 हजार 159 रुपए का भुगतान किया गया.
इसी तरह वर्ष 2022-23 में ढिल्लन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड, गुड़गांव, हरियाणा से 41 बार हेलीकॉप्टर किराए पर लिया गया था, जिसके एवज में 59 करोड़ 99 लाख 44 हजार 105 रुपए का भुगतान किया गया. वहीं एयर किंग चार्टर प्राइवेट लिमिटेड से 16 बार हेलीकॉप्टर किराए पर लिया गया था, जिसके एवज में 18 करोड़ 71 लाख 29 हजार 947 रुपए का भुगतान किया गया.
वर्ष 2023-24 में ढिल्लन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड, गुड़गांव, हरियाणा से 51 बार हेलीकॉप्टर किराए पर लिया गया था, जिसके एवज में 89 करोड़ 50 लाख 33 हजार 999 रुपए का भुगतान किया गया. वहीं वर्ष 2024-25 में ढिल्लन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड, गुड़गांव, हरियाणा से 37 बार हेलीकॉप्टर किराए पर लिया गया था, जिसके एवज में 56 करोड़ 11 लाख 99 हजार 825 रुपए का भुगतान किया गया.
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : निलंबित अफसर त्रिपाठी की क्रिमिनल रिवीजन पर हुई सुनवाई, हाईकोर्ट ने EOW को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाला मामले में आबकारी विभाग के निलंबित अफसर अरुणपति त्रिपाठी की क्रिमिनल रिवीजन पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने ईओडब्ल्यू को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब घोटाले मामले में मई 2023 में आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और शराब वितरण कंपनी सीएसएमसीएल के पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था. पूछताछ के बाद ईडी की विशेष अदालत ने जेल भेज दिया था. त्रिपाठी ने विशेष अदालत में जमानत अर्जी लगाई थी, जिसे खारिज कर दिया गया. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिका लगाई. राहत नहीं मिलने पर त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में दोबारा जमानत अर्जी लगाई, जिस पर उन्हें जमानत दी गई थी.
उल्लेखनीय है कि त्रिपाठी के मामले में ईओडब्ल्यू ने भी संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया था. विभाग ने बिना शासन की अनुमति लिए ही कार्रवाई कर ली थी. इसे त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में चुनौती देकर क्रिमिनल रिवीजन प्रस्तुत की. इसमें कहा गया कि धारा 9 के अंतर्गत ऐसे मामलों में शासन की अनुमति पहले लेनी चाहिए. जस्टिस अरविन्द कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में आज सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद कोर्ट ने ईओडब्ल्यू को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब तलब किया है. मामले में अगली सुनवाई 17 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में संभावित है.
खेल न केवल मनोरंजन, बल्कि अनुशासन और खेल भावना का प्रतीक: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा आयोजित सिंधी प्रीमियर लीग में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शामिल होकर विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर उन्होंने पत्रकार बनाम पुलिस के बीच हुए रोमांचक क्रिकेट मुकाबले का भी आनंद लिया।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि “हर गेंद एक नया मौका है और हर रन एक नई उम्मीद। खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, टीम वर्क और खेल भावना का प्रतीक भी है।” उन्होंने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खेलों के माध्यम से व्यक्ति में अनुशासन, समर्पण और सहयोग की भावना विकसित होती है, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी होती है।
इस अवसर पर आयोजन समिति के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक, खेल प्रेमी और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे। सांसद श्री अग्रवाल ने आयोजन समिति को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि ऐसे टूर्नामेंट समाज में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने और आपसी सौहार्द को मजबूत करने का कार्य करते हैं।






राजधानी रायपुर में महिला मड़ई का शुभारंभ, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने स्टॉलों का किया अवलोकन
रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में राज्य स्तरीय महिला मड़ई का शुभारंभ किया। ’सशक्त महिला समृद्ध महिला’ की थीम पर इस मड़ई का आयोजन किया जा रहा है। यह मड़ई आगामी 08 मार्च तक चलेगा। इस मड़ई में प्रदेश भर की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों की प्रदर्शनी एवं विक्रय किया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने महिला मड़ई में महिला समूहों द्वारा बिक्री सह प्रदर्शनी के लिए लगाए स्टालों का अवलोकन किया। महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने मंत्री श्रीमती राजवाड़े को अपने बीच पाकर उत्साहित हुई। श्रीमती राजवाड़े ने यहां लगे विभिन्न स्टालों में जमकर खरीदारी की और रागी,सत्तू और बाजरे का लड्डू स्वाद चखा और उसकी सराहना भी की। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पदमश्री जागेश्वर यादव का सम्मान किया।
इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, सदस्य राज्य महिला आयोग लक्ष्मी वर्मा, शालिनी राजपूत शाहिद, सचिव सम्मी आबिदी, संचालक जन्मेजय महोबे सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
महिला मड़ई में लगाए गए 87 स्टॉलों बिक्री-सह प्रदर्शनी का अवलोकन दोपहर 12 बजे से रात्रि 10 बजे तक किया जा सकता है। मड़ई में सेल्फी जोन बनाया गया है जो आकर्षण का केंद्र है। इसके साथ ही साथ बच्चों के लिए प्ले जोन भी बनाया गया है, जिसमें बच्चों के मनोरंजन के लिए आकर्षक झूले एवं खेल-खिलौने की व्यवस्था की गई है।


महिला मड़ई में नवा बिहान, महतारी वंदन सखी सेंटर, वुमन हेल्पलाइन, दिशा दर्शन, कन्या विवाह, स्पॉन्सरशिप, फास्टर केयर, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड,चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल विवाह, दत्तक ग्रहण और आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र का स्टॉल लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहे। इस मड़ई मेले में सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया जिसमें छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच की सुश्री गरिमा दिवाकर ने मनमोहक प्रस्तुति दी।
मड़ई मेले में महिला एवं बाल विकास विभाग के समूहों के साथ अन्य विभागों के समूह जैसे-एनआरएलएम, वन विभाग, पंचायत विभाग इत्यादि की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों के विक्रय एवं प्रदर्शन के लिए निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त स्थानीय महिला उद्यमियों एवं महिलाओं को आगे बढ़ने हेतु अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंजीकृत महिला उद्यमियों, उत्पादक, स्टार्ट-अप को भी स्टॉल उपलब्ध कराया गया है।
छत्तीसगढ़ में पहली बार हस्तलिखित बजट पेश
100 पृष्ठों में वित्त मंत्री ने हाथ से लिखा ऐतिहासिक बजट
रायपुर, 03 मार्च 2025 – छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने हस्तलिखित बजट पेश किया। यह पहला मौका है जब राज्य में कंप्यूटर-टाइप्ड बजट की जगह खुद वित्त मंत्री के हाथों से लिखा गया बजट सदन में प्रस्तुत किया। यह बजट 100 पृष्ठों की है, जिसे पूरी तरह हाथ से लिखा गया है।वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे परंपराओं की ओर वापसी और मौलिकता को बढ़ावा देने का कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हस्तलिखित बजट पेश करना एक अलग पहचान और ऐतिहासिक महत्व रखता है।
नई परंपरा की शुरुआत
अब तक छत्तीसगढ़ विधानसभा में केवल कंप्यूटर-टाइप्ड बजट ही पेश किए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार परंपरागत और अनूठे अंदाज में बजट तैयार किया गया। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी का मानना है कि इससे प्रामाणिकता और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
CHHATTISGARH BUDGET 2025 LIVE: विधानसभा में बजट सत्र की कार्यवाही, वित्त मंत्री ओपी चौधरी पेश कर रहे बजट - CHHATTISGARH BUDGET 2025
रायपुर: विष्णुदेव साय सरकार आज विधानसभा में छत्तीसगढ़ बजट 2025 पेश कर रही है. साय सरकार का ये दूसरा बजट है जिसे वित्त मंत्री ओपी चौधरी दूसरी बार पेश कर रहे हैं. दोपहर साढ़े 12 बजे वित्त मंत्री छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट पेश करेंगे. मंत्री चौधरी ने कहा कि इस बार का बजट पिछले साल के बजट का अगला कदम होगा. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प की तर्ज पर 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करने का लक्ष्य है. इस बार का बजट उस दिशा में आगे ले जाने वाला साबित होगा.
बजट प्रस्तुत करने के पूर्व वित्त मंत्री ओपी चौधरी पहुंचे श्रीराम मंदिर, की पूजा-अर्चना
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट पेश करने से पहले प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी आज वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर पहुंचे। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने श्री राम मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।