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टिकट न मिलने से BJP के पूर्व पार्षद का झलका दर्द : शैव्या ने पार्टी पर लगाया परिवारवाद और गुटबाजी का आरोप, कहा – हमारी मेहनत क्या कम थी?
खैरागढ़। नगरीय निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशियों के ऐलान के बाद कार्यकर्ताओं में नाराजगी खुलकर सामने आ रही है. खैरागढ़ जिले के छुईंखदान नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा की सियासी गलियों में भूचाल आ गया है. वार्ड नंबर एक की पूर्व पार्षद और जिला महिला मोर्चा मंत्री शैव्या वैष्णव ने टिकट न मिलने से आहत होकर सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी किया है. वीडियो में शैव्या रोते हुए न केवल पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है, बल्कि राजनीति में महिलाओं के संघर्ष और उनके साथ होने वाले अन्याय पर भी खुलकर अपनी बात रखी है. बताया जा रहा कि शैव्या वैष्णव को अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं, लेकिन पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह के करीबी वरिष्ठ भाजपा नेता खूबचंद पारख की बेटी शीतल जैन को उम्मीदवार बनाया है.
अपने वीडियो में शैव्या ने कहा, “मैं शैव्या वैष्णव, पूर्व पार्षद यह वीडियो उन सभी महिलाओं के लिए बना रही हूं, जो राजनीति में हैं. महिलाओं के लिए राजनीति करना आसान नहीं है. परिवार और बच्चों को छोड़कर मैदान में मेहनत करनी पड़ती है. मैंने भी दिन-रात मेहनत की थी, लेकिन नतीजा क्या मिला? उन महिलाओं को टिकट दिया गया, जिनके पीछे बड़े नेताओं और परिवार का हाथ है. हमारी मेहनत क्या कम थी? आरक्षण इसलिए आया था कि महिलाएं आगे बढ़ सकें, लेकिन यहां आरक्षण भी परिवारवाद का भेंट चढ़ गया.”

स्थानीय कार्यकर्ताओं ने शैव्या के प्रति जताई सहानुभूति
शैव्या ने पार्टी पर सीधे-सीधे परिवारवाद और गुटबाजी का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि महिलाओं के संघर्ष और योगदान को नजरअंदाज कर दिया गया. उनका यह बयान न केवल छुईंखदान, बल्कि पूरे राजनीतिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है. शैव्या का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सियासी हलकों में खलबली मच गई. लोगों ने भी इस वीडियो को शेयर कर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाया है. वीडियो पर कई स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी कमेंट कर शैव्या के प्रति सहानुभूति जताई है. कुछ ने पार्टी नेतृत्व के फैसले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह भाजपा की “महिला सशक्तिकरण” के दावे को कमजोर करता है.

कांग्रेस ने कहा – भाजपा में परिवारवाद और गुटबाजी हावी
शैव्या के वीडियो पर विपक्षी दलों ने भाजपा पर हमला बोला है. कांग्रेस नेताओं ने कहा, “भाजपा में परिवारवाद और गुटबाजी हावी है. महिलाओं को सिर्फ दिखावे के लिए आगे बढ़ाने की बातें होती हैं, असल में उनके साथ अन्याय होता है.” BJP नेतृत्व इस पूरे मामले पर अब तक चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह विवाद चुनाव में पार्टी को भारी पड़ सकता है. शैव्या का यह बयान और वायरल वीडियो छुईंखदान में BJP के चुनावी समीकरण बिगाड़ सकता है. पार्टी के सामने अब शैव्या को मनाने और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.
टिकट वितरण के बाद कई जिलों के भाजपाइयों में असंतोष
भाजपा में टिकट वितरण के बाद लगातार असंतोष देखने को मिल रहा है. सक्ती नगर पालिका से चिराग अग्रवाल को टिकट मिलते ही वरिष्ठ भाजपा नेता संजय रामचंद्र ने इस्तीफा दे दिया है. उनका आरोप है कि टिकट वितरण में लेन-देन और वरिष्ठ नेताओं की साजिशें शामिल हैं. इसी तरह रतनपुर नगर पालिका में टिकट काटे जाने पर भाजपा नेता कन्हैया यादव ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. वहीं सुकमा में वर्तमान पार्षदों समेत 19 लोगों ने बीजेपी से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है.
नगर निगम धमतरी : कांग्रेस ने पूर्व पार्षद पर जताया भरोसा, भाजपा ने प्रदेश महामंत्री को मैदान में उतारा, जानिए दोनों प्रत्याशियों की क्या है राजनीतिक पृष्ठभूमि..
धमतरी। कांग्रेस ने नगर निगम धमतरी महापौर के लिए विजय गोलछा को प्रत्याशी बनाया है. वहीं भाजपा ने अपने प्रदेश महामंत्री जगदीश रामू रोहरा को मैदान में उतारा है. यहां भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होगा. भाजपा-कांग्रेस दोनों ही प्रत्याशी अपनी पहली प्राथमिकता में शहर के रुके विकास कार्यों को गति देने का दावा कर रहे हैं.
जानिए कौन हैं कांग्रेस प्रत्याशी विजय गोलछा
कांग्रेस ने विजय गोलछा को महापौर प्रत्याशी बनाया है. वो कांग्रेस के सक्रिय सदस्य हैं. शहर ब्लॉक अध्यक्ष भी रहे हैं. विजय गोलछा 1998 से 2003 तक पार्षद रहे. सकल जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं. जैन स्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ के वर्तमान अध्यक्ष हैं. उन्होंने बातचीत में कहा, पार्टी ने मुझ पर भरोसा जताया है उस पर मैं खरा उतरूंगा. मेरा मुख्य उद्देश्य शहर में मूलभूत सुविधाओं पर काम करना होगा. चुनाव में सबकी चुनौती रहती है, मैं अपना काम करूंगा.
भाजपा प्रत्याशी रोहरा के पास 20 सालों का राजनीतिक अनुभव
धमतरी नगर निगम के महापौर पद के लिए भाजपा ने जगदीश रामू रोहरा को प्रत्याशी घोषित किया है. 51 वर्षीय जगदीश रामू रोहरा धमतरी शहर के विवेकानंद नगर के निवासी हैं. उन्होंने बीकॉम स्नातक तक की पढ़ाई की है. राजनीतिक सफर की बात करें तो 2003 से भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं. 2010 से 2015 तक पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष रहे. 2015 से 2019 तक भाजपा जिला अध्यक्ष रहे. वहीं 2019 से 2024 तक प्रदेश मंत्री रहे. 2024 से वे भाजपा के प्रदेश महामंत्री हैं. रामू रोहरा के पास 22 सालों का राजनीतिक अनुभव है.
नगर पालिका लोरमी : भाजपा ने दो बार के पार्षद सुजीत को मैदान में उतारा, कांग्रेस ने पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल दास पर खेला दांव
लोरमी। मुंगेली जिले के लोरमी नगर पालिका चुनाव को हाई प्रोफाइल सीट माना जा रहा है. दरअसल लोरमी विधानसभा से प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव विधायक भी हैं. इसके चलते भी यह चुनाव अहम माना जा रहा है. जिले के लोरमी नगर पालिका सीट से भाजपा ने अध्यक्ष के लिए दो बार के पार्षद सुजीत वर्मा को प्रत्याशी बनाया है. वहीं कांग्रेस ने पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल दास को मैदान में उतारा है.
प्रत्याशी के घोषणा होने के बाद चुनावी हलचल लोरमी नगर पालिका क्षेत्र में तेज हो गई है. दोनों ही पार्टी के समर्थक सहित अध्यक्ष प्रत्याशी जनसंपर्क कर रहे हैं. वहीं आज डिप्टी सीएम एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी के नगर पालिका अध्यक्ष सहित सभी पार्षद प्रत्याशी नामांकन दाखिल करेंगे.

भाजपा ने दो बार के पार्षद रहे सुजीत वर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है. वहीं कांग्रेस ने भी पूर्व नगर पंचायत लोरमी के अध्यक्ष रहे अनिल दास को इस बार पालिका अध्यक्ष के लिए मैदान में उतारा है. बताया जा रहा कि कांग्रेस पार्टी ने राज परिवार से तालुकात रखने वाले अनिल दास को अपना प्रत्याशी बनाया है.
भाजपा और कांग्रेस के अपने-अपने दावे
बता दें कि लोरमी नगर पालिका में कुल 18 वार्ड आते हैं, जिसमें कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी ने अपने-अपने दावेदारों की सूची जारी कर दी है. भाजपा के अध्यक्ष प्रत्याशी सुजीत वर्मा ने अपनी जीत के लिए दावा किया है. वहीं लोरमी के मंडल अध्यक्ष सुशील यादव ने भी आज उप मुख्यमंत्री अरुण साव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल करने की बात कही है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के सभी 18 के 18 पार्षद प्रत्याशी सहित अध्यक्ष पद जीतने का दावा किया है. कांग्रेस से प्रत्याशी प्रत्याशी अनिल दास ने भी कहा कि 5 साल पहले उन्हें नगर पंचायत में अध्यक्ष के रूप में सेवा का अवसर लोरमी की जनता ने दिया था. इस बार भी उन्हें लोरमी की जनता नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में आशीर्वाद देकर सेवा का अवसर प्रदान करेगी.
बिलासपुर नगर निगम : कांग्रेस ने प्रमोद नायक और भाजपा ने पूजा विधानी को दिया महापौर का टिकट, जानिए कौन हैं दोनों प्रत्याशी…
बिलासपुर। कांग्रेस ने बिलासपुर नगर निगम से महापौर के लिए प्रमोद नायक को उम्मीदवार बनाया है. नायक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी और महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक के रिश्तेदार हैं. वहीं भाजपा ने नगर निगम नेता प्रतिपक्ष अशोक विधानी की पत्नी पूजा विधानी को मैदान में उतारा है.
जानिए कौन है प्रमोद नायक
57 वर्षीय प्रमोद नायक ने एमकॉम की पढ़ाई की है. वे वर्तमान में छग कुर्मी चेतना मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं. प्रदेश युवा कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री रह चुके हैं. शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे हैं. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में प्रमोद नायक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के भी अध्यक्ष रह चुके हैं. मेयर प्रत्याशी के तौर पर बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रमोद नायक ने बताया कि वे पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे. शहर के हर वर्ग, हर क्षेत्र के विकास पर उनका फोकस होगा. शहर विकास को वे गति देने का काम करेंगे. बिलासपुर को विकसित शहर बनाने की दिशा में उनका प्रयास होगा. बीजेपी व बीजेपी कैंडिडेट कांग्रेस के सामने कोई चुनौती नहीं होगा.
भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष की पत्नी को मैदान में उतारा
भाजपा ने बिलासपुर नगर निगम महापौर के लिए 54 वर्षीय पूजा विधानी को प्रत्याशी बनाया है. उन्होंने एमए तक की पढ़ाई की है. पूजा विधानी नगर निगम नेता प्रतिपक्ष अशोक विधानी की पत्नी हैं. 1996 से भाजपा की सक्रिय सदस्य हैं. 1998 में पहली बार पार्षद बनीं थी. महिला मोर्चा में 2 बार प्रदेश महामंत्री रही हैं.
निकाय चुनाव 2025 : कांग्रेस ने दीप्ति दुबे को दिया रायपुर महापौर का टिकट, जानिए कौन हैं दीप्ति, क्या है सामाजिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि…
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में देर रात तक मंथन करने के बाद निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई है. रायपुर नगर निगम पर पूर्व महापौर और वर्तमान सभापति प्रमोद दुबे की पत्नी दीप्ति दुबे को महापौर प्रत्याशी बनाया गया है. वहीं भाजपा ने तीन बार की पार्षद रह चुकीं मीनल चौबे को मैदान में उतारा है.
जानिए कौन हैं दीप्ति दुबे
कांग्रेस ने रायपुर नगर निगम पर दीप्ति दुबे को मेयर प्रत्याशी बनाया है. दीप्ति दुबे वर्तमान सभापति प्रमोद दुबे की पत्नी है. वे साइकोलाजिस्ट हैं. उनका मेंटल हेल्थ क्लीनिक है. वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं. दीप्ति दुबे ने मास्टर्स इन साइकोलॉजी के साथ एमए हिंदी साहित्य की पढ़ाई की है. वर्तमान में पीएचडी कर रही हैं. पत्रकारिता में डिप्लोमा होने के साथ-साथ वह मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में काम कर रही हैं.
सामाजिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि
दीप्ति दुबे का जीवन समाजसेवा और शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रतीक है. शिक्षा के क्षेत्र में उनकी गहराई ने उन्हें समाज की समस्याओं को समझने और उनका समाधान खोजने में निपुण बनाया है. दीप्ति दुबे ने मास्टर्स इन साइकोलॉजी के साथ एमए हिंदी साहित्य की पढ़ाई की है. वर्तमान में पीएचडी कर रही हैं. वह एक काउंसलर के रूप में कार्यरत हैं और अपने मेंटल हेल्थ क्लीनिक के जरिए मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनमोल योगदान दे रही हैं. दीप्ति दुबे ने सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न समुदायों में अपनी अमिट छाप छोड़ी है. उनकी भागीदारी न केवल ज़रूरतमंदों की मदद तक सीमित रही है, बल्कि उन्होंने समाज में जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी सक्रिय प्रयास किए हैं।
राजनीति में 20 सालों का अनुभव
कांग्रेस पार्टी की सक्रिय सदस्य के रूप में दीप्ति दुबे ने पिछले 20 वर्षों में पार्टी के विभिन्न अभियानों और कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यक्षमता ने उन्हें रायपुर महापौर पद के लिए एक मजबूत दावेदार बनाया है. रायपुर महापौर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश करते हुए दीप्ति दुबे ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट की है. उन्होंने कहा, “रायपुर को शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाना मेरा लक्ष्य है. हर नागरिक को बुनियादी सुविधाओं के साथ एक समृद्ध और सुरक्षित वातावरण देना मेरी प्राथमिकता होगी.”
भाजपा ने मीनल चौबे को दिया टिकट, तीन बार रह चुकी हैं पार्षद
बीजेपी ने रायपुर नगर निगम महापौर का टिकट मीनल चौबे को दिया है. वह नगर निगम परिषद में नेता प्रतिपक्ष रह चुकी हैं. पार्षद, जिला और प्रदेश महिला भाजपा मोर्चा में कई पदों पर काम कर चुकी हैं. वे तीन बार बीजेपी पार्षद रह चुकी हैं. संगठन में भी सक्रिय है. इसी के साथ ही वे रायपुर नगर निगम के सीनियर पार्षदों में से एक हैं. मीनल चौबे की छवि तेज तर्रार महिला नेत्री के रूप में है. वह सभी गुटों से तालमेल रखती हैं.
पूर्व भाजपा विधायक भीमा मंडावी की बेटी दीपा मंडावी ने की आत्महत्या, मुख्यमंत्री साय ने जताया शोक
रायपुर। छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा जिले के दिवंगत भाजपा विधायक भीमा मंडावी की बेटी दीपा मंडावी ने उत्तराखंड के देहरादून में आत्महत्या कर ली है. इस दुखद घटना से पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है. वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है.
सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि दंतेवाड़ा के पूर्व विधायक स्व. भीमा मंडावी और राज्य महिला आयोग की सदस्य ओजस्वी मंडावी की बिटिया दीपा मंडावी के आकस्मिक निधन की खबर अत्यंत दुःखद है. ओजस्वी जी से फोन पर बात कर इस दुःखद घटना पर शोक संवेदना व्यक्त की और ढांढस बंधाया. ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं.
बता दें कि दीपा मंडावी उत्तराखंड के देहरादून में एक पीजी में रहकर फिजियोथेरेपी की पढ़ाई कर रही थी. उसकी पढ़ाई का यह अंतिम वर्ष था, लेकिन दीपा ने 26 जनवरी रविवार को आत्महत्या कर ली. दीपा हाल ही में अपने घर दंतेवाड़ा आई थी और कुछ दिन बाद देहरादून लौटी थी. इस आत्मघाती कदम के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है. घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्य तुरंत देहरादून के लिए रवाना हो गए हैं.
निकाय चुनाव : कांग्रेस ने जारी की महापौर, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशियों की सूची, देखें लिस्ट…
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस ने महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है. बता दें कि नगरीय निकाय चुनाव की वोटिंग 11 फरवरी को होगी और परिणाम 15 फरवरी को घोषित होंगे. वहीं पंचायत चुनाव तीन चरणों में होंगे. 17, 20 और 23 फरवरी को मतदान होगा और इसके नतीजे क्रमश: 18, 21 और 24 फरवरी को घोषित किए जाएंगे.
देखें प्रत्याशियों की सूची –






बस्तर संभाग के 26 गांवों में पहली बार लहराया तिरंगा, नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता से बदली तस्वीर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में 76वें गणतंत्र दिवस का आयोजन इस बार इतिहास में खास दर्ज हुआ। वह गांव, जो कभी नक्सलियों के खौफ और आतंक के साए में जीने को मजबूर थे, अब शांति और विकास की नई राह पर चल रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित नक्सल उन्मूलन अभियान की जबरदस्त सफलता के चलते गांवों में सुरक्षा और विश्वास का नया माहौल बनने से इस बार 26 गांवों में पहली बार ग्रामीणों ने तिरंगा फहराया और पूरे उत्साह से गणतंत्र दिवस मनाया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित नक्सल उन्मूलन अभियान ने बस्तर संभाग में सुरक्षा और विकास की नई कहानी लिखी है। इस अभियान के अंतर्गत बस्तर के अंदरूनी और सुदूर इलाकों में सुरक्षा केंद्र स्थापित कर शांति बहाल की गई है। इन गांवों में कभी नक्सलियों का प्रभाव इतना गहरा था कि लोग राष्ट्रीय पर्व तो दूर, सामान्य जीवन भी भय के साए में जीने को मजबूर थे। अब, नक्सल उन्मूलनअभियान के प्रयासों से वहां न केवल शांति स्थापित हुई है, बल्कि स्थानीय लोगों में एक नई उम्मीद जगी है।
गौरतलब है कि बीते एक वर्ष में छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कुल 26 नए सुरक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन सुरक्षा केंद्रों ने न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि इन क्षेत्रों को विकास केंद्र का स्वरूप दिया है। बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर जिलों के इन गांवों में ग्रामीणों ने पहली बार गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पूरे उत्साह से इस पर्व में भाग लिया।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर इन सुरक्षा केंद्रों पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान गणतंत्र दिवस के महत्व पर चर्चा की गई और लोगों को मिठाइयां, बच्चों को चॉकलेट और अन्य सामग्री वितरित की गई।
गौरतलब है कि बीजापुर जिले में गुंडम, फुटकेल, छुटवाही, कोंडापल्ली, ज़िडपल्ली, वाटेवागु, कर्रेगट्टा, पीड़िया, नारायणपुर जिले में कस्तुरमेटा, मसपुर, ईरकभट्टी, मोहंदी, होरादी, गारपा, कच्चापाल, कोड़लियार, सुकमा जिले में टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, लखापाल, पूलनपाड़, तुमालपाड़, रायगुडेम, गोलाकुंडा, गोमगुड़ा, मेंट्टागुड़ा तथा कांकेर जिले में पानीडोबीर सुरक्षा कैंप बीते एक सालों में स्थापित किए गए हैं।
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों के सामूहिक प्रयासों से बस्तर संभाग में शांति और लोकतंत्र की बहाली हुई है। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत स्थापित सुरक्षा केंद्रों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को शांति और विकास की राह पर लाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
जगदलपुर के लालबाग परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता और बस्तर संभाग में सुरक्षा एवं विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।




निकाय चुनाव 2025: BJP ने राजनांदगांव नगर निगम के सभी 51 वार्डों में अपने प्रत्याशियों का किया ऐलान, देखें पूरी लिस्ट
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय चुनाव के मद्देनजर बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) ने राजनांदगांव नगर निगम के सभी 51 वार्डों में अपने पार्षद प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। रविवार की देर शाम पार्टी ने सभी 51 पार्षद प्रत्याशियों के नामों की लिस्ट जारी की है। जानिए पार्टी ने किस वार्ड से किस प्रत्याशी को मौका दिया है।
देखें पूरी लिस्ट



दिवंगत भाजपा विधायक भीमा मंडावी की बेटी दीपा मंडावी ने की आत्महत्या, परिवार में शोक की लहर
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के दिवंगत भाजपा विधायक भीमा मंडावी की बेटी दीपा मंडावी ने आत्महत्या कर ली है। वह उत्तराखंड के देहरादून में एक पीजी में रहकर पढ़ाई कर रही थी और हाल ही में अपने घर दंतेवाड़ा भी आई थी। दीपा ने आत्महत्या क्यों की इस बात का खुलासा अब तक नहीं हो सका है। दीपा के इस आत्मघाती कदम से पूरे परिवार में शोक की लहर है।
बता दें कि घटना की जानकारी मिलने के बाद दीपा के परिजन देहरादून के लिए रवाना हो गए हैं। राज्य महिला आयोग की सदस्य और दीपा मांडवी की मां ओजस्वी भीमा मंडावी इस समय गहरे सदमे में हैं। दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, पूर्व विधायक देवती कर्मा, जिला पंचायत सदस्य तूलिका कर्मा समेत कांग्रेस के अन्य नेता भी दीपा के घर पहुंचे हैं और शोक संतप्त परिवार के साथ मौजुद हैं।
भीमा मंडावी की नक्सलियों ने की थी हत्या
गौरतलब है कि दीपा के पिता और भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सलियों ने 9 अप्रैल 2019 को हत्या कर दी थी। यह घटना लोकसभा चुनाव के मतदान से ठीक दो दिन पहले दंतेवाड़ा के कुआकोंडा इलाके के श्यामागिरी में हुई थी। इस हमले में भीमा मंडावी और उनका ड्राइवर समेत तीन पुलिसकर्मी भी शहीद हुए थे। इस हमले के बाद केंद्र सरकार ने एनआईए से जांच का आदेश दिया था और मई 2019 में एनआईए ने इस मामले में केस दर्ज किया था।
लाल किले में भारत पर्व 2025: छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, झांकी में रामनामी समुदाय, जनजातीय कला, नृत्य व शिल्प की दिख रही झलक
रायपुर। नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में आयोजित हो रहे भारत पर्व 2025 में छत्तीसगढ़ की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है। यह झांकी राज्य की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और रामनामी समुदाय की विशिष्ट झलक को खूबसूरती से प्रस्तुत करती है। भगवान श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति के लिए प्रसिद्ध रामनामी समुदाय इस झांकी का मुख्य आकर्षण है। उनकी अनोखी परंपराएं, संस्कृति और जीवनशैली दर्शकों को गहराई से प्रभावित कर रही हैं। छत्तीसगढ़ की झांकी में राज्य की सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक लोक जीवन को बड़े ही शानदार तरीके से दर्शाया गया है। झांकी में जनजातीय कला, पारंपरिक नृत्य, और शिल्प की झलक ने देश-विदेश से आए दर्शकों को राज्य की अनमोल सांस्कृतिक धरोहर से रूबरू कराया। साथ ही यह झांकी छत्तीसगढ़ की आदिवासी जीवनशैली और उनकी अनूठी परंपराओं का जीवंत चित्रण प्रस्तुत करती है।
भारत पर्व 2025, जो गणतंत्र दिवस के अवसर पर पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है, भारतीय संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच है। इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों की झांकियां, सांस्कृतिक प्रदर्शन और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल जनता के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। छत्तीसगढ़ की झांकी ने ‘देखो अपना देश’ की थीम के तहत राज्य के सांस्कृतिक गौरव और परंपराओं को देश और दुनिया के सामने पेश किया है।
यह आयोजन 26 जनवरी से 31 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक दर्शकों के लिए खुला है। निशुल्क प्रवेश के साथ, यह पर्व लोगों को भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक धरोहर, और आधुनिक विकास का अनुभव करने का अनोखा अवसर प्रदान करता है। लाल किले के प्रांगण में छत्तीसगढ़ की झांकी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। यह झांकी छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच प्रदान कर रही है।



गणतंत्र दिवस समारोह- सुरक्षा बलों की टुकड़ियों ने किया आकर्षक मार्चपास्ट, घुड़सवार दल के करतब ने दर्शकों का मन मोहा
रायपुर। गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर पुलिस परेड ग्राउंड में सुरक्षाबलों के 17 टुकड़ियों ने कदम से कदम मिलाकर मार्चपास्ट किया। राज्यपाल रमेन डेका ने उनकी सलामी ली और उनके कमांडर से परिचय प्राप्त किया। परेड कमांडर परीविक्षाधीन भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हर्षित मेहर थे। केन्द्रीय अर्धसैनिक सुरक्षाबलों में बेस्ट कंटिजेंट तेलंगाना पुलिस को प्रथम पुरस्कार के साथ पांच हजार रूपए नगद राशि देकर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार द्वितीय स्थान पर भारत तिब्बत सीमा बल को तीन हजार रूपए नगद राशि तथा केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को तृतीय पुरस्कार के रूप में दो हजार रूपए नगद राशि देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में बेस्ट कंटिजेंट राज्य पुलिस बल का प्रथम पुरस्कार छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल महिला को, द्वितीय नगर सेना महिला को तथा तृतीय छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल पुरूष को प्राप्त हुआ। इन सभी विजेताओं को प्रथम स्थान प्राप्त को पांच हजार रूपए, द्वितीय स्थान प्राप्त बल को तीन हजार और तृतीय स्थान प्राप्त बल को दो हजार रूपए की नगद राशि और ट्राफी प्रदाय की गई। इसके साथ ही बेस्ट कंटिजेंट प्रथम पुरस्कार एनसीसी बॉयज एवं द्वितीय एनसीसी गर्ल्स को प्राप्त हुआ। जिन्हें प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में ट्राफी प्रदान की गई।
मार्चपास्ट में सीमा सुरक्षाबल, केन्द्रीय रिर्जव पुलिस बल, पुलिस बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, तेलंगाना पुलिस, नगर सेना पुरूष एवं महिला, एनसीसी गर्ल्स एवं बॉयज, घुड़सवार बल, बैंड प्लाटून पुलिस और महिला बैग पाईपर बैंड दस्ता द्वारा दिए आकर्षक मार्चपास्ट ने मैदान में आए दर्शकों का मनमोह लिया।
अश्वरोही दल का नेतृत्व कर प्लाटून कमाण्डर योगेश चन्द्रा ने किया। वर्ष 2016 से 3री वाहिनी छसबल अमलेश्वर दुर्ग में पदस्थ हैं। इसके बाद वर्ष 2017 सेे 2019 तक एसटीएसफ बघेरा दुर्ग में पदस्थापना के दौरान अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र जिला-सुकमा और बीजापुर के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कार्यरत रहे हैं। जुलाई 2024 से अश्वरोही दल प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
महिला बैगपाईपर बैंड का नेतृत्व महिला आरक्षक 411, 20वीं वाहिनी छसबल महासमुंद सोनबती ठाकुर ने किया। उन्होंने 06 माह का बैगपाईपर बैण्ड की प्रशिक्षण बेसिक ट्रेनिंग सेंटर पंचकुला, हरियाणा से लिया है। ज्ञातव्य है कि नागालैण्ड में आयोजित आल इंडिया बैण्ड कम्पिटिशन में छत्तीसगढ़ बैगपाईपर बैण्ड ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।


चाय बेचने वाला बना बीजेपी का महापौर प्रत्याशी: मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा- 29 साल से पार्टी का काम कर रहे जमीनी कार्यकर्ता को मिला अवसर
रायपुर। राजनीति में किस्मत बदलने की तरह-तरह की कहानियां आपने सुनी होंगी, छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय चुनाव में भी ऐसी ही एक कहानी सामने आई है. भारतीय जनता पार्टी ने रायगढ़ नगर निगम के महापौर पद के लिए एक ऐसा उम्मीदवार चुना है, जो चाय बेचते हैं. यह कहानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चाय बेचने वाली कहानी की याद दिलाती है. भाजपा ने इस बार रायगढ़ नगर निगम से चाय बेचने वाले जीवर्धन चौहान को महापौर पद का प्रत्याशी घोषित कर सभी को चौंका दिया है, और इसकी चर्चा हर ओर हो रही है.
इसको लेकर मंत्री ओपी चौधरी ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘चाय बेचने वाले, 29 साल से पार्टी का कार्य कर रहे जमीनी कार्यकर्ता जीवर्धन चौहान को प्रदेश भाजपा ने रायगढ़ महापौर प्रत्याशी बनाया.’
जानिए कौन हैं रायगढ़ नगर निगम के बीजेपी प्रत्याशी
भाजपा ने जीवर्धन चौहान को रायगढ़ नगर निगम की अनुसूचित जाति (मुक्त) के लिए आरक्षित महापौर के पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है. जीवर्धन चौहान भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं में से एक है.
रायगढ़ के रेलवे कालोनी, सोनकर पारा निवासी जीवर्धन चौहान ने 1996 में भाजपा की सदस्यता ली थी, जिसके बाद 1998 में उन्हें वार्ड अध्यक्ष बनाया गया. 2004 में भाजयुमो नगर कार्यकारिणी में शामिल करने के बाद 2005 में संगठन में नगर मंत्री, 2006 में नगर उपाध्यक्ष, 2008 में नगर महामंत्री और 2011 में संगठन का नगर अध्यक्ष नियुक्त किया था. 2023 से 2024 तक प्रदेश मंत्री अजा मोर्चा और जिला भाजपा कार्यसमिति सदस्य के साथ अन्य जिम्मेदारी भी संभाली.
भारतीय योग संस्थान के प्रयास से योगमय हुआ गणतंत्र दिवस समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम…
रायपुर। भारतीय योग संस्थान, रायपुर के केंद्रों में 26 जनवरी के अवसर पर गणतंत्र दिवस के साथ वसंतोत्सव मनाया गया. इस अवसर पर गायत्री नगर, र्स्वणभूमि, कटोरा तालाब, कृष्णा नगर, बूढा तालाब, ऑक्सीजोन, भैरव सोसाइटी आदि में योग के साथ देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम की धूम रही.
इन सभी योग केंद्रों में गुरूओं के मार्गदर्शन में हुए शानदार आयोजन में सम्मानित गणमान्य को मुख्य अतिथि बनाया गया था. ऑक्सीजोन योग केंद्र में मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में कैंसर डिपार्टमेंट के हेड डॉ. आशुतोष गुप्ता को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए आज के समय में स्वस्थ रहने योग को जीवन से जोड़ने का संदेश दिया.
सभी केंद्रों में संपूर्ण योग साधना जिसमें आसन, प्राणायाम और ध्यान के जरिए तन और मन को स्वस्थ रखने की विद्या से अवगत कराया गया. योगाभ्यास के पश्चात देशभक्ति गीतों पर बड़े ही आकर्षक कार्यक्रम हुए.
सभी योग केंद्रों में मुख्य अतिथियों द्वारा केंद्र प्रमुखों का सम्मान किया गया. भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय पदाधिकारी राजेश अग्रवाल एवं राजेश डागा ने सभी केंद्र प्रमुखों को उनके निष्काम सेवा के लिए प्रोत्साहित किया. मुकेश सोनी ने योग केंद्र को एक मंदिर की तरह और वहां के केंद्र प्रमुखों को देवी देवताओं की संज्ञा देते हुए पूजने योग्य बताया.
कार्यक्रम को सफल बनाने में सुदेशना मेने, वंदना आहूजा, पिंकी जैन, केआर साहू, प्रभा शर्मा, नीलम नवलानी, किरण प्रसाद, रिया फतनानी, कंवलजीत कौर, लता चौधरी, गीताजंली बाग, हर्षपाल, विश्वकर्मा, सिंटू पटेल का विशेष योगदान रहा.
नगरीय निकाय चुनाव 2025: मेयर पद के लिए 10 में से 5 निगमों में भाजपा ने महिलाओं पर जताया भरोसा, जानिए किनमें कितना है दम…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय व त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए चुनावी बिगुल बज गया है. भाजपा ने आज राज्य के 10 नगर निगमों में मेयर पद के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. इनमें से 5 निगमों में बीजेपी ने महिलाओं पर अपना भरोसा जताया है. प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने एकात्म परिसर में प्रेस कांफ्रेंस कर रायपुर से मीनल चौबे, दुर्ग से अल्का बाघमार, कोरबा से संजू देवी राजपूत, बिलासपुर से पूजा विधानी और अंबिकापुर से मंजूशा भगत को प्रत्याशी घोषित किया है.
रायपुर से मीनल चौबे
रा भा.ज.पा. ने रायपुर से मीनल चौबे को महापौर प्रत्याशी के रूप में नामित किया है. मीनल चौबे को पार्टी के भीतर एक मजबूत और प्रभावशाली उम्मीदवार माना जा रहा था. वह मीनल चौबे तीन बार पार्षद का चुनाव जीत चुकी हैं और नगर निगम परिषद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभा चुकी हैं. मीनल चौबे की पहचान भाजपा महिला मोर्चा के विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए एक प्रभावशाली और तेजतर्रार नेता के रूप में बनी है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मीनल चौबे के नाम पर सहमति बनाना आसान था. जब भाजपा की ओर से महापौर उम्मीदवार के नाम की चर्चा हो रही थी, तो मीनल का नाम सबसे पहले सामने आया था. पिछली बार जब पार्षदों के बीच रायशुमारी हुई थी, तो भाजपा के वरिष्ठ पार्षदों ने मीनल चौबे को नगर निगम रायपुर का नेता प्रतिपक्ष चुना था. इस बार, राज्य में मेयर का चुनाव सीधे जनता के मतदान से होगा, जबकि कांग्रेस सरकार के दौरान यह चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होते थे.
कोरबा से संजू देवी राजपूत
भा.ज.पा. ने कोरबा नगर निगम के महापौर पद के लिए संजू देवी राजपूत को उम्मीदवार घोषित किया है. वह पूर्व में पार्षद रह चुकी हैं और भाजपा महिला मोर्चा से जुड़ी रही हैं. उनका संबंध पूर्वांचल समाज से है, और कोरबा में पूर्वांचल वासियों की संख्या अधिक होने के कारण उनकी उम्मीदवारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
हाल ही में भाजपा ने नगर निगम के पार्षद उम्मीदवारों की घोषणा की, जिसमें संजू देवी राजपूत का नाम महापौर प्रत्याशी के रूप में सामने आया. कांग्रेस की ओर से अभी तक महापौर और पार्षद उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की गई है, हालांकि उषा तिवारी के महापौर प्रत्याशी के रूप में उभरने की संभावना है.
दुर्ग से अल्का बाघमार
भाजपा ने दुर्ग से अल्का बाघमार को महापौर प्रत्याशी घोषित किया है. अल्का बाघमार भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व उपाध्यक्ष रही हैं और 2014 से 2019 तक नगर निगम दुर्ग की पार्षद रह चुकी हैं. उनका जन्म 31 जनवरी 1970 को हुआ था. वे कुर्मी जाति (पिछड़ा वर्ग) से संबंधित हैं और समाजशास्त्र में एम.ए. की डिग्री प्राप्त हैं. उनका स्थायी निवास दुर्ग जिले के स्टील कॉलोनी क्षेत्र में है.अल्का बाघमार ने 2010 में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ली और 2012 से वे पार्टी के विभिन्न कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल हुईं. अल्का बाघमार फिलहाल भाजपा के जिला दुर्ग की उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर रही हैं.
इसके अलावा, वह गंजपारा सदर मंडल के संगठन प्रभारी, लोकसभा चुनाव में विधानसभा स्तरीय कॉल सेंटर की प्रभारी, और दुर्ग जिले में सेवा पखवाड़े की प्रभारी भी हैं. इसके अलावा, वह मंडल चुनाव अधिकारी और आंतरिक शिकायत समिति की सदस्य हैं. वह नगर निगम दुर्ग की अपील समिति की सदस्य, जिला महिला मोर्चा की महामंत्री और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की जिला संयोजिका भी रही हैं.
बिलासपुर से पूजा विधानी
बिलासपुर से पूजा विधानी को भाजपा ने महापौर प्रत्याशी के रूप में चुना है. पूजा विधानी भाजपा नेता और नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष अशोक विधानी की पत्नी हैं. उनका राजनीतिक अनुभव भी बहुत व्यापक है और वह भाजपा महिला मोर्चा में प्रदेश महामंत्री के रूप में कार्य कर चुकी हैं. उनके पति अशोक विधानी का नगर निगम में लंबा अनुभव रहा है, जिससे पूजा विधानी की दावेदारी भी प्रबल मानी जा रही है.
अंबिकापुर से मंजूषा भगत
अंबिकापुर से भाजपा ने मंजूषा भगत को महापौर प्रत्याशी के रूप में उतारा है. मंजूषा भगत 4 बार की पार्षद रही हैं और जिला भाजपा उपाध्यक्ष के पद पर भी कार्य कर चुकी हैं. उनका अनुभव और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा उन्हें इस पद के लिए एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है.
नगरीय निकाय चुनाव 2025:
बता दें, 20 जनवरी को छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के तारीख के ऐलान के साथ आचार संहिता लागू हो गई. 22 जनवरी को नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई जो 27 जनवरी तक जारी रहेगी. सभी 10 नगरीय निकायों के लिए एक ही फेज पर 11 फरवरी को मतदान होगा. वहीं 15 फरवरी का निकाय चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे.
निकाय चुनाव : प्रत्याशी चयन में परिवारवाद का आरोप, भाजयुमो जिला मंत्री ने भाजपा जिलाध्यक्ष को लिखा पत्र…
अभनपुर। अभनपुर नगर पालिका में भाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए शिव नारायण बघेल को उम्मीदवार घोषित किया है, जिसके बाद से अनेक भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है. भाजयुमो रायपुर ग्रामीण जिला मंत्री लौटन गिलहरे ने परिवारवाद का आरोप लगाते हुए प्रत्याशी चयन में पुनर्विचार करने की मांग की है.
लौटन गिलहरे ने इस संबंध में भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम कुमार नारंग को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने अभनपुर नगर पालिका में वार्ड पार्षद और पालिका अध्यक्ष प्रत्याशी चयन में परिवारवाद का आरोप लगाया है.
लौटन ने अपने ज्ञापन में बताया कि अध्यक्ष प्रत्याशी शिव नारायण बघेल के बेटे धनंजय बघेल को पालिका के वार्ड क्र. 11 में पार्षद प्रत्याशी बनाया गया है, वहीं शिव नारायण के भतीजे कुंदन बघेल वार्ड नं. 12 से और रवि बघेल को वार्ड नं. 5 से प्रत्याशी घोषित किया गया है.

लौटन ने कहा कि एक ही परिवार के 4 लोगों को प्रत्याशी घोषित कर पार्टी ने अन्य दावेदारों के साथ धोखा किया है. उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव से मुलाकात कर प्रत्याशी चयन में पुनर्विचार करने की मांग किया है.
पिछले 15 सालों से भाजपा में सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहे लौटन गिलहरे के पत्र को प्रत्याशी चयन को लेकर न केवल उसके बल्कि अनेक कार्यकर्ताओं की नाराजगी के तौर देखा जा रहा है.