प्रदेश
वरिष्ठ पत्रकार पंकज स्वामी का निधन
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब के वरिष्ठ सदस्य, पत्रकार एवं चर्चित स्तंभकार पंकज स्वामी ( 59 वर्ष) का मंगलवार सुबह जबलपुर में निधन हो गया। बीते कुछ समय से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था। श्री स्वामी के निधन की सूचना मिलने पर उनके जानने वालों में मायूसी छा गई। उनका अंतिम संस्कार जबलपुर में किया गया।
रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर, महासचिव डॉ. वैभव शिव पाण्डेय, उपाध्यक्ष संदीप शुक्ला, कोषाध्यक्ष रमन हलवाई, संयुक्त सचिव तृप्ति सोनी, बम्लेश्वर सोनवानी (अरविंद) सहित सभी सदस्यों ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।
प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री ठाकुर ने श्री स्वामी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि श्री स्वामी न केवल अच्छे पत्रकार थे, बल्कि बहुत ही नेकदिल इंसान थे। उनके असमय निधन से हम सब दुःखी और स्तब्ध है। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दे और उनके परिवार को इस दुःख की घड़ी को सहने की शक्ति प्रदान करे।
7 मई 1966 को जन्मे पंकज स्वामी की शिक्षा दीक्षा पंडित लज्जाशंकर झा, मॉडल हॉयर सेकण्डरी स्कूल जबलपुर एवं नरसिंहपुर में हुई। 59 वर्ष की आयु में उनका चला जाना पत्रकारिता की बड़ी क्षति है। प्रभावशाली लेखन के लिए प्रसिद्ध स्व. स्वामी ने युगधर्म, मध्यप्रदेश हिन्दी एक्सप्रेस, स्वदेश, राष्ट्रधर्म, दैनिक भास्कर जबलपुर, एनबी न्यूज, दमकता भारत, ईएमएस आदि में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। वर्तमान में वह राष्ट्रीय न्यूज सर्विस में अपनी सेवाएं दे रहे थे। श्री स्वामी ने अपनी लेखनी के जरिए समाज के ज्वलंत मुद्दों को उजागर किया।
मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्री स्वामी के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने अपने सन्देश में लिखा कि वरिष्ठ पत्रकार और चर्चित स्तंभकार पंकज स्वामी के असमय निधन का दुःखद समाचार मिला। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। ईश्वर परिवारजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दें। ॐ शांति।
प्रेस क्लब में शोकसभा कल
श्री स्वामी को श्रद्धांजलि देने 13 मार्च, बुधवार को रायपुर प्रेस क्लब में दोपहर 2 बजे शोकसभा का आयोजन किया है। इसमें सभी सदस्यों से समय पर उपस्थिति का आग्रह किया गया है।
वनोपज संग्राहकों के संभाग स्तरीय सम्मेलन ’जंगल जतरा 2024’ में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि तेंदूपत्ता 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज कोंडागांव स्थित विकास नगर स्टेडियम में आयोजित ’जंगल जतरा 2024’ महासम्मेलन को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मोदी जी की एक और गारंटी पूरी हो गई है। ’तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन 2024’ से यह दर प्रभावशील होगी। बस्तर संभाग की प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों और संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के पदाधिकारियों और संग्राहक सदस्यों के बीच उपस्थित होकर गर्व हो रहा है, क्योंकि इस कार्यक्रम के माध्यम से मोदी जी की एक और गारंटी को हम पूरा करने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मोदी जी ने कहा था कि यदि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बनी तो हम तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रुपए मानक बोरा कर देंगे। आज इस सम्मेलन में मैं इस योजना के शुभारंभ की घोषणा करता हूं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण दर 5500 रुपए प्रति मानक बोरा होगी। साथ ही हम चरण पादुका योजना को फिर से शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर में बढ़ोतरी से 12 लाख 50 हजार संग्राहक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। संग्रहण दर में बढ़ोतरी से संग्राहक भाई-बहनों को 240 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय होने की संभावना है। इसके साथ ही तेंदूपत्ता संग्राहक भाई-बहनों के लिए हमारी सरकार नयी सामाजिक सुरक्षा योजना प्रारंभ कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस कार्यक्रम से पहले बालोद में भी एक कार्यक्रम हुआ। वहां पर भी मोदी जी की एक गारंटी को पूरा किया गया। मेरे बताने से पहले ही आप लोगों को इसके बारे में जानकारी मिल गई होगी। आप लोगों के मोबाइल में भी नोटिफिकेशन आ गया होगा, क्योंकि आप लोग किसान भी हैं। बालोद के कार्यक्रम में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत 13 हजार 320 करोड़ रुपए की आदान सहायता राशि किसान भाई-बहनों के खातों में अंतरित कर दी गई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गारंटी दी थी कि हमारी सरकार बनी तो हम 3100 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी करेंगे। उसी के अनुरूप आज आप लोगों को अंतर की राशि जारी की गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 10 मार्च को महतारी जतन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक माताओं, बहनों और बेटियों के खातों में हम लोगों ने एक-एक हजार रुपए की पहली किश्त की राशि जारी कर दी है। इस तरह कुल 655 करोड़ रुपए से अधिक राशि अंतरित की जा चुकी है। इस सभा में उपस्थित बहुत सी माताओं-बहनों के खातों में भी एक-एक हजार रुपया आ गया होगा। इसी तरह हर महीने विवाहित माताओं-बहनों को एक-एक हजार रुपए की सहायता दी जाएगी।
बस्तर की लघु वनोपजों का होगा मूल्य संवर्द्धन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मोदी सरकार गांव, गरीब, आदिवासी, किसानों, महिलाओं और युवाओं की चिंता करने वाली सरकार है। छत्तीसगढ़ में भी हमारी सरकार को उन्होंने यही निर्देश दिया है। उन्होंने जो गारंटियां दी थी, वह छत्तीसगढ़ की समृद्धि और खुशहाली की गारंटियां हैं। हम एक-एक करके उनकी हर गारंटी को पूरा कर रहे हैं। हमारा मुख्य फोकस बस्तर और सरगुजा संभाग पर है। इन दोनों संभागों में असीम संभावना होते हुए भी विकास नहीं हो पाया। वन, उर्वरा भूमि, नदी-नालों और खनिज संपदा से भरपूर होने के बाद भी इन संभागों के निवासियों का जीवन संवर नहीं पाया। हमारी सरकार ने विकास की जो रणनीति बनाई है, उसमें स्थानीय संपदा का लाभ स्थानीय लोगों को मिलना सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में 65 तरह की लघु वनोपजों का संग्रहण होता है, जिसमें इमली, महुआ, अमचूर आदि का निर्यात भी किया जाता है। इनका ज्यादा से ज्यादा प्रसंस्करण और वैल्यू एडीशन स्थानीय स्तर पर ही हो, इस दिशा में हम ठोस प्रयास करेंगे। यहां पर भरपूर मात्रा में कोदो-कुटकी-रागी की उपज होती है। आज इन मोटे अनाजों की दुनिया में बहुत मांग है। इन मोटे अनाजों के भी स्थानीय स्तर पर ज्यादा से ज्यादा प्रसंस्करण और वैल्यू एडीशन की व्यवस्था की जाएगी। मोटे अनाज के उत्पादक किसान भाई-बहनों को सरकार की ओर से पूरा प्रोत्साहन और सहयोग दिया जाएगा। बस्तर और सरगुजा संभाग में सिंचित रकबे का अधिक से अधिक विस्तार किया जाएगा, ताकि इन संभागों में भी दो फसली रकबा बढा़या जा सके। हमारी सरकार ने खनिज संसाधनों के विवेकपूर्ण दोहन की नीति अपनाई है। इससे होने वाली आय को हम शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसे जनकल्याण के कार्यों में खर्च करेंगे। इससे स्थानीय विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
नियद नेल्लानार योजना से अंदरुनी इलाकों में पहुंचेगी विकास
बस्तर के विकास में सबसे बड़ा अवरोध माओवादी आतंक है। यहां जो सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा रहे हैं, वह विकास के कैंप भी हैं। इन कैंपों के माध्यम से बस्तर के लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ विकास भी किया जाएगा। हाल ही में हमने नियद नेल्लानार योजना शुरू की है। इस योजना में सुरक्षा कैंपों के 05 किलोमीटर के दायरे में सभी गांवों का समग्र विकास किया जाएगा। वहां के निवासियों के 25 से ज्यादा मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही सरकार की 32 व्यक्तिमूलक योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाएगा। इस योजना में गांवों की अधोसंरचना का विकास किया जाएगा। सभी परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के आवास दिए जाएंगे। सभी परिवारों का राशन कार्ड बनाया जाएगा, सभी परिवारों को मुफ्त चावल, नमक, गुड़ और शक्कर दिया जाएगा। सभी परिवारों का वन अधिकार पट्टा बनाया जाएगा। साल में चार गैस सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे। सभी परिवारों को मुफ्त बिजली दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत गांवों में आंगनवाड़ी सामुदायिक भवन, उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक शाला का निर्माण किया जाएगा। किसानों को सिंचाई के लिए बोरवेल सहित सिंचाई पंप दिए जाएंगे। गांवों हैंडपंप, सोलर पंप की स्थापना की जाएगी। हर गांव में खेल का मैदान बनाया जाएगा। बस्तर की संस्कृति में देवगुड़ियों और मड़ई मेलों का बड़ा महत्व है। देवगुड़ियों के संरक्षण के साथ-साथ हमारी सरकार मड़ई-मेलों का भी संरक्षण कर रही है। बस्तर दशहरा के लिए पहले केवल 25 लाख रुपए मिला करते थे, अब हमने इस राशि को बढ़ाकर 50 लाख रुपए कर दिया है। चित्रकोट मेला के लिए दी जाने वाली राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख कर दी गई है। इसी तरह दंतेवाड़ा की फागुन मड़ई के लिए भी 10 लाख रुपए दिए जाने का निर्णय हमारी सरकार ने लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार है। अब छत्तीसगढ़ का विकास पूरी रफ्तार के साथ होगा। सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास हमारी नीति है और अभी मैंने जो उपलब्धि गिनाई, उसे इस डबल इंजन की सरकार ने केवल तीन महीने में हासिल की है। एक खुशखबरी और है कि गरीबों के लिए 18 लाख पक्के घर बनाने की गारंटी पर भी अमल शुरू हो गया है। कल 11 तारीख को इस योजना के हितग्राहियों के लिए राशि भी जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी का मतलब है पूरी होने वाली गारंटी। श्री मोदी ने विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य देश के सामने रखा है। इसके लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना जरूरी है।
कोंडागांव जिले के 9 गांवों में सर्वेक्षण पूरा होने के बाद ग्रामीणों को मिला भूमि का खसरा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज के इस कार्यक्रम में कोंडागांव जिले के 9 असर्वेक्षित गांवों का सर्वेक्षण पूरा होने के बाद ग्रामीणों को खसरों का वितरण किया जा रहा है। सर्वेक्षण के अभाव में ये ग्रामीण अनेक शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित थे। अब इन्हें भी योजनाओं का लाभ मिल पाएगा। अब ये ग्रामीण भी खेती-किसानी संबंधी, सिंचाई संबंधी, सौर ऊर्जा संबंधी, पशुपालन और मछली पालन संबंधी योजनाओं का लाभ उठा पाएंगे। वे व्यवसाय के लिए आसानी से ऋण भी ले पाएंगे।
सामुदायिक निवेश कोष, संकुल स्तरीय संगठन को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत अनुदान स्वरूप 15 संकुल संगठनों की 1055 स्व सहायता समूहों को 6 करोड़ 33 लाख रुपए की सामुदायिक निवेश कोष राशि प्रदान की जा रही है, जिससे 11 हजार सदस्य गायपालन, बकरीपालन, शुकरपालन, मछलीपालन, कपडे की दुकान, फैंसी स्टोर एवं अन्य आजीविका गतिविधि कर अपना अपना सामाजिक एवं आर्थिक स्थित को मजबूत कर पाएंगे। आज यहां इसके साथ ही 1200 से अधिक वन अधिकार पत्र, प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति तथा बीमा योजना के तहत परिवारजनों को सहायता राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर नक्सल पीड़ितों को शासकीय पदों पर नियुक्ति का आदेश पत्र भी प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ शासन की सबका साथ सबका विकास के ध्येय वाक्य के साथ यह जनकल्याणकारी कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। आशा ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि शासन के इन प्रयासों से सभी के जीवन में प्रगति की नई रोशनी आएगी।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, कोंडागांव विधायक लता उसेण्डी, जगदलपुर विधायक किरण देव, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी और कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने भी जंगल जतरा 2024 महासम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर बस्तर अंचल के जनप्रतिनिधिगण सहित अपर मुख्य सचिव वन मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीनिवास राव, कमिश्नर श्याम धावड़े, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक वाय अक्षय कुमार सहित बड़ी संख्या में पंचायत पदाधिकारी, वनोपज सहकारी समितियों के पदाधिकारी और तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

IAS अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
रायपुर। राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की नवीन पदस्थापना आदेश जारी किया है. इसमें एक जिले के कलेक्टर को बदला गया है. आईएएस अमृत विकास तोपनो मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छग राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त कलेक्टर जिला-सक्ती के पद पर पदस्थ किया गया है. वहीं आईएएस नुपूर राशि पन्ना कलेक्टर जिला-सक्ती को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छग राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी के पद पर पदस्थ किया गया है.
राज्य शासन ने आईएएस अन्बलगन पी सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार सचिव, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. आईएएस दीपक सोनी पंजीयक, सहकारी समिति तथा अतिरिक्त प्रभार नियंत्रक, खाद्य एवं औषधी प्रशासन को केवल नियंत्रक, खाद्य एवं औषधी प्रशासन के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करते हुए आयुक्त मनरेगा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. दीपक सोनी द्वारा आयुक्त मनरेगा का कार्यभार ग्रहण करने पर निहारिका बारिक भाप्रसे (1997) प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार विकास आयुक्त, प्रमुख सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, आयुक्त, मनरेगा केवल आयुक्त, मनरेगा के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगी.
आईएएस कुलदीप शर्मा भाप्रसे (2014) प्रबंध संचालक, पाठ्य पुस्तक निगम को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ नियंत्रक, खाद्य एवं औषधी प्रशासन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. अमृत विकास तोपनो भाप्रसे (2014), मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छग राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त कलेक्टर, जिला-सक्ती के पद पर पदस्थ किया गया है. वहीं आईएएस नुपूर राशि पन्ना कलेक्टर, जिला-सक्ती को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छग राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी के पद पर पदस्थ किया गया है.
नुपूर राशि पन्ना, भाप्रसे द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छग राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-12 के तहत् मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छग राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ प्रशासनिक वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित किया गया है. वहीं नम्रता जैन, भाप्रसे (2019), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बलौदाबाजार-भाटापारा को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त मिशन संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के पद पर पदस्थ किया गया है.

हमारे संगठन की ताकत ही है, एक सामान्य कार्यकर्ता आज मुख्यमंत्री है : मोहन यादव
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ही एक मात्र ऐसा राजनीतिक दल है, जहां मोहन यादव जैसे सामान्य कार्यकर्ता को मध्यप्रदेश जैसे बड़े राज्य का मुख्यमंत्री बनाया जाता है और यदि इससे भी बड़ा उदाहरण देखना है तो नरेंद्र मोदी से बड़ा उदाहरण और क्या होगा, जहां एक चाय वाला विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मुखिया प्रधानमंत्री के रूप में स्थापित होता है और ना सिर्फ प्रधानमंत्री बनता है अपितु प्रधानमंत्री के रूप में भारत के गौरव को विश्व में सर्वोच्च स्थान दिलाने में अपना सर्वस्व लगा देता है. ये बातें मोहन यादव ने मंगलवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय के सभागार में रायपुर लोकसभा की कोर कमेटी और प्रबंधन समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कही.
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि हम सभी का समर्पण भारत मां के गौरव निर्माण के लिए है, इसे विश्वगुरु बनाने के लिए है. हम सभी के दायित्व भिन्न हो सकते हैं परंतु लक्ष्य सभी का एक ही है. हम सभी को मिलकर छत्तीसगढ़ की सभी 11 लोकसभा और मध्यप्रदेश से 29 की 29 सीटों से लोकसभा सांसद बनाकर दिल्ली भेजना हमारी जिम्मेदारी है और इस लक्ष्य को हासिल करने हम सभी को पार्टी द्वारा प्राप्त दायित्वों का पूर्ण ईमानदारी से निर्वहन करना होगा. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के पूर्व से ही उनका छत्तीसगढ़ से नाता रहा है. पहले भी छत्तीसगढ़ आना-जाना रहा है और आगे भी हमारे संबंध इसी तरह प्रगाढ़ बने रहेंगे.
इससे पूर्व प्रदेश के शिक्षा मंत्री और रायपुर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी बृजमोहन अग्रवाल ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि निश्चित ही मुख्यमंत्री यादव के निर्देशों और सुझावों का हम पालन करेंगे. उन्होंने कोर कमेटी के सदस्यों की तरफ से यादव को आश्वस्त किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में हम सभी मिलकर भव्य और ऐतिहासिक जीत दर्ज करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 400 पार के लक्ष्य में छत्तीसगढ़ का योगदान सभी 11 सीटों का, मतलब शत-प्रतिशत होगा.
इससे पहले मुख्यमंत्री यादव का एकात्म परिसर पहुंचने पर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, लोकसभा क्लस्टर प्रभारी क्लस्टर प्रभारी राजेश मूणत, जिला अध्यक्ष जयंती पटेल सहित विधायकों और जिला पदाधिकारियों ने स्वागत किया. रोयपुर लोकसभा कोर कमेटी की बैठक में संबोधन से पहले मुख्यमंत्री यादव ने सभी विधायकों व प्रमुख पदाधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा की. विभिन्न विषयों पर प्रश्नोत्तरी एवं संवाद किया. इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्लस्टर प्रभारी मूणत से लोकसभा चुनाव संबंधी जानकारियां एकत्रित की. मूणत और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने चुनाव संबंधी विभिन्न जानकारियों का पूर्ण विवरण मुख्यमंत्री यादव को दिया.
मंच संचालन लोकसभा सहप्रभारी अशोक बजाज ने किया और आभार प्रदर्शन जिला महामंत्री रमेश सिंह ठाकुर ने किया. बैठक में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, प्रदेश महामंत्री भाजपा संजय श्रीवास्तव, सांसद सुनील सोनी, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, गुरु खुशवंत साहेब, प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, अशोक बजाज, किशोर महानंद, जयंती पटेल, श्याम नारंग, डॉ. सनम जांगडे, सत्यम दुवा, सहित रायपुर लोकसभा के सभी कोर कमेटी सदस्य और वरिष्ठ नेता उपस्थित थे.
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा कृषक उन्नति योजना के शुभारंभ एवं आदान सहायता राशि अंतरण कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को कृषक उन्नति योजना का शुभारंभ एवं आदान सहायता राशि का अंतरण बालोद जिले में आयोजित कार्यक्रम में किया। कृषक उन्नति योजना के तहत जिले के 1 लाख 56 हजार 713 किसानों के बैंक खाते में लगभग 799 करोड 66 लाख रुपये डीबीटी के माध्यम से आदान सहायता राशि का अंतरण किया गया। बलौदाबाजार स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। मुख्य कार्यक्रम से जिला मुख्यालय एवं जनपद मुख्याल वर्चुअली जुड़े थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण है जिसमे किसानों को आदान सहायता के रूप में बड़ी राशि का अंतरण किया गया है। किसानों में उत्साह और खुशी का माहौल है। किसानों की चिंता करते हुए हमारी सरकार ने मोदी की गारण्टी के तहत एक और गारण्टी पूरी की है। इस गारण्टी के पूरे होने से अब किसानों को आदान सहायता राशि देने में हमारी सरकार सबसे आगे है। पूरे प्रदेश में खुशहाली और समृद्धि दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले10 मार्च को ही प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खाते में एक- एक हजार रुपये महतारी वंदन योजना की पहली किश्त का अंतरण किया गया है। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि खिलाड़ियों को सम्मानित व पुरस्कृत करने के लिए फिर से खेल अलंकरण समारोह की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता देने के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना की भी शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुसार भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने तथा विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए सबकी सहभगिता जरूरी है।
कलेक्टर के. एल. चौहान ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि राज्य शासन द्वारा धान के अंतर राशि का किसानों के बैंक खाते में अंतरण हुआ। जिले के 1लाख 56 हज़ार 713 किसानों के खाते में लगभग 799 करोड़ 66 रुपए अन्तरित हुआ है। इस राशि के मिलने से किसानों में उत्साह है। इससे किसान प्रोत्साहित होंगे और खेती में रुचि लेंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश वर्मा, सीईओ जिला पंचायत नम्रता जैन, विजय केशरवानी, नरेश केशरवानी, टेसू लाल धुरंधर, नीलम सोनी सुनीता वर्मा, एसडीएम अमित कुमार गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बडी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालोद जिले में 28 करोड़ रूपए से अधिक की लागत के 65 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बालोद जिले में कृषक उन्नति योजना के आदान सहायता राशि वितरण समारोह के दौरान 28 करोड़ रूपए से अधिक की लागत के 65 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 20 करोड़ 87 लाख रूपये लागत के 20 कार्याें का लोकार्पण कार्य और 07 करोड़ 12 लाख रूपये की लागत के 45 कार्यों का भूमिपूजन कार्य शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र के लिए 07 करोड़ 56 लाख रुपए की लागत के 10 कार्यों का लोकार्पण एवं 06 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत के 18 कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र के लिए 06 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत के 07 कार्यों का लोकार्पण तथा गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के लिए 06 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत के 03 कार्यों का लोकार्पण एवं 83 लाख रुपए की लागत के 27 कार्यों का भूमिपूजन किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की किसानों से की गई एक और गारंटी हुई पूरी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ राज्य के लिए आज का दिन सदैव अविस्मरणीय रहेगा। आज छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी कृषक उन्नति योजना का शुभारंभ जिला मुख्यालय बालोद स्थित सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में हजारों किसानों एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों हुआ। उन्होंने इस कार्यक्रम में राज्य के 24 लाख 72 हजार किसानों को योजना के तहत 13 हजार 320 करोड़ रूपए की आदान सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव राजनांदगांव में आयोजित समारोह में शामिल हुए और बालोद में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को भी उन्होंने सम्बोधित किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज वह शुभ दिन है, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसान भाइयों के बैंक खातों में 13 हजार 320 करोड़ रुपए की आदान सहायता राशि का अंतरण किया जा रहा है।
आज के कार्यक्रम में 24 लाख 75 हजार से अधिक किसानों के खातों में राशि भेजी जा रही है। इनमें से 24 लाख 72 हजार वे किसान हैं, जिन्होंने इस साल धान बेचा था। उन्हें 13 हजार 289 करोड़ रुपए के अंतर की राशि का भुगतान किया गया है। इसी तरह 02 हजार 829 धान बीज उत्पादक किसानों को भी बीज निगम के माध्यम से अंतर राशि, 31 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा रहा है।
राज्य स्तरीय समारोह में वर्चुअली जुड़ने पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को धन्यवाद दिया।
श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने किसान भाइयों से किए गए वादे के अनुरूप अटल जी के जन्मदिन, सुशासन दिवस के अवसर पर 2 साल के बकाया धान बोनस 3716 करोड़ रुपए का अंतरण भी किसान भाइयों के खातों में कर दिया है। 13 लाख से ज्यादा किसानों को बोनस का लाभ मिला है।
मोदी जी ने गारंटी दी थी कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनने पर गरीबों के लिए 18 लाख आवासों का निर्माण किया जाएगा। सरकार बनने के दूसरे ही दिन हमने कैबिनेट की बैठक में इस बारे में निर्णय ले लिया है, अप्रैल माह से तीव्र गति से मकान बनने शुरू होंगे।
मोदी जी ने महिलाओं को महतारी वंदन योजना शुरू करने की गारंटी दी थी। यह योजना भी शुरू हो चुकी है। परसों 10 मार्च को माननीय प्रधानमंत्री जी के करकमलों से राज्य की 70 लाख से अधिक माताओं और बहनों के बैंक खातों में 655 करोड़ रुपए की राशि अंतरित कर दी गई है।
श्री साय ने कहा की मोदी जी ने वनवासी भाइयों से वादा किया था कि तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रुपए कर देंगे। आज से ही इस योजना की भी शुरूआत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने जो दायित्व सौंपे हैं। उन्हें हम हर हाल में पूरा करेंगे।
वर्चुअल माध्यम से जुड़े मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में देश चहुमुखी विकास कर रहा है। मोदी जी हर विभाग के लिए जनता के हित में बहुत पैसे दे रहे हैं, इन पैसों को खर्च करने में हमारे पसीने छूट जाते हैं।
छत्तीसगढ़ का विकास अब जेट गति से आगे जाएगा। छत्तीसगढ़ की जनता ने अच्छे-अच्छे गणित फेल कर दिए। छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन को महज तीन महिने हुए हैं, इन तीन महिनों में विकास को काम बहुत आगे बढ़ा है। ऐसा लग रहा है मानो छत्तीसगढ़ में धन की बरसात हो रही है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के किसानों से 3100 रूपए क्विंटल की दर से धान खरीदी की गारंटी दी थी। इस गारंटी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना की आज बालोद से प्रदेशव्यापी शुरूआत हुई। इस योजना के तहत किसानों को आदान सहायता राशि का अंतरण उनके बैंक खातों में करने के लिए राज्य के सभी जिला मुख्यालयों सहित विकासखण्ड मुख्यालयों में भी कार्यक्रम आयोजित हुए।
किसान हितैषी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा राज्य में किसानों से अपने वायदे के मुताबिक प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी करने के साथ ही दो साल के धान के बकाया बोनस की राशि 3 हजार 716 करोड़ का भुगतान भी किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में खेती-किसानी और किसानों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। कृषि के क्षेत्र में सम्पन्नता से ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और विकसित राज्य बनाने का सपना साकार होगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीेसगढ़ सरकार द्वारा कृषि के बजट में 33 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
कृषक उन्नति योजना के माध्यम से राज्य के किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान में 19257 रूपए प्रति एकड़ आदान सहायता राशि दी जा रही है। किसानों को धान के प्रति क्विंटल के मान से भुगतान की जा रही यह राशि देश में सर्वाधिक है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस साल के बजट में 10 हजार करोड़ और पिछले साल के अनुपूरक बजट में 3 हजार करोड़ इस प्रकार कुल 13 हजार करोड़ रूपए की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ड्रोन दीदी चित्ररेखा को सौंपी ड्रोन की चाबी
रायपुर। देश में महिलाओं को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। जिसके तहत सरकार ऐसी कई योजनाएं लॉन्च कर रही है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं और अपनी पहचान बना सकती है। नमो ड्रोन दीदी योजना केंद्र सरकार द्वारा संचालित ऐसी ही एक अनूठी योजना है। जिसके तहत महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल की गई है। योजना का लाभ उठाकर प्रदेश की महिलाएं सफलता की ओर अग्रसर है।
आज सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम बालोद में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालोद निवासी चित्ररेखा साहू को ड्रोन की चाबी सौंपी। ड्रोन दीदी बनकर अब चित्ररेखा आधुनिक कृषि में अपना योगदान देंगी। इसके जरिए वह कमाई भी कर सकेंगी जिससे उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। सरकार की ओर से ड्रोन चलाने की फ्री ट्रेनिंग भी दी गई है।
ड्रोन की चाबी पाकर चित्ररेखा काफी खुश हुई और सरकार के प्रति आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से महिलाएं आधुनिक कृषि की ओर अग्रसर तो हो ही रही है। साथ ही उन्हें अपने गांव घर के आसपास आजीविका का भी साधन मिल रहा है। ड्रोन दीदी योजना किसानों की सहूलियत के लिए बहुत बड़ा माध्यम बन रहा है। ड्रोन के माध्यम से दवाई छिड़काव की सुविधा मिलने से फसल उत्पादन लागत में कमी आ रही है। साथ ही निर्धारित क्षेत्र में एकरूपता से दवाई का छिड़काव हो रहा है। इससे फसल का उत्पादन बढ़ रहा है और किसानों को अधिक आर्थिक लाभ हो रहा है।
श्रीमती चित्ररेखा ने बताया कि ड्रोन दीदी योजना से कृषि में आने वाली समस्याएं भी कम हुई है। बरसात में किसानों को खेत के अंदर जाकर दवाई छिड़काव में दिक्कत होती है। कीड़ा मकोड़ा यदि खेत के अंदर है तो सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसे में मेड़ पर खड़े होकर ड्रोन से काम कर सकते हैं। साथ ही आसानी से दवाई का छिड़काव किया जा सकता है। चित्ररेखा ने बताया कि उनकी पढ़ाई कक्षा 12 वी तक हुई है। परिवार में पति व तीन बच्चे हैं। खेतीबाड़ी कर जीविकोपार्जन चलता है। सरकार की योजना से अब उन्हें आजीविका का नया साधन मिल गया है। इससे परिवार के भरण पोषण और बच्चों की पढ़ाई लिखाई में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कि मेरे जैसी हजारों बहनें आगे आएं और ड्रोन दीदी बनें। बहुत सारी दीदियां हमारे साथ में ड्रोन दीदी के नाम से पहचाने जाएंगे और सरकार की योजना का लाभ उठा पाएंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय साय से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज यहां उनके निवास में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री निवास पहुंचने पर मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया और शाल एवं बस्तर आर्ट की कलाकृति भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, सांसद सुनील सोनी, संजय श्रीवास्तव और राहुल कोठरी मौजूद थे।
मेकाहारा में एसीआई के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में स्थापित हुई छह नई मशीन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया उद्घाटन
रायपुर। पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबंद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एसीआई के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग को आईसीआईसीआई फाउंडेशन ने हृदय, फेफड़े तथा संवहनी तंत्र (सर्कुलेटरी सिस्टम) से जुड़े रोगों के उपचार के लिए छह अत्याधुनिक उपकरण कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) के अंतर्गत उपलब्ध कराए है। मंगलवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में स्थापित इन अत्याधुनिक उपकरणों का विधिवत् उद्घाटन किया। इस उद्घाटन कार्यक्रम के अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक रायपुर ग्रामीण मोतीलाल साहू, कमिश्नर चिकित्सा शिक्षा जनक प्रसाद पाठक, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. विष्णु दत्त, अधिष्ठाता चिकित्सा महाविद्यालय डॉ. तृप्ति नागरिया, अधीक्षक डॉ. एस. बी. एस. नेताम, पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद नेरल, कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव, सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू समेत आईसीआईसीआई फाउंडेशन के जोनल हेड विवेकानंद दुबे मौजूद रहे।
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने इन सभी उपकरणों का उद्घाटन करते हुए कहा कि आईसीआईसीआई फाउंडेशन द्वारा राज्य के सबसे बड़े शासकीय चिकित्सालय के कार्डियक सर्जरी विभाग को उपलब्ध कराए गए इन उपकरणों के माध्यम से हृदय, फेफड़े तथा संवहनी तंत्र के रोगों से पीड़ित मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। इन मशीनों के माध्यम से ओपन हार्ट सर्जरी एवं बाईपास सर्जरी की सुविधा और भी आसान हो जाएगी। उन्होंने रामायण के एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में यहां के डॉक्टर से लेकर नर्सिंग स्टॉफ, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं प्रबंधन से जुड़े प्रत्येक कर्मचारी का योगदान उसी प्रकार महत्वपूर्ण है जिस प्रकार रामसेतु निर्माण में एक नन्हीं गिलहरी से लेकर प्रभु श्रीराम के साथ जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का योगदान था।
विभागाध्यक्ष हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग डॉ. कृष्णकांत साहू ने उपकरणों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि हार्ट सर्जरी आईसीयू के लिए अत्याधुनिक ऑडियो/विजुअल अलार्म, ईसीजी, आरईएसपी, एसपीओटू, एनआईबीपी, आईबीपी, और सीसीओ के लिए कॉन्फिगर किए गए वयस्क/बाल चिकित्सा के एरिदिमिया विश्लेषण हेतु फिलिप्स कंपनी के छह नग मॉनिटर एक सेंट्रल स्टेशन समेत प्रदान किए गए है। इसके साथ ही स्वचालित कैग्युलेशन टाइमर (एसीटी), इकोकार्डियोग्राफ, एक्मो मशीन, वॉल्युमेट्रिक पम्प एवं छोटे सर्जिकल प्रोसीजर के लिए एलईडी युक्त स्पॉट लाइट विभाग में स्थापित किया गया है। ये सभी मशीनें अपने आप में बहुत ही एडवांस है। कार्डियक सर्जरी विभाग की शुरूआत वर्ष 2017 में हुई उसके बाद अब तक हृदय, छाती, फेफड़े एवं खून की नसों के 1250 ऑपरेशन हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर-दिल्ली और बिलासपुर-कोलकाता सीधी हवाई सेवा का वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय रायपुर से वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर बिलासा देवी केंवट विमानतल बिलासपुर, बिलासपुर-दिल्ली और बिलासपुर-कोलकाता सीधी हवाई सेवा का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहित अनेक जनप्रतिनिधि बिलासा देवी केंवट विमानतल पर तथा मुख्यमंत्री निवास पर लोकसभा सांसद सुनील सोनी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे प्रधानमंत्री का संकल्प है कि हवाई चप्पल पहनने वाले भी हवाई यात्रा कर सकें। इस उद्देश्य से पूरे देश में हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज न्यायधानी बिलासपुरवासियों की लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी मांग पूरी हो रही है। बिलासपुर से कोलकाता और बिलासपुर से नई दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा प्रारंभ हो रही है। मेरी ओर से इसके लिए बिलासपुर वासियों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए खुशी की बात है। इस हवाई सेवा का लाभ बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने नई हवाई सेवा प्रारंभ करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से बधाई देते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज जगदलपुर के लिए भी बड़ी खुश खबरी है, आज जगदलपुर से जबलपुर के लिए भी हवाई सेवा प्रारंभ हो रही है। इस हवाई सेवा का लाभ बस्तर क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। यहां व्यापार और पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग आदि क्षेत्रों में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर हवाई अड्डे को अपग्रेड करने का काम चल रहा है। जल्द ही यहां नाइट लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
बिलासा देवी केंवट विमानतल चकरभाटा बिलासपुर को 3सीव्हीएफआर लायसेंस प्राप्त हुआ है। यहां 72 सीटर प्लेन का संचालन होगा। विमानन विभाग द्वारा इस हवाई अड्डे पर नाईट लैंडिंग की सुविधा के लिए 3सीआईएफआर के लिए आवेदन किया गया है। यह सुविधा भी बिलासपुर विमानतल पर जल्द प्रारंभ होगी। एलायंस एयर द्वारा आज छत्तीसगढ़ में तीन हवाई सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं। इनमें से बिलासपुर से दो हवाई सेवाएं-दिल्ली-बिलासपुर-दिल्ली और कोलकाता-बिलासपुर-कोलकाता तथा जबलपुर-जगदलपुर-जबलपुर।
आज कोलकाता से पहली सीधी उड़ान 8.55 बजे बिलासपुर आकर 9.40 बजे कोलकाता के लिए रवाना हुई। इसी तरह दिल्ली से दूसरी उड़ान 9.30 बजे बिलासपुर आकर 10.10 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट चकरभाटा में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि बिलासपुर से एक साथ नई दिल्ली और कोलकाता के लिए नियमित विमान सेवा शुरू होना बिलासपुर के विकास के लिए एक बड़ा पड़ाव है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से बिलासपुर से हवाई सेवा प्रारंभ होने की मांग पूरी हुई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विमान सेवा को नियमित रूप से चलने में राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही बिलासपुर से हैदराबाद के लिए भी नियमित विमान सेवा शुरू हो जाएगी।
बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर बिलासपुर को एक साथ दो नियमित विमान सेवा की सौगात मिली है। उन्होंने कहा पहले दिन से ही पर्याप्त यात्री टिकट लिए हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट को जल्द ही नाइट लैंडिंग की सुविधा मिलने पर विमान रद्द अथवा डायवर्ट होने की नौबत नहीं आएगी। नगर के विधायक अमर अग्रवाल ने नियमित विमान सेवा शुरू होने पर खुशी जाहिर करते हुए नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के नागरिकों का वर्षों पुराना सपना आज पूर्ण हो गया। तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने उम्मीद जताई कि आज से शुरू हुई विमान सेवा लगातार लोगों की सेवा में कार्यरत रहेगी। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा की बिलासपुर के जनता की बहुप्रतीक्षित मांग आज पूरी हुई है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को बधाई दी। श्री शुक्ल ने कहा बिलासपुर की हवाई सेवा एटीसी मानचित्र में सदैव के लिए अंकित हो गई है। कलेक्टर अवनीश शरण ने स्वागत भाषण दिया।
यात्रियों ने कहा: फ्लाईट पकड़ने कहीं और दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा
लोरमी से दिल्ली यात्रा में जा रही दिव्या वैष्णव ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि विमान सेवा शुरू होने से बिलासपुर संभाग की जनता को बहुत फायदा हुआ है। हमें अब दिल्ली कोलकाता व अन्य जगह जाने के लिए रायपुर जाना नहीं पड़ेगा। इससे हमारे समय और धन दोनों की बचत होगी। उन्होंने नियमित रूप से दिल्ली और कोलकाता विमान सेवा शुरू होने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव को धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, महापौर बिलासपुर रामशरण यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष बिलासपुर अरुण सिंह चौहान, कमिश्नर शिखा राजपूत तिवारी, कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह, निगम आयुक्त अमित कुमार, निगम में नेता प्रतिपक्ष राजेश सिंह, जिला अध्यक्ष रामदेव कुमावत सहित बड़ी संख्या में यात्री और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री निवास में सचिव विमानन दयानंद पी., संचालक विमानन नीलम नामदेव एक्का सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य शासन ने IPS अधिकारियों की नवीन पद स्थापना का आदेश किया जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल किया है. गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, भारतीय पुलिस सेवा के 2013 बैच के अधिकारी यशपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है. वहीं भारतीय पुलिस सेवा की 2019 बैच की महिला अधिकारी रत्ना सिंह को सहायक पुलिस महानिरीक्षक, (प्रशासन) पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर के पद पर पदस्थ किया गया है.
राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी पंकज शुक्ला का तबादला
रायपुर। प्रदेश में तबादले का दौर जारी है. राज्य शासन ने राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी पंकज शुक्ला को नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी रायपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में नवीन पदस्थापना प्रदान की गई है. जिसका आदेश गृह विभाग के अवर सचिव मनोज कुमार श्रीवास्तव ने जारी किया है.
शासन की योजनाओं का निचले स्तर तक पहुंच सुनिश्चित करने प्रभारी मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने दिए कड़े निर्देश
रायपुर। प्रदेश के शिक्षा, पर्यटन एवं संस्कृति तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सोमवार 11 मार्च की देर रात कांकेर में जिला स्तर के अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करने और शासन की मंशानुरूप निचले स्तर पर पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री अग्रवाल ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि वे किसी भी योजना के क्रियान्वयन से पहले व्यवस्थित रणनीति तैयार कर लें ताकि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ लेने से वंचित ना रह जाए। साथ ही यह भी कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा ढिलाई कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को विकसित बनाने का जो संकल्प लिया है, उसे हम सबको मिलकर पूरा करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के नई सरकार से जनता को बहुत सी आकांक्षाएं एवं उम्मीदें हैं और जनता के उम्मीदों के अनुरूप पिछले तीन महीने में ही हमारी सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
जिले के प्रभारी मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति और प्रथम किश्त जारी किए जाने उपरांत भी निर्माण के लिए शेष बचे 9207 प्रकरण पर नाराजगी जाहिर करते हुए इस माह के अंत तक सभी कार्य प्रारंभ कराने जिला पंचायत के सीईओ को निर्देशित किया। इसी तरह वर्ष 2014-15 और 2015-16 में किसानों को जारी की गई प्रोत्साहन की बकाया राशि का किसानों को भुगतान 20 मार्च तक सुनिश्चित करने का निर्देश दिए। मंत्री श्री अग्रवाल ने जलजीवन मिशन की समीक्षा करते हुए कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को निर्देशित किया कि योजना के तहत निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले आवश्यक सर्वे करें। वहीं क्रेडा के तहत लगने वाले सोलर पैनल्स के लिए दोनों विभागों को समन्वय के साथ कार्य निष्पादित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने साफतौर पर कहा कि जब तक शत प्रतिशत घरों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होती, ठेकेदारों को पूर्ण राशि का भुगतान नहीं करें। इसी प्रकार महतारी वंदन योजना के तहत सभी पात्र हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरण की जानकारी ली और कहा कि कोई भी पात्र बहनें इस योजना का लाभ लेने से वंचित ना रहे। खाद्य विभाग की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1526 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन दिलाने अभियान चलाने और गैस एजेंसी के संचालकों की लगातार समीक्षा करने के लिए निर्देशित किया। इसी तरह सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए जिले के प्रभारी मंत्री ने नंदनमारा पुल आगामी बारिश के सीजन से पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिले को विशिष्ट पहचान दिलाने बनाएं कार्ययोजना -
प्रभारी मंत्री श्री अग्रवाल ने बैठक में उद्यानिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि फलोत्पादन के क्षेत्र में कांकेर जिले को विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने लिची अथवा सीता फल के बंपर उत्पादन के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से नर्सरी, किसानों को प्रशिक्षण देकर उन्हें प्रोत्साहित करने व जैविक खेती पर जोर देने की बात कही। स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्मार्ट क्लासेस की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश दिए। इसी तरह जल संसाधन, पशुपालन, कृषि, आदिवासी विकास विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद मोहन मंडावी, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी, जिला पंचायत कांकेर के अध्यक्ष हेमंत ध्रुव सहित जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला एवं सर्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ने किया 85 हजार करोड़ रूपये से अधिक की लगभग छह हजार रेल परियोजनाओं का लोकार्पण शिलान्यास
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉफ्रेसिंग के जरिए देश वासियों के लिए 85 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक लागत की लगभग छह हजार छोटी-बड़ी रेल परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। रेलवे के बुनियादी ढांचा विकास की इन परियोजनाओं के शुभारंभ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल हुए। रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ार्म एक पर हुए कार्यक्रम में लगभग 670 से अधिक रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों से भी वीडियो कॉफ्रेसिंग द्वारा लोग शामिल हुए। राज्यपाल श्री हरिचंदन और मुख्यमंत्री श्री साय ने स्थानीय कार्यक्रम में रायपुर मण्डल की रेल विकास परियोजनाओं के शिलालेखों से पर्दा हटाकर औपचारिक अनावरण किया। इस अवसर पर सांसद सुनील सोनी, मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू राजेश मूणत और ज़िला तथा रेल प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित रहें। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वीडियो कॉफ्रेसिंग के जरिए अहमदाबाद कमांड सेंटर से हरी झंडी दिखाकर 10 नई वंदे भारत रेल गाड़ियों को भी रवाना किया।
हमनें भारतीय रेल को नरक जैसी स्थिति से बाहर निकालने की इच्छा शक्ति दिखाई: श्री मोदी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि रेलवे के इतिहास में पिछले 100 वर्षों में भी एक कार्यक्रम में इतनी बड़ी संख्या में रेल परियोजनाओं के शुभारंभ का कार्यक्रम आज पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि इस नये साल के पिछले 75 दिनों में ही देश में 11 लाख करोड़ रूपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हो चुका है। उन्होंने इसे विकसित भारत की दिशा में देश का एक बड़ा कदम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे लंबे समय से राजनीति और क्षेत्रवाद का शिकार रही है। रेलों में डब्बे बढ़ाना, स्टॉपेज बढ़ाना ही रेल की प्रगति के मायने रहें थे। बीते समय में रिजर्वेशन की लंबी लाईनें, दलाली और कमिशन के साथ गंदगी ने भारतीय रेल की स्थिति नरकीय बना दी थी। वर्ष 2014 में देश के 9 राज्यों की राजधानियां रेल नेटवर्क से अछूती थी। 10 हजार से अधिक रेल क्रॉसिंग फाटक विहीन थी। श्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने भारतीय रेल को नरक जैसी स्थिति से बाहर लाने की इच्छा शक्ति दिखाई है। रेवले के बजट को समान्य बजट के साथ शामिल कर छह गुना बढ़ाया गया है। इससे दूसरे मदों से मिले राजस्व का हिस्सा भी रेलवे के विकास के लिए उपयोग किया जा सका है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में भारतीय रेलवे का ऐसा कायाकल्प होगा कि किसी ने भी उसकी कल्पना भी नहीं की होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे बुजुर्गों और हमनें जो भुगता है वो आने वाली पीढ़ी नहीं सहेगी, यह मोदी की गारंटी है।
हमारे विकास के काम राजनीतिक रूप से सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि देश बनाने के लिए: प्रधानमंत्री मोदी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश को समृद्ध और औद्योगिक रूप से विकसित करने में रेल की बहुत बड़ी भूमिका है। सवारी गाड़ियों और माल गाड़ियों के लिए अलग-अलग रेल लाईनें स्थापित कर दोनों की स्पीड बढ़ाई गई है। फ्रंट कॉरीडोर बनाकर तेजी से डबल डेकर माल गाड़ियों से माल ढुलाई शुरू हो गई है। आधुनिक रेल इंजन, गति शक्ति कार्बाे टर्मिनल जैसी अधोसंरचनाएं भारत को विकसित बनाने की दिशा में तेजी से सकारात्मक योगदान दे रहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में गति शक्ति विश्वविद्यालय की स्थापना आधुनिक तकनीक पर लोकोमोटिव इंजन निर्माण से लेकर नई पटरियां बिछाने, स्टेशनों के आधुनिकीकरण जैसे अनेकों काम देश में हुए है। हमारे देश में बने लोकोमोटिव श्रीलंका सुडान, मोजाबिंक जैसे देशों को निर्यात किए जा रहें है। हम सौर उर्जा से चलने वाले स्टेशन बना रहें है। स्टेशनों पर जल औषधी केन्द्र खोल रहें है, स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और स्व-सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा बनाए गए स्थानीय शिल्प और कलाकृतियों को स्टेशनों पर बिक्री के लिए स्टॉल खोले जा रहें है। जिसका लाभ सीधे गरीब कारीगरों को मिल रहा हैं। रेलवे में आधुनिक तकनिकों के उपयोग से देश के कोने-कोने को रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम तो हो ही रहा है इसके साथ ही नये निवेश की गारंटी भी मिल रही है और रोजगार के अवसर भी खुल रहें है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे विकास के काम राजनीतिक रूप से सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि देश बनाने के लिए है।
रेलवे में अधोसंरचना विकास से रोजगार सृजन के भी बन रहे अवसर- राज्यपाल श्री हरिचंदन
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे विकास के राजमार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रही है। वन्दे भारत ट्रेनों का चलना और अमृत स्टेशनों का निर्माण इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि रेलवे देश की जीवन रेखा है। रेलवे के विकास का सीधा प्रभाव देश के विकास पर होता है। भारतीय रेलवे अपनी अधोसंरचना में तेजी से सुधार करते हुए रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है। प्रमुख स्टेशनों पर स्थानीय उत्पादों के लिए स्टॉल, रेल कोच रेस्टोरेंट तथा जन औषधि केन्द्र खोलकर कुशल और अकुशल दोनों तरह के श्रमिकों को रोजगार के अवसर मिल रहें है। इन केन्द्रों से वोकल फॉर लोकल दृष्टिकोण को बढ़ावा मिल रहा है। स्थानीय स्वदेशी उत्पादों का बाजार उपलब्ध कराने और कुम्हारों, बुनकरों जैसे स्थानीय शिल्पकारों को अजीविका के अवसर देने के साधन भी यह केन्द्र बन रहें है। राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ को लगभग डेढ़ सौ करोड़ रूपये की रेल परियोजनाओं की सौगात देने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार भी व्यक्त किया।
छत्तीसगढ़ के स्टेशनों में सुविधा विस्तार और रेल परियोजनाओं से लोगों को मिलेंगे रोजगार के अवसर-मुख्यमंत्री श्री साय
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन देश ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए भी एतिहासिक है। 85 हजार करोड़ रूपये से अधिक के रेल परियोजनाओं के लिए श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने छत्तीसगढ़ के 32 स्टेशनों में वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना के तहत बिक्री केन्द्रों का शुभारंभ करने और जांजगीर-नैला तथा पेंड्रा रोड स्टेशन पर जन औषधि केन्द्र खोलने के साथ अन्य दूसरे विकास कार्यों के लिए केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने आशा की कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में विकास की नए सोपान गढ़े जाएंगे जिससे छत्तीसगढ़ के लोगों को भी बेहतर अवसर मिलेंगे।
छत्तीसगढ़ में लगभग 249 करोड़ रूपये की 43 रेल परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास-
आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में भी लगभग 249 करोड़ रूपये की 43 रेल परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने राज्यपाल विष्वभूषण हरिचंदन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में 124 करोड़ रूपये की लागत वाली 40 परियोजनाओं का लोकार्पण और 125 करोड़ रूपये की लागत वाली 3 परियोजनाओं की आधार शिला रखी। छत्तीसगढ़ में वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट योजना के तहत रायपुर रेल मण्डल के रायपुर, मांढर, मंदिर हसौद, तिल्दा-नेवरा, सरोना और उरकुरा रेलवे स्टेशनों सहित राज्य के 18 स्टेशनों पर 34 स्टॉलों का लोकार्पण किया गया। जांजगीर-नैला और पेण्ड्रा रेलवे स्टेशनों पर जन औषधि केन्द्र, दुर्ग कोचिंग डिपो में पीटलाईन का उन्नयन, बिलासपुर में रेल कोच रेस्टोरेंट का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री ने किया। श्री मोदी ने बिलासपुर में वन्दे भारत मेंटनेंस डिपो, भिलाई में मेमू कार शैड विस्तार, अंबिकापुर मे नई पीटलाईन निर्माण का शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में ‘‘अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन @2047’’ विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने पर कार्य शुरू
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री एवं राज्य नीति आयोग के अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय में ‘‘अमृतकाल: छत्तीसगढ विजन@2047’’ संबंधित विजन डॉक्यूमेंट बनाने की कार्ययोजना पर सभी विभागो के भारसाधक सचिवो के साथ बैठक ली। बैठक में मंत्री, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी ओ.पी. चौधरी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने सम्बोधन में कहा कि 15 अगस्त 2023 को माननीय प्रधानमंत्री के द्वारा देश की आजादी के 100 वर्ष की पूर्णता पर 2047 तक राष्ट्र को विकसित राष्ट्र बनाने हेतु विजन साझा किया गया है, तथा अपेक्षा की गई है कि सभी राज्य विकसित भारत @2047 को साकार करने के लिए राज्य स्तर की नीतियों, कार्यक्रम व संसाधनों का प्रभावी क्रियान्वयन व उपयोग सुनिश्चित करें। साथ ही राज्य की खूबियों को पहचान कर अपेक्षित प्रगति प्राप्ति हेतु प्रभावी रणनीति व कार्ययोजना का समावेश कर विजन तैयार करें। इसी परिप्रेक्ष्य में, छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा आगामी राज्य स्थापना दिवस दिनांक 01 नवम्बर 2024 को राज्य का विजन डॉक्यूमेंट ‘‘अमृतकाल: छत्तीसगढ विजन @2047’’ जारी किये जाने हेतु संकल्पित है।
उन्होंने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट में राज्य हेतु संभावित विकास क्षेत्रों जैसे कि ईन्फास्ट्रक्चर विकास, कृषि आधुनीकीकरण, शिक्षा व कौशल विकास,GYAN आधारित विकास, निवेश को प्रोत्साहन, खनिज संसाधनो का प्रभावी उपयोग, रिन्यूवेबल एनर्जी, कॉटेज इंडस्ट्री विकास, प्रभावी फिस्कल व टैक्स पॉलिसी व तकनीक का उपयोग, छोटे एवं लघु उद्योगों को प्रोत्साहन, फूड प्रोसेंसिंग मिलेट्स, टूरिज्म विकास, स्वास्थ्य व पोषण, जनजाति विकास, ग्रामीण विकास, नगरीय विकास हेतु - रणनीति व कार्ययोजना का समावेश होगा। जिसके आधार पर संबंधित विभाग अपने-अपने सेक्टर में अपेक्षित प्रगति प्राप्त कर विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना में महती भूमिका सुनिश्चित करेंगे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य नीति आयोग द्वारा बेस्ट प्रेक्टिस संकलन हेतु तैयार किये गये ऑनलाईन डिजिटल पोर्टल ‘नवोन्मेष पोर्टल’ का लोकार्पण किया। इस पोर्टल का उद्देश्य बेस्ट प्रेक्टिसेस का प्रभावी व एक स्थान पर संकलन किया जाना है। जिसे अन्य जिले व विभाग संज्ञान में लेते हुये अपने कार्य क्षेत्रों में भी लागू करने हेतु प्रेरित होंगे तथा योजनाओं, गतिविधियों अंतर्गत बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओ. पी. चौधरी ने विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने हेतु प्रस्तावित रणनीति पर विमर्श बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बजट में की गई घोषणा के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन आगामी राज्य स्थापना दिवस 01 नवम्बर 2024 को राज्य का विजन डॉक्यूमेंट ‘‘अमृतकाल: छत्तीसगढ विजन @2047’’ जारी किये जाने हेतु संकल्पित है।
श्री चौधरी ने कहा कि ‘सर्वसमेकित विकास’ एवं ‘विकास की धारा में कोई पीछे न छूटे’ की अवधारणा के साथ विकसित राष्ट्र व राज्य की परिकल्पना की गई है। राज्य के त्वरित विकास की अवधारणा में कुल 10 आधारभूत रणनीतिक स्तंभ का चिन्हांकन किया गया है। जिसमें मुख्य रूप से GYAN (गरीब, यूवा, अन्नदाता एवं नारीशक्ति) हमारे आर्थिक एवं सामाजिक विकास के केन्द्र बिन्दु होंगे।
उन्होंने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट में लघु (5 वर्ष), मध्यम (10 वर्ष) एवं दीर्घकाल (25 वर्ष) हेतु सेक्टरवार रणनीतियो का समावेश होगा। रणनीति के साथ विजन डॉक्यूमेंट में- सेक्टरवार क्रियांवयन बिन्दुओं का भी समावेश होगा।
विमर्श बैठक में अजय सिंह, उपाध्यक्ष, राज्य नीति आयोग द्वारा जानकारी दी गई कि राज्य नीति आयोग द्वारा विभागो, जिला प्रशासन के अधिकारियों, इंडस्ट्री, सिविल सोसायटी, युवा व आम-जन से सुझाव प्राप्त कर सर्व समेकित विजन डॉक्यूमेंट को तैयार किया जाएगा। नीति आयोग, नई दिल्ली से भी आवश्यकतानुसार समन्वय किया जाएगा। उन्होंने अपेक्षा कि की सभी विभाग इस विजन डॉक्यूमेंट को तैयार करने में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
अमिताभ जैन, मुख्य सचिव, छ.ग. शासन द्वारा सभी विभागो के सचिवो से राज्य नीति आयोग से पर्याप्त समन्वय, आवश्यकतानुसार डाटा फीड बैक प्रदाय हेतु परामर्श दिया गया, जिससे कि विजन डॉक्यूमेंट निर्धारण में सभी विभागो की सहभागिता सुनिश्चित हो।
बैठक में विजन डॉक्यूमेंट निर्धारण हेतु की जाने वाली चरणबद्ध कार्यवाही व उनकी समय-सीमा पर अनूप कुमार श्रीवास्तव, सदस्य सचिव द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में डॉ. के. सुब्रमणियम, सदस्य, राज्य नीति आयोग व सभी विभागो के भारसाधक सचिव उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दो आईटी कम्पनियों को संचालन हेतु सौंपा बिल्ट-अप एरिया आवंटन आदेश
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दो आईटी कंपनियों मेसर्स स्क्वेयर बिजनेस सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड हैदराबाद एवं मेसर्स रेडिकल माइंड्स टेक्नॉलाजिस प्राइवेट लिमिटेड को नवा रायपुर के सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में 90 हजार वर्गफीट बिल्ट-अप एरिया का आबंटन आदेश सौपा। ये कंपनियां आईटी इकाईयों की स्थापना तथा संचालन करेंगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में आईटी कंपनियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि नवा रायपुर को हम इनोवेशन हब के रूप में स्थापित कर रहे हैं।यहां बड़े पैमाने पर सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देने की पहल राज्य सरकार द्वारा शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए हम नया रायपुर में इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना भी कर रहे हैं तथा बी.पी.ओ. एवं के.पी.ओ. को आकर्षित करने के लिए आई.टी. पार्क की स्थापना का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक अधोसंरचना चाहिए। नवा रायपुर की संकल्पना के वक्त ही इसकी तैयारी कर ली गई थी और सर्विस सेक्टर की गतिविधियों के अनुरूप उपयुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम हैदराबाद और बंगलूरू की तर्ज पर नवा रायपुर में आईटी और आईटी पर आधारित अन्य उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेंगे।इसके लिए हम इन उद्योगों को फर्निश्ड बिल्डअप स्पेस दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज दो कंपनियों स्क्वायर बिजनेस सर्विस हैदराबाद तथा रेडिकल माइंड्स टेक्नालाजी प्राइवेट लिमिटेड को 90 हजार वर्गफीड बिल्टअप एरिया दे रहे हैं। इससे 2200 कुशल रोजगार सृजन हो सकेगा।अभी अन्य कंपनियों से भी हमारी चर्चा चल रही है और लगभग 1 लाख 60 हजार वर्ग फीट में इकाइयों के संचालन के लिए आवेदन अपेक्षित हैं। इससे लगभग 3800 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि इन आईटी कंपनियों में काम करने वाले युवाओं के लिए उचित आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल से नवा रायपुर विकास प्राधिकरण समन्वय कर रहा है। छत्तीसगढ़ में जिस तरह से उच्च स्तर की तकनीकी संस्थाएं हैं उसके चलते आईटी और आईटी आधारित अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए छत्तीसगढ़ में भविष्य बहुत उज्ज्वल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर में काम करने के बढ़िया वातावरण से निश्चित रूप से ही यह कर्मचारियों के लिए बहुत बेहतर कार्यक्षेत्र साबित होगा और इससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी।
इस मौके पर आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नवा रायपुर अटल नगर को इनोवेशन हब के रूप में विकसित किये जाने के संकल्प से नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा सर्विस सेक्टर उद्योगों को प्रोत्साहन दिए जाने हेतु अनुकूल नीति एवं परिस्थितियों का समग्र विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा की राज्य शासन राज्य की अर्थव्यवस्था में सर्विस सेक्टर के योगदान को बढ़ाने के लिए कटिबद्ध है। सर्विस सेक्टर की सहायता से राज्य की अर्थव्यवस्था तथा प्रति व्यक्ति आय को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा की इस अनुक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार, बेंगलुरु और हैदराबाद की तर्ज पर नवा रायपुर अटल नगर में आईटी हब की स्थापना करने जा रही है, जिसके प्रथम चरण में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा CBD, सेक्टर 21 में निर्मित रिटेल तथा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगभग 2,80,000 वर्ग फुट पर विभिन्न राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय आईटी कंपनियों को फर्निश्ड बिल्टअप का आबंटन किया जा रहा है। सरकार के इस प्रयास से प्रदेश के युवाओं हेतु लगभग 10,000 कुशल रोजगार का सृजन अपेक्षित है, इस संबंध में सरकार द्वारा प्रदेश के विभिन्न तकनीकी शिक्षा संस्थानों से आईटी कंपनियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय और वित्त मंत्री श्री चौधरी की मंशा के अनुरूप नवा रायपुर अटल नगर को इनोवेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है, इसी क्रम में सर्विस सेक्टर उद्योगों को आकर्षित करने के लिए अनुकूल नीति एवं परिस्थितियां समग्र रूप से निर्मित की गई हैं, ताकि आईटी कंपनियां नवा रायपुर में अपनी इकाईयां लगाने के लिए प्रोत्साहित हो सकें। छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की संकल्पना को साकार करने हेतु आईटी कंपनियों को आकर्षक दर तथा शर्तों पर फर्निशड बिल्ट-अप स्पेस आईटी-आईटीज इकाई स्थापित करने के लिए आबंटित किया जा रहा है।
प्रदेश में युवाओं को आईटी सेक्टर में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय आईटी-आईटीज कंपनियों को प्रदेश के विभिन्न तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों से भी जोड़ा जा रहा है। प्राधिकरण द्वारा आईटी-आईटीज कंपनियों में कार्यरत युवाओं को उचित आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल से समन्वय भी स्थापित किया गया है।
नवा रायपुर अटल नगर, सेक्टर-21 में प्राधिकरण द्वारा बहुमंजिला रिटेल काम्प्लेक्स तथा कमर्शियल काम्प्लेक्स का निर्माण किया गया है। इस बहुमंजिला काम्प्लेक्स में आईटी-आईटीज कंपनियों को आबंटन हेतु लगभग 2 लाख 80 हजार वर्गफीट बिल्ट-अप क्षेत्रफल चिन्हांकित किया गया है। जिसमें आईटी-आईटीज संबंधित कार्यालयों के संचालन से लगभग 10,000 कुशल रोजगार अवसरों का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सृजन होगा।
इस मौके पर राज्यसभा सांसद देवेन्द्र बहादुर सिंह, मुख्य सचिव अमिताभ जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

