प्रदेश
चिरमिरी में 240 सीटों के शासकीय पालिटेक्निक कालेज को मंजूरी, पालीटेक्निक में माइनिंग इंजीनियरिंग समेत डिप्लोमा के चार कोर्स होंगे संचालित
रायपुर। आल इंडिया काउंसिल फार टेक्निकल एजुकेशन ने मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में 240 सीटों के शासकीय पालिटेक्निक कालेज की स्थापना को मंजूरी दी है। यह पालिटेक्निक कालेज शैक्षणिक सत्र 2024-25 से संचालित होगा और इसकी स्थापना चिरमिरी में होगी। नवीन शासकीय पालिटेक्निक कालेज में सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के लिए 60 सीट, जिओग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम (जीआईएस) एवं ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) में डिप्लोमा के लिए 60 सीट, मेकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के लिए 60 सीट तथा माइनिंग इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के लिए 60 सीटों का प्रावधान है। ये पालिटेक्निक कालेज छत्तीसगढ़ के स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी, भिलाई से संबद्ध होगा।
राजनांदगांव जिले के मारगांव के ग्रामवासियों को जल जीवन मिशन के तहत मिल रहा शुद्ध पेयजल
रायपुर। राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजना जल जीवन मिशन से राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम मारगांव के ग्रामवासियों को घर-घर नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल मिल रहा है। ग्राम मारगांव के ग्रामवासियों एवं महिलाओं ने में खुशी जाहिर की है। जल जीवन मिशन के तहत गांव के सभी घरों में टेप नल कनेक्शन दिया गया है। जिससे पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। गांव की महिलाएं घर पर ही स्वच्छ जल मिलने से प्रसन्न है। पहले गांव की महिलाओं को पानी बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ता था। बारिश के दिनों में बाहर से पानी लाने की समस्या, लंबी-लंबी कतार लगकर हैंडपंप तथा कुएँ से पानी भरना, समय अधिक लगने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। गर्मी के दिनों में जल स्तर नीचे चले जाने से कुओं का सूखना, हैण्डपंप बंद होना की समस्याएं आती थी। जिससे पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं हो पाता था। जल जीवन मिशन आने से गांव के सभी घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। जिससे महिलाओं का समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।
जल जीवन मिशन योजना के तहत गांव में डिस्ट्रीब्यूशन 1990 मीटर एवं राइजिंग मेन 1993 मीटर की पाइप लाइन बिछाकर कुल 463 परिवारों को घर में नल से स्वच्छ जल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध किया जा रहा है। मारगांव के सरपंच डकेन्द्र चंद्राकर बताते हैं कि गांव के प्रत्येक घर में पर्याप्त मात्रा में सभी को नल से शुद्ध पानी मिल रहा है जिससे पूरे गांव में हर्ष का माहौल है। वार्ड नंबर 8 एवं 18 की निवासी भूमिका सिन्हा तथा फलटिन सिन्हा ने बताया की गाँव के प्रत्येक घर को नल और जल से जोडऩे की योजना से गाँव का सूखा खत्म हुआ है। योजना अब दु्रतगति से आगे बढ़ी है, जिससे ग्रामवासी अब राहत की सांस लेने लगे हैं। वार्ड नंबर 18 की मंजू सिन्हा एवं लक्ष्मी यादव ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि गांव के लोगों को पहले काफी सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, जैसे पानी भरने के लिए समुचित व्यवस्था न होना, बोरिंग का बंद पड़ जाना, कुओं का सूख जाना जैसी समस्याओं से ग्रामीणों को आये दिन जूझना पड़ता था। पहले ग्रामीणों को पानी भरने के लिए बहुत दूर जाना पड़ता था, कई बार रात्रि को पानी के लिए जाना, बरसात के दिनों में पानी के लिए कतार में खड़े रहना पड़ता था किन्तु जल जीवन मिशन अंतर्गत गांव के हर घर में टेप कनेक्शन मिलने से आज उनके समय की बचत हो रही है तथा वे आज सुरक्षित एवं गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। इस प्रकार मारगांव के ग्रामीणों का जीवन स्तर उन्नत हुआ है।
छत्तीसगढ़ में BJP सरकार के 6 महीने पूरे: विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह बोले- अभूतपूर्व रहा साय सरकार का कार्यकाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ में साय सरकार के कार्यकाल के 6 महीने पूरे हो गए है. पूर्व सीएम और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने साय सरकार के अब तक के कार्यकाल को अभूतपूर्व बताया. उन्होंने सरकार के 6 महीने के कामकाज पर कहा कि प्रदेश में पिछली सरकारों और देश की सरकारों से तुलना करे तो इस सरकार ने बीते 6 महीनों में कई बड़े निर्णय लिए गए है. प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी और हमारे घोषणा पत्र के वादों का क्रियान्वन हुआ है. 6 महीने में सरकार ने काफी बेहतर काम किया है.
कांग्रेस ने कहा था कि केंद्र में छत्तीसगढ़ के 2 केबिनेट मंत्री होना चाहिए, कांग्रेस के इस बयान पर डॉ रमन सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में रहती है तब यह सब बातें वह भूल जाती है. लेकिन जब बीजेपी की सरकार आती है तब कांग्रेस के ज्ञान चक्षु खुल जाते है. उन्हें अपने कार्यकाल को याद करना चाहिए की उन्होंने क्या किया. छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार है और हमें निश्चित रूप से मोदी का समर्थन प्राप्त होगा.
नए विधानसभा का निर्माण कार्य 66 फीसदी पूरा
छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने बताया कि नए विधानसभा का निर्माण कार्य 66 फीसदी पूर्ण हो चुका है. इस साल दिसंबर तक स्ट्रक्चर का निर्माण पूरा होगा, इसके बाद इंटीरियर का काम शुरू होगा.
उन्होने बताया कि विधानसभा भवन सौर ऊर्जा की बिजली से रोशन होगा. जोकि, पूरे हिंदुस्तान के लिए उदाहरण बनेगा. नए विधानसभा भवन में ग्रीनरी पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है. जून 2025 तक नया विधानसभा भवन बनकर तैयार हो जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी के करकमलों से नए विधासभा भवन का शुभारंभ किया जाएगा.
नवनिर्वाचित सांसदों से मिले भाजपा के संगठन महामंत्री जामवाल, क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ दिए यह निर्देश…
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नवनिर्वाचित सांसदों की भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल बैठक ले रहे हैं. प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में हो रही बैठक में लोकसभा चुनाव का फीडबैक लेते हुए अधिक से अधिक अपने क्षेत्र की जनता के संपर्क में रहने के निर्देश गए.
संगठन महामंत्री पवन साय की मौजूदगी में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल ने सांसद संतोष पांडेय से वन टू वन चर्चा की. इस दौरान चुनाव के दौरान किए गए कमिटमेंट को पूरा करने और अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से सदन में उठाने की समझाइश दी. संतोष पांडेय के अलावा महासमुंद की नवनिर्वाचित सांसद रूपकुमारी चौधरी, जांजगीर-चांपा की सांसद कमलेश जांगड़े, कांकेर के सांसद भोजराज नाग, रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया से भी चर्चा हुई.
बैठक की जानकारी देते हुए जांजगीर-चांपा की सांसद कमलेश जांगड़े ने बताया कि चुनाव के बाद भेंट-मुलाकात हुई. चुनाव को लेकर समीक्षा की गई. एक औपचारिक मुलाकात थी. भीतरघात को लेकर भी सवाल किए, जिस पर उन्हें जानकारी दी गई है. दिल्ली से लौटने के बाद अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश मिले हैं, और आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई है.
‘संवर_रहा_छत्तीसगढ़’ सोशल मीडिया पर कर रहा ट्रेंड, विष्णु देव साय सरकार के सुशासन के छह माह हुए पूरे
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार के छह महीने पूरे होने पर ‘#संवर_रहा_छत्तीसगढ़’ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (एक्स) पर ट्रेंड कर रहा है. इस हैशटैग के तहत लोग सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों की तारीफ कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री साय ने 6 महीनों में ही छत्तीसगढ़ ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, माओवादी समस्या का निदान और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. सोशल मीडिया पर जनता के सकारात्मक प्रतिक्रियाओं से यह स्पष्ट है कि साय के त्वरित निर्णय-सख्त प्रशासन को सराहा जा रहा है और संवरते छत्तीसगढ़ के प्रति लोग आश्वस्त हैं.
साय सरकार के छः माह: छत्तीसगढ़ में उम्मीदों की नई रोशनी फैलाने में सफल
रायपुर। लोकतंत्र में जहां जनता अपने नेतृत्व को वायदे पूरे करने के लिए पांच साल का जनादेश प्रदान करती है। ऐसे में किसी प्रदेश के मुखिया से महज छह माह के समय में इन वायदों को पूरा करने की आशा आमतौर पर बेमानी होती है। लेकिन मन में जज्बा, कुछ करने की लालसा, संवेदनशील प्रयास और समन्वित रणनीति के तहत कार्य किया जाए तो छह माह में भी इतिहास गढ़ा जा सकता है। महज़ छह माह में किसी भी सरकार के कामकाज का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता इसके बावजूद विष्णु देव साय सरकार जिस तेजी के साथ काम को आगे बढ़ा रही है, निश्चित ही यह एक मिसाल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए अधिकांश वायदों को पूरा करने के लिए जरा भी वक्त जाया नहीं किया। इसे कुछ इस तरह से समझा जा सकता है। शपथ ग्रहण 13 दिसम्बर 2023 के बाद 15 अप्रैल 2024 यानी 4 माह 02 दिन। 16 मार्च 2024 से 6 जून 2024 यानी 2 माह 21 दिन लोकसभा निर्वाचन की वजह से आदर्श आचार संहिता पूरे प्रदेश में प्रभावशील रही। ऐसे में विष्णु देव सरकार को मुख्यमंत्री बने छह माह जरूर हो चुके हैं लेकिन निर्णय, योजनाओं का क्रियान्वयन, भावी रणनीति को मूर्तरूप देने के लिए उन्हें 4 माह का ही समय मिला है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इन सब के बावजूद अपने सटीक निर्णयों से प्रदेश में एक अलग छाप छोड़ने में सफल हुए हैं। जब हम आधी आबादी की बात करते हैं तब उनकी स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वावलम्बन और सशक्तीकरण के लिए ठोस व दूरगामी रणनीति बनानी पड़ती है। प्रदेश के 70 लाख विवाहित महिलाओं के जीवन में एक नई उम्मीद की किरण महतारी वन्दन योजना से मिली है। जब से इंद्रावती तक यानी प्रदेश के चारों तरफ विवाहित महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए दिए जा रहे हैं और इस तरह चार किश्ते दी जा चुकी हैं। राज्य सरकार द्वारा विवाहित माताओं-बहनों के खाते में राशि देने के पीछे आर्थिक सशक्तीकरण करना, उनके आर्थिक हालात को बेहतर करना प्रमुख उद्देश्य है।
दावे और वादे के पक्के मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के लाखों किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का भुगतान किसानों के खाते में किया गया, वहीं 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए अन्तरित की गई। खरीफ सीजन में रिकॉर्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। इसके अलावा किसानों को दो साल के धान के बकाया बोनस राशि 3 हजार 716 करोड़ रुपए देने जैसे साहसिक निर्णय लिए है।
मुख्यमंत्री श्री साय संवेदनशील सरकार और किसानों के सरकार के रूप में महज छह माह में ही पहचान बनाने में सफल हुए। आदिवासियों की पीड़ा, संघर्ष, सम्मान और जरूरत को उनसे बेहतर कौन समझ पाएगा! सरकार बनाते ही तेन्दूपत्ता प्रति मानक बोरा 5 हजार 500 रूपए की गई, जिससे 12 लाख 50 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ मिल रहा है। कौन नहीं चाहता कि घर के बुजुर्ग तीर्थ यात्रा करें लेकिन आर्थिक अभाव, सुरक्षा और मार्गदर्शन आड़े आते हैं। ऐसे में विष्णु सरकार की मानवीय पहल यानी रामलला मंदिर दर्शन योजना से मन की मुराद पूरी हो रही है।
कोई न सोए भूखे पेट, इस तरह के विचार को अपनी कार्य योजना में शामिल करें तो वह निश्चित ही मानवीय संवेदना ही है प्रदेश के 68 लाख़ से अधिक गरीब परिवारों को पांच वर्षों तक मुफ्त अनाज देने जैसे निर्णय साबित कर रहे हैं कि सरकार गरीबों के कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। खुद का घर, पक्का मकान यह सब सुनने में एक गरीब परिवार के लिए दिन में देखने वाले स्वप्न की तरह होता है। लेकिन इस सपने को सच करने के लिए, 18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण की दिशा में प्रदेश जोरशोर से आगे बढ़ चुका है। ऐसे में गरीब के सिर में पक्का छत होना यानी सशक्त परिवार और खुशहाल समाज का प्रतीक बनेगा।
सरकार में आते ही युवाओं की तकलीफ को समझा और पीएससी परीक्षा घोटाले को लेकर युवाओं के गुस्से और हताशा को समझते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने सीबीआई जांच की अनुशंसा की। शासकीय भर्ती आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने से युवाओं के मन में खुशियां देखने को मिली है। जिस बस्तर अंचल की पहचान सुंदर प्राकृतिक परिवेश और अकूत संसाधनों से है तथा यहां के भोलेभाले आदिवासियों की कला संस्कृति ने देश और दुनिया को अपनी ओर खींचा है। इस स्वर्ग को दूषित करने का काम कुछ माओवादी आतंकवादी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के अडिग निर्णय, बेहतर रणनीति का ही परिणाम है कि महज छह माह में 129 माओवादियों को सुरक्षा बलों के जवानों ने ढेर किया है, 488 गिरफ्तार हुए हैं 431 आत्मसमर्पण किया और इस तरह बस्तर की उम्मीद की नई रौशनी देखने को मिलने लगी है।
शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अनुशंसा पर माध्यमिक शिक्षा मंडल में सदस्यों की नियुक्ति
रायपुर। शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) में सदस्यों की नियुक्ति कर दी गई। इस संबंध में आज आदेश जारी कर दिया गया है। मंडल में मान्यता प्राप्त संस्थाओं के प्राचार्यों, प्राध्यापकों और निजी संस्थाओं के सदस्यों के साथ ही पांच विधायकों को शामिल किया गया है।
सदस्यों की नियुक्ति अवधि 3 वर्ष है। नई सरकार के गठन के साथ ही पूर्व मंडल सदस्यों की नियुक्ति स्वमेव समाप्त हो गई थी। बिना सदस्यों के माशिमं के कई निर्णय अटक रहे थे। मंडल सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया तो फरवरी से ही शुरू हो गई थी, किन्तु आचार संहिता की वजह से नियुक्ति आदेश जारी नहीं हो पाया था। स्कूल शिक्षा विभाग ने आज 20 मंडल सदस्यों की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया। सदस्यों में विधानसभा के प्रतिनिधित्व के रूप में पांच विधायक शामिल किए गए हैं। इनमें डोमन सिंह कोर्सेवाड़ा अहिवारा, मोतीलाल साहू रायपुर ग्रामीण, सुशांत शुक्ला बेलतरा, रामकुमार टोप्पो सीतापुर और आशाराम नेताम कांकेर शामिल हैं। इसके अलावा मान्यता प्राप्त संस्थाओं से प्राचार्य वर्ग में प्रकाश यादव राजनांदगांव, प्रफुल्ल शर्मा जांजगीर चांपा और इंदु अग्रवाल कोरबा को सदस्य बनाया गया है।
प्रशिक्षण महाविद्यालयों से श्रद्धा मिश्रा अंबिकापुर को शामिल किया गया है। मान्यता प्राप्त संस्थाओं से 6 प्राध्यापक माशिमं के सदस्यों में मान्यता प्राप्त संस्थाओं से 6 प्राध्यापकों की भी नियुक्ति की गई है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्राध्यापकों में संजय ठाकुर दंतेवाड़ा, ऋषि कश्यप बिलासपुर, जितेन्द्र कुमार सिंह कबीरधाम, ओंकार सिंह ठाकुर बलरामपुर, डॉ. हितेश कुमार दीवान रायपुर, दीक्षा गंगराड़े रायपुर शामिल हैं। इसी तरह तीन स्थानीय निकायों में संचालित संस्थाओं के प्रतिनिधि के रूप में अनिल दास गुप्ता कबीरधाम, चंद्रकांत तिवारी पामगढ़, कीर्ति व्यास रायपुर के अलावा एल. डी. दुबे और सुनील पंडया को सदस्य बनाया गया है।


विष्णु देव साय सरकार के छह माह, सुशासन के ट्रैक पर विकास ने फिर पकड़ी रफ्तार, किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए हुए हैं ऐतिहासिक फैसले
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन के ट्रैक पर छत्तीसगढ़ ने फिर से विकास की रफ्तार पकड़ ली है। बीते छह माह पर नजर डाले तो साय सरकार ने किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए बहुत कम समय में ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए वर्ष 2047 तक विकसित-छत्तीसगढ़ का निर्माण के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
विधानसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ के लोगों को गारंटी दी थी कि छत्तीसगढ़ में लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के लिए सुशासन की स्थापना की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अलग सुशासन और अभिसरण विभाग का गठन किया है। यह विभाग कल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन, उपलब्ध संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग और जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए काम कर रहा है। सभी विभागों को सुशासन के लिए अधिक से अधिक आईटी का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की निगरानी और समीक्षा के लिए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर 2023, सुशासन दिवस पर अटल मॉनिटरिंग पोर्टल का शुभारंभ किया गया है।
साय सरकार ने आवासहीन और जरूरतमंद 18 लाख परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, 13 लाख से अधिक किसानों को धान की बोनस राशि, 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी, महतारी वंदन योजना में 70 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाओं को हर माह एक-एक हजार रूपए देने जैसे अनेक निर्णयों पर क्रियान्वयन किया है। राज्य के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में माओवाद उन्मूलन के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नियद नेल्लानार योजना शुरू की गई है। महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, रामलला दर्शन योजना, उद्यम क्रांति योजना जैसी कई अभिनव योजनाओं की शुरूआत हुई है। लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों) की सम्मान निधि फिर से शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 13 जून से सभी विभागों में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए समीक्षा बैठक लेने का सिलसिला शुरू कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जन कल्याणकारी कार्यक्रम का क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता रखें। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा है कि आम नागरिकों की दिक्कतें दूर करने के लिए संवेदनशील होकर कार्य करें। लोकसभा निर्वाचन के बाद अब शासन की योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार तेजी से काम कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना जैसी अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन पर तैयारी शुरू कर दी गई है। राजस्व प्रशासन को भी मजबूत किया जा रहा है। भूमि संबंधी विवादों और दिक्कतों को दूर करने के लिए भू-नक्शों की जियो रिफरेसिंग पर भी रणनीति तैयार कर ली गई है।
18 लाख आवास स्वीकृत-
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक आयोजित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप 18 लाख 12 हजार 743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने स्वीकृति दे दी। इसके लिए 12 हजार 168 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।
13 लाख किसानों को धान का बोनस-
मोदी ने प्रदेश के किसानों को गारंटी दी थी कि सरकार बनने पर राज्य के किसानों को 2 साल का बकाया धान बोनस देंगे। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस, सुशासन दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 13 लाख किसानों के बैंक खातों में 3716 करोड़ रुपए का बकाया धान बोनस अंतरित कर इस गारंटी को भी पूरा किया है।
3100 रूपए में धान की खरीदी-
साय सरकार ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का तत्काल भुगतान किसानों को किया और फिर 12 जनवरी को 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की है। इस साल खरीफ सीजन में राज्य में 145 लाख मीटिरक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है।
70 लाख महिलाओं का वंदन -
महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के बैंक खातों में राशि अंतरण का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्चुअल उपस्थिति में 10 मार्च 2024 को हुआ। इस योजना के अंतर्गत राज्य की पात्र महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। योजना का लाभ 70 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रहा है। अब तक इस योजना की चार माह की राशि जारी की जा चुकी है। पिछली सरकार ने महिला स्व सहायता समूहों से रेडी टू ईट का काम छीन लिया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब फिर से उन्हें यह काम सौंप दिया है।
श्री रामलला दर्शन योजना-
छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या में विराजमान श्री रामलला के दर्शन हेतु निःशुल्क आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना संचालित की जा रही है। शासकीय व्यय में अब तक हजारों दर्शनार्थी श्री रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या भेजे जा चुके हैं।
तेन्दूपत्ता संग्रहण दर अब 5500 रूपए-
राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर अब 5500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी गई है। चालू तेंदूपत्ता सीजन से ही 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को योजना का लाभ मिल रहा है। संग्राहकों के लिए राज्य सरकार द्वारा चरण पादुका योजना भी शुरू की जाएगी, साथ ही उन्हें बोनस का लाभ भी दिया जाएगा।
भर्ती में युवाओं को पांच वर्ष की छूट-
युवाओं की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए पुलिस विभाग सहित विभिन्न शासकीय भर्तियों में युवाओं को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट का निर्णय लिया है। अभ्यर्थियों को 31 दिसंबर 2028 तक आयु सीमा में 05 वर्ष छूट का लाभ मिलेगा।
यूपीएससी की तर्ज पर होगी पीएससी-
यूपीएससी की तर्ज पर छत्तीसगढ़ पीएससी परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए यूपीएससी के पूर्व चेयरमेन प्रदीप कुमार जोशी की अध्यक्षता में आयोग का गठन कर दिया गया है। पीएससी की घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है।
पांच शक्तिपीठों का होगा विकास-
राज्य की 5 शक्तिपीठों के विकास के लिए बजट में 5 करोड़ रुपए का प्रावधान कर दिया गया है। शक्तिपीठों के विकास के लिए चारधाम की तर्ज पर 1000 किलोमीटर की परियोजना शुरू की जाएगी। ग्रामीण घरों को नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत 4500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
युवाओं के लिए उद्यम क्रांति योजना-
राज्य में युवा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उद्यम क्रांति योजना शुरू करते हुए बजट प्रावधान भी कर दिया है। इस योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी पर ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है।
अधोसंरचना और कनेक्टीविटी पर जोर-
राज्य में सड़क, रेल और हवाई यातायात की सुविधाओं के विस्तार का काम भी शुरू हो चुका है। बिलासपुर और जगदलपुर से नयी उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। जशपुर और बलरामपुर हवाई पट्टी के विस्तार के लिए बजट में प्रावधान कर दिया गया है। अंबिकापुर और जगदलपुर हवाई अड्डों में भी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
गरीबों के लिए मुफ्त राशन-
छत्तीसगढ़ सरकार ने 68 लाख गरीब परिवारों को 05 साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय लिया है। इसके लिए बजट में 34 सौ करोड़ रुपए का प्रावधान है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए भी बजट में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान कर दिया गया है।
राजिम कुम्भ कल्प की पुनः शुरूआत-
राज्य की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए राजिम मेले का आयोजन पुनः उसके व्यापक स्वरूप में राजिम कुंभ कल्प के रूप में शुरू कर दिया गया है। बस्तर में प्राचीन काल से चले आ रहे अनेक ऐतिहासिक मेलों को भी शासकीय संरक्षण और सहायता दी जा रही है।
रायपुर में आईटी हब बनाने का काम शुरू-
रायपुर को आईटी हब बनाने का काम शुरू हो गया है। हाल ही में 2 आईटी कंपनियों के साथ एमओयू हुआ है, उन्हें फर्नीस्ड बिल्डअप एरिया भी उपलब्ध करा दिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार नवा रायपुर को बेंगलुरू की तर्ज पर आईटी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है।
शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य योजना-
राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ ही शहीद वीरनारायण सिंह स्वास्थ्य योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है। राज्य के दो बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर और छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस बिलासपुर (सिम्स) में भवन के विस्तार और सुविधाओं के विकास का काम शुरू कर दिया गया है।
आईआईटी की तर्ज पर प्रौद्योगिकी संस्थान-
राज्य में उच्च शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने का निर्णय लिया है। आईआईटी की तर्ज पर राज्य के जशपुर, बस्तर, कबीरधाम, रायपुर और रायगढ़ में प्रौद्योगिकी संस्थानों का निर्माण किया जाएगा। राज्य में छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन की स्थापना की जाएगी।
राज्य-राजधानी क्षेत्र का विकास (एससीआर)-
ऱाष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र विकास योजना की तर्ज पर राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) के विकास के लिए विस्तृत योजना बनाने का प्रावधान किया गया है। इससे राज्य में शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर-
राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण करने का निर्णय लिया गया है। इन्वेस्ट इंडिया की तर्ज पर इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ आयोजित करने के लिए बजट में पांच करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। खनिजों के परिवहन में पारदर्शिता के लिए खनिज परिवहन हेतु ऑनलाइन ई-ट्रांजिट पास जारी करने की व्यवस्था पुनः प्रारंभ की गई है। इससे राज्य को मिलने वाले राजस्व में वृद्धि होगी।
आर्थिक सलाहकार परिषद -
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में आर्थिक विकास की गति को बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ संस्थाओं से परामर्श करने तथा देश और दुनिया में चल रहे बेस्ट प्रैक्टिस को राज्य की परिस्थिति के अनुरूप लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन करने का निर्णय लिया गया है।
अब संविदा नियुक्ति वाले भी ले सकते हैं साल में 30 छुट्टी
5 साल में 40 हजार बच्चों की मौत : सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराएं जरूरी सुविधाएं, हाईकोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को दिए निर्देश
बिलासपुर। सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कमी से नवजात शिशुओं की मौत के मामले में बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देशित किया है कि सभी अस्पतालों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए. साथ ही यह जनहित याचिका निराकृत हो गई है.
बता दें कि हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन और वेंटिलेटर के अभाव में 5 साल में 40 हजार बच्चों की मौत की खबर पर संज्ञान लिया था और सुनवाई शुरू की थी. हाईकोर्ट की डीबी ने सुनवाई के दौरान कहा था कि शासन की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि सरकारी अस्पतालों में बेड और वेंटिलेटर की कमी है.
बुधवार को हुई सुनवाई में शासन की ओर से महाधिवक्ता ने बताया कि अस्पतालों में व्यवस्था बनाई जा रही है. चीफ जस्टिस ने प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पताल में आवश्यक सुविधाएं और संसाधन मुहैया कराई जाए. इस निर्देश के साथ ही हाईकोर्ट ने यह जनहित याचिका निराकृत कर दी है.
अपनी सरकार की नाकामी पर पर्दा डालने मंत्री दयाल दास विपक्ष पर आरोप लगा रहे – सुशील आनंद शुक्ला
रायपुर। मंत्री दयाल दास बघेल के आरोपों को झूठा बताते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अपनी सरकार कि असफलता और नाकामी पर पर्दा डालने के लिए मंत्री कांग्रेस पर अनर्गल आरोप लगा रहे। लगभग एक महीने पहले पवित्र जैत खाम के साथ तोड़फोड़ असमाजिक तत्वों ने किया तभी से समाज आक्रोषित था लोग जाँच कि मांग कर रहे थे वास्तविक दोषियों पर कार्यवाही चाह रहे थे सरकार ने कार्यवाही क्यों नहीं किया। बड़ी संख्या मे लोग इकट्ठा होने वाले थे सरकार को सूचना थी फिर सतर्कता क्यों नहीं बरती गयी।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा भाजपा सरकार इस अप्रिय घटना के लिए जबाबदेह है सरकार सजग होती तो यह अप्रिय घटना नहीं घटती। यदि समय रहते जैतखाम को क्षति पहुंचाने वालों पर कार्यवाही की गई होती और आहत समाज से संवाद किया गया होता तो ऐसी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होती। धार्मिक भावनाएं आहत होने पर आंदोलित समाज को विश्वास में लिया गया होता तो ऐसे विध्वंसक प्रतिक्रिया नहीं होती। गिरौदपुरी धाम से 5 किलोमीटर दूर एक बस्ती मानाकोनी है। यहां पर पुरानी गुफा है, जो बाघिन गुफा के नाम से प्रचलित है। जहां जैतखाम और सतनामी समाज के पूजा स्थल में तोड़–फोड़ की गई थी। इससे पूरे सतनामी समाज में आक्रोश है। इसके बाद समाज के लोगों ने पहले भी प्रर्दशन और चक्काजाम करके विरोध प्रदर्शन किया था। पूरे घटनाक्रम में घोर प्रशासनिक लापरवाही स्पष्ट है।बलौदा बाजार कि घटना कि नैतिक जबाबदेही ले कर मुख्यमंत्री तत्काल इस्तीफा दे। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख ने कहा सरकार कि अनिर्णय वाली स्थित राज्य कि जनता पर भारी पड़ रही। सत्ता मे बैठे हुए लोगो को समझ ही नहीं आ रहा कैसे सरकार चलाना है इसीलिए राज्य मे अराजकता और अपराध बढ रहे है।
सेहत और अर्थव्यवस्था के लिए आम की फसल काफी महत्वपूर्ण : मंत्री श्री नेताम
रायपुर। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आम का नाम लेते ही आम की खुशबू हर एक की जहन में आ जाता है। वैसे आम का नाम भले ही आम हो, लेकिन फलों का राजा और हम सबके स्वास्थ्य के लिए खास हैं, उससे भी ज्यादा खास वह किसान है जिन्होंने इस आम का उत्पादन किया है। उन्होंने देश और प्रदेश के किसानों को बधाई और धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रदेश के बेहतरी के लिए जिन किसानों ने जीवन का अमूल्य समय दिया है वह सम्मान के पात्र हैं। आम की फसल न सिर्फ सेहत के लिए बल्कि आर्थिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है। आम का फसल लेकर किसान समृद्ध और सुदृढ़ हो रहे हैं। मंत्री श्री नेताम कृषि महाविद्यालय रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के किसानों द्वारा लगभग 327 प्रकार के आम के किस्मों का प्रदर्शन किया गया है। इसके साथ ही आम से बने हुए 56 प्रकार के व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई है। इस मौके पर मंत्री श्री नेताम ने उत्कृष्ट किसानों को आम का पौधा भेंटकर सम्मानित किया।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा तो कहा ही जाता है इसके बाद यहां की और भी विशेषता है कि छत्तीसगढ़ की धरती में फल-फूल, मसाले से लेकर तमाम औषधि पौधों के फसलों के लिए उपयुक्त उर्वरा शक्ति उपलब्ध है। यहां की मिट्टी में विदेशों के आम के किस्मों के भी उत्पादन करने की क्षमता है। उन्होंने जापान की सबसे कीमती आम मियासाकी और छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध मीठे और रसीले आम हाथी छूल का उदाहरण देते हुए कहा कि यह मिट्टी दोनों प्रकार के आम को उत्पादित करने की क्षमता रखता है।
श्री नेताम ने कहा कि हमें संकल्प लेना चाहिए कि प्रत्येक व्यक्ति के हिसाब से पूरे परिवार के लिए पेड़ लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम जीतने प्रकृति के नजदीक जाएंगे सुखद अनुभव करेंगे। वहीं हम प्रकृति से जीतने दूर जाएंगे चुनौती हमारे सामने आती रहेगी। उन्होंने कहा कि हम ऐसा वातावरण तैयार करें, फिर से प्रकृति सुन्दर हो।
आम महोत्सव के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि आम प्रकृति का अनुपम भेंट है। आम में पोषण आहार के साथ-साथ खनिज तत्व भरपूर मात्रा में उपलब्ध रहता है, जो हमारे शरीर के लिए लाभदायक है। विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि आम फलों का राजा है, कच्चे और पके आम, आम का नाम सुनते ही मुंह में पानी और मन में गुदगुदी आ जाती है। यह हमारे सेहत के लिए बेहतर है। उन्होंने कहा कि देशभर के किसानों का यहां एकत्र होना और आम के अलग-अलग किस्मों की जानकारी से किसानों को लाभ मिलेगा। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने स्वागत भाषण दिया।
गौरतलब है कि इंदिरा कृषि विश्वविद्यालय, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा स्वयं सेवी संस्था प्रकृति की ओर संयुक्त तत्वाधान में 12 से 14 जून तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 327 से अधिक किस्मों एवं आम से बने 56 व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया है। इस महोत्सव में आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ एवं देश के विभिन्न राज्यों के आम उत्पादन किसान शामिल हैं।
आम प्रदर्शनी – बैगनफल्ली, बंगनफल्ली, सिन्दूरी, कजली, गोपालभोग, चौसा, खजरी चौसा, शरबती, खुसनारा, एप्पल मैंगो, नाजूक बदन, मिठुआ, अल्फांसी, आम्रपाली, बंगाल (लंगड़ा), थाईलैण्ड का थाई बनाना, जापान का मियाजाकी, सांईसुगंध, मल्लिका, दशहरी, तोतापरी, बस्तर का हाथीछूल जैसे 327 प्रकार के आम के किस्मों की प्रदर्शनी लगाई गई है।
इस मौके पर उद्यानिकी विभाग के संचालक एस. जगदीशन, प्रकृति की ओर संस्था के संचालक सहित सैकड़ों की संख्या में किसान उपस्थित थे।
गुरु रुद्र कुमार मानहानि वाले बयान पर मंत्री टंकराम बोले – उनके पास कोई काम नहीं, बलौदाबाजार की घटना में कांग्रेस का हाथ
रायपुर। आज का दिन भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ा दिन है. आज ओडिशा में भाजपा की सरकार बन रही है. मोहन माझी ने मुख्यमंत्री की शपथ ली है. दो डिप्टी सीएम ने भी शपथ ली. ओडिशा में भी छत्तीसगढ़ की तरह डबल इंजन की सरकार बनी है और वहां भी तेजी से विकास होगा. राष्ट्रीय नेताओं समेत सभी को बधाई देता हूं. ये बातें राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कही.
राजस्व और खेल के रुके हुए काम को तेजी लाने को लेकर मंत्री टंकराम ने कहा, चुनाव सुनिश्चित हुए हैं. आचार संहिता हटी है. केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है. मंत्री अपने-अपने विभागों को संभाले हैं. छत्तीसगढ़ के खेल प्रतिभा को निखारने के लिए दिल्ली जाएंगे. वहां हमारे मनसुख मांडविया प्रदेश के प्रभारी थे. खेल एवं युवा कल्याण विभाग उनके पास में है. हम उनके पास जाएंगे, आशीर्वाद लेंगे. छत्तीसगढ़ में युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने जितना ज्यादा कर सकते हैं उतना ज्यादा करेंगे.
गुरु रुद्र कुमार के मानहानि वाले बयान पर टंकराम वर्मा ने कहा, उनके पास और कोई काम नहीं है. उनके कार्यक्रम की तस्वीर आई है, वे भाषण दे रहे. इसमें बहुत सारे नेता थे. सतनामी समाज का शांतिपूर्ण प्रदर्शन था. इसमें देवेंद्र यादव का क्या काम था. वह भी उसमें शामिल हुए थे. कहीं ना कहीं किसी न किसी रूप में कांग्रेस ने समर्थन दिया है और उकसाया है.
बलौदाबाजार मामले में कार्रवाई को लेकर मंत्री टंकराम ने कहा, बलौदाबाजार में जो घटना घटी थी. वह दुर्भाग्यपूर्ण है. इसमें काफी सरकारी संपत्ति के साथ-साथ व्यक्तिगत संपत्ति का नुकसान हुआ है. इस मामले में कार्रवाई हो रही है. यह हमारे बलौदाबाजार के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के लिए ठीक नहीं है.
मुख्यमंत्री श्री साय ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से सौजन्य मुलाकात की
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भुवनेश्वर प्रवास के दौरान केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरूण साव और रायपुर संसदीय क्षेत्र से नव निर्वाचित सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी उपस्थित थे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री साय आज ओडिशा के नए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भुवनेश्वर पहुंचे थे।
ओडिशा की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम भुवनेश्वर के जनता मैदान में आयोजित ओडिशा के नये मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री माझी को पुष्प गुच्छ भेंटकर अपनी शुभकामनाएं दीं। साथ ही ओडिशा के नए उप मुख्यमंत्री द्वय के रूप में शपथ लेने वाले के. वी. सिंहदेव और प्रवती परिदा सहित मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले सभी मंत्रिगणों को भी अपनी बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के कुशल नेतृत्व में ओडिशा राज्य निश्चित ही विकास के हर मानकों पर खरा उतरेगा। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी से कामना करता हूँ कि वन संपदा, खनिज संपदा और मेहनतकश लोगों से परिपूर्ण यह राज्य उत्तरोत्तर प्रगति करे, तरक्की के नए आयाम गढ़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकसित भारत बनाने का जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने में ओडिशा राज्य भी अपनी महत्वपूर्ण और प्रभावी भूमिका निभाएगा। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य होने के नाते ओडिशा से हमारे आत्मीय संबंध हैं। हम ओडिशा और छत्तीसगढ़ के साझा हित और परस्पर विकास की दिशा में समर्पित होकर कार्य करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रशासनिक काम-काज में कसावट लाने विभागीय समीक्षा बैठकों का सिलसिला 13 जून से करेंगे प्रारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रशासनिक काम-काज में कसावट लाने के लिए विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठकों का सिलसिला 13 जून से शुरू कर रहे हैं। इन बैठकों में आम जनता से जुड़ी योजनाओं की गहन समीक्षा की जाएगी। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण पिछले तीन माह से प्रशासनिक काम-काज की गति कुछ धीमी हो गई थी। मुख्यमंत्री श्री साय विभागों की समीक्षा कर काम-काज में गति लाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विभागीय सचिवों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय 13 जून को अपने निवास कार्यालय में दोपहर 01 बजे से कृषि एवं उद्यानिकी विभाग तथा अपरान्ह 03 बजे से पशुधन विकास, मत्स्य पालन और दुग्ध महासंघ के काम-काज की समीक्षा करेंगे। संबंधित विभागों के सचिवों को विभागीय गतिविधियों और संचालित योजनाओं की अद्यतन जानकारी के साथ बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री खरीफ फसलों की तैयारी, खाद-बीज के भण्डारण, वितरण, विभागीय योजनाओं की समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय 14 जून को मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर में पूर्वान्ह 11.30 बजे स्वास्थ्य सेवाएं तथा अपरान्ह 03 बजे चिकित्सा शिक्षा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा करेंगे। स्वास्थ्य विभाग की बैठक में आयुष्मान भारत सहित आम जनता को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा होगी। समीक्षा बैठक में इसी क्रम में मुख्यमंत्री 15 जून को अपने निवास कार्यालय में पूर्वान्ह 11.30 बजे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा अपरान्ह 02 बजे गृह एवं जेल विभाग की समीक्षा करेंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान जल जीवन मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी।
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की परीक्षाएं वर्ष में तीन बार आयोजित होगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी की मुख्य/ अवसर परीक्षाएं वर्ष में तीन बार आयोजित होगी। प्रथम परीक्षा माह अप्रैल में, द्वितीय परीक्षा माह अगस्त में एवं तृतीय परीक्षा माह नवम्बर में आयोजित की जाएगी। वर्ष 2024 प्रथम परीक्षा माह अप्रैल की भांति द्वितीय परीक्षा एवं तृतीय परीक्षा में सामान्य, क्रेडिट, आर.टी.डी एवं अवसर के परीक्षार्थी नियमानुसार सम्मिलित हो सकते है।
राज्य ओपन स्कूल के अधिकारियों ने बताया कि अगस्त 2024 में आयोजित होने वाली द्वितीय परीक्षा हेतु सामान्य शुल्क के साथ प्रवेश की अंतिम तिथि 30 जून 2024 तक तथा 01 जुलाई से 05 जुलाई 2024 तक विलंब शुल्क के साथ अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
इसी प्रकार नवम्बर 2024 में आयोजित होने वाली तृतीय परीक्षा हेतु सामान्य शुल्क के साथ 01 सितम्बर 2024 से 05 अक्टूबर 2024 तक तथा 06 अक्टूबर 2024 से 10 अक्टूबर 2024 तक विलंब शुल्क के साथ प्रवेश की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।